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CG News: महतारी वंदन योजना के लिए मंगलवार का दिन ख़ास, शाम 6 बजे के बाद नहीं मिलेगी सुविधा

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CG News: Tuesday is a special day for Mahtari Vandan Yojana, facility will not be available after 6 pm

Mahtari Vandan Yojana: प्रदेश में महतारी वंदन योजना का लाभ लेने के लिए बड़ी संख्या में महिलाओं द्वारा आवेदन किए जाने का सिलसिला जारी है। महिलाओं द्वारा आवेदन भरने का सिलसिला बीते 5 फरवरी से अनवरत रूप से जारी है। प्रशासन द्वारा आयोजित शिविरों में बड़ी संख्या में महिलाएं आवेदन जमा करने के लिए पहुंच रही हैं। इस योजना के तहत अब तक 69 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। राज्य शासन द्वारा इस योजना के लिए ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। 

राज्य सरकार द्वारा महतारी वंदन योजना के तहत् आवेदन करने की अंतिम तिथि 20 फरवरी 2024 निर्धारित की गई है। योजना का लाभ लेने के लिए हितग्राही निर्धारित केन्द्रों में अपना आवेदन 20 फरवरी की शाम 6 बजे तक जमा कर सकते हैं। साथ ही पब्लिक पोर्टल से हितग्राही 20 फरवरी की शाम 6 बजे तक ऑनलाइन फार्म भर सकते हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 20 फरवरी को शाम 6 बजे के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। ऑनलाइन आवेदन के लिए निर्धारित पब्लिक पोर्टल भी शाम 6 बजे के बाद बंद हो जाएगा।

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Raipur: छत्तीसगढ़ में बुजुर्गों के लिए बड़ी राहत: राशन कार्ड eKYC अब चेहरे से, घर बैठे पूरा होगा प्रोसेस

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Raipur: Big relief for the elderly in Chhattisgarh: Ration card eKYC now done through face, process completed from home

Raipur: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सभी राशन कार्डधारकों का आधार से eKYC कराना अनिवार्य है। इसे आसान बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने वृद्ध, असहाय और बीमार लोगों के लिए फेस eKYC की सुविधा शुरू की है। अब ऐसे लाभार्थी घर बैठे चेहरे की पहचान के जरिए eKYC पूरा कर सकेंगे। दरअसल, 70 साल से अधिक उम्र के कई लोगों के फिंगरप्रिंट साफ नहीं होने के कारण बॉयोमेट्रिक eKYC में परेशानी आ रही थी। इस समस्या को देखते हुए शासन ने आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम लागू किया है, जिससे पहचान प्रक्रिया सरल हो गई है।

ऐसे करें फेस eKYC

1.फेस eKYC के लिए “मेरा eKYC” मोबाइल ऐप का उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले Google Play Store से
Mera eKYC ऐप और Aadhaar FaceRD ऐप डाउनलोड करना होगा।

2.इसके बाद ऐप में आधार नंबर दर्ज करें

3.मोबाइल पर आए OTP को वेरीफाई करें

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4.मोबाइल कैमरे से चेहरे की पहचान कर eKYC पूरी करें

5.ऐप के जरिए यह भी चेक किया जा सकता है कि eKYC पहले से हुई है या नहीं।

मोबाइल से eKYC नहीं हो पाए तो क्या करें?

अगर किसी कारणवश मोबाइल से eKYC संभव नहीं है, तो राशन कार्डधारक अपने नजदीकी सरकारी उचित मूल्य दुकान पर जाकर अंगूठे या उंगली के निशान से eKYC करा सकते हैं। इससे बुजुर्ग और असहाय लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और राशन लेने में परेशानी नहीं होगी।

समय पर eKYC नहीं कराने के नुकसान

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  • राशन कार्ड कैंसिल हो सकता है
  • सरकारी योजनाओं का लाभ बंद हो जाएगा
  • लाभार्थी सूची से नाम हटाया जा सकता है
  • राशन कार्ड दोबारा चालू कराने के लिए फिर आवेदन करना पड़ेगा

अगर नाम राशन लिस्ट से कट जाए तो क्या करें?

  • नजदीकी फूड सप्लाई ऑफिस या राशन दुकान से संपर्क करें
  • सही दस्तावेजों के साथ फिर से आवेदन करें
  • आधार या मोबाइल नंबर से जुड़ी गलतियां सुधारें

सरकार का मकसद क्या है?

सरकार का उद्देश्य राशन वितरण प्रणाली को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है। कई मामलों में फर्जी राशन कार्ड, अपात्र लोगों द्वारा लाभ लेना या मृत व्यक्ति के नाम पर राशन उठाने की शिकायतें सामने आई हैं। इन्हीं गड़बड़ियों को रोकने के लिए eKYC प्रक्रिया लागू की गई है, ताकि सिर्फ वास्तविक और जरूरतमंद लोगों को ही मुफ्त राशन का लाभ मिल सके।

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Republic Day 2026: संविधान, लोकतंत्र और सुशासन से बनेगा विकसित छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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Republic Day 2026: Chhattisgarh will become developed through the Constitution, democracy and good governance: Chief Minister Vishnu Dev Sai

Raipur: संविधान की सर्वोच्चता, लोकतंत्र की मजबूती और सुशासन के रास्ते विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लेकर प्रदेश में 77वां गणतंत्र दिवस पूरे हर्षोल्लास और देशभक्ति के साथ मनाया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और संयुक्त परेड की सलामी ली। मुख्यमंत्री ने शहीद सैनिकों और पुलिस जवानों के परिजनों को सम्मानित किया तथा छत्तीसगढ़ पुलिस बल को राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर विशेष पदक प्रदान करने की घोषणा की।

संविधान हमारी लोकतांत्रिक आस्था का आधार

मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत का संविधान समानता, सामाजिक न्याय और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मजबूत आधार है। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को नमन करते हुए कहा कि संविधान सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उन्होंने बाबा गुरु घासीदास जी के “मनखे-मनखे एक समान” संदेश को संविधान की आत्मा बताते हुए कहा कि भारतीय गणतंत्र ने सभी नागरिकों को राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनने का अवसर दिया है।

25 वर्षों में विकास की सशक्त यात्रा

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी द्वारा गठित छत्तीसगढ़ ने अपने 25 वर्षों के सफर में विकास की नई पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पित नवनिर्मित छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन को उन्होंने राज्य की अस्मिता और लोकतंत्र का मंदिर बताया।

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नक्सल उन्मूलन अंतिम चरण में

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि माओवादी हिंसा लोकतंत्र के लिए बड़ी चुनौती रही है, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार की निर्णायक रणनीति से अब यह समस्या अंतिम दौर में है। उन्होंने विश्वास जताया कि मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त कर लिया जाएगा।

किसानों, महिलाओं और श्रमिकों का सशक्तीकरण

मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में किसानों को धान का देश में सर्वाधिक मूल्य मिल रहा है। धान खरीदी 5 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 149 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गई है। बीते दो वर्षों में किसानों के खातों में लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपए अंतरित किए गए हैं। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए की सहायता दी जा रही है। अब तक 14,948 करोड़ रुपए वितरित किए जा चुके हैं।

शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास पर फोकस

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मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई, 9 हजार स्मार्ट क्लास और 22 हजार कंप्यूटर की व्यवस्था की गई है। राज्य में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है और हिंदी में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू की गई है। नई औद्योगिक नीति के तहत 7.83 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। नवा रायपुर को आईटी, एआई और मेडिकल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम और आकर्षक झांकियां

समारोह में स्कूली बच्चों ने देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। विभिन्न विभागों की झांकियों ने छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया। मुख्यमंत्री ने दिवगत लक्ष्मण मस्तूरिया की कविता की पंक्तियों के माध्यम से प्रदेशवासियों से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया।

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Republic day 2026: कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ की झांकी ने रचा इतिहास, जनजातीय शौर्य और डिजिटल संग्रहालय ने बटोरी वाहवाही

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Republic Day 2026: Chhattisgarh's tableau created history on the path of duty, tribal bravery and digital museum received accolades

New Delhi:77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर प्रस्तुत छत्तीसगढ़ की झांकी ने जनजातीय शौर्य, बलिदान और गौरवशाली इतिहास को भव्य रूप में प्रस्तुत कर देश-दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। “स्वतंत्रता का मंत्र- वंदे मातरम्” थीम पर आधारित यह झांकी देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की गौरवगाथा को सशक्त तरीके से दर्शाती नजर आई।

झांकी को देखने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित केंद्रीय मंत्रियों और विशिष्ट अतिथियों की विशेष रुचि देखने को मिली। दर्शक दीर्घा में मौजूद हजारों लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ छत्तीसगढ़ की प्रस्तुति का स्वागत किया। झांकी के साथ चल रहे छत्तीसगढ़ के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक जनजातीय लोक नृत्य ने वातावरण को और भी जीवंत बना दिया।

झांकी में नवा रायपुर अटल नगर में स्थापित देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की झलक दिखाई गई। इस संग्रहालय में छत्तीसगढ़ सहित देश के 14 प्रमुख जनजातीय स्वतंत्रता आंदोलनों को आधुनिक डिजिटल तकनीक के माध्यम से संरक्षित किया गया है। इस ऐतिहासिक संग्रहालय का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ राज्य गठन की रजत जयंती के अवसर पर किया था।

झांकी के अग्र भाग में वर्ष 1910 के ऐतिहासिक भूमकाल विद्रोह के नायक वीर गुंडाधुर को प्रमुखता से दर्शाया गया। धुर्वा समाज के इस महान योद्धा ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ जनजातीय समाज को एकजुट कर सशक्त आंदोलन खड़ा किया। विद्रोह के प्रतीक के रूप में आम की टहनियां और सूखी मिर्च को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया, जो आंदोलन की रणनीति और तीव्रता को दर्शाता है। इतिहासकारों के अनुसार अंग्रेजों को नागपुर से सेना बुलानी पड़ी, बावजूद इसके वे वीर गुंडाधुर को पकड़ने में असफल रहे।

झांकी के पृष्ठ भाग में छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह को घोड़े पर सवार, हाथ में तलवार लिए दर्शाया गया। उन्होंने अकाल के समय गरीबों और वंचितों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया और 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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कुल मिलाकर छत्तीसगढ़ की झांकी ने जनजातीय समाज के अदम्य साहस, देशभक्ति और बलिदान की भावना को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करते हुए गणतंत्र दिवस परेड में राज्य की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को राष्ट्रीय मंच पर मजबूती से स्थापित किया।

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Republic Day 2026: बस्तर के 47 गांवों में पहली बार फहरेगा तिरंगा, 26 जनवरी को मनाया जाएगा गणतंत्र दिवस

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Republic Day 2026: The tricolor will fly for the first time in 47 villages of Bastar, Republic Day will be celebrated on January 26

Jagdalpur: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में दशकों तक चले नक्सल हिंसा के अंधकार के बाद अब शांति, विश्वास और लोकतंत्र का उजास दिखाई देने लगा है। लंबे समय तक माओवादी उग्रवाद से प्रभावित रहे बस्तर संभाग के बीजापुर, नारायणपुर और सुकमा जिले के 47 ऐसे गांव, जहां अब तक राष्ट्रीय पर्व मनाना संभव नहीं था, वहां इस वर्ष 26 जनवरी को पहली बार गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा। यह अवसर बस्तर के इतिहास में लोकतांत्रिक पुनर्स्थापना का साक्षी होगा।

बीते दो वर्षों में केंद्र एवं राज्य सरकार की समन्वित रणनीति, सुरक्षाबलों की सतत कार्रवाई और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से बस्तर संभाग में हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 59 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं, जिससे उन गांवों में सुरक्षा और प्रशासन की प्रभावी उपस्थिति सुनिश्चित हुई है। इन्हीं प्रयासों के परिणामस्वरूप बस्तर के 53 गांवों में बीते वर्ष 76वां गणतंत्र दिवस समारोह धूम-धाम से मनाया गया था, अब इस कड़ी में 47 और नये ऐसे गांव जुड़ गए हैं जहां इस साल पहली बार गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा।

बीजापुर जिले के जिन गांवों में पहली बार गणतंत्र पर्व मनाया जाएगा, उनमें पुजारीकांकेर, गुंजेपर्ती, भीमाराम, कस्तुरीपाड, ताड़पाला हिल्स, उलूर, चिल्लामरका, काड़पर्ती, पिल्लूर, डोडीमरका, संगमेटा, तोडका, कुप्पागुड़ा, गौतपल्ली, पल्लेवाया एवं बेलनार गांव शामिल है। इसी तरह नारायणपुर जिले के गांव एडजूम, इदवाया, आदेर, कुडमेल, कोंगे, सितराम, तोके, जटलूर, धोबे, डोडीमार्का, पदमेटा, लंका, परीयादी, काकुर, बालेबेडा, कोडेनार, कोडनार, अदिंगपार, मांदोडा, जटवार तथा वाडापेंदा गांव तथा सुकमा जिले के गांव गोगुंडा, नागाराम, बंजलवाही, वीरागंगरेल, तुमालभट्टी, माहेता, पेददाबोडकेल, उरसांगल, गुंडराजगुंडेम तथा पालीगुड़ा में पहली बार गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा।

यह परिवर्तन उन दूरस्थ अंचलों में ऐतिहासिक बदलाव का प्रतीक है, जहां कभी नक्सली हिंसा के कारण सामान्य जनजीवन और लोकतांत्रिक गतिविधियां बाधित थीं। बस्तर क्षेत्र में 100 से अधिक सुरक्षा कैंप स्थापित किए जा चुके हैं। इन कैंपों ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया है, बल्कि विकास कार्यों का मार्ग भी प्रशस्त किया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, संचार और बैंकिंग जैसी मूलभूत सुविधाएं अब धीरे-धीरे ग्रामीणों तक पहुंच रही हैं।

सुरक्षा बलों और प्रशासन की निरंतर मौजूदगी से स्थानीय नागरिकों में सुरक्षा की भावना सुदृढ़ हुई है। जिन क्षेत्रों में पहले राष्ट्रीय पर्व मनाने पर प्रतिबंध था, वहां आज ग्रामीण स्वयं उत्साह के साथ तिरंगा फहराने और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए आगे आ रहे हैं। यह बदलाव बस्तर को माओवाद के भय से बाहर निकालने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

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सुरक्षा के साथ-साथ राज्य सरकार का ध्यान अब क्षेत्र में स्थायी विकास सुनिश्चित करने पर केंद्रित है। स्कूलों और आंगनबाड़ियों का संचालन, बैंकों की स्थापना, मोबाइल टावरों की स्थापना, सड़कों का निर्माण तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाया जा रहा है। हाल ही में नक्सल प्रभावित क्षेत्र जगरगुंडा में बैंकिंग सुविधा फिर से शुरू हुई है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कहना है कि जहां कभी नक्सली हिंसा के कारण विकास अवरुद्ध था, वहीं आज सुशासन की सरकार बस्तर को विकास की मुख्यधारा से जोड़ रही है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर को माओवाद के भय से मुक्त कर विकास और विश्वास के नए युग की ओर ले जा रही है। गणतंत्र दिवस 2026 पर बस्तर के उक्त 47 गांवों में पहली बार फहरने वाला तिरंगा न केवल राष्ट्रीय पर्व का उत्सव होगा, बल्कि यह शांति, लोकतंत्र और विकास के विजय का सशक्त संदेश भी देगा।

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Raipur: जन जागरूकता से ही घटेंगी सड़क दुर्घटनाएं: CM विष्णुदेव साय, हेलमेट पहनकर खुद स्कूटी चलाकर दिया सड़क सुरक्षा का संदेश

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Raipur: Road accidents will only be reduced through public awareness: CM Vishnudev Sai, wearing a helmet and riding a scooter himself, gave the message of road safety

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए जन जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। यातायात नियमों के पालन से ही अनमोल मानव जीवन को बचाया जा सकता है। मुख्यमंत्री राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 के अंतर्गत आयोजित राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने खुद हेलमेट पहनकर स्कूटी चलाकर आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा का सशक्त संदेश दिया। उन्होंने बाइक चालकों के दल के साथ यात्रा कर यह स्पष्ट किया कि नियमों का पालन केवल दूसरों को समझाने तक सीमित नहीं, बल्कि खुद अपनाने से ही बदलाव आएगा।

कार्यक्रम के दौरान सीएम साय ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत प्रदेश के 12 नए मार्गों पर 12 नवीन बसों का शुभारंभ किया। साथ ही राजधानी रायपुर के पंडरी क्षेत्र में आधुनिक लाइसेंस सेंटर कार्यालय भवन का भूमिपूजन भी किया गया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं कई परिवारों की खुशियां छीन लेती हैं। किसी मां की गोद सूनी हो जाती है, बच्चे अनाथ हो जाते हैं और परिवार जीवनभर का दर्द झेलते हैं। इसलिए दुपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनना और चार पहिया वाहनों में सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य रूप से अपनाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि रायपुर पुलिस द्वारा शुरू की गई पुलिस मितान योजना सड़क सुरक्षा की दिशा में एक अभिनव पहल है। वर्तमान में 4500 पुलिस मितान गांव-गांव में सक्रिय हैं, जिन्हें हेलमेट और फर्स्ट एड किट भी उपलब्ध कराई गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस के रिस्पॉन्स टाइम को कम करने में यह योजना अहम साबित होगी।

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मुख्यमंत्री ने वाहन चालकों से अपील की कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करें, ट्रैफिक सिग्नल का पालन करें और निर्धारित गति सीमा में ही वाहन चलाएं। अक्सर दुर्घटनाओं में सिर में गंभीर चोट लगने से जान जाती है, इसलिए हेलमेट जीवन रक्षक साबित होता है।

कार्यक्रम में परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि इसे जन आंदोलन बनाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना में तत्काल सहायता करने वाले राहगीरों को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि और घायलों के लिए डेढ़ लाख रुपये तक निःशुल्क इलाज की व्यवस्था सरकार द्वारा की गई है।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि हेलमेट को सख्ती से अनिवार्य करने से दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। छत्तीसगढ़ के तेज विकास के साथ यातायात दबाव भी बढ़ा है, ऐसे में सुरक्षा नियमों का पालन अत्यंत आवश्यक है।

समारोह में सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस मितान, चिकित्सक, यातायात पुलिस कर्मी, वाहन चालक, भारत स्काउट गाइड, एनसीसी-एनएसएस कैडेट्स, यूनिसेफ और एनएचएआई के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा पर आधारित प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया और विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई पेंटिंग व साइंस मॉडल की सराहना की।

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