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Maha Kumbh 2025: कठोर परीक्षा से गुजरकर बनते हैं नागा साधु,रहस्मयी है इनकी दुनिया

Maha Kumbh 2025: महाकुंभ पर 13 अखाड़े अपने-अपने साधुओं के समूह को भ्रमण कराते हुए महाकुंभ स्थल में उपस्थित होते हैं, इसे अखाड़ों का छावनी प्रवेश, पेशवाई भी कहते हैं। इसमें सबकी नजरें नागा साधुओं पर टिकी रहती हैं। महाकुंभ में होने वाले अमृत स्नानों (शाही स्नान) में भी सबसे पहले नागा साधु ही स्नान करते हैं। महाकुंभ के आयोजन में प्रमुख अखाड़ों से जुड़े नागा साधु भी आते हैं। ये नागा साधु कुंभ में विशेष आकर्षण का केंद्र होते हैं, लेकिन कुंभ के बाद ये नजर नहीं आते। इनके शरीर पर लगी भस्म और लंबी जटाएं इन्हें भीड़ से अलग बनाती हैं। हालांकि, कुंभ की समाप्ति के बाद लाखों की संख्या में आने वाले नागा साधु कहां चले जाते हैं, ये सभी के लिए कौतुहल का विषय है।
कुंभ में दिगंबर स्वरूप में क्यों आते हैं नागा साधु
कुंभ में हिस्सा लेने वाले ज्यादातर नागा साधु दो विशेष अखाड़ों से आते हैं। एक अखाड़ा है वाराणसी का महापरिनिर्वाण अखाड़ा और दूसरा है पंच दशनाम जूना अखाड़ा। इन दोनों अखाड़ों के नागा साधु कुंभ का हिस्सा बनते हैं। हाथों में त्रिशूल, शरीर पर भस्म, रुद्राक्ष, की माला और कभी-कभी जानवरों की खाल को शरीर पर लपेटे ये साधु कुंभ आते हैं। कुंभ का पहला शाही स्नान नागा साधु करते हैं और उसके बाद ही अन्य श्रद्धालुओं को कुंभ स्नान की अनुमति होती है। नागा साधु अन्य दिनों में दिगंबर स्वरूप यानी निर्वस्त्र नहीं रहते हैं। समाज में दिगंबर स्वरूप स्वीकार्य नहीं है इसीलिए यह साधु कुंभ (Kumbh) के बाद गमछा पहनकर आश्रमों में निवास करते हैं। दिगंबर का अर्थ है धरती और अम्बर। नागा साधुओं का मानना है कि धरती उनका बिछौना और अम्बर उनका ओढ़ना है। इसीलिए वे कुंभ की अमृत वर्षा के लिए नागा स्वरूप में आते हैं।
कुंभ समाप्त होने के बाद कहां चले जाते हैं नागा साधु
जब कुंभ की समाप्ति हो जोती है, तो इसके बाद नागा साधु अपने-अपने अखाड़ों में लौट जाते हैं। इन अखाड़ों में नागा साधु ध्यान, तप और साधना करते हैं, साथ ही धार्मिक शिक्षा भी देते हैं। इनकी जीवनशैली काफी कठोर होती है। बहुत से नागा साधु हिमालयों, जंगलों और अन्य एकांत स्थानों में तपस्या करने चले जाते हैं। वहीं, बहुत से नागा साधु शरीर पर भभूत लपेटे हिमालय तपस्या करने जाते हैं। यहां वे कठोर तप करते हैं, फल व फूल खाकर जीवन निर्वाह करते हैं। नागा साधु कुंभ के बाद तीर्थ स्थलों पर भी रहते हैं। प्रयागराज, नासिक, हरिद्वार और उज्जैन में इनका बसेरा होता है। ये दीक्षा मांगकर अपना जीवन जीते हैं। इसके अलावा, नागा साधु धार्मिक यात्राएं करते हैं।
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UP News: एसआईआर की ड्राफ्ट लिस्ट जारी, 46 लाख मृत लोगों के नाम समेत 2.89 करोड़ नाम कटे

Lucknow: उत्तरप्रदेश में मंगलवार को SIR की पहली रफ सूची जारी हो गई है। अब लोग चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जाकर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अपना नाम देख सकते हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि प्रदेश में 12.55 करोड़ मतदाता है। पहले चरण के बाद 2.89 करोड़ यानी 18 फीसदी नाम कट गए है। सूची को लेकर 6 जनवरी से दावे-आपत्तियां की जा सकती हैं। जिनके भी नाम पहली ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं, वे 6 फरवरी तक फॉर्म 6 भरकर जमा कर सकते हैं। ताकि उनका नाम जोड़ा जा सके। 6 मार्च 2026 को फाइनल मतदाता सूची जारी की जाएगी।
आयोग ने हेल्पलाइन नंबर- 1950 जारी किया
दावे और आपत्तियां मुफ्त हैं। आयोग ने हेल्पलाइन नंबर- 1950 जारी किया है, जहां सहायता ली जा सकती है। शहरी क्षेत्रों में कम सहयोग को देखते हुए आयोग ने विशेष कैंप लगाने की योजना बनाई है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया- एक जनवरी 2008 से पहले जन्मे लोग फार्म भर सकते हैं। एक अक्टूबर से जो एलिजेबल हो रहे हैं, वे फार्म भर सकते हैं। जिनका फॉर्म मिला है, उनकी मैपिंग नहीं है। उन्हीं को नोटिस दिया जाएगा। छह मार्च 2026 को अंतिम सूची जारी की जाएगी।
वेबसाइट पर जरूरी विवरण भरकर चेक करें नाम
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि राज्य के निवासी चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जाकर सीधे अपना नाम देख सकते हैं। एसआईआर के लिए गणना प्रपत्र 27 अक्टूबर 2025 से घर-घर जाकर दिए गए। पहले एक सप्ताह के लिए समय बढ़ाया गया। फिर 11 दिसंबर को गणना चरण समाप्त होना था। 2.97 लाख नाम हट रहे थे, इसके लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया।
3 स्टेप में ऐसे देखें अपना नाम
1.चुनाव आयोग की वेबसाइट (https://voters.eci.gov.in/download-eroll) पर जाएं।
2.राज्य और जिला चुनें। इसके बाद अपना विधानसभा क्षेत्र सेलेक्ट करें।
3.अपना बूथ सेलेक्ट करें और ड्राफ्ट सूची डाउनलोड कर लें।
ख़बर उत्तरप्रदेश
UP News: भीषण ठंड को देखते हुए माध्यमिक विद्यालयों का समय बदला, कुछ जिलों में अवकाश घोषित

Lucknow: उत्तरप्रदेश में भीषण ठंड को देखते हुए माध्यमिक विद्यालयों का समय बदल दिया गया है। स्कूल 29 दिसंबर से सुबह दस बजे से लेकर शाम तीन बजे तक संचालित होंगे। पहले यह समय साढ़े नौ बजे से साढ़े तीन बजे तक था। यह आदेश प्रदेश के सभी माध्यमिक स्कूलों पर लागू होगा। जारी आदेश में अगले आदेश तक यही समय बनाए रखने की बात कही गई है। भीषण ठंड को देखते हुए रायबरेली, गोंडा, अयोध्या और वाराणासी के कक्षा आठ तक के स्कूलों को 29 और 30 दिसंबर को बंद कर दिया गया है। हालांकि अध्यापकों और अन्य कर्मचारियों को स्कूल आते रहना होगा।
सोमवार को 37 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट
प्रदेश में सोमवार के लिए 37 जिलों में घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर समेत 12 जिलों में दिन के तापमान में भारी गिरावट यानी कोल़्ड डे की चेतावनी जारी की गई है। रविवार को घने कोहरे की वजह से आगरा, प्रयागराज, कानपुर और सहारनपुर में विजिबिलटी शून्य रही। वहीं फतेहपुर में 10 मी., मेरठ में 15 मी. और हमीरपुर में 20 मीटर दृश्यता दर्ज हुई। 6.7 डिग्री न्यूनतम तापमान के साथ मेरठ और इटावा में सबसे ठंडी रात रही। अगले तीन दिनों तक ठंड और कोहरे से राहत के आसार नहीं हैं। प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में कोहरे का प्रकोप रहेगा।
माध्यमिक विद्यालयों में सुबह 10 बजे से होगी पढ़ाई
तापमान में लगातार गिरावट हो रही है। ऐसे में बढ़ती ठंड को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने विद्यालयों के समय में बदलाव करने का निर्णय लिया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक कार्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, अत्यधिक ठंड एवं शीतलहर को ध्यान में रखते हुए माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ाई अब सुबह 10 बजे से शुरू होगी। अगले आदेश तक सभी बोर्ड की 12वीं तक की कक्षाएं सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक संचालित होंगी।
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Bihar: उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी RLM में बड़ी टूट के संकेत, डिनर पार्टी से गायब रहे चार में से तीन विधायक

Patna: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बाद एनडीए के सहयोगी दलों के बीच जोर आजमाइश का खेल जारी है। जहां एक ओर जीतन राम मांझी राज्य सभा जाने के लिए एनडीए पर दवाब बना रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) पर बिखराव का खतरा मंडरा रहा है। बुधवार की रात उपेन्द्र कुशवाहा ने लिट्टी चोखा की पार्टी आयोजित की, जिसमें ढ़ेर सारे लोग शामिल हुए। लेकिन ताज्जुब की बात यह है कि उस लिट्टी चोखा पार्टी में उनके चार विधायकों में से ही तीन विधायक नहीं पहुंचे। सूबे की सियासत में इसके बाद अटकलों का बाजार गर्म हो गया है।
दिल्ली में मुलाकात को लेकर लग रही अटकलें
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM)के चार विधायकों में से तीन, माधव आनंद, रामेश्वर महतो और आलोक सिंह ने कुशवाहा की दावत से दूरी बनाए रखी। जबकि चौंकाने वाली बात यह है कि ये तीनों विधायक उस वक्त पटना में ही मौजूद थे। इससे पहले इन तीनों ने दिल्ली जाकर भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की थी और उन्हें बधाई दी थी।
क्या हैं बगावत के मायने?
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि आरएलएम (RLM) विधायकों की भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से बढ़ती नजदीकी कुशवाहा के लिए खतरे की घंटी है। 2025 के चुनाव में उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा, भाजपा के साथ गठबंधन कर चुनावी मैदान में उतरी थी। चर्चा है कि मंत्रिमंडल विस्तार या पार्टी के भीतर लिए जा रहे फैसलों को लेकर विधायक खुश नहीं हैं। ऐसे में अगर महज चार विधायकों वाली पार्टी में तीन विधायक बागी रुख अपनाते हैं, तो तकनीकी रूप से दल-बदल कानून के तहत पार्टी के विलय या अलग गुट बनाने का रास्ता साफ हो सकता है। फिलहाल, उपेंद्र कुशवाहा की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन उनके आवास पर हुई सन्नाटे वाली डिनर पार्टी ने बहुत कुछ बयां कर दिया है।
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UP News: शाहजहांपुर में दर्दनाक हादसा, ट्रेन से कटकर दंपती और दो बच्चों समेत पांच की मौत

Shahjahanpur: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में बुधवार शाम हुए दर्दनाक हादसे में ट्रेन से कटकर 5 लोगों की मौत हो गई। हादसा रोजा रेलवे स्टेशन के पास मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग को पार करते समय शाम 6:18 बजे हुआ, जब बाइक सवार लोग क्रॉसिंग पार करते समय गरीब रथ एक्सप्रेस से टकरा गए। हादसे में दो बच्चों समेत पांच लोगों की मौत हो गई। मौके पर मौजूद लोग हादसे को देख विचलित हो गए। सूचना मिलते ही थाना पुलिस और जीआरपी मौके पर पहुंच गई।
मृतकों की पहचान 40 वर्षीय हरिओम निवासी ग्राम बनके गांव थाना उचौलिया जिला लखीमपुर खीरी, सेठ पाल निवासी गांव विकन्ना निगोही (शाहजहांपुर), सेठ पाल की 35 वर्षीय पत्नी पूजा व दो बच्चों के रूप में हुई। बताया जा रहा है कि सभी लोग शाहजहांपुर की बुध बाजार गए थे। वहां से खरीदारी कर लखीमपुर वापस जा रहे थे। मुख्यमंत्री योगी ने तुरंत हादसे पर संज्ञान लेते हुए मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए।
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UP News: मुख्यमंत्री योगी बोले- देश में दो नमूने, एक दिल्ली, दूसरा लखनऊ में, अखिलेश बोले- भाजपा की आपसी खींचतान चौराहे पर न लाएं

Lucknow: यूपी विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन आज प्रश्न काल के दौरान सीएम योगी ने कफ सिरप मामले में सपा के आरोपों पर कहा- प्रदेश में कफ सिरप से एक भी मौत नहीं हुई है। इस मामले में एनडीपीएस के अंतर्गत कार्रवाई होगी। सीएम योगी ने सदन में कहा कि उत्तर प्रदेश में यूपी के सबसे बड़े होलसेलर को एसटीएफ ने पकड़ा था। 2016 में समाजवादी पार्टी ने उसे लाइसेंस जारी किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले में अब तक 79 अभियोग दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें 225 अभियुक्त नामज़द हैं। 78 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है और 134 फर्मों पर छापेमारी की कार्रवाई हुई है। अखिलेश के सिरप माफियाओं पर बुलडोजर चलाने के चैलेंज पर मुख्यमंत्री ने कहा कि चिंता मत कीजिए। समय आने पर बुलडोजर एक्शन भी होगा। उस समय चिल्लाना नहीं।
मुख्यमंत्री योगी ने आगे कहा-प्रश्न क्या है, मुद्दे क्या उठाए जा रहे हैं। पूरा अध्ययन करके आना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने कोडीन के मुद्दे को उठाया है, लेकिन मैं आपकी इस मजबूरी को समझता हूं। एक कहावत है- चोर की दाढ़ी में तिनका। सीएम योगी ने नाम लिए बिना कहा- देश के अंदर दो नमूने हैं, एक दिल्ली में और एक लखनऊ में बैठते हैं। जब देश में कोई चर्चा होती है तो वो देश छोड़कर चले जाते हैं। मुझे लगता है कि यही आपके बउआ के साथ भी होता है। वह फिर इंग्लैंड सैर सपाटे पर चले जाएंगे और आप यहां चिल्लाते रहेंगे।
सपा प्रमुख अखिलेश ने किया पलटवार
मुख्यमंत्री योगी के बयान के करीब 40 मिनट बाद ही अखिलेश ने X पर लिखा- आत्म-स्वीकृति… किसी को उम्मीद नहीं थी कि दिल्ली-लखनऊ की लड़ाई यहां तक पहुंच जाएगी। संवैधानिक पदों पर बैठे लोग मर्यादा की सीमा न लांघें। भाजपाई अपनी पार्टी के अंदर की खींचातानी को चौराहे पर न लाएं।













