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CG News: जनता के मुद्दों को टेलीस्कोप की तरह और सरकार के काम पर माइक्रोस्कोप की तरह हो विपक्ष की नजर- उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़

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CG News: Opposition should keep an eye on public issues like a telescope and the government's work like a microscope - Vice President Jagdeep Dhankhar

Raipur: भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा में नवनिर्वाचित विधायकों के लिए आयोजित प्रबोधन कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पक्ष और विपक्ष के विधायकों में लगातार संपर्क और सामंजस्य होना चाहिए, तभी लोकतंत्र फलेगा-फूलेगा और सकारात्मक परिणाम देगा। आप सदन में प्रतिद्वंदी नहीं हैं, वहां सौहार्द्रपूर्ण वातावरण होना चाहिए। आप लोग सामंजस्य बनाकर जनहित में बेहतर काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में सीखने की प्रक्रिया निरंतर चलते रहती है। सदन में नये विधायकों को पुराने विधायकों से भी काफी कुछ सीखने मिलेगा।

प्रजातांत्रिक व्यवस्था में मौलिक अधिकार बहुत अहम- उपराष्ट्रपति 

उपराष्ट्रपति ने संविधान सभा के गठन और भारत के संविधान के निर्माण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि विधायिका के सदस्यों को संविधान को जानना जरूरी है। जनआकांक्षाओं के अनुरूप कानूनों में बदलाव विधायिका का प्रमुख कार्य है। प्रचलित कानूनों में बदलाव भारत में ही नहीं दुनिया के सभी देशों में होता है। उन्होंने कहा कि प्रजातांत्रिक व्यवस्था में मौलिक अधिकार बहुत अहम हैं। इसके बिना प्रजातंत्र नहीं चल सकता है।

‘प्रतिपक्ष की सबसे बड़ी ताकत सदन को चलने देने में’

उपराष्ट्रपति ने विधायकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि कोई भी अधिकार बिना जिम्मेदारी के नहीं आता। आप सदन में अपने बोले हुए हर शब्द के लिए जवाबदेह हैं। आप सब लोग इतिहास का हिस्सा रहेंगे। आपके योगदान का आगे मूल्यांकन होगा। नये विधान के निर्माण में आपकी चिंता, चिंतन और मंथन दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रतिपक्ष की सबसे बड़ी ताकत सदन को चलने देने में है। अनावश्यक व्यवधान को जनता पसंद नहीं करती है। उन्होंने कहा कि सदन नियमों से चलता है। सभी सदस्यों को इन नियमों को मानना होता है। जनता चाहती है कि सदन में उनके मुद्दों पर चर्चा-परिचर्चा हो और जनप्रतिनिधियों द्वारा जनकल्याणकारी निर्णय लिए जाएं।

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टेलीस्कोप और माइक्रोस्कोप की तरह हो विपक्ष की नजर

उपराष्ट्रपति ने कहा कि विपक्ष द्वारा सरकार की आलोचना रचनात्मक और समाधानपूर्ण होना चाहिए। विपक्ष को जनता के मुद्दों को टेलीस्कोप की तरह देखना चाहिए और सरकार के काम पर माइक्रोस्कोप की तरह नजर रखना चाहिए। राज्य के धन का सदुपयोग हो, यह बजट चर्चा के दौरान आप लोगों को देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि ईश्वरीय अनुकंपा छत्तीसगढ़ पर बहुत है। यह विकास की सारी संभावनाएं समेटे हुए हैं। उन्होंने सभी विधायकों से अपील की कि छत्तीसगढ़ को विकास के मार्ग पर आगे बढ़ाएं।

सदन संविधान का मंदिर अतएव गरिमापूर्ण आचरण बेहद जरूरी- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला

प्रबोधन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि जो विधायक विधानसभा में जितना ज्यादा बैठता है। वो विधानसभा में अपने विचार उतने ही बेहतर तरीके से रख पाता है और इस तरह से अपने क्षेत्र का बेहतर प्रतिनिधित्व कर पाता है। बिरला ने इस मौके पर कहा कि सदन संविधान का मंदिर है, अतएव सदन के भीतर गरिमापूर्ण आचरण बहुत जरूरी है। विधानसभा के नियमों और संसदीय परंपराओं की जितनी गहराई से जानकारी होगी, अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने में आपको उतना ही लाभ होगा। केवल अपने क्षेत्र की समस्याएं न रखें, अपितु राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय परिदृश्य को देखते हुए पूरे प्रदेश से जुड़े मुद्दे विधानसभा में रखें।

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Chhattisgarh: CM साय ने नारायणपुर में अबूझमाड़ पीस हॉफ मैराथन को दिखाई हरी झंडी, 10 हजार से ज्यादा धावकों ने लिया हिस्सा

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Chhattisgarh: CM Sai flagged off the Abujhmad Peace Half Marathon in Narayanpur, with over 10,000 runners participating

Narayanpur:कभी नक्सल हिंसा के लिए पहचाने जाने वाले अबूझमाड़ से अब शांति और विकास का संदेश देश-दुनिया को दिया जा रहा है। नारायणपुर में रविवार सुबह आयोजित अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन 2026 को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने खुद भी सांकेतिक दौड़ लगाकर प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाया।

इस मौके पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह वही अबूझमाड़ है, जहां कभी आम लोगों और सुरक्षाबलों का पहुंचना भी मुश्किल था। आज यहां हजारों लोग एक साथ दौड़ में शामिल होकर अमन और भरोसे का संदेश दे रहे हैं। यह बदलाव बस्तर में स्थायी शांति की ओर बढ़ते कदमों का संकेत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में माओवाद से मुक्ति की दिशा में युवाओं की भागीदारी उम्मीद जगाने वाली है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संकल्प का जिक्र करते हुए कहा कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद के खात्मे का लक्ष्य तय किया गया है और बस्तर पूरी तरह लाल आतंक से मुक्त होगा।

21 किमी की दौड़, विदेशी धावक भी शामिल

21 किलोमीटर लंबी यह हाफ मैराथन नारायणपुर से बासिंग तक आयोजित की गई। इसमें 60 से ज्यादा विदेशी धावकों समेत बस्तर, छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों के 10 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने दौड़ लगाई। मैराथन से पहले जुंबा वॉर्मअप सेशन में हजारों लोगों ने एक साथ हिस्सा लिया।

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आत्मसमर्पित नक्सलियों की भागीदारी बनी खास

मैराथन की सबसे बड़ी खासियत रही आत्मसमर्पित नक्सली युवाओं की भागीदारी। हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटे युवाओं ने दौड़ में शामिल होकर शांति और बदलाव का संदेश दिया। स्थानीय अबूझमाड़िया जनजाति और ग्रामीणों की सक्रिय मौजूदगी ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप, प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा, बस्तर सांसद महेश कश्यप समेत कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

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Chhattisgarh: नारायणपुर में जवानों के बीच पहुंचे CM साय, सुरक्षा बलों के साथ किया रात्रि भोज

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Chhattisgarh: CM Sai reached among the soldiers in Narayanpur, had dinner with the security forces

Narayanpur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नारायणपुर प्रवास के दौरान आईटीबीपी बटालियन परिसर में तैनात केंद्रीय एवं राज्य सुरक्षा बलों के जवानों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने आईटीबीपी, सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन, बीएसएफ, डीआरजी और सीएएफ के जवानों एवं अधिकारियों से संवाद कर बस्तर में शांति और सुरक्षा बहाली में उनके योगदान की सराहना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने मंत्रियों के साथ बटालियन परिसर में जवानों के साथ रात्रि भोज किया और उनसे आत्मीय चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भरपूर बस्तर का बड़ा हिस्सा माओवादी आतंक के कारण लंबे समय तक विकास की मुख्यधारा से कट गया था। जवानों के अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम के चलते आज यहां शांति का वातावरण बना है और विकास कार्यों को गति मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सेवा दे रहे सुरक्षा बलों का मनोबल बनाए रखना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने जवानों को आश्वस्त किया कि सरकार उनके कल्याण और सुविधाओं के लिए निरंतर प्रयासरत है। जवानों ने भी मुख्यमंत्री के साथ अपने अनुभव साझा किए और इस मुलाकात को प्रेरणादायक बताया।

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के संकल्प को सुरक्षा बलों ने पूरी दृढ़ता से जमीन पर उतारने का काम किया है। उन्होंने कहा कि अब बस्तर में गोलियों और धमाकों की आवाज के बजाय स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई की गूंज और गांवों में सांस्कृतिक गतिविधियों की रौनक सुनाई दे रही है।

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने जवानों को उपहार भेंट किए, वहीं सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों को स्मृति चिह्न प्रदान किए। पुलिस बैंड द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ अतिथियों का स्वागत किया गया। उल्लेखनीय है कि नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए बस्तर अंचल में सुरक्षा कैंप स्थापित कर केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं।

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इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, बस्तर सांसद महेश कश्यप, लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। साथ ही मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, कलेक्टर नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन गुरिया तथा आईटीबीपी, सीआरपीएफ और बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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Chhattisgarh: नियद नेल्लानार योजना से बस्तर के 400 से ज्यादा गांव आबाद, नारायणपुर को 351 करोड़ की सौगात: CM साय

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Narayanpur: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से बस्तर के 400 से अधिक गांवों में शासन की योजनाओं और विकास गतिविधियों की पहुंच सुनिश्चित हुई है। माओवाद के कारण लंबे समय तक विकास से वंचित रहे क्षेत्रों में अब शांति के साथ तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय नारायणपुर जिले के दो दिवसीय प्रवास पर जिला मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने हाई स्कूल मैदान में आयोजित बस्तर पंडुम के जिला स्तरीय कार्यक्रम में 351 करोड़ 49 लाख 45 हजार रुपये लागत के 357 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लाल आतंक समाप्ति की ओर है और इसी के साथ विकास को नई गति मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प के तहत प्रदेश सरकार माओवाद उन्मूलन की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। आत्मसमर्पित माओवादियों को कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। साथ ही बस्तर में पर्यटन, कृषि, पशुपालन और आजीविका आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने का संकल्प भी दोहराया गया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आदिवासी संस्कृति और पारंपरिक विरासतों के संरक्षण के लिए बस्तर पंडुम जैसे आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने जनजातीय समाज से अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने का आह्वान किया।

332 करोड़ के 6 नए निर्माण कार्यों की घोषणा

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मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 332 करोड़ रुपये की लागत से 6 प्रमुख निर्माण कार्यों की घोषणा की। इनमें शामिल हैं-

  • नारायणपुर–ओरछा–आदेर–लंका–बेदरे–कुटरूमैमेड 125 किमी सड़क (250 करोड़), जो नारायणपुर को बीजापुर से जोड़ेगी।
  • राजनांदगांव–बैलाडिला मार्ग के 28 किमी हिस्से का सतह मजबूतीकरण (34 करोड़)।
  • नारायणपुर–सोनपुर–मरोड़ा मार्ग के 28 किमी हिस्से का उन्नयन (34.12 करोड़), जो महाराष्ट्र बॉर्डर तक संपर्क देगा।
  • ब्रेहबेड़ा–कंदाड़ी–कीहीकाड़–मुरनार–बेचा मार्ग पर घुड़साल नाला पर उच्चस्तरीय सेतु (12.42 करोड़)।
  • अबूझमाड़ क्षेत्र में 10 वैकल्पिक प्राथमिक शालाओं और तोके में आश्रम शाला भवन का निर्माण (1.06 करोड़)।
  • गरांजी स्थित एजुकेशन हब में खेल मैदान निर्माण (50 लाख)।

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में 31 मार्च 2026 तक सशस्त्र माओवाद का पूर्ण अंत तय है। नारायणपुर जल्द ही नक्सल मुक्त होकर विकास की राह पर आगे बढ़ेगा। राजस्व मंत्री एवं प्रभारी मंत्री  टंकराम वर्मा ने कहा कि सीएम साय के नेतृत्व में नारायणपुर को 351 करोड़ की विकास सौगात मिली है, जिससे जिले का कायाकल्प होगा।

बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि बस्तर की जनजातीय संस्कृति की विश्व में अलग पहचान है। बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों से परंपराओं के संरक्षण के साथ युवाओं को आगे बढ़ने का मंच मिल रहा है।

आत्मसमर्पित माओवादी नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद

मुख्यमंत्री साय ने बस्तर पंडुम में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम के दौरान माओवाद छोड़कर मुख्यधारा में लौटे 4 नवदंपतियों को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आशीर्वाद दिया। उन्होंने नवदंपतियों को समाज की मुख्यधारा में शामिल होने पर बधाई दी और सुखद दांपत्य जीवन की कामना की।

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Raipur: छत्तीसगढ़ में बुजुर्गों के लिए बड़ी राहत: राशन कार्ड eKYC अब चेहरे से, घर बैठे पूरा होगा प्रोसेस

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Raipur: Big relief for the elderly in Chhattisgarh: Ration card eKYC now done through face, process completed from home

Raipur: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सभी राशन कार्डधारकों का आधार से eKYC कराना अनिवार्य है। इसे आसान बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने वृद्ध, असहाय और बीमार लोगों के लिए फेस eKYC की सुविधा शुरू की है। अब ऐसे लाभार्थी घर बैठे चेहरे की पहचान के जरिए eKYC पूरा कर सकेंगे। दरअसल, 70 साल से अधिक उम्र के कई लोगों के फिंगरप्रिंट साफ नहीं होने के कारण बॉयोमेट्रिक eKYC में परेशानी आ रही थी। इस समस्या को देखते हुए शासन ने आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम लागू किया है, जिससे पहचान प्रक्रिया सरल हो गई है।

ऐसे करें फेस eKYC

1.फेस eKYC के लिए “मेरा eKYC” मोबाइल ऐप का उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले Google Play Store से
Mera eKYC ऐप और Aadhaar FaceRD ऐप डाउनलोड करना होगा।

2.इसके बाद ऐप में आधार नंबर दर्ज करें

3.मोबाइल पर आए OTP को वेरीफाई करें

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4.मोबाइल कैमरे से चेहरे की पहचान कर eKYC पूरी करें

5.ऐप के जरिए यह भी चेक किया जा सकता है कि eKYC पहले से हुई है या नहीं।

मोबाइल से eKYC नहीं हो पाए तो क्या करें?

अगर किसी कारणवश मोबाइल से eKYC संभव नहीं है, तो राशन कार्डधारक अपने नजदीकी सरकारी उचित मूल्य दुकान पर जाकर अंगूठे या उंगली के निशान से eKYC करा सकते हैं। इससे बुजुर्ग और असहाय लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और राशन लेने में परेशानी नहीं होगी।

समय पर eKYC नहीं कराने के नुकसान

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  • राशन कार्ड कैंसिल हो सकता है
  • सरकारी योजनाओं का लाभ बंद हो जाएगा
  • लाभार्थी सूची से नाम हटाया जा सकता है
  • राशन कार्ड दोबारा चालू कराने के लिए फिर आवेदन करना पड़ेगा

अगर नाम राशन लिस्ट से कट जाए तो क्या करें?

  • नजदीकी फूड सप्लाई ऑफिस या राशन दुकान से संपर्क करें
  • सही दस्तावेजों के साथ फिर से आवेदन करें
  • आधार या मोबाइल नंबर से जुड़ी गलतियां सुधारें

सरकार का मकसद क्या है?

सरकार का उद्देश्य राशन वितरण प्रणाली को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है। कई मामलों में फर्जी राशन कार्ड, अपात्र लोगों द्वारा लाभ लेना या मृत व्यक्ति के नाम पर राशन उठाने की शिकायतें सामने आई हैं। इन्हीं गड़बड़ियों को रोकने के लिए eKYC प्रक्रिया लागू की गई है, ताकि सिर्फ वास्तविक और जरूरतमंद लोगों को ही मुफ्त राशन का लाभ मिल सके।

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Republic Day 2026: संविधान, लोकतंत्र और सुशासन से बनेगा विकसित छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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Republic Day 2026: Chhattisgarh will become developed through the Constitution, democracy and good governance: Chief Minister Vishnu Dev Sai

Raipur: संविधान की सर्वोच्चता, लोकतंत्र की मजबूती और सुशासन के रास्ते विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लेकर प्रदेश में 77वां गणतंत्र दिवस पूरे हर्षोल्लास और देशभक्ति के साथ मनाया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और संयुक्त परेड की सलामी ली। मुख्यमंत्री ने शहीद सैनिकों और पुलिस जवानों के परिजनों को सम्मानित किया तथा छत्तीसगढ़ पुलिस बल को राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर विशेष पदक प्रदान करने की घोषणा की।

संविधान हमारी लोकतांत्रिक आस्था का आधार

मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत का संविधान समानता, सामाजिक न्याय और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मजबूत आधार है। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को नमन करते हुए कहा कि संविधान सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उन्होंने बाबा गुरु घासीदास जी के “मनखे-मनखे एक समान” संदेश को संविधान की आत्मा बताते हुए कहा कि भारतीय गणतंत्र ने सभी नागरिकों को राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनने का अवसर दिया है।

25 वर्षों में विकास की सशक्त यात्रा

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी द्वारा गठित छत्तीसगढ़ ने अपने 25 वर्षों के सफर में विकास की नई पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पित नवनिर्मित छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन को उन्होंने राज्य की अस्मिता और लोकतंत्र का मंदिर बताया।

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नक्सल उन्मूलन अंतिम चरण में

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि माओवादी हिंसा लोकतंत्र के लिए बड़ी चुनौती रही है, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार की निर्णायक रणनीति से अब यह समस्या अंतिम दौर में है। उन्होंने विश्वास जताया कि मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त कर लिया जाएगा।

किसानों, महिलाओं और श्रमिकों का सशक्तीकरण

मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में किसानों को धान का देश में सर्वाधिक मूल्य मिल रहा है। धान खरीदी 5 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 149 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गई है। बीते दो वर्षों में किसानों के खातों में लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपए अंतरित किए गए हैं। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए की सहायता दी जा रही है। अब तक 14,948 करोड़ रुपए वितरित किए जा चुके हैं।

शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास पर फोकस

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मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई, 9 हजार स्मार्ट क्लास और 22 हजार कंप्यूटर की व्यवस्था की गई है। राज्य में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है और हिंदी में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू की गई है। नई औद्योगिक नीति के तहत 7.83 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। नवा रायपुर को आईटी, एआई और मेडिकल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम और आकर्षक झांकियां

समारोह में स्कूली बच्चों ने देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। विभिन्न विभागों की झांकियों ने छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया। मुख्यमंत्री ने दिवगत लक्ष्मण मस्तूरिया की कविता की पंक्तियों के माध्यम से प्रदेशवासियों से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया।

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