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CG Cabinet: मु्ख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक, पंचायत और नगरीय निकाय में अब OBC को 50% आरक्षण

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट में खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ को समर्थन मूल्य पर धान खरीदी हेतु स्वीकृत शासकीय प्रत्याभूति राशि (14 हजार 700 करोड़ रूपए) की वैधता अवधि को एक वर्ष बढ़ाते हुए 31 अक्टूबर 2025 तक पुनवैधिकरण करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा मंत्रिपरिषद की बैठक में शिक्षक (पंचायत) संवर्ग के 97 शिक्षकों का स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन किये जाने का अनुमोदन किया गया। शेष शिक्षक (पंचायत) के प्रकरणों पर पंचायत विभाग से पात्रता की अनुशंसा प्राप्त होने पर संविलियन करने हेतु स्कूल शिक्षा विभाग को अधिकृत किया गया। स्कूल शिक्षा विभाग के प्राचार्याें को वर्ष 2007 से वर्ष 2019 तक प्रथम मतांकन के आधार पर प्रथम व द्वितीय समयमान वेतनमान स्वीकृत करने के लिए मात्र एक बार की छूट देने का निर्णय भी कैबिनेट में लिया गया।
कैबिनेट में त्रि-स्तरीय पंचायत एवं नगरीय निकाय के चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के प्रथम प्रतिवेदन एवं अनुशंसा अनुसार आरक्षण प्रदान किए जाने का निर्णय लिया गया। इसके तहत स्थानीय निकायों में आरक्षण को एकमुश्त सीमा 25 प्रतिशत को शिथिल कर अन्य पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या के अनुपात में 50 प्रतिशत आरक्षण की अधिकतम सीमा तक आरक्षण प्रदान किया जाएगा। ऐसे निकाय जहां पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति का आरक्षण कुल मिलाकर 50 प्रतिशत या उससे अधिक है, वहां अन्य पिछड़ा वर्ग का आरक्षण उस निकाय में शून्य होगा।
इसी तरह यदि अनुसूचित जाति, जनजाति का आरक्षण निकाय में 50 प्रतिशत से कम है, तो उस निकाय में अधिकतम 50 प्रतिशत की सीमा तक अन्य पिछड़ा वर्ग का आरक्षण होगा, परंतु यह आरक्षण उस निकाय की अन्य पिछड़ा वर्ग के आबादी से अधिक नहीं होगा। निकाय के जिन पदों के आरक्षण राज्य स्तर से तय होते हैं जैसे जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर निगम महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष इत्यादि, उन पदों के लिए ऐसे निकायों की कुल जनसंख्या के आधार पर उपरोक्त सिद्धांत का पालन करते हुए आरक्षित पदों की संख्या तय की जाएगी।
कैबिनेट में लिए गए अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
- मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के प्रारूप एवं प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। यह नई औद्योगिक विकास नीति 01 नवम्बर 2024 से प्रारंभ होकर 31 मार्च 2030 तक प्रभावशील रहेगी। इस नीति में अमृतकाल छत्तीसगढ़ विजन@2047 की परिकल्पना को साकार करने के लिए प्रावधान किए गए हैं, इस नीति से प्रदेश में औद्योगिक विकास के नये आयाम स्थापित होंगे।
- नई औद्योगिक विकास नीति में कोर सेक्टर के उत्पादों जैसे स्टील, सीमेंट, ताप विद्युत एवं एल्यूमिनियम के लिए पृथक प्रावधान तथा राज्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर थ्रस्ट एवं सामान्य उद्योगों में विभाजित किया गया है। फार्मास्युटिकल, टेक्सटाईल, फूडप्रोसेसिंग, कृषि उत्पाद संरक्षण, एनटीएफपी प्रसंस्करण इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, आईटी एवं आईटीईएस आदि के लिए आकर्षक औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
- नवा रायपुर अटल नगर में निवेश, रोजगार एवं बसाहट को प्रोत्साहन देने हेतु सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग, स्वास्थ्य सेवाएं, शैक्षणिक संस्थान, इलेक्ट्रानिक्स एवं इलेक्ट्रिकल उद्योगों के विकास हेतु रियायती प्रीमियम दर पर भूखण्ड आबंटन कीे व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया।
- नवा रायपुर परियोजना हेतु आपसी करार द्वारा निजी भूमि क्रय करने पर नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को 31 मार्च 2026 तक मुद्रांक शुल्क में छूट दिए जाने का निर्णय लिया गया।
- मंत्रिपरिषद ने घोषणा पत्र के अनुरूप राज्य में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना प्रारंभ करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इस योजना के तहत राज्य के 60 वर्ष या अधिक आयु के व्यक्ति, दिव्यांगजन, विधवा, परित्यक महिलाओं को उनके जीवनकाल में एक बार प्रदेश के बाहर स्थित चिंहिंत तीर्थ स्थानों में से एक या एक से अधिक स्थानों की निःशुल्क यात्रा कराई जाएगी। इसके लिए 2024-25 के प्रथम अनुपूरक में 25 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है।
- यहां यह उल्लेखनीय है कि वर्ष 2012 में मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना शुरू की गई थी। इस योजना के तहत वर्ष 2019 तक 2 लाख 47 हजार हितग्राहियों को 272 यात्राओं के माध्यम से तीर्थ यात्रा कराई गई है। वर्ष 2019 में इस योजना का नाम बदलकर तीरथ बरत योजना कर दिया गया था, परंतु वर्ष 2019 से वर्ष 2023 तक इस योजना के तहत तीर्थ यात्राएं नहीं हुईं। मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के नाम से इसे पुनः शुरू करने का निर्णय लिया है।
- मंत्रिपरिषद की बैठक में जनहित को देखते हुए अचल सम्पत्ति के अंतरण संबंधी दस्तावेजों के रजिस्ट्रीकरण फीस के युक्तियुक्तकरण का निर्णय लिया गया है। बैठक में रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 (1908 का 16) से संबंधित रजिस्ट्रीकरण शुल्क सारणी में पुनरीक्षण संबंधित प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
- मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ के तकनीकी शिक्षा विभाग में भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने का निर्णय लिया है। इससे छात्र-छात्राओं को समग्र एवं लचीले शिक्षा प्रणाली के साथ ही गुणवत्तायुक्त शिक्षण की सुविधा मिलेगी। शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए अधिक संसाधन और सहयोग प्राप्त होंगे। उद्योगों को अधिक कुशल कार्य बल मिलेगा।
- ग्राम नियानार, जगदलपुर जिला बस्तर में एन.एम.डी.सी. के अधिकारियों/कर्मचारियों हेतु आवासीय परिसर के निर्माण हेतु छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल को आबंटित 118 एकड़ शासकीय भूमि, मण्डल द्वारा सी.एस.आई.डी.सी. को रजिस्ट्री के माध्यम से विक्रय की अनुमति प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
- छत्तीसगढ़ नगर पालिक अधिनियम 1956 (संशोधन) अध्यादेश-2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
- छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 (संशोधन) अध्यादेश-2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
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Chhattisgarh: प्रदेश में में खाद की कमी नहीं, खरीफ सीजन से पहले 9.29 लाख मीट्रिक टन उर्वरक स्टॉक, सरकार अलर्ट मोड पर

Raipur: खरीफ सीजन 2026 से पहले छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए व्यापक तैयारी की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, मार्कफेड और जिला प्रशासन प्रदेशभर में उर्वरकों के भंडारण और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखे हुए हैं।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में फिलहाल खाद की कोई कमी नहीं है। वर्तमान में गोदामों और सहकारी समितियों में 9.29 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का स्टॉक उपलब्ध है। वहीं केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को खरीफ सीजन 2026 के लिए 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक आवंटित किया है।
केंद्र से मिला 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य
राज्य को आवंटित उर्वरकों में शामिल हैं:
- यूरिया : 7.25 लाख मीट्रिक टन
- डीएपी : 3 लाख मीट्रिक टन
- एनपीके : 2.50 लाख मीट्रिक टन
- एसएसपी : 2 लाख मीट्रिक टन
- एमओपी : 80 हजार मीट्रिक टन
कृषि विभाग के अनुसार 1 जून की स्थिति में रायपुर, महासमुंद, रायगढ़ और बालोद के रेक पॉइंट्स पर 6600 मीट्रिक टन अतिरिक्त यूरिया की खेप पहुंच रही है।
जिलों में पर्याप्त खाद उपलब्ध
कृषि विभाग के मुताबिक गरियाबंद में 17,818 मीट्रिक टन, बस्तर में 29,719 मीट्रिक टन, रायपुर में 9,102 मीट्रिक टन यूरिया, राजनांदगांव में 42,997 मीट्रिक टन तथा बिलासपुर में 41,560 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है। धमतरी जिले में 15,040 मीट्रिक टन और कोरिया जिले में भी पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया गया है। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को लगातार खाद वितरण किया जा रहा है।
जमीन के रकबे के अनुसार मिलेगा यूरिया
किसानों को सुगम वितरण सुनिश्चित करने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। 2.5 एकड़ तक भूमि वाले किसानों को एकमुश्त यूरिया, 2.5 से 5 एकड़ तक वाले किसानों को दो किश्तों में और 5 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को तीन किश्तों में खाद उपलब्ध कराया जाएगा।
नैनो डीएपी और नैनो यूरिया पर जोर
राज्य सरकार किसानों को संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन के लिए नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के उपयोग के प्रति भी जागरूक कर रही है। कृषि वैज्ञानिक और विभागीय अधिकारी किसानों को इनके लाभों की जानकारी दे रहे हैं। हालांकि कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि नैनो उर्वरकों का उपयोग पूरी तरह स्वैच्छिक है और किसानों की सहमति के आधार पर ही उपलब्ध कराया जा रहा है।
कालाबाजारी और गड़बड़ी पर सख्ती
कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोरिया जिले की जिल्दा सहकारी समिति में उर्वरक वितरण में अनियमितता मिलने पर संबंधित समिति प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को खाद, बीज और अन्य कृषि आदानों की उपलब्धता में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए उर्वरकों के भंडारण, परिवहन और वितरण की नियमित समीक्षा की जा रही है।
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Sushasan Tihar 2026: अबूझमाड़ के गारपा पहुंचे CM विष्णुदेव साय, जन चौपाल में ग्रामीणों से सीधा संवाद, PHC-सड़क और थाना समेत कई बड़ी सौगातें

Narayanpur: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को सुशासन तिहार के तहत नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखंड स्थित अबूझमाड़ अंचल के ग्राम गारपा पहुंचकर जन चौपाल में ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। लंबे समय तक नक्सल हिंसा और विकास की कमी से जूझते रहे इस इलाके में मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा और सुरक्षा से जुड़े कई बड़े विकास कार्यों की घोषणा की।
मुख्यमंत्री के गारपा पहुंचने पर ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ स्वागत किया। जन चौपाल में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, योजनाओं की जमीनी स्थिति जानी और कहा कि राज्य सरकार अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
‘अबूझमाड़ में विकास की नई गाथा लिखी जा रही’
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अबूझमाड़ और बस्तर क्षेत्र लंबे समय तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे, जिससे विकास कार्य बाधित हुए। लेकिन अब हालात बदल रहे हैं और क्षेत्र में सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और संचार सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।
महिलाओं ने बताई महतारी वंदन योजना की कहानी
मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं से भी बातचीत की। महिलाओं ने बताया कि योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग घरेलू जरूरतों के साथ बेटियों के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि खाते में जमा करने में किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इसे महिला सशक्तिकरण की सकारात्मक पहल बताया।
ग्रामीणों को मिलीं कई बड़ी सौगातें
जन चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने गारपा और आसपास के क्षेत्रों के लिए कई विकास कार्यों की घोषणा की। इनमें-
- गारपा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) की स्थापना
- गारपा में पुलिस थाना खोलने की घोषणा
- तुमेराड़ी में दो पुलियों का निर्माण
- गारपा में 1 किलोमीटर आंतरिक सीसी सड़क
- आंगनबाड़ी केंद्र गारपा में बाउंड्रीवाल निर्माण
- उप स्वास्थ्य केंद्र से राजकुमार के खेत तक 1 किमी सड़क
- मसपुर में मुख्य मार्ग से गुडरापारा तक 1 किमी सड़क
- आश्रम शाला गारपा में बाउंड्रीवाल निर्माण
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि क्षेत्र के विकास के लिए धन और संसाधनों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
राशन के लिए 40 किमी जाना पड़ता था
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को बताया कि पहले राशन लेने के लिए करीब 40 किलोमीटर दूर जाना पड़ता था, जिसमें कई दिन लग जाते थे। अब गांवों के आसपास सुविधाएं पहुंचने से लोगों को राहत मिल रही है। मुख्यमंत्री ने मनरेगा, राशन कार्ड और अन्य योजनाओं की स्थिति की भी जानकारी ली। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास पहुंचाने का ऐतिहासिक काम किया जा रहा है।
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Raipur: जनता से अशिष्ट व्यवहार पर CM साय का एक्शन, दुर्ग जनपद CEO सस्पेंड, बोले-सुशासन में जवाबदेही सर्वोपरि

Durg: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जनता से अशिष्ट व्यवहार और कर्तव्य में लापरवाही के मामले में जीरो टॉलरेंस का संदेश देते हुए दुर्ग जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) रूपेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित करा दिया। सुशासन तिहार के दौरान जनसमस्या निवारण शिविर में आम लोगों से कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए दुर्ग संभागायुक्त को कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद दुर्ग संभागायुक्त ने रूपेश कुमार पाण्डेय के निलंबन का आदेश जारी कर दिया। आदेश में कहा गया है कि ग्राम थनौद में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान सामने आए वीडियो क्लिप और कलेक्टर दुर्ग से प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि अधिकारी ने कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही और आम नागरिकों से अशिष्ट व्यवहार किया।
आयुक्त द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, यह आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के विपरीत माना गया है। इस मामले में पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन अधिकारी का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। निलंबन अवधि के दौरान रूपेश कुमार पाण्डेय को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री साय ने साफ संदेश दिया कि सुशासन में जवाबदेही सर्वोपरि है और जनता से अशिष्ट व्यवहार किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोकसेवकों का व्यवहार शिष्ट, संवेदनशील और जवाबदेह होना चाहिए।
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Sushasan Tihar: दुर्ग को 739 करोड़ की विकास सौगात, CM विष्णुदेव साय बोले- जनता के बीच जाकर सरकार दे रही रिपोर्ट कार्ड

Durg: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के तहत दुर्ग जिले को 739.38 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने दुर्ग में आयोजित समाधान शिविर में 251 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, नगरीय अधोसंरचना और प्रशासनिक सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार जनता के बीच जाकर अपने काम का रिपोर्ट कार्ड भी दे रही है। उन्होंने कहा कि 1 मई से शुरू हुआ सुशासन तिहार 10 जून तक प्रदेश के सभी 33 जिलों में चल रहा है, जहां समाधान शिविरों के जरिए समस्याओं का त्वरित निराकरण और योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।
251 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन
मुख्यमंत्री ने 362.46 करोड़ रुपए की लागत के 98 विकास कार्यों का लोकार्पण और 376.92 करोड़ रुपए के 153 नए विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं दुर्ग जिले में नागरिक सुविधाओं और विकास को नई दिशा देंगी।
दुर्ग में बनेगा संयुक्त जिला कार्यालय भवन
CM साय ने दुर्ग में सर्वसुविधायुक्त संयुक्त जिला कार्यालय भवन निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बेहतर प्रशासनिक अधोसंरचना से नागरिक सेवाएं अधिक पारदर्शी, सरल और प्रभावी होंगी।
PM आवास, महतारी वंदन और युवाओं पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 18 लाख गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं और सभी मंजूरियां जारी हो चुकी हैं। वहीं महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं के खातों में हर महीने 1000 रुपए भेजे जा रहे हैं। उन्होंने दुर्ग में आईटी पार्क, नालंदा परिसर, छात्रावास और मल्टीलेवल पार्किंग जैसी परियोजनाओं को युवाओं और शहर विकास के लिए अहम बताया।
समाधान शिविर में मिला योजनाओं का लाभ
शिविर में युवाओं को ड्राइविंग लाइसेंस, मत्स्यपालकों को जाल, आयुष्मान कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, महिला समूहों को सहायता, छात्रवृत्ति और आवास स्वीकृति सहित कई योजनाओं का लाभ दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
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Chhattisgarh: PM आवास योजना- ग्रामीण को नई रफ्तार, जिलों को 2677 करोड़ जारी, ढाई साल में 10.60 लाख घर बने

Raipur: छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण को नई गति देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत आवास निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए राज्य के सभी जिलों को 2677.15 करोड़ रुपए की केंद्रीय और राज्यांश राशि जारी की गई है। यह राशि SNA SPARSH मॉड्यूल के जरिए जिलों को आवंटित की गई है, ताकि पात्र हितग्राहियों के पक्के घर समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरे किए जा सकें।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में “हर गरीब को पक्का घर” का संकल्प छत्तीसगढ़ में तेजी से साकार हो रहा है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित न रहे।
हर दिन बन रहे 1600 से ज्यादा पक्के मकान
मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश में प्रतिदिन 1600 से अधिक पक्के आवासों का निर्माण किया जा रहा है। पिछले ढाई वर्षों में 10.60 लाख से अधिक आवास पूरे किए जा चुके हैं। वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 में ही 6 लाख से अधिक आवास बनाकर छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल रहा है। उन्होंने कहा कि पक्का घर केवल चार दीवारें नहीं, बल्कि परिवार की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव है।
10 हजार से ज्यादा महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’
योजना के क्रियान्वयन में महिला स्व-सहायता समूहों की भूमिका भी अहम रही है। भवन निर्माण सामग्री की आपूर्ति से जुड़कर हजारों महिलाएं आजीविका कमा रही हैं। सरकार के मुताबिक 10 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
नक्सल प्रभावित परिवारों को भी मिल रहा लाभ
राज्य सरकार आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों को भी योजना से जोड़ रही है। ऐसे परिवारों को पक्का आवास देकर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग और QR कोड जैसी पहल
प्रदेश में नवाचार के तहत 1.5 लाख से अधिक आवासों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित किया गया है। साथ ही शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन 1800-233-1290 संचालित की जा रही है। योजना में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ग्राम पंचायतों में QR कोड भी प्रदर्शित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जारी राशि का उपयोग योजना के दिशा-निर्देशों के अनुरूप करते हुए पात्र हितग्राहियों के आवास जल्द पूरे कराए जाएं।





















