ख़बर छत्तीसगढ़
Collector-SP Conference: सीएम साय ने महिला अपराध, साइबर क्राइम पर कड़ी कार्रवाई के दिए निर्देश, कहा- नशे के अवैध कारोबार पर लगाएं लगााम

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन सोमवार को सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों के कामों की समीक्षा की। एसपी कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने महिला अपराध, साइबर क्राइम, नशे के अवैध कारोबार और सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों से कहा कि महिला और बालिका से जुड़े आपराधिक मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई की जाए। इन अपराधों से जुड़े मामलों में निर्धारित समय समय सीमा के अंदर चालान प्रस्तुत हो। एसपी कॉन्फ्रेंस में प्रदेश की कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान गृह मंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सहित रेंज आईजी, कलेक्टर, एसपी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
साइबर अपराध के तौर-तरीकों से लोगों को जागरूक करें
प्रदेश के सभी जिलों के एसपी के साथ मुख्यमंत्री साय ने नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन के अलावा जिलों के परफॉर्मेंस की व्यापक समीक्षा की। सीएम साय ने साइबर क्राइम और इससे जुड़ी आपराधिक गतिविधियों की समीक्षा के दौरान कहा कि साइबर अपराध के तरीके रोज बदलते हैं, ऐसे में लोगों को इसकी जानकारी दी जाए। इसके अलावा अंतर्विभागीय समन्वय के साथ लगातार साइबर जागरूकता अभियान चलाने की विशेष पहल की जानी चाहिए। साथ ही साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर का व्यापक रूप प्रचार-प्रसार हो।
नशे के अवैध कारोबार पर हो कड़ी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधीक्षकों को नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के व्यापार पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि नशे से अन्य अपराधों को बढ़ावा मिलता है। इसके खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करें। सीएम ने कहा कि अंतरराज्यीय सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाएं और एनडीपीएस एक्ट के मामलों में समय सीमा में कार्रवाई की जाए। साथ ही नशाखोरी के खिलाफ व्यापक मुहिम चलाकर युवाओं को जागरूक करें।
सड़क सुरक्षा को लेकर दिए महत्वपूर्ण निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा मानकों का पालन न करने पर कड़ी कार्रवाई की जाए। हेलमेट, सीट बेल्ट न पहनने और नशे में वाहन चलाने वालों में कानून का भय स्थापित हो। ब्लैक स्पॉट को चिन्हांकित कर दुर्घटना के कारणों को दूर करें। जिससे दुर्घटनाओं की संख्या में कमी लाई जा सके।
आत्म समर्पित नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ें
कॉन्फ्रेंस में आत्म समर्पित माओवादियों को मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों पर व्यापक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मसमर्पित माओवादियों को कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर भी रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ने की पहल हो रही है। ताकि आत्मसमर्पित नक्सली मुख्यधारा से जुड़कर सामान्य जीवन जी सकें।
ख़बर छत्तीसगढ़
Chhattisgarh: नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण को मिलेगी रफ्तार, RCPLWEA और PMGSY योजना 2027 तक बढ़ी

Raipur: नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क संपर्क को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने रोड कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट फॉर लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म अफेक्टेड एरियाज (RCPLWEA) और Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana (PMGSY-I) की अवधि को 31 मार्च 2027 तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले से छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग सहित नक्सल प्रभावित दूरस्थ इलाकों में सड़क निर्माण कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है। साथ ही पहले से स्वीकृत परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
दूरस्थ गांवों तक पहुंचेगी बेहतर सड़क सुविधा
केंद्र सरकार के इस निर्णय से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में सड़क संपर्क मजबूत होगा, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और रोजगार के अवसरों तक पहुंच आसान होगी। बेहतर सड़क नेटवर्क से इन इलाकों में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार का जताया आभार
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास और वहां रहने वाले लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क किसी भी क्षेत्र के विकास की आधारशिला होती है। सड़क बनने से प्रशासनिक पहुंच मजबूत होती है और शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार जैसी सुविधाओं तक लोगों की पहुंच आसान हो जाती है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन योजनाओं की अवधि बढ़ने से बस्तर सहित छत्तीसगढ़ के दूरस्थ इलाकों में सड़क निर्माण कार्यों में तेजी आएगी और विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी।
ख़बर छत्तीसगढ़
Chhattisgarh: महतारी वंदन योजना की 25वीं किश्त जारी, 69.48 लाख महिलाओं के खातों में ₹641.58 करोड़ ट्रांसफर

Mahtari Vandan Yojana: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महतारी वंदन योजना की 25वीं किश्त जारी की। इसके तहत राज्य की 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 641 करोड़ 58 लाख रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए। बस्तर के लाल बहादुर शास्त्री मिनी स्टेडियम में आयोजित महतारी वंदन सम्मेलन-2026 में मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति समाज की सबसे बड़ी ताकत है और महिलाओं का आर्थिक व सामाजिक सशक्तिकरण ही विकसित राज्य की मजबूत नींव है।उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत अब तक महिलाओं को कुल 16 हजार 237 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है।
हर महीने मिल रहे 1000 रुपये
मुख्यमंत्री ने कहा कि Narendra Modi द्वारा 10 मार्च 2024 को इस योजना की शुरुआत की गई थी। इसके तहत प्रदेश की पात्र महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। पिछले 25 महीनों से लगातार यह राशि महिलाओं के खातों में पहुंच रही है। इस तरह हर हितग्राही महिला को अब तक कुल 25 हजार रुपये मिल चुके हैं।
बजट में 8200 करोड़ का प्रावधान
मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए राज्य सरकार ने इस वर्ष के बजट में 8 हजार 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि इस राशि का उपयोग महिलाएं बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, घरेलू जरूरतों, बचत और स्वरोजगार जैसे कार्यों में कर रही हैं, जिससे परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
स्व-सहायता समूहों से बढ़ रही महिलाओं की आय
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। प्रदेश में अब तक करीब 8 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाया जा चुका है और लक्ष्य इसे बढ़ाकर 10 लाख तक पहुंचाने का है। साथ ही महिला समूहों के माध्यम से रेडी-टू-ईट फूड निर्माण और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
बस्तर में विकास और शांति का नया माहौल
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार और सुरक्षा बलों के प्रयासों से नक्सलवाद अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। नक्सल प्रभावित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए 15 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क, बिजली, मोबाइल टावर, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
महिलाओं की सफलता की कहानियां भी साझा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न जिलों की महिलाओं से बातचीत भी की। कई महिलाओं ने बताया कि योजना से मिली राशि से उन्होंने स्वरोजगार शुरू किया, बच्चों की पढ़ाई में निवेश किया और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत की। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से ‘लक्ष्मी सखी मिलेट कार्ट’ पहल की भी शुरुआत की गई, जिससे महिलाओं को मिलेट आधारित उत्पाद तैयार कर आजीविका के नए अवसर मिलेंगे।
ख़बर छत्तीसगढ़
Chhattisgarh: रायपुर में ‘लखपति दीदी संवाद’ कार्यक्रम 7 मार्च को, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे महिलाओं से संवाद

Raipur: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ में महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए 7 मार्च 2026 को रायपुर में ‘लखपति दीदी संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ द्वारा रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और प्रदेश भर से आई लखपति दीदियों से संवाद करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा करेंगे। इसके अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।
इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं कार्यक्रम में भाग लेंगी। मुख्यमंत्री महिलाओं से बातचीत करते हुए उनकी सफलता की कहानियां सुनेंगे और सरकारी योजनाओं के जरिए उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी लेंगे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के हाथों ‘लखपति दीदी’ पर आधारित कॉफी टेबल बुक और ‘छत्तीसकला’ आधारित ब्रांड बुक का विमोचन किया जाएगा। साथ ही ‘लखपति दीदी ग्राम पोर्टल’ की भी शुरुआत की जाएगी। इन प्रकाशनों के जरिए स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की उपलब्धियों और उनकी आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानियों को सामने लाया जाएगा।
इसके अलावा कार्यक्रम में प्रदेशभर से उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्व-सहायता समूह की महिलाओं, कैडर्स और लखपति दीदियों को सम्मानित भी किया जाएगा। यह आयोजन महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों को भी रेखांकित करेगा।
ख़बर छत्तीसगढ़
Chhattisgarh: जशपुर में बस दुर्घटना पर मुख्यमंत्री साय ने जताया दुख, घायलों के बेहतर इलाज के दिए निर्देश

Raipur/Jashpur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर जिले में हुई बस दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। यह हादसा दुलदुला विकासखंड के Goda Amba गांव के पास हुआ, जिसमें कुछ लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। मुख्यमंत्री ने इस दुर्घटना को बेहद दुखद और हृदय विदारक बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।
दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना
मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्माओं को शांति मिले और शोक संतप्त परिवारों को इस कठिन समय में संबल प्राप्त हो। उन्होंने दुर्घटना में घायल सभी लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की।
घायलों के समुचित उपचार के निर्देश
मुख्यमंत्री साय ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि दुर्घटना में घायल लोगों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न रहे। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि घायलों को हर संभव चिकित्सा सुविधा और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
राहत और बचाव कार्यों की निगरानी
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी कहा है।
ख़बर छत्तीसगढ़
Chhattisgarh: भारतनेट के तहत छत्तीसगढ़ को ₹3,942 करोड़ की मंजूरी, 11,682 ग्राम पंचायतें होंगी कनेक्ट

Raipur: छत्तीसगढ़ को डिजिटल आधारभूत संरचना के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि मिली है। भारत सरकार के संचार मंत्रालय ने संशोधित भारतनेट प्रोग्राम (Amended BharatNet Program – ABP) के तहत राज्य के लिए ₹3,942 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है। इस महत्वाकांक्षी योजना के जरिए प्रदेश की 11,682 ग्राम पंचायतों को रिंग टोपोलॉजी आधारित नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिससे ग्रामीण इलाकों में तेज, सुरक्षित और निर्बाध डिजिटल कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सकेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे ग्रामीण डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी केवल इंटरनेट सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विकसित छत्तीसगढ़ की नई जीवनरेखा बनेगी। रिंग टोपोलॉजी आधारित नेटवर्क संरचना से सेवाओं की विश्वसनीयता बढ़ेगी और नेटवर्क फेल होने की स्थिति में भी वैकल्पिक मार्ग से कनेक्टिविटी जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के माध्यम से ई-गवर्नेंस सेवाओं का दायरा बढ़ेगा, ऑनलाइन शिक्षा को मजबूती मिलेगी और टेलीमेडिसिन के जरिए दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच सकेंगी। साथ ही, ग्रामीण युवाओं, स्टार्टअप्स और उद्यमियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इससे गांवों को डिजिटल अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने इस स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ डिजिटल रूप से सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर राज्य के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
राज्य सरकार का मानना है कि इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद प्रशासनिक पारदर्शिता, सेवा वितरण की गति और ग्रामीण विकास के मानकों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा। डिजिटल नेटवर्क को मजबूत कर छत्तीसगढ़ ‘विकसित भारत’ की अवधारणा में महत्वपूर्ण योगदान देने की दिशा में अग्रसर है।















