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CG Cabinet: सरकारी कर्मचारियों का डीए 5% बढ़ा, पूर्ण पेंशन की पात्रता अविधि घटाई

CG Cabinet(Raipur): मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में राज्य शासन के कर्मचारियों को बड़ी सौगात देते हुए मंहगाई भत्ते (डीए) में 5 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इससे राज्य सरकार को प्रति वर्ष एक हजार करोड़ रूपए का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। शासकीय कर्मचारियों को एक और सौगात देते हुए राज्य सरकार द्वारा पूर्ण पेंशन की पात्रता अवधि को 33 वर्ष से घटाकर 30 वर्ष कर दिया है साथ ही स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति हेतु अर्हतादायी सेवा की अवधि को 20 वर्ष से घटाकर 17 वर्ष कर दिया गया है।
कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
1.प्रथम अनुपूरक अनुमान वर्ष 2023-2024 के उपस्थापना हेतु छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक-2023 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
2.ग्राम बिरनपुर, तहसील-साजा, जिला बेमेतरा में दिनांक 08/04/2023 को घटित घटना में मृतक श्री साहू के परिवार के सदस्य को शासकीय सेवा में नियुक्ति दिये जाने का निर्णय लिया गया।
3.बस्तर और सरगुजा संभाग में शिक्षकों के रिक्त 3722 एवं सहायक शिक्षकों के 5577 पद भरने के लिए भर्ती नियम को शिथिल करते हुए स्वीकृत सेटअप में विषयवार पदों की भर्ती की बाध्यता को हटाए जाने का निर्णय लिया गया।
4.वन विभाग में विभागीय सेटअप स्वीकृति दिनांक 26 मार्च 2003 के बाद से नियुक्त किए गए समस्त वन रक्षकों का वेतनमान 3050-4590 मान्य किए जाने का निर्णय लिया गया।
5.खनिज साधन विभाग में मानचित्रकार, अनुरेखक एवं खनि सिपाही के पद पर नियुक्ति हेतु जारी चयन सूची की 1 वर्ष तक प्रभावशील रहने की वैधता अवधि को शिथिल करने का निर्णय लिया गया।
6.खाद्य निरीक्षकों की भर्ती 2022 हेतु मेरिट सूची की वैधता अवधि में 6 माह की वृद्धि किये जाने का निर्णय लिया गया।
7.राज्य शासन द्वारा आम लोगों को सस्ते दरों पर आवास उपलब्ध कराने बाजार मूल्य गाइडलाइन दरों को 30 प्रतिशत घटाया गया है। जिसकी प्रभावशीलता 31 मार्च 2023 तक थी। इस छूट को 31 मार्च 2024 तक बढ़ाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
8. नगरीय क्षेत्रों में शासकीय भूमि का आबंटन, अतिक्रमित भूमि का व्यवस्थापन तथा गैर रियायती एवं रियायती स्थायी पट्टों को भूमिस्वामी अधिकार में परिवर्तित करते समय देय राशि के आधार पर स्टाम्प शुल्क, पंजीयन शुल्क तथा नगरीय निकाय शुल्क में छूट देने का निर्णय लिया गया।
9.मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की बेमेतरा जिले की ग्राम पंचायत संबलपुर, महासमुंद जिले की ग्राम पंचायत भंवरपुर तथा राजनांदगांव जिले की ग्राम पंचायत लाल बहादुर नगर को नगर पंचायत बनाए जाने की घोषणा के परिपालन में आबादी के निर्धारित मापदण्ड में छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
10.राज्य प्रशासनिक सेवा संवर्ग के डिप्टी कलेक्टर, कनिष्ठ श्रेणी वेतनमान से संयुक्त कलेक्टर वरिष्ठ श्रेणी वेतनमान में वर्ष 2017 बैच तथा विचारक्षेत्र में आने वाले लगभग 18 राज्य प्रशासनिक सेवा के कनिष्ठ श्रेणी के अधिकारियों को पूर्व की भांति रिक्त वरिष्ठ पदो ंके विरूद्ध वरिष्ठ श्रेणी वेतनमान दिए जाने का निर्णय लिया गया।
11.राज्य प्रशासनिक सेवा संवर्ग के संयुक्त कलेक्टर वरिष्ठ श्रेणी वेतनमान से अपर कलेक्टर, प्रवर श्रेणी वेतनमान में पदोन्नत क्रमोन्नत हेतु 10 वर्ष सेवा अवधि में 6 माह की छूट देते हुए वर्ष 2014 बैच के पात्र अधिकारियों को वरिष्ठ श्रेणी वेतनमान से प्रवर श्रेणी वेतनमान में क्रमोन्नति प्रदान किए जाने का निर्णय लिया गया।
12.छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा (वर्गीकरण भर्ती तथा सेवा की शर्तें) नियम, 2023 का अनुमोदन किया गया।
13. छत्तीसगढ़ राज्य में महिलाओं के सशक्तिकरण और उनकी आर्थिक स्थिति में उन्नयन हेतु औद्योगिक नीति 2019-24 में संशोधन करते हुए इसमें महिला उद्यमिता नीति 2023 को समावेशित करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
14. राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत अन्त्योदय एवं प्राथमिकता वाले राशनकार्डधारियों को शक्कर वितरण हेतु अप्रैल 2023 से मार्च 2024 तक आवश्यक शक्कर की मात्रा राज्य के सहकारी शक्कर कारखानों से क्रय करने का निर्णय लिया गया। शक्कर का क्रय मूल्य 33,000 रूपए प्रति टन निर्धारित किया गया।
15. टाटा टेक्नालाजीस लिमिटेड के साथ पार्टनरशिप में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था उन्नयन योजना के क्रियान्वयन के संबंध में हुए एम.ओ.यू. की शर्तों के संबंध में निर्णय लिया गया।
16.भारत सरकार रक्षा मंत्रालय के सैन्य छावनी की स्थापना के लिए ग्राम चकरभाटा, बिलासपुर में कुल रकबा 1012.48 एकड़ भूमि को समर्पित कर भुगतान की गई मुआवजा राशि को वापस करने का निर्णय लिया गया।
17. “राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के क्रियान्वयन हेतु दिशा-निर्देश में संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
18.केन्द्रीय मोटर यान (24वां संशोधन) नियम, 2021 अंतर्गत “51क“ मोटर वाहन कर में रियायत लागू करते हुये छत्तीसगढ़ मोटरयान कराधान अधिनियम, 1991 में चतुर्थ अनुसूची जोडने एवं पुराने वाहनों के स्क्रैपिंग के संबंध में निर्णय लिया गया।
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Chhattisgarh: RTE एडमिशन 2026, 14,403 छात्रों का ऑनलाइन लॉटरी से चयन, रायपुर में सबसे ज्यादा सीटें

Raipur: छत्तीसगढ़ में आर.टी.ई. (Right to Education) के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए चयन सूची जारी कर दी गई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने 15 अप्रैल 2026 को मंत्रालय महानदी भवन से ऑनलाइन लॉटरी के जरिए यह सूची जारी की। इस प्रक्रिया में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और शिक्षा मंत्री की उपस्थिति में चयन प्रक्रिया पूरी की गई।
14 हजार से ज्यादा छात्रों का चयन
इस साल कुल 21,975 सीटों के लिए 38,439 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 27,203 आवेदन पात्र पाए गए, जबकि 11,236 आवेदन अपात्र घोषित किए गए। पात्र आवेदनों में से 14,403 विद्यार्थियों का चयन ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से किया गया।
जिलेवार स्थिति
सबसे ज्यादा चयन रायपुर में 2606 छात्रों का हुआ। इसके बाद बिलासपुर (1509), दुर्ग (1059), बलरामपुर (798), मुंगेली (702) और रायगढ़ (544) प्रमुख रहे। वहीं सुकमा (9) और बीजापुर (14) में सबसे कम चयन हुआ।
क्यों खाली रह गईं कुछ सीटें?
सरकार के अनुसार कई निजी स्कूलों को छात्रों ने प्राथमिकता नहीं दी, जिसके कारण वहां सीटें खाली रह गईं। कई मामलों में छात्रों को उनकी पहली पसंद के स्कूल में प्रवेश मिल जाने से अन्य विकल्पों की सीटें रिक्त रह गईं।
आगे क्या होगा?
सरकार ने बताया कि बची हुई सीटों को भरने के लिए आगे की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। मुख्यमंत्री डीएवी स्कूलों के लिए अलग से ऑफलाइन लॉटरी होगी, जिसकी जानकारी RTE पोर्टल पर अपडेट की जाएगी। पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संचालित किया गया है, ताकि पात्र छात्रों को निष्पक्ष तरीके से प्रवेश मिल सके।
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CG Cabinet: छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले, UCC पर कमेटी, महिलाओं को जमीन रजिस्ट्रेशन में 50% छूट

Raipur: छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इसमें कैबिनेट ने राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड (Uniform Civil Code) लागू करने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। यह समिति नागरिकों और विशेषज्ञों से सुझाव लेकर ड्राफ्ट तैयार करेगी।
महिलाओं को बड़ी राहत
मंत्रिपरिषद ने महिलाओं के नाम पर होने वाले भूमि रजिस्ट्रेशन शुल्क में 50% की छूट देने का फैसला लिया। इससे महिलाओं को संपत्ति खरीदने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा, हालांकि सरकार को करीब 153 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान होगा।
सैनिकों को भी राहत
सेवारत, भूतपूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को राज्य में 25 लाख रुपए तक की संपत्ति खरीदने पर स्टाम्प शुल्क में 25% छूट दी जाएगी।
उद्योग और निवेश को बढ़ावा
औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम 2015 में संशोधन कर PPP मॉडल को बढ़ावा, NBFC को शामिल करने और भूमि आवंटन प्रक्रिया को आसान बनाने का फैसला लिया गया है। इससे Ease of Doing Business को मजबूती मिलेगी।
रेत और खनन नियमों में बदलाव
रेत खदानों को अब सरकारी उपक्रमों जैसे छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन को आरक्षित किया जा सकेगा। अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई के तहत 25 हजार से 5 लाख रुपए तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
पशुपालन और रोजगार पर फोकस
दुधारू पशु योजना में अब सभी वर्गों को लाभ मिलेगा। साथ ही पशुओं के टीकाकरण के लिए National Dairy Development Board की सहायक कंपनी से वैक्सीन खरीदी जाएगी।
MP से 10,536 करोड़ की वापसी पर सहमति
मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ के बीच पेंशन दायित्व को लेकर बड़ा फैसला हुआ है। छत्तीसगढ़ को 10,536 करोड़ रुपए की अतिरिक्त भुगतान राशि वापस मिलेगी, जिसमें से 2000 करोड़ मिल चुके हैं, बाकी राशि 6 किस्तों में दी जाएगी।कैबिनेट में खरीफ सीजन के लिए उर्वरक और LPG गैस की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई।
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Sakti vedanta plant accident: मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख, घायलों को 50-50 हजार की मदद

Sakti vedanta plant accident: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए हादसे पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने इस घटना को बेहद दुःखद बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने ऐलान किया कि हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। वहीं, घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी, ताकि उन्हें तत्काल राहत मिल सके।
सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी घायलों का समुचित और निःशुल्क इलाज सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बिलासपुर संभाग के कमिश्नर को जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हादसे के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और राहत एवं पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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Chhattisgarh: बस्तर में विकास की गूंज, सुकमा में ₹308 करोड़ के प्रोजेक्ट्स के साथ ‘अटल आरोग्य लैब’ की शुरुआत

Sukma: नक्सलवाद से उबरते बस्तर में अब विकास और स्वास्थ्य दोनों मोर्चों पर बड़ी पहल देखने को मिली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुकमा जिले को ₹308 करोड़ से अधिक के 228 विकास कार्यों की सौगात देने के साथ ही ‘अटल आरोग्य लैब’ का राज्यस्तरीय शुभारंभ भी किया। मिनी स्टेडियम सुकमा में आयोजित कार्यक्रम में 159 कार्यों का शिलान्यास और 69 का लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में अब शांति के साथ विकास की नई कहानी लिखी जा रही है।
अब स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ी क्रांति
सुकमा जिला अस्पताल में शुरू हुई ‘अटल आरोग्य लैब’ के जरिए प्रदेश के 1046 स्वास्थ्य संस्थानों में मुफ्त जांच सुविधा मिलेगी। इस डिजिटल सिस्टम से मरीजों को 133 तरह की जांचें निःशुल्क उपलब्ध होंगी। जांच रिपोर्ट SMS और व्हाट्सऐप के जरिए सीधे मरीजों तक पहुंचेगी, जिससे बार-बार अस्पताल आने की जरूरत नहीं होगी और इलाज में तेजी आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल खासतौर पर बस्तर जैसे दूरस्थ इलाकों के लोगों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने में मील का पत्थर साबित होगी।
स्वास्थ्य + विकास = नया बस्तर मॉडल
“मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” के तहत 7 जिलों में 1100 टीमें घर-घर स्वास्थ्य जांच करेंगी। अब तक 28 पंचायतें टीबी मुक्त हो चुकी हैं और 7 पंचायतों को प्रमाण पत्र भी दिए गए। कार्यक्रम में मरीजों को फूड बास्केट, चश्मे और दवाइयां वितरित की गईं। साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों को गुणवत्ता सुधार के लिए एनक्वास सर्टिफिकेट दिया गया।
आजीविका और सशक्तिकरण पर फोकस
स्व-सहायता समूह की महिलाओं को “लखपति दीदी से करोड़पति दीदी” बनने का लक्ष्य दिया गया। दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग, व्हीलचेयर और ट्राइसिकल वितरित किए गए। वनाधिकार पत्रों के जरिए आदिवासी परिवारों को अधिकार दिए गए और ई-रिक्शा देकर स्वरोजगार को बढ़ावा मिला।
नियद नेल्लानार 2.0 का ऐलान
सरकार ने ‘नियद नेल्लानार 2.0’ योजना का विस्तार करते हुए 10 जिलों को शामिल करने का ऐलान किया। इसके तहत सड़क, पुल, बस स्टैंड और सामुदायिक भवन जैसे विकास कार्य होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर के हर गांव तक विकास और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचे।
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Census 2027: छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 की शुरुआत, 1 मई से घर-घर सर्वे, अब डिजिटल होगी पूरी प्रक्रिया

Census 2027: छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 का पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा। इस दौरान ‘हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस’ के तहत हर घर, परिवार और बुनियादी सुविधाओं का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इसके लिए सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे। इस बार जनगणना प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है।
16 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच लोग ऑनलाइन पोर्टल के जरिए खुद भी अपने घर और परिवार की जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इसे सेल्फ-एन्यूमरेशन कहा जा रहा है। ऑनलाइन जानकारी भरने पर एक यूनिक आईडी मिलेगी, जिसे बाद में सर्वे करने आने वाले कर्मचारियों को दिखाना होगा।
33 सवालों में घर-परिवार की पूरी जानकारी
इस चरण में मकान की स्थिति, उसका उपयोग (रहवासी या व्यवसायिक), निर्माण की गुणवत्ता (कच्चा या पक्का), परिवारों की संख्या और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े 33 सवाल पूछे जाएंगे। इसके अलावा पेयजल, शौचालय, बिजली, कुकिंग फ्यूल, इंटरनेट, टीवी-रेडियो जैसी सुविधाओं की भी जानकारी ली जाएगी। घर में रहने वाले लोगों की संख्या और उपयोग में आने वाले वाहनों का भी रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।
हर घर बनेगा ‘डिजिटल डॉट’, मिलेंगे 5 बड़े फायदे
इस बार हर मकान की जियो-टैगिंग की जाएगी और उसे डिजिटल मैप पर दर्ज किया जाएगा। इससे आपदा के समय राहत और बचाव कार्य तेजी से होंगे। विधानसभा और लोकसभा परिसीमन के लिए सटीक डेटा मिलेगा। शहरों में सड़क, स्कूल, अस्पताल और पार्क की बेहतर प्लानिंग हो सकेगी। पलायन और शहरीकरण की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। मतदाता सूची में डुप्लीकेट नाम हटाने में मदद मिलेगी।
जानकारी रहेगी पूरी तरह गोपनीय
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान जुटाई गई सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इसका उपयोग केवल योजनाओं और नीतिगत फैसलों के लिए किया जाएगा।
कंट्रोल रूम से होगी निगरानी
जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे, जहां से पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जाएगी। साथ ही, लोगों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन भी उपलब्ध रहेगी। प्रशासन ने अपील की है कि लोग केवल अधिकृत पहचान पत्र वाले कर्मचारियों को ही जानकारी दें और सही जानकारी साझा करें।

















