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CG News: आचार संहिता लागू होने के बाद चैकिंग में 4.5 करोड़ से अधिक कैश समेत लगभग 14 करोड़ की सामग्री जब्त

CG News(Raipur): मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबा साहेब कंगाले ने विधानसभा निर्वाचन 2023 में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रतिबंधात्मक कार्यवाही किए जाने के संबंध में सभी जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए हैं। उक्त जारी निर्देशों के परिपालन में राज्य में विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों के माध्यम से धन और वस्तुओं के अवैध परिवहन तथा संग्रहण पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा निर्वाचन 2023 अंतर्गत प्रदेश में निगरानी दलों की सघन जाँच की कार्रवाई लगातार जारी है। राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू होने से 21 अक्टूबर तक की स्थिति में 14 करोड़ 33 लाख 25 हजार रुपए की अवैध धन राशि तथा वस्तुएं जब्त की गई है, जिसमें 4 करोड़ 56 लाख 78 हजार रुपए की नगद राशि शामिल हैं।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रवर्तन एजेंसियों (इन्फोर्समेंट एजेंसीज) द्वारा निगरानी के दौरान 21 अक्टूबर तक 20 हजार 261 लीटर अवैध शराब जब्त की गई है, जिसकी कीमत 61 लाख 37 हजार 984 रूपए है। साथ ही 2638 किलोग्राम अन्य नशीली वस्तुएं जिसकी कीमत लगभग 2 करोड़ 7 लाख 83 हजार 537 रुपए है भी जब्त किया गया है।
सघन जांच अभियान के दौरान 2 करोड़ 29 लाख 26 हजार रुपए कीमत के 132 किलोग्राम से अधिक कीमती आभूषण तथा रत्न भी तलाशी के दौरान जब्त किया गया है। इसके अतिरिक्त अन्य सामग्रियां जिनकी कीमत 4 करोड़ 77 लाख 98 हजार 361 रुपए है, भी जब्त की गई हैं।
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा निर्देशों के परिपालन में 12495 लाइसेंसी हथियारों में 10524 हथियार जमा किए गए हैं, 3 जब्त किए गए हैं और 12 कैंसल किये गए हैं। आर्म्स एक्ट के अंतर्गत 1354 प्रकरण बनाये गए हैं और इसके अंतर्गत 1411 हथियार जब्त किए गए हैं। 54 लोगों को जिलाबदर किया गया है।
एमवी एक्ट के अंतर्गत 3 लाख 89 हजार 94 प्रकरणों में 19 करोड़ 35 लाख 72 हजार 457 रुपए की कार्रवाई की गई है। प्रतिबंधात्मक कार्यवाही अंतर्गत 1 लाख 43 हजार 736 प्रकरणों में 1 लाख 91 हजार 57 व्यक्तियों पर कार्यवाही की गई है तथा 1 लाख 10 हजार 735 बाउंड ओवर किये गये हैं।
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Raipur: छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के लिए बड़ा कदम, CM विष्णुदेव साय ने लॉन्च किया “ई-श्रम साथी” ऐप

Raipur: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने श्रमिकों के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए “ई-श्रम साथी” मोबाइल एप लॉन्च किया है। मंत्रालय महानदी भवन में श्रम विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान इस डिजिटल पहल की शुरुआत की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और जमीनी स्तर पर उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान श्रम मंत्री लखन देवांगन भी उपस्थित रहे।
“ई-श्रम साथी” ऐप के माध्यम से श्रमिकों को घर बैठे रोजगार के अवसरों और सरकारी योजनाओं की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। इसे छत्तीसगढ़ डिजिटल लेबर चौक के रूप में विकसित किया गया है, जिससे श्रमिकों को तकनीक के जरिए जोड़ने का प्रयास किया गया है।
मुख्यमंत्री ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू चार नई श्रम संहिताओं—मजदूरी संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशाएं संहिता 2020—के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया।
बैठक में श्रम विभाग की संरचना, औद्योगिक सुरक्षा, श्रमायुक्त संगठन और विभिन्न मंडलों के कार्यों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को तकनीक के माध्यम से औचक निरीक्षण बढ़ाने और श्रमिकों के अधिकारों की निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
राज्य में श्रमिक कल्याण के तहत बड़ी संख्या में योजनाएं संचालित हो रही हैं। भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के तहत अब तक 33 लाख से अधिक श्रमिक पंजीकृत हो चुके हैं और 26 योजनाएं चलाई जा रही हैं। वर्ष 2025-26 में 315 करोड़ रुपये का उपकर प्राप्त हुआ है, जबकि अब तक 2,558 करोड़ रुपये विभिन्न योजनाओं में खर्च किए जा चुके हैं।
मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना, नौनिहाल छात्रवृत्ति, आवास सहायता और दीदी ई-रिक्शा जैसी योजनाएं श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। साथ ही डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए ई-केवाईसी के जरिए हितग्राहियों का सत्यापन भी तेज़ किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने “मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केंद्र” जैसी पहलों को और प्रभावी बनाने और श्रमिकों तक योजनाओं की पहुंच बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।
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Chhattisgarh: बस्तर में बदला विकास का चेहरा, अबूझमाड़ में तेजी से निर्माण, गांव-गांव पहुंची बिजली और सुशासन

Bastar: छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सल प्रभाव कम होने के साथ अब विकास कार्यों ने रफ्तार पकड़ ली है। खासकर अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। सड़क, जल निकासी, ओवरहेड टैंक और सिंचाई परियोजनाओं सहित कई अधोसंरचना कार्यों का निर्माण तेजी से जारी है। हाल ही में तकनीकी टीमों ने विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर गुणवत्ता की पुष्टि की और अधिकारियों को आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया।
विकास की इस नई तस्वीर में सबसे बड़ा बदलाव बिजली पहुंचने से देखने को मिला है। ईरपानार गांव, जो दशकों तक अंधेरे में रहा, अब पहली बार बिजली से रोशन हुआ है। यहां 56.11 लाख रुपए की लागत से विद्युतीकरण कार्य पूरा किया गया। अब ग्रामीणों को मोबाइल चार्जिंग, पंखे, रोशनी जैसी बुनियादी सुविधाएं मिल रही हैं, जिससे उनके जीवन स्तर में बड़ा सुधार आया है।

इसी तरह बीजापुर के चिल्कापल्ली और तेमिनार जैसे गांवों में भी हाल के महीनों में बिजली पहुंची है, जो बस्तर में विकास के नए अध्याय की शुरुआत का संकेत है। सरकार की “नियद नेल्ला नार (आपका अच्छा गांव)” योजना के तहत इन दूरस्थ इलाकों में तेजी से सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।
वहीं, प्रशासनिक पहुंच भी अब इन दुर्गम क्षेत्रों तक मजबूत हुई है। नारायणपुर जिले के सुदूर लंका गांव में पहली बार जिला स्तरीय प्रशासनिक शिविर आयोजित किया गया। कठिन पहाड़ी और वन मार्गों को पार कर प्रशासन गांव तक पहुंचा और मौके पर ही लोगों की समस्याओं का समाधान किया।
इस शिविर में “सुशासन एक्सप्रेस” वाहन आकर्षण का केंद्र रहा, जिसके माध्यम से आधार कार्ड, जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र सहित 27 प्रकार के दस्तावेज मौके पर ही बनाए गए। अब तक इस पहल से 17,500 से अधिक आवेदनों का त्वरित निराकरण किया जा चुका है। दो दिवसीय शिविर में 310 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 242 का मौके पर ही समाधान किया गया। इससे ग्रामीणों को बार-बार जिला मुख्यालय जाने की परेशानी से राहत मिली है।

कुल मिलाकर, बस्तर अब भय और पिछड़ेपन की छवि से बाहर निकलकर विकास, विश्वास और संभावनाओं की नई पहचान बना रहा है। सरकार और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से यह क्षेत्र अब सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
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Raipur: छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल का भरपूर स्टॉक, आपूर्ति पूरी तरह सामान्य, अफवाहों से बचने की अपील

Raipur: छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने बताया कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और LPG की उपलब्धता पर्याप्त है और किसी प्रकार की कमी नहीं है।
2500 से ज्यादा पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध ईंधन
राज्य में संचालित 2516 पेट्रोल पंपों और ऑयल कंपनियों के डिपो में पर्याप्त मात्रा में ईंधन मौजूद है। मार्च 2026 में पेट्रोल की आवश्यकता 1.01 लाख किलोलीटर थी, जबकि 1.27 लाख किलोलीटर (126%) आपूर्ति हुई। अप्रैल में 23 तारीख तक 1.60 लाख किलोलीटर पेट्रोल मिल चुका है। डीजल के मामले में मार्च में 1.64 लाख किलोलीटर जरूरत के मुकाबले 3.00 लाख किलोलीटर (183%) सप्लाई हुई। वहीं अप्रैल में अब तक 1.38 लाख किलोलीटर डीजल उपलब्ध हो चुका है। वर्तमान स्थिति के अनुसार पेट्रोल 77,111 किलोलीटर (करीब 22 दिन का स्टॉक) और डीजल 84,295 किलोलीटर (करीब 15 दिन का स्टॉक) की उपलब्धता है।
पश्चिम एशिया तनाव के बीच सरकार अलर्ट, कालाबाजारी पर सख्ती
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव को देखते हुए राज्य सरकार लगातार केंद्र के पेट्रोलियम मंत्रालय के संपर्क में है, ताकि आपूर्ति बाधित न हो। विभाग ने बताया कि जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए जिलों में छापेमारी जारी
राज्य और जिला स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय हैं। हेल्पलाइन नंबर 1800-233-3663 भी चालू है।
औद्योगिक मांग से अस्थायी दबाव
समीक्षा बैठक में सामने आया कि कुछ औद्योगिक उपभोक्ता रिटेल पंपों से डीजल खरीद रहे हैं, जिससे अस्थायी दबाव बन रहा है। कंपनियों को सप्लाई संतुलित रखने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और सामान्य रूप से ईंधन का उपयोग करें।
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Raipur: छत्तीसगढ़ में खाद की कमी नहीं, खरीफ 2026 के लिए 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक आवंटित; कालाबाजारी पर सख्ती के निर्देश

Raipur: छत्तीसगढ़ में खाद की कमी को लेकर उठ रही आशंकाओं के बीच सरकार ने स्थिति साफ कर दी है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि राज्य में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है और पंजीकृत रकबे के अनुसार सभी किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराई जाएगी।
15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य
खरीफ सीजन 2026 के लिए केंद्र सरकार ने राज्य को 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक आवंटित किया है। इसमें यूरिया 7.25 लाख टन. डीएपी 3 लाख टन. एनपीके 2.5 लाख टन, एसएसपी 2 लाख टन, एमओपी 80 हजार टन शामिल है।वर्तमान में राज्य के गोदामों में करीब 7.48 लाख मीट्रिक टन खाद पहले से उपलब्ध है।
कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्ती
कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि उर्वरकों की कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला स्तर पर उड़नदस्ता दल और निगरानी समितियां गठित करने के निर्देश दिए गए हैं।
वैकल्पिक उर्वरकों पर जोर
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण आयात प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके तहत हरी खाद और जैविक खाद, नैनो यूरिया, नील-हरित काई
एनपीके कॉम्बिनेशन (12:32:16, 20:20:0:13) की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है।
एग्रीटेक और ई-वितरण प्रणाली लागू
कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार ने अधिकारियों की बैठक लेकर खरीफ 2026 की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि पीएम किसान पोर्टल से एग्रीटेक पोर्टल पर किसानों का पंजीयन तेजी से पूरा किया जाए
बीज और उर्वरक वितरण के लिए नई ई-वितरण प्रणाली लागू की जाए। बैठक में दलहन-तिलहन फसलों के उत्पादन, सुगंधित धान, ऑयल पाम, मखाना और मसाला फसलों के विस्तार पर भी जोर दिया गया।
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Chhattisgarh: बस्तर पहुंचे सचिन, 50 खेल मैदान विकसित करने की घोषणा, सीएम बोले- उनका आना बदले बस्तर की सशक्त पहचान

Dantewada: क्रिकेट के महानायक सचिन तेंदुलकर बुधवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर दौरे पर पहुंचे। वे परिवार के साथ जगदलपुर एयरपोर्ट पहुंचे, जहां से सीधे दंतेवाड़ा के छिंदनार गांव गए। यहां आदिवासी परंपरा के अनुसार उनका स्वागत सिहाड़ी बीज की माला पहनाकर किया गया।
छिंदनार में उन्होंने आदिवासी बच्चों के साथ समय बिताया और रस्साकशी, वॉलीबॉल, खो-खो जैसी गतिविधियों में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि बस्तर के 50 गांवों में खेल मैदान विकसित किए जाएंगे, जिससे करीब 5 हजार बच्चों को सीधा लाभ मिलेगा।


“बस्तर में हीरे हैं, बस उन्हें सही तरीके से तराशने की जरूरत”
सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन और माणदेशी फाउंडेशन के सहयोग से ‘मैदान कप’ अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत कबड्डी, खो-खो, एथलेटिक्स और वॉलीबॉल जैसे खेलों के जरिए युवाओं को मंच मिलेगा। सचिन ने कहा कि खेलों से अनुशासन, टीम भावना और आत्मविश्वास विकसित होता है, जो जीवन में सफलता के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा – “बस्तर में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, यहां हीरे हैं, बस उन्हें सही तरीके से तराशने की जरूरत है।”
मल्टी-स्पोर्ट्स ग्राउंड का उद्घाटन
छिंदनार के स्वामी आत्मानंद स्कूल में मल्टी-स्पोर्ट्स ग्राउंड का उद्घाटन किया गया। इस दौरान बच्चों ने खेल गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सचिन ने खुद मैदान में उतरकर बच्चों का उत्साह बढ़ाया।


CM साय बोले- बदलते बस्तर की पहचान
मुख्यमंत्री साया ने सचिन के दौरे को ऐतिहासिक बताते हुए कहा- “यह नए बस्तर की तस्वीर है, जो अब भय से निकलकर विकास और अवसर की ओर बढ़ रहा है।” उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं को नई दिशा देगी और खेलों के जरिए सकारात्मक बदलाव लाएगी।
खेलों से बदलेगा बस्तर का भविष्य
सीएम साय ने कहा कि राज्य सरकार खेल और युवा विकास को प्राथमिकता दे रही है। सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन का यह अभियान जनजातीय क्षेत्रों में खेल अधोसंरचना को मजबूत करेगा और बच्चों के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाएगा।
बच्चों को दिया सफलता का मंत्र
सचिन ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा- कड़ी मेहनत और अनुशासन सफलता की कुंजी है। शॉर्टकट से बचें
खेल और पढ़ाई में संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

















