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Chhattisgarh: ‘बस्तर 2.0’ की शुरुआत, CM साय ने दिया PM मोदी को न्योता, 360° डेवलपमेंट प्लान पेश

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Bastar 2.0 Roadmap: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खत्म होने के बाद अब बस्तर के विकास की नई कहानी लिखने की तैयारी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ का विस्तृत ब्लूप्रिंट सौंपा और मानसून के बाद बस्तर दौरे का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब बस्तर में शांति स्थापित हो चुकी है और सरकार का फोकस तेजी से विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर है। पीएम के प्रस्तावित दौरे के दौरान कई बड़ी परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण की तैयारी है, जिसे बस्तर के लिए टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है।

360° डेवलपमेंट प्लान: इंफ्रा से इनोवेशन तक

सरकार का ‘बस्तर 2.0’ प्लान सैचुरेशन, कनेक्ट, फैसिलिटेट, एम्पावर और एंगेज रणनीति पर आधारित है। इसके तहत 2027 तक पीएम ग्राम सड़क योजना के अधूरे काम पूरे होंगे। 228 नई सड़कें और 267 पुल बनाए जाएंगे। 61 नई परियोजनाओं के लिए केंद्र से मदद मांगी गई है। प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे के दौरान जिन प्रमुख परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण की योजना है, उनमें रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन, जगदलपुर एयरपोर्ट का विस्तार, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज, जगरगुंडा और ओरछा में एजुकेशन सिटी जैसी महत्वपूर्ण पहल शामिल हैं। ये परियोजनाएं बस्तर को शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी।

शिक्षा-स्वास्थ्य, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे में बड़ा विस्तार

बस्तर में एजुकेशन और हेल्थ सेक्टर को भी मजबूत किया जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में 45 पोटा केबिन स्कूलों को स्थायी भवनों में बदला जाएगा। दंतेवाड़ा, जगरगुंडा और ओरछा में एजुकेशन सिटी, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की स्थापना, डॉक्टरों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल बनाए जा रहे हैं। युवाओं के लिए 15 स्टेडियम और 2 मल्टीपर्पज हॉल बनाए जाएंगे। ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव की योजना है। हर घर तक बिजली पहुंचाने के कार्य तेज होंगे।

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कृषि और सिंचाई को मजबूती

इंद्रावती नदी पर देउरगांव और मटनार बैराज जैसे प्रोजेक्ट्स से 31,840 हेक्टेयर जमीन को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इससे बस्तर की कृषि अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा मिलेगा।

रोजगार और आय बढ़ाने का लक्ष्य

सरकार ने 3 साल की योजना बनाई है, जिसके तहत 2029 तक 85% परिवारों की मासिक आय 15 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपए करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, एक लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 40 हजार को रोजगार भी मिल चुका है। ‘अंजोर विजन 2047’ और ‘विकसित भारत@2047’ के तहत स्टार्टअप नीति भी लागू की गई है, जिसमें 2030 तक 5,000 स्टार्टअप तैयार करने का लक्ष्य है।

पर्यटन बनेगा पहचान

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बस्तर को ग्लोबल टूरिज्म हब बनाने की दिशा में काम तेज किया गया है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी नेशनल पार्क, एडवेंचर टूरिज्म, कैनोपी वॉक और ग्लास ब्रिज जैसी परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन क्षेत्र को नई पहचान दे रहे हैं।

संस्कृति और आस्था की झलक

सीएम साय ने पीएम मोदी को बेल मेटल से बनी ‘माता कौशल्या के राम’ की कलाकृति भेंट की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम के ननिहाल की पावन भूमि है और राज्य सरकार उनके आदर्शों पर चलते हुए विकास और सुशासन को आगे बढ़ा रही है।

‘नियद नेल्ला नार’ और नई पहल

‘नियद नेल्ला नार 2.0’ योजना के तहत अब अधिक जिलों को जोड़ा जा रहा है, जिससे विकास का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंचेगा। 10 जिलों में शुरू की गई यह योजना अब 7 जिलों और 3 नए जिलों (गरियाबंद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई) तक विस्तारित हो रही है। इसके तहत गांव-गांव में कैंप लगाकर लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। नई पहल ‘बस्तर मुन्ने’ के जरिए हर पंचायत में समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट समाधान किया जाएगा।

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Raipur: अवैध रेत खनन पर सख्त हुई साय सरकार, कलेक्टरों को चेताया- लापरवाही हुई तो तय होगी जिम्मेदारी

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Raipur: छत्तीसगढ़ सरकार ने अवैध रेत खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ कार्रवाई और तेज कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर खनिज विभाग ने साफ कर दिया है कि प्रदेश में “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

खनिज विभाग के सचिव और मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद ने बुधवार को रेत आपूर्ति वाले प्रमुख 11 जिलों के कलेक्टरों की वर्चुअल बैठक लेकर स्थिति की समीक्षा की। बैठक में रायपुर, बिलासपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, सक्ती, महासमुंद, गरियाबंद, धमतरी, एमसीबी, बलरामपुर और कांकेर जिलों के अधिकारी शामिल हुए।

“रेत की कमी नहीं होनी चाहिए”

बैठक में सचिव दयानंद ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में रेत की आपूर्ति किसी भी हालत में प्रभावित नहीं होनी चाहिए। सभी स्वीकृत रेत खदानों से उनकी क्षमता के अनुसार उत्पादन कराया जाए और आम लोगों को उचित दरों पर रेत उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने पीएम आवास योजना के हितग्राहियों को रॉयल्टी मुक्त रेत उपलब्ध कराने के आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही चेतावनी दी कि इस योजना की आड़ में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि नहीं होनी चाहिए।

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कई जिलों की धीमी प्रगति पर नाराजगी

खनिज सचिव ने रेत खदानों की नीलामी प्रक्रिया की समीक्षा के दौरान पाया कि गरियाबंद, कांकेर और जांजगीर-चांपा जिलों में 100 प्रतिशत से ज्यादा नीलामी हो चुकी है। वहीं धमतरी, बिलासपुर और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-बैकुंठपुर जिलों में प्रगति धीमी रही। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित कलेक्टरों को तुरंत अधिक खदानों की नीलामी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही खनन योजना और पर्यावरण स्वीकृति की प्रक्रिया को प्राथमिकता से पूरा करने को कहा।

मीडिया रिपोर्ट और शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश

बैठक में सचिव दयानंद ने कहा कि अवैध खनन वाले क्षेत्रों की पहचान कर लगातार कार्रवाई की जाए। मीडिया में प्रकाशित खबरों और शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच और कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि किसी जिले में केंद्रीय उड़नदस्ता दल को जाकर कार्रवाई करनी पड़ रही है, तो यह संबंधित जिला प्रशासन की लापरवाही मानी जाएगी।

ड्रोन सर्वे में गड़बड़ी मिली तो होगी कार्रवाई

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खनिज सचिव ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ड्रोन सर्वे या केंद्रीय उड़नदस्ता जांच में किसी जिले में अवैध खनन के प्रमाण मिलते हैं, तो संबंधित कलेक्टर और खनिज अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि अवैध खनन के खिलाफ अब प्रशासनिक जवाबदेही भी तय होगी।

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Raipur: छत्तीसगढ़ विधानसभा में 33% महिला आरक्षण पर 10 घंटे बहस, विपक्ष के वॉकआउट के बीच शासकीय संकल्प पारित

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Raipur: छत्तीसगढ़ विधानसभा में महिला आरक्षण को लेकर शुक्रवार को जोरदार राजनीतिक घमासान देखने को मिला। लोकसभा और विधानसभा में परिसीमन के बाद 33 फीसदी महिला आरक्षण लागू करने संबंधी शासकीय संकल्प को विपक्ष की गैरमौजूदगी में पारित कर दिया गया। सदन में इस मुद्दे पर करीब 10 घंटे तक चर्चा चली, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों के बीच कई बार तीखी बहस और नोकझोंक हुई।

बहस के दौरान कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर दिया। इसके बाद सत्ता पक्ष ने संकल्प पारित कराया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बताया कि अगला मानसून सत्र जुलाई के दूसरे सप्ताह में संभावित है। इसके साथ ही सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।

विपक्ष बोला- जनगणना के बाद लागू हो आरक्षण

सदन में विपक्ष ने कहा कि सरकार पहले निंदा प्रस्ताव की बात कर रही थी, लेकिन अब शासकीय संकल्प लाकर चर्चा कर रही है। कांग्रेस का कहना था कि महिला आरक्षण जनगणना और परिसीमन के बाद ही लागू किया जाना चाहिए।

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा की “पुरुषवादी और मनुवादी सोच” महिलाओं को बराबरी का अधिकार नहीं देना चाहती। उन्होंने कहा कि यदि 850 सीटों पर 33 प्रतिशत आरक्षण लागू होता तो करीब 280 सीटें महिलाओं को मिलतीं, जिससे पुरुष वर्चस्व पर असर पड़ता।

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कांग्रेस विधायक अनिला भेड़िया ने भी आरक्षण बिल को “चुनावी झुनझुना” बताते हुए कहा कि महिलाओं को उनके अधिकारों का पूरा ज्ञान है और वे समझती हैं कि 2023 में बिल पास होने के बावजूद अब तक लागू क्यों नहीं हुआ।

मुख्यमंत्री साय बोले- विरोध के लिए विरोध कर रहा विपक्ष

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने के लिए नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम लेकर आई, लेकिन विपक्ष ने परिसीमन और जनगणना का मुद्दा उठाकर इसका विरोध किया, जो समझ से परे है।

साय ने कहा कि परिसीमन से बड़े क्षेत्रों का विभाजन होता है और ज्यादा लोगों को प्रतिनिधित्व का अवसर मिलता है। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र लगभग 350 किलोमीटर तक फैला है, जहां एक सांसद के लिए हर क्षेत्र तक पहुंचना मुश्किल होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने इस मुद्दे पर सकारात्मक पहल की, लेकिन विपक्ष ने सिर्फ राजनीति के लिए इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि जनता ऐसे रवैये को कभी माफ नहीं करेगी।

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महिला एवं बाल विकास मंत्री ने क्या कहा

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सरकार महिला आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को महिलाओं को आरक्षण दिया जाना रास नहीं आ रहा, इसलिए हर बार इसका विरोध किया जाता है।

सदन में मौजूद थीं 500 से ज्यादा महिला जनप्रतिनिधि

इस विशेष चर्चा के दौरान विधानसभा में 500 से ज्यादा महिला जनप्रतिनिधि मौजूद रहीं। महिला आरक्षण पर हुई बहस को लेकर पूरे दिन सदन में राजनीतिक माहौल गर्म रहा।

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Raipur: राजधानी के बड़े निजी स्कूलों को टक्कर दे रहे ‘प्रयास’ विद्यालय, CG बोर्ड में 13 विद्यार्थियों ने बनाई टॉप-10 में जगह

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Raipur: छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में इस बार राज्य सरकार द्वारा संचालित ‘प्रयास’ आवासीय विद्यालयों ने शानदार प्रदर्शन कर सबका ध्यान खींचा है। सीमित संसाधनों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट परिणाम देकर राजधानी के बड़े निजी स्कूलों को कड़ी टक्कर दी है। प्रयास विद्यालयों के 13 विद्यार्थियों ने बोर्ड परीक्षा की टॉप-10 मेरिट सूची में जगह बनाई है।

10वीं और 12वीं दोनों बोर्ड परीक्षाओं में प्रयास विद्यालयों का रिजल्ट शत-प्रतिशत रहा। खास बात यह रही कि 10वीं की छात्रा कु. दीपांशी ने 98.83 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं, 12वीं में भी विद्यार्थियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कई विषयों में रिकॉर्ड अंक हासिल किए।

प्रदेश में आदिम जाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग द्वारा कुल 17 प्रयास आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इन विद्यालयों में नक्सल प्रभावित और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों सहित विभिन्न वर्गों के छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। यहां विद्यार्थियों को पूरी तरह नि:शुल्क शिक्षा दी जाती है। साथ ही IIT, NIT, NEET, JEE समेत राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कराई जाती है।

मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि प्रयास विद्यालयों की सफलता यह साबित करती है कि सही अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर हर बच्चा बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों और विभागीय अधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि प्रयास विद्यालयों के परिणाम राज्य के लिए गौरव का विषय हैं और यह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में सरकार के प्रयासों की सफलता को दर्शाते हैं। वहीं विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कहा कि यह उपलब्धि साबित करती है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। सही दिशा और समर्पण से विद्यार्थी हर बाधा पार कर सकते हैं।

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उन्होंने बताया कि प्रदेश के टॉप-50 मेरिट विद्यार्थियों में से 13 विद्यार्थी प्रयास विद्यालयों के हैं। हाईस्कूल परीक्षा की प्रावीण्य सूची में शामिल 42 विद्यार्थियों में से 21 विद्यार्थी आदिम जाति विकास विभाग द्वारा संचालित प्रयास और एकलव्य विद्यालयों से हैं। इनमें अकेले प्रयास विद्यालय के 11 विद्यार्थियों ने स्थान बनाया है।

12वीं बोर्ड परीक्षा में प्रयास विद्यालय के 128 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। रायपुर के गुडियारी स्थित प्रयास आवासीय विद्यालय की 19 छात्राओं ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए। कोरबा की छात्रा कु. रागिनी कंवर ने 95 प्रतिशत अंक हासिल कर विद्यालय में पहला स्थान प्राप्त किया। जीव विज्ञान विषय में दो छात्राओं ने 100 में 100 अंक हासिल किए।

वहीं 10वीं परीक्षा में कुल 119 छात्राओं में से 48 छात्राओं ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए। गणित विषय में 6 विद्यार्थियों ने शत-प्रतिशत अंक हासिल किए। अनुसूचित जाति वर्ग के प्रयास विद्यालय के विद्यार्थियों ने भी 97.5 प्रतिशत अंकों के साथ टॉप-10 मेरिट सूची में जगह बनाई। प्रयास विद्यालयों की यह सफलता अब शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में देखी जा रही है, जिसकी सराहना पूरे प्रदेश में हो रही है।

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CG Board Result 2026: छत्तीसगढ़ बोर्ड 10वीं-12वीं रिजल्ट जारी, 10वीं में 77.15%, 12वीं में 83.04% छात्र पास

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Raipur: विष्णु देव साय ने मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन से छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम जारी किया। इस दौरान उन्होंने परीक्षा में सफल हुए सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस वर्ष हाई स्कूल (10वीं) परीक्षा में 77.15 प्रतिशत और हायर सेकेंडरी (12वीं) परीक्षा में 83.04 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए हैं। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था, शिक्षकों और अभिभावकों के सामूहिक प्रयासों का सकारात्मक परिणाम बताया।

बेटियों के प्रदर्शन की सराहना

मुख्यमंत्री ने छात्राओं के शानदार प्रदर्शन पर खुशी जताते हुए कहा कि प्रदेश की बेटियां लगातार शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह छात्राओं के आत्मविश्वास, मेहनत और समाज में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता का प्रतीक है।

वनांचल के विद्यार्थियों ने बढ़ाया गौरव

मुख्यमंत्री ने कहा कि दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों के विद्यार्थियों ने प्रावीण्य सूची में स्थान बनाकर साबित किया है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। सीमित संसाधनों के बावजूद इन छात्रों ने कठिन मेहनत और दृढ़ संकल्प से उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण का संदेश

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करें तथा विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेंगी और शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचने का रास्ता खोलेंगी।

असफल विद्यार्थियों को भी दिया संदेश

मुख्यमंत्री ने उन विद्यार्थियों को भी निराश नहीं होने की सलाह दी, जिन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास बनाए रखते हुए निरंतर प्रयास करने से एक दिन सफलता जरूर मिलेगी। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष रेणु पिल्लै और स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

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CG Cabinet: छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले, शहरी गैस वितरण नीति 2026 को मंजूरी, क्रिकेट अकादमी के लिए 5 एकड़ जमीन आवंटित

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Raipur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में ऊर्जा, खेल, सामाजिक सहायता और प्रशासनिक मामलों से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने “छत्तीसगढ़ शहरी गैस वितरण नीति 2026” को मंजूरी दे दी है। इस नीति के लागू होने से प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में पाइपलाइन के जरिए प्राकृतिक गैस की आपूर्ति का विस्तार होगा।

सरकार का कहना है कि इससे आम उपभोक्ताओं को एलपीजी की तुलना में सस्ता और सुविधाजनक ईंधन विकल्प मिलेगा। साथ ही स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी। नई नीति के जरिए राज्य में पाइपलाइन अधोसंरचना का विस्तार होगा, जिससे निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

राजनांदगांव में बनेगी आधुनिक क्रिकेट अकादमी

कैबिनेट ने जिला क्रिकेट एसोसिएशन राजनांदगांव को आधुनिक खेल मैदान और क्रिकेट अकादमी निर्माण के लिए 5 एकड़ जमीन रियायती दर पर आवंटित करने का फैसला किया है। यह जमीन सूर्यमुखी देवी राजगामी संपदा के नाम दर्ज भूमि में से दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से 11.98 करोड़ की सहायता

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मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से 6,809 व्यक्तियों और संस्थाओं को करीब 11 करोड़ 98 लाख 84 हजार रुपये की आर्थिक सहायता को मंजूरी दी। यह राशि जरूरतमंद लोगों को राहत, सामाजिक सहयोग और विभिन्न आपात परिस्थितियों में मदद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दी गई है।

तीन IPS अधिकारियों से जुड़ा फैसला

कैबिनेट ने वर्ष 1988 बैच के तीन आईपीएस अधिकारियों- संजय पिल्ले, आर.के. विज और मुकेश गुप्ता के संबंध में 26 सितंबर 2019 को जारी पदावनति आदेश को निरस्त करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही 24 सितंबर 2019 को लिए गए संबंधित निर्णय को भी अपास्त करते हुए उससे जुड़े सभी आदेशों को पूर्व स्थिति में पुनर्जीवित माना गया है। सरकार ने कहा कि यह फैसला प्रशासनिक तथ्यों और परिस्थितियों की समीक्षा के बाद लिया गया है।

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