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Chhattisgarh Assembly: राज्य के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा ₹35,000 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश, वित्तमंत्री बोले- सरकार वादों पर नहीं, परिणामों पर विश्वास करती है

Raipur: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा ₹35,000 करोड़ का अनुपूरक बजट प्रस्तुत कर विकास, वित्तीय अनुशासन और दूरदर्शी शासन की स्पष्ट प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि यह अनुपूरक बजट केवल संसाधनों की व्यवस्था नहीं, बल्कि निरंतर आर्थिक प्रगति और संतुलित विकास की मजबूत दिशा है।
वित्त मंत्री ने कहा कि पिछली सरकार द्वारा विभिन्न बोर्डों और निगमों पर छोड़े गए ₹45,000 करोड़ से अधिक के लंबित ऋण ने इन संस्थानों को लगभग निष्क्रिय स्थिति में पहुँचा दिया था। इस अनुपूरक बजट के माध्यम से सरकार ने मार्कफेड और नान (NAAN) जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों को संबल प्रदान करने का गंभीर प्रयास किया है, जो राज्य में धान खरीदी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की रीढ़ हैं। इन संस्थाओं को सुदृढ़ किए बिना किसानों का कल्याण और नागरिकों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में सरकार ने औद्योगिक विकास को भी समान प्राथमिकता दी है। राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने तथा विभिन्न औद्योगिक विकास एवं प्रोत्साहन योजनाओं को निरंतरता प्रदान करने के लिए अनुपूरक बजट में ₹360 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे निवेश, रोजगार और उत्पादन क्षमता को बढ़ावा मिलेगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य के समग्र और संतुलित विकास के लिए केवल राजस्व व्यय पर्याप्त नहीं होता, बल्कि दूरदर्शी पूंजीगत व्यय ही भविष्य की समृद्ध अर्थव्यवस्था और मजबूत अधोसंरचना का आधार बनता है। सड़क, पुल, सिंचाई, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में किया गया निवेश आने वाले दशकों तक विकास के स्थायी स्रोत तैयार करता है। इसी सोच के साथ सरकार ने पूंजीगत व्यय को अपनी विकास रणनीति का केंद्र बनाया है।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद बीते 25 वर्षों में पूंजीगत व्यय में लगभग 55 गुना की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज हुई है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में जहाँ पूंजीगत व्यय ₹13,320 करोड़ था, वहीं 2023-24 में यह बढ़कर ₹15,419 करोड़ और 2024-25 में ₹20,055 करोड़ तक पहुँचा। मुख्य बजट 2025-26 में पूंजीगत व्यय के लिए ₹26,341 करोड़ का प्रावधान किया गया है, साथ ही अनुपूरक बजट में अतिरिक्त ₹2,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि बजट के कुल आकार के अनुपात में भी पूंजीगत व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जहाँ पूर्व सरकार के समय यह लगभग 3.5 प्रतिशत था, वहीं वर्ष 2025-26 में इसके 4.1 प्रतिशत तक पहुँचने की संभावना है। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि सरकार दीर्घकालिक विकास और मजबूत अधोसंरचना निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
अपने वक्तव्य के समापन में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि यह सरकार वादों पर नहीं, बल्कि परिणामों पर विश्वास करती है। पूंजीगत व्यय के माध्यम से संकल्पों को कागज से जमीन तक उतारने का कार्य किया जा रहा है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य छत्तीसगढ़ को आर्थिक रूप से सशक्त, अधोसंरचना के दृष्टिकोण से मजबूत और देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करना है।
अनुपूरक बजट में सड़क एवं भवन निर्माण क्षेत्र को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। अधोसंरचना से जुड़े निर्माण कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के उद्देश्य से अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुदृढ़ करने के लिए ग्रामीण सड़क कार्यक्रम (आरआरपी फेज-2) हेतु ₹175 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वहीं राज्य में प्रमुख सड़कों के उन्नयन एवं विस्तार के लिए छत्तीसगढ़ राज्य सड़क क्षेत्र परियोजना (एडीबी लोन-3) के अंतर्गत ₹150 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही चिरमिरी-नागपुर हॉल्ट रेल लाइन परियोजना के लिए ₹86 करोड़ की राशि का प्रावधान कर क्षेत्रीय परिवहन नेटवर्क को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में ठोस कदम उठाया गया है।
अनुपूरक बजट में कृषि विकास एवं किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए व्यापक वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को आधुनिक एवं लाभकारी बनाने के उद्देश्य से कृषि उन्नति योजना के लिए अनुपूरक बजट में ₹2,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही किसानों को 5 एचपी तक के पंपों के लिए मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने हेतु ₹1,700 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है, जिससे सिंचाई लागत में कमी आएगी और कृषि उत्पादन को स्थायी बल मिलेगा। किसानों को बिना ब्याज के ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अनुपूरक में ₹187 करोड़ का प्रावधान कर उन्हें वित्तीय संबल प्रदान किया गया है।
इसके अतिरिक्त, फसल जोखिम से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत ₹122 करोड़ का प्रावधान किया गया है, वहीं कृषि क्षेत्र में जल प्रबंधन एवं सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना हेतु ₹35 करोड़ का प्रावधान किया गया है। कृषि नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने की दिशा में बायोटेक इन्क्यूबेशन सेंटर के भवन निर्माण के लिए ₹4 करोड़ का प्रावधान कर राज्य में कृषि आधारित नवाचार एवं तकनीकी विकास को नई गति देने का प्रयास किया गया है।
अनुपूरक बजट में खाद्य सुरक्षा एवं पोषण व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया है। पिछली सरकार द्वारा छोड़े गए लंबित भुगतानों के निपटान हेतु अनुपूरक बजट में कुल ₹19,224 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली और खाद्य सुरक्षा तंत्र को स्थायित्व प्रदान किया जा सके। इसके अंतर्गत मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के तहत ₹6,800 करोड़ का प्रावधान किया गया है, ताकि पात्र हितग्राहियों को नियमित, निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा सके।
इसके साथ ही राज्य में धान खरीदी की महत्वपूर्ण व्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से मार्कफेड को धान खरीदी में हुई हानि के निपटान हेतु ₹12,424 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस प्रावधान से न केवल किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा, बल्कि राज्य की सार्वजनिक वितरण प्रणाली और खाद्य सुरक्षा ढांचे को भी दीर्घकालिक स्थिरता मिलेगी, जिससे आम नागरिकों के पोषण एवं खाद्य अधिकारों की प्रभावी रक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
अनुपूरक बजट में सड़क सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। आपातकालीन सेवाओं की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य के सभी जिला एवं ब्लॉक मुख्यालयों तक फायर वाहन एवं आधुनिक अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था हेतु अनुपूरक बजट में ₹154 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे आपदा एवं अग्नि दुर्घटनाओं की स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई संभव हो सकेगी।
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात अनुशासन को सुदृढ़ करने के लिए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरा प्रणाली के लिए ₹75 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही परिवहन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाने के उद्देश्य से राज्य के समस्त परिवहन कार्यालयों में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक के निर्माण हेतु अनुपूरक में ₹12 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने हेतु अनुपूरक बजट में ₹35 करोड़ की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। इन पहलों के माध्यम से सरकार न केवल सड़क सुरक्षा को मजबूत कर रही है, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण और हरित परिवहन की दिशा में भी ठोस कदम उठा रही है।
अनुपूरक बजट में औद्योगिक विकास को नई गति देने के उद्देश्य से कुल ₹360 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत राज्य में नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना के लिए ₹180 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे निवेश के लिए अनुकूल अधोसंरचना विकसित होगी और उद्योगों को सुस्पष्ट स्थान एवं सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
अनुपूरक बजट में औद्योगिक विकास को नई गति देने के उद्देश्य से कुल ₹360 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत राज्य में नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना के लिए ₹180 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे निवेश के लिए अनुकूल अधोसंरचना विकसित होगी और उद्योगों को सुस्पष्ट स्थान एवं सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। इसके साथ ही औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहित करने हेतु लागत पूंजी अनुदान के रूप में ₹130 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे नए उद्यमों की स्थापना और मौजूदा इकाइयों के विस्तार को बल मिलेगा।
इसके अतिरिक्त उद्योगों की वित्तीय लागत को कम करने और उन्हें प्रतिस्पर्धी बनाने के उद्देश्य से ब्याज अनुदान के रूप में ₹25 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इन प्रावधानों के माध्यम से राज्य सरकार निवेश, रोजगार सृजन और औद्योगिक उत्पादन को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शा रही है, जिससे छत्तीसगढ़ में संतुलित और सतत औद्योगिक विकास को मजबूती मिलेगी।
अनुपूरक बजट में महिला एवं बाल विकास को सशक्त बनाने के लिए ठोस वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महतारी वंदन योजना के लिए अनुपूरक बजट में ₹2,500 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस योजना के माध्यम से राज्य की महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान कर उनके जीवन स्तर को सुदृढ़ करने और पारिवारिक निर्णयों में उनकी भूमिका को और अधिक मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
इसके साथ ही मातृ एवं शिशु पोषण, प्रारंभिक बाल देखभाल और आंगनबाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 योजना के अंतर्गत अनुपूरक में ₹225 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इन प्रावधानों से पोषण स्तर में सुधार, स्वास्थ्य संकेतकों को सुदृढ़ करने और भावी पीढ़ी के समग्र विकास को सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।
ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास और आवासीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए सरकार द्वारा बजट में महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। केवल ग्रामीण क्षेत्रों में आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्य बजट में ₹8,500 करोड़ का प्रावधान किया गया है, वहीं अनुपूरक बजट के माध्यम से इसके लिए ₹1,000 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास सुनिश्चित किया जा सके।
इसके साथ ही ग्रामीण अधोसंरचना और बुनियादी सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत ₹378 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे गांवों की सड़क कनेक्टिविटी को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। स्वच्छता और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए स्वच्छ भारत मिशन हेतु ₹150 करोड़ का प्रावधान किया गया है। ग्राम पंचायतों की प्रशासनिक एवं संस्थागत क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के लिए ₹40 करोड़ तथा ग्रामीण महिलाओं और स्व-सहायता समूहों के आजीविका सशक्तिकरण हेतु राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत ₹286 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
हवाई कनेक्टिविटी से लेकर किसान कल्याण और बस्तर में शांति तक: साय सरकार की बहुआयामी विकास रणनीति
मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के समावेशी विकास और संतुलित क्षेत्रीय प्रगति के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में हवाई कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से अनुपूरक बजट में बिलासपुर एयरपोर्ट के विकास के लिए ₹150 करोड़ तथा रायगढ़ एयरपोर्ट के विकास के लिए ₹30 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इन निवेशों से क्षेत्रीय संपर्क, औद्योगिक गतिविधियों और नागरिक सुविधाओं को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री साय की सरकार ने किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। सरकार की संवेदनशील और किसान-हितैषी नीतियों का प्रत्यक्ष प्रमाण यह है कि बीते दो वर्षों में ₹25,000 करोड़ से अधिक की राशि सीधे किसानों तक पहुँची है। यह न केवल किसानों की आय और आर्थिक सुरक्षा को सुदृढ़ करता है, बल्कि राज्य की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को भी मजबूत आधार प्रदान करता है।
राज्य में शांति और सुरक्षा की दिशा में भी साय सरकार निर्णायक परिणाम लेकर आई है। 31 मार्च 2026 की समयसीमा के निकट आते हुए सरकार इस बात को लेकर आश्वस्त और प्रतिबद्ध है कि छत्तीसगढ़ जल्द ही वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) की समस्या से पूर्णतः मुक्त होगा। शांति, संवाद, विकास और सुरक्षा की बहुआयामी रणनीति के माध्यम से साय सरकार ने ऐसे वातावरण का निर्माण किया है, जिसमें नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोग लोकतंत्र की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं और विकास की यात्रा में सहभागी बन रहे हैं।
बस्तर, जहाँ कभी गोलियों की आवाजें गूंजती थीं, आज वहाँ बस्तर पंडुम जैसे सांस्कृतिक आयोजन और बस्तर ओलंपिक जैसे खेल महोत्सव नई पहचान बना रहे हैं। यह परिवर्तन केवल सुरक्षा अभियानों का परिणाम नहीं, बल्कि साय सरकार की उस बहुआयामी विकास नीति का प्रमाण है, जिसने विश्वास, उत्सव और भविष्य की आशा को बस्तर की धरती पर पुनः स्थापित किया है।
“₹35,000 करोड़ का यह ऐतिहासिक अनुपूरक बजट छत्तीसगढ़ के भविष्य को मजबूत आधार देने वाला बजट है, जिसमें विकास, वित्तीय अनुशासन और संवेदनशील शासन की स्पष्ट झलक दिखाई देती है। यह बजट किसानों, महिलाओं, गरीबों, युवाओं और उद्योगों के लिए समान रूप से अवसर सृजित करता है। पूंजीगत व्यय को प्राथमिकता देकर सरकार ने सड़कों, आवास, कृषि, उद्योग, कनेक्टिविटी और सामाजिक सुरक्षा के माध्यम से राज्य की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक रूप से सशक्त बनाने का संकल्प लिया है। बस्तर में शांति, किसानों को सीधा आर्थिक लाभ, महिलाओं का सम्मान और ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास—ये सभी इस बात के प्रमाण हैं कि सरकार वादों नहीं, परिणामों की राजनीति कर रही है और छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी विकसित राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है।”- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
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Raipur: राजधानी को जल्द मिलेगी ट्रैफिक से राहत, कचना ओवर-ब्रिज का 96% काम पूरा, जल्द शुरू होगा यातायात

Raipur: राजधानी रायपुर में खम्हारडीह-कचना रेलवे क्रॉसिंग पर बन रहा बहुप्रतीक्षित रेलवे ओवर-ब्रिज अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। उप मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने गुरुवार को निर्माणाधीन ओवर-ब्रिज का निरीक्षण कर अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को जल्द से जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री ने ओवर-ब्रिज पर पैदल चलकर तकनीकी मानकों की जानकारी ली और यहां बेहतर गुणवत्ता की लाइटिंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, प्रमुख अभियंता V. K. Bhatpahari और सेतु संभाग के मुख्य अभियंता एसके कोरी भी मौजूद रहे।
जल्द खुलेगा ओवर-ब्रिज, हजारों लोगों को मिलेगी राहत
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि कचना ओवर-ब्रिज का करीब 96 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और शेष काम तेजी से किया जा रहा है। ओवर-ब्रिज शुरू होने के बाद रायपुर शहर और आसपास के गांवों के हजारों लोगों को रेलवे फाटक बंद होने और ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राजधानी की यातायात व्यवस्था को बेहतर, तेज और व्यवस्थित बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। कचना ओवर-ब्रिज इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जिसका लंबे समय से लोग इंतजार कर रहे थे।
49 करोड़ की लागत से बन रहा पुल
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक रायपुर-वाल्टेयर रेलवे लाइन पर खम्हारडीह और कचना के बीच लगभग 49 करोड़ रुपए की लागत से यह रेलवे ओवर-ब्रिज बनाया जा रहा है। पुल के रेलवे हिस्से के साथ दोनों ओर पहुंच मार्ग और संरचना का काम पूरा हो चुका है। फिलहाल पेंटिंग और फिनिशिंग का काम चल रहा है। इसके बाद नाली निर्माण और लाइटिंग कार्य शुरू किया जाएगा। ओवर-ब्रिज शुरू होने के बाद इस रूट पर यातायात अधिक व्यवस्थित और तेज होने की उम्मीद है।
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Chhattisgarh: LEADS 2025 रिपोर्ट में चमका राज्य, ‘हाई परफॉर्मर’ राज्य बना, सड़क-परिवहन और रोजगार में तेजी

Raipur: बेहतर सड़क, तेज़ परिवहन व्यवस्था और बढ़ते रोजगार अवसरों के दम पर छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) की LEADS 2025 रिपोर्ट में राज्य को ‘हाई परफॉर्मर’ का दर्जा मिला है।
राज्य सरकार ने इसे सुशासन, मजबूत कनेक्टिविटी और जनहितकारी योजनाओं का सकारात्मक परिणाम बताया है। सरकार का दावा है कि इसका सीधा फायदा आम जनता, किसानों, व्यापारियों और युवाओं को मिलेगा।
विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार केवल उद्योगों के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि आम लोगों का जीवन आसान बनाने पर फोकस कर रही है। बेहतर सड़क और परिवहन व्यवस्था से किसानों की उपज तेजी से बाजार तक पहुंच रही है, व्यापार को गति मिल रही है और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शिता और तेज़ निर्णय प्रक्रिया के कारण राज्य में निवेश बढ़ रहा है। गांव से शहर तक कनेक्टिविटी मजबूत करने, वेयरहाउसिंग सुविधाएं बढ़ाने और उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने पर लगातार काम किया जा रहा है।
लॉजिस्टिक्स नीति 2025 से बढ़ेगी रफ्तार
लखन लाल देवांगन ने कहा कि राज्य में लॉजिस्टिक्स और परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाया जा रहा है, जिससे उद्योगों के साथ छोटे व्यापारियों, किसानों और स्थानीय उद्यमियों को भी फायदा मिलेगा।
राज्य सरकार की लॉजिस्टिक्स नीति 2025 के तहत परिवहन लागत कम करने, माल ढुलाई को तेज़ बनाने और निवेश आकर्षित करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सेक्टर को उद्योग का दर्जा मिलने से निवेश और रोजगार की नई संभावनाएं बन रही हैं।
रायपुर में बनेगा सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान
Raipur के लिए तैयार सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान के जरिए ट्रैफिक दबाव कम करने और माल परिवहन को व्यवस्थित बनाने पर काम किया जाएगा। वहीं OneClick Single Window Portal के माध्यम से उद्योगों के लिए अनुमति प्रक्रिया आसान बनाई गई है, जिससे निवेशकों को तेजी से मंजूरी मिल रही है।
वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से आधुनिक और तकनीक-सक्षम लॉजिस्टिक्स व्यवस्था विकसित कर रहा है। इससे व्यापार, उद्योग और रोजगार को नई गति मिल रही है और राज्य उभरते औद्योगिक एवं निवेश केंद्र के रूप में पहचान बना रहा है।
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Raipur: ‘सरकारी वाहन चरणबद्ध तरीके से होंगे EV में तब्दील’, मुख्यमंत्री साय का बड़ा बयान

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ईंधन संरक्षण और संसाधनों के संयमित उपयोग को लेकर बड़ा संदेश दिया है।मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान का समर्थन करते हुए कहा कि पेट्रोल-डीजल जैसे संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग करना हर नागरिक का राष्ट्रीय दायित्व है।
‘ऊर्जा संरक्षण राष्ट्रनिर्माण में योगदान’
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण केवल आर्थिक जरूरत नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा बचत की दिशा में उठाया गया हर कदम राष्ट्रनिर्माण में योगदान है।
सरकारी कारकेड में कम होंगे वाहन
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब उनके आधिकारिक दौरों में केवल अत्यावश्यक वाहनों को ही कारकेड में शामिल किया जाएगा। साथ ही मंत्रियों और विभिन्न निगम-मंडलों के पदाधिकारियों से भी सरकारी वाहनों और संसाधनों के सीमित उपयोग की अपील की गई है।
सरकारी वाहन बनेंगे इलेक्ट्रिक
राज्य सरकार ने सरकारी परिवहन व्यवस्था को पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में भी पहल शुरू कर दी है। सीएम साय ने कहा कि शासकीय वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में बदला जाएगा। इससे ईंधन की बचत के साथ प्रदूषण नियंत्रण और हरित ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा।
जनता से सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने, कारपूलिंग अपनाने और अनावश्यक निजी वाहनों के इस्तेमाल से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाकर बड़े सकारात्मक परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
‘नेशन फर्स्ट’ की भावना से जुड़ें लोग
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ईंधन संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाना समय की जरूरत है। उन्होंने लोगों से ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना के साथ ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक मजबूती के लिए जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने का आह्वान किया।
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Raipur: छत्तीसगढ़ SI और प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा 12 जुलाई को, 63 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी होंगे शामिल

Raipur:छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने सूबेदार, उप निरीक्षक संवर्ग और प्लाटून कमांडर भर्ती की प्रारंभिक लिखित परीक्षा की तारीख घोषित कर दी है। यह परीक्षा 12 जुलाई 2026 (रविवार) को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित होगी। भर्ती प्रक्रिया के लिए राज्य के 33 जिलों से कुल 1 लाख 37 हजार 323 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए थे। दस्तावेज सत्यापन और शारीरिक माप परीक्षण के बाद 63 हजार 342 अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए पात्र घोषित किया गया है।
33 जिलों में बनाए गए परीक्षा केंद्र
प्रारंभिक परीक्षा के लिए राज्य के सभी 33 जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर, अंबिकापुर, राजनांदगांव और कोरबा समेत अन्य जिले शामिल हैं।
परीक्षा से 15 दिन पहले जारी होंगे एडमिट कार्ड
CGPSC के मुताबिक परीक्षा के प्रवेश पत्र परीक्षा तिथि से 15 दिन पहले जारी किए जाएंगे। अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी उम्मीदवार को अलग से SMS या डाक के जरिए प्रवेश पत्र नहीं भेजे जाएंगे।
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Chhattisgarh: दुर्ग में गैस सिलेंडर ब्लास्ट से एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत, सरकार देगी 5-5 लाख की सहायता

Durg: दुर्ग जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र स्थित खपरी में गैस सिलेंडर ब्लास्ट की दर्दनाक घटना में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। हादसे में होमदास वैष्णव (40), लक्ष्मी वैष्णव (18), चांदनी वैष्णव (17) और 2 साल की मासूम गोपिका वैष्णव की मौके पर ही जान चली गई। घटना की जानकारी मिलते ही मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और गजेंद्र यादव तत्काल घटनास्थल पहुंचे। दोनों मंत्रियों ने मौके का निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की और स्थानीय लोगों से चर्चा कर पूरी घटना की जानकारी ली।
प्रत्येक मृतक के परिजनों को 9-9 लाख की सहायता
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की। सरकार की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजन को 5-5 लाख रुपए दिए जाएंगे। इसके अलावा जिला प्रशासन द्वारा आरबीसी 6-4 के तहत 4-4 लाख रुपए की अतिरिक्त सहायता राशि भी प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। घटनास्थल पर कई जनप्रतिनिधि समेत जिला प्रशासन की टीम भी मौके पर मौजूद रही।
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