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बिलासपुर-दिल्ली फ्लाइट 1 मार्च से होगी शुरू, जबलपुर और प्रयागराज के लिए भी मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी

बिलासपुर: दिल्ली के लिए हवाई सेवा शुरू होने का शहरवासियों का सपना अब हकीकत में बदलने जा रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की लगातार कोशिशों के परिणामस्वरूप रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर से देश की राजधानी दिल्ली के लिए 1 मार्च से विमान सेवा शुरू होगी।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 4 फरवरी को अपने नई दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात कर बिलासपुर से दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे महानगरों से एयर कनेक्टीविटी की अनुमति देने का आग्रह किया था। जिस पर केंद्रीय मंत्री पुरी ने बिलासपुर से दिल्ली के लिए तत्काल एयर इंडिया की फ्लाइट शुरू करने की घोषणा की थी।
जबलपुर और प्रयागराज से भी हवाई सेवा से जुड़ जाएगा बिलासपुर
बिलासपुर से दिल्ली के लिए एटीआर 72 एयरक्राफ्ट की दो फ्लाईट सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और शनिवार को संचालित की जाएंगी। पहली फ्लाईट (दिल्ली-जबलपुर-बिलासपुर (1520-1545)-प्रयागराज-दिल्ली) दिल्ली से रवाना होकर जबलपुर होते हुए अपरान्ह 3.20 बजे बिलासपुर पहुंचेगी और 3.45 बजे बिलासपुर से प्रयागराज होते हुए वापस दिल्ली लौटेगी। दूसरी फ्लाईट (दिल्ली-प्रयागराज-बिलासपुर (1600-1630)-जबलपुर-दिल्ली) दिल्ली से प्रयागराज होते हुए शाम 4 बजे बिलासपुर पहुंचेगी और 4.30 बजे बिलासपुर से जबलपुर होते हुए दिल्ली जाएगी। एयर इंडिया की सहायक कंपनी एलायंस एयर ने इसके लिए अपनी सहमति दे दी है।
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Chhattisgarh: किसानों को खाद-बीज की कमी नहीं होने देंगे- CM साय, सुपेबेड़ा पेयजल योजना के लिए 7 करोड़ मंजूर

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता के आधार पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाए तथा इसकी जवाबदेही संबंधित जिलों के कलेक्टरों की होगी।
मुख्यमंत्री शनिवार को गरियाबंद जिला पंचायत कार्यालय में आयोजित रायपुर संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। करीब साढ़े तीन घंटे चली इस मैराथन बैठक में रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद और बलौदाबाजार जिलों की विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की समीक्षा की गई।
सुपेबेड़ा की पेयजल समस्या के समाधान के लिए 7 करोड़ मंजूर
बैठक में मुख्यमंत्री ने गरियाबंद जिले के सुपेबेड़ा क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए बड़ा फैसला लिया। उन्होंने तेल नदी पर एनीकट निर्माण हेतु 7 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का स्थायी समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
नैनो यूरिया और नैनो डीएपी को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गांव-गांव जाकर किसानों को नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग और उसके लाभों की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग से उत्पादन बढ़ाने और लागत कम करने में मदद मिलेगी।
अवैध रेत उत्खनन पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम नागरिकों को योजनाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
इन योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान भारत योजना, जल जीवन मिशन, बिहान, तेंदूपत्ता संग्रहण, महतारी वंदन योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि तथा धान उपार्जन एवं उठाव की प्रगति की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने आयुष्मान कार्ड के शत-प्रतिशत कवरेज, टीबी मुक्त पंचायतों के निर्माण, जल जीवन मिशन के समयबद्ध क्रियान्वयन और पीएम किसान सम्मान निधि के पात्र हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।
AI तकनीक से बेहतर होगी पढ़ाई
शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन स्कूलों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी है, वहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीकों का उपयोग कर पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर बनाई जाए। उन्होंने स्कूलों में सीखने के स्तर को सुधारने, नियमित मॉनिटरिंग और नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
नए आपराधिक कानूनों और सड़क सुरक्षा पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और देश में लागू तीन नए आपराधिक कानूनों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रशिक्षण कार्यक्रम और जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही नशा मुक्ति अभियान को प्रभावी बनाने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार केवल शिकायत निवारण का अभियान नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का माध्यम है।
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Sushasan Tihar 2026: आम और बरगद की छांव में मुख्यमंत्री की चौपाल, खाट पर बैठकर सुनी ग्रामीणों की समस्याएं, नर्सिंग कॉलेज से लेकर बैंक शाखा तक की घोषणाएं

Sushasan Tihar 2026: सुशासन तिहार 2026 के तहत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शनिवार को गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के ग्राम निमधा और सक्ती जिले के ग्राम ठठारी में ग्रामीणों के बीच पहुंचकर जनचौपाल लगाई। आम और बरगद के पेड़ों की छांव में ग्रामीणों के बीच बैठकर मुख्यमंत्री ने उनकी समस्याएं सुनीं, योजनाओं की जमीनी हकीकत जानी और कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य केवल योजनाओं की समीक्षा करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
निमधा में खाट पर बैठकर किया जनसंवाद
मरवाही विकासखंड के ग्राम निमधा में मुख्यमंत्री आम के पेड़ की छांव में खाट पर बैठकर ग्रामीणों से रूबरू हुए। उन्होंने बिजली, पानी, राशन, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर लोगों से सीधे फीडबैक लिया।
जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों और मरवाही विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची ने जिले में नर्सिंग कॉलेज, ग्राम निमधा में मिनी स्टेडियम और सर्वसमाज के लिए विशाल मंगल भवन की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने तीनों मांगों को तत्काल स्वीकृति देते हुए घोषणा की।
राजस्व अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी
राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायतें सामने आने पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समय पर निराकरण नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
महिलाओं को दिया ‘करोड़पति दीदी’ बनने का मंत्र
मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और लखपति दीदियों से संवाद करते हुए कहा कि अब लक्ष्य केवल लखपति बनना नहीं, बल्कि करोड़पति दीदी बनना होना चाहिए।
महिलाओं ने बताया कि महतारी वंदन योजना की राशि बच्चों की पढ़ाई और घरेलू जरूरतों में सहयोग कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में योजना की 28वीं किस्त के तहत प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में राशि अंतरित की गई है।
‘आजीविका गाथा’ पुस्तक का विमोचन
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी महिलाओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महिला स्व-सहायता समूहों की सफलता की कहानियों पर आधारित ‘आजीविका गाथा’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक महिलाओं के संघर्ष, आत्मनिर्भरता और सफलता की प्रेरक यात्रा का दस्तावेज है।
स्थानीय व्यंजनों का लिया स्वाद
ग्रामीण परिवेश में आयोजित चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने सरई के दोना-पत्तल में परोसे गए जामुन, कोईलार भाजी, बेल का शरबत, आम की चटनी और आमपना का स्वाद भी लिया।
बरगद की छांव में सजी ठठारी की चौपाल
इसके बाद मुख्यमंत्री सक्ती जिले के ग्राम ठठारी पहुंचे, जहां चतुर्भुज तालाब पार स्थित विशाल बरगद के पेड़ की छांव में जनचौपाल लगाई गई। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का आकलन किया। उन्होंने ग्रामीणों से महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली।
सीएम हेल्पलाइन जल्द होगी शुरू
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जल्द ही अत्याधुनिक सीएम हेल्पलाइन शुरू की जाएगी। नागरिक टोल फ्री नंबर, ईमेल और व्हाट्सएप के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों के समयबद्ध समाधान की व्यवस्था होगी और लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
ठठारी को मिली कई सौगातें
ग्रामीणों की मांग पर मुख्यमंत्री ने चतुर्भुज विष्णु मंदिर के निकट श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आरती घाट निर्माण की घोषणा की। साथ ही ठठारी में बैंक शाखा खोलने और क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत करने का ऐलान किया।
मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को ठठारी को नगर पंचायत बनाने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ठठारी को नगर पंचायत का दर्जा दिया जाएगा।
विकास और सुशासन पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। बस्तर में भी शांति और विकास का नया वातावरण स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ शासन और जनता के बीच विश्वास, संवाद और सहभागिता को मजबूत करना है। जब जनप्रतिनिधि और अधिकारी सीधे जनता के बीच पहुंचते हैं, तभी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित होता है।
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Bilaspur: सीएंम साय ने बिलासपुर को दी 134 करोड़ की सौगात, महतारी वंदन की 28वीं किस्त जारी, वृद्धाश्रम और दिव्यांग केंद्र का किया शिलान्यास

Bilaspur: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार के तहत बिलासपुर के हेमूनगर में आयोजित जिला स्तरीय समाधान शिविर में 134 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त जारी की और कई महत्वपूर्ण विकास घोषणाएं भी कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन, विकास और जनकल्याण राज्य सरकार की पहचान है। सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
80 दिव्यांगों को मिली मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 80 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल वितरित की। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से आवास की चाबियां सौंपीं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य लोगों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है।
22.65 करोड़ से बनेगा 200 सीटर वृद्धाश्रम
मुख्यमंत्री ने एसईसीएल के CSR फंड से 22 करोड़ 65 लाख रुपये की लागत से बनने वाले 200 सीटर बहुउद्देशीय वृद्धाश्रम भवन का शिलान्यास किया। यहां वरिष्ठ नागरिकों को प्राकृतिक चिकित्सा, योग, फिजियोथेरेपी और पुनर्वास जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।
दिव्यांगों के लिए बनेगा 500 सीटर पुनर्वास केंद्र
सीएम साय ने 18 करोड़ 76 लाख रुपये की लागत से बनने वाले 500 सीटर दिव्यांगजन शिक्षण-प्रशिक्षण एवं बहुउद्देशीय पुनर्वास केंद्र की आधारशिला भी रखी। इस केंद्र में शिक्षा, कौशल विकास, स्पीच थेरेपी, ऑडिटरी ट्रेनिंग और फिजियोथेरेपी जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
जिला अस्पताल को मिली अत्याधुनिक CT स्कैन मशीन
मुख्यमंत्री ने जिला अस्पताल में 4 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक CT स्कैन मशीन का लोकार्पण किया। इससे गंभीर बीमारियों की जांच स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सकेगी।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन जल्द होगी शुरू
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ई-डिस्ट्रिक्ट के तहत 400 से अधिक सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध करा चुकी है। वहीं आम लोगों की शिकायतों के समयबद्ध निराकरण के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सेवा भी जल्द शुरू की जाएगी।
बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, सुरक्षा बलों की कार्रवाई और बस्तर की जनता के सहयोग से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिल रही है। बस्तर में सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल जैसी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है।
बेलतरा कॉलेज का नाम होगा सखाराम सूर्यवंशी के नाम पर
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बेलतरा महाविद्यालय का नामकरण स्वर्गीय सखाराम सूर्यवंशी के नाम पर करने की घोषणा की। इसके अलावा बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में पांच मंगल भवनों के निर्माण की भी घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिलासपुर के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार विशेष कार्ययोजना पर काम कर रही है और जिले की सभी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाएगा।
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NHAI Green Highway: फ्लाई-ऐश से बन रहीं ग्रीन हाईवे, छत्तीसगढ़ में 3 साल में सड़क निर्माण में खपी 3 करोड़ टन से ज्यादा राख

Raipur: राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में अब केवल कंक्रीट और डामर ही नहीं, बल्कि औद्योगिक कचरा भी उपयोगी साबित हो रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए फ्लाई-ऐश, स्टील स्लैग, पुराने टायरों के रबर और बायो-बिटुमेन जैसी पुनर्चक्रित सामग्रियों का उपयोग कर ग्रीन हाईवे विकसित कर रहा है।
छत्तीसगढ़ में इस दिशा में उल्लेखनीय काम हुआ है। एनएचएआई के मुताबिक वर्ष 2024-25 में 2.17 करोड़ मीट्रिक टन और वर्ष 2025-26 में 62 लाख मीट्रिक टन से अधिक फ्लाई-ऐश सड़क निर्माण में उपयोग की गई। वहीं चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक करीब 20 लाख मीट्रिक टन फ्लाई-ऐश का उपयोग किया जा चुका है।
स्टील स्लैग और पुराने टायर भी बन रहे सड़क का हिस्सा
सड़क निर्माण में औद्योगिक कचरे की रिसाइक्लिंग को बढ़ावा देते हुए स्टील उद्योग के अपशिष्ट (स्लैग), अनुपयोगी टायरों के रबर और बायो-बिटुमेन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। वर्ष 2024-25 में 30,477 मीट्रिक टन और वर्ष 2025-26 में 2,691 मीट्रिक टन वैकल्पिक सामग्रियों का उपयोग कर पर्यावरण-अनुकूल राजमार्ग तैयार किए गए।
जल संरक्षण पर भी विशेष फोकस
एनएचएआई सड़क निर्माण के साथ जल संरक्षण को भी प्राथमिकता दे रहा है। राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे देशभर में 13 अमृत सरोवरों का निर्माण और जीर्णोद्धार किया गया है। वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए वाटर हार्वेस्टिंग पिट्स की संख्या एक वर्ष में 14 से बढ़ाकर 105 कर दी गई।
निर्माण कार्यों और पौधों की सिंचाई में पीने योग्य पानी की जगह सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से प्राप्त 323 किलोलीटर शोधित जल का उपयोग किया गया है।
सीतानदी-उदंती में बन रही 3 किमी लंबी सुरंग
वन्यजीवों और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ के सीतानदी-उदंती अभयारण्य क्षेत्र में लगभग 3 किलोमीटर लंबी आधुनिक सुरंग विकसित की जा रही है। इससे वाहनों का आवागमन भूमिगत होगा और जंगल के प्राकृतिक वातावरण पर कम प्रभाव पड़ेगा।
परियोजना में साउंड बैरियर्स, मंकी कैनोपी, एलिफेंट पास और एनिमल अंडरपास जैसी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं, ताकि वन्यजीवों की आवाजाही प्रभावित न हो।
हाईवे किनारे बनेंगे बी-कॉरिडोर और मेडिसीन पार्क
एनएचएआई अब हाईवे को केवल परिवहन मार्ग नहीं, बल्कि एक जीवंत पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। इसके तहत सड़क किनारे बी-कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जिससे प्राकृतिक परागण बढ़ेगा और किसानों को फायदा मिलेगा।
इसके अलावा खाली जमीनों पर मेडिसीन पार्क विकसित कर नीम, तुलसी, एलोवेरा और आंवला जैसे औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। “एक पेड़ मां के नाम 2.0” अभियान के तहत पिछले वर्ष छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे ढाई लाख से अधिक पौधे लगाए गए।
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Chhattisgarh: प्रदेश में में खाद की कमी नहीं, खरीफ सीजन से पहले 9.29 लाख मीट्रिक टन उर्वरक स्टॉक, सरकार अलर्ट मोड पर

Raipur: खरीफ सीजन 2026 से पहले छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए व्यापक तैयारी की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, मार्कफेड और जिला प्रशासन प्रदेशभर में उर्वरकों के भंडारण और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखे हुए हैं।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में फिलहाल खाद की कोई कमी नहीं है। वर्तमान में गोदामों और सहकारी समितियों में 9.29 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का स्टॉक उपलब्ध है। वहीं केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को खरीफ सीजन 2026 के लिए 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक आवंटित किया है।
केंद्र से मिला 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य
राज्य को आवंटित उर्वरकों में शामिल हैं:
- यूरिया : 7.25 लाख मीट्रिक टन
- डीएपी : 3 लाख मीट्रिक टन
- एनपीके : 2.50 लाख मीट्रिक टन
- एसएसपी : 2 लाख मीट्रिक टन
- एमओपी : 80 हजार मीट्रिक टन
कृषि विभाग के अनुसार 1 जून की स्थिति में रायपुर, महासमुंद, रायगढ़ और बालोद के रेक पॉइंट्स पर 6600 मीट्रिक टन अतिरिक्त यूरिया की खेप पहुंच रही है।
जिलों में पर्याप्त खाद उपलब्ध
कृषि विभाग के मुताबिक गरियाबंद में 17,818 मीट्रिक टन, बस्तर में 29,719 मीट्रिक टन, रायपुर में 9,102 मीट्रिक टन यूरिया, राजनांदगांव में 42,997 मीट्रिक टन तथा बिलासपुर में 41,560 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है। धमतरी जिले में 15,040 मीट्रिक टन और कोरिया जिले में भी पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया गया है। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को लगातार खाद वितरण किया जा रहा है।
जमीन के रकबे के अनुसार मिलेगा यूरिया
किसानों को सुगम वितरण सुनिश्चित करने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। 2.5 एकड़ तक भूमि वाले किसानों को एकमुश्त यूरिया, 2.5 से 5 एकड़ तक वाले किसानों को दो किश्तों में और 5 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को तीन किश्तों में खाद उपलब्ध कराया जाएगा।
नैनो डीएपी और नैनो यूरिया पर जोर
राज्य सरकार किसानों को संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन के लिए नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के उपयोग के प्रति भी जागरूक कर रही है। कृषि वैज्ञानिक और विभागीय अधिकारी किसानों को इनके लाभों की जानकारी दे रहे हैं। हालांकि कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि नैनो उर्वरकों का उपयोग पूरी तरह स्वैच्छिक है और किसानों की सहमति के आधार पर ही उपलब्ध कराया जा रहा है।
कालाबाजारी और गड़बड़ी पर सख्ती
कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोरिया जिले की जिल्दा सहकारी समिति में उर्वरक वितरण में अनियमितता मिलने पर संबंधित समिति प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को खाद, बीज और अन्य कृषि आदानों की उपलब्धता में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए उर्वरकों के भंडारण, परिवहन और वितरण की नियमित समीक्षा की जा रही है।
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