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CG News: पिछली सरकार ने विरासत में खाली खजाना और भारी कर्ज सौंपा, पहली प्राथमिकता वित्तीय ढांचे को मजबूत करना- सीएम साय

Raipur: छत्तीसगढ़ विधानसभा में राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन द्वारा बजट सत्र के शुभारंभ के अवसर पर दिए गए अभिभाषण पर आज चर्चा के बाद राज्यपाल महोदय के प्रति कृतज्ञता ज्ञापन पारित कर दिया गया। मुख्यमंत्री साय ने राज्यपाल महोदय के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए कहा कि हमने प्रदेश में सुशासन की स्थापना का संकल्प लिया है। हम छत्तीसगढ़ की जनता के जीवन में खुशहाली और समृद्ध लाने के लिए मोदी जी हर गारंटी को पूरा करेंगे। हमारी पहली प्राथमिकता जीर्ण-शीर्ण हो चुके प्रदेश के वित्तीय-ढांचे को फिर से मजबूत करने और फिर से कुशल वित्तीय प्रबंधन की स्थापना करने की होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने हमें विरासत में खाली खजाना और भारी कर्ज सौंपा है। अपने बड़े लक्ष्यों को हासिल करने के लिए संसाधनों का इंतजाम हमारे सामने बड़ी चुनौती हो सकती थी, लेकिन जनता-जनार्दन के आशीर्वाद, विश्वास, समर्थन और सहयोग से ऐसी तमाम तरह की चुनौतियों पर विजय पाने में हम कामयाब हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की उपलब्धियों, योजनाओं और नीतियों का विस्तार से उल्लेख करते हुए कहा कि नवा रायपुर में मध्यभारत इनोवेशन हब बनाने की दिशा में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस इनोवेशन हब के जरिए लाखों की संख्या में रोजगार के नये अवसरों का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि हम राजिम को फिर से देश के मानचित्र पर महत्वपूर्ण तीर्थ के रूप में पहचान दिलाएंगे। राजिम कुंभ के आयोजन की परंपरा को फिर शुरू करेंगे।
‘ऐतिहासिक होगा बजट’
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री ने विकसित-भारत के निर्माण और भारत को दुनिया की तीन बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने का लक्ष्य देश के सामने रखा है। इन लक्ष्यों को हासिल करने में छत्तीसगढ़ की भी महत्वपूर्ण भागीदारी होगी। छत्तीसगढ़ सरकार के वित्तीय वर्ष 2023-24 के दूसरे अनुपूरक बजट का उद्देश्य मोदी की गारंटियों के क्रियान्वयन की शुरुआत करना था, तीसरा अनुपूरक बजट शुरू हो चुके काम को आगे बढ़ाने तथा गति देने के लिए प्रस्तुत किया गया था। इसी सत्र में वर्ष 2024-25 के लिए हमारी सरकार पहला मुख्य बजट प्रस्तुत करने जा रही है, जो अनेक मायनों में ऐतिहासिक बजट होगा।
चारधाम परियोजना की तर्ज पर 5 शक्तिपीठों का होगा विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का बड़ा सौभाग्य है कि इस प्रदेश को प्रभु श्रीराम के साथ-साथ शक्ति का भी आशीर्वाद प्राप्त है। यहां अनेक शक्तिपीठ हैं। ये शक्तिपीठ छत्तीसगढ़ के लोगों की श्रद्धा और आस्था का केंद्र होने के साथ-साथ हमारी संस्कृति के भी केंद्र हैं। राज्य शासन ने चारधाम परियोजना की तर्ज पर 5 शक्तिपीठों- कुदरगढ़, चंद्रपुर, रतनपुर, दंतेवाड़ा तथा डोंगरगढ़ को विकसित करने के लिए कार्ययोजना के निर्माण के लिए काम शुरू कर दिया है।
तेन्दूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा हेतु नवीन योजना शुरू होगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी की एक और गारंटी को पूरा करते हुए आदिवासी बन्धुओं के लिए हरा सोना कहे जाने वाले तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक दर को अब 4000 रूपए प्रतिमानक बोरा से बढ़ाकर 5500 रूपए प्रति मानक बोरा प्रदान करने का निर्णय लिया जा चुका है। कैबिनेट ने तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा हेतु नवीन योजना संचालित किए जाने का निर्णय लिया है।
यूपीएससी की तर्ज पर होंगी पीएससी की परीक्षाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने अपने भ्रष्टाचारी हाथों से प्रदेश के लाखों युवाओं के भविष्य का गला घोंटा है। उन्हें हम बख्शेंगे नहीं। पीएससी की परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों से बड़ी मात्रा में शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। प्रधानमंत्री मोदी ने इन शिकायतों की जांच कराने की गारंटी दी थी। उनकी गारंटी के अनुरूप पीएससी घोटाले की जांच सीबीआई से कराने का निर्णय राज्य शासन द्वारा लिया गया है। इस मामले में ईओडब्लू ने पीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष और सचिव पर धोखाधड़ी एवं भ्रष्टाचार के मामले पर कल एफआईआर दर्ज कर ली है। पीएससी की परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता हो इसके लिए हम इसे यूपीएससी की तर्ज पर आयोजित करने का निर्णय लिया है।
अटल मॉनिटरिंग पोर्टल से होगी योजनाओं की निगरानी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के लिए खनिज के परिवहन और परमिट को मैनुअल पद्धति से जारी करने का आदेश पारित करा दिया था। हमने प्रदेश में भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के लिए प्रदेश में खनिज के परिवहन और परिमिट को पुनः ऑनलाइन कर दिया है। भ्रष्टाचार मुक्त छत्तीसगढ़ के निर्माण के वादे को पूरा करने की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ाते हुए 25 दिसंबर 2023 को अटल जी की जयंती के अवसर पर अटल मॉनिटरिंग पोर्टल लांच कर दिया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं की निगरानी और समीक्षा की जा सकेगी।
कानून का राज स्थापित करने के लिए राज्य सरकार संकल्पित
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हमारी सरकार कानून का राज स्थापित करने के लिए संकल्पित है। हम छत्तीसगढ़ से माओवादी-आतंकवाद के पूरी तरह से उन्मूलन के लिए कटिबद्ध हैं। माओवादी हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में राज्य सरकार शांति और सुरक्षा स्थापित करते हुए तेजी से बुनियादी सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करेगी। हमारी सरकार ने अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए राज्य में फिर से भयमुक्त वातावरण का निर्माण किया है।
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Holi Special Train 2026: होली के लिए भारतीय रेल की तैयारी, 1410+ स्पेशल ट्रेनें, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से 15 ट्रेनें

Holi Special Train 2026: होली त्योहार के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए भारतीय रेल ने इस बार देशभर में 1410 से ज्यादा होली स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला लिया है। इनमें दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की 15 स्पेशल ट्रेनें भी शामिल हैं। रेलवे के अनुसार, होली के समय तिरुपति और रक्सौल रूट पर भारी भीड़ रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए इस मार्ग पर 3 जोड़ी (अप-डाउन) होली स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी।
तिरुपति–रक्सौल होली स्पेशल
- ट्रेन नंबर 07051 (तिरुपति से): 21 और 28 फरवरी, 7 मार्च 2026
- ट्रेन नंबर 07052 (रक्सौल से): 24 फरवरी, 3 और 10 मार्च 2026
यह ट्रेन तिरुपति से चलकर गोंदिया, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर और झारसुगुड़ा होते हुए रक्सौल पहुंचेगी। इससे छत्तीसगढ़ के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
22 कोच, हर वर्ग के लिए सुविधा
स्पेशल ट्रेनों में कुल 22 कोच लगाए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं:
- एसी टू टियर
- एसी थ्री टियर
- स्लीपर
- जनरल
- एसएलआर
इससे अलग-अलग श्रेणी के यात्रियों को सुविधा के अनुसार यात्रा का विकल्प मिलेगा।
पटना–चर्लपल्ली के बीच 7 स्पेशल ट्रेनें
होली के दौरान पटना–चर्लपल्ली रूट पर भी 7 स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी।
ट्रेन नंबर 03253 (पटना से): 9 से 30 मार्च 2026 तक हर सोमवार और बुधवार
ट्रेन नंबर 03254 और 03255 (चर्लपल्ली से): अलग-अलग निर्धारित तिथियों पर
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि पटना–चर्लपल्ली स्पेशल ट्रेन पूरी तरह आरक्षित रहेगी। केवल कंफर्म टिकट वाले यात्रियों को ही यात्रा की अनुमति होगी। इन ट्रेनों में भी 22 कोच रहेंगे।
भीड़ से मिलेगी राहत
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि होली के समय ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ रहती है। स्पेशल ट्रेनें चलाने से टिकट की उपलब्धता बढ़ेगी और यात्रियों को सुरक्षित व सुगम यात्रा का लाभ मिलेगा।
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Chhattisgarh: ‘ऑल द बेस्ट, प्यारे बच्चों’- मुख्यमंत्री साय ने परीक्षा दे रहे विद्यार्थियों को दिया आत्मविश्वास और सफलता का संदेश

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के छात्र-छात्राओं को परीक्षाओं के अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए उन्हें आत्मविश्वास और हौसले के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया है। उन्होंने विद्यार्थियों के नाम अपने आत्मीय संदेश में कहा कि परीक्षाओं का समय जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव होता है, जिसमें उत्साह के साथ थोड़ा तनाव भी स्वाभाविक है, लेकिन घबराने की आवश्यकता नहीं है।
मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा कि परीक्षाओं का समय आ गया है। मैं जानता हूं कि इन दिनों आपके मन में उत्साह भी है और थोड़ा सा तनाव भी। लेकिन सबसे पहले यह जान लीजिए- आप अकेले नहीं हैं, हम सब आपके साथ हैं।
उन्होंने कहा कि परीक्षाओं का समय कभी-कभी मन में घबराहट भी लेकर आता है। यह स्वाभाविक है। यदि आपको डर लग रहा है तो इसका अर्थ है कि आप अपनी पढ़ाई और अपने भविष्य को गंभीरता से लेते हैं।
उन्होंने कहा कि सबसे पहले यह समझ लीजिए- डर कमजोरी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का संकेत है। लेकिन इस डर को अपने आत्मविश्वास पर हावी न होने दें। आपने पूरे वर्ष मेहनत की है। हर दिन का प्रयास, हर अभ्यास, हर दोहराव- सब आपकी ताकत बनकर आपके साथ खड़े हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी नियमित पढ़ाई करें, कठिन विषयों को दोहराएँ, समय का संतुलन बनाए रखें। पर्याप्त नींद लें, पौष्टिक भोजन करें और कुछ समय के लिए मोबाइल से दूरी बनाकर अपने लक्ष्य पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ के सभी विद्यार्थी इस बार भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे और अपने परिवार तथा प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।
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Chhattisgarh: राजिम कुंभ कल्प 2026 में आस्था का सागर, अरुण गोविल की ‘सुनो श्री राम कहानी’ से भाव-विभोर हुआ जनसमूह

Rajim Kumbh Kalp 2026: छत्तीसगढ़ के प्रयाग कहे जाने वाले राजिम में आयोजित राजिम कुंभ कल्प 2026 आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा का विराट उत्सव बनकर उभरा है। त्रिवेणी संगम के पावन तट पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। इस अवसर पर सुप्रसिद्ध कलाकार और भगवान श्रीराम की भूमिका से घर-घर में पहचान बनाने वाले अरुण गोविल ने “सुनो श्री राम कहानी” की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। उनकी वाणी और प्रस्तुति ने पूरे परिसर को भक्ति-रस में सराबोर कर दिया। श्रद्धालु देर तक मंत्रमुग्ध होकर रामकथा का श्रवण करते रहे।
मुख्यमंत्री से आत्मीय भेंट, आयोजन की सराहना
कार्यक्रम के दौरान अरुण गोविल ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आत्मीय मुलाकात की और राजिम कुंभ कल्प के भव्य आयोजन एवं सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं की सराहना की। मुख्यमंत्री ने उन्हें स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। अरुण गोविल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, जनआस्था और लोगों का आत्मीय स्नेह उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव है।
“राजिम कुंभ हमारी सांस्कृतिक चेतना का उत्सव”- मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी सनातन परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक चेतना का जीवंत उत्सव है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आस्था, संस्कृति और पर्यटन के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। ऐसे आयोजनों से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल रही है।
जनप्रतिनिधियों और संत-महात्माओं की उपस्थिति
कार्यक्रम में खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी, राजिम विधायक रोहित साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा और श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
धार्मिक पर्यटन को मिल रही नई दिशा
उल्लेखनीय है कि राजिम कुंभ कल्प 2026 के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान, धार्मिक पर्यटन और आध्यात्मिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त मंच मिल रहा है। राज्य सरकार द्वारा आयोजित यह महोत्सव आस्था और पर्यटन संवर्धन का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है।
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Chhattisgarh: ‘राजिम कुंभ कल्प छत्तीसगढ़ की अस्मिता’, CM विष्णु देव साय बोले- बनेगी 50 लाख की सर्वसुविधायुक्त धर्मशाला

Rajim Kumbh Kalp 2026: राजिम में आयोजित राजिम कुंभ कल्प 2026 के समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ केवल धार्मिक मेला नहीं, बल्कि प्रदेश की अस्मिता और पहचान का प्रतीक पर्व है। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए राजिम में सर्वसुविधायुक्त धर्मशाला निर्माण हेतु 50 लाख रुपए की घोषणा की। साथ ही राजिम बैराज कार्य को शीघ्र प्रारंभ करने और लंबित विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
भगवान राजीव लोचन मंदिर एवं कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में की पूजा अर्चना
मुख्यमंत्री ने मुख्य मंच पर राजीव लोचन मंदिर में भगवान राजीव लोचन की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने अपने उद्बोधन की शुरुआत भगवान श्री राजीव लोचन, कुलेश्वर महादेव, राजिम दाई, छत्तीसगढ़ महतारी और भारत माता के जयघोष के साथ की। उन्होंने कहा कि महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों के त्रिवेणी संगम की यह पावन भूमि सदियों से तप और साधना की साक्षी रही है। “छत्तीसगढ़ का प्रयाग” कहे जाने वाले राजिम की आध्यात्मिक गरिमा विशेष है।
‘भगवान शिव त्याग, संयम और सेवा के प्रतीक’
महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान शिव त्याग, संयम और सेवा के प्रतीक हैं। राज्य सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए आवागमन, स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य सेवा, प्रकाश और सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था सुनिश्चित की थी। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में राजिम कुंभ मेला-स्थल को और अधिक सुव्यवस्थित व भव्य बनाया जाएगा और इसे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित आध्यात्मिक आयोजन के रूप में विकसित किया जाएगा।
मंत्रियों ने भी रखा पक्ष
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का विराट उत्सव है। इस वर्ष पंचकोसी धाम और द्वादश ज्योतिर्लिंग की थीम ने आयोजन को विशेष स्वरूप दिया। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि सरकार इसे राष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम में राजिम विधायक रोहित साहू, अभनपुर विधायक इंद्रकुमार साहू सहित संत-महात्मा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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Chhattisgarh: महाशिवरात्रि पर बाबा धाम में मुख्यमंत्री ने की पूजा-अर्चना, 1.20 करोड़ के विकास कार्यों का किया शिलान्यास

Raigarh: महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपनी धर्मपत्नी कौशल्या साय के साथ रायगढ़ प्रवास के दौरान ग्राम कोसमनारा स्थित श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा धाम पहुंचे। उन्होंने भगवान भोलेनाथ और श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को महाशिवरात्रि की बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं।
1.20 करोड़ के विकास कार्यों का शिलान्यास
मुख्यमंत्री ने जिला खनिज न्यास (DMF) मद से 1 करोड़ 20 लाख रुपए की लागत के विकास कार्यों का शिलान्यास किया, प्रस्तावित कार्यों में मुख्य भवन के सामने ग्रेनाइट फर्श व शेड निर्माण, श्रद्धालुओं के विश्राम और भोजन के लिए शेड, शौचालय परिसर का निर्माण, पार्किंग क्षेत्र के लिए सीमेंट कांक्रीट सड़क का निर्माण शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कार्यों से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और धाम की व्यवस्थाएं सुदृढ़ होंगी।
‘आध्यात्मिक ऊर्जा समाज को देती है सकारात्मक दिशा’
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कोसमनारा स्थित यह धाम श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा समाज को सकारात्मक दिशा और आत्मबल प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गुरुजनों के आशीर्वाद और जनता के विश्वास के साथ जनकल्याण के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ रही है।
1998 से तपस्या में लीन हैं बाबा
रायगढ़ जिला मुख्यालय से लगभग 7 किमी दूर स्थित यह धाम वर्षों से आस्था का केंद्र रहा है। स्थानीय जनश्रुति के अनुसार, श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा वर्ष 1998 से कठोर तपस्या में लीन हैं। वर्ष 2003 में उन्हें ‘श्री श्री 108’ की उपाधि मिली, जिसके बाद धाम की ख्याति और बढ़ी। बताया जाता है कि बाबा ने पत्थरों को एकत्र कर शिवलिंग का स्वरूप निर्मित किया और उसे अपनी तपोभूमि बनाया। वर्षा, ग्रीष्म और शीत, तीनों मौसमों में खुले स्थान पर साधना करना उनकी तपस्या की विशेष पहचान है।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में महापौर जीवर्धन चौहान, सभापति डिग्रीलाल साहू, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।













