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Budget 2024: अंतरिम बजट में टैक्स स्लैब, टैक्स रिजीम में बदलाव नहीं, वंदे भारत स्टैंडर्ड में बदलेंगे 40 हजार नॉर्मल रेल कोच

Budget 2024: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अंतरिम बजट पेश कर दिया है। इसमें वित्त मंत्री ने देश के आम टैक्सपेयर्स को कोई राहत नहीं दी है और टैक्स स्लैब और टैक्स रिजीम में कोई बदलाव नहीं किया है। इसका मतलब है कि आप वर्तमान में जिस रेट पर टैक्स दे रहे हैं, उसी पर आपको अपना आयकर देना होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपने 58 मिनट लंबे बजट भाषण में बड़ी घोषणा करने से बचीं। क्योंकि अप्रैल-मई में आम चुनाव होने हैं, ऐसे में अभी अंतरिम बजट पेश किया गया है। नई सरकार बनने के बाद पूर्ण बजट जुलाई में पेश होने की उम्मीद है।
कितना बड़ा है इस बार का बजट?
वित्त मंत्री ने लोकसभा में अपने संबोधन में बताया कि इस साल के बजट में रेवेन्यू एक्सपेंडिचर 47.66 लाख करोड़ रुपए है। यह पिछले साल के बजट के कुल साइज से ज्यादा है। पिछले साल वित्त मंत्री सीतारमण ने 45,03,097 करोड़ रुपए का बजट पेश किया था। जबकि बजट में रेवेन्यू एक्सपेंडिचर 35 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा था। वित्त मंत्री ने बताया कि इस साल राजकोषीय घाटा 5.1% रहने का अनुमान है। 44.90 लाख करोड़ रुपए का खर्च है और 30 लाख करोड़ का रेवेन्यू आने का अनुमान है।
रेलवे को मिली बड़ी सौगात
मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के अंतिम बजट में रेलवे के लिए वित्त मंत्री ने बड़े ऐलान किए। वित्त मंत्री ने कहा कि आने वाले सालों में 3 नए रेलवे इकोनॉमिक कॉरिडोर बनेंगे। ये कॉरिडोर एनर्जी, मिनरल और सीमेंट के लिए होंगे। पीएम गतिशक्ति योजना के तहत प्रोजेक्ट की पहचान कर ली गई है। इनसे पैसेंजर ट्रेनों के ऑपरेशन में सुधार होगा और ट्रेन में यात्रा करना सुरक्षित होगा। इसके साथ ही 40 हजार सामान्य रेल कोच को वंदे भारत स्टैंडर्ड कोच में कंवर्ट किया जाएगा।
रक्षा खर्च में 11.1% प्रतिशत का इजाफा
सीमा पर मौजूद चुनौतियों को देखते हुए मोदी सरकार ने रक्षा बजट में भारी भरकम बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रक्षा बजट में 11.1 फीसदी की बढ़ोतरी का ऐलान करते हुए इसे बढ़ाकर 11,11,111 करोड़ रुपए कर दिया है, जो कि जीडीपी का 3.4 फीसदी है।
वित्त मंत्री के अन्य बड़े ऐलान
1.इंफ्रास्ट्रक्चर पर 11 फीसदी ज्यादा खर्च किया जाएगा।
2.आशा बहनों को भी आयुष्मान योजना का लाभ दिया जाएगा।
3.लखपति दीदी योजना को विस्तारित किया जाएगा। अब 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य है।
4. इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जाएगा।
5. 50 साल के लिए 1 लाख करोड़ के ब्याज मुक्त लोन दिया जाएगा।
6.पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लक्षद्वीप के इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देंगे।
7.सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए 9-14 साल की लड़कियों का मुफ्त टीकाकरण किया जाएगा।
8. सरकार मध्यम वर्ग के लिए आवास योजना लाएगी। अगले 5 साल में 2 करोड़ घर बनाए जाएंगे।
9.कॉर्पोरेट टैक्स घटाकर 22 प्रतिशत कर दिया है।
10.तिलहन के अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा। हर महीने 300 यूनिट बिजली फ्री दी जाएगी।
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Pune Murder Case: हत्या से एक दिन पहले प्रेमी से मिली थी सिया, पुलिस बोली- कैफे में बनी थी मर्डर की अंतिम प्लानिंग

Pune: पुणे के चर्चित मंगेतर हत्याकांड में जांच के दौरान कई नए खुलासे हुए हैं। पुलिस के अनुसार, हत्या से एक दिन पहले यानी 17 जून को आरोपी सिया अपने प्रेमी चेतन चौधरी से एक कैफे में मिली थी। जांच में सामने आया है कि दोनों ने वहीं बैठकर केतन अग्रवाल की हत्या की अंतिम योजना बनाई थी। पुलिस पूरे मामले में तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों के बयानों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
पुलिस का दावा है कि सिया को केतन की हत्या का विचार पहली बार 31 मई को लोहगढ़ किले की ट्रैकिंग के दौरान आया था। इसके बाद 14 जून को उसने कथित तौर पर केतन को पहाड़ी से धक्का देने की कोशिश की, लेकिन वह बच गया। पुलिस के अनुसार, उस समय सिया ने सांप दिखने का बहाना बनाकर घटना को हादसा बताने की कोशिश की थी।
कैफे में बनी थी अंतिम साजिश
जांच के मुताबिक, 17 जून को सिया और उसके प्रेमी चेतन चौधरी की एक कैफे में मुलाकात हुई। यहीं दोनों ने लोहगढ़ किले पर केतन को किस स्थान से धक्का देना है, इसकी योजना बनाई। पुलिस का दावा है कि यदि यह योजना भी विफल होती तो 20 जून के बाद सड़क दुर्घटना के रूप में हत्या करने का बैकअप प्लान भी तैयार था।
दोनों आरोपी 7 दिन की पुलिस रिमांड पर
पुलिस ने सिया और चेतन चौधरी को सात दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है। बुधवार देर रात दोनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई। जांच के दौरान चेतन की दुकान में काम करने वाले कर्मचारी नीरज को भी हिरासत में लिया गया है।
पुलिस के अनुसार, वारदात वाले दिन 18 जून को चेतन अपने साथ नीरज का मोबाइल फोन लेकर लोहगढ़ किले गया था। आशंका है कि उसी फोन से उसने सिया से संपर्क किया, ताकि अपनी पहचान छिपाई जा सके।
पूछताछ में सिया ने क्या कहा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूछताछ में सिया ने पुलिस को बताया कि वह केतन से शादी नहीं करना चाहती थी और उसने रिश्ता खत्म करने की बात भी कही थी। हालांकि, केतन शादी की तैयारियों में जुटा रहा।
पुलिस जांच में सामने आई घटनाओं की टाइमलाइन
31 मई: लोहगढ़ किले की ट्रैकिंग के दौरान पुलिस के मुताबिक सिया के मन में हत्या की योजना आई।
5 जून: सिया ने दोबारा किले पर चलने की जिद की, लेकिन केतन नहीं गया।
6 जून: बाली ट्रिप से पहले पुलिस के अनुसार सिया ने कथित रूप से केतन का पासपोर्ट अलग रख दिया, ताकि यात्रा टल सके।
14 जून: पुलिस का दावा है कि सिया ने किले पर केतन को पीछे से धक्का दिया, लेकिन पेड़ का सहारा मिलने से उसकी जान बच गई। बाद में सिया ने सांप दिखने की बात कहकर घटना को हादसा बताया।
18 जून: पुलिस के अनुसार, प्री-वेडिंग फोटोशूट के बहाने सिया केतन को दोबारा लोहगढ़ किले ले गई। आरोप है कि वहां पहले से मौजूद चेतन चौधरी के साथ मिलकर उसने केतन को पहाड़ी से धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
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Kolkata Shed Collapse: निर्माणाधीन गोदाम का शेड गिरा, 5 की मौत; 50 से ज्यादा लोगों के दबे होने की आशंका

Kolkata Shed Collapse: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में बुधवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। दक्षिण कोलकाता के तारातला ट्रांसपोर्ट डिपो के पास एक निर्माणाधीन गोदाम का शेड अचानक ढह गया। हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 50 से 55 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है।
घटना दोपहर करीब 1:30 बजे हुई, जब गोदाम में निर्माण कार्य चल रहा था। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए।
13 लोगों को निकाला गया, 9 अस्पताल में भर्ती
राहत एवं बचाव कार्य के दौरान अब तक 13 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया है। इनमें से 9 घायलों को इलाज के लिए एसएसकेएम अस्पताल के ट्रॉमा केयर सेंटर में भर्ती कराया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के समय गोदाम में कंक्रीट ढलाई का काम चल रहा था। अचानक भारी शेड और लोहे का ढांचा गिरने से मजदूर और कर्मचारी उसके नीचे दब गए।
सेना भी रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल
पुलिस के अनुसार बचाव कार्य में कोलकाता पुलिस, डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रुप, सिविल डिफेंस, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज की टीमों के साथ सेना को भी लगाया गया है। मलबे को हटाने के लिए भारी क्रेन मंगाई गई हैं। वहीं गैस कटर की मदद से लोहे की छड़ों को काटकर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। राहतकर्मियों के मुताबिक मलबे के भीतर से दबे मजदूरों और कर्मचारियों की आवाजें सुनाई दे रही हैं, जिससे आशंका है कि कई लोग अभी भी जीवित अवस्था में फंसे हो सकते हैं।
घटनास्थल पर पहुंचे मंत्री
हादसे की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार के मंत्री अग्निमित्रा पॉल और मंत्री कौशिक चौधरी मौके पर पहुंचे और बचाव कार्यों का जायजा लिया। प्रशासन ने घायलों के बेहतर उपचार और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
हेल्पलाइन नंबर जारी
राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों और आम नागरिकों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
- 1070
- 8697981070
- 033-22143526
- 033-22535185
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करने की अपील की है।
ओडिशा के कारोबारी की बताई जा रही जमीन
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जिस जमीन पर गोदाम का निर्माण हो रहा था, वह ओडिशा के एक व्यवसायी की बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि जमीन को एक निजी फर्म को लीज पर दिया गया था। हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।
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Monsoon Update: 23 जून को आगे बढ़ सकता है मानसून, छत्तीसगढ़ में बारिश की उम्मीद; 8 राज्यों में अब भी 40°C के पार पारा

Monsoon Update: देशभर में मानसून की रफ्तार पिछले कई दिनों से थमी हुई है, लेकिन मौसम विभाग ने राहत की खबर दी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 23 जून के आसपास मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ सकता है।
मानसून की पश्चिमी शाखा 8 जून से तेलंगाना के भद्राचलम क्षेत्र में रुकी हुई है, जबकि पूर्वी शाखा 12 जून से उत्तर प्रदेश-बिहार सीमा के महराजगंज क्षेत्र के आसपास ठहरी हुई है। इसके चलते मध्य और उत्तर भारत के कई राज्यों में सामान्य मानसूनी बारिश का इंतजार लंबा हो गया है।
छत्तीसगढ़ में 21 से 26 जून के बीच बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 21 से 26 जून के बीच बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। सैटेलाइट तस्वीरों में भी बादलों का दायरा बढ़ता दिखाई दे रहा है, जिससे मानसून के दोबारा सक्रिय होने के संकेत मिले हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून को आगे बढ़ाने वाले सिस्टम अब सक्रिय हो रहे हैं, जिससे अगले कुछ दिनों में छत्तीसगढ़ सहित मध्य भारत के कई हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।
देश के अधिकांश हिस्सों में प्री-मानसून सक्रिय
मानसून की धीमी प्रगति के बावजूद देश के अधिकांश हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां जारी हैं। मौसम विभाग ने 20 से अधिक राज्यों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है।
सिक्किम के छह जिलों और पश्चिम बंगाल के हिमालयी क्षेत्रों में रविवार को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भी तेज बारिश का दौर जारी है।
8 राज्यों में गर्मी बरकरार
मानसून की देरी का असर तापमान पर भी दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, महाराष्ट्र, झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है।
शनिवार को उत्तर प्रदेश का बांदा देश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिल्ली में भी पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
22 जून का मौसम
- असम, मेघालय, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट।
- तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश की संभावना।
- उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में हीटवेव का असर बना रहेगा।
23 जून का मौसम
- पूर्वी उत्तर प्रदेश और विदर्भ में हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है।
- देश के अधिकांश राज्यों में मानसून और प्री-मानसून गतिविधियों के चलते बारिश होने की संभावना।
- किसी भी राज्य के लिए रेड या ऑरेंज अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
मौसम विभाग का कहना है कि यदि वर्तमान बादल गतिविधियां इसी तरह बढ़ती रहीं तो अगले सप्ताह से मानसून एक बार फिर गति पकड़ सकता है, जिससे मध्य भारत और छत्तीसगढ़ में लंबे इंतजार के बाद अच्छी बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
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महाराष्ट्र: हनुमान मंदिर में निर्माणाधीन छत गिरी, 7 श्रद्धालुओं की मौत, 25 घायल

Parbhani Temple Accident:महाराष्ट्र के परभणी जिले में शनिवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। यशवाड़ी देवस्थान स्थित हनुमान मंदिर परिसर में निर्माणाधीन सभा मंडप (हॉल) की छत अचानक ढह गई। हादसे में मलबे के नीचे दबने से 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 अन्य लोग घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस, प्रशासन और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। कई घंटे चले अभियान के बाद मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया।
प्रसाद लेते समय हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार मंदिर के ठीक सामने सभा मंडप का निर्माण कार्य चल रहा था। शनिवार होने के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में अधिक थी। दोपहर के समय कई श्रद्धालु दर्शन और पूजा के बाद प्रसाद ग्रहण कर रहे थे। इसी दौरान निर्माणाधीन मंडप का सेंट्रिंग स्ट्रक्चर अचानक भरभराकर गिर गया और उसके साथ छत तथा भारी पत्थर नीचे आ गिरे। देखते ही देखते दर्जनों लोग मलबे के नीचे दब गए।
CCTV में कैद हुआ पूरा घटनाक्रम
हादसे का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि दोपहर करीब 3 बजे मंदिर परिसर में श्रद्धालु प्रसाद लेने के लिए कतार में खड़े थे। तभी बांस और लोहे की रॉड से तैयार किया गया सेंट्रिंग स्ट्रक्चर अचानक टूट गया और पूरी छत नीचे आ गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
32 लोग मलबे में फंसे, 7 की मौत
जिला प्रशासन के अनुसार हादसे के समय कुल 32 लोग प्रभावित हुए। इनमें से 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हुए हैं। घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। जिला कलेक्टर संजय चव्हाण, उपमंडल अधिकारी संगीता चव्हाण और तहसीलदार पांडुरंग माछेवाड़ ने घटना की पुष्टि की है।
श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने भी की मदद
हादसे के तुरंत बाद मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय ग्रामीणों ने मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया। बाद में प्रशासनिक टीमों ने राहत अभियान की कमान संभाली। बचाव अभियान में आपदा प्रबंधन दल, पथरी अग्निशमन विभाग, लोक निर्माण विभाग, जिला स्वास्थ्य विभाग, मेडिकल टीम, परभणी नगर निगम और स्थानीय ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया।
हादसे के कारणों की जांच शुरू
प्रशासन ने घटना की जांच के निर्देश दे दिए हैं। प्रारंभिक तौर पर निर्माणाधीन स्ट्रक्चर की मजबूती और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और निर्माण कार्य को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
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Monsoon 2026: 11 दिन से थमा मानसून, 19 राज्यों तक पहुंचने के बाद तेलंगाना में अटका, 7 राज्यों में बारिश की भारी कमी

Monsoon 2026: दक्षिण-पश्चिम मानसून 15 दिनों में देश के 19 राज्यों तक पहुंच चुका है, लेकिन 8 जून से इसकी रफ्तार थम गई है। मानसून पिछले 11 दिनों से तेलंगाना के भद्राचलम क्षेत्र में रुका हुआ है, जिसके कारण उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में बारिश का इंतजार लंबा हो गया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार देश में अब तक सामान्य से 38 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।
मानसून की धीमी प्रगति का असर मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, छत्तीसगढ़, हरियाणा और दिल्ली समेत कई राज्यों पर पड़ा है। इन क्षेत्रों में प्री-मानसून गतिविधियां जारी हैं, लेकिन नियमित मानसूनी बारिश नहीं होने से गर्मी और उमस का असर बना हुआ है।
गुजरात और महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा बारिश की कमी
1 जून से 18 जून के बीच हुई बारिश के आंकड़ों के अनुसार गुजरात में सामान्य से 79 प्रतिशत और महाराष्ट्र में 78 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की रफ्तार थमने से कृषि और जल भंडारण पर भी असर पड़ सकता है।
एक साथ सक्रिय पांच मौसमीय सिस्टम बने वजह
विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून की धीमी चाल के पीछे एक साथ कई मौसमीय सिस्टम सक्रिय होना प्रमुख कारण है। अरब सागर से पर्याप्त नमी वाली हवाएं नहीं पहुंच पा रही हैं, जबकि दक्षिण भारत से उठने वाले बादल उत्तर की ओर बढ़ने में असफल रहे हैं। इसके अलावा वायुमंडलीय परिस्थितियां भी मानसून के पक्ष में नहीं हैं।
सात राज्यों में गर्मी बरकरार, पारा 40 डिग्री के पार
बारिश की कमी के बीच कई राज्यों में गर्मी का असर बना हुआ है। बुधवार को उत्तर प्रदेश के बांदा में देश का सबसे अधिक तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अन्य प्रमुख शहरों में तापमान इस प्रकार रहा-
- ओडिशा के बौध में 42.8°C
- महाराष्ट्र के ब्रह्मपुरी में 42.3°C
- झारखंड के डाल्टनगंज में 42°C
- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 41.6°C
- बिहार के छपरा में 41.6°C
- मध्य प्रदेश के खजुराहो में 41.4°C
अल नीनो के संकेत बढ़ा रहे चिंता
अमेरिकी राष्ट्रीय महासागरीय एवं वायुमंडलीय प्रशासन (NOAA) की रिपोर्ट में अल नीनो जैसी परिस्थितियां बनने के संकेत मिले हैं। रिपोर्ट के अनुसार इंटरट्रॉपिकल कन्वर्जेंस जोन (ITCZ) सामान्य गति से सक्रिय नहीं हो पाया है, जिससे मानसून की प्रगति प्रभावित हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अल नीनो की स्थिति मजबूत होती है तो देश के कुछ हिस्सों में लंबे समय तक सूखा और असमान बारिश देखने को मिल सकती है।
अगले दो दिनों का मौसम
20 जून
- बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बारिश की संभावना।
- बिहार में 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
- असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के आसार।
- राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में गरज-चमक के साथ बारिश तथा तेज हवाएं चल सकती हैं।
21 जून
- सिक्किम, उत्तर बंगाल, असम और मेघालय में भारी बारिश की संभावना।
- राजस्थान और मध्य प्रदेश में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
- झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में गरज-चमक की गतिविधियां बनी रहेंगी।
- तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में बारिश जारी रहने के आसार हैं।
जेट स्ट्रीम कमजोर होने पर बढ़ेगा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय जेट स्ट्रीम फिलहाल मानसून की प्रगति को प्रभावित कर रही है। जैसे ही इसका प्रभाव कमजोर होगा, मानसूनी हवाएं तेज होंगी और अगले 4 से 5 दिनों में मानसून महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, कर्नाटक तथा अन्य हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। जेट स्ट्रीम पृथ्वी की सतह से लगभग 8 से 15 किलोमीटर की ऊंचाई पर बहने वाली अत्यंत तेज हवाएं होती हैं, जो मानसून और पश्चिमी विक्षोभ दोनों को प्रभावित करती हैं।


















