ख़बर छत्तीसगढ़
CG Budget 2024: प्रदेश के इतिहास में पहली बार पेश होगा पेपरलेस डिजिटल बजट, ब्रीफ़केस में है “ढोकरा शिल्प” की झलक

Raipur: छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार का पहला बजट ऐतिहासिक रूप से चिर स्मरणीय होगा। वित्त मंत्री ओपी चौधरी के द्वारा पेश किया जाने वाला यह बजट पेपर लेस होगा और छत्तीसगढ़ के इतिहास का पहला डिजिटल बजट होगा। इसके साथ ही इस बजट का ब्रीफकेस भी छत्तीसगढ़ की लोक कला, लोक संस्कृति, युवा, महिला और किसान एवं आधुनिकता के समावेश को दर्शाएगा।
वित्त मंत्री चौधरी द्वारा आज विधानसभा में पेश किए जाने वाले बजट को जिस ब्रीफकेस में प्रस्तुत किया जा रहा है वो काफी खास है। यह ब्रीफ़केस छत्तीसगढ़ के आदिम जनजाति के पारंपरिक सुप्रसिद्ध ढोकरा शिल्प को समेटे हुए है । गौरतलब है कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ग्रीस के प्रधानमंत्री को छत्तीसगढ़ की डोकरा कलाकृति भेंट की गई थी, जिससे इस कला की पहचान अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुंची है।
ओपी चौधरी के बजट ब्रीफकेस में भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी की फोटो है, जो यह दर्शा रही है कि विकसित भारत निर्माण में छत्तीसगढ़ प्रदेश का योगदान बहुत महत्वपूर्ण साबित होगा। ब्रीफकेस पर छत्तीसगढ़ शासन का लोगो जिसमे धान की बाली है, यह दर्शाती है कि यह किसान हितैषी सरकार है और किसानों के हित को सदैव प्राथमिकता में रखेगी।
बजट ब्रीफकेस में छत्तीसगढ़ के मैप को स्वर्णिम रूप में दर्शाया गया है जो ये बताता है कि सरकार सुशासन के साथ छत्तीसगढ़ के युवा, महिला व किसानों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य के साथ कार्य करेगी और छत्तीसगढ़ राज्य को देश में एक स्वर्णिम राज्य के रूप में स्थापित करेगी। ब्रीफकेस में अमृतकाल के नींव का बजट लिखा हुआ है जो यह दर्शाता है कि केंद्र की सभी योजनाओं का लाभ प्रदेश की जनता को निरंतर मिलता रहेगा।
ब्रीफकेस के पीछे GREAT CG लिखा है जो Guarantee, Reform, Economic Growth, Achievement, Technology, Сарех तथा Good Governance को दर्शाता है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी के पहले बजट के इस ब्रीफ़केस में छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव सरकार की नीति व नियत साफ़ झलक रही है जो यह दर्शाती है कि यह सरकार मोदी की गारंटी को पूरा कर सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास व सबका प्रयास के सिद्धांतों पर चलकर छत्तीसगढ़ की जनता के विकास के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
ख़बर छत्तीसगढ़
Sakti vedanta plant accident: मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख, घायलों को 50-50 हजार की मदद

Sakti vedanta plant accident: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए हादसे पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने इस घटना को बेहद दुःखद बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने ऐलान किया कि हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। वहीं, घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी, ताकि उन्हें तत्काल राहत मिल सके।
सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी घायलों का समुचित और निःशुल्क इलाज सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बिलासपुर संभाग के कमिश्नर को जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हादसे के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और राहत एवं पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
ख़बर छत्तीसगढ़
Chhattisgarh: बस्तर में विकास की गूंज, सुकमा में ₹308 करोड़ के प्रोजेक्ट्स के साथ ‘अटल आरोग्य लैब’ की शुरुआत

Sukma: नक्सलवाद से उबरते बस्तर में अब विकास और स्वास्थ्य दोनों मोर्चों पर बड़ी पहल देखने को मिली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुकमा जिले को ₹308 करोड़ से अधिक के 228 विकास कार्यों की सौगात देने के साथ ही ‘अटल आरोग्य लैब’ का राज्यस्तरीय शुभारंभ भी किया। मिनी स्टेडियम सुकमा में आयोजित कार्यक्रम में 159 कार्यों का शिलान्यास और 69 का लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में अब शांति के साथ विकास की नई कहानी लिखी जा रही है।
अब स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ी क्रांति
सुकमा जिला अस्पताल में शुरू हुई ‘अटल आरोग्य लैब’ के जरिए प्रदेश के 1046 स्वास्थ्य संस्थानों में मुफ्त जांच सुविधा मिलेगी। इस डिजिटल सिस्टम से मरीजों को 133 तरह की जांचें निःशुल्क उपलब्ध होंगी। जांच रिपोर्ट SMS और व्हाट्सऐप के जरिए सीधे मरीजों तक पहुंचेगी, जिससे बार-बार अस्पताल आने की जरूरत नहीं होगी और इलाज में तेजी आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल खासतौर पर बस्तर जैसे दूरस्थ इलाकों के लोगों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने में मील का पत्थर साबित होगी।
स्वास्थ्य + विकास = नया बस्तर मॉडल
“मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” के तहत 7 जिलों में 1100 टीमें घर-घर स्वास्थ्य जांच करेंगी। अब तक 28 पंचायतें टीबी मुक्त हो चुकी हैं और 7 पंचायतों को प्रमाण पत्र भी दिए गए। कार्यक्रम में मरीजों को फूड बास्केट, चश्मे और दवाइयां वितरित की गईं। साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों को गुणवत्ता सुधार के लिए एनक्वास सर्टिफिकेट दिया गया।
आजीविका और सशक्तिकरण पर फोकस
स्व-सहायता समूह की महिलाओं को “लखपति दीदी से करोड़पति दीदी” बनने का लक्ष्य दिया गया। दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग, व्हीलचेयर और ट्राइसिकल वितरित किए गए। वनाधिकार पत्रों के जरिए आदिवासी परिवारों को अधिकार दिए गए और ई-रिक्शा देकर स्वरोजगार को बढ़ावा मिला।
नियद नेल्लानार 2.0 का ऐलान
सरकार ने ‘नियद नेल्लानार 2.0’ योजना का विस्तार करते हुए 10 जिलों को शामिल करने का ऐलान किया। इसके तहत सड़क, पुल, बस स्टैंड और सामुदायिक भवन जैसे विकास कार्य होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर के हर गांव तक विकास और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचे।
ख़बर छत्तीसगढ़
Census 2027: छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 की शुरुआत, 1 मई से घर-घर सर्वे, अब डिजिटल होगी पूरी प्रक्रिया

Census 2027: छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 का पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा। इस दौरान ‘हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस’ के तहत हर घर, परिवार और बुनियादी सुविधाओं का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इसके लिए सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे। इस बार जनगणना प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है।
16 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच लोग ऑनलाइन पोर्टल के जरिए खुद भी अपने घर और परिवार की जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इसे सेल्फ-एन्यूमरेशन कहा जा रहा है। ऑनलाइन जानकारी भरने पर एक यूनिक आईडी मिलेगी, जिसे बाद में सर्वे करने आने वाले कर्मचारियों को दिखाना होगा।
33 सवालों में घर-परिवार की पूरी जानकारी
इस चरण में मकान की स्थिति, उसका उपयोग (रहवासी या व्यवसायिक), निर्माण की गुणवत्ता (कच्चा या पक्का), परिवारों की संख्या और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े 33 सवाल पूछे जाएंगे। इसके अलावा पेयजल, शौचालय, बिजली, कुकिंग फ्यूल, इंटरनेट, टीवी-रेडियो जैसी सुविधाओं की भी जानकारी ली जाएगी। घर में रहने वाले लोगों की संख्या और उपयोग में आने वाले वाहनों का भी रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।
हर घर बनेगा ‘डिजिटल डॉट’, मिलेंगे 5 बड़े फायदे
इस बार हर मकान की जियो-टैगिंग की जाएगी और उसे डिजिटल मैप पर दर्ज किया जाएगा। इससे आपदा के समय राहत और बचाव कार्य तेजी से होंगे। विधानसभा और लोकसभा परिसीमन के लिए सटीक डेटा मिलेगा। शहरों में सड़क, स्कूल, अस्पताल और पार्क की बेहतर प्लानिंग हो सकेगी। पलायन और शहरीकरण की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। मतदाता सूची में डुप्लीकेट नाम हटाने में मदद मिलेगी।
जानकारी रहेगी पूरी तरह गोपनीय
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान जुटाई गई सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इसका उपयोग केवल योजनाओं और नीतिगत फैसलों के लिए किया जाएगा।
कंट्रोल रूम से होगी निगरानी
जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे, जहां से पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जाएगी। साथ ही, लोगों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन भी उपलब्ध रहेगी। प्रशासन ने अपील की है कि लोग केवल अधिकृत पहचान पत्र वाले कर्मचारियों को ही जानकारी दें और सही जानकारी साझा करें।
ख़बर छत्तीसगढ़
Raipur: छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों पर सख्ती, CM विष्णुदेव साय बोले- मनमानी बर्दाश्त नहीं होगी

Raipur: छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों की मनमानी पर सरकार सख्त रुख में नजर आ रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने साफ कहा है कि प्रदेश में किसी भी निजी स्कूल की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। यदि किसी स्कूल द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
CM साय ने कहा कि शिकायत मिलने पर तुरंत जांच होगी। साथ ही दोषी स्कूलों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखी जाएगी।
अभिभावकों को राहत
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अभिभावकों पर किसी भी तरह का अनावश्यक आर्थिक बोझ या दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और शिक्षा व्यवस्था को संतुलित और पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सरकार का संदेश
सरकार ने संकेत दिया है कि निजी स्कूलों की फीस, नियमों और अन्य मामलों में मनमानी करने वालों पर अब सख्ती बढ़ेगी।
ख़बर छत्तीसगढ़
Raipur: छत्तीसगढ़ में 15 फोरलेन सड़कें बनेंगी, ₹708 करोड़ मंजूर, 90.5 किमी सड़क नेटवर्क मजबूत होगा

Raipur: प्रदेशवासियों को यातायात के लिए मजबूत और चौड़ी सड़कें उपलब्ध कराने लोक निर्माण विभाग ने 15 फोरलेन सड़कों के निर्माण के लिए 708 करोड़ 21 लाख 35 हजार रुपए मंजूर किए हैं। हाल ही में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत इस राशि से विभिन्न जिलों में कुल 90.5 किमी फोरलेन सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इनके निर्माण से प्रमुख सड़कों पर सुगम यातायात और जॉम से मुक्ति के साथ ही यात्रा का समय घटेगा। फोरलेन सड़कों से सुरक्षित यातायात के साथ ही आर्थिक विकास को भी मजबूती मिलेगी। इससे कृषि, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को भी बढ़ावा मिलेगा।
लोक निर्माण विभाग ने दुर्ग जिले में दुर्ग-धमधा-बेमेतरा अंडर ब्रिज से अग्रसेन चौक तक 0.5 किमी फोरलेन मार्ग के लिए तीन करोड़ 41 लाख रुपए, स्मृति नगर पेट्रोल पंप से आई.आई.टी. जेवरा सिरसा तक 7 किमी फोरलेन सड़क के लिए 20 करोड़ 64 लाख रुपए, मिनी माता चौक से महाराजा चौक-ठगड़ा बांध तक 4.70 किमी फोरलेन मार्ग के लिए 28 करोड़ 58 लाख रुपए तथा महाराजा चौक से बोरसी चौक तक 1.80 किमी फोरलेन सड़क के लिए 23 करोड़ 97 लाख रुपए मंजूर किए हैं।
विभाग ने रायगढ़ में ढिमरापुर चौक से कोतरा थाना चौक तक 2.50 किमी के फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 41 करोड़ 49 लाख रुपए, रायगढ़-कोतरा-नंदेली राज्य मार्ग के किमी 1 से किमी 5 तक के फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 55 करोड़ 29 लाख रुपए, रायगढ़-लोईंग-महापल्ली मुख्य जिला मार्ग के किमी 1 से किमी 5 तक विद्युतीकरण सहित फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 81 करोड़ 48 लाख रुपए तथा 6 किमी तमनार फोरलेन बायपास के निर्माण के लिए 152 करोड़ 17 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं।
रायपुर जिले में अभनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-30 में 2.8 किमी लंबाई के फोरलेन में उन्नयन के लिए 17 करोड़ 9 लाख रुपए, राजिम में नवीन मेला स्थल से लक्ष्मण झूला तक 3.50 किमी फोरलेन सड़क के निर्माण के लिए 34 करोड़ 20 लाख रुपए, अंबिकापुर में गांधी चौक से रेलवे स्टेशन तक 5 किमी लंबाई के फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 61 करोड़ 34 लाख रुपए, बिलासपुर में 13.40 किमी कोनी-मोपका फोरलेन बायपास मार्ग के लिए 82 करोड़ 80 लाख 26 हजार रुपए एवं कोटा-लोरमी-पंडरिया मार्ग में 21 किमी सड़क के फोरलेन चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के लिए 14 करोड़ 71 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।
लोक निर्माण विभाग ने जशपुर जिले में कुल 7.30 किमी लंबाई के तीन सड़कों के फोरलेन में उन्नयन एवं मजबूतीकरण के लिए 36 करोड़ 85 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। इनमें 2 किमी लंबा पत्थलगांव के इंदिरा चौक से जशपुर रोड, 1.50 किमी लंबा इंदिरा चौक से अंबिकापुर रोड तथा 3.80 किमी लंबा इंदिरा चौक से रायगढ़ रोड शामिल हैं। विभाग ने कबीरधाम जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के किमी 50 से किमी 57 तक फोरलेन में उन्नयन और डिवाइडर निर्माण के लिए भी 54 करोड़ 21 लाख रुपए मंजूर किए हैं।
“राज्य में बेहतर और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। फोरलेन सड़कों का विस्तार केवल यातायात सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की आर्थिक प्रगति का मजबूत आधार भी तैयार करता है। लोक निर्माण विभाग द्वारा अधोसंरचना विकास में बड़े पैमाने पर निवेश कर कनेक्टिविटी को सुदृढ़ किया जा रहा है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संतुलित विकास को नई गति मिलेगी।” – अरुण साव, उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री
ख़बर बिहार7 hours agoPatna: सम्राट चौधरी बनेंगे बिहार के नए मुख्यमंत्री, 15 अप्रैल को शपथ; नीतीश कुमार ने दिया इस्तीफा
ख़बर मध्यप्रदेश5 hours agoMP Board Result: 15 अप्रैल को आएगा एमपी बोर्ड 10वीं-12वीं का रिजल्ट, 16 लाख छात्रों का इंतजार खत्म
ख़बर उत्तरप्रदेश10 hours agoUP News: नोएडा में सैलरी को लेकर बवाल, पथराव के बाद सख्ती; सरकार ने बढ़ाई मजदूरी, 300 से ज्यादा गिरफ्तार
ख़बर छत्तीसगढ़5 hours agoSakti vedanta plant accident: मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख, घायलों को 50-50 हजार की मदद

















