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77th independence day: स्वतंंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री शिवराज का ऐलान, कोई परिवार बिना छत के नहीं रहेगा, आयुष्मान भारत योजना में जुड़ेंगे बचे हुए परिवार

77th independence day: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज राजधानी भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण कर, परेड की सलामी ली। इस मौके पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सभी नागरिकों को पक्का मकान मिलेगा। कोई परिवार बिना छत के नहीं रहेगा। आवास प्लस में जो लोग शामिल नहीं हैं, उन हितग्राहियों को भी योजना में शामिल किया जाएगा और मुख्यमंत्री जन आवास योजना बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री चौहान ने यह भी ऐलान किया कि मध्य प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना में बचे हुए परिवारों को भी जोड़ा जाएगा ताकि उन्हें उपचार की सुविधा मिल सके। जो परिवार इनकम टैक्स नहीं देते या अन्य किसी माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं लेते उन सभी परिवारों को आयुष्मान योजना सम्मिलित किया जाएगा।
महत्वाकांक्षी परियोजनाएं मध्यप्रदेश के प्रोफाइल को देंगी ऊंचाइयां
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि आने वाले समय में नर्मदा प्रगति पथ, विंध्य प्रगति पथ, मालवा विकास पथ, मध्य विकास पथ और बुंदेलखंड विकास पथ जैसी महत्वाकांक्षी एक्सप्रेस-वे परियोजनाएं मध्यप्रदेश की प्रोफाइल को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी। राज्य सरकार ने कायाकल्प अभियान में चालू माली साल से शहरों की सड़कों के नवनिर्माण और संधारण के लिए 3 हजार करोड़ रुपए मंजूर करने का निर्णय लिया है। मध्यप्रदेश आज साढ़े 13 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था बन चुका है। नए विकास कार्यों पर 56 हजार करोड़ से अधिक की राशि का व्यय और अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं प्रदेश का भाग्य बदलने का कार्य कर रही है।
2030 तक हासिल करेंगे नई उपलब्धियां
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि आजादी के अमृत काल में भविष्य के नए मध्यप्रदेश के निर्माण का सपना पूरा करने के संकल्प के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में वर्ष 2030 तक नई उपलब्धियां हासिल करने का लक्ष्य है। इसकी प्राप्ति के लिए उन्होंने प्रमुख बिंदु भी बताए।
- मध्यप्रदेश की अर्थ-व्यवस्था का आकार हम 45 लाख करोड़ रुपए की ऊंचाई तक पहुंचाएंगे।
- मध्यप्रदेश के एक करोड़ से अधिक लोगों को ग़रीबी की रेखा से ऊपर लेकर आएंगे।
- प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय को हम दोगुना कर देंगे। इसे वर्तमान एक लाख 40 हजार के स्थान पर 2 लाख 80 हजार तक ले जाया जाएगा।
- राज्य के कुल कृषि उत्पादन को बढ़ाकर 10 करोड़ मीट्रिक टन के स्तर तक ले जाएंगे।
- हर किसान के खेत के अंतिम छोर तक भरपूर सिंचाई सुविधा मिलेगी। सिंचाई क्षमता को 65 लाख हेक्टेयर तक पहुँचा दिया जाएगा।
- घर हो या फिर उद्योग या खेती, सब बिजली से रोशन रहेंगे। प्रदेश की ऊर्जा क्षमता वर्तमान के 29 हजार मेगावॉट से बढ़कर 38 हजार मेगावॉट से भी अधिक की जाएगी।
- प्रदेश में एक लाख किलोमीटर लंबाई की नई सड़कों का जाल बिछा दिया जाएगा।
- सभी जिला मुख्यालयों को 4 लेन सड़कों से जोड़ा जाएगा। सभी नगरीय निकायों को 2 लेन सड़कों से जोड़ दिया जाएगा।
- प्रदेश के सभी शासकीय मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए जाएंगे।
- हर विकासखण्ड मुख्यालय पर कम से कम 30 बिस्तरीय सर्वसुविधायुक्त अस्पताल की सुविधा मिलेगी।
- मातृ मृत्यु दर को घटाकर 100 प्रति लाख तक और शिशु मृत्यु दर को घटाकर 35 प्रति हजार तक लाया जाएगा।
- मध्यप्रदेश की धरती से कुपोषण के कलंक को पूरी तरह मिटा दिया जाएगा।
- राज्य सरकार 6 हजार से अधिक सर्वसुविधायुक्त सी.एम. राइज स्कूलों का संचालन प्रारंभ कर देगी।
- सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लगभग 25 हजार रिक्त पद भर दिए जाएंगे।
- मध्य प्रदेश के 45 हजार आंगनवाड़ी केंद्रों को प्री- प्रायमरी स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा।
- प्रत्येक विकासखण्ड में कम से कम एक सरकारी कॉलेज होगा, जिससे विद्यार्थियों को अपने घर के नजदीक ही उच्च शिक्षा की सुविधा मिल सकें।
- महिला स्व-सहायता समूहों के सदस्यों की संख्या वर्तमान 53 लाख से बढ़ाकर 65 लाख और महिला स्व-सहायता समूहों की संख्या को वर्तमान 04 लाख 20 हजार से बढ़ाकर 5 लाख 10 हजार किया जाएगा।
- मध्य प्रदेश में 200 करोड़ रुपए के निवेश से एक हजार से अधिक एफ.पी.ओ. गठित किए जाएंगे।
- प्रदेश में महिलाओं की न्यूनतम आय 10 हजार रुपए प्रतिमाह तक पहुंचाने के लिए ठोस रणनीति बनाकर काम किया जाएगा।
- मेक इन मध्यप्रदेश को प्रोत्साहित करते हुए हमारे निर्यात को रुपए एक लाख करोड़ तक ले जाएंगे।
- भोपाल एवं इन्दौर के मध्य एक नया ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट एवं इण्डस्ट्रियल कॉरीडोर बनाया जाएगा।
- प्रधानमंत्री की परिकल्पना अनुसार संपूर्ण भारत के हस्तकला, हस्तशिल्प एवं ओ.डी.ओ.पी. उत्पादों के प्रदर्शन एवं विक्रय के लिए उज्जैन में 284 करोड़ रुपए की लागत से देश का पहला यूनिटी मॉल बनाया जाएगा।
- मध्यप्रदेश में आई.टी. के क्षेत्र में 5 लाख नए रोज़गार के अवसर सृजित किए जाएंगे।
- 5-G सेवाएं पूरे प्रदेश में उपलब्ध करा दी जाएंगी।
- अमृतकाल में मध्यप्रदेश कृषि, युवा, महिला, कौशल और ग्रीन टेक्नोलॉजी के पंचामृत की शक्ति से आगे बढ़ेगा।
परेड में 18 टुकड़ियां, लाड़ली बहना और लाड़ली सेना दल की सदस्य भी शामिल हुईं
स्वतंत्रता दिवस परेड का नेतृत्व भारतीय पुलिस सेवा की सहायक पुलिस आयुक्त इंदौर सोनाक्षी सक्सेना ने किया। सहायक परेड कमांडर की भूमिका उप पुलिस अधीक्षक एटीएस भोपाल राहुल कुमार सैयाम ने निभाई। परेड में पुलिस बैण्ड सहित कुल 18 टुकड़ियों ने भाग लिया। इनमें राजस्थान प्रदेश पुलिस बल, विशेष सशस्त्र बल (उत्तरी जोन), महिलाओं का विशेष सशस्त्र बल, जिला बल एवं रेल की संयुक्त टुकड़ी, हॉकफोर्स, एसटीएफ, जिला पुलिस बल, जेल विभाग, शासकीय रेल पुलिस, नगर सेना (होमगार्ड), एन.सी.सी.(सीनियर विंग गर्ल्स), एन.सी.सी.(सीनियर डिवीजन), गाइड गर्ल्स, स्काउट्स बॉयज, शौर्या दल, लाड़ली बहना तथा अश्वारोही दल शामिल है। लाड़ली बहनों के साथ लाड़ली बहना सेना की सदस्य एक गणवेश में अनुशासन के साथ परेड में शामिल हुईं।
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Agar Malwa News: मां बगलामुखी मंदिर परिसर की जमीन से हटा अतिक्रमण, कोर्ट के फैसले के बाद कार्रवाई

Maa Baglamukhi temple: मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले के नलखेड़ा में स्थित विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर की कीमती भूमि को लेकर हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया। इसके बाद शुक्रवार रात को पुलिस प्रशासन और अन्य विभागों की टीम मौके पर पहुंची। जेसीबी की मदद से जमीन पर किए गए वर्षों पुराने अतिक्रमण को हटा दिया गया। कार्रवाई देर रात तक चली और परिसर में भीड़ लगी रही। दरअसल नलखेड़ा स्थित प्रसिद्ध मूर्ति श्रीराम मंदिर की कीमती भूमि को लेकर मामला हाईकोर्ट में चल रहा था। मामले में कोर्ट के फैसले से जमीन पर सरकार का अधिकार एक बार फिर स्थापित कर दिया।
फर्जी आधार पर प्राप्त कर ली थी डिक्री
कोर्ट ने नलखेड़ा मंदिर परिसर स्थित जमीन को लेकर सरकार के खिलाफ वर्ष 2007 से चल रही अपील निरस्त कर दी। मंदिर परिसर स्थित जमीन का विवाद दो दशकों से अधिक समय से लंबित था। वर्ष 1997 में कुछ लोगों ने महत्वपूर्ण तथ्यों को छुपाकर और फर्जी आधार पर इस जमीन के संबंध में एक डिक्री प्राप्त कर ली थी। इस डिक्री पर सवाल उठे और जिला न्यायालय में वाद प्रस्तुत हुआ। जिसके बाद आगर अपर जिला न्यायाधीश ने 14 मार्च 2007 को विस्तृत साक्ष्यों के आधार पर उक्त डिक्री को अवैध व शून्य घोषित कर दिया था। जिला न्यायालय के इस फैसले के खिलाफ प्रथम अपील दायर हुई जिसे कोर्ट ने निरस्त कर दिया।
विधिक रूप से टिकाऊ नहीं डिक्री
कोर्ट ने कहा है कि वर्ष 1997 में प्राप्त डिक्री धोखे से और दस्तावेजों को छुपाकर प्राप्त की गई थी। यह विधिक रूप से टिकाऊ नहीं है। कोर्ट ने यह भी देखा कि प्रस्तुत वसीयतनामा संदेहास्पद था और मूल राजस्व अभिलेख मंदिर/मठ की पारंपरिक गुरु-चेले प्रणाली की पुष्टि करते थे।मामले में शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता आनंद सोनी ने अंतिम बहस की। उन्होंने कोर्ट के समक्ष राजस्व अभिलेख, ओकाफ समिति के मूल रिकार्ड, मंदिर की ऐतिहासिक संरचना, पूर्व के न्यायालयीन निर्णय तथा फर्जी दस्तावेज़ों के पूरे क्रम को स्पष्टता से रखा। कोर्ट ने माना कि धोखाधड़ी के माध्यम से उक्त भूमि पर गलत तरीके से दावा स्थापित करने की कोशिश की गई थी। हाई कोर्ट द्वारा सरकार के पक्ष में अपील निरस्त करने से मंदिर की भूमि सुरक्षित हो गई।
देर रात तक चली जेसीबी, हटाया अतिक्रमण
फैसला आने के बाद शुक्रवार रात को पुलिस और प्रशासन की टीम ने विभिन्न विभागों के दल के साथ मंदिर की भूमि पर से अतिक्रमण हटाया। मौके पर एसडीएम सर्वेश यादव नलखेड़ा एसडीओपी देव नारायण यादव, सीएमओ मनोज नामदेव नलखेड़ा सुसनेर पुलिस बल अन्य विभागों की टीम के साथ पहुंचे। जेसीबी की मदद से अतिक्रमण हटाया गया। रात में की गई कार्रवाई से अतिक्रमणकर्ताओं में हड़कंप की स्थिति रही।
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MP Encounter: रायसेन में मासूम बच्ची से रेप के आरोपी का देर रात शॉर्ट एनकाउंटर, भागने की कोशिश में लगी गोली

Raisen: रायसेन के गौहरगंज में 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म करने वाले फरार आरोपी सलमान का घटना के 6 दिन बाद गुरुवार देर रात शॉर्ट एनकाउंटर हो गया। रायसेन पुलिस सलमान को भोपाल की गांधीनगर पुलिस से लेकर गौहरगंज लेकर जा रही थी। इसी दौरान पुलिस की गाड़ी औबेदुल्लागंज क्षेत्र के जंगल में पंक्चर हो गई। पुलिस अफसरों का कहना है कि रात करीब 3-4 बजे के बीच आरोपी को दूसरी गाड़ी में शिफ्ट किया जा रहा था, तभी उसने एक पुलिसकर्मी की राइफल छीनकर फायर करने और भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवााई के दौरान पैर पर गोली चलाई, जिससे वह घायल हो गया। वहीं हमले में एसआई को भी हल्की चोट आई है। भोपाल के हमीदिया अस्पताल में आरोपी का इलाज चल रहा है। उसकी हालत खतरे से बाहर है।
जानकारी के अनुसार, आरोपी सलमान ने पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि वह जंगल के रास्ते भोपाल पहुंचा और गांधी नगर के वार्ड-11 में किराए का कमरा ढूंढ रहा था, उसी इलाके से भोपाल की गांधीनगर पुलिस ने उसे एक चाय की दुकान से धर दबोचा था। आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना के बाद हिंदू संगठन के कुछ लोग गांधी नगर थाने भी पहुंचे, लेकिन उससे पहले रायसेन जिले की पुलिस उसे गौहरगंज के लिए लेकर निकल गई। इस बीच औबेदुल्लागंज के पास आरोपी ने भागने की कोशिश की, जिसके बाद उसका शार्ट एनकाउंटर किया गया।
बता दें कि 21 नवंबर को सलमान 6 साल की मासूम बच्ची को चॉकलेट का लालच देकर जंगल में ले गया था। जहां वह उसके साथ रेप कर फरार हो गया। बच्ची रोते हुए परिजनों को मिली थी। स्थानीय लोगों की मदद से भोपाल एम्स में भर्ती कराया गया। यहां बच्ची की स्थिति में अभी सुधार है। घटना के बाद से आरोपी फरार था। पुलिस ने आरोपी सलमान पर 30 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर रायसेन में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे थे।
गौहरगंज में 6 साल की मासूम के साथ रेप के आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर स्थानीय लोगों सहित प्रदेशभर में गुस्सा था। मासूम से रेप के आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हो रहे धरना प्रदर्शनों पर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया था। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 26 नवंबर को पीएचक्यू में सीएस, डीजीपी, एडीजी इंटेलिजेंस, पुलिस कमिश्नर भोपाल समेत उच्च अधिकारियों की बैठक ली थी। सीएम ने पुलिस की ढीली कार्रवाई से नाराजगी जताई थी। इसके बाद उन्होंने रायसेन एसपी पंकज पांडेय को तत्काल प्रभाव से हटाकर पीएचक्यू अटैच करने का निर्देश दिया था। उनकी जगह आशुतोष गुप्ता को रायसेन का नया एसपी बनाया गया है।
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MP News: ‘शाहगढ़ में बनेगा सिविल अस्पताल, बण्डा में बनेगा सर्वसुविधायुक्त स्टेडियम’, मुख्यमंत्री ने की घोषणा

Sagar: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को सागर जिले की तहसील बण्डा में सांदीपनि विद्यालय भवन का लोकार्पण किया। सीएम मोहन यादव ने 50.65 करोड़ रुपए के 16 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। साथ ही सागर जिले की बहुप्रतीक्षित लांच नदी परियोजना की स्वीकृति की घोषणा की। शाहगढ़ में सिविल अस्पताल बनाने, बण्डा में सर्वसुविधा युक्त स्टेडियम, सिविल अस्पताल, बण्डा में पोस्टमार्टम हाउस, बण्डा क्षेत्र में राखसी, चकेरी, विनेयका में भवन विहीन स्कूलों के लिए भवन बनाने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि तहसील मुख्यालय बण्डा में आज लगभग 31 करोड़ रुपए की लागत से नव निर्मित सर्वसुविधा युक्त सांदीपनि विद्यालय भवन का लोकार्पण किया गया है। इस विद्यालय में सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा है कि बण्डा क्षेत्र में सर्वसुविधा युक्त स्कूल भवन के निर्माण से इस क्षेत्र के विद्यार्थियों को सीधा लाभ होगा। मुख्यमंत्री ने कहा है कि बण्डा में बने सांदीपनि विद्यालय का भवन बहुत ही अद्भुत और सर्व-सुविधा युक्त है। सांदीपनि विद्यालय परियोजना मध्यप्रदेश शासन की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जो गरीब वर्ग के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के विज़न के साथ प्रारंभ की गई है।
समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखंड के हर खेत को पानी मिलेगा। इससे क्षेत्र में समृद्धि आएगी। किसान अपने खेतों को समृद्ध बनायें और किसी हालत में अपनी कृषि भूमि न बेचें। केन-बेतवा लिंक परियोजना से आने वाला समय कृषि के लिये बहुत लाभकारी होगा। उन्होंने कहा किशीघ्र ही कृषि के क्षेत्र में बुंदेलखंड पंजाब और हरियाणा को पीछे छोड़ देगा। सागर जिले सहित सागर संभाग के सभी जिलों में विकास की गंगा बहेगी।
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MP News: शहीद इंस्पेक्टर आशीष शर्मा का राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार, सीएम बोले- शहादत पर प्रदेश को गर्व

Narsinghpur: नक्सली मुठभेड़ में शहीद बालाघाट में हॉक फोर्स के इंस्पेक्टर आशीष शर्मा को आज गुरुवार को उनके गृह ग्राम नरसिंहपुर जिले के बोहानी में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शर्मा के अंत्येष्टि कार्यक्रम में पहुंचकर शहीद की पार्थिक देह को कांधा भी दिया। सीएम ने इस मौके पर कहा कि इंस्पेक्टर आशीष शर्मा ने नक्सल विरोधी अभियान में अदम्य साहस का परिचय देते हुए कर्तव्य पथ पर सर्वोच्च बलिदान दिया है। परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि आशीष शर्मा की शहादत पर प्रदेश को गर्व है।
परिजनों को 1 करोड़ की सम्मान निधि, छोटे भाई को एसआई पद पर मिलेगी नियुक्ति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहीद के परिवार को एक करोड़ रुपये की सम्मान निधि प्रदान की जाएगी। साथ ही, बोहानी गांव में शहीद आशीष शर्मा के नाम से एक पार्क और स्टेडियम भी विकसित किया जाएगा, ताकि भावी पीढ़ियों को राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा मिलती रहे और उनकी स्मृति अक्षुण्ण बनी रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद आशीष शर्मा के छोटे भाई को शासकीय नियमों में शिथिलता बरतते हुए सब-इंस्पेक्टर के पद पर नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय परिवार को संबल देने और शहीद के अदम्य साहस को सदैव याद रखने और आमजन में राष्ट्रप्रेम के लिए प्रेरित करने के योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से लिया गया है।
अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब
गुरुवार सुबह शहीद आशीष शर्मा की पार्थिव देह बालाघाट से बोहानी ग्राम लाई गई। जिले की सीमा सिवनी खापा में कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरते समय जगह-जगह बड़ी संख्या में नागरिकों ने नम आंखों से शहीद शर्मा के अंतिम दर्शन किए। गृह ग्राम बोहानी पहुंचने पर ग्रामवासियों ने अपने लाल का अश्रुपूर्ण स्वागत किया। घर से लेकर राघव नगर ग्राउंड तक अंतिम यात्रा भारी भीड़ के बीच निकाली गई। शहीद को राजकीय सम्मान सहित गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। राघव नगर ग्राउंड में पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
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MP News: नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में हॉक फोर्स के इंस्पेक्टर शहीद, दो बार मिल चुका था वीरता पदक

Balaghat: मध्यप्रदेश के बालाघाट में पदस्थ हॉक फोर्स के इंस्पेक्टर आशीष शर्मा 19 नवंबर को नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हो गए। बुधवार को मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की ज्वॉइंट फोर्स द्वारा छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव के जंगलों में नक्सल विरोधी ऑपरेशन के दौरान मुठभेड़ में इंस्पेक्टर शर्मा गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में हॉक फोर्स के इंस्पेक्टर आशीष शर्मा को जांघ और कंधे में गोली लगी थी। इसके बाद उन्हें एंबुलेंस से गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। यहां इलाज के दौरान शर्मा ने दम तोड़ दिया। शहीद इंस्पेक्टर आशीष शर्मा मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के रहने वाले थे। वे साल 2016 में विशेष सशस्त्र बल में शामिल हुए थे। उन्होंने साल 2018 में हॉक फोर्स जॉइन की थी। उनकी बहादुरी और काम को देखते हुए सरकार ने दो बार आउट ऑफ टर्न प्रमोशन भी दिया था।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने X पर इंस्पेक्टर शर्मा को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, ‘आज म.प्र. हॉक फोर्स के निरीक्षक आशीष शर्मा नक्सलियों से मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए। मैं उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं।मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की संयुक्त टीम द्वारा छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव के जंगलों में नक्सल विरोधी ऑपरेशन के दौरान उन्होंने अभूतपूर्व वीरता और साहस का प्रदर्शन किया। नक्सल उन्मूलन के राष्ट्रीय अभियान में उनका सर्वोच्च बलिदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।उन्हें पूर्व में कर्तव्य के दौरान अदम्य साहस, असाधारण बहादुरी प्रदर्शित करने के लिए दो बार भारत सरकार द्वारा वीरता पदक से सम्मानित किया गया था। ॐ शांति!













