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Bihar Cabinet: डोमिसाइल नीति को मंजूरी, हर विधानसभा में डिजिटल लाइब्रेरी, 36 प्रस्तावों को मिली स्वीकृति

Bihar Cabinet: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में 36 अहम प्रस्तावों को स्वीकृति मिली। इसमें आशा, ममता कार्यकर्ताओं की प्रोत्साहन राशि में बढ़ोतरी, मिड डे मीड योजना के रसोइया, स्कूलों के रात्रि प्रहरी के मानदेश में वृद्धि का ऐलान सीएम नीतीश कुमार पहले ही कर चुके थे। आज कैबिनेट की बैठक में इन प्रस्तावों पर अपनी मुहर भी लगा दी। वहीं मुख्यमंत्री के बिहार लोक सेवा आयोग की ओर से ली जाने वाली चौथी और पांचवीं चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा में डोमिसाइल नीति लागू करने के ऐलान को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई।
सीएम नीतीश ने कहा कि शिक्षकों की बहाली में बिहार के निवासियों (DOMICILE) को प्राथमिकता देने हेतु शिक्षा विभाग को संबंधित नियम में आवश्यक संशोधन करने का निर्देश दिया गया है। यह चौथे शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) से ही लागू किया जाएगा। वर्ष 2025 में TRE-4 एवं वर्ष 2026 में TRE-5 का आयोजन किया जाएगा। TRE-5 के आयोजन के पूर्व STET का आयोजन करने का भी निदेश दिया गया है।
बिहार में मैट्रिक और इंटर पास ही माना जाएगा डोमिसाइल
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले दिनों बिहार लोक सेवा आयोग की ओर से ली जाने वाली शिक्षक भर्ती परीक्षा – 4 से डोमिसाइल नीति लागू करने का ऐलान किया था। इसके बाद से चर्चा हो रही थी कि अब बिहार का डोमिसाइल सर्टिफिकेट बनवाने वालों की बाढ़ आएगी, क्योंकि नौकरी में इससे प्राथमिकता मिलेगी। लेकिन, नीतीश कुमार सरकार ने कैबिनेट की बैठक में इस पॉलिसी पर मुहर लगाते समय साफ किया कि जिनके पास बिहार के शिक्षण संस्थान से मैट्रिक या इंटर का प्रमाणपत्र होगा, उन्हें ही इस नीति का लाभ मिलेगा। यह नियम शिक्षक के अलावा क्लर्क, लाइब्रेरियन और परिचारी की भर्ती में भी लागू होंगे।
छात्रों के लिए हर विधानसभा में खुलेगी डिजिटल लाइब्रेरी
बिहार कैबिनेट ने जिन 36 प्रस्तावों को स्वीकृति दी, उसमें छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के हित के लिए हर विधानसभा में एक डिजिटल लाइब्रेरी खोलने प्रस्ताव भी शामिल है। अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने बताया कि राज्य के हर विधानसभा क्षेत्र में एक डिजिटल लाइब्रेरी सेंटर खोला जाएगा, ताकि छात्र और युवा ऑनलाइन पढ़ाई कर सकें और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकें। इसके लिए 94 करोड़ 50 लाख 47 हजार रुपए के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। हर लाइब्रेरी में 10 कंप्यूटर, हाई स्पीड इंटरनेट की सुविधा दी जाएगी।
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Bihar: उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी RLM में बड़ी टूट के संकेत, डिनर पार्टी से गायब रहे चार में से तीन विधायक

Patna: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बाद एनडीए के सहयोगी दलों के बीच जोर आजमाइश का खेल जारी है। जहां एक ओर जीतन राम मांझी राज्य सभा जाने के लिए एनडीए पर दवाब बना रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) पर बिखराव का खतरा मंडरा रहा है। बुधवार की रात उपेन्द्र कुशवाहा ने लिट्टी चोखा की पार्टी आयोजित की, जिसमें ढ़ेर सारे लोग शामिल हुए। लेकिन ताज्जुब की बात यह है कि उस लिट्टी चोखा पार्टी में उनके चार विधायकों में से ही तीन विधायक नहीं पहुंचे। सूबे की सियासत में इसके बाद अटकलों का बाजार गर्म हो गया है।
दिल्ली में मुलाकात को लेकर लग रही अटकलें
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM)के चार विधायकों में से तीन, माधव आनंद, रामेश्वर महतो और आलोक सिंह ने कुशवाहा की दावत से दूरी बनाए रखी। जबकि चौंकाने वाली बात यह है कि ये तीनों विधायक उस वक्त पटना में ही मौजूद थे। इससे पहले इन तीनों ने दिल्ली जाकर भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की थी और उन्हें बधाई दी थी।
क्या हैं बगावत के मायने?
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि आरएलएम (RLM) विधायकों की भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से बढ़ती नजदीकी कुशवाहा के लिए खतरे की घंटी है। 2025 के चुनाव में उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा, भाजपा के साथ गठबंधन कर चुनावी मैदान में उतरी थी। चर्चा है कि मंत्रिमंडल विस्तार या पार्टी के भीतर लिए जा रहे फैसलों को लेकर विधायक खुश नहीं हैं। ऐसे में अगर महज चार विधायकों वाली पार्टी में तीन विधायक बागी रुख अपनाते हैं, तो तकनीकी रूप से दल-बदल कानून के तहत पार्टी के विलय या अलग गुट बनाने का रास्ता साफ हो सकता है। फिलहाल, उपेंद्र कुशवाहा की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन उनके आवास पर हुई सन्नाटे वाली डिनर पार्टी ने बहुत कुछ बयां कर दिया है।
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Bihar: नीतीश कुमार ने 10वीं बार ली बिहार केे मुख्यमंत्री पद की शपथ, 26 मंत्रियों ने भी ली शपथ

Patna: नीतीश कुमार ने पटना के गांधी मैदान में 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने उन्हें शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावा एनडीए सरकार में 26 नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। इसमें बीजेपी से 14, जदयू से 8, लोजपा(R) से 2, जीतनराम मांझी की हम और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी से 1-1 मंत्री बनाए गए। बता दें कि बीजेपी कोटे से सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। ये दोनों नेता पिछली सरकार में भी उपमुख्यमंत्री के पद पर ही थे। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह, जे.पी. नड्डा सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री व एनडीए नेता मौजूद रहे।
शपथ ग्रहण समारोह में लखेंद्र कुमार रौशन, श्रेयसी सिंह, डॉ. प्रमोद कुमार, संजय कुमार, संजय कुमार सिंह और दीपक प्रकाश के साथ लेसी सिंह, नितिन नबीन, मदन साहनी, राम कृपाल यादव, संतोष कुमार सुमन, सुनील कुमार, मोहम्मद जमा खान, संजय सिंह टाइगर, अरुण शंकर प्रसाद, सुरेंद्र मेहता, नारायण प्रसाद और रमा निषाद ने भी मंत्री पद की शपथ ली। वहीं, विजय कुमार चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव, श्रावण कुमार, मंगल पांडे, डॉ. दिलीप जायसवाल और अशोक चौधरी भी मंत्रियों की लिस्ट में शामिल हैं।
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Bihar: 19 नवंबर को भंग होगी बिहार विधानसभा, 20 नवंबर को शपथ लेगी नई सरकार

Patna: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मुलाकात कर विधानसभा भंग करने का प्रस्ताव सौंप दिया। 19 नवंबर को मौजूदा विधानसभा भंग हो जाएगी। इससे पहले आज वर्तमान सरकार की आखिरी कैबिनेट मीटिंग हुई, जिसमें मौजूदा विधानसभा को 19 नवंबर को भंग करने का प्रस्ताव पास हुआ। सभी मंत्रियों ने अपना इस्तीफा दे दिया। जनता दल यूनाईटेड नेता विजय चौधरी ने कहा कि राजभवन में सीएम नीतीश कुमार ने विधानसभा भंग करने का प्रस्ताव राज्यपाल को सौंप दिया।
मंगलवार का दिन महत्वपूर्ण
पटना में मंगलवार को जेडीयू (JDU) विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। कल ही बीजेपी विधायक दल की भी बैठक होगी। इसके बाद एनडीए की बैठक में विधायक दल का नेता चुना जाएगा, उसके बाद नई सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा।
20 नवंबर को गांधी मैदान में होगा शपथ ग्रहण समारोह
पटना के गांधी मैदान में 20 नवंबर को नीतीश कुमार 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने बताया कि नई कैबिनेट में 36 मंत्री होंगे, जिसमें 16 भाजपा से, 15 जदयू से, 3 लोजपा (आर) से, हम और रालोमो से 1-1 मंत्री होंगे। गांधी मैदान में इसकी तैयारी चल रही है। शपथ ग्रहण में प्रधानमंत्री मोदी समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे।
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Bihar Election Result: बिहार की जनता ने एनडीए को दिया रिकॉर्डतोड़ बहुमत, महागठबंधन को मिली दशकों तक चुभने वाली हार

Bihar Chunav Result: बिहार के चुनावी नतीजे लगभग सामने आ चुके हैं, जिसमें NDA सरकार की वापसी ऐतिहासिक जीत के साथ लगभग तय मानी जा रही है। बिहार की जनता ने मोदी-नीतीश के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को रिकॉर्डतोड़ बहुमत दिया है। वहीं, आंकड़ों से स्पष्ट है कि बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेतृत्व वाले महागठबंधन को इतनी करारी हार मिली है कि वो उन्हें दशकों तक सताएगी।
बिहार चुनाव के ताजा रुझानों के मुताबिक, एनडीए को 202 और महागठबंधन को 35 सीटें मिलती दिख रही हैं। आंकड़ों का समझने की कोशिश करें तो पता चलता है कि, बिहार की सियासत के इतिहास में RJD का इतना खराब प्रदर्शन कभी नहीं रहा। वहीं बीजेपी लगभग 90% स्ट्राइक रेट के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। बिहार के चुनाव में मुस्लिम-यादव मतदाताओं का आरजेडी से मोहभंग होना महागठबंधन की हार की बड़ी वजह मानी जा रही है।
चुनाव में मुस्लिम मतदाताओं ने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम पर विश्वास जताया है। यही कारण रहा कि, ओवैसी की पार्टी ने सीमांचल में शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 सीटें जीतीं। वहीं यादव वोटर्स की बात करें तो राजद ने 50 सीटों पर यादव कैंडिडेट उतारे थे मगर इसका फायदा उन्हें नहीं मिला। ऐसा माना जा रहा है कि यादव वोटर्स ने भी RJD पर अविश्वास जताते हुए NDA को वोट किया।
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Anant Singh: मोकामा मर्डर केस में आरोपी अनंत सिंह जेल भेजे गए, कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

Mokama Murder Case: मोकामा विधानसभा में जनसुराज के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी को समर्थन देने वाले दुलारचंद यादव की हत्या के बाद अब तक 80 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इसमें जनता दल यूनाईटेड के प्रत्याशी अनंत सिंह, मणिकांत ठाकुर, रंजीत राम समेत 80 लोग शामिल हैं। पटना पुलिस ने इस हत्याकांड में चार अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की है। अनंत सिंह को गिरफ्तार कर कड़ी सुरक्षा के बीच पटना एसएसपी ऑफिस के रंगदारी सेल में रखा गया। यहां से उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। पटना पुलिस ने उनकी रिमांड की मांग नहीं की।इसके बाद कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
इधर, अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों में काफी आक्रोश है। उनका कहना है कि अनंत सिंह की जीत पक्की है, इसलिए उन्हें फंसाया जा रहा है। वहीं मृत दुलारचंद यादव के परिजन अनंत सिंह को फांसी देने की मांग कर रहे हैं। इधर, पुलिस ने पूरे मोकामा विधानसभा में सुरक्षा कड़ी कर दी है। जगह-जगह पैरा मिलिट्री फोर्स की तैनाती की गई है।














