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77th independence day: स्वतंंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री शिवराज का ऐलान, कोई परिवार बिना छत के नहीं रहेगा, आयुष्मान भारत योजना में जुड़ेंगे बचे हुए परिवार

77th independence day: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज राजधानी भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण कर, परेड की सलामी ली। इस मौके पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सभी नागरिकों को पक्का मकान मिलेगा। कोई परिवार बिना छत के नहीं रहेगा। आवास प्लस में जो लोग शामिल नहीं हैं, उन हितग्राहियों को भी योजना में शामिल किया जाएगा और मुख्यमंत्री जन आवास योजना बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री चौहान ने यह भी ऐलान किया कि मध्य प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना में बचे हुए परिवारों को भी जोड़ा जाएगा ताकि उन्हें उपचार की सुविधा मिल सके। जो परिवार इनकम टैक्स नहीं देते या अन्य किसी माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं लेते उन सभी परिवारों को आयुष्मान योजना सम्मिलित किया जाएगा।
महत्वाकांक्षी परियोजनाएं मध्यप्रदेश के प्रोफाइल को देंगी ऊंचाइयां
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि आने वाले समय में नर्मदा प्रगति पथ, विंध्य प्रगति पथ, मालवा विकास पथ, मध्य विकास पथ और बुंदेलखंड विकास पथ जैसी महत्वाकांक्षी एक्सप्रेस-वे परियोजनाएं मध्यप्रदेश की प्रोफाइल को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी। राज्य सरकार ने कायाकल्प अभियान में चालू माली साल से शहरों की सड़कों के नवनिर्माण और संधारण के लिए 3 हजार करोड़ रुपए मंजूर करने का निर्णय लिया है। मध्यप्रदेश आज साढ़े 13 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था बन चुका है। नए विकास कार्यों पर 56 हजार करोड़ से अधिक की राशि का व्यय और अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं प्रदेश का भाग्य बदलने का कार्य कर रही है।
2030 तक हासिल करेंगे नई उपलब्धियां
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि आजादी के अमृत काल में भविष्य के नए मध्यप्रदेश के निर्माण का सपना पूरा करने के संकल्प के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में वर्ष 2030 तक नई उपलब्धियां हासिल करने का लक्ष्य है। इसकी प्राप्ति के लिए उन्होंने प्रमुख बिंदु भी बताए।
- मध्यप्रदेश की अर्थ-व्यवस्था का आकार हम 45 लाख करोड़ रुपए की ऊंचाई तक पहुंचाएंगे।
- मध्यप्रदेश के एक करोड़ से अधिक लोगों को ग़रीबी की रेखा से ऊपर लेकर आएंगे।
- प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय को हम दोगुना कर देंगे। इसे वर्तमान एक लाख 40 हजार के स्थान पर 2 लाख 80 हजार तक ले जाया जाएगा।
- राज्य के कुल कृषि उत्पादन को बढ़ाकर 10 करोड़ मीट्रिक टन के स्तर तक ले जाएंगे।
- हर किसान के खेत के अंतिम छोर तक भरपूर सिंचाई सुविधा मिलेगी। सिंचाई क्षमता को 65 लाख हेक्टेयर तक पहुँचा दिया जाएगा।
- घर हो या फिर उद्योग या खेती, सब बिजली से रोशन रहेंगे। प्रदेश की ऊर्जा क्षमता वर्तमान के 29 हजार मेगावॉट से बढ़कर 38 हजार मेगावॉट से भी अधिक की जाएगी।
- प्रदेश में एक लाख किलोमीटर लंबाई की नई सड़कों का जाल बिछा दिया जाएगा।
- सभी जिला मुख्यालयों को 4 लेन सड़कों से जोड़ा जाएगा। सभी नगरीय निकायों को 2 लेन सड़कों से जोड़ दिया जाएगा।
- प्रदेश के सभी शासकीय मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए जाएंगे।
- हर विकासखण्ड मुख्यालय पर कम से कम 30 बिस्तरीय सर्वसुविधायुक्त अस्पताल की सुविधा मिलेगी।
- मातृ मृत्यु दर को घटाकर 100 प्रति लाख तक और शिशु मृत्यु दर को घटाकर 35 प्रति हजार तक लाया जाएगा।
- मध्यप्रदेश की धरती से कुपोषण के कलंक को पूरी तरह मिटा दिया जाएगा।
- राज्य सरकार 6 हजार से अधिक सर्वसुविधायुक्त सी.एम. राइज स्कूलों का संचालन प्रारंभ कर देगी।
- सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लगभग 25 हजार रिक्त पद भर दिए जाएंगे।
- मध्य प्रदेश के 45 हजार आंगनवाड़ी केंद्रों को प्री- प्रायमरी स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा।
- प्रत्येक विकासखण्ड में कम से कम एक सरकारी कॉलेज होगा, जिससे विद्यार्थियों को अपने घर के नजदीक ही उच्च शिक्षा की सुविधा मिल सकें।
- महिला स्व-सहायता समूहों के सदस्यों की संख्या वर्तमान 53 लाख से बढ़ाकर 65 लाख और महिला स्व-सहायता समूहों की संख्या को वर्तमान 04 लाख 20 हजार से बढ़ाकर 5 लाख 10 हजार किया जाएगा।
- मध्य प्रदेश में 200 करोड़ रुपए के निवेश से एक हजार से अधिक एफ.पी.ओ. गठित किए जाएंगे।
- प्रदेश में महिलाओं की न्यूनतम आय 10 हजार रुपए प्रतिमाह तक पहुंचाने के लिए ठोस रणनीति बनाकर काम किया जाएगा।
- मेक इन मध्यप्रदेश को प्रोत्साहित करते हुए हमारे निर्यात को रुपए एक लाख करोड़ तक ले जाएंगे।
- भोपाल एवं इन्दौर के मध्य एक नया ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट एवं इण्डस्ट्रियल कॉरीडोर बनाया जाएगा।
- प्रधानमंत्री की परिकल्पना अनुसार संपूर्ण भारत के हस्तकला, हस्तशिल्प एवं ओ.डी.ओ.पी. उत्पादों के प्रदर्शन एवं विक्रय के लिए उज्जैन में 284 करोड़ रुपए की लागत से देश का पहला यूनिटी मॉल बनाया जाएगा।
- मध्यप्रदेश में आई.टी. के क्षेत्र में 5 लाख नए रोज़गार के अवसर सृजित किए जाएंगे।
- 5-G सेवाएं पूरे प्रदेश में उपलब्ध करा दी जाएंगी।
- अमृतकाल में मध्यप्रदेश कृषि, युवा, महिला, कौशल और ग्रीन टेक्नोलॉजी के पंचामृत की शक्ति से आगे बढ़ेगा।
परेड में 18 टुकड़ियां, लाड़ली बहना और लाड़ली सेना दल की सदस्य भी शामिल हुईं
स्वतंत्रता दिवस परेड का नेतृत्व भारतीय पुलिस सेवा की सहायक पुलिस आयुक्त इंदौर सोनाक्षी सक्सेना ने किया। सहायक परेड कमांडर की भूमिका उप पुलिस अधीक्षक एटीएस भोपाल राहुल कुमार सैयाम ने निभाई। परेड में पुलिस बैण्ड सहित कुल 18 टुकड़ियों ने भाग लिया। इनमें राजस्थान प्रदेश पुलिस बल, विशेष सशस्त्र बल (उत्तरी जोन), महिलाओं का विशेष सशस्त्र बल, जिला बल एवं रेल की संयुक्त टुकड़ी, हॉकफोर्स, एसटीएफ, जिला पुलिस बल, जेल विभाग, शासकीय रेल पुलिस, नगर सेना (होमगार्ड), एन.सी.सी.(सीनियर विंग गर्ल्स), एन.सी.सी.(सीनियर डिवीजन), गाइड गर्ल्स, स्काउट्स बॉयज, शौर्या दल, लाड़ली बहना तथा अश्वारोही दल शामिल है। लाड़ली बहनों के साथ लाड़ली बहना सेना की सदस्य एक गणवेश में अनुशासन के साथ परेड में शामिल हुईं।
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MP Cabinet: मकर संक्रांति से पहले शिक्षकों को तोहफा, एमपी कैबिनेट में बड़ा फैसला

Bhopal: मध्यप्रदेश सरकार ने मकर संक्रांति से ठीक एक दिन पहले प्रदेश के शिक्षकों को बड़ी सौगात दी है। मंगलवार को हुई मोहन सरकार की कैबिनेट बैठक में प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में कार्यरत सहायक शिक्षक (LDT) और उच्च श्रेणी शिक्षक (UDT) को चौथा क्रमोन्नति वेतनमान देने का निर्णय लिया गया। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 1.22 लाख शिक्षक लाभान्वित होंगे, जिन्होंने 35 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है। लंबे समय से लंबित चौथे क्रमोन्नति वेतनमान की मांग को इस निर्णय के साथ पूरा कर दिया गया है।
सरकार के अनुसार, चौथा क्रमोन्नति वेतनमान लागू होने के बाद LDT शिक्षकों का औसत वेतन लगभग 1.15 लाख रुपये और UDT शिक्षकों का औसत वेतन 1.25 लाख रुपये से अधिक हो जाएगा।
1 जुलाई 2023 से लागू होगा नया वेतनमान
यह नया वेतनमान 1 जुलाई 2023 से प्रभावी माना जाएगा। जिन शिक्षकों की 35 साल की सेवा जुलाई 2023 से पहले पूरी हो चुकी है, उन्हें उसी तारीख से अब तक का पूरा एरियर मिलेगा। अनुमान है कि यह एरियर राशि 1.20 लाख से 1.80 लाख रुपये तक हो सकती है।
वहीं, जिन शिक्षकों की सेवा अवधि 2023 से 2026 के बीच 35 वर्ष पूरी करेगी, उन्हें सेवा पूर्ण होने की तिथि से एरियर का भुगतान किया जाएगा।
MP में लागू हुई स्पेस टेक नीति–2026
कैबिनेट बैठक में स्पेस टेक नीति–2026 को भी मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही मध्यप्रदेश, केरल और ओडिशा के बाद देश का तीसरा राज्य बन गया है जहां यह नीति लागू हुई है। इस नीति के जरिए उपग्रह निर्माण को बढ़ावा मिलेगा और कृषि, आपदा प्रबंधन व शहरी नियोजन में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ाया जाएगा। सरकार का अनुमान है कि अगले पांच वर्षों में इससे ₹1000 करोड़ का निवेश और करीब 8 हजार रोजगार सृजित होंगे।
800 मेगावाट सोलर-स्टोरेज परियोजनाओं को मंजूरी
कैबिनेट ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 800 मेगावाट क्षमता की तीन सोलर-सह-स्टोरेज परियोजनाओं को हरी झंडी दी। इनमें—
300 मेगावाट (4 घंटे स्टोरेज)
300 मेगावाट (6 घंटे स्टोरेज)
200 मेगावाट (24 घंटे सोलर-सह-स्टोरेज)
शामिल हैं।
ई-कैबिनेट की शुरुआत, टैबलेट लेकर पहुंचे मंत्री
यह बैठक मोहन सरकार की पहली ई-कैबिनेट रही। मुख्यमंत्री सहित सभी मंत्री फाइलों की जगह टैबलेट लेकर बैठक में शामिल हुए। सरकार का उद्देश्य पेपरलेस सिस्टम को बढ़ावा देना, पारदर्शिता लाना और समय की बचत करना है।
‘संकल्प से समाधान’ अभियान 31 मार्च तक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि ‘संकल्प से समाधान’ अभियान के तहत 16 विभागों की 91 योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को घर-घर जाकर जोड़ा जाएगा। यह अभियान चार चरणों में संचालित होगा और 31 मार्च तक चलेगा।
अन्य अहम निर्णय
1.200 नए सांदीपनि विद्यालयों को मंजूरी, कुल लागत ₹2660 करोड़
2. वर्ष 2026 में आयोजित व्यापार मेलों के दौरान ऑटोमोबाइल पर 50% परिवहन टैक्स में छूट
3. SAF जवान के परिजनों को ₹90 लाख की अनुग्रह राशि देने का फैसला
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MP News: छतरपुर के नौगांव में मंदिर का निर्माणाधीन गेट गिरा, 1 की मौत, 3 मजदूर घायल

Chhatarpur: मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के नौगांव में धौर्रा मंदिर का निर्माणाधीन गेट गिर गया। जिसके मलबे में दबकर एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि तीन घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसा शुक्रवार शाम निर्माण कार्य के दौरान हुआ। मृतक मजदूर छतरपुर के गंज के करारा गांव का रहने वाला है। बता दें कि धौर्रा हनुमान मंदिर मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश केबॉर्डर पर स्थिति है। आसपास के इलाके के लोग दर्शन करने आते हैं।
घटना की जानकारी लगते ही छतरपुर सीएमएचओ आरके गुप्ता और सिविल सर्जन शरद चौरसिया जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों के इलाज की जानकारी ली और उनके इलाज के निर्देश दिए। कलेक्टर के आदेश पर मृतक के परिजन को तत्काल 20 हजार रुपए और घायलों के परिवार को 5000 रुपए की सहायता दी गई है।
निर्माण कार्य की जांच करेगी तकनीकी टीम
धौर्रा मंदिर के निर्माणाधीन गेट की निर्माण सामग्री की जांच के लिए एक तकनीकी टीम गठित जा रही है। नौगांव एसडीएम जीएस पटेल ने कहा- हादसा लेंटर की कमी या निर्माण सामग्री की खराब क्वालिटी के कारण हुआ, यह तकनीकी टीम की जांच के बाद स्पष्ट होगा। टीआई बाल्मिक चौबे ने बताया कि मंदिर के गेट का निर्माण चल रहा था। इसी दौरान हादसा हो गया। एक मजदूर की मौत हो गई है। 3 अस्पताल में भर्ती हैं। वहीं, नगर पालिका अध्यक्ष अनूप तिवारी बोले- नगर पालिका द्वारा कराए जा रहे कामों की समय-समय पर जांच की जाती है। हादसे की जांच के निर्देश दिए हैं। जो भी अधिकारी-कर्मचारी या ठेकेदार लापरवाही के लिए जिम्मेदार पाया जाएगा, उस पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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MP Weather: मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड, शीतलहर ने बढ़ाई गलन, कई जिलों में स्कूलों के टाइम बदले

Bhopal: मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड, घने कोहरे और शीत लहर का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। कई जिलों में शीतलहर के चलते जनजीवन प्रभावित हो रहा है। वहीं बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को देखते हुए राज्य के विभिन्न जिलों में स्कूलों की समय-सारिणी में बदलाव किया गया है। वहीं कुछ जगह अवकाश की घोषणा भी की गई है। राजधानी भोपाल में बढ़ती ठंड और कोहरे को देखते हुए नर्सरी से कक्षा आठवीं तक के सभी स्कूल अब सुबह 9:30 बजे के बाद ही संचालित होंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में भी पड़ रही कड़ाके की ठंड
शीतलहर के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए ग्वालियर जिले में कक्षा 1 से 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 5 और 6 जनवरी को अवकाश घोषित किया गया है। कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर डीईओ ने यह आदेश जारी किया है। यह आदेश एमपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई से संबद्ध सभी शासकीय एवं अशासकीय, मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा। श्योपुर जिले में भी स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। जिले में नर्सरी से कक्षा आठवीं तक की कक्षाएं सुबह 9:30 बजे से पहले नहीं लगेंगी।
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MP News: विदिशा में छेड़छाड़ का विरोध करने पर युवक की हत्या, चाकुओं से गोदकर ली जान

Vidisha: मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। इंद्रप्रस्थ कॉलोनी में शनिवार, 3 जनवरी रात एक युवती के साथ छेड़छाड़ का विरोध करने पर 22 साल के शुभम चौबे की चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। पूरी घटना CCTV में कैद हो गई, जिसमें कुछ लोग युवक के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। वारदात के बाद इलाके में दहशत है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र की इंद्रप्रस्थ कॉलोनी का है।
पुलिस ने जानकारी दी है कि शुभम चौबे करैया खेड़ा रोड का रहने वाला था। उसने आरोपी चुन्नी और उसके साथियों को युवती से छेड़छाड़ करने से रोका था। शनिवार रात चुन्नी अपने साथियों संग बाइक से इंद्रप्रस्थ कॉलोनी पहुंचा। उसने शुभम को बाहर बुलाया और फिर इस घटना को अंजाम दिया। पहले बहस, फिर मारपीट और उसके बाद उन लोगों ने शुभम पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए।
आरोपियों के हमले में युवक शुभम लहूलुहान हो गया और सड़क पर तड़पता रहा। वारदात के बाद आरोपी उसे इसी हालत में छोड़ मौके से फरार हो गए। इसके बाद स्थानीय लोग उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने शुभम को मृत घोषित कर दिया। घटना के सामने आए CCTV फुटेज में देखने मिल रहा है कि किस तरह बाइक पर सवार होकर कई लोग आए और उन्होंने शुभम संग मारपीट शुरू कर दी।
पुलिस फिलहाल घटना की जांच में जुटी है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। विदिशा के ASP डॉ. प्रशांत ने कहा है कि हत्या चाकू से की गई है। सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। घटनास्थल की बारीकी से जांच की जा रही है। सीसीटीवी के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है।
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MP News: पाइपलाइन में लीकेज से दूषित हुआ पानी बना 14 मौतों की वजह, रिपोर्ट में हुई पुष्टि

Indore: इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से होने वाली मौतों का सिलसिला नहीं रुक रहा है। गुरुवार को बस्ती के दो परिवारों ने दावा किया कि उनके परिजनों की मौत भी उल्टी-दस्त के कारण हुई। लैब से आई सरकारी जांच रिपोर्ट में भी दूषित पानी से मौतों और बीमारियों पर सरकारी रिपोर्ट की मुहर भी लग गई है। हालांकि प्रशासन डायरिया से चार मौतें ही मान रहा है। जबकि 25 दिसंबर से 31 दिसंबर तक 12 मौतें हो चुकी हैं।
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने दूषित पानी से मौतों की मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग के अनुसार, अगर मीडिया रिपोर्ट में कही गई बातें सही हैं तो इससे यह पीड़ितों के मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मुद्दा उठता है। शिकायतों के बावजूद कथित रूप से अधिकारियों ने दूषित पानी की आपूर्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। बता दें कि देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से अब तक 14 लोगों की मौत की जानकारी मिली है। वहीं, करीब 1400 लोग इन्फेक्शन के शिकार हुए हैं।
CMHO डॉ. माधव हसानी ने कहा- महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज की लैब में जांचे गए पानी के नमूनों की रिपोर्ट आज स्वास्थ्य विभाग को मिल गई है। इसमें साफ तौर पर पुष्टि हुई है कि दूषित पानी पीने से ही लोग बीमार पड़े और उनकी जान गई। हसानी ने कहा- पाइपलाइन में लीकेज के कारण पानी दूषित हुआ है। यह किस जगह और किस लेवल का है, इसके बारे में संबंधित अधिकारी ही बता पाएंगे।













