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Raipur: छत्तीसगढ़ में अफीम की अवैध खेती पर सख्त कार्रवाई, CM विष्णु देव साय के निर्देश, जिलों में सर्वे के आदेश

Raipur: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में अवैध रूप से हो रही अफीम की खेती के मामलों को गंभीरता से लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्य में किसी भी कीमत पर अवैध मादक पदार्थों की खेती को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसमें संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के परिपालन में आयुक्त, भू-अभिलेख छत्तीसगढ़ द्वारा सभी जिला कलेक्टरों को अपने-अपने जिलों के संवेदनशील और संभावित क्षेत्रों में व्यापक सर्वे कराने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टरों को 15 दिनों के भीतर सर्वे पूरा कर रिपोर्ट शासन को भेजने के लिए कहा गया है।
दुर्ग में अफीम की खेती का भंडाफोड़
दुर्ग जिले के समोदा गांव में अवैध अफीम की खेती के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में अफीम के पौधों को जब्त कर नष्ट किया गया। आरोपियों के खिलाफ NDPS Act के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही अवैध कब्जे को हटाने के लिए जेसीबी से कार्रवाई भी की गई।
बलरामपुर में 2 करोड़ की अफीम जब्त
इसी तरह बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कोरंधा थाना क्षेत्र के तुर्रीपानी (खजुरी) गांव में राजस्व, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए लगभग 1.47 एकड़ जमीन पर उगाई जा रही अवैध अफीम की खेती का खुलासा किया। कार्रवाई के दौरान करीब 18 क्विंटल 83 किलोग्राम अफीम के पौधे, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये बताई जा रही है, जब्त किए गए। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
जीरो टॉलरेंस नीति पर सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है। अफीम की खेती, भंडारण, परिवहन या कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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CG Assistant Professor Vacancy: छत्तीसगढ़ के सरकारी कॉलेजों में 700 पदों पर भर्ती, सहायक प्राध्यापक के 625 पद

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ के शासकीय महाविद्यालयों में बड़ी भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राज्य के उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेजों में शिक्षण और सहायक सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए कुल 700 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ की है। इस भर्ती के तहत 625 सहायक प्राध्यापक, 50 ग्रंथपाल और 25 क्रीड़ा अधिकारी के पदों पर नियुक्ति की जाएगी।
CGPSC को भेजा गया प्रस्ताव
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग को भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए 24 फरवरी 2026 को विस्तृत प्रस्ताव भेजा जा चुका है। विभाग ने राज्य सरकार के नियमों के अनुसार आरक्षण रोस्टर और विषयवार पदों का विस्तृत ब्रेक-अप भी तैयार कर लिया है। आयोग प्रशासनिक और तकनीकी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद भर्ती का विज्ञापन जारी करेगा, जिसके बाद योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे।
इन विषयों में होगी भर्ती
राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में कई प्रमुख विषयों में सहायक प्राध्यापकों की भर्ती होगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक के हिन्दी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, राजनीति शास्त्र, भौतिक शास्त्र, गणित, रसायन शास्त्र, वनस्पति शास्त्र एवं प्राणीशास्त्र के 50-50 पदों, अर्थशास्त्र, इतिहास, भूगोल के 25-25 पदों, कम्प्यूटर एप्लीकेशन के 15, वाणिज्य के 75, विधि के 10 पदों पर भर्ती के साथ ही क्रीड़ा अधिकारी के 25 पद तथा ग्रंथपाल के 50 पदों सहित कुल 700 पदों पर भर्ती की जाएगी।
कॉलेजों में मजबूत होगी शिक्षण व्यवस्था
सरकार का कहना है कि इन पदों पर नियुक्ति होने से राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और विद्यार्थियों को बेहतर उच्च शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्थायी भर्ती होने तक कॉलेजों में पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए अतिथि प्राध्यापकों की नियुक्ति की व्यवस्था पहले से लागू है। अधिकांश अतिथि शिक्षक पीएचडी डिग्रीधारी हैं और NET तथा SET जैसी पात्रता परीक्षाएं उत्तीर्ण कर चुके हैं।
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Raipur: छत्तीसगढ़ बिजली बिल समाधान योजना 2026, 28 लाख उपभोक्ताओं को 757 करोड़ राहत, CM साय ने लॉन्च की योजना

Raipur: विष्णु देव साय ने गुरुवार को मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 का शुभारंभ किया। राजधानी रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने योजना के तहत लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए और अधिक से अधिक उपभोक्ताओं से इसका लाभ लेने की अपील की। सरकार के मुताबिक इस योजना से प्रदेश के 28 लाख 42 हजार बिजली उपभोक्ताओं को कुल 757 करोड़ रुपये से अधिक की राहत मिलेगी। योजना का उद्देश्य आर्थिक कारणों से बकाया बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाने वाले उपभोक्ताओं को राहत देना है।
सरचार्ज में 100% और मूल बकाया में 75% तक छूट
सरकार ने योजना के तहत उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए अधिभार (सरचार्ज) में 100 प्रतिशत छूट और मूल बकाया राशि में 75 प्रतिशत तक छूट देने का प्रावधान किया है। इस योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को पंजीयन कराना होगा। पंजीयन के समय बकाया राशि का कम से कम 10 प्रतिशत भुगतान करना अनिवार्य होगा, जबकि शेष राशि किस्तों में जमा की जा सकेगी। यह योजना 30 जून 2026 तक लागू रहेगी।
तीन श्रेणियों के उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ
योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को तीन श्रेणियों में शामिल किया गया है-
- 31 मार्च 2023 की स्थिति में निष्क्रिय उपभोक्ता
- सक्रिय एकल बत्ती कनेक्शनधारी उपभोक्ता
- सक्रिय अशासकीय घरेलू और कृषि उपभोक्ता
- इन सभी वर्गों को योजना के तहत बकाया बिजली बिल भुगतान में राहत दी जाएगी।
योजना के हितग्राहियों को भी मिली सब्सिडी
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने PMhar Muft Bijli Yojana के अंतर्गत 2931 हितग्राहियों को 8 करोड़ 79 लाख रुपये की सब्सिडी का अंतरण भी किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक लगभग 36 हजार लोग सूर्यघर योजना से जुड़ चुके हैं, जिससे घरों में सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ रहा है।
बिजली अब जीवन की मूलभूत जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आज लोगों की मूलभूत जरूरत बन चुकी है। कई परिवार आर्थिक कारणों से समय पर बिल नहीं भर पाते, जिससे सरचार्ज बढ़ जाता है। इसी समस्या को दूर करने के लिए समाधान योजना शुरू की गई है। उन्होंने नागरिकों से बिजली बचाने और अनावश्यक उपयोग से बचने की भी अपील की। साथ ही ऊर्जा विभाग को निर्देश दिए कि शिविर लगाकर अधिक से अधिक लोगों को योजना से जोड़ा जाए।
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Jagdalpur: जगदलपुर में रेड कार्पेट सरेंडर,108 नक्सली करोड़ों की नकदी- सोना और 101 हथियार डालकर लौटे

Jagdalpur: छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बुधवार को बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। कुल 108 माओवादी कैडरों ने पुलिस और प्रशासन के सामने सरेंडर किया, जिन पर मिलाकर लगभग 3.95 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। सरेंडर के दौरान इन नक्सलियों ने करीब 1 किलो सोना (करीब 1.64 करोड़ रुपये मूल्य), 3 करोड़ 61 लाख रुपये नकद और 101 हथियार सुरक्षा बलों को सौंप दिए। बताया जा रहा है कि यह रकम नक्सलियों ने लेवी वसूली के जरिए इकट्ठा की थी।
44 महिला कैडर भी शामिल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस आत्मसमर्पण को बस्तर में चल रही नक्सल विरोधी मुहिम की बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों में 44 महिला माओवादी भी शामिल हैं, जो यह संकेत देता है कि बस्तर में अब हिंसा की जगह विकास और शांति पर भरोसा बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की पुनर्वास नीति, सुरक्षा बलों के प्रयास और क्षेत्र में तेज़ी से हो रहे विकास कार्यों के कारण बड़ी संख्या में माओवादी मुख्यधारा में लौट रहे हैं।
नक्सलियों के पास से बड़ी मात्रा में बरामद हुए हथियार
सरेंडर करने वाले नक्सलियों के पास से कई आधुनिक हथियार बरामद हुए हैं, जिनमें 7 AK-47 राइफल, 10 इंसास राइफल, 5 SLR राइफल, 4 MG राइफल, 20 नग .303 राइफल, 11 BGM लॉन्चर शामिल हैंं। सुरक्षा बलों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली दंडकारण्य क्षेत्र में सक्रिय थे।
कांकेर में मुठभेड़ की भी खबर
इसी बीच कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा इलाके में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ की खबर भी सामने आई है। करीब आधे घंटे तक चली फायरिंग के बाद दोनों पक्षों के पीछे हटने की सूचना है। एसपी निखिल राखेचा ने घटना की पुष्टि की है। फिलहाल किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं मिली है।
2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य
राज्य के गृह मंत्री Vijay Sharma ने हाल ही में विधानसभा में कहा था कि राज्य में 31 मार्च 2026 तक सशस्त्र नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि बस्तर में तैनात अधिकांश केंद्रीय बलों को 31 मार्च 2027 तक वापस बुलाने की योजना है। हालांकि कुछ बल इससे पहले भी वापस जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के मार्गदर्शन में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई जारी है। उन्होंने दोहराया कि सरकार का लक्ष्य बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ को भयमुक्त, शांतिपूर्ण और विकसित बनाना है।
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Raipur: छत्तीसगढ़ SCR की पहली बैठक, महानगरों की तर्ज पर विकसित होगा स्टेट कैपिटल रीजन

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCR) की पहली बैठक आयोजित की गई। बैठक विधानसभा परिसर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में हुई, जिसमें राजधानी क्षेत्र के समग्र और योजनाबद्ध विकास की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की परिकल्पना शहरों की बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए की गई है, ताकि व्यवस्थित आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार-वाणिज्य और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।
महानगरों की तर्ज पर विकसित होगा राजधानी क्षेत्र
बैठक में बताया गया कि रायपुर, भिलाई-दुर्ग, नवा रायपुर अटल नगर और आसपास के क्षेत्रों को मिलाकर स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन शहरों का संतुलित और योजनाबद्ध विकास महानगरों की तर्ज पर किया जाएगा, जिससे भविष्य में यह क्षेत्र छत्तीसगढ़ के विकास का एक प्रमुख ग्रोथ इंजन बनेगा।
मेट्रो और क्षेत्रीय मोबिलिटी पर भी चर्चा
बैठक में राजधानी क्षेत्र में क्षेत्रीय मोबिलिटी और लॉजिस्टिक्स के विकास, मेट्रो संचालन के लिए टेक्नो-इकोनॉमिक फिजिबिलिटी स्टडी, सर्वेक्षण कार्यों और विशेषज्ञ सलाहकारों की नियुक्ति के प्रस्तावों पर विचार किया गया। इसके अलावा प्राधिकरण के प्रशासकीय और वित्तीय अधिकारों के प्रत्यायोजन, ऑडिट सेवाओं के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट की नियुक्ति तथा प्लानिंग प्रभाग के लिए विशेषज्ञ सलाहकारों की सेवाएं लेने पर भी चर्चा हुई।
निवेश योजना और भूमि विकास पर बनेगी रणनीति
बैठक में राजधानी क्षेत्र विकास एवं निवेश योजना तैयार करने की कार्ययोजना पर भी विचार किया गया। इसके तहत निवेश क्षेत्रों का चिन्हांकन, आवश्यक सर्वेक्षण और अध्ययन के बाद चरणबद्ध तरीके से परियोजनाओं के क्रियान्वयन की रणनीति बनाई जाएगी। राजधानी क्षेत्र में भूमि विकास और आबंटन की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए भी आवश्यक निर्देश जारी करने पर सहमति बनी। प्रारंभिक गतिविधियों के लिए 27 करोड़ रुपये के प्रावधान की जानकारी भी दी गई
कई वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, मुख्य सचिव विकासशील सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सरकार का मानना है कि स्टेट कैपिटल रीजन के विकास से राजधानी और आसपास के शहरों में योजनाबद्ध शहरी विस्तार, बेहतर परिवहन कनेक्टिविटी, आधुनिक अधोसंरचना और निवेश के नए अवसर मिलेंगे।
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Raipur: छत्तीसगढ़ में LPG, पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक, अफवाहों से बचें, जरूरत के अनुसार ही गैस बुक करें- CM साय

Raipur: छत्तीसगढ़ में रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया है कि राज्य में एलपीजी के साथ-साथ पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम नागरिकों को रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की चिंता करने की जरूरत नहीं है।
अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने राज्य में रसोई गैस की सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को गैस एजेंसियों के स्टॉक की नियमित मॉनिटरिंग करने और आपूर्ति व्यवस्था पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। इसके साथ ही यदि कहीं गैस की कालाबाजारी या आपूर्ति में अनियमितता की शिकायत मिलती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
अफवाहों से बचने की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और आवश्यकता के अनुसार ही रसोई गैस की बुकिंग करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों को आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सतर्क है और आपूर्ति व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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