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MP News: भोपाल में पर्यटकों को मिलेगा कश्मीर की डल झील जैसा लुत्फ, सीएम डॉ. यादव ने बड़े तालाब के बोट क्लब पर 20 नवीन शिकारा नाव सेवा का किया शुभारंभ

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MP News: Tourists in Bhopal will enjoy the Dal Lake like experience in Kashmir, CM Dr. Yadav inaugurated 20 new Shikara boat services at the Boat Club of Bada Talab

Bhopal: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को बोट क्लब भोपाल पर ‘शिकारा नाव’ सेवा का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राजा भोज की नगरी भोपाल में लगभग एक हजार साल पहले बने बड़े तालाब में ‘शिकारा नाव’ सेवा का शुभारंभ ऐतिहासिक अवसर है। इन नवीन 20 शिकारों के माध्यम से पर्यटकों को कश्मीर की प्रसिद्ध डल झील का आनंद, झीलों की नगरी भोपाल में ही मिल जाएगा। शिकारों में पर्यटकों के लिए खान-पान एवं आरामदायक बैठक व्यवस्था की गई है। ये शिकारे प्रदेश के जल-पर्यटन (वॉटर टूरिज्म) को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलवाएंगे। प्रदेशवासी पर्यटन सेवा का लाभ उठाने के लिए आगे आएं। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, हरियाणा के विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, विधायक एवं प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल विशेष रूप से उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में वन्य जीव पर्यटन को लेकर आपार संभावनाएं विद्यमान हैं। नर्मदा वैली सहित प्रदेश की बड़ी-बड़ी जल परियानाओं के माध्यम से पर्यटकों को आकर्षित करने वाली गतिविधियां को बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। पिछले एक साल में उज्जैन आने वाले पर्यटकों की संख्या 7 करोड़ के पार पहुंच गई।

शिकारे की सैर का लिया आनंद

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिकारों को फ्लेगऑफ करने के बाद बड़े तालाब में शिकारे की सैर का आनंद लिया और उपलब्ध सुविधाओं की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और गणमान्य नागरिकों ने शिकारा बोट रेस्टोरेंट से चाय, पोहा, समोसे एवं फलों का जायका लिया। साथ ही फ्लोटिंग बोट मार्केट से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की पारम्परिक कला बाघ और बटिक वस्त्रों, जैविक उत्पादों आदि की खरीदारी भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बोट क्लब पर मौजूद छात्र-छात्राओं के साथ सेल्फी ली और अथितियों के साथ टेलीस्कोप से सूर्य के दर्शन किए। टेलीस्कोप की बोट क्लब पर व्यवस्था वैज्ञानिक पर्यटन को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से आंचलिक विज्ञान केंद्र भोपाल द्वारा की गई थी।

पर्यटन विकास से स्थानीय स्तर पर बढ़ेंगे रोजगार के अवसर : विधानसभा अध्यक्ष तोमर

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विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि राजधानी की इतनी बड़ी झील में शिकारा सेवा की शुरुआत बहुत आकर्षक है। इससे प्रदेश में पर्यटन के अवसर बढ़ेंगे, पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी तो स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।

बड़े तालाब की पारिस्थितिकी रहेगी बेअसर

पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए शिकारा सेवा में संचालित सभी 20 शिकारों का निर्माण प्रदूषण रहित आधुनिक तकनीक से किया गया है। इनका निर्माण ‘फाइबर रीइन्फोर्स्ड पॉलीयूरिथेन’ और उच्च गुणवत्ता वाली नॉन-रिएक्टिव सामग्री से हुआ है, जो जल के साथ किसी भी प्रकार की रासायनिक क्रिया नहीं करती। इससे बड़े तालाब की पारिस्थितिकी और जल की शुद्धता पूर्णतः सुरक्षित रहेगी। ये शिकारे अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्था द्वारा निर्मित किए गए हैं, जिनके द्वारा निर्मित शिकारे केरल, बंगाल और असम में भी पर्यटकों द्वारा अत्यंत पसंद किए जा रहे हैं। भोपाल का बोट क्लब इन आकर्षक शिकारों के साथ पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है। शिकारों पर नौकायन का आनंद लेने के साथ पर्यटक बर्ड वाचिंग, हैंडीक्रॉफ्ट प्रोडक्ट, स्थानीय व्यंजन, आर्गेनिक वेजिटेबल्स और फ्रूट्स आदि भी खरीद सकेंगे।

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MP News: बैतूल में बैंक ऑफ महाराष्ट्र में ₹1.5 करोड़ का घोटाला, जिंदा खाताधारकों को कागजों में मृत दिखाकर तोड़ीं एफडी

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बैतूल: मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के मोरखा स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि जिंदा खाताधारकों को दस्तावेजों में मृत दिखाकर उनके नाम से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार किए गए और उनकी फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) तुड़वाकर रकम निकाल ली गई। इसके अलावा नेट बैंकिंग में खाताधारकों के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बदलकर पैसे दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए।

मामले में बोरदेही पुलिस ने बैंक के असिस्टेंट मैनेजर लुकेश गोखे, टैक्सी ड्राइवर गौरव सूर्यवंशी और 15 वर्षीय नाबालिग को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले में अब तक छह खाताधारकों ने एफआईआर दर्ज कराई है। पीड़ितों की कुल संख्या का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

ऑनलाइन कियोस्क चलाने वाला किशोर मुख्य सूत्रधार

एसपी वीरेंद्र जैन के अनुसार, बैंक शाखा के पास ऑनलाइन कियोस्क सेंटर चलाने वाले 15 वर्षीय किशोर को इस कथित घोटाले का मुख्य सूत्रधार माना जा रहा है। बैंक में नियमित रूप से आने-जाने के कारण उसे बड़े खाताधारकों की जमा राशि की जानकारी मिल गई थी। इसके बाद उसने कथित तौर पर बैंक के असिस्टेंट मैनेजर को अपने साथ मिला लिया।

पुलिस के मुताबिक, असिस्टेंट मैनेजर की आईडी का इस्तेमाल कर जनवरी 2026 से अब तक करीब 10 बार खाताधारकों के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बदले गए। इसके बाद नेट बैंकिंग के जरिए लेनदेन किए गए और एफडी तुड़वाकर रकम निकालने का आरोप है।

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टैक्सी ड्राइवर के खाते में मिली सवा करोड़ की रकम

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार टैक्सी ड्राइवर गौरव सूर्यवंशी के बैंक खाते में कथित घोटाले से जुड़ी करीब 1.25 करोड़ रुपये की रकम मिली है। पुलिस ने संबंधित खाते को फ्रीज करा दिया है। इस मामले में धोखाधड़ी का एक तरीका यह भी सामने आया है कि जब कोई खाताधारक अपने खाते से रकम गायब होने की शिकायत लेकर बैंक पहुंचता था, तो आरोपी उसके खाते में रकम वापस जमा कर देते थे। पुलिस को आशंका है कि ऐसा खाताधारकों का संदेह दूर रखने और मामले को आगे बढ़ने से रोकने के लिए किया जाता था।

रिटायर्ड टीचर की शिकायत से खुला मामला

मामले का खुलासा तब हुआ, जब एक सेवानिवृत्त शिक्षक के बैंक खाते से बिना अनुमति बड़ी रकम निकाल ली गई। जांच में अन्य खाताधारकों के साथ भी वित्तीय हेराफेरी की जानकारी सामने आई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ज्योति रघुवंशी के खाते से 4.86 लाख रुपये, फूलवंती के खाते से 2.74 लाख रुपये, इंद्रेश रघुवंशी के खाते से 1.85 लाख रुपये, भोजराज सोनी के खाते से 5.50 लाख रुपये और रागिनी साहू के खाते से 1.55 लाख रुपये की हेराफेरी सामने आई है।

पुलिस का कहना है कि अभी पीड़ितों की वास्तविक संख्या और कुल नुकसान का आकलन किया जा रहा है। अब तक छह खाताधारकों की शिकायतों पर एफआईआर दर्ज की गई है।

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बैंक प्रबंधन पर मामला दबाने का आरोप

मामले में बैंक प्रबंधन की भूमिका भी जांच के दायरे में है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अनियमितताएं सामने आने के बाद बैंक ने असिस्टेंट मैनेजर लुकेश गोखे को निलंबित कर दिया था। हालांकि, रीजनल ऑफिस को मामले की जानकारी होने के बावजूद पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी।

बोरदेही पुलिस ने खाताधारकों की शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए 24 अक्टूबर को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस अब बैंक के अन्य खातों, संदिग्ध लेनदेन और आरोपियों की संपत्तियों की जांच कर रही है।

₹22.33 लाख की संपत्ति जब्त

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास से छह मोबाइल फोन, 8.28 लाख रुपये का सोना, 1.40 लाख रुपये की चांदी और करीब 12 लाख रुपये कीमत की एक कार जब्त की गई है। जब्त संपत्ति की कुल कीमत 22.33 लाख रुपये बताई गई है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घोटाले में और कौन-कौन शामिल हो सकता है, कितने खाताधारक प्रभावित हुए हैं और रकम किन-किन खातों में ट्रांसफर की गई।

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MP News: 70 हजार शिक्षकों को मिल सकता है छठे वेतनमान का एरियर, हाईकोर्ट ने सरकार को दिया 4 सप्ताह का समय

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जबलपुर: मध्य प्रदेश में पंचायत विभाग से स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन किए गए शिक्षकों के वेतन और सेवा लाभ से जुड़े मामले में जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश से हजारों शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है। मामला 2006 से छठे वेतनमान का लाभ देने और पहली नियुक्ति से सेवा की गणना करने से जुड़ा है। रिपोर्टों के अनुसार, कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश के पालन के लिए चार सप्ताह का समय दिया था। इस मामले से प्रदेश के करीब 70 हजार शिक्षकों को लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है।

2006 से छठे वेतनमान का लाभ देने की मांग

शिक्षकों का कहना है कि छठा वेतनमान 1 जनवरी 2006 से लागू हुआ था, लेकिन उन्हें इसका लाभ वर्ष 2016 से दिया गया। उनका तर्क है कि पहली नियुक्ति से सेवा की गणना किए जाने पर वे 2006 से ही वेतनमान और उससे जुड़े अन्य सेवा लाभों के हकदार हैं। इस मांग को लेकर शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की थीं। रिपोर्टों के मुताबिक, राजेश कुमार पांडे सहित 497 शिक्षकों की याचिकाओं में वेतनमान के पुनर्निर्धारण, वरिष्ठता, वेतनवृद्धि और पेंशन जैसे लाभों की मांग की गई थी।

सरकार को चार सप्ताह में पालन करने का निर्देश

मामले में हाईकोर्ट के पहले के आदेश के पालन की मांग करते हुए शिक्षकों ने अवमानना याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से आदेश के अनुपालन के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अदालत ने सरकार को चार सप्ताह का समय दिया था।

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रिपोर्टों में यह भी बताया गया कि सरकार की विशेष अनुमति याचिका (SLP) को सुप्रीम कोर्ट ने 24 अगस्त 2026 को खारिज कर दिया था। इसके बाद शिक्षकों ने हाईकोर्ट में आदेश के पालन की मांग उठाई।

प्रत्येक शिक्षक को 7 से 8 लाख रुपए मिलने का दावा

शिक्षक पक्ष की ओर से दावा किया जा रहा है कि 2006 से वेतनमान का लाभ मिलने पर प्रत्येक पात्र शिक्षक को लगभग 7 लाख से 8 लाख रुपए तक का एरियर मिल सकता है। इसके अलावा, मासिक वेतन में 15,000 से 20,000 रुपए तक का अंतर आने का अनुमान भी बताया गया है।

शिक्षकों ने बकाया राशि पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की मांग भी उठाई है। हालांकि, ये आंकड़े शिक्षकों की ओर से बताए गए अनुमान और मांग हैं। वास्तविक एरियर, ब्याज और वेतन में बदलाव का निर्धारण संबंधित आदेश, पात्रता तथा सरकार की गणना के आधार पर ही होगा।

संविलियन के बाद शुरू हुआ विवाद

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शिक्षकों के अनुसार, पंचायत विभाग में नियुक्त कर्मचारियों का बाद में अध्यापक संवर्ग में संविलियन किया गया और 2018 में उन्हें स्कूल शिक्षा विभाग में शामिल किया गया। विवाद इस बात को लेकर है कि सेवा की गणना और वेतन संबंधी लाभ किस तारीख से दिए जाएं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि पहली नियुक्ति से सेवा मान्य होने पर वरिष्ठता, वेतनवृद्धि, पेंशन और अन्य सेवा लाभों की गणना भी उसी आधार पर की जानी चाहिए।

करीब 70 हजार शिक्षकों की नजर सरकार के फैसले पर

इस मामले का असर याचिका दायर करने वाले शिक्षकों से आगे प्रदेश के अन्य पात्र शिक्षकों पर भी पड़ सकता है। हालांकि, करीब 70 हजार शिक्षकों को लाभ मिलने का आंकड़ा अधिवक्ता और मीडिया रिपोर्टों में सामने आया है। सभी शिक्षकों को समान लाभ मिलेगा या नहीं, यह आदेश के दायरे, पात्रता और उसके क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा। अब शिक्षकों की नजर राज्य सरकार की कार्रवाई और अदालत में अनुपालन की स्थिति पर है।

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Satna News: दुर्गा प्रतिमा विसर्जन से लौट रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली सवार 8 बच्चे करंट की चपेट में आए, 2 गंभीर

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सतना: मध्य प्रदेश के सतना जिले के कोठी क्षेत्र में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन से लौटते समय बड़ा हादसा हो गया। पतेरिया गांव के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार आठ बच्चे ऊपर से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइन की चपेट में आ गए। हादसे में सभी बच्चे घायल हो गए। इनमें दो बच्चियों की हालत गंभीर बताई जा रही है। उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल सतना रेफर किया गया है।

घटना के बाद घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से कोठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार शुरू किया गया। बाकी घायल बच्चों का इलाज वहीं जारी है।

विसर्जन से लौटते समय हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, कोठी नगर पंचायत के वार्ड 14 और 15 के निवासी ग्रामीण दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली से गए थे। गुरुवार शाम विसर्जन के बाद सभी वापस लौट रहे थे। इसी दौरान पतेरिया गांव के पास ट्रॉली में सवार बच्चे ऊपर से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइन की चपेट में आ गए। करंट लगने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की।

दो बच्चियों को जिला अस्पताल किया गया रेफर

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हादसे के बाद सभी घायल बच्चों को कोठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के दौरान दो बच्चियों की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल सतना रेफर कर दिया गया। अन्य बच्चों का इलाज कोठी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जारी है।

बिजली विभाग और पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की जानकारी मिलने के बाद बिजली विभाग के अधिकारी और कोठी थाना प्रभारी संतोष तिवारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस और बिजली विभाग की जांच में हादसे की परिस्थितियों और ट्रैक्टर-ट्रॉली के बिजली लाइन के संपर्क में आने के कारणों का पता लगाया जाएगा।

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MP News: स्कूल शिक्षा विभाग में 20 हजार पदों पर होगी भर्ती, 200 नए सांदीपनि विद्यालय खुलेंगे

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भोपाल: मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्कूल शिक्षा विभाग में 20 हजार पदों पर नई भर्ती करने की घोषणा की है। इसके साथ ही प्रदेश में 200 नए सांदीपनि विद्यालय खोले जाएंगे और जनजातीय क्षेत्रों में 200 नए विद्यालय भवन बनाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने बुधवार को भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित कार्यक्रम में ये घोषणाएं कीं। हालांकि, 20 हजार पदों पर भर्ती की समयसीमा, पदों का वर्गीकरण और चयन प्रक्रिया की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

950 लोगों को मिले अनुकंपा नियुक्ति के आदेश

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने करीब 950 लोगों को अनुकंपा नियुक्ति के आदेश सौंपे। इनमें 661 सहायक ग्रेड-3, 31 प्राथमिक शिक्षक और 262 चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अब तक 85 हजार नियुक्तियां कर चुकी है। उन्होंने नवनियुक्त कर्मचारियों से ईमानदारी, निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ काम करने की अपेक्षा की।

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प्रदेश में खुलेंगे 200 नए सांदीपनि विद्यालय

मुख्यमंत्री के मुताबिक, मध्य प्रदेश में फिलहाल 369 सांदीपनि विद्यालय संचालित हो रहे हैं। अब 200 नए विद्यालय खोलने की पहल की जा रही है। इसके अलावा जनजातीय क्षेत्रों में 200 नए स्कूल भवन बनाने की योजना है। सरकार का उद्देश्य स्कूलों में शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार करना और विद्यार्थियों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराना है।

400 करोड़ से बढ़कर 38 हजार करोड़ हुआ शिक्षा विभाग का बजट

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2003 से पहले स्कूल शिक्षा विभाग का बजट करीब 400 करोड़ रुपए था, जो अब बढ़कर 38 हजार करोड़ रुपए हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दे रही है।

अनुकंपा नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी

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स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि पहले अनुकंपा नियुक्ति मिलने में कई बार सालों लग जाते थे। मुख्यमंत्री के निर्देश और विभागीय प्रयासों से प्रक्रिया तेज हुई है। उन्होंने बताया कि पदोन्नति से खाली हुए पदों पर नियुक्तियां करने का रास्ता बनाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार के मुखिया की मृत्यु के बाद आश्रितों को समय पर नौकरी मिलने से उन्हें आर्थिक परेशानियों से निपटने में मदद मिलती है।

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MP News: शहीद पुलिसकर्मी की पत्नी और माता-पिता में बराबर बंटेगी 1 करोड़ की राशि, CM यादव ने पुलिस स्मृति दिवस पर की घोषणा

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भोपाल: मध्य प्रदेश में ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले पुलिसकर्मियों के परिवारों को मिलने वाली एक करोड़ रुपए की सहायता राशि के वितरण में बदलाव किया गया है। अब इस राशि में शहीद की पत्नी के साथ उनके बुजुर्ग माता-पिता को भी हिस्सा मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को भोपाल के लाल परेड मैदान में पुलिस स्मृति दिवस समारोह के दौरान यह घोषणा की।

नई व्यवस्था के तहत सहायता राशि का 50 प्रतिशत यानी 50 लाख रुपए शहीद की पत्नी को और शेष 50 प्रतिशत यानी 50 लाख रुपए उनके बुजुर्ग माता-पिता को दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पारिवारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।

एक साल में 9 पुलिसकर्मी शहीद

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने बताया कि 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के बीच मध्य प्रदेश पुलिस के 9 अधिकारी-कर्मचारी कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद हुए। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी, समर्पण और त्याग का संकल्प है। शहीदों के परिवारों की देखभाल करना पुलिस विभाग की नैतिक जिम्मेदारी है।

नक्सल विरोधी अभियान में आशीष शर्मा के बलिदान को किया याद

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डीजीपी ने हॉक फोर्स के दिवंगत निरीक्षक आशीष शर्मा के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि आशीष शर्मा लंबे समय तक बालाघाट के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात रहे और कई मुठभेड़ों में वीरता और सूझबूझ दिखाई। डीजीपी के मुताबिक, वर्ष 2025 में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान मानसून में भी कार्रवाई जारी रही। अभियान में 110 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिए गए। दिवंगत निरीक्षक आशीष शर्मा के भाई को अनुकंपा नियुक्ति भी दी गई है।

11 दिसंबर 2025 को नक्सल मुक्त राज्य घोषित होने का दावा

डीजीपी ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में नक्सल विरोधी अभियान के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई गई। उनके अनुसार, मध्य प्रदेश 11 दिसंबर 2025 को देश का पहला नक्सल मुक्त राज्य बना। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नक्सलवादी हमलों में 38 सुरक्षा जवानों और 58 नागरिकों की जान गई। अभियान में पुलिस अधिकारियों और जवानों के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।

क्यों मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस?

हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों के साथ मुठभेड़ में सीआरपीएफ के 10 जवान शहीद हुए थे। उन्हीं के बलिदान की स्मृति में देशभर में यह दिवस मनाया जाता है। भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित समारोह में शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी गई।

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