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भोजशाला विवाद: बसंत पंचमी पर पूजा के अधिकार को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 22 जनवरी को सुनवाई

Bhojshala Dispute: मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला में बसंत पंचमी के दिन पूजा के अधिकार को लेकर एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने जा रही है। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने शीर्ष अदालत में याचिका दाखिल कर मांग की है कि 23 जनवरी को बसंत पंचमी के अवसर पर हिंदुओं को वाग्देवी (माता सरस्वती) की पूजा का पूरे दिन का अधिकार दिया जाए और उस दिन भोजशाला परिसर में नमाज की अनुमति न दी जाए।
इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 22 जनवरी को सुनवाई तय की गई है। याचिका वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णुशंकर जैन की ओर से दायर की गई है, जो इससे पहले अयोध्या राम जन्मभूमि और काशी ज्ञानवापी–श्रृंगारगौरी मामलों में भी याचिकाकर्ताओं की पैरवी कर चुके हैं।
याचिका में तर्क दिया गया है कि बसंत पंचमी वर्ष में केवल एक बार आती है और यह देवी सरस्वती की पूजा का विशेष पर्व है, जबकि जुमे की नमाज के लिए पूरे वर्ष लगभग 50 शुक्रवार उपलब्ध रहते हैं। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि धार शहर में करीब 25 मस्जिदें हैं, जबकि वाग्देवी की पूजा के लिए केवल एक ही ऐतिहासिक स्थल भोजशाला है। ऐसे में मुस्लिम समुदाय उस दिन अन्य मस्जिदों में नमाज अदा कर सकता है।
हिंदू संगठनों ने बसंत पंचमी पर भोजशाला में सूर्योदय से सूर्यास्त तक अखंड पूजन का आह्वान किया है। इसे देखते हुए धार जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार फ्लैग मार्च कर रही है और शहर में करीब 8 हजार अतिरिक्त पुलिस जवान तैनात किए गए हैं।
याचिका में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) के 7 अप्रैल 2003 के आदेश की अस्पष्टता का भी हवाला दिया गया है। इस आदेश के अनुसार, हिंदुओं को हर मंगलवार और बसंत पंचमी पर पूजा की अनुमति है, जबकि मुसलमानों को शुक्रवार को दोपहर 1 से 3 बजे तक नमाज की अनुमति दी गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह आदेश उन परिस्थितियों को स्पष्ट नहीं करता, जब बसंत पंचमी शुक्रवार के दिन पड़ती है।
याचिका में 2013 और 2016 के उदाहरण भी पेश किए गए हैं, जब बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ी थी। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, इन दोनों अवसरों पर एक साथ पूजा और नमाज़ होने से कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी और सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न हुआ था। इस वर्ष फिर से वही संयोग बन रहा है, जिससे विवाद की आशंका जताई गई है। इसी आधार पर राज्य सरकार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देने की मांग की गई है।
इसके अलावा याचिका में यह भी कहा गया है कि भोजशाला का धार्मिक स्वरूप तय किए बिना वहां जुमे की नमाज़ की अनुमति देना प्राचीन स्मारक और पुरातात्विक स्थल एवं अवशेष अधिनियम की भावना के विपरीत है। हिंदू पक्ष का दावा है कि भोजशाला में सरस्वती पूजा की परंपरा ऐतिहासिक रूप से पुरानी रही है और जुमे की नमाज़ की अनुमति इस परंपरा के विशेषाधिकार का उल्लंघन करती है।
भोजशाला विवाद को करीब 700 साल पुराना बताया जाता है। हिंदू पक्ष का कहना है कि 11वीं शताब्दी में परमार राजा भोज ने धारा नगरी (वर्तमान धार) में वाग्देवी मंदिर का निर्माण कराया था, जिसे भोजशाला कहा जाता है। वहीं मुस्लिम पक्ष का दावा है कि यह स्थल कमाल मौला मस्जिद है, जिसका निर्माण 13वीं–14वीं शताब्दी में मालवा सल्तनत के दौरान हुआ था। दोनों पक्ष अपने-अपने ऐतिहासिक दावों के आधार पर लंबे समय से अधिकार की मांग करते आ रहे हैं।
धार स्थित भोजशाला में बसंत पंचमी के दिन पूजा के अधिकार को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को फिर सुनवाई होने जा रही है। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर मांग की है कि 23 जनवरी को बसंत पंचमी के अवसर पर हिंदुओं को वाग्देवी (माता सरस्वती) की पूजा का पूरे दिन का एकाधिकार दिया जाए और उस दिन भोजशाला में नमाज की अनुमति न दी जाए।
इस अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट में 22 जनवरी को सुनवाई तय की गई है। यह अर्जी एडवोकेट विष्णुशंकर जैन की ओर से दाखिल की गई है, जो अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद व काशी ज्ञानवापी-श्रृंगारगौरी केस में भी याचिकाकर्ताओं की ओर से पैरवी कर चुके हैं।
बता दें कि हिंदू संगठनों ने बसंत पंचमी पर भोजशाला में सूर्योदय से सूर्यास्त तक अखंड पूजन का आह्वान किया है। इसको लेकर धार जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। पुलिस लगातार फ्लैग मार्च निकाल रही है। धार शहर में 8 हजार अतिरिक्त पुलिस जवान तैनात कर दिए गए हैं।
तर्क- नमाज के लिए साल में 50 शुक्रवार, 25 मस्जिदें, पूजा के लिए साल में 1 दिन, 1 स्थल
अर्जी में कहा गया है कि बसंत पंचमी वर्ष में एक बार आती है और यह देवी सरस्वती की पूजा का विशेष दिन है। जुमे की नमाज के लिए पूरे वर्ष में लगभग 50 शुक्रवार उपलब्ध रहते हैं। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि धार शहर में 25 मस्जिदें हैं, जबकि वाग्देवी की पूजा के लिए केवल एक ही ऐतिहासिक स्थल भोजशाला है। इसी आधार पर मांग की गई है कि बसंत पंचमी के दिन मुस्लिम समुदाय के सदस्य अन्य मस्जिदों में नमाज़ अदा कर सकते हैं।
याचिका में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) के 7 अप्रैल 2003 के आदेश की अस्पष्टता का भी उल्लेख किया गया है। आदेश के अनुसार हिंदुओं को हर मंगलवार और बसंत पंचमी पर पूजा की अनुमति है, जबकि मुसलमानों को शुक्रवार को दोपहर 1 से 3 बजे तक नमाज़ की अनुमति दी गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह आदेश उन परिस्थितियों को स्पष्ट नहीं करता, जब बसंत पंचमी शुक्रवार के दिन पड़ती है।
अर्जी में 2013 और 2016 के उदाहरण भी दिए गए हैं। वर्ष 2013 में 15 फरवरी और 2016 में 12 फरवरी को बसंत पंचमी शुक्रवार के दिन पड़ी थी। याचिका के अनुसार, उन दोनों अवसरों पर एक साथ पूजा और नमाज़ होने से कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई थी और सांप्रदायिक तनाव पैदा हुआ था। इस वर्ष फिर से वही संयोग बन रहा है, जिससे विवाद की आशंका जताई गई है। इसी को देखते हुए राज्य सरकार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देने की मांग भी की गई है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि भोजशाला का धार्मिक स्वरूप तय किए बिना यहां जुमे की नमाज़ की अनुमति देना प्राचीन स्मारक और पुरातात्विक स्थल एवं अवशेष अधिनियम की भावना के खिलाफ है। हिंदू पक्ष का दावा है कि भोजशाला में सरस्वती पूजा की परंपरा ऐतिहासिक रूप से पुरानी रही है और जुमे की नमाज़ की अनुमति इस परंपरा के विशेषाधिकार का उल्लंघन करती है।
700 साल पुराना विवाद : भोजशाला विवाद करीब 700 साल पुराना है। हिंदू पक्ष का दावा है कि 11वीं शताब्दी में परमार राजा भोज ने धारा नगरी (अब धार) में वाग्देवी मंदिर का निर्माण कराया था, जिसे भोजशाला कहा जाता है। वहीं मुस्लिम पक्ष का कहना है कि यह स्थल कमाल मौला मस्जिद है, जिसका निर्माण 13वीं–14वीं शताब्दी में मालवा सल्तनत काल में हुआ। हिंदू पक्ष का यह भी दावा है कि मंदिर को तोड़कर उसके ऊपर मस्जिद का निर्माण किया गया था। दोनों पक्ष अपने-अपने ऐतिहासिक दावों के आधार पर अधिकार की मांग करते रहे हैं।
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MP Weather: एमपी में बदला मौसम, भीषण गर्मी के बीच बारिश-आंधी और ओलावृष्टि, 17 जिलों में अलर्ट

Bhopal: मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है। गुरुवार को भोपाल, ग्वालियर समेत 15 से ज्यादा जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश का दौर चला। कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि भी हुई। उमरिया और मुरैना में ओले गिरने से मौसम पूरी तरह बदल गया।
मौसम विभाग (IMD) ने शुक्रवार को ग्वालियर समेत 17 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। गुरुवार सुबह से देर रात तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में कहीं बारिश तो कहीं तेज आंधी का असर देखने को मिला।
भोपाल और ग्वालियर के अलावा सतना, श्योपुर, टीकमगढ़, रायसेन, बालाघाट, छतरपुर, मुरैना, सागर, पन्ना, मैहर, उमरिया और रीवा में भी मौसम खराब रहा। कई जगहों पर तेज हवाओं के साथ बारिश हुई, जबकि कुछ जिलों में ओलावृष्टि ने लोगों को परेशान किया।
आज इन जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट में तेज आंधी और बारिश की संभावना है।
इन जिलों में गर्मी का असर रहेगा
भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, रीवा, सतना, मैहर, पन्ना, कटनी, दमोह, जबलपुर, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में दिन में गर्मी का असर बना रहेगा। हालांकि शाम के समय कुछ इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं।
मई की शुरुआत बारिश से
आमतौर पर मई महीने की शुरुआत भीषण गर्मी से होती है, लेकिन इस बार प्रदेश में शुरुआती दिनों में ही आंधी और बारिश का दौर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक मौसम खराब रहने की संभावना जताई है।
2 मई से एक्टिव होगा नया सिस्टम
मौसम विभाग के मुताबिक 2 मई से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। इसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ सकता है, जिससे अगले कुछ दिनों तक आंधी-बारिश का दौर जारी रह सकता है।
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Jabalpur: बरगी डैम हादसे में अब तक 9 की मौत, 24 बचाए गए, 9 से ज्यादा अब भी लापता

Jabalpur: मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार शाम बड़ा हादसा हो गया। पर्यटन विभाग का एक क्रूज तेज आंधी और खराब मौसम के बीच डैम में डूब गया। हादसे में अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 24 पर्यटकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। प्रशासन के मुताबिक 9 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। क्रूज में हादसे के समय करीब 40 से 45 पर्यटक सवार थे।
जानकारी के अनुसार, हादसा डैम के किनारे से करीब 300 मीटर दूर हुआ। बरगी सिटी सीएसपी अंजुल मिश्रा ने बताया कि शुरुआती रेस्क्यू ऑपरेशन में SDRF ने कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, लेकिन अंधेरा और खराब मौसम राहत कार्य में बड़ी चुनौती बने रहे। शुक्रवार सुबह फिर से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
आर्मी समेत कई एजेंसियां मौके पर
हादसे के बाद प्रशासन ने बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। आर्मी की टीम मौके पर पहुंच चुकी है। हैदराबाद से स्पेशल रेस्क्यू टीम और हेलिकॉप्टर भेजा गया है, जबकि कोलकाता से पैरामिलिट्री की विशेष टीम भी जबलपुर पहुंच गई है। डूबे हुए क्रूज को बाहर निकालने के लिए हाइड्रॉलिक मशीन और पोकलेन की मदद ली जा रही है। बताया जा रहा है कि क्रूज करीब 20 फीट गहरे पानी में फंसा हुआ है।
पायलट बोला- अचानक आया तूफान
क्रूज के पायलट महेश ने बताया कि सुरक्षा के इंतजाम मौजूद थे, लेकिन अचानक मौसम बिगड़ गया। उन्होंने कहा, “तेज तूफान के कारण क्रूज अनियंत्रित हो गया। किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला।” महेश पिछले 10 साल से क्रूज संचालन का अनुभव रखते हैं।
लापता लोगों की तलाश जारी
प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया है। SDRF, आर्मी और अन्य एजेंसियां लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी लापता लोगों को खोजने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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MP News: बरगी डैम में बड़ा हादसा, पर्यटकों से भरा क्रूज डूबा, 6 की मौत; 15 से ज्यादा लापता, 18 को बचाया गया

Bhopal: मध्यप्रदेश के जबलपुर में नर्मदा नदी पर बने बरगी डैम में गुरुवार शाम दर्दनाक हादसा हो गया। पर्यटकों से भरा एक क्रूज अचानक आई तेज आंधी और खराब मौसम के बीच नदी में डूब गया। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस के मुताबिक अब तक 6 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 18 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। 15 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
बरगी सिटी एसपी अंजुल मिश्रा ने बताया कि मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग का यह क्रूज करीब 40 से 45 यात्रियों को लेकर नदी में घूम रहा था। इसी दौरान मौसम अचानक खराब हो गया और तेज तूफान की वजह से क्रूज असंतुलित होकर पलट गया।
घटना की जानकारी मिलते ही SDRF और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। अंधेरा और खराब मौसम रेस्क्यू ऑपरेशन में बड़ी चुनौती बना रहा। बड़ी टॉर्च और बोट की मदद से तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान इलाके में बारिश भी शुरू हो गई, जिससे बचाव कार्य और मुश्किल हो गया।
“तूफान इतना तेज था कि लाइफ जैकेट पहनने का मौका नहीं मिला”
क्रूज पायलट महेश ने बताया कि वह पिछले 10 वर्षों से क्रूज चला रहा है और पूरी तरह प्रशिक्षित है। उसके मुताबिक क्रूज में पर्याप्त लाइफ जैकेट और सुरक्षा इंतजाम मौजूद थे, लेकिन तूफान इतनी तेजी से आया कि यात्रियों को जैकेट पहनने तक का समय नहीं मिल सका।
20 साल पुराना था क्रूज
पर्यटन विभाग के अधिकारी योगेंद्र रिछारिया ने बताया कि बरगी डैम में संचालित यह क्रूज वर्ष 2006 में बनाया गया था। इसकी क्षमता 60 यात्रियों की थी। विभाग के अनुसार डैम में दूसरा क्रूज भी मौजूद है, लेकिन वह फिलहाल खराब है।
मुख्यमंत्री ने जताया दुख
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर गहरा शोक जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रशासन को तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने और घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए गए हैं।
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MP Cabinet: मध्यप्रदेश कैबिनेट का बड़ा फैसला, ₹26,800 करोड़ की विकास योजनाओं को मंजूरी, छात्रवृत्ति 10 हजार प्रतिमाह

Bhopal: मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के सर्वांगीण विकास और जनकल्याण को ध्यान में रखते हुए 26 हजार 800 करोड़ रुपये से अधिक की महत्वाकांक्षी योजनाओं को मंजूरी दी गई। इन फैसलों को प्रदेश के बुनियादी ढांचे, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि इन फैसलों से प्रदेश में विकास को नई रफ्तार मिलेगी, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच अंतर कम होगा और शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अधोसंरचना के क्षेत्र में दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा।
सड़क और अधोसंरचना पर सबसे बड़ा निवेश
कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग के तहत अगले पांच वर्षों (2026-2031) के लिए 26,311 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इस राशि से सड़कों के निर्माण, नवीनीकरण, सरकारी भवनों की मरम्मत, कार्यालयों की स्थापना और भू-अर्जन जैसे कार्य किए जाएंगे। इसमें 6,180 करोड़ रुपये प्रशासनिक भवनों और कार्यालयों के लिए, 6,925 करोड़ रुपये केंद्रीय सड़क अधोसंरचना योजनाओं के लिए, 6,500 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण मुआवजा, 5,000 करोड़ रुपये जिला और मुख्य मार्गों के नवीनीकरण के लिए मंजूर हुए हैं। इससे प्रदेश में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
छात्रों के लिए बड़ा तोहफा
सामाजिक न्याय के तहत कैबिनेट ने पिछड़ा वर्ग छात्रगृह योजना-2005 में संशोधन करते हुए छात्रवृत्ति राशि को 1,550 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया है। अब हर साल 100 नए विद्यार्थियों (50 स्नातक और 50 स्नातकोत्तर) को इसका लाभ मिलेगा। पहले से लाभ ले रहे छात्रों को भी कोर्स पूरा होने तक सहायता जारी रहेगी।
सिंचाई से किसानों को राहत
शाजापुर जिले की लखुंदर उच्च दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 155 करोड़ 82 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। इस परियोजना से शाजापुर और उज्जैन के 24 गांवों के लगभग 9,200 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे किसानों की उत्पादकता बढ़ेगी।
आंगनवाड़ियों में पहुंचेगी बिजली
महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत 38,901 आंगनवाड़ी भवनों में बिजली सुविधा के लिए 80 करोड़ 41 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे बच्चों को बेहतर वातावरण मिलेगा और स्मार्ट टी.वी., पंखे, लाइट जैसी सुविधाओं के जरिए शैक्षणिक गतिविधियां बेहतर होंगी।
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने के लिए भी बड़े फैसले लिए गए। भोपाल के गांधी चिकित्सा महाविद्यालय में पीजी सीट वृद्धि के लिए 79.16 करोड़ रुपये, रीवा के श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल विस्तार के लिए 174.80 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। इन परियोजनाओं से प्रदेश में उन्नत चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता बढ़ेगी और मरीजों को बड़े शहरों पर निर्भरता कम होगी।
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MP News: मध्य प्रदेश में नशे पर बड़ी कार्रवाई: 7 दिन में ₹1.38 करोड़ से ज्यादा के ड्रग्स जब्त, कई अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

Bhopal: मध्यप्रदेश पुलिस ने प्रदेशभर में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाते हुए बीते 7 दिनों में 1 करोड़ 38 लाख रुपए से अधिक की ड्रग्स, वाहन, नकदी और अन्य सामग्री जब्त की है। इस दौरान कई अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
रीवा में सिविल लाइन थाना पुलिस ने 749 शीशी कोडीन कफ सिरप और एक कार सहित करीब 8.5 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की। वहीं बिछिया थाना पुलिस ने 28.93 किलो गांजा, कार, मोबाइल और नकदी समेत लगभग 34.23 लाख रुपए का माल जब्त कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
राजगढ़ के जीरापुर में “ऑपरेशन शुद्धि” के तहत 298 ग्राम स्मैक और 5.496 किलो केमिकल पाउडर जब्त कर करीब 35 लाख रुपए की कार्रवाई की गई।
नीमच में पुलिस ने 150 ग्राम एमडी ड्रग्स और 6 किलो डोडाचुरा के साथ 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया। वहीं रतनगढ़ और सरवानिया महाराज क्षेत्र में 153.5 किलो डोडाचुरा (करीब 23 लाख रुपए) जब्त कर 4 लोगों को पकड़ा गया।
बालाघाट में अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 23.14 किलो गांजा, वाहन और मोबाइल समेत करीब 12.3 लाख रुपए की संपत्ति बरामद हुई।
मंदसौर में तीन अलग-अलग कार्रवाइयों में कुल 12.75 लाख रुपए की मादक सामग्री जब्त की गई, जिसमें बड़ी मात्रा में डोडाचुरा और एमडी शामिल है।
शिवपुरी में 20.45 ग्राम स्मैक के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार कर 4 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की गई।
शहडोल में 4 किलो गांजा के साथ 3 आरोपी पकड़े गए, जबकि बैतूल में ब्राउन शुगर के साथ 2 तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
उज्जैन में भी पुलिस ने एमडी ड्रग्स और गांजा के साथ 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि नशे के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे नशे से दूर रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
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