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AAP: आम आदमी पार्टी बनी राष्ट्रीय पार्टी, तृणमूल, राकांपा और भाकपा को झटका

AAP: चुनाव आयोग ने सोमवार को दिल्ली और पंजाब में सत्ताधारी दल आम आदमी पार्टी (AAP) को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दे दिया है। इसके साथ ही तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी (भाकपा) से राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा छिन गया है। चुनाव आयोग ने जानकारी दी कि आम आदमी पार्टी को दिल्ली, गोवा, पंजाब और गुजरात में उसके चुनावी प्रदर्शन को देखते हुए राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिया गया है।
इनका भी घट गया दर्जा
उत्तरप्रदेश में राष्ट्रीय लोक दल (रालोद), आंध्रप्रदेश में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) से क्षेत्रीय पार्टी का दर्जा छिन गया है। बता दें कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव ने पिछले साल ही तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) का नाम बदलकर भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) कर दिया था। चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में आरएसपी, पुडुचेरी में पीएमके, मणिपुर में पीडीए और मिजोरम में एमपीसी को दिया गया राज्य स्तरीय पार्टी का दर्जा भी समाप्त कर दिया है।
राष्ट्रीय पार्टी बनने के लिए क्या है जरूरी
राष्ट्रीय स्तर की किसी भी पार्टी के लिए अपना दर्जा बरकरार रखने के लिए आवश्यक है कि देश में कम से कम चार से ज्यादा राज्यों में उसके उम्मीदवार 6 प्रतिशत मत हासिल करें। यदि कोई पार्टी चार राज्यों में क्षेत्रीय पार्टी का दर्जा हासिल कर लेती है, तब भी उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल जाता है। वहीं लोकसभा की कुल सीटों में से 2 फीसदी सीटें कम से कम तीन राज्यों में हासिल की हों, तब भी राष्ट्रीय पार्टी का दर्चा मिल जाता है।
राष्ट्रीय पार्टी बनने से क्या हासिल होगा
किसी भी पार्टी को राष्ट्रीय स्तर की पार्टी का दर्जा मिलने के बाद वह अपना चुनाव चिन्ह देशभर में सुरक्षित कर सकती है। पार्टी को राजधानी दिल्ली में सब्सिडी दर पर पार्टी अध्यक्ष के लिए एक सरकारी बंगला और पार्टी कार्यालय के लिए भी एक सरकारी बंगला किराए पर मिलता है। इसके अलावा चुनाव प्रचार में पार्टी अधिकतम 40 स्टार प्रचारक रख सकती है, जिनका यात्रा खर्च चुनाव खर्च में नहीं जोड़ा जाता है। इसके अलावा भी कई अन्य तरह की सुविधाएं और रियायतें राष्ट्रीय पार्टियों को मिलती हैं।
देश में अब कितने राष्ट्रीय दल
1. भारतीय जनता पार्टी (BJP)
2.भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC)
3.कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया
4.बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी)
5.नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी)
6.आम आदमी पार्टी (आप)
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AI content पर सख्ती: X, YouTube, Facebook को AI पोस्ट पर लेबल लगाना होगा; डीपफेक 3 घंटे में हटाने का आदेश

AI content: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे X (ट्विटर), यूट्यूब, स्नैपचैट और फेसबुक को अब अपने प्लेटफॉर्म पर शेयर किए जाने वाले AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से बने कंटेंट पर साफ-साफ लेबल लगाना होगा। इसके साथ ही डीपफेक वीडियो और फोटो को शिकायत मिलने के 3 घंटे के भीतर हटाना अनिवार्य होगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मंगलवार को इस संबंध में आदेश जारी किया है। इसके तहत IT रूल्स 2021 में बदलाव किया गया है। बदले हुए नियम 20 फरवरी से लागू होंगे। सरकार ने इन नियमों का ड्राफ्ट 22 अक्टूबर 2025 को जारी किया था।
नए नियमों का मकसद डीपफेक और AI से बने कंटेंट को पहचानने, लेबल करने और ट्रेस करने की व्यवस्था को मजबूत करना है। अब AI से तैयार किसी भी कंटेंट पर यह स्पष्ट रूप से लिखना होगा कि यह असली नहीं, बल्कि AI-जनरेटेड है। सरकार का मानना है कि इससे मिसइनफॉर्मेशन, फेक न्यूज और चुनावी धांधली जैसी समस्याओं पर रोक लगेगी।
सभी AI ऑडियो-वीडियो पर लेबल अनिवार्य
नए नियम 3(3) के तहत, जो भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘सिंथेटिकली जेनरेटेड इंफॉर्मेशन’ यानी AI कंटेंट बनाने या अपलोड करने की सुविधा देता है, उसे हर ऐसे कंटेंट पर प्रॉमिनेंट लेबल लगाना होगा। साथ ही परमानेंट यूनिक मेटाडेटा या आइडेंटिफायर एम्बेड करना भी जरूरी होगा।
लेबल विजुअल कंटेंट में कम से कम 10% एरिया कवर करेगा, जबकि ऑडियो कंटेंट में पहले 10% हिस्से में इसे सुनाना अनिवार्य होगा। इस मेटाडेटा को बदला, छिपाया या डिलीट नहीं किया जा सकेगा। प्लेटफॉर्म्स को ऐसे टेक्निकल सिस्टम अपनाने होंगे, जिससे अपलोड के वक्त ही AI कंटेंट की पहचान हो सके।
नए IT नियमों में ये 3 बड़े बदलाव
लेबल हटाना या छिपाना नामुमकिन: सोशल मीडिया कंपनियां AI लेबल या मेटाडेटा को हटाने या छिपाने की अनुमति नहीं दे सकेंगी।
गैरकानूनी और भ्रामक कंटेंट पर रोक: कंपनियों को ऐसे ऑटोमेटेड टूल्स इस्तेमाल करने होंगे, जो AI से बने गैरकानूनी, अश्लील या धोखाधड़ी वाले कंटेंट को रोक सकें।
हर 3 महीने में यूजर्स को चेतावनी: प्लेटफॉर्म्स को हर 3 महीने में कम से कम एक बार यूजर्स को वॉर्निंग देना अनिवार्य होगा कि AI का गलत इस्तेमाल करने पर जुर्माना या सजा हो सकती है।
यूजर्स और इंडस्ट्री पर क्या असर पड़ेगा?
इन नियमों से यूजर्स फेक और असली कंटेंट के बीच आसानी से फर्क कर पाएंगे और मिसइनफॉर्मेशन में कमी आएगी। हालांकि, क्रिएटर्स को AI कंटेंट पर लेबलिंग जैसे अतिरिक्त स्टेप्स अपनाने होंगे। वहीं इंडस्ट्री के लिए मेटाडेटा और वेरिफिकेशन सिस्टम में निवेश करना एक चुनौती हो सकता है, जिससे ऑपरेशनल लागत बढ़ेगी।
मंत्रालय ने क्या कहा?
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा कि ये कदम ‘ओपन, सेफ, ट्रस्टेड और अकाउंटेबल इंटरनेट’ बनाने की दिशा में उठाया गया है। इससे जनरेटिव AI से पैदा होने वाली मिसइनफॉर्मेशन, इम्पर्सनेशन और चुनावी हेरफेर जैसी जोखिमों से निपटने में मदद मिलेगी और इंटरनेट ज्यादा भरोसेमंद बनेगा।
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Lok Sabha Speaker: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, विपक्ष के 118 सांसदों ने दिया नोटिस; 9 मार्च को हो सकती है चर्चा

Lok Sabha Speaker: विपक्ष ने मंगलवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस लोकसभा सचिवालय को सौंप दिया। इस नोटिस पर विपक्ष के 118 सांसदों के हस्ताक्षर हैं। न्यूज एजेंसी IANS ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और उसके नतीजे तक ओम बिरला लोकसभा की कार्यवाही नहीं चलाएंगे। प्रस्ताव गिरने के बाद ही वे स्पीकर की कुर्सी संभालेंगे।
एजेंसी के अनुसार, विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में 9 मार्च को चर्चा हो सकती है। मौजूदा बजट सत्र का यह चरण 13 फरवरी को खत्म हो रहा है, जबकि इसके बाद 8 मार्च से संसद की कार्यवाही दोबारा शुरू होगी। इससे पहले बजट सत्र के 10वें दिन संसद की कार्यवाही हंगामे के चलते दो बार स्थगित करनी पड़ी। दोपहर 2 बजे के बाद सदन की कार्यवाही शुरू हो सकी, जिसमें शशि थरूर ने बजट पर चर्चा की शुरुआत की।
इसी दौरान पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की किताब को लेकर भी विवाद गहराता गया। पेंगुइन पब्लिशिंग हाउस ने सफाई जारी करते हुए कहा कि यह किताब अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है और न ही इसकी कोई प्रिंट या डिजिटल कॉपी आधिकारिक तौर पर सामने आई है। कंपनी के मुताबिक पब्लिशिंग के सभी अधिकार उनके पास हैं और उनकी ओर से किताब का कोई हिस्सा सार्वजनिक नहीं किया गया।
पेंगुइन की यह सफाई उस वक्त आई है, जब किताब की अनअथॉराइज्ड कॉपियों के लीक और ऑनलाइन सर्कुलेशन का दावा किया गया। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने FIR भी दर्ज की है। दरअसल, राहुल गांधी लोकसभा में पूर्व आर्मी चीफ की किताब लेकर पहुंचे थे। विपक्ष इस बात पर अड़ा है कि राहुल गांधी को सदन में इस मुद्दे पर बोलने दिया जाए, जिसे लेकर लगातार हंगामा हो रहा है।
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RSS: संघ कहेगा तो तुरंत पद छोड़ दूंगा; 75 साल की उम्र कोई नियम नहीं- मोहन भागवत

RSS: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि संघ का निर्णय उनके लिए सर्वोपरि है। यदि संगठन उन्हें पद छोड़ने को कहेगा, तो वे बिना किसी सवाल के तुरंत जिम्मेदारी छोड़ देंगे। उन्होंने यह बयान मुंबई में आयोजित RSS के शताब्दी वर्ष कार्यक्रम के दौरान दिया।
भागवत ने 75 साल की उम्र के बाद पद छोड़ने की चर्चा पर कहा कि यह संघ की परंपरा जरूर है, लेकिन कोई लिखित या बाध्यकारी नियम नहीं। उन्होंने यह भी साफ किया कि RSS में नेतृत्व जाति के आधार पर नहीं तय होता। सरसंघचालक बनने के लिए क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र या ब्राह्मण होना कोई योग्यता नहीं है। जो व्यक्ति हिंदू समाज और संगठन के लिए निष्ठा से काम करता है, वही इस जिम्मेदारी के योग्य होता है।
कार्यक्रम के दौरान भागवत ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर कहा कि इसे सभी वर्गों को विश्वास में लेकर बनाया जाना चाहिए, ताकि समाज में मतभेद न बढ़ें। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर उन्होंने उम्मीद जताई कि यह भारत के हितों को ध्यान में रखकर किया गया होगा और देश को इससे नुकसान नहीं होगा।
घुसपैठ के मुद्दे पर RSS प्रमुख ने कहा कि सरकार को इस दिशा में अभी और काम करना है। पहचान कर निष्कासन की प्रक्रिया जरूरी है, जो पहले ठीक से नहीं हो पा रही थी, लेकिन अब धीरे-धीरे शुरू हुई है।
RSS की कार्यशैली पर बोलते हुए भागवत ने कहा कि संघ का उद्देश्य प्रचार नहीं, बल्कि समाज में संस्कार विकसित करना है। जरूरत से ज्यादा प्रचार दिखावे और फिर अहंकार को जन्म देता है। उन्होंने कहा कि प्रचार बारिश की तरह होना चाहिए—सही समय पर और सीमित मात्रा में।
भाषा को लेकर उन्होंने साफ कहा कि संघ की कार्यप्रणाली में अंग्रेजी कभी मुख्य भाषा नहीं बनेगी। जहां जरूरत होती है वहां अंग्रेजी का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन मातृभाषा को प्राथमिकता देना जरूरी है। वीर सावरकर को भारत रत्न दिए जाने के सवाल पर भागवत ने कहा कि अगर ऐसा होता है, तो इससे सम्मान की गरिमा और बढ़ेगी।
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सूरजकुंड मेले में बड़ा हादसा: झूला गिरने से पुलिस इंस्पेक्टर की मौत, 13 घायल; शाम को डिजाइनर गेट भी गिरा

Surajkund Fair: हरियाणा के फरीदाबाद में चल रहे सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में शनिवार को बड़ा हादसा हो गया। मेले में लगा एक झूला अचानक गिर पड़ा। इस हादसे में पुलिस इंस्पेक्टर की मौके पर मौत हो गई, जबकि 13 लोग घायल हो गए। घायलों को निजी अस्पतालों और बादशाह खान सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हादसे की सूचना मिलते ही DC आयुष सिन्हा मौके पर पहुंचे और पूरे मेला परिसर को खाली करा दिया गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें झूला ऊपर से तेजी से नीचे गिरते हुए दिख रहा है। हादसे के बाद मेले में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।
DC आयुष सिन्हा ने बताया कि घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा, “लापरवाही बरतने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।” हादसे में पलवल के चांदहट थाने के SHO जगदीश प्रसाद की भी झूले की चपेट में आने से मौत हो गई।
शाम को डिजाइनर गेट भी गिरा, एक घायल
इसी दिन शाम को मेले के गेट नंबर-2 के पास बना डिजाइनर गेट अचानक गिर पड़ा। बताया जा रहा है कि गेट पहले से ही झुका हुआ था। गेट गिरने से एक व्यक्ति घायल हो गया, हालांकि उसकी हालत गंभीर नहीं है। घटना के बाद मेला प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर गेट का मलबा हटवाया।
39वां सूरजकुंड मेला 15 फरवरी तक
39वां अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला 31 जनवरी को शुरू हुआ था। इसका उद्घाटन उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने किया था। मेला 15 फरवरी तक चलेगा। इसमें भारत के 30 राज्यों के करीब 1150 कलाकार हिस्सा ले रहे हैं, जबकि 46 देशों के कलाकार भी मेले में पहुंचे हैं।
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US ट्रेड ऑफिस का नया इंडिया मैप वायरल: PoK और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाया, इसी बीच भारत-अमेरिका ट्रेड डील का फ्रेमवर्क जारी

India US Trade Deal: भारत और अमेरिका ने शुक्रवार को एक अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Agreement- ITA) का फ्रेमवर्क घोषित किया। इस घोषणा के साथ अमेरिकी ट्रेड ऑफिस (USTR) ने भारत का आधिकारिक मैप शेयर किया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस मैप में पूरा जम्मू-कश्मीर क्षेत्र, जिसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और चीन के कब्जे वाला अक्साई चिन भी शामिल है, को भारत का अभिन्न हिस्सा दिखाया गया है।
अब तक अमेरिका और अधिकांश पश्चिमी देशों के सरकारी नक्शों में PoK और अक्साई चिन जैसे विवादित क्षेत्रों को अलग रंग या डॉटेड लाइनों से दर्शाया जाता रहा है। अमेरिका के पुराने मैप्स में भी PoK को भारत से अलग दिखाया गया था। लेकिन इस बार ट्रम्प प्रशासन के कार्यकाल में जारी किए गए इस मैप को भारत की सीमाओं को पूरी तरह मान्यता देने वाला माना जा रहा है- चाहे यह जानबूझकर किया गया हो या अनजाने में।
भारत लंबे समय से यह स्पष्ट करता आया है कि जम्मू-कश्मीर उसका अभिन्न अंग है और इस नक्शे को उसी रुख की अंतरराष्ट्रीय पुष्टि के तौर पर देखा जा रहा है।
अब समझिए भारत-अमेरिका ट्रेड डील का फ्रेमवर्क
भारत और अमेरिका ने इंटरिम ट्रेड एग्रीमेंट (ITA) का फ्रेमवर्क जारी किया है, जिसके तहत भारतीय उत्पादों पर अमेरिका का औसत टैरिफ 50% से घटाकर 18% किया जाएगा। रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर लगाया गया 25% अतिरिक्त टैक्स हटाया गया। दोनों देशों ने जल्द फ्रेमवर्क लागू करने और व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की दिशा में बातचीत आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। संयुक्त बयान के मुताबिक, यह फ्रेमवर्क 13 फरवरी 2025 से शुरू हुई भारत-अमेरिका BTA वार्ता को आगे बढ़ाएगा।
सरकार का दावा
कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल के मुताबिक, यह समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर (करीब 27.18 लाख करोड़ रुपए) के अमेरिकी बाजार के दरवाजे खोलेगा। इससे MSME, किसान और मछुआरे सबसे बड़े लाभार्थी होंगे। महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। साथ ही भारत अगले 5 साल में अमेरिका से 500 अरब डॉलर (45.30 लाख करोड़ रुपए) के उत्पाद खरीदेगा।














