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Aam Budget 2022: आरबीआई लॉन्च करेगा डिजिटल करेंसी, टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं, क्रिप्टो करेंसी से आमदनी पर 30% टैक्स

Aam Budget 2022: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट पेश करते हुए कहा कि साल 2022-23 का बजट 39.45 लाख करोड़ का होगा। वित्त मंत्री ने कहा कि मौजूदा वर्ष में भारत की आर्थिक ग्रोथ 9.2% रहने का अनुमान है, ये बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे ज़्यादा है। इस बार वित्तीय घाटा जीडीपी का 6.4% रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इस बजट से भारत को अगले 25 साल की बुनियाद मिलेगी।
डिजिटल इंडिया के लिए उठाए कई कदम
- क्रिप्टोकरेंसी को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि रिजर्व बैंक 2022-23 तक अपनी डिजिटल करेंसी लाएगा। इसके लिए ब्लॉकचेन और अन्य टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होगा।
- देश के 1.5 लाख डाकघरों को कोर बैंकिंग के दायरे में लाया जाएगा। यह पहल वित्तीय समावेशन और नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, एटीएम के माध्यम खातों तक पहुंच को सक्षम करेगा और डाकघर खातों और बैंक खातों के बीच ऑनलाइन फंड ट्रांसफर की सुविधा भी प्रदान करेगा।
- वित्त मंत्री ने कहा कि देश में डिजिटल विश्वविद्यालय की स्थापना होगी। इसके माध्यम से घर-घर तक शिक्षा की पहुंच आासान होगी। छात्रों को यह सुविधा विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में प्राप्त होगी और अन्य बड़े विश्वविद्यालय और संस्थान भी इसमें मदद करेंगे।
- कोरोना काल में पढ़ाई का काफी नुकसान हुआ। इसको देखते हुए एक क्लास एक टीवी चैनल को 12 से बढ़ाकर 200 टीवी चैनल किया जाएगा।
- E-passports 2022-23 से ही जारी किए जाएंगे। इससे नागरिकों के लिए सुविधाएं बढ़ेंगी।
- इसी साल से 5जी सर्विस को शुरू किया जाएगा। 59 स्पेक्ट्रम की नीलामी की जाएगी इसके बाद निजी फर्म 2022-23 में 5जी सर्विस शुरू करेंगे।
यहां टैक्स वसूलेगी सरकार
- केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वर्चुअल डिजिटल असेट से होने वाली आमदनी पर 30 फीसदी टैक्स लगेगा। इसके अलावा वर्चुअल करेंसी पर 1% TDS भी लगेगा। यह मॉनेटरी थ्रेसहोल्ड के अलावा होगा।
- गिफ्ट के रूप में प्राप्त हुए वर्चुअल डिजिटल एसेट भी टैक्स के दायरे में आएंगे और प्राप्तकर्ता को टैक्स देना होगा।
- आमदनी की घोषणा नहीं करने पर सर्च में पाई गई रकम पर पूरा टैक्स चुकाना पड़ेगा।
- बिजनेस प्रमोशन के लिए एजेंट को हर साल 20,000 रुपये से अधिक के गिफ्ट पर टैक्स देना पड़ेगा।
टैक्स पर बजट में अन्य घोषणाएं
- आम आदमी को बजट में इनकम टैक्स के मोर्चे पर कोई राहत नहीं मिली। इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मूल रिटर्न फाइल करने के दो वर्ष बाद तक अपडेटेड रिटर्न फाइल किए जा सकेंगे।
- NPS टियर-1 में अब तक नियोक्ता की तरफ से किये गए योगदान के सिर्फ 10 फीसदी रकम तक इनकम टैक्स में छूट मिलती है। केंद्र और राज्य सरकार के स्टाफ को अब 14 फीसदी तक निवेश पर टैक्स छूट मिलेगी।
- देश में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने मार्च 2023 तक टैक्स में छूट देने का ऐलान किया है।
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Assembly Election 2026: 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव का ऐलान, 9, 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग, 4 मई को आएंगे नतीजे

Assembly Election 2026: चुनाव आयोग ने रविवार को असम, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया। पांचों राज्यों में कुल 824 सीटों पर चुनाव होंगे और 17.4 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही पांचों राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में आचार संहिता तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है।
वोटिंग शेड्यूल
पश्चिम बंगाल: 2 चरण में मतदान, 23 और 29 अप्रैल
तमिलनाडु: 23 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान
केरल, असम और पुडुचेरी: 9 अप्रैल को सिंगल फेज में वोटिंग
पांचों राज्यों के चुनाव परिणाम: 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
पिछली बार यानी 2021 में इन पांच राज्यों के चुनाव की घोषणा 26 फरवरी को हुई थी। उस समय पश्चिम बंगाल में 8 चरणों में मतदान कराया गया था, जबकि असम में 3 चरण और तमिलनाडु, केरल तथा पुडुचेरी में एक ही चरण में चुनाव हुए थे। इन सभी विधानसभाओं का कार्यकाल मई-जून 2026 में समाप्त हो रहा है, इसलिए समय पर नई सरकार के गठन के लिए चुनाव कार्यक्रम जारी किया गया है।
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Commercial LPG Cylinder: 5 दिन बाद कमर्शियल LPG सिलेंडर की सप्लाई शुरू, 29 राज्यों में वितरण, कालाबाजारी पर देशभर में छापे

Commercial LPG Cylinder Supply: केंद्र सरकार ने 5 दिन बाद कमर्शियल LPG सिलेंडर की सप्लाई पर लगी रोक हटा दी है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार अब देश के 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कमर्शियल सिलेंडरों का वितरण फिर से शुरू कर दिया गया है। सरकार ने इससे पहले 9 मार्च को कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई अस्थायी रूप से रोक दी थी, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ सख्ती
सरकार ने एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध भंडारण रोकने के लिए देशभर में छापेमारी तेज कर दी है। कई राज्यों में संयुक्त टीमें बनाकर लगातार निरीक्षण और कार्रवाई की जा रही है। सरकार ने उपभोक्ताओं से कहा है कि गैस की कमी को लेकर घबराने की कोई जरूरत नहीं है और सप्लाई सामान्य बनी हुई है।
इंडस्ट्री और होटल को RDF पेलेट्स की अनुमति
पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मिनिस्ट्री की जॉइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने कहा कि Delhi NCR की इंडस्ट्री, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य संस्थानों को एक महीने के लिए नेचुरल गैस की जगह बायोमास से बने पेलेट्स इस्तेमाल करने की अस्थायी मंजूरी दी गई है। इनमें खास तौर पर Refuse Derived Fuel (RDF) पेलेट्स शामिल हैं, जो कचरे से तैयार किए जाते हैं और वैकल्पिक ईंधन के रूप में उपयोग किए जाते हैं। सरकार का कहना है कि यह कदम घरेलू गैस उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने और आपूर्ति संतुलन बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
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India LPG Supply Crisis: पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत में LPG आपूर्ति सुरक्षित, 92,700 मीट्रिक टन गैस लेकर टैंकर भारत आ रहे

India LPG Supply Crisis: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत सरकार ने देश में रसोई गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं। भारी मात्रा में एलपीजी लेकर दो बड़े टैंकर भारत की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर घरेलू बाजार में कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए एजेंसियों ने सख्त अभियान शुरू कर दिया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत की ओर बढ़े टैंकर
रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण Strait of Hormuz को पार कर ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ नाम के एलपीजी टैंकर भारत की ओर बढ़ रहे हैं।पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार ये दोनों जहाज मिलकर करीब 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आ रहे हैं। तय कार्यक्रम के मुताबिक ये टैंकर 16 और 17 मार्च को भारत के पश्चिमी तट पर स्थित प्रमुख बंदरगाहों- Mundra Port और Kandla Port पर पहुंचेंगे। इतनी बड़ी मात्रा में गैस की आवक से घरेलू और औद्योगिक मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।
घबराहट में बढ़ी सिलेंडर बुकिंग
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के कारण लोगों में घबराहट देखी जा रही है और सिलेंडर बुकिंग तेजी से बढ़ी है। जहां पहले करीब 75-76 लाख बुकिंग हो रही थीं, वहीं अब यह संख्या बढ़कर लगभग 88 लाख तक पहुंच गई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि घबराकर गैस बुकिंग न करें और जरूरत होने पर ही सिलेंडर बुक करें।
बुकिंग के लिए तय समय अंतराल
सरकार ने स्पष्ट किया है कि शहरी क्षेत्रों में एक सिलेंडर डिलीवरी के बाद अगली बुकिंग के लिए 25 दिन का अंतराल ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन का अंतराल अनिवार्य है। यदि इससे पहले बुकिंग करने की कोशिश की जाती है तो सिस्टम बुकिंग स्वीकार नहीं करेगा। सरकार ने उपभोक्ताओं को IVRS, SMS, व्हाट्सऐप और मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग करने की सलाह दी है।
29 राज्यों में कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई
व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की मांग को देखते हुए सरकार ने राज्यों को अतिरिक्त एलपीजी आवंटित किया है। वर्तमान में 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में व्यावसायिक सिलेंडरों का वितरण शुरू हो चुका है।
कालाबाजारी पर देशव्यापी कार्रवाई
गैस की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए कई राज्यों में संयुक्त टीमों ने छापेमारी शुरू की है। उत्तरप्रदेश में करीब 1400 स्थानों पर छापे मारे गए और 19 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। इसके अलावा ओडिशा, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान में भी कार्रवाई जारी है।
30 भारतीय नाविक सुरक्षित लौटे
समुद्री क्षेत्र से जुड़ी एक सकारात्मक खबर भी सामने आई है। पिछले 24 घंटों में 30 भारतीय नाविकों को सुरक्षित भारत वापस लाया गया, जिससे संकट के बीच राहत की खबर मिली है।
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LPG cylinder booking rule: रसोई गैस सिलेंडर बुकिंग के नियम बदले, अब 25 दिन बाद ही कर सकेंगे अगली रीफिल बुकिंग

LPG cylinder booking rule: केंद्र सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की रीफिल बुकिंग के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब उपभोक्ता एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद दूसरा सिलेंडर 21 दिन के बजाय 25 दिन बाद ही बुक कर सकेंगे। सरकार ने यह कदम मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच गैस की जमाखोरी रोकने और सभी उपभोक्ताओं तक समान रूप से सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए उठाया है।
जमाखोरी रोकने के लिए बदला नियम
सरकार के अनुसार हाल के दिनों में यह देखा गया कि कई उपभोक्ता जरूरत न होने के बावजूद सिलेंडर बुक कर रहे थे और स्टॉक जमा कर रहे थे। इससे कई इलाकों में गैस सिलेंडर की उपलब्धता प्रभावित हो रही थी। वेटिंग पीरियड को 25 दिन करने से अनावश्यक बुकिंग पर रोक लगेगी और जिन लोगों को वास्तव में गैस की जरूरत है, उन्हें समय पर सिलेंडर मिल सकेगा।
पहले 21 दिन का नियम लागू किया गया था
पिछले कुछ दिनों में पैनिक बुकिंग की वजह से एलपीजी सिलेंडर की मांग में अचानक बढ़ोतरी देखी गई थी। इसे देखते हुए तेल कंपनियों ने शुक्रवार को घरेलू एलपीजी बुकिंग के लिए 21 दिन का लॉक-इन पीरियड लागू किया था। अब इसे बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। इससे पहले सिलेंडर बुकिंग को लेकर ऐसा कोई निश्चित वेटिंग नियम लागू नहीं था।
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LPG price hike: घरेलू LPG सिलेंडर 60 रुपए महंगा, दिल्ली में 913 रुपए हुआ दाम; कॉमर्शियल सिलेंडर भी 115 रुपए बढ़ा

LPG price hike: केंद्र सरकार ने घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए की बढ़ोतरी कर दी है। इसके बाद दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले LPG सिलेंडर की कीमत बढ़कर 913 रुपए हो गई है, जो पहले 853 रुपए थी। इसके साथ ही 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में भी 115 रुपए का इजाफा किया गया है। अब यह सिलेंडर 1883 रुपए में मिलेगा। नई कीमतें 7 मार्च से लागू हो गई हैं।इससे पहले 8 अप्रैल 2025 को घरेलू LPG सिलेंडर के दाम में 50 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी। यानी लगभग एक साल बाद फिर से घरेलू गैस की कीमतों में इजाफा हुआ है। वहीं 1 मार्च 2026 को कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत भी करीब 31 रुपए तक बढ़ाई गई थी।
गैस के दामों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय पर हुई है जब मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका-इजराइल तथा ईरान के बीच टकराव के कारण गैस सप्लाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। संभावित संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने 5 मार्च को इमरजेंसी पावर का इस्तेमाल करते हुए देश की सभी ऑयल रिफाइनरी कंपनियों को LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया था।
सरकार ने निर्देश दिया है कि रिफाइनरियां अब प्रोपेन और ब्यूटेन का इस्तेमाल सिर्फ रसोई गैस बनाने के लिए करेंगी। साथ ही कंपनियों को इन गैसों की सप्लाई सरकारी तेल कंपनियों- इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम—को प्राथमिकता के आधार पर देनी होगी। इसका मकसद देश के करोड़ों उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की सप्लाई बिना रुकावट जारी रखना है।
गैस सप्लाई पर असर पड़ने की एक बड़ी वजह ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का असुरक्षित होना भी है। यह समुद्री मार्ग फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और दुनिया के करीब 20 प्रतिशत पेट्रोलियम उत्पाद इसी रास्ते से गुजरते हैं। भारत भी अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आयात करता है।
इसके अलावा कतर के LNG प्लांट पर ड्रोन हमले के बाद वहां गैस उत्पादन प्रभावित हुआ है। कतर भारत को गैस सप्लाई करने वाले प्रमुख देशों में शामिल है और भारत अपनी करीब 40 प्रतिशत LNG वहीं से आयात करता है। ऐसे में मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर भारत की गैस सप्लाई और कीमतों पर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।














