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CG News: सुशासन दिवस पर किसानों को मिलेगा धान का बकाया बोनस, एक सप्ताह चलेगा सफाई अभियान

CG News(Raipur): भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती 25 दिसंबर ’सुशासन दिवस’ के रूप में मनाई जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर सुशासन दिवस के अवसर पर राज्य के किसानों को खरीफ विपणन वर्ष 2014-15 एवं वर्ष 2015-16 की बकाया धान की बोनस राशि 3716 करोड़ 38 लाख 96 हजार रुपए का भुगतान किया जाएगा। धान उत्पादन करने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने अपने अनुपूरक बजट में धान उत्पादन पर प्रोत्साहन योजना के लिए राशि का प्रावधान भी किया है।
सुशासन दिवस के अवसर पर निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और आम जनता की गरिमामय उपस्थिति में नगरीय निकायों में स्थापित अटल चौक में सुबह 10 बजे से कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाएगा। अटल चौक में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के छायाचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलन कर निर्वाचित जनप्रतिनिधियों एवं आम जनता द्वारा ’सुशासन स्थापित’ करने का संकल्प लिया जाएगा।
राज्य शासन द्वारा 25 दिसंबर के पहले नगरीय निकायों में पूर्व से निर्मित अटल स्तंभ की साफ-सफाई, आवश्यक मरम्मत कराने के निर्देश दिए हैं। यह स्वच्छता अभियान नगरीय निकायों में 25 दिसंबर से प्रारंभ होकर आगामी एक सप्ताह तक आयोजित होगा। सुशासन दिवस के मौके पर प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में अटल संध्या का आयोजन होगा। इसके अंतर्गत कवि सम्मेलन, अटल जी की कविता पाठ, अटल विचार संगोष्ठी, निबंध स्पर्धा का आयोजन तथा अटल जी के जीवन, व्यक्तित्व और कृतित्व पर केन्द्रित प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी।
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Chhattisgarh: गरियाबंद को 603 करोड़ की विकास सौगात, CM साय ने 76 परियोजनाओं का लोकार्पण-भूमिपूजन किया

Gariyaband: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को गरियाबंद जिले को 603.46 करोड़ रुपए के 76 विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 86.75 करोड़ रुपए की लागत से पूर्ण हुए 46 कार्यों का लोकार्पण किया, जबकि 516.70 करोड़ रुपए के 30 नए विकास कार्यों का भूमिपूजन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं से जिले में सड़क, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, विद्युत और अन्य आधारभूत सुविधाओं को मजबूती मिलेगी।
विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना लक्ष्य
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। किसानों, महिलाओं, युवाओं, आदिवासियों और गरीब परिवारों के कल्याण के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रही हैं।
बिजली बिलों में राहत का जिक्र
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के तहत उपभोक्ताओं को राहत दी जा रही है। इस योजना के माध्यम से करीब 757 करोड़ रुपए के बकाया बिजली बिलों में छूट प्रदान की जा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सौर ऊर्जा को बढ़ावा देकर लोगों के बिजली खर्च को कम किया जा रहा है।
किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने की सलाह
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि सहकारी समितियों के नए केंद्र खोले जा रहे हैं ताकि किसानों को ऋण, खाद और बीज जैसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने किसानों से नैनो यूरिया के उपयोग को बढ़ाने की अपील करते हुए कहा कि इससे उत्पादन लागत कम होती है और मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहती है।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 का करें उपयोग
साय ने कहा कि सुशासन सरकार की प्राथमिकता है। आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 शुरू की गई है, जिसका नागरिकों को अधिकाधिक उपयोग करना चाहिए।
सुपेबेड़ा की पेयजल समस्या के समाधान का दावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि सुपेबेड़ा क्षेत्र की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए तेल नदी पर 7 करोड़ रुपए की लागत से एनीकट निर्माण को मंजूरी दी गई है। इससे क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
शाला प्रवेश उत्सव में भागीदारी की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि 16 जून से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है और 27 जून तक शाला प्रवेश उत्सव मनाया जा रहा है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से विद्यालयों में जाकर बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की अपील की।
आवास, महतारी वंदन और धान खरीदी का भी जिक्र
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 26 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हो चुके हैं, जिनमें से लगभग 19.70 लाख आवास पूर्ण हो गए हैं। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 18,165 करोड़ रुपए से अधिक राशि महिलाओं के खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। साय ने कहा कि प्रदेश में किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है और कृषक उन्नति योजना के माध्यम से अंतर की राशि का भुगतान भी किया जा रहा है।
आदिवासी क्षेत्रों में योजनाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरियाबंद आदिवासी बहुल जिला है, जहां कमार और भुंजिया जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियां निवास करती हैं। प्रधानमंत्री जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के जरिए इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, आवास और आजीविका के क्षेत्र में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आज शुरू हुए विकास कार्य जिले के सर्वांगीण विकास को नई दिशा देंगे। कार्यक्रम में खाद्य मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री दयालदास बघेल, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी, राजिम विधायक रोहित साहू सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
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Koriya Murder Case: रेत विवाद में भाजपा नेता को जिंदा जलाया, कोरिया में पूर्व जनपद अध्यक्ष की हत्या, एक और युवक की इलाज के दौरान मौत

Koriya Murder Case: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में रेत कारोबार को लेकर चल रहे विवाद ने खूनी रूप ले लिया। सोनहत थाना क्षेत्र में भाजपा के पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह की कथित तौर पर जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि रेत कारोबार से जुड़े लोगों ने उनकी फॉर्च्यूनर कार को हाईवा वाहनों से घेरकर पेट्रोल छिड़का और आग लगा दी। इस सनसनीखेज वारदात में गंभीर रूप से घायल एक अन्य युवक विरेंद्र सिंह की भी इलाज के दौरान मौत हो गई है। इसके साथ ही मामले में मृतकों की संख्या बढ़कर दो हो गई है।
कार में जिंदा जल गए भाजपा नेता
जानकारी के अनुसार, घटना देर रात सोनहत क्षेत्र के नौगई गांव में हुई। पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह अपनी फॉर्च्यूनर कार में सवार थे। आरोप है कि हमलावरों ने कार के आगे और पीछे हाईवा वाहन लगाकर रास्ता रोक दिया। इसके बाद कार पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई। आग लगने से भरत सिंह कार के भीतर ही फंस गए और मौके पर उनकी मौत हो गई।
बाहर निकले तो फरसे और डंडों से हमला
कार में भरत सिंह के साथ उनके भाई नागेंद्र सिंह, मयंक सिंह और रायपुर निवासी विरेंद्र सिंह भी मौजूद थे। तीनों किसी तरह कार से बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन आरोपियों ने उन पर भी हमला कर दिया। हमले में विरेंद्र सिंह के गले पर फरसे से वार किया गया, जबकि अन्य लोगों की बेरहमी से पिटाई की गई।
इलाज के दौरान विरेंद्र सिंह ने तोड़ा दम
गंभीर रूप से घायल विरेंद्र सिंह को अंबिकापुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सरगुजा रेंज के आईजी ने विरेंद्र सिंह की मौत की पुष्टि की है। विरेंद्र रायपुर में एक निजी कंपनी में कार्यरत थे।
तीन अन्य घायल, रायपुर रेफर
हमले में मयंक सिंह के चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। नागेंद्र सिंह के हाथ और चेहरे पर चोटें हैं तथा वे झुलस भी गए हैं। वहीं योगेंद्र सिंह का हाथ टूट गया है और उन्हें अंदरूनी चोटें आई हैं। तीनों घायलों को बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है।
रेत घाट के ठेके को लेकर चल रहा था विवाद
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नौगई रेत घाट का ठेका नागेंद्र सिंह के बेटे ने लिया था। रेत खनन और परिवहन को लेकर उनका भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी के परिवार से लंबे समय से विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि इसी विवाद के चलते देर रात दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ा और मामला हिंसक संघर्ष में बदल गया।
पुलिस जांच में जुटी
घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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Electricity Tariff: छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में संशोधन, 41 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को राहत, किसानों पर नहीं पड़ेगा अतिरिक्त भार

Raipur: छत्तीसगढ़ में वर्ष 2026-27 के लिए बिजली दरों में संशोधन किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने औसतन 6.23 प्रतिशत यानी करीब 42 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि को मंजूरी दी है। हालांकि राज्य सरकार का दावा है कि विभिन्न राहत योजनाओं और सब्सिडी के कारण अधिकांश उपभोक्ताओं पर इसका असर बेहद सीमित रहेगा।
सरकार के अनुसार मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना, बिजली बिल समाधान योजना और पीएम सूर्यघर योजना के चलते प्रदेश के लाखों परिवारों को बिजली दर वृद्धि से राहत मिलेगी।
41 लाख घरेलू उपभोक्ताओं पर असर बेहद कम
प्रदेश में लगभग 51 लाख घरेलू बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें 14.5 लाख बीपीएल परिवारों को हर महीने 30 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जा रही है, जिसका पूरा खर्च राज्य सरकार वहन कर रही है। इसके अलावा 26.5 लाख ऐसे उपभोक्ता हैं जिनकी मासिक खपत 400 यूनिट तक है। इन्हें 200 यूनिट तक बिजली खपत पर 50 प्रतिशत तक की छूट मिल रही है। सरकार के मुताबिक इन दोनों योजनाओं के कारण करीब 41 लाख घरेलू उपभोक्ताओं पर बिजली दर वृद्धि का प्रभाव शून्य से लेकर अधिकतम 3.65 प्रतिशत तक ही रहेगा।
किसानों पर नहीं बढ़ेगा बिजली खर्च
राज्य के 8.65 लाख कृषि उपभोक्ताओं के लिए ऊर्जा प्रभार में 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है, लेकिन इसका अतिरिक्त खर्च राज्य सरकार सब्सिडी के रूप में वहन करेगी। इसके साथ ही कृषि पंपों पर लगने वाला स्थायी प्रभार भी पहले की तरह यथावत रखा गया है। इससे किसानों पर किसी प्रकार का अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
सौर ऊर्जा से हजारों परिवारों का बिल हुआ जीरो
पीएम सूर्यघर योजना के तहत छत्तीसगढ़ में अब तक करीब 66 हजार उपभोक्ता लाभान्वित हो चुके हैं। इनमें से 16 हजार परिवारों का बिजली बिल शून्य हो गया है। वर्तमान में 89 हजार घरों में सोलर प्लांट लगाने का काम जारी है। राज्य सरकार ने आने वाले वर्षों में 5 लाख घरों तक इस योजना का विस्तार करने का लक्ष्य रखा है।
बिजली बिल समाधान योजना से 749 करोड़ की राहत
मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के तहत बीपीएल उपभोक्ताओं को मूल बकाया राशि में 75 प्रतिशत और सरचार्ज में 100 प्रतिशत छूट दी जा रही है। वहीं घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को मूल बकाया राशि में 50 प्रतिशत तथा पूरे सरचार्ज में छूट का लाभ मिल रहा है। शेष राशि को 60 किस्तों में जमा करने की सुविधा भी दी गई है। अब तक 6 लाख बीपीएल, 1.5 लाख घरेलू और 33 हजार कृषि उपभोक्ता इस योजना से जुड़ चुके हैं। करीब 1328 करोड़ रुपए के बकाया बिलों का निपटारा किया गया है, जिसमें उपभोक्ताओं को 749 करोड़ रुपए की राहत मिली है।
उद्योगों और छात्रावासों को भी राहत
राज्य सरकार ने औद्योगिक प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए स्टील उद्योगों को मिलने वाली 25 प्रतिशत लोड फैक्टर छूट को जारी रखा है। वहीं बस्तर और सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में संचालित छात्रावासों को गैर-घरेलू श्रेणी से घरेलू श्रेणी में शामिल कर बिजली खर्च में राहत दी गई है।
कम बिजली खर्च करने पर मिलेगी छूट
10 किलोवाट से अधिक लोड वाले घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को ऑफ-पीक समय यानी सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली उपयोग पर 5 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। वहीं पीक आवर्स में बिजली खपत पर 5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क देना होगा। इससे उपभोक्ताओं को बिजली उपयोग का बेहतर प्रबंधन करने का अवसर मिलेगा।
बिजली व्यवस्था मजबूत करने हजारों करोड़ का निवेश
राज्य सरकार बिजली उत्पादन और वितरण क्षमता बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर निवेश कर रही है। 2×660 मेगावाट क्षमता के सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत संयंत्र का निर्माण शुरू हो चुका है, जिसकी पहली इकाई मार्च 2029 तक चालू होने की संभावना है। इसके अलावा मड़वा में 800 मेगावाट के नए बिजली संयंत्र की योजना पर भी काम चल रहा है। राज्यभर में नए ग्रिड, उपकेंद्र और वितरण नेटवर्क विस्तार की परियोजनाएं भी प्रस्तावित हैं। सरकार का कहना है कि बढ़ती उत्पादन लागत और ऊर्जा अधोसंरचना विस्तार की जरूरतों के बाजूद उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार को न्यूनतम रखने का प्रयास किया गया है।
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Arun Sao Action: बस्तर में धीमे निर्माण कार्यों पर सख्ती, 2 ठेकेदारों का पंजीयन निरस्त, 8 को नोटिस

Raipur: बस्तर में सड़कों और पुलों के निर्माण कार्यों में लगातार हो रही देरी पर उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने सख्त रुख अपनाया है। उनके निर्देश के बाद लोक निर्माण विभाग ने दो ठेकेदारों का पंजीयन निरस्त कर दिया है, जबकि आठ ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा दो अन्य ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई के लिए मुख्य अभियंता से प्रतिवेदन भी मांगा गया है।
हाल ही में चार दिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान उप मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन परियोजनाओं का निरीक्षण और विभागीय समीक्षा बैठकें ली थीं। इस दौरान उन्होंने कई कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
दो ठेकेदारों का पंजीयन दो वर्षों के लिए निरस्त
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता ने चार पुल निर्माण कार्यों में लगातार खराब प्रगति के चलते मेसर्स गुप्ता कंस्ट्रक्शन कंपनी का पंजीयन दो वर्षों के लिए निरस्त कर दिया है।
कंपनी कोंडागांव जिले में भवरडींग नदी पर अदनार-तोतर मार्ग, घोटिया-मुंडा-चांदाबेड़ा मार्ग और पलना-मरीगांव-कुंडई मार्ग पर उच्च स्तरीय पुलों का निर्माण कर रही थी। इसके अलावा कबीरधाम जिले में बांटीपथरा-कुई (दमगढ़) मार्ग पर हॉफ नदी में पुल निर्माण का कार्य भी इसी कंपनी को सौंपा गया था।
वहीं कांकेर जिले में आमाबेड़ा-सेमर गांव मार्ग पर नेरूल नदी और बोड़ागांव-खासगांव-तरादुल मार्ग पर डुमरीकेल नाला में उच्च स्तरीय पुल निर्माण में देरी के कारण ठेकेदार निर्भय राम साहू का पंजीयन भी आगामी दो वर्षों के लिए निरस्त कर दिया गया है।
दो अन्य ठेकेदारों पर कार्रवाई की तैयारी
नारायणपुर-सोनपुर-मरोदा सड़क चौड़ीकरण एवं सुधार कार्य की धीमी प्रगति को लेकर ठेकेदार पंकज हालदार के खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए मुख्य अभियंता से रिपोर्ट मांगी गई है।
इसी तरह सुकमा जिले में पैकपारा-धनीकोड़ता मार्ग और केरलापाल-पटेलपारा-सिरसट्टी सड़क निर्माण में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर ठेकेदार आशीष भदौरिया के मामले में भी मुख्य अभियंता से प्रतिवेदन तलब किया गया है।
8 ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस
लोक निर्माण विभाग ने बस्तर संभाग में कई सड़क परियोजनाओं की धीमी गति को लेकर आठ ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
इनमें कांकेर-अमोड़ा-नरहरपुर मार्ग के ठेकेदार मेसर्स बीएमएस प्रोजेक्ट, कोंडागांव के हडेली-कुदूर मार्ग के ठेकेदार मेसर्स सुराना एंड कंपनी तथा जगदलपुर-चित्रकोट मार्ग के ठेकेदार मेसर्स एसके अरोरा शामिल हैं।
इसके अलावा सुकमा जिले में चिंतलनार-मरियागुड़म सड़क, कोंटा-गोलापल्ली मार्ग और भेज्जी-चिंतागुफा सड़क निर्माण कार्यों से जुड़े ठेकेदारों को भी नोटिस जारी किए गए हैं।
केशलूर रेलवे ओवरब्रिज पर भी नोटिस
राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर केशलूर के पास निर्माणाधीन फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज परियोजना की धीमी प्रगति पर भी विभाग ने 10 जून को ठेकेदार मेसर्स अशोक कुमार मित्तल को नोटिस जारी किया था। विभाग ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित माइलस्टोन के अनुसार प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
‘गुणवत्ता और समय-सीमा सर्वोच्च प्राथमिकता’
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सड़क और पुल निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। निर्धारित समय में परियोजनाएं पूरी नहीं होने से आम लोगों को परेशानी होती है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बस्तर में बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं को समय पर पूरा करना आवश्यक है और काम में लापरवाही या देरी करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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Chhattisgarh: शाला प्रवेश उत्सव को जनआंदोलन बनाने की अपील, CM साय ने जनप्रतिनिधियों को लिखा पत्र

Raipur: मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशभर में 16 जून से 27 जून 2026 तक आयोजित होने वाले “शाला प्रवेश उत्सव” को जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया है। इसके लिए उन्होंने प्रदेश के सभी जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखकर अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति का सबसे मजबूत आधार है। ऐसे में यह सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
हर बच्चे को स्कूल से जोड़ने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में प्रदेश के विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और शिक्षा जगत से जुड़े सभी लोगों को नए शैक्षणिक सत्र की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि शाला प्रवेश उत्सव का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक बालक और बालिका का विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित करना तथा नियमित अध्ययन से जोड़ना है। विशेष रूप से उन बच्चों की पहचान और नामांकन पर ध्यान दिया जाएगा जो अब तक स्कूल से नहीं जुड़े हैं या बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं।
जनप्रतिनिधियों से विद्यालय पहुंचने की अपील
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत अध्यक्षों, महापौरों और नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि वे अपने क्षेत्र के किसी विद्यालय में पहुंचकर इस अभियान में सहभागी बनें। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप मिलेगा और अधिक से अधिक बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकेगा।
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने पत्र में उल्लेख किया है कि राज्य सरकार विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। पीएम श्री विद्यालयों के माध्यम से बेहतर शैक्षणिक वातावरण विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा वर्ष 2026 से प्रदेश में 150 विवेकानंद विद्यालय स्थापित किए जाएंगे, जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए मानक तय करेंगे।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप हो रहा विकास
मुख्यमंत्री ने बताया कि नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शासकीय विद्यालयों को आधुनिक, तकनीक-संपन्न और छात्र-केंद्रित संस्थानों के रूप में विकसित किया जा रहा है। विद्यार्थियों को मध्यान्ह भोजन, नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें, गणवेश तथा बालिकाओं को सरस्वती साइकिल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि आर्थिक कारणों से कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग और व्यापक जनभागीदारी से शाला प्रवेश उत्सव को सफल बनाते हुए प्रदेश के प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा का अधिकार पहुंचाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सकेगा।






















