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Chhattisgarh: मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना से बदलेगी शहरों की तस्वीर, 13 नगर निगमों में आइकॉनिक कार्यों के लिए 429.45 करोड़ के 26 कार्य मंजूर

Raipur: छत्तीसगढ़ के शहरों में आइकॉनिक (Iconic) विकास कार्यों के लिए राज्य शासन ने इस साल मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना शुरू की है। पहले चरण में इसे राज्य के सभी 14 नगर निगमों में लागू किया गया है। इसके तहत शहरों में मजबूत अधोसंरचना के विकास के बड़े काम मंजूर किए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद योजना के अंतर्गत अब तक 13 नगर निगमों में 26 कार्यों के लिए 429 करोड़ 45 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इनमें मरीन ड्राइव विस्तार, ऑक्सीजोन-कम-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, अंतरराज्यीय बस टर्मिनल, रोड जंक्शन, हाइटेक बस स्टैंड, ऑडिटोरियम, तालाब सौंदर्यीकरण, उद्यान विकास, जलापूर्ति सुदृढ़ीकरण, कॉरीडोर निर्माण, गौरव पथ निर्माण, सड़क बाइपास एवं चौड़ीकरण जैसे वृहद कार्य शामिल हैं। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना के लिए 500 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। स्वीकृत कार्यों में से पांच कार्यों के लिए संबंधित फर्म्स को कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। वहीं पांच कार्यों का भूमिपूजन भी हो गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य शासन की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के बारे में कहा कि इस योजना से शहरों के अधोसंरचना विकास में बड़ा बदलाव आएगा। शहरों के सतत् विकास और नागरिक केंद्रित समाधानों को ध्यान में रखते हुए यह योजना तैयार की गई है। छत्तीसगढ़ के शहरों को आधुनिक, सुंदर और जीवंत बनाने में यह योजना प्रभावी साबित होगी। शहरों की सूरत और सीरत बदलने में इसकी अहम भूमिका होगी।
उप मुख्यमंत्री \अरुण साव ने बताया कि जीवंत शहरों के निर्माण और इज ऑफ लीविंग के लिए इस साल के बजट में शामिल कार्ययोजना के अनुसार मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना प्रारंभ की गई है। पहले चरण में राज्य के सभी नगर निगमों को इसमें शामिल किया गया है। चरणबद्ध रूप से इसे सभी नगरीय निकायों में लागू किया जाएगा। योजना के माध्यम से शहरों में बढ़ती आबादी के मद्देनजर सुगम यातायात के लिए मुख्य सड़कों के निर्माण, चौड़ीकरण, बाइपास सड़क, फ्लाई-ओव्हर, सर्विस-लेन, अंडर-पास तथा अन्य बुनियादी ढांचों का विकास किया जाएगा। राज्य के शहरों को सुंदर, आधुनिक, व्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए रिवर-फ्रंट डेवलपमेंट और भव्य उद्यानों का भी निर्माण योजना के तहत किए जाएंगे। योजना में ऐसे आइकॉनिक कार्य व परियोजनाएं ली जाएंगी जो शहर के विकास का उदाहरण बन सके।
मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना से होंगे ये काम
मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना से प्रमुख रूप से मुख्य सड़क निर्माण एवं मुख्य सड़क चौड़ीकरण कार्य, बाइपास रोड निर्माण, मुख्य सड़क में सर्विस रोड निर्माण कार्य, फ्लाई-ओव्हर निर्माण कार्य, अंडर-पास सड़क निर्माण कार्य, जलप्रदाय योजना के कार्य, सीवरेज नेटवर्क निर्माण कार्य, एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के कार्य, मुख्य सड़कों में रोटरी चौक निर्माण पुनर्व्यवस्था कार्य, स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स निर्माण, हाइटेक बस स्टैण्ड निर्माण, ऑडिटोरियम निर्माण, भव्य उद्यान विकास एवं रिवर-फ्रंट डेवलपमेंट कार्य तथा पर्यटन स्थलों के विकास के कार्य किए जाएंगे। इनके साथ ही शहर की जरूरत के अनुसार अन्य विशिष्ट कार्य भी किए जाएंगे।
कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी मॉनिटरिंग
मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के कार्यों की मॉनिटरिंग और निगरानी कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति द्वारा की जाएगी। समिति प्रगतिरत कार्यों की नियमित समीक्षा कर समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करेगी। संबंधित नगर निगम के आयुक्त समिति के सदस्य-सह-सचिव होंगे। वहीं जिले में लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता समिति के अन्य सदस्य होंगे।
रायपुर में 91.27 करोड़, रायगढ़ में 64.66 करोड़ और बिलासपुर में 57.92 करोड़ के काम, कोरबा में गौरव पथ के लिए 36.55 करोड़
मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना से रायपुर नगर निगम में कुल 91 करोड़ 27 लाख रुपए के चार कार्यों की स्वीकृति दी गई है। इनमें नौ करोड़ दो लाख रुपए की लागत से 18 रोड जंक्शन्स (Road Junctions) के विकास, 23 करोड़ 38 लाख रुपए से जल आपूर्ति व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, 18 करोड़ 86 लाख रुपए के महादेव घाट पुनरूद्धार योजना फेज-1 और तेलीबांधा में 40 करोड़ रुपए के टेक्नीकल टॉवर का निर्माण शामिल है। रायगढ़ नगर निगम में कुल 64 करोड़ 66 लाख रुपए के तीन कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 29 करोड़ 57 लाख रुपए का न्यू शनि मंदिर से छठघाट तक मरीन ड्राइव विस्तार, 12 करोड़ 81 लाख रुपए का एफ.सी.आई. के पास ऑक्सीजोन-कम-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकास कार्य और 22 करोड़ 28 लाख रुपए का न्यू सारंगढ़ बस स्टैंड (अंतरराज्यीय बस टर्मिनल) का उन्नयन कार्य शामिल है।
बिलासपुर नगर निगम में योजना के तहत कुल 57 करोड़ 92 लाख रुपए की लागत के नौ कार्य मंजूर किए गए हैं। इनमें 17 करोड़ रुपए का अशोक नगर-बिरकोनी रोड चौड़ीकरण, नौ करोड़ 74 लाख रुपए का अरपा इंद्रा सेतु से राम सेतु तक अटल पथ निर्माण, पांच करोड़ नौ लाख रुपए का मंगला चौक से आजाद चौक तक सड़क निर्माण, पांच करोड़ 26 लाख रुपए का गुरुनानक चौक से मोपका/राजकिशोर नगर तिराहा तक डामरीकरण एवं नाला निर्माण, दो करोड़ 22 लाख रुपए का रकबंधा तालाब उसलापुर का सौंदर्यीकरण, छह करोड़ 82 लाख रुपए का सिरगिट्टी क्षेत्र में सीसी रोड एवं नाली निर्माण तथा एक करोड़ 70 लाख रुपए का जोन-7 के अंतर्गत सीसी रोड विकास कार्य शामिल हैं। तिफरा में सीसी रोड और नाली निर्माण के लिए छह करोड़ 48 लाख रुपए तथा शहर में स्ट्रीट लाइट व विद्युत लाइट पोल के प्रतिस्थापन के लिए तीन करोड़ 62 लाख रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। कोरबा में सीएसईबी चौक से जैन चौक – आईटीआई चौक से कोसाबाड़ी चौक तक गौरव पथ के निर्माण के लिए 36 करोड़ 55 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।
धमतरी में बनेगा हाइटेक बस स्टैंड और ऑडिटोरियम, अंबिकापुर में मां महामाया कॉरीडोर के लिए 11.6 करोड़
योजना के तहत धमतरी नगर निगम में दो कार्यों के लिए कुल 24 करोड़ 64 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इनमें 17 करोड़ 70 लाख रुपए का नवीन हाइटेक बस स्टैंड निर्माण और छह करोड़ 94 लाख रुपए का ऑडिटोरियम निर्माण शामिल है। जगदलपुर नगर निगम में भी दो कार्यों के लिए कुल 19 करोड़ 95 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इनमें दस करोड़ छह लाख रुपए का मुक्तिधाम से समुद्र चौक, पॉवर हाउस चौक, पंचपथ चौक होते हुए लालबाग आमागुड़ा चौक तक मार्ग चौड़ीकरण और नौ करोड़ 89 लाख रुपए का दलपत सागर विकास व सौंदर्यीकरण कार्य शामिल है। बीरगांव नगर निगम में दो कार्यों के लिए 24 करोड़ 75 लाख रुपए से अधिक की राशि मंजूर की गई है। इनमें सात करोड़ 90 लाख रुपए की लागत से उरला नाला निर्माण (5.08 किलोमीटर) तथा 16 करोड़ 85 लाख रुपए का शनि मंदिर से फिल्टर प्लांट होते हुए कन्हेरा मोड़ तक सड़क निर्माण शामिल है।
नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा योजना के तहत चिरमिरी नगर निगम में चार कार्यों के लिए कुल 14 करोड़ 84 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इनमें आठ करोड़ 65 लाख रुपए का सोनामली नाका से दीनदयाल चौक पौढ़ी तक बाइपास निर्माण, तीन करोड़ 57 लाख रुपए का कोरिया कॉलरी शाखा शिवमंदिर के पास विकास एवं सौंदर्यीकरण, 69 लाख रुपए का पोड़ी वेस्ट चिरमिरी में अटल परिसर से मालवीय नगर तक सड़क चौड़ीकरण तथा एक करोड़ 93 लाख रुपए का अहिंसा चौक हल्दीवाड़ी से अग्रसेन चौक बड़ा बाजार तक सड़क चौड़ीकरण कार्य शामिल है। अंबिकापुर नगर निगम में दो कार्यों के लिए कुल 13 करोड़ 99 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इनमें दो करोड़ 39 लाख रुपए की लागत से पुष्पवाटिका सरगांव पार्क का विकास एवं जल आपूर्ति व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के साथ ही 11 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से मां महामाया कॉरीडोर का निर्माण शामिल है।
भिलाई-चरोदा में बनेगा केनाल रोड, रिसाली में तीन सड़कों के विकास और चौड़ीकरण के लिए 17.33 करोड़
दुर्ग नगर निगम में नौ करोड़ 84 लाख रुपए की लागत से धमधा मार्ग से आदित्य नगर होते हुए रायपुर नाका अंडर-ब्रिज की ओर तथा हनुमान नगर होते हुए जुनवानी रोड तक फोरलेन निर्माण, भिलाई-चरोदा नगर निगम में डभरा पारा से इन्द्रानगर तक केनाल रोड निर्माण के लिए 29 करोड़ 43 लाख रुपए और भिलाई नगर निगम में 24 कार्यों के लिए 24 करोड़ 30 लाख रुपए मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना से स्वीकृत किए गए हैं। रिसाली नगर निगम में तीन कार्यों के लिए कुल 17 करोड़ 33 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इनमें मैत्री कुंज से मधुरिशा फेज-3 तक, आजाद चौक से कृष्णा टॉकीज रोड तक तथा श्रीराम चौक से बालाजी अपार्टमेंट (वार्ड क्रमांक-23) तक सड़क के विकास एवं चौड़ीकरण के लिए क्रमशः पांच करोड़ 21 लाख, सात करोड़ 97 लाख तथा चार करोड़ 15 लाख रुपए शामिल हैं।
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CG Cabinet Decision: 125 दिन रोजगार गारंटी, अटल आजीविका समृद्धि हाट और नई बायोगैस नीति को मंजूरी

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में ग्रामीण रोजगार, आजीविका संवर्धन और स्वच्छ ऊर्जा से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कैबिनेट ने ग्रामीण परिवारों को रोजगार की कानूनी गारंटी देने वाली “वीबी-जी राम जी योजना छत्तीसगढ़”, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए “अटल आजीविका समृद्धि हाट” योजना और छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) नीति-2026 को मंजूरी दी।
हर ग्रामीण परिवार को मिलेगा 125 दिन रोजगार
कैबिनेट ने “विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण)” यानी वीबी-जी राम जी योजना के प्रारूप को मंजूरी दी। योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के अकुशल श्रम आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी।
योजना में जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण अधोसंरचना निर्माण और आजीविका आधारित परिसंपत्तियों के विकास पर विशेष जोर रहेगा। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार 60:40 के अनुपात में खर्च वहन करेंगी। वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार ने 4,000 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया है।
गांवों में बनेंगे ‘अटल आजीविका समृद्धि हाट’
कैबिनेट ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार बढ़ाने के उद्देश्य से अटल आजीविका समृद्धि हाट योजना शुरू करने का निर्णय लिया है।
इसके तहत गांवों में हथकरघा, सिलाई-बुनाई और हस्तशिल्प से जुड़े सृजन केंद्र, दलहन-तिलहन प्रसंस्करण इकाइयां, राइस मिल, डेयरी, कोल्ड स्टोरेज, सोलर ड्रायर, कृषि उपकरण मरम्मत केंद्र, अटल डिजिटल केंद्र, विपणन और आपूर्ति केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा और गांवों की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
छत्तीसगढ़ में बनेगी कम्प्रेस्ड बायोगैस
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस नीति-2026 को भी मंजूरी दी। इसके तहत कृषि अवशेष, गोबर, नगरीय ठोस कचरा और अन्य जैविक अपशिष्टों से स्वच्छ ईंधन कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) का उत्पादन किया जाएगा।
सरकार का दावा है कि इससे अपशिष्ट प्रबंधन बेहतर होगा, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी आएगी और जैविक उर्वरकों का उत्पादन बढ़ेगा।
छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047 के अनुसार राज्य में प्रतिवर्ष लगभग 5 लाख टन कम्प्रेस्ड बायोगैस उत्पादन की संभावना है। इस नीति के क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण को नोडल एजेंसी बनाया गया है।
डिजिटल निगरानी और सुशासन पर जोर
कैबिनेट ने योजनाओं के क्रियान्वयन में डिजिटल तकनीक, विभागीय अभिसरण और पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म से समन्वय को बढ़ावा देने का भी फैसला किया है। इससे विकास कार्यों की निगरानी, पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत होगी।
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Chhattisgarh: राजनांदगांव को 510 करोड़ की सौगात, 333 विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन; किसानों को मिलेंगे ₹15 हजार प्रति एकड़

Rajnandgaon: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को राजनांदगांव जिले को 510 करोड़ 89 लाख रुपए से अधिक लागत के 333 विकास कार्यों की सौगात दी। स्टेट हाई स्कूल मैदान में आयोजित प्रगतिशील किसान सम्मेलन एवं लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, गांवों के विकास और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारते हुए प्रदेश में विकास और सुशासन के नए अध्याय लिखे जा रहे हैं।
खरीफ 2026 से फसल बदलने वाले किसानों को मिलेगा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किसानों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि खरीफ 2026 से कृषक उन्नति योजना के तहत धान के स्थान पर दलहन, तिलहन या अन्य वैकल्पिक फसलों की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपए की आदान सहायता राशि दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि इससे किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी। राजनांदगांव जिले ने फसल चक्र परिवर्तन और जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
जिले में होंगे कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्य
मुख्यमंत्री ने शिवनाथ नदी के मोहारा मेला स्थल से ऑक्सीजन जोन तक सस्पेंशन ब्रिज, ईरा एनीकट निर्माण एवं संरक्षण कार्य, कुमरदा-गेंदाटोला-कल्लूबंजारी सड़क निर्माण तथा घुमरिया व्यपवर्तन जीर्णोद्धार जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की भी घोषणा की। इन परियोजनाओं से जिले में पर्यटन, सिंचाई और आवागमन सुविधाओं को नई मजबूती मिलेगी।
सीएम हेल्पलाइन और ई-डिस्ट्रिक्ट से बढ़ रही सुशासन की पहुंच
मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सीएम हेल्पलाइन 1076 शुरू की गई है। इसके माध्यम से लोग अपनी शिकायत दर्ज कर निर्धारित समयसीमा में समाधान प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही ई-डिस्ट्रिक्ट प्रणाली के जरिए आय, जाति, निवास सहित विभिन्न विभागों की 400 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।
बिजली बिल समाधान और सोलर योजना का लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के माध्यम से जरूरतमंद उपभोक्ताओं को राहत दी जा रही है। वहीं प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत लोगों को रूफटॉप सोलर लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे बिजली खर्च में दीर्घकालिक राहत मिलेगी।
किसानों के लिए सोयाबीन खरीदी का एमओयू
कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन और एबीस एक्सपोर्ट के बीच किसानों के सोयाबीन उत्पाद की खरीदी के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर प्रगतिशील किसानों, कृषि सखी दीदियों, सरपंचों और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों का सम्मान भी किया गया। फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए किसानों को मिनी किट भी वितरित किए गए।
रमन सिंह बोले- फसल चक्र परिवर्तन से बदल रही खेती की तस्वीर
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजनांदगांव में फसल चक्र परिवर्तन और जल संरक्षण को लेकर व्यापक जनजागरण अभियान चलाया गया। पद्मश्री फूलबासन बाई यादव और महिला स्व-सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी से किसानों में नई जागरूकता आई है, जिससे फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिला है।
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Chhattisgarh: रायपुर से रवाना हुई सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा, मुख्यमंत्री साय ने दिखाई विशेष ट्रेन को हरी झंडी

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को रायपुर रेलवे स्टेशन से सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के लिए विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत के राष्ट्रीय स्वाभिमान, सांस्कृतिक गौरव और आस्था का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास में कई बार आक्रांताओं द्वारा सोमनाथ मंदिर को ध्वस्त किया गया, लेकिन हर बार उसका पुनर्निर्माण हुआ। यह करोड़ों भारतीयों की अटूट श्रद्धा और सांस्कृतिक चेतना का प्रमाण है।
1000 से अधिक श्रद्धालु हुए रवाना
सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा के तहत छत्तीसगढ़ से 1000 से अधिक विशिष्टजन, पद्मश्री सम्मानित हस्तियां, राज्य एवं राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त कलाकार, साहित्यकार और श्रद्धालु विशेष ट्रेन से गुजरात स्थित सोमनाथ धाम के लिए रवाना हुए।
यात्रा में शामिल श्रद्धालु अपने साथ छत्तीसगढ़ के विभिन्न प्राचीन शिवालयों की पावन माटी और प्रदेश की प्रमुख नदियों का जल लेकर गए हैं, जिसे भगवान सोमनाथ को अर्पित किया जाएगा।
राष्ट्रीय स्मरणोत्सव का हिस्सा है यात्रा
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 11 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2027 तक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व राष्ट्रीय स्मरणोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। इसी श्रृंखला में यह सांस्कृतिक यात्रा आयोजित की गई है।
उन्होंने कहा कि यह केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता, राष्ट्रीय चेतना और आध्यात्मिक विरासत को जोड़ने वाला अभियान है।
सरदार पटेल और डॉ. राजेंद्र प्रसाद को किया याद
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भारत के प्रथम उपप्रधानमंत्री और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को याद करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद उन्होंने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था।
उन्होंने कहा कि लगभग 75 वर्ष पूर्व देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर का लोकार्पण किया था, जो भारतीय सांस्कृतिक पुनर्जागरण का ऐतिहासिक क्षण था।
सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बनेगी यात्रा
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से लाई जा रही पवित्र माटी और जल भारत की सांस्कृतिक एकता का जीवंत प्रतीक है। यह यात्रा प्रदेश और देश की सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने का माध्यम बनेगी।
श्रद्धालुओं को भेंट किए अंगवस्त्र
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं से मुलाकात कर उनकी मंगलमय यात्रा की कामना की और उन्हें अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक धरमलाल कौशिक, अनुज शर्मा, इंद्रकुमार साहू, डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, संपत अग्रवाल, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
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Chhattisgarh: अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई, 6 क्रशर सीलबंद, महानदी में रेत उत्खनन की मशीन जब्त

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर छत्तीसगढ़ में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ कार्रवाई लगातार तेज की जा रही है। इसी क्रम में खनिज विभाग की केंद्रीय उड़नदस्ता टीम ने बलौदाबाजार और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 क्रशर इकाइयों को सीलबंद कर दिया, जबकि अवैध रेत उत्खनन में उपयोग की जा रही एक चैन माउंटेन मशीन जब्त की गई है।
खनिज साधन विभाग के सचिव और संचालक के निर्देश पर 21 और 22 जून को संयुक्त जांच दल ने विभिन्न जिलों में औचक निरीक्षण अभियान चलाया। जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की गई।
बलौदाबाजार में 6 क्रशर इकाइयां सीलबंद
जांच दल ने बलौदाबाजार जिले के ग्राम खपरीडीह में गौण खनिज निम्न श्रेणी चूनापत्थर से संबंधित स्वीकृत अस्थायी भंडारण स्थलों और खदानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं पाए जाने पर छह क्रशर इकाइयों को सीलबंद कर दिया गया। संबंधित क्रशर संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
महानदी में अवैध रेत उत्खनन का खुलासा
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम दहिदा स्थित महानदी क्षेत्र में भी केंद्रीय उड़नदस्ता टीम ने औचक निरीक्षण किया। यहां एक चैन माउंटेन मशीन के जरिए अवैध रूप से रेत उत्खनन किया जाना पाया गया। खनिज अधिनियम के तहत मशीन को जब्त कर सीलबंद कर दिया गया है। मशीन फिलहाल ऑपरेटर की सुपुर्दगी में रखी गई है और मशीन स्वामी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
ड्रोन सर्वे से हुई सटीक जांच
खनिज विभाग ने कार्रवाई के दौरान आधुनिक तकनीक का भी उपयोग किया। सभी स्थलों की जांच और सत्यापन ड्रोन सर्वेक्षण के माध्यम से किया गया, जिससे खनन गतिविधियों का सटीक आकलन संभव हो सका।
अवैध खनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण की गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और खनिज संपदा के नियमानुसार उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
तकनीक आधारित निगरानी के निर्देश
खनिज सचिव पी. दयानंद ने अधिकारियों को आधुनिक तकनीक, ड्रोन सर्वेक्षण और सतत निगरानी के माध्यम से अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। इस कार्रवाई में केंद्रीय उड़नदस्ता टीम और संबंधित जिलों की जिला स्तरीय टीम के अधिकारी शामिल रहे।
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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले- योग को बनाएं जीवन का हिस्सा, स्वस्थ समाज निर्माण में करें योगदान

अंबिकापुर: 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंबिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में हजारों नागरिकों, विद्यार्थियों, महिलाओं और युवाओं के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग भारत की सनातन परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जिसने पूरे विश्व को स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की राह दिखाई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने वाली जीवनशैली है। नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को आत्मबल, अनुशासन, सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक शांति प्रदान करता है।
“स्वस्थ आयु के लिए योग” समय की आवश्यकता
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस वर्ष योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” वर्तमान समय की जरूरत को दर्शाती है। बदलती जीवनशैली, बढ़ते तनाव और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच योग हर आयु वर्ग के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति ही स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज और विकसित राष्ट्र की नींव रखता है। इसलिए योग को केवल एक दिवस के आयोजन तक सीमित न रखकर जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से मिली वैश्विक पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है। वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव को रिकॉर्ड समय में समर्थन मिला और आज पूरी दुनिया 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मना रही है। उन्होंने कहा कि यह भारत की सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक नेतृत्व का गौरवपूर्ण उदाहरण है।
योग से जीवनशैली संबंधी बीमारियों पर नियंत्रण
मुख्यमंत्री ने कहा कि मधुमेह, उच्च रक्तचाप, तनाव, अनिद्रा और मोटापे जैसी जीवनशैली जनित समस्याओं से बचाव में योग अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रहा है। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान भी अब योग के महत्व को स्वीकार कर चुका है।
उन्होंने महर्षि पतंजलि और भगवान शिव को स्मरण करते हुए कहा कि भारत की सांस्कृतिक चेतना में योग सदियों से जीवन का अभिन्न अंग रहा है।
योग शिक्षा को मिलेगा संस्थागत स्वरूप
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने योग विषय को समाज कल्याण विभाग से चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इससे योग शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान और जनजागरूकता कार्यक्रमों को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य योग को गांव-गांव, स्कूलों, कॉलेजों और समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना है।
युवाओं से किया विशेष आह्वान
मुख्यमंत्री ने युवाओं और विद्यार्थियों से योग को दैनिक दिनचर्या में शामिल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि एकाग्रता, आत्मविश्वास और अनुशासन विकसित करने का भी प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने कहा, “जो लोग अब तक योग से नहीं जुड़े हैं, वे आज से इसकी शुरुआत करें। सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कभी देर नहीं होती।”
जनजातीय युवाओं की सफलता का भी किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और हाल ही में जनजातीय वर्ग के 13 युवाओं ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण कर प्रदेश का नाम रोशन किया है।
बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक प्रबोध मिंज, विधायक रामकुमार टोप्पो, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और नागरिक उपस्थित रहे।
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