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CG Cabinet: मु्ख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक, पंचायत और नगरीय निकाय में अब OBC को 50% आरक्षण

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट में खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ को समर्थन मूल्य पर धान खरीदी हेतु स्वीकृत शासकीय प्रत्याभूति राशि (14 हजार 700 करोड़ रूपए) की वैधता अवधि को एक वर्ष बढ़ाते हुए 31 अक्टूबर 2025 तक पुनवैधिकरण करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा मंत्रिपरिषद की बैठक में शिक्षक (पंचायत) संवर्ग के 97 शिक्षकों का स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन किये जाने का अनुमोदन किया गया। शेष शिक्षक (पंचायत) के प्रकरणों पर पंचायत विभाग से पात्रता की अनुशंसा प्राप्त होने पर संविलियन करने हेतु स्कूल शिक्षा विभाग को अधिकृत किया गया। स्कूल शिक्षा विभाग के प्राचार्याें को वर्ष 2007 से वर्ष 2019 तक प्रथम मतांकन के आधार पर प्रथम व द्वितीय समयमान वेतनमान स्वीकृत करने के लिए मात्र एक बार की छूट देने का निर्णय भी कैबिनेट में लिया गया।
कैबिनेट में त्रि-स्तरीय पंचायत एवं नगरीय निकाय के चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के प्रथम प्रतिवेदन एवं अनुशंसा अनुसार आरक्षण प्रदान किए जाने का निर्णय लिया गया। इसके तहत स्थानीय निकायों में आरक्षण को एकमुश्त सीमा 25 प्रतिशत को शिथिल कर अन्य पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या के अनुपात में 50 प्रतिशत आरक्षण की अधिकतम सीमा तक आरक्षण प्रदान किया जाएगा। ऐसे निकाय जहां पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति का आरक्षण कुल मिलाकर 50 प्रतिशत या उससे अधिक है, वहां अन्य पिछड़ा वर्ग का आरक्षण उस निकाय में शून्य होगा।
इसी तरह यदि अनुसूचित जाति, जनजाति का आरक्षण निकाय में 50 प्रतिशत से कम है, तो उस निकाय में अधिकतम 50 प्रतिशत की सीमा तक अन्य पिछड़ा वर्ग का आरक्षण होगा, परंतु यह आरक्षण उस निकाय की अन्य पिछड़ा वर्ग के आबादी से अधिक नहीं होगा। निकाय के जिन पदों के आरक्षण राज्य स्तर से तय होते हैं जैसे जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर निगम महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष इत्यादि, उन पदों के लिए ऐसे निकायों की कुल जनसंख्या के आधार पर उपरोक्त सिद्धांत का पालन करते हुए आरक्षित पदों की संख्या तय की जाएगी।
कैबिनेट में लिए गए अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
- मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के प्रारूप एवं प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। यह नई औद्योगिक विकास नीति 01 नवम्बर 2024 से प्रारंभ होकर 31 मार्च 2030 तक प्रभावशील रहेगी। इस नीति में अमृतकाल छत्तीसगढ़ विजन@2047 की परिकल्पना को साकार करने के लिए प्रावधान किए गए हैं, इस नीति से प्रदेश में औद्योगिक विकास के नये आयाम स्थापित होंगे।
- नई औद्योगिक विकास नीति में कोर सेक्टर के उत्पादों जैसे स्टील, सीमेंट, ताप विद्युत एवं एल्यूमिनियम के लिए पृथक प्रावधान तथा राज्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर थ्रस्ट एवं सामान्य उद्योगों में विभाजित किया गया है। फार्मास्युटिकल, टेक्सटाईल, फूडप्रोसेसिंग, कृषि उत्पाद संरक्षण, एनटीएफपी प्रसंस्करण इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, आईटी एवं आईटीईएस आदि के लिए आकर्षक औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
- नवा रायपुर अटल नगर में निवेश, रोजगार एवं बसाहट को प्रोत्साहन देने हेतु सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग, स्वास्थ्य सेवाएं, शैक्षणिक संस्थान, इलेक्ट्रानिक्स एवं इलेक्ट्रिकल उद्योगों के विकास हेतु रियायती प्रीमियम दर पर भूखण्ड आबंटन कीे व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया।
- नवा रायपुर परियोजना हेतु आपसी करार द्वारा निजी भूमि क्रय करने पर नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को 31 मार्च 2026 तक मुद्रांक शुल्क में छूट दिए जाने का निर्णय लिया गया।
- मंत्रिपरिषद ने घोषणा पत्र के अनुरूप राज्य में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना प्रारंभ करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इस योजना के तहत राज्य के 60 वर्ष या अधिक आयु के व्यक्ति, दिव्यांगजन, विधवा, परित्यक महिलाओं को उनके जीवनकाल में एक बार प्रदेश के बाहर स्थित चिंहिंत तीर्थ स्थानों में से एक या एक से अधिक स्थानों की निःशुल्क यात्रा कराई जाएगी। इसके लिए 2024-25 के प्रथम अनुपूरक में 25 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है।
- यहां यह उल्लेखनीय है कि वर्ष 2012 में मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना शुरू की गई थी। इस योजना के तहत वर्ष 2019 तक 2 लाख 47 हजार हितग्राहियों को 272 यात्राओं के माध्यम से तीर्थ यात्रा कराई गई है। वर्ष 2019 में इस योजना का नाम बदलकर तीरथ बरत योजना कर दिया गया था, परंतु वर्ष 2019 से वर्ष 2023 तक इस योजना के तहत तीर्थ यात्राएं नहीं हुईं। मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के नाम से इसे पुनः शुरू करने का निर्णय लिया है।
- मंत्रिपरिषद की बैठक में जनहित को देखते हुए अचल सम्पत्ति के अंतरण संबंधी दस्तावेजों के रजिस्ट्रीकरण फीस के युक्तियुक्तकरण का निर्णय लिया गया है। बैठक में रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 (1908 का 16) से संबंधित रजिस्ट्रीकरण शुल्क सारणी में पुनरीक्षण संबंधित प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
- मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ के तकनीकी शिक्षा विभाग में भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने का निर्णय लिया है। इससे छात्र-छात्राओं को समग्र एवं लचीले शिक्षा प्रणाली के साथ ही गुणवत्तायुक्त शिक्षण की सुविधा मिलेगी। शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए अधिक संसाधन और सहयोग प्राप्त होंगे। उद्योगों को अधिक कुशल कार्य बल मिलेगा।
- ग्राम नियानार, जगदलपुर जिला बस्तर में एन.एम.डी.सी. के अधिकारियों/कर्मचारियों हेतु आवासीय परिसर के निर्माण हेतु छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल को आबंटित 118 एकड़ शासकीय भूमि, मण्डल द्वारा सी.एस.आई.डी.सी. को रजिस्ट्री के माध्यम से विक्रय की अनुमति प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
- छत्तीसगढ़ नगर पालिक अधिनियम 1956 (संशोधन) अध्यादेश-2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
- छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 (संशोधन) अध्यादेश-2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
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Chhattisgarh: GPM में सर्राफा व्यापारी की गोली मारकर हत्या, 60 लाख की लूट का अंदेशा, बाजार में मचा हड़कंप

GPM News: छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में बेखौफ बदमाशों ने सर्राफा व्यापारी की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात मंगलवार शाम पेंड्रा थाना क्षेत्र के कोटमी साप्ताहिक बाजार में हुई। बदमाश व्यापारी से सोने-चांदी से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक व्यापारी की पहचान प्रदीप सोनी के रूप में हुई है।
जानकारी के मुताबिक वे मंगलवार को कोटमी बाजार में सर्राफा दुकान लगाकर कारोबार कर रहे थे। शाम करीब 7 बजे दुकान समेटने के दौरान बाइक सवार 3 बदमाश वहां पहुंचे और उनसे बैग छीनने लगे। व्यापारी ने विरोध किया तो आरोपियों ने बेहद करीब से उनके सीने में गोली मार दी। गोली लगते ही प्रदीप सोनी जमीन पर गिर पड़े और बदमाश बैग लेकर मौके से फरार हो गए।
60 लाख रुपए की लूट का अंदेशा
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक बदमाश सोने-चांदी से भरा बैग लेकर भागे हैं। लूट की रकम करीब 60 लाख रुपए बई जा रही है। हालांकि पुलिस अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं कर रही है। घटना की सूचना मिलते ही कोटमी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। गंभीर रूप से घायल व्यापारी को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मौके से कारतूस बरामद
पुलिस ने घटनास्थल को सील कर दिया है। मौके से खून के धब्बे और खाली कारतूस बरामद किए गए हैं। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
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CG Cabinet: कर्मचारी चयन मंडल अब GAD के अधीन, सड़क ठेकेदारों को बिटुमिन कीमत बढ़ोतरी पर राहत

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। कैबिनेट ने स्क्रैप निस्तारण व्यवस्था, कर्मचारी चयन मंडल और सड़क निर्माण कार्यों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। MSTC के साथ अनुबंध 3 साल बढ़ा गया है। मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल को सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के अधीन लाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसके लिए “छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम” में संशोधन किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि “छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल अधिनियम 2026” लागू होने के बाद पूर्व का Chhattisgarh Professional Examination Board नए कर्मचारी चयन मंडल में विलय हो चुका है। कैबिनेट ने राज्य के विभागों, निगमों, मंडलों और स्थानीय निकायों में जमा स्क्रैप और अनुपयोगी सामग्रियों के पारदर्शी निस्तारण के लिए Metal Scrap Trade Corporation Limited (MSTC) के साथ सेलिंग एजेंसी अनुबंध की अवधि अगले तीन वर्षों तक बढ़ाने का निर्णय लिया।
यह अनुबंध नवंबर 2019 से लागू है और 31 मई 2026 को समाप्त होने वाला था। MSTC के ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के जरिए देशभर के खरीदार ऑनलाइन बोली लगाकर स्क्रैप खरीद सकेंगे, जिससे राज्य को बेहतर कीमत मिलने के साथ पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
सरकार का मानना है कि इससे अलग-अलग विभागों को टेंडर और विज्ञापन प्रक्रिया में समय व संसाधनों की बचत होगी। साथ ही कार्यालय परिसरों में स्वच्छता और बेहतर स्पेस मैनेजमेंट भी संभव होगा।
कर्मचारी चयन मंडल अब GAD के अधीन
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल को सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के अधीन लाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसके लिए “छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम” में संशोधन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि “छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल अधिनियम 2026” लागू होने के बाद पूर्व का Chhattisgarh Professional Examination Board नए कर्मचारी चयन मंडल में विलय हो चुका है।
सड़क ठेकेदारों को मिलेगी राहत
कैबिनेट ने 1 अप्रैल 2026 के बाद बिटुमिन (डामर) की कीमतों में हुई असाधारण वृद्धि को देखते हुए सड़क निर्माण कार्यों में लगे ठेकेदारों को सीमित और आंशिक मूल्य राहत देने का फैसला किया। यह राहत 1 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक लागू रहेगी। सरकार के अनुसार वैश्विक परिस्थितियों और पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती कीमतों के कारण सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य प्रभावित होने लगे थे।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह राहत केवल बिटुमिन की कीमतों में हुई अप्रत्याशित वृद्धि के प्रभाव को कम करने के लिए दी जाएगी। अन्य निर्माण सामग्री पर पहले से लागू एस्केलेशन नियम यथावत रहेंगे। सरकार का कहना है कि इस फैसले से सड़क निर्माण कार्यों की रफ्तार बनी रहेगी और जनता को समय पर बेहतर सड़क सुविधाएं मिल सकेंगी।
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Chhattisgarh: नवा रायपुर में दूसरे SEZ को मंजूरी, 1300 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ अब हाई-टेक उद्योगों के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। नवा रायपुर में दूसरे विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) को मंजूरी मिलने के साथ ही राज्य में पहला सेमीकंडक्टर निर्माण संयंत्र स्थापित होने जा रहा है।
Polymatech Electronics Limited को नवा रायपुर में 10.13 हेक्टेयर क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इंजीनियरिंग आधारित SEZ स्थापित करने की स्वीकृति मिली है। यहां सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों का निर्माण किया जाएगा।
यह परियोजना इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि इसके जरिए छत्तीसगढ़ तकनीक आधारित और उच्च मूल्य वाले उद्योगों की नई दुनिया में कदम रखेगा। इससे राज्य में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी और नवा रायपुर आधुनिक विनिर्माण एवं टेक्नोलॉजी निवेश का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।
1300 से ज्यादा रोजगार के अवसर
सरकार के अनुसार इस परियोजना से अगले पांच वर्षों में 1300 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है। इससे राज्य के युवाओं को हाई-टेक इंडस्ट्री में काम करने का मौका मिलेगा और तकनीकी कौशल विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह स्वीकृति छत्तीसगढ़ में बन रहे निवेश-अनुकूल माहौल का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, पारदर्शी व्यवस्था और उद्योग हितैषी नीतियों के जरिए भविष्य के उद्योगों के लिए मजबूत वातावरण तैयार कर रही है।
उन्होंने कहा, “सेमीकंडक्टर तकनीक भविष्य की जरूरत है। नवा रायपुर में पहला सेमीकंडक्टर निर्माण संयंत्र केवल उद्योग की शुरुआत नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के तकनीकी भविष्य की मजबूत नींव है।”
राष्ट्रीय स्तर पर भी बढ़ी पहचान
भारत सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) की LEADS 2025 रैंकिंग में छत्तीसगढ़ को स्थलरुद्ध राज्यों की श्रेणी में “हाई परफॉर्मर” माना गया है। यह राज्य की मजबूत लॉजिस्टिक्स व्यवस्था, औद्योगिक संपर्क और निर्यात क्षमता को दर्शाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक नवा रायपुर का यह नया SEZ छत्तीसगढ़ को इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला सकता है।
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New Delhi: लाल किला मैदान में गूंजा जनजातीय गौरव, CM साय बोले- दुनिया को प्रकृति संग विकास सिखा सकता है आदिवासी समाज

New Delhi: देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला मैदान में रविवार को जनजातीय अस्मिता, संस्कृति और स्वाभिमान का भव्य संगम देखने को मिला। भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष पर आयोजित राष्ट्रीय जनजाति सांस्कृतिक समागम में देशभर से हजारों जनजातीय प्रतिनिधि, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
जनजाति सुरक्षा मंच एवं जनजाति जागृति समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वहीं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रही। उनके साथ मंत्री केदार कश्यप, और रामविचार नेताम भी उपस्थित थे।
कार्यक्रम स्थल पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सौजन्य मुलाकात की। पारंपरिक वेशभूषा, लोक वाद्ययंत्रों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजा लाल किला मैदान जनजातीय संस्कृति के रंगों से सराबोर नजर आया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि जनजातीय समाज केवल प्रकृति का रक्षक नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा का सबसे प्राचीन और जीवंत स्वरूप है। उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया पर्यावरण संकट और असंतुलित विकास की चुनौतियों से जूझ रही है, तब आदिवासी समाज का जीवन दर्शन मानवता को प्रकृति-सम्मत और टिकाऊ विकास का रास्ता दिखा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध जनजातीय संस्कृति से जुड़ी हुई है। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा और छत्तीसगढ़ के अमर शहीद वीर नारायण सिंह को याद करते हुए कहा कि जनजातीय समाज ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए ऐतिहासिक संघर्ष किया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय संस्कृति और भाषाओं के संरक्षण के लिए लगातार काम कर रही है। ‘आदि परब’, बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों के जरिए जनजातीय प्रतिभा और संस्कृति को राष्ट्रीय मंच दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि गोंडी, हल्बी और सादरी जैसी जनजातीय भाषाओं में बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा देने की दिशा में पहल की जा रही है, ताकि नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी रहे। उन्होंने कहा कि बस्तर से सरगुजा तक देवगुड़ी जैसे पारंपरिक आस्था केंद्रों के संरक्षण और विकास का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के मुताबिक जनजातीय समाज केवल अतीत की विरासत नहीं, बल्कि भारत के भविष्य की भी महत्वपूर्ण शक्ति है।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य, लोक संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से माहौल को उत्साह और ऊर्जा से भर दिया। मांदर और ढोल की गूंज के बीच लाल किला मैदान भारत की विविधता और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक बन गया।
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Chhattisgarh: नवा रायपुर को वर्ल्ड क्लास सिटी बनाने की तैयारी, वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विकास परियोजनाओं का लिया जायजा

Nava Raipur: छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने शुक्रवार को नवा रायपुर में चल रहे बड़े विकास कार्यों का निरीक्षण कर विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ चंदन कुमार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे l
निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री ने रेलवे ओवरब्रिज, प्रवासी पक्षियों के लिए विकसित किए जा रहे नेस्टिंग आइलैंड, सेक्टर-10 की सड़कों, वर्किंग वुमन हॉस्टल, पीपल गार्डन शहरी वन (पीपल कुंज), सीबीडी आईटी बिल्डिंग, कम्पोजिट आयोग भवन, एनटीपीसी कार्यालय एवं ऑडिटोरियम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, फेयर ग्राउंड स्टेशन और श्रमिक कैंप जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं का जायजा लिया।
वित्त मंत्री ने कहा कि नवा रायपुर को आधुनिक, सुव्यवस्थित और विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस शहर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए अधोसंरचना परियोजनाओं का गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा होना बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने और जनसुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से नवा रायपुर में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, खेल अधोसंरचना मजबूत होगी और डिजिटल व प्रशासनिक सेवाओं को भी नई मजबूती मिलेगी। साथ ही पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने वाली परियोजनाएं शहर को ग्रीन और स्मार्ट सिटी के रूप में पहचान दिलाएंगी।
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