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बीएसएफ के एडिशनल डीजी मुकुल गोयल बने उत्तरप्रदेश के नए पुलिस महानिदेशक

लखनऊ: भारतीय पुलिस सेवा के 1987 बैच के अफसर मुकुल गोयल को उत्तरप्रदेश का नया डीजीपी बनाया गया है। गोयल वर्तमान में बीएसएफ में एडिशनल डीजी ऑपरेशन के तौर पर पदस्थ हैं। उनके रिलीव होकर यूपी आने तक प्रशांत कुमार कार्यवाह डीजीपी के रुप में जिम्मेदारी निभा रहे हैं। बता दें कि आईपीएस हितेश चंद्र अवस्थी गुरुवार को ही डीजीपी के पद से रिटायर हुए हैं। इसके बाद डीजीपी का चार्ज एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार को दे दिया गया था। मंगलवार की शाम आईपीएस मुकुल गोयल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात भी की थी।
मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं मुकुल गोयल
प्रदेश के नए पुलिस महानिदेशक मुकुल गोयल यूपी के मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं। उन्होंने आईआईटी दिल्ली से बीटेक करने के बाद एमबीए भी किया। वह यूपी के आजमगढ़ जिले के पुलिस अधीक्षक और वाराणसी, गोरखपुर, सहारनपुर व मेरठ जिलों के एसएसपी रह चुके हैं। इसके अलावा वह कानपुर, आगरा, बरेली रेंज के डीआईजी और बरेली जोन के आईजी भी रह चुके हैं। पूर्ववर्ती अखिलेश यादव सरकार में मुकुल गोयल प्रदेश के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर के पद पर भी तैनात रह चुके हैं। उन्हें मुजफ्फरनगर दंगों के दौरान अरुण कुमार को हटाकर एडीजी लॉ एंड ऑर्डर बनाया गया था।
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Bihar: नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए भरा नामांकन, 8 मार्च को JDU जॉइन कर सकते हैं बेटे निशांत

Patna: बिहार की राजनीति में गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा पहुंचकर राज्यसभा सदस्य के लिए नामांकन दाखिल कर दिया। उनके साथ भाजपा अध्यक्ष Nitin Nabin, केंद्रीय मंत्री Ram Nath Thakur, Upendra Kushwaha और Shivesh Kumar ने भी नामांकन पत्र दाखिल किए। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। नामांकन के बाद जेडीयू ने बिहार सरकार में गृह विभाग पर अपना दावा ठोक दिया है। फिलहाल यह विभाग भाजपा के पास है और सम्राट चौधरी राज्य के गृहमंत्री हैं। राजनीतिक हलकों में इसे सत्ता संतुलन से जोड़कर देखा जा रहा है।
इसी बीच जेडीयू सूत्रों के हवाले से खबर है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार 8 मार्च को जेडीयू की सदस्यता ले सकते हैं। पार्टी में शामिल होने के बाद संगठन में उनकी भूमिका को लेकर फैसला किया जाएगा। बताया जा रहा है कि पहले उनकी जॉइनिंग गुरुवार को ही प्रस्तावित थी और इसके लिए जेडीयू कार्यालय में कार्यकर्ताओं के लिए भोज की भी तैयारी की गई थी, लेकिन राज्यसभा नामांकन कार्यक्रम के कारण इसे टाल दिया गया।
अमित शाह बोले- नीतीश का कार्यकाल इतिहास में स्वर्णिम पन्ना
नामांकन के बाद अमित शाह ने नीतीश कुमार के राजनीतिक सफर की सराहना करते हुए कहा कि उनका कार्यकाल बिहार के इतिहास में स्वर्णिम पृष्ठ के रूप में दर्ज होगा। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने राज्य को जंगलराज से बाहर निकालकर विकास की राह पर आगे बढ़ाया। शाह ने यह भी कहा कि इतने लंबे राजनीतिक जीवन में उन पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगा, जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।
नई सरकार को पूरा समर्थन देंगे: नीतीश
नामांकन से पहले नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि संसदीय जीवन की शुरुआत से ही उनकी इच्छा रही है कि वे संसद के दोनों सदनों के सदस्य बनें। इसी इच्छा के तहत वे इस बार राज्यसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार की नई सरकार को उनका पूरा समर्थन रहेगा।
तेजस्वी का आरोप- बीजेपी ने महाराष्ट्र मॉडल लागू किया
नीतीश कुमार के इस फैसले पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। आरजेडी नेता Tejashwi Yadav ने कहा कि बिहार में भाजपा ने महाराष्ट्र मॉडल लागू किया है और नीतीश कुमार को इतना दबाव में रखा गया कि उन्हें इस्तीफा देना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने सहयोगियों को खत्म करने की रणनीति पर काम करती है।
कार्यकर्ताओं में नाराजगी, CM आवास के बाहर हंगामा
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर सामने आने के बाद जेडीयू कार्यकर्ताओं में नाराजगी भी देखने को मिली। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास के बाहर जुट गए और उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार बिहार छोड़कर दिल्ली नहीं जाएं। कई कार्यकर्ता भावुक होकर रोते नजर आए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने भाजपा कोटे के मंत्री Surendra Mehta, जेडीयू एमएलसी Sanjay Gandhi और जेडीयू विधायक Prem Mukhiya को मुख्यमंत्री आवास जाने से रोक दिया। जेडीयू कार्यालय में भी कुछ नाराज कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की।
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Bihar: क्या राज्यसभा जाएंगे नीतीश कुमार? CM आवास पर 6 घंटे मंथन, बेटे निशांत के नाम की भी चर्चा

Patna: बिहार की राजनीति में बुधवार शाम हलचल तेज हो गई, जब मुख्यमंत्री Nitish Kumar के संभावित राज्यसभा जाने की अटकलों के बीच CM आवास पर अहम बैठक बुलाई गई। शाम 6 बजे से शुरू हुई इस बैठक में जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष Sanjay Jha और मंत्री Vijay Kumar Chaudhary मौजूद रहे।
बैठक के दौरान विजय चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अंतिम फैसला खुद नीतीश कुमार को लेना है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि पार्टी के कई वरिष्ठ नेता नहीं चाहते कि नीतीश सक्रिय राज्य की राजनीति छोड़कर दिल्ली जाएं। इस बीच उनके बेटे निशांत कुमार के नाम की भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है, लेकिन पार्टी की ओर से इन अटकलों का अब तक कोई आधिकारिक खंडन नहीं किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री राम नाथ ठाकुर का राज्यसभा जाना लगभग तय माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि उन्होंने नामांकन से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। वहीं, जेडीयू संगठन में भी फेरबदल के संकेत मिले हैं। उमेश कुशवाहा को फिर से प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर मुहर लग गई है।
इन सियासी हलचलों के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पटना दौरे को भी अहम माना जा रहा है। वे नितिन नवीन के नामांकन कार्यक्रम में शामिल होंगे। ऐसे में राज्यसभा चुनाव और संभावित राजनीतिक बदलाव को लेकर बिहार की सियासत में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।फिलहाल, सबकी नजरें नीतीश कुमार के अंतिम फैसले पर टिकी हैं, जो आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति की दिशा तय कर सकता है।
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UP News: यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हमले का दूसरा आरोपी गुलफाम भी एनकाउंटर में मारा गया, 48 घंटे में दोनों भाई ढेर

Ghaziabad Encounter: गाजियाबाद में यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हुए जानलेवा हमले के मामले में 48 घंटे के भीतर दूसरा बड़ा एनकाउंटर हुआ। मुख्य आरोपी जीशान के बाद मंगलवार रात उसका बड़ा भाई गुलफाम भी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। दोनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। थाना इंदिरापुरम क्षेत्र में पुलिस को गुलफाम और उसके साथी की लोकेशन मिली थी।
एडिशनल DCP क्राइम पीयूष सिंह के मुताबिक, वसुंधरा बिजलीघर के पास घेराबंदी की गई। देर रात एक बाइक आती दिखी, जिस पर दो लोग सवार थे। रोकने का इशारा करने पर उन्होंने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की। स्वाट टीम ने पीछा किया। एलिवेटेड रोड के नीचे मिट्टी के टीले पर बाइक फिसल गई और दोनों बदमाश गिर पड़े। पुलिस के पहुंचते ही उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली गुलफाम को लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। गुलफाम की पहचान अमरोहा निवासी के रूप में हुई है, जो गाजियाबाद में किराए पर रह रहा था।इससे पहले रविवार को मुख्य आरोपी जीशान भी एनकाउंटर में मारा जा चुका है।
6 पॉइंट में पूरा एनकाउंटर
- गुलफाम की लोकेशन पर इंदिरापुरम में घेराबंदी
- बाइक से भागने की कोशिश, एलिवेटेड रोड के नीचे फिसली बाइक
- बदमाशों की फायरिंग में 2 पुलिसकर्मी घायल।
- ACP समेत अन्य अधिकारियों की जैकेट पर लगी गोलियां
- जवाबी फायरिंग में गुलफाम को गोली, अस्पताल में मौत
- 48 घंटे में दोनों सगे भाई पुलिस मुठभेड़ में ढेर
क्या है पूरा मामला?
27 मार्च को इस्लाम धर्म छोड़ चुके यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर दिनदहाड़े उनके ऑफिस में हमला हुआ था। बिना नंबर प्लेट की बाइक से आए नकाबपोश हमलावरों ने उन पर 14 चाकू से वार किए और गला रेतने की कोशिश की। गंभीर रूप से घायल सलीम को दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल (GTB) में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। पीड़ित के बेटे की शिकायत पर AIMIM से जुड़े एक नेता समेत 7 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। घटना पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और यूपी में आतंक की कोई जगह नहीं है।
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UP News: प्रयागराज पॉक्सो कोर्ट का बड़ा आदेश, बच्चों के यौन शोषण के आरोप में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश

Prayagraj: प्रयागराज की पॉक्सो कोर्ट ने शनिवार को बड़ा आदेश देते हुए अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद के खिलाफ नाबालिग बच्चों के यौन शोषण के आरोप में FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट विनोद कुमार चौरसिया की अदालत ने प्रयागराज पुलिस कमिश्नर की जांच रिपोर्ट के आधार पर जारी किया। अदालत ने इससे पहले 13 फरवरी को आदेश सुरक्षित रख लिया था।
कोर्ट में पेश किए गए बच्चे
मामले में शिकायतकर्ता और जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने अदालत में दो बच्चों को पेश कर गंभीर आरोप लगाए थे। बच्चों के बयान कैमरे के सामने कोर्ट में दर्ज किए गए। अदालत के आदेश के बाद पुलिस को संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई करने को कहा गया है।
शिकायतकर्ता का बयान
आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि वे न्याय के लिए दर-दर भटक रहे थे, लेकिन पुलिस स्तर पर सुनवाई नहीं हो रही थी। उन्होंने कहा कि अदालत में आने के बाद उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिष्यों के साथ यौन शोषण और समलैंगिक अपराध किए गए। हालांकि, इन आरोपों पर अभी तक आरोपित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पैदल यात्रा का ऐलान
आशुतोष ब्रह्मचारी ने इस मामले को लेकर पैदल यात्रा शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि वे वाराणसी के विद्यामठ तक जाएंगे और जनसमर्थन जुटाएंगे। उन्होंने राजनीतिक नेताओं से भी इस मुद्दे पर खुलकर सामने आने की अपील की और कहा कि वे न्याय के लिए लोगों के बीच जाएंगे। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पुलिस जांच और न्यायालय की सुनवाई के बाद तय होगी।
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UP News: यूपी में 1.70 लाख शिक्षा मित्रों को बड़ा तोहफा, मानदेय 10 से बढ़कर 18 हजार, अनुदेशकों को 17 हजार मिलेंगे

UP Shiksha Mitra Salary Hike: पंचायत और विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश की Government of Uttar Pradesh ने बड़ा दांव खेला है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने विधानसभा में 1.70 लाख से ज्यादा शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में बड़ी बढ़ोतरी का ऐलान किया। अब शिक्षा मित्रों को हर महीने 18 हजार रुपए और अनुदेशकों को 17 हजार रुपए मिलेंगे। अभी तक शिक्षा मित्रों को 10 हजार और अनुदेशकों को 9 हजार रुपए मिलते थे। यानी एक साथ 8 हजार रुपए की बढ़ोतरी की गई है।
सीएम ने कहा कि महंगाई को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले सपा सरकार में शिक्षा मित्रों को सिर्फ 3 हजार रुपए मिलते थे। 2017 में हमारी सरकार ने इसे 10 हजार किया था, अब इसे 18 हजार किया जा रहा है।
9 साल बाद बढ़ा मानदेय, ट्रांसफर की भी सुविधा
करीब 9 साल बाद शिक्षा मित्रों की सैलरी बढ़ाई गई है। सरकार ने शिक्षा मित्रों के ट्रांसफर की व्यवस्था भी लागू करने की घोषणा की है। इसके अलावा उन्हें और उनके परिवार को 5 लाख रुपए तक की कैशलेस इलाज सुविधा भी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग में 75 हजार नौकरियों की घोषणा भी की है।
2017 में रद्द हुआ था समायोजन
यूपी में 2001 से शिक्षा मित्रों की नियुक्ति शुरू हुई थी। 2013-14 में सपा सरकार ने उन्हें सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित किया था। इस फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। 12 सितंबर 2015 को हाईकोर्ट ने समायोजन रद्द कर दिया। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। 25 जुलाई 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने भी समायोजन रद्द करने का फैसला सुनाया। इस फैसले के बाद 1.78 लाख सहायक अध्यापक फिर से शिक्षा मित्र बना दिए गए। 50 हजार रुपए वेतन पाने वाले शिक्षकों का मानदेय घटकर 3500 रुपए रह गया था।
आंदोलन के बाद बढ़ा था मानदेय
समायोजन रद्द होने के बाद प्रदेशभर के शिक्षा मित्रों ने लखनऊ में गोमती तट पर बड़ा आंदोलन किया। इसके बाद सरकार ने मानदेय 3500 से बढ़ाकर 10 हजार रुपए करने की घोषणा की थी। सरकार ने 68,500 और फिर 69,000 सहायक अध्यापक भर्ती में शिक्षा मित्रों को आयु सीमा में छूट और 25 बोनस अंक देने का फैसला किया। इन दोनों भर्तियों में करीब 13 हजार से ज्यादा शिक्षा मित्र सहायक अध्यापक बने।अब एक बार फिर मानदेय बढ़ने से चुनावी साल में लाखों परिवारों को राहत मिली है।
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