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CG Cabinet: मु्ख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक, पंचायत और नगरीय निकाय में अब OBC को 50% आरक्षण

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट में खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ को समर्थन मूल्य पर धान खरीदी हेतु स्वीकृत शासकीय प्रत्याभूति राशि (14 हजार 700 करोड़ रूपए) की वैधता अवधि को एक वर्ष बढ़ाते हुए 31 अक्टूबर 2025 तक पुनवैधिकरण करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा मंत्रिपरिषद की बैठक में शिक्षक (पंचायत) संवर्ग के 97 शिक्षकों का स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन किये जाने का अनुमोदन किया गया। शेष शिक्षक (पंचायत) के प्रकरणों पर पंचायत विभाग से पात्रता की अनुशंसा प्राप्त होने पर संविलियन करने हेतु स्कूल शिक्षा विभाग को अधिकृत किया गया। स्कूल शिक्षा विभाग के प्राचार्याें को वर्ष 2007 से वर्ष 2019 तक प्रथम मतांकन के आधार पर प्रथम व द्वितीय समयमान वेतनमान स्वीकृत करने के लिए मात्र एक बार की छूट देने का निर्णय भी कैबिनेट में लिया गया।
कैबिनेट में त्रि-स्तरीय पंचायत एवं नगरीय निकाय के चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के प्रथम प्रतिवेदन एवं अनुशंसा अनुसार आरक्षण प्रदान किए जाने का निर्णय लिया गया। इसके तहत स्थानीय निकायों में आरक्षण को एकमुश्त सीमा 25 प्रतिशत को शिथिल कर अन्य पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या के अनुपात में 50 प्रतिशत आरक्षण की अधिकतम सीमा तक आरक्षण प्रदान किया जाएगा। ऐसे निकाय जहां पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति का आरक्षण कुल मिलाकर 50 प्रतिशत या उससे अधिक है, वहां अन्य पिछड़ा वर्ग का आरक्षण उस निकाय में शून्य होगा।
इसी तरह यदि अनुसूचित जाति, जनजाति का आरक्षण निकाय में 50 प्रतिशत से कम है, तो उस निकाय में अधिकतम 50 प्रतिशत की सीमा तक अन्य पिछड़ा वर्ग का आरक्षण होगा, परंतु यह आरक्षण उस निकाय की अन्य पिछड़ा वर्ग के आबादी से अधिक नहीं होगा। निकाय के जिन पदों के आरक्षण राज्य स्तर से तय होते हैं जैसे जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर निगम महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष इत्यादि, उन पदों के लिए ऐसे निकायों की कुल जनसंख्या के आधार पर उपरोक्त सिद्धांत का पालन करते हुए आरक्षित पदों की संख्या तय की जाएगी।
कैबिनेट में लिए गए अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
- मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के प्रारूप एवं प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। यह नई औद्योगिक विकास नीति 01 नवम्बर 2024 से प्रारंभ होकर 31 मार्च 2030 तक प्रभावशील रहेगी। इस नीति में अमृतकाल छत्तीसगढ़ विजन@2047 की परिकल्पना को साकार करने के लिए प्रावधान किए गए हैं, इस नीति से प्रदेश में औद्योगिक विकास के नये आयाम स्थापित होंगे।
- नई औद्योगिक विकास नीति में कोर सेक्टर के उत्पादों जैसे स्टील, सीमेंट, ताप विद्युत एवं एल्यूमिनियम के लिए पृथक प्रावधान तथा राज्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर थ्रस्ट एवं सामान्य उद्योगों में विभाजित किया गया है। फार्मास्युटिकल, टेक्सटाईल, फूडप्रोसेसिंग, कृषि उत्पाद संरक्षण, एनटीएफपी प्रसंस्करण इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, आईटी एवं आईटीईएस आदि के लिए आकर्षक औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
- नवा रायपुर अटल नगर में निवेश, रोजगार एवं बसाहट को प्रोत्साहन देने हेतु सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग, स्वास्थ्य सेवाएं, शैक्षणिक संस्थान, इलेक्ट्रानिक्स एवं इलेक्ट्रिकल उद्योगों के विकास हेतु रियायती प्रीमियम दर पर भूखण्ड आबंटन कीे व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया।
- नवा रायपुर परियोजना हेतु आपसी करार द्वारा निजी भूमि क्रय करने पर नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को 31 मार्च 2026 तक मुद्रांक शुल्क में छूट दिए जाने का निर्णय लिया गया।
- मंत्रिपरिषद ने घोषणा पत्र के अनुरूप राज्य में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना प्रारंभ करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इस योजना के तहत राज्य के 60 वर्ष या अधिक आयु के व्यक्ति, दिव्यांगजन, विधवा, परित्यक महिलाओं को उनके जीवनकाल में एक बार प्रदेश के बाहर स्थित चिंहिंत तीर्थ स्थानों में से एक या एक से अधिक स्थानों की निःशुल्क यात्रा कराई जाएगी। इसके लिए 2024-25 के प्रथम अनुपूरक में 25 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है।
- यहां यह उल्लेखनीय है कि वर्ष 2012 में मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना शुरू की गई थी। इस योजना के तहत वर्ष 2019 तक 2 लाख 47 हजार हितग्राहियों को 272 यात्राओं के माध्यम से तीर्थ यात्रा कराई गई है। वर्ष 2019 में इस योजना का नाम बदलकर तीरथ बरत योजना कर दिया गया था, परंतु वर्ष 2019 से वर्ष 2023 तक इस योजना के तहत तीर्थ यात्राएं नहीं हुईं। मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के नाम से इसे पुनः शुरू करने का निर्णय लिया है।
- मंत्रिपरिषद की बैठक में जनहित को देखते हुए अचल सम्पत्ति के अंतरण संबंधी दस्तावेजों के रजिस्ट्रीकरण फीस के युक्तियुक्तकरण का निर्णय लिया गया है। बैठक में रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 (1908 का 16) से संबंधित रजिस्ट्रीकरण शुल्क सारणी में पुनरीक्षण संबंधित प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
- मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ के तकनीकी शिक्षा विभाग में भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने का निर्णय लिया है। इससे छात्र-छात्राओं को समग्र एवं लचीले शिक्षा प्रणाली के साथ ही गुणवत्तायुक्त शिक्षण की सुविधा मिलेगी। शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए अधिक संसाधन और सहयोग प्राप्त होंगे। उद्योगों को अधिक कुशल कार्य बल मिलेगा।
- ग्राम नियानार, जगदलपुर जिला बस्तर में एन.एम.डी.सी. के अधिकारियों/कर्मचारियों हेतु आवासीय परिसर के निर्माण हेतु छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल को आबंटित 118 एकड़ शासकीय भूमि, मण्डल द्वारा सी.एस.आई.डी.सी. को रजिस्ट्री के माध्यम से विक्रय की अनुमति प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
- छत्तीसगढ़ नगर पालिक अधिनियम 1956 (संशोधन) अध्यादेश-2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
- छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 (संशोधन) अध्यादेश-2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
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Chhattisgarh: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में कर्नाटक बना ओवरऑल चैंपियन, मेजबान छत्तीसगढ़ नौवें स्थान पर

Khelo India Tribal Games 2026: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का समापन हो गया है, जिसमें कर्नाटक ने 23 स्वर्ण पदकों के साथ ओवरऑल चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। वहीं मेजबान छत्तीसगढ़ ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 3 स्वर्ण, 10 रजत और 6 कांस्य पदक जीतकर पदक तालिका में नौवां स्थान हासिल किया।
छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने इस पूरे आयोजन में बेहतरीन प्रदर्शन कर राज्य का मान बढ़ाया। महिला फुटबॉल में छत्तीसगढ़ की टीम ने झारखंड को 1-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। टीम की कप्तान किरण पिस्दा ने 61वें मिनट में निर्णायक गोल दागकर जीत दिलाई। घरेलू दर्शकों के सामने यह जीत राज्य के लिए ऐतिहासिक पल बन गई।
इसके अलावा एथलेटिक्स में भी छत्तीसगढ़ ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। पुरुषों की 4×400 मीटर रिले में टीम ने रजत पदक जीता, जबकि मनीष कुमार ने 1500 मीटर दौड़ में कांस्य पदक अपने नाम किया।
हालांकि पुरुष फुटबॉल में छत्तीसगढ़ को फाइनल में पश्चिम बंगाल के खिलाफ 0-1 से हार का सामना करना पड़ा और टीम को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
पूरे टूर्नामेंट में देशभर के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के करीब 3800 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, भारोत्तोलन और कुश्ती जैसी स्पर्धाओं में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 ने एक बार फिर साबित किया कि जनजातीय अंचलों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। खासकर छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने अपने दमदार प्रदर्शन से यह दिखा दिया कि सही मंच मिलने पर वे राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
कुल 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने पदक तालिका में जगह बनाई, जिनमें से 20 ने कम से कम एक स्वर्ण पदक जीता, जो देशभर में प्रतिभा के व्यापक प्रसार को दर्शाता है। महाराष्ट्र 6 स्वर्ण, 10 रजत और 4 कांस्य पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा, जबकि अरुणाचल प्रदेश 6 स्वर्ण, 1 रजत और 4 कांस्य पदकों के साथ शीर्ष पांच में शामिल रहा।
परिणाम
तीरंदाजी
महिला
रिकर्व व्यक्तिगत: स्वर्ण – कोमालिका बारी (झारखंड); रजत – भार्गवी भगोरा (गुजरात); कांस्य – रुओविनुओ थेउनुओ (नागालैंड)
रिकर्व टीम: स्वर्ण – नागालैंड; रजत – झारखंड; कांस्य- मध्य प्रदेश
पुरुष
रिकर्व व्यक्तिगत: स्वर्ण – अर्जुन खारा (ओडिशा); रजत – सोमनाथ हेम्ब्रम (ओडिशा); कांस्य – पवन परमार (मध्य प्रदेश)
रिकर्व टीम: स्वर्ण – झारखंड; रजत – ओडिशा; कांस्य – मेघालय
फुटबॉल
पुरुष: स्वर्ण- पश्चिम बंगाल; रजत- छत्तीसगढ़; कांस्य – अरुणाचल प्रदेश, गोवा
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Raipur: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का भव्य समापन आज, CM साय मुख्य अतिथि, मेरीकॉम और बाइचुंग भूटिया रहेंगे शामिल

Raipur: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 का भव्य समापन आज रायपुर में आयोजित होगा। समापन समारोह में विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में शाम 5 बजे आयोजित किया जाएगा। समापन समारोह में अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग स्टार मैरीकॉम और भारतीय फुटबॉल के दिग्गज बाइचुंग भूटिया भी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।
समारोह की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव करेंगे। इसके अलावा केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। गौरतलब है कि 25 मार्च से शुरू हुए इस राष्ट्रीय खेल आयोजन में राज्य के तीन प्रमुख शहरों- रायपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर में विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
खेलों के इस महाकुंभ में देशभर के 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लगभग 2000 जनजातीय खिलाड़ी और अधिकारी शामिल हुए।खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 ने न केवल खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच दिया, बल्कि छत्तीसगढ़ की मेजबानी, संस्कृति और खेल अधोसंरचना को भी नई पहचान दिलाई है।
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khelo india tribal games 2026: छत्तीसगढ़ की बेटियों का जलवा, झारखंड को हराकर महिला फुटबॉल में जीता स्वर्ण

Raipur: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 में छत्तीसगढ़ की महिला फुटबॉल टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। फाइनल मुकाबले में टीम ने झारखंड को 1-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। रायपुर के स्वामी विवेकानंद एथलेटिक स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में दोनों टीमों के बीच शुरुआत से ही कड़ी टक्कर देखने को मिली। पहले हाफ तक मुकाबला 0-0 की बराबरी पर रहा, जहां दोनों टीमों ने मजबूत डिफेंस और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया।
दूसरे हाफ में छत्तीसगढ़ की टीम ने आक्रामक रणनीति अपनाई और मैच के 61वें मिनट में कप्तान किरण पिस्दा ने शानदार गोल दागकर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। यह गोल ही मैच का निर्णायक क्षण साबित हुआ। इसके बाद टीम ने बेहतरीन डिफेंस करते हुए अंत तक बढ़त बनाए रखी और खिताब अपने नाम कर लिया।
इस जीत के साथ छत्तीसगढ़ की टीम ने न केवल स्वर्ण पदक जीता, बल्कि घरेलू दर्शकों के सामने अपनी श्रेष्ठता भी साबित की। कप्तान किरण पिस्दा ने जीत के बाद कहा कि यह उनके लिए बेहद खास पल है और दर्शकों का समर्थन टीम के लिए बड़ी ताकत बना।
खेलों के अन्य मुकाबलों में भी छत्तीसगढ़ ने दमदार प्रदर्शन किया। पुरुषों की 4×400 मीटर रिले में टीम ने रजत पदक जीता, जबकि 1500 मीटर दौड़ में मनीष कुमार ने कांस्य पदक हासिल किया।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 में देशभर के 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के हजारों खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इस आयोजन ने जनजातीय क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने का काम किया है।
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Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में LPG बुकिंग संख्या में आई कमी, 1.30 लाख से घटकर फिर पुराने स्तर पर पहुंची मांग

Raipur: पश्चिम एशिया संकट के प्रभाव के चलते प्रदेश में 6 मार्च से 16 मार्च के दौरान दैनिक एलपीजी बुकिंग में आई असामान्य वृद्धि अब धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। सामान्यतः प्रदेश में एक दिन में औसत 74 हजार एलपीजी की बुकिंग दर्ज होती थी, जो कि 6 मार्च के बाद अचानक बढ़कर 1.30 लाख तक पहुंच गई थी। किन्तु राज्य शासन तथा ऑयल कंपनियों की सतत् मॉनिटरिंग और एलपीजी आपूर्ति में वृद्धि के कारण दैनिक एलपीजी बुकिंग में पिछले दो सप्ताह में लगातार कमी देखी गई है।
खाद्य सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले ने जानकारी दी कि राज्य शासन द्वारा खाद्य विभाग एवं ऑयल कंपनियों के अधिकारियों की राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसके द्वारा दैनिक बुकिंग, जिलों को प्रदाय एलपीजी रिफिल सिलेंडर, वितरित सिलेंडर, पेंडिंग बुकिंग संख्या और जिलों में उपलब्ध एलपीजी रिफिल सिलेंडर के स्टॉक की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है।
खाद्य सचिव ने कहा कि पेंडिंग बुकिंग को क्लीयर करने हेतु जिलों को मांग के अनुरूप एलपीजी सिलेंडर प्रदाय किया जा रहा है। साथ ही घरेलू एलपीजी के दुरुपयोग को रोकने हेतु संदिग्ध स्थानों की जांच कर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। अब तक कुल 97 छापों में 3,847 सिलेंडर जप्त किए गए हैं तथा 9 व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है।
राज्य शासन के इन प्रयासों के परिणामस्वरूप 16 मार्च की लंबित बुकिंग संख्या की तुलना में 31 मार्च तक लंबित बुकिंग संख्या में 1.08 लाख की कमी आई है, जिससे घरेलू एलपीजी आपूर्ति की व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। राज्य में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा आम उपभोक्ताओं को एलपीजी प्राप्ति में कोई समस्या न हो, इसके लिए सभी आवश्यक प्रबंध राज्य शासन द्वारा किए गए हैं।
राज्य शासन द्वारा कमर्शियल गैस की आपूर्ति भी 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दी गई है, ताकि सभी आवश्यक सेवाओं के साथ-साथ होटल, रेस्टोरेंट, सामुदायिक कैंटीन और कमर्शियल गैस उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। साथ ही आवश्यक एवं महत्वपूर्ण उद्योगों को भी 20 प्रतिशत कमर्शियल गैस प्रदाय किया जा रहा है।
प्रदेश में पेट्रोल एवं डीजल का भी पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा सभी जिलों के कुल 2465 पेट्रोल/डीजल पंपों में समुचित स्टॉक उपलब्ध है। ऑयल डिपो से नियमित रूप से पेट्रोल एवं डीजल का प्रदाय किया जा रहा है।
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Raipur: छत्तीसगढ़ में 370 नई एम्बुलेंस की शुरुआत, 15 मिनट में शहर, 30 मिनट में गांव पहुंचेगी 108 सेवा

Raipur: छत्तीसगढ़ में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री साय ने मंगलवार को 370 नई एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर प्रदेश के सभी जिलों के लिए रवाना किया। इनमें 300 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) और 70 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंस शामिल हैं।
15 मिनट शहर, 30 मिनट गांव में पहुंचेगी सेवा
सरकार ने लक्ष्य तय किया है कि 108 एंबुलेंस सर्विस के जरिए शहरी क्षेत्रों में 15 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट के भीतर एम्बुलेंस उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे मरीजों को समय पर इलाज मिल सके।
नवजातों के लिए ‘चलते-फिरते ICU’ की शुरुआत
इस पहल के तहत पहली बार प्रदेश में 5 नियोनेटल ALS एम्बुलेंस शुरू की गई हैं। ये एम्बुलेंस नवजात शिशुओं के लिए ICU जैसी सुविधाओं से लैस हैं, जिनमें इन्क्यूबेटर, वेंटिलेटर, डिफिब्रिलेटर, ऑक्सीजन सपोर्ट और 41 तरह की आपातकालीन दवाएं उपलब्ध हैं।
स्वास्थ्य मंत्री बोले- ऐतिहासिक दिन
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इसे राज्य के लिए ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इससे लाखों लोगों को त्वरित चिकित्सा सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य बन गया है, जहां नियोनेटल एम्बुलेंस सेवा शुरू हुई है।
ग्राउंड पर ही मिलेगा प्राथमिक और उन्नत इलाज
नई BLS और ALS एम्बुलेंस में बीपी मॉनिटर, पल्स ऑक्सीमीटर, ईसीजी, ग्लूकोमीटर जैसी जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं। गंभीर मरीजों के लिए पोर्टेबल वेंटिलेटर, सिरिंज पंप और अन्य आधुनिक उपकरण भी लगाए गए हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधार हुए हैं। उप-स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के उन्नयन से अब लोगों को छोटे इलाज के लिए दूर शहर नहीं जाना पड़ रहा।
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