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NITI Aayog: गवर्निंग काउंसिल की बैठक में शामिल हुए CM बघेल, राज्यहित में रखी कई मांगें

NITI Aayog: प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की आठवीं बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बैठक से संबंधित एजेंडा बिन्दुओं के अतिरिक्त राज्यहित से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और विषयों पर अपनी बात रखी। बैठक के एजेंडे पर बात करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 2047 का विकसित भारत, टीम इंडिया की भूमिका पर कहा देश की एकता और अखंडता अक्षुण्ण बनाए रखने में राज्यों की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा केंद्र सरकार राज्यों के अधिकारों का सम्मान करे और उसके हिस्से के संसाधनों को भी हस्तांतरित करने की प्रणाली को और मजबूत बनाए।
मुख्यमंत्री ने एनएमडीसी द्वारा राज्य में स्थित इकाइयों को 25-30 प्रतिशत आयरन ओर ही उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने समुचित आयरन ओर राज्य की इकाइयों के लिए उपलब्ध कराने का आग्रह किया। सीएम बघेल ने कहा छत्तीसगढ़ के एमएसएमई उद्योगों को एसईसीएल से विगत 2-3 वर्षों से राज्य की आवश्यकता अनुरूप कोल नहीं मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने इस विषय पर कार्यवाही कर छत्तीसगढ़ का हित सुरक्षित करने का आग्रह किया।
सीएम बघेल ने मीटिंग में 20 हजार से कम आबादी के शहरों में मनरेगा लागू करने का सुझाव भी दिया। मुख्यमंत्री ने रायपुर एयरपोर्ट से अंतर्राष्ट्रीय विमान सेवा शीघ्र शुरू करने व समन्वय हेतु नोडल अधिकारी की नियुक्ति का अनुरोध भी किया। बैठक में उन्होंने छत्तीसगढ़ के 10 आकांक्षी जिलों में सोलर पावर प्लांट की स्थापना के साथ ही 5 मेगावाट तक के सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना को हरित गतिविधियों के रूप में मान्य करते हुए वन संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत वन व्यपवर्तन से छूट प्रदान करने की मांग की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं व शिशुओं की देखभाल के सभी कार्यक्रमों के लिए एकीकृत एमआईएस प्रणाली होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत केंद्र-राज्य वित्त पोषण का हिस्सा 75ः25 करने का अनुरोध किया। इसके अलावा उन्होंने बैठक में नवीन पेंशन योजना में जमा 19 हजार करोड़ की राशि की वापसी का मुद्दा भी उठाया। वहीं, उन्होंने जीएसटी क्षतिपूर्ति अनुदान की भरपाई की मांग भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी कर प्रणाली से राज्यों को राजस्व की हानि हुई है। छत्तीसगढ़ जैसे उत्पादक राज्यों के राजस्व हानि की भरपाई की कोई स्थायी व्यवस्था अतिशीघ्र की जाये।
मुख्यमंत्री ने कहा केंद्रीय करों में राज्य का हिस्सा कम प्राप्त हो रहा है। उन्होंने 2659 करोड़ की राशि इस वित्तीय वर्ष में राज्य को उपलब्ध कराने की मांग की। मुख्यमंत्री बघेल ने खनिजों से मिलने वाली एडिशनल लेवी की 4 हजार 170 करोड़ राशि छत्तीसगढ़ को हस्तांतरण करने का आग्रह किया। वहीं, इस मामले में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सर्वाेच्च न्यायालय में प्रस्तुत सिविल सूट याचिका में केंद्र सरकार की ओर से जल्द जवाब प्रस्तुत कर निराकरण करने का अनुरोध किया।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कोयला एवं अन्य प्रमुख खनिजों की रॉयल्टी दरों में संशोधन की मांग की। उन्होंने कहा संशोधन नहीं होने से राज्य के वित्तीय हितों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय बलों की तैनाती पर हुए सुरक्षा व्यय 11 हजार 828 करोड़ रुपए को केंद्र सरकार द्वारा वहन करते हुए राज्य को इस बकाया से मुक्त करने का आग्रह भी किया।
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Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में LPG बुकिंग संख्या में आई कमी, 1.30 लाख से घटकर फिर पुराने स्तर पर पहुंची मांग

Raipur: पश्चिम एशिया संकट के प्रभाव के चलते प्रदेश में 6 मार्च से 16 मार्च के दौरान दैनिक एलपीजी बुकिंग में आई असामान्य वृद्धि अब धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। सामान्यतः प्रदेश में एक दिन में औसत 74 हजार एलपीजी की बुकिंग दर्ज होती थी, जो कि 6 मार्च के बाद अचानक बढ़कर 1.30 लाख तक पहुंच गई थी। किन्तु राज्य शासन तथा ऑयल कंपनियों की सतत् मॉनिटरिंग और एलपीजी आपूर्ति में वृद्धि के कारण दैनिक एलपीजी बुकिंग में पिछले दो सप्ताह में लगातार कमी देखी गई है।
खाद्य सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले ने जानकारी दी कि राज्य शासन द्वारा खाद्य विभाग एवं ऑयल कंपनियों के अधिकारियों की राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसके द्वारा दैनिक बुकिंग, जिलों को प्रदाय एलपीजी रिफिल सिलेंडर, वितरित सिलेंडर, पेंडिंग बुकिंग संख्या और जिलों में उपलब्ध एलपीजी रिफिल सिलेंडर के स्टॉक की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है।
खाद्य सचिव ने कहा कि पेंडिंग बुकिंग को क्लीयर करने हेतु जिलों को मांग के अनुरूप एलपीजी सिलेंडर प्रदाय किया जा रहा है। साथ ही घरेलू एलपीजी के दुरुपयोग को रोकने हेतु संदिग्ध स्थानों की जांच कर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। अब तक कुल 97 छापों में 3,847 सिलेंडर जप्त किए गए हैं तथा 9 व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है।
राज्य शासन के इन प्रयासों के परिणामस्वरूप 16 मार्च की लंबित बुकिंग संख्या की तुलना में 31 मार्च तक लंबित बुकिंग संख्या में 1.08 लाख की कमी आई है, जिससे घरेलू एलपीजी आपूर्ति की व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। राज्य में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा आम उपभोक्ताओं को एलपीजी प्राप्ति में कोई समस्या न हो, इसके लिए सभी आवश्यक प्रबंध राज्य शासन द्वारा किए गए हैं।
राज्य शासन द्वारा कमर्शियल गैस की आपूर्ति भी 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दी गई है, ताकि सभी आवश्यक सेवाओं के साथ-साथ होटल, रेस्टोरेंट, सामुदायिक कैंटीन और कमर्शियल गैस उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। साथ ही आवश्यक एवं महत्वपूर्ण उद्योगों को भी 20 प्रतिशत कमर्शियल गैस प्रदाय किया जा रहा है।
प्रदेश में पेट्रोल एवं डीजल का भी पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा सभी जिलों के कुल 2465 पेट्रोल/डीजल पंपों में समुचित स्टॉक उपलब्ध है। ऑयल डिपो से नियमित रूप से पेट्रोल एवं डीजल का प्रदाय किया जा रहा है।
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Raipur: छत्तीसगढ़ में 370 नई एम्बुलेंस की शुरुआत, 15 मिनट में शहर, 30 मिनट में गांव पहुंचेगी 108 सेवा

Raipur: छत्तीसगढ़ में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री साय ने मंगलवार को 370 नई एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर प्रदेश के सभी जिलों के लिए रवाना किया। इनमें 300 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) और 70 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंस शामिल हैं।
15 मिनट शहर, 30 मिनट गांव में पहुंचेगी सेवा
सरकार ने लक्ष्य तय किया है कि 108 एंबुलेंस सर्विस के जरिए शहरी क्षेत्रों में 15 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट के भीतर एम्बुलेंस उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे मरीजों को समय पर इलाज मिल सके।
नवजातों के लिए ‘चलते-फिरते ICU’ की शुरुआत
इस पहल के तहत पहली बार प्रदेश में 5 नियोनेटल ALS एम्बुलेंस शुरू की गई हैं। ये एम्बुलेंस नवजात शिशुओं के लिए ICU जैसी सुविधाओं से लैस हैं, जिनमें इन्क्यूबेटर, वेंटिलेटर, डिफिब्रिलेटर, ऑक्सीजन सपोर्ट और 41 तरह की आपातकालीन दवाएं उपलब्ध हैं।
स्वास्थ्य मंत्री बोले- ऐतिहासिक दिन
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इसे राज्य के लिए ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इससे लाखों लोगों को त्वरित चिकित्सा सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य बन गया है, जहां नियोनेटल एम्बुलेंस सेवा शुरू हुई है।
ग्राउंड पर ही मिलेगा प्राथमिक और उन्नत इलाज
नई BLS और ALS एम्बुलेंस में बीपी मॉनिटर, पल्स ऑक्सीमीटर, ईसीजी, ग्लूकोमीटर जैसी जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं। गंभीर मरीजों के लिए पोर्टेबल वेंटिलेटर, सिरिंज पंप और अन्य आधुनिक उपकरण भी लगाए गए हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधार हुए हैं। उप-स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के उन्नयन से अब लोगों को छोटे इलाज के लिए दूर शहर नहीं जाना पड़ रहा।
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Raipur: प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने की डेडलाइन बढ़ी, अब 30 अप्रैल तक बिना सरचार्ज भर सकेंगे टैक्स

Raipur:प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने वाले नागरिकों को बड़ी राहत मिली है। नगरीय प्रशासन-विकास विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए संपत्ति कर भुगतान की अंतिम तारीख बढ़ाकर अब 30 अप्रैल 2026 कर दी है। पहले यह डेडलाइन 31 मार्च तय थी।
30 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया
विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार सभी नगरीय निकायों को 30 दिनों का अतिरिक्त समय दिया गया है। राजस्व वसूली लक्ष्य पूरा न होने और अन्य प्रशासनिक कारणों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
30 अप्रैल तक नहीं लगेगा कोई अतिरिक्त शुल्क
अब करदाता 30 अप्रैल तक बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अपना प्रॉपर्टी टैक्स जमा कर सकेंगे। इसके बाद भुगतान करने पर 17% सरचार्ज देना अनिवार्य होगा।
एक दिन में 9.58 करोड़ की वसूली
डेडलाइन से पहले टैक्स जमा करने के लिए शहर में भारी भीड़ देखने को मिली। 30 मार्च को सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक 8,768 करदाताओं ने कुल 9 करोड़ 58 लाख 61 हजार 442 रुपए जमा किए। नगर निगम के सभी 10 जोनों के राजस्व कार्यालयों में दिनभर लंबी कतारें लगी रहीं।
बकायादारों पर सख्ती जारी
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि बकाया टैक्स नहीं चुकाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इसके तहत दुकानों और व्यवसायिक परिसरों को सील किया जा रहा है, जबकि घरों में नल कनेक्शन काटने की कार्रवाई भी लगातार चल रही है।
छुट्टी के दिन भी खुले रहेंगे दफ्तर
31 मार्च यानी आज महावीर जयंती के सरकारी अवकाश के बावजूद नगर निगम के सभी जोनों के राजस्व कार्यालय खुले रहेंगे, ताकि लोग अंतिम समय में भी अपना टैक्स जमा कर सकें।
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Khelo India Tribal Games 2026: खेल के साथ पर्यटन का संगम, छत्तीसगढ़ की मेहमाननवाज़ी ने जीता दिल

Khelo India Tribal Games 2026: छत्तीसगढ़ में आयोजित ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ केवल खेल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह आयोजन राज्य के पर्यटन और सांस्कृतिक वैभव का भी शानदार प्रदर्शन बन गया है। देशभर से आए खिलाड़ी यहां खेल के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और प्राकृतिक खूबसूरती का अनुभव भी कर रहे हैं। अंडमान-निकोबार से आए खिलाड़ियों को Sirpur और बारनवापारा अभयारण्य (Barnawapara Wildlife Sanctuary) का भ्रमण कराया गया, जिसने उनके अनुभव को और खास बना दिया।
सिरपुर की ऐतिहासिक विरासत ने किया प्रभावित
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा कराए गए दौरे में खिलाड़ियों ने सिरपुर के प्राचीन मंदिरों, बौद्ध विहारों और पुरातात्विक स्थलों को करीब से देखा। इस ऐतिहासिक नगरी की समृद्ध विरासत और संस्कृति ने खिलाड़ियों को काफी प्रभावित किया।बारनवापारा अभयारण्य की हरियाली, घने जंगल और शांत वातावरण ने खिलाड़ियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यहां स्थित हरेली इको रिसॉर्ट में खिलाड़ियों ने स्थानीय व्यंजनों का भी आनंद लिया।
बांबू राफ्टिंग बना खास आकर्षण
खिलाड़ियों के लिए सबसे रोमांचक अनुभव रहा बांबू राफ्टिंग, जिसमें उन्होंने उत्साह के साथ भाग लिया। प्राकृतिक जलधाराओं के बीच यह गतिविधि न केवल मनोरंजक रही, बल्कि टीम भावना को भी मजबूत करने वाली साबित हुई।
मेहमाननवाजी ने जीता दिल
छत्तीसगढ़ की आत्मीयता और मेहमाननवाज़ी ने खिलाड़ियों को खासा प्रभावित किया। अंडमान-निकोबार के खिलाड़ियों ने राज्य सरकार और पर्यटन मंडल का आभार जताते हुए इसे अपने जीवन का यादगार अनुभव बताया।
राज्य की सकारात्मक छवि को मिला बढ़ावा
‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ के जरिए छत्तीसगढ़ न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच दे रहा है, बल्कि अपनी सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन स्थलों को भी राष्ट्रीय पहचान दिला रहा है। यह आयोजन राज्य की बहुआयामी छवि को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम साबित हो रहा है।
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Raipur: पश्चिम एशिया तनाव पर छत्तीसगढ़ अलर्ट, CM साय की हाई लेवल बैठक, कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

Raipur: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच छत्तीसगढ़ सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री साय ने रायपुर स्थित निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी संभागायुक्तों, आईजी, कलेक्टरों और एसपी के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी गैस, उर्वरक और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और सप्लाई सिस्टम की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में किसी भी जरूरी वस्तु की कमी नहीं है और नागरिक अफवाहों से दूर रहें।
मोदी सरकार के आश्वासन का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भी राज्यों के साथ चर्चा कर भरोसा दिलाया है कि देश में जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति सुचारू बनी हुई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति कोविड जैसी नहीं है, लेकिन सतर्कता जरूरी है।
कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्ती
CM साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेट्रोल, गैस और अन्य जरूरी वस्तुओं की कालाबाजारी या जमाखोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों की नियमित मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए गए।
कंट्रोल रूम नंबर जारी
राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। आम नागरिक गैस सप्लाई या कालाबाजारी से जुड़ी शिकायत के लिए 1800-233-3663 पर कॉल कर सकते हैं। मुख्य सचिव विकास शील ने बताया कि इस नंबर का व्यापक प्रचार किया जाएगा ताकि लोगों तक सही जानकारी समय पर पहुंच सके।
तेल कंपनियों ने दी राहत की जानकारी
बैठक में एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसीएल के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश में गैस एवं पेट्रोलियम पदार्थों की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति नियमित रूप से जारी है। गैस सिलेंडरों की ऑनलाइन बुकिंग सामान्य रूप से संचालित है।
उर्वरक की भी पर्याप्त उपलब्धता
अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में खाद की भी कोई कमी नहीं है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उर्वरकों की जमाखोरी पर रोक लगाई जाए और सभी किसानों को जरूरत के अनुसार समान वितरण सुनिश्चित किया जाए।
महत्वपूर्ण संस्थानों को प्राथमिकता
सरकार ने अस्पताल, छात्रावास, शैक्षणिक संस्थान, रेलवे, सैन्य और अर्द्धसैनिक कैंप सहित जरूरी सेवाओं में गैस सप्लाई निर्बाध रखने के निर्देश दिए हैं।
राज्यभर में कार्रवाई जारी
सरकार की सख्ती का असर भी दिख रहा है। अब तक 335 स्थानों पर छापेमारी की गई है। 3841 गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं और 97 एफआईआर दर्ज की गई हैं। मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती चेकपोस्ट पर भी सख्ती बढ़ाने और पेट्रोल-डीजल की अवैध बिक्री रोकने के निर्देश दिए हैं।
















