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Chhattisgarh: नारायणपुर में जवानों के बीच पहुंचे CM साय, सुरक्षा बलों के साथ किया रात्रि भोज

Narayanpur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नारायणपुर प्रवास के दौरान आईटीबीपी बटालियन परिसर में तैनात केंद्रीय एवं राज्य सुरक्षा बलों के जवानों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने आईटीबीपी, सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन, बीएसएफ, डीआरजी और सीएएफ के जवानों एवं अधिकारियों से संवाद कर बस्तर में शांति और सुरक्षा बहाली में उनके योगदान की सराहना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने मंत्रियों के साथ बटालियन परिसर में जवानों के साथ रात्रि भोज किया और उनसे आत्मीय चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भरपूर बस्तर का बड़ा हिस्सा माओवादी आतंक के कारण लंबे समय तक विकास की मुख्यधारा से कट गया था। जवानों के अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम के चलते आज यहां शांति का वातावरण बना है और विकास कार्यों को गति मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सेवा दे रहे सुरक्षा बलों का मनोबल बनाए रखना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने जवानों को आश्वस्त किया कि सरकार उनके कल्याण और सुविधाओं के लिए निरंतर प्रयासरत है। जवानों ने भी मुख्यमंत्री के साथ अपने अनुभव साझा किए और इस मुलाकात को प्रेरणादायक बताया।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के संकल्प को सुरक्षा बलों ने पूरी दृढ़ता से जमीन पर उतारने का काम किया है। उन्होंने कहा कि अब बस्तर में गोलियों और धमाकों की आवाज के बजाय स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई की गूंज और गांवों में सांस्कृतिक गतिविधियों की रौनक सुनाई दे रही है।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने जवानों को उपहार भेंट किए, वहीं सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों को स्मृति चिह्न प्रदान किए। पुलिस बैंड द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ अतिथियों का स्वागत किया गया। उल्लेखनीय है कि नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए बस्तर अंचल में सुरक्षा कैंप स्थापित कर केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं।
इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, बस्तर सांसद महेश कश्यप, लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। साथ ही मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, कलेक्टर नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन गुरिया तथा आईटीबीपी, सीआरपीएफ और बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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छत्तीसगढ़ में 18 IPS अधिकारियों के तबादले, पुलिस मुख्यालय से लेकर जिलों तक बदली जिम्मेदारी

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने शुक्रवार को पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल करते हुए 18 IPS अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। गृह (पुलिस) विभाग की ओर से जारी आदेश में 2021 से 2024 बैच तक के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इनमें पुलिस मुख्यालय में पदस्थापना के साथ विभिन्न जिलों में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP), नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) और सहायक पुलिस महानिरीक्षक (AIG) के पद शामिल हैं। सभी तबादले तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।
पुलिस मुख्यालय में इन अधिकारियों को जिम्मेदारी
- झा अमनकुमार रमनकुमार: बीजापुर में ASP (ऑप्स) से पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर में पुलिस अधीक्षक (SIA)।
- अजय कुमार: नारायणपुर में ASP (ऑप्स) से पुलिस अधीक्षक (SIB), पुलिस मुख्यालय।
- आकाश श्रीमाल: कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में ASP (ऑप्स) से पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक की जिम्मेदारी।
- अक्षय प्रमोद सबद्रा: ASP (ऑप्स), नारायणपुर से सहायक पुलिस महानिरीक्षक (योजना/प्रबंध)।
- आकाश कुमार शुक्ला: एसटीएफ बघेरा, दुर्ग से पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (ANTF)।
- रविन्द्र कुमार मीणा: बीजापुर में ASP (ऑप्स) से पुलिस अधीक्षक (चिटफंड एवं महिला विरुद्ध अपराध)।
- रोहित कुमार शाह: सुकमा में ASP (ऑप्स) से 15वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, बीजापुर के सेनानी।
इन पदस्थापनाओं के जरिए पुलिस मुख्यालय और विशेष इकाइयों में अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है।
कई जिलों में ASP (ऑप्स) की नई पोस्टिंग
जिलों में भी अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। नई पदस्थापनाएं इस प्रकार हैं:
- सुमीतकुमार दत्ताहारी ASP (ऑप्स)- कांकेर
- ईशु अग्रवाल ASP (ऑप्स)- नारायणपुर
- मयंक मिश्रा ASP (ऑप्स)- सुकमा
- वैशाली जैन ASP (ऑप्स)- जगदलपुर
- विमल कुमार पाठक ASP (ऑप्स)- नारायणपुर
- हर्षित मेहर ASP (ऑप्स)- कोंडागांव
- राहुल बंसल ASP (ऑप्स)- बीजापुर
इनमें सुमीतकुमार दत्ताहारी पहले जगदलपुर में नगर पुलिस अधीक्षक थे। ईशु अग्रवाल रायपुर में सहायक पुलिस आयुक्त के पद पर तैनात थे। मयंक मिश्रा रायगढ़, वैशाली जैन राजनांदगांव, विमल कुमार पाठक कोरबा, हर्षित मेहर दुर्ग और राहुल बंसल अंबिकापुर में पदस्थ थे।
प्रशिक्षु अधिकारियों को भी मिली नई जिम्मेदारी
तबादला आदेश में प्रशिक्षु अधिकारियों को भी नई पदस्थापना दी गई है।
- अंशिका जैन: नगर पुलिस अधीक्षक, जगदलपुर।
- साकोर मानसी नानाभाउ: सहायक पुलिस आयुक्त, आजाद चौक, रायपुर नगरीय।
- आदित्य कुमार: नगर पुलिस अधीक्षक, राजनांदगांव।
- प्रतीक बंसोडे: नगर पुलिस अधीक्षक, अंबिकापुर।
ये अधिकारी 2022 से 2024 बैच तक के हैं। नई पदस्थापनाओं के साथ उन्हें शहरी पुलिसिंग और जिलों में जिम्मेदारी संभालने का अवसर दिया गया है।
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Chhattisgarh: सूरजपुर मां-बेटी हत्याकांड में 3 को फांसी, एक को उम्रकैद, प्रधान आरक्षक की पत्नी और 11 साल की बेटी की हत्या का मामला

सूरजपुर: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने प्रधान आरक्षक की पत्नी और उनकी 11 वर्षीय बेटी की हत्या के मामले में गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाया। जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आनंद प्रकाश वारियाल की अदालत ने चारों दोषियों को सजा सुनाई। मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत तीन दोषियों को मौत की सजा और चौथे आरोपी को उम्रकैद दी गई। मौत की सजा पाने वालों में कुलदीप साहू (32), चंद्रकांत चौधरी (28) और फूल सिंह उर्फ रिंकू (28) शामिल हैं। वहीं आर्यन विश्वकर्मा उर्फ गोल्डी (20) को मरते दम तक उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
13 अक्टूबर 2024 को हुई थी मां-बेटी की हत्या
मामला 13 अक्टूबर 2024 का है। पुलिस के मुताबिक, सूरजपुर शहर में प्रधान आरक्षक की 35 वर्षीय पत्नी और उनकी 11 वर्षीय बेटी की हत्या कर दी गई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, महिला के साथ पहले रेप किया गया और इसके बाद मां-बेटी की हत्या कर शवों को पिढ़ा गांव के पास फेंक दिया गया था। करीब दो साल चली सुनवाई के बाद अदालत ने 29 सितंबर 2026 को चारों आरोपियों को दोषी ठहराया था। गुरुवार को अदालत ने सजा का ऐलान किया।
मां-बेटी के शरीर पर मिले थे 61 चोट के निशान
पोस्टमॉर्टम में महिला के शरीर पर 33 और बच्ची के शरीर पर 28 चोट के निशान मिले थे। अभियोजन पक्ष ने इन साक्ष्यों को मामले की गंभीरता के तौर पर अदालत के सामने रखा। अभियोजन के मुताबिक, जांच के दौरान आरोपियों के कपड़ों पर खून के निशान और अन्य साक्ष्य भी सामने आए थे। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर चारों को दोषी माना।
पुलिसकर्मी पर गर्म तेल फेंकने से शुरू हुआ घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, वारदात वाली रात कुलदीप साहू ने दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के रास्ते में तैनात आरक्षक घनश्याम सोनी पर गर्म तेल फेंका था। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। पुलिस का दावा है कि उसे पकड़ने की कोशिश के दौरान साहू ने पुलिसकर्मियों को कार से कुचलने का प्रयास किया और वहां से भाग निकला। इसके बाद वह प्रधान आरक्षक के घर पहुंचा, जहां उसकी पत्नी और बेटी पर हमला किया गया।
शव घर से करीब 4 किलोमीटर दूर मिले
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद दोनों के शवों को घर से करीब चार किलोमीटर दूर पिढ़ा गांव के पास ले जाकर फेंक दिया गया था। मामले में कुलदीप साहू के साथ चंद्रकांत चौधरी, फूल सिंह और आर्यन विश्वकर्मा को आरोपी बनाया गया था।
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Raipur: तेलीबांधा चौक का नाम नहीं बदलेगा, CM साय बोले- भ्रम में न रहें, ‘सेवा ज्योति संकल्प’ के तहत होगा विकास

रायपुर: राजधानी के तेलीबांधा चौक का नाम बदलने की चर्चा पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि तेलीबांधा चौक का नाम नहीं बदला जा रहा है। इसका मौजूदा नाम और मूल स्वरूप यथावत रहेगा। चौक को केवल ‘सेवा ज्योति संकल्प’ की भावना के अनुरूप विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 38 स्थानों पर ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ विकसित करने की घोषणा की गई है। इनमें रायपुर का तेलीबांधा चौक भी शामिल है। उन्होंने कहा कि इसे लेकर किसी तरह का भ्रम नहीं होना चाहिए।
नाम और मूल स्वरूप में कोई बदलाव नहीं
सीएम साय ने स्पष्ट किया कि तेलीबांधा चौक का नाम यथावत रहेगा। यहां ‘सेवा ज्योति संकल्प’ की भावना के अनुरूप विकास कार्य किए जाएंगे। मुख्यमंत्री का यह बयान चौक का नाम बदलने को लेकर सामने आई चर्चाओं के बीच आया है।
38 स्थानों पर बनेंगे सेवा ज्योति संकल्प चौक
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में इसे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में प्रदेश के 38 प्रमुख स्थानों को ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ के रूप में विकसित करने की योजना है।
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Chhattisgarh: राज्य सरकार की सख्त कार्रवाई, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी 3 साल के लिए ब्लैकलिस्ट

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने शासकीय हेलीकॉप्टर के बीमा दावे के निपटारे में चार साल से ज्यादा की देरी के मामले में द ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (OICL) को तीन साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है। यह कार्रवाई विमानन संचालनालय ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए की है। मामला मई 2022 में रायपुर एयरपोर्ट पर दुर्घटनाग्रस्त हुए राज्य शासन के हेलीकॉप्टर से जुड़ा है। सरकार ने हेलीकॉप्टर का बीमा ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी से कराया था और बीमा प्रीमियम का पूरा भुगतान किया गया था। हादसे के बाद राज्य सरकार ने बीमा दावा पेश किया, लेकिन कंपनी ने इसे चार साल से ज्यादा समय तक लंबित रखा और अगस्त 2026 में दावा खारिज कर दिया।
सार्वजनिक संपत्ति से जुड़े दावे में देरी पर कार्रवाई
विमानन संचालनालय की जांच में सामने आया कि सार्वजनिक संपत्ति से जुड़े बीमा दावे के निपटारे में अत्यधिक देरी हुई। सरकार ने इसे सार्वजनिक धन और शासकीय हित से जुड़ा गंभीर मामला माना। अधिकारियों के मुताबिक, शासकीय हेलीकॉप्टर सार्वजनिक संपत्ति है और इसकी खरीद व बीमा में जनता का पैसा लगा है। ऐसे में बीमा दावे को वर्षों तक लंबित रखने से राज्य के वित्तीय हित प्रभावित होते हैं। सरकार ने स्पष्ट किया कि उसके साथ काम करने वाली सेवा प्रदाता संस्थाओं को अपनी संविदात्मक जिम्मेदारियों का समय पर पालन करना होगा।
कंपनी को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया
ब्लैकलिस्ट करने से पहले सरकार ने कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया। ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी ने अपना लिखित जवाब दिया और उसे व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर भी दिया गया। कंपनी का पक्ष सुनने और उपलब्ध दस्तावेजों व तथ्यों की जांच के बाद विमानन संचालनालय ने कारणों सहित आदेश जारी करते हुए कंपनी को तीन साल के लिए ब्लैकलिस्ट करने का फैसला लिया।
बीमा राशि की वसूली के लिए कार्रवाई जारी रहेगी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि कंपनी को ब्लैकलिस्ट किए जाने से बीमा दावे का मामला खत्म नहीं हुआ है। राज्य शासन अपने दावे की राशि हासिल करने के लिए आगे भी आवश्यक कार्रवाई करेगा। अधिकारियों के अनुसार सार्वजनिक धन की सुरक्षा और राज्य के वित्तीय हितों की रक्षा सरकार की जिम्मेदारी है। इसके लिए देय राशि की वसूली के सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
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Chhattisgarh: सिंगापुर से छत्तीसगढ़ को ₹43,600 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, स्किल डेवलपमेंट के लिए ITE से एमओयू

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सिंगापुर यात्रा के अंतिम दिन छत्तीसगढ़ को निवेश और कौशल विकास के क्षेत्र में कई अहम उपलब्धियां मिलीं। प्रदेश के युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित करने के लिए ITE Education Services, Singapore के साथ एमओयू किया गया। वहीं Valency International Pte Ltd ने छत्तीसगढ़ में एग्रो एवं फूड प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट हब स्थापित करने के लिए ₹350 करोड़ के निवेश में रुचि दिखाई है। इन नए प्रस्तावों के साथ मुख्यमंत्री की सिंगापुर यात्रा के दौरान छत्तीसगढ़ को मिले FDI निवेश प्रस्तावों की कुल राशि ₹43,600 करोड़ तक पहुंच गई है।
उद्योगों की जरूरत के हिसाब से तैयार होंगे युवा
मुख्यमंत्री साय की मौजूदगी में छत्तीसगढ़ सरकार और ITE Education Services के बीच तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण को लेकर समझौता हुआ। मुख्यमंत्री और प्रतिनिधिमंडल ने ITE कॉलेज का दौरा कर वहां के इंडस्ट्री-आधारित ट्रेनिंग मॉडल को समझा। सिंगापुर में Cisco, BYD और Singapore Airlines जैसी कंपनियां ITE के साथ मिलकर पाठ्यक्रम तैयार करने, प्रशिक्षण देने और जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने में सहयोग करती हैं।
छत्तीसगढ़ में भी इसी मॉडल के आधार पर उद्योगों की जरूरत के अनुरूप पाठ्यक्रम, प्रशिक्षकों की ट्रेनिंग और युवाओं के लिए रोजगारपरक कौशल विकास पर काम किया जाएगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि निवेश से उद्योग आते हैं और कुशल युवा उन उद्योगों की ताकत बनते हैं। छत्तीसगढ़ का प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं को आधुनिक प्रशिक्षण मिले और उन्हें अपने ही राज्य में बेहतर करियर के अवसर मिलें।
किसानों की उपज को मिलेगा प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट का बाजार
मुख्यमंत्री साय ने सिंगापुर की Valency International Pte Ltd को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित किया। कंपनी ₹350 करोड़ के निवेश से इंटीग्रेटेड एग्रो एवं फूड प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट हब स्थापित करने की योजना पर काम करेगी।
प्रस्तावित हब में काजू, तिल, दलहन और मूंगफली जैसी कृषि उपज की प्रोसेसिंग की जाएगी। इससे किसानों की उपज का राज्य में ही मूल्य संवर्धन होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
सिंगापुर के विदेश मंत्री से मिले CM साय
मुख्यमंत्री साय ने सिंगापुर के विदेश मंत्री डॉ. विवियन बालाकृष्णन से भी मुलाकात की। दोनों के बीच छत्तीसगढ़ और सिंगापुर के बीच निवेश, कौशल विकास, शहरी नियोजन और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। बैठक में सिंगापुर के अनुभव और विशेषज्ञता का उपयोग छत्तीसगढ़ के विकास के लिए किस तरह किया जा सकता है, इस पर भी विचार-विमर्श हुआ।
15 से ज्यादा ग्लोबल कंपनियों से निवेश पर चर्चा
सीईओ राउंडटेबल में मुख्यमंत्री साय ने 15 से अधिक वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों से निवेश और साझेदारी की संभावनाओं पर बातचीत की। इनमें TCS, SMBC, Tolaram Group, Agrocorp, Indian Ocean Group और Blue Aqua जैसी कंपनियां शामिल थीं। बैठक में टेक्नोलॉजी, बैंकिंग, एग्रीबिजनेस, एक्वाकल्चर और फूड सेक्टर में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कंपनियों को छत्तीसगढ़ की निवेश-अनुकूल नीतियों, सुधारों और कारोबारी वातावरण की जानकारी दी।
AI और डिजिटल फाइनेंस में युवाओं की ट्रेनिंग पर जोर
मुख्यमंत्री ने Global Finance & Technology Network (GFTN) के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। बैठक में छत्तीसगढ़ के युवाओं को AI और डिजिटल फाइनेंस में प्रशिक्षण देने, प्रदेश के स्टार्टअप्स को वैश्विक निवेशकों से जोड़ने और नई तकनीकों के लिए टेक लैब स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
SING Forum 2026 में शामिल हुआ छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ ने विदेश मंत्रालय, भारत सरकार के नामांकन पर Singapore-India Network for Growth (SING) Forum 2026 में भी भाग लिया। मुख्यमंत्री साय की सिंगापुर यात्रा को निवेश के साथ-साथ स्किल डेवलपमेंट, टेक्नोलॉजी और वैश्विक साझेदारी के नए अवसरों से जोड़कर देखा जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल के 7 अक्टूबर को रायपुर लौटने की जानकारी दी गई है।
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