ख़बर छत्तीसगढ़
युवा आईएएस ने अपनाया फिटनेस का ओबामा स्टाइल, स्टाफ को भी मिल रहा फायदा
रायपुर: छत्तीसगढ़ के युवा आईएएस अधिकारी और वर्तमान में हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर सिदार्थ कोमल सिंह परदेशी काम करने के अलग स्टाइल की वजह से जाने जाते हैं। इन दिनों उनकी वॉकिंग मीटिंग काफी चर्चाओं में हैं। दरअसल फिटनेस को लेकर क्रेजी हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर ऑफिस के वक्त बीच बीच में खुद को ब्रेक देने के लिए गलियारे में टहलते हैं, लेकिन इस दौरान भी उनका काम जारी रहता है,वो अपने स्टाफ के साथ जरूरी मीटिंग चलते चलते निपटा लेते हैं। इसका फायदा ये हो रहा है,कि वो खुद तो फिट हैं ही,उनका ऑफिस स्टाफ भी इसी बहाने लगातार एक ही जगह बैठने से बच पा रहा है।
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा भी करते थे वॉकिंग मीटिंग

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा भी अपनी शानदार फिटनेस के लिए जाने जाते हैं। जिस समय वो अमेरिकी राष्ट्रपति थे, उन दिनों उनकी वॉकिंग मीटिंग और ऑफिस वर्कआउट्स काफी चर्चा में रहे। ओबामा तो बीच बीच में ऑफिस परिसर में ही रनिंग और स्ट्रैचिंग एक्सरसाइज करने लगते थे। इसकी तस्वीरें भी कई बार व्हाइट हाउस से निकलकर बाहर आईं।

लगातार कई घंटों तक बैठे रहना है खतरनाक
कई रिसर्च में ये सामने आया है,कि आजकल ऑफिस में अधिकारी-कर्मचारियों का लगभग 9.2 घंटे एक ही जगह बैठे-बैठे गुजरता है। ऐसे में उनके हार्ट संबंधी बीमारियों और टाइप-2 डायबटीज़ के शिकार होने की आशंका बढ़ जाती है।
ख़बर छत्तीसगढ़
Chhattisgarh: वेदांता प्लांट हादसा, मौत का आंकड़ा 24 पहुंचा, चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत 10 पर FIR

Raipur: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है। रविवार सुबह एक और घायल मजदूर ने रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे में कुल 36 मजदूर झुलसे थे, जिनमें से 12 का इलाज अभी जारी है।
24 घंटे में 3 मजदूरों की मौत
शनिवार को रायपुर के कालड़ा अस्पताल में 2 मजदूरों की इलाज के दौरान मौत हो गई। इनमें उमेंद्र शाह और मध्यप्रदेश निवासी किस्मत अली शामिल हैं। वहीं शुक्रवार को गंभीर रूप से झुलसे बंगाल के मजदूर सुब्रोतो जेना की भी मौत हो चुकी है।
मेंटेनेंस में लापरवाही, FIR दर्ज
हादसे के बाद हुई शुरुआती जांच में प्लांट प्रबंधन की गंभीर लापरवाही सामने आई है। इसके बाद Vedanta Limited के चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत 10 लोगों के खिलाफ डभरा थाने में FIR दर्ज की गई है।
NGSL की भूमिका जांच के दायरे में
प्लांट के ऑपरेशन और मेंटेनेंस की जिम्मेदारी संभाल रही NGSL अब जांच के केंद्र में है। यह NTPC Limited और GE Power India Limited का संयुक्त उपक्रम है, जिसमें दोनों की 50-50% हिस्सेदारी है।
जांच में क्या सामने आया?
14 अप्रैल को हुए हादसे के बाद 15 अप्रैल को औद्योगिक सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। बॉयलर इंस्पेक्टर उज्जवल गुप्ता की रिपोर्ट में सुरक्षा और मेंटेनेंस में गंभीर चूक सामने आई। रिपोर्ट एसपी प्रफुल्ल ठाकुर को सौंपी गई, जिसके बाद FIR दर्ज की गई।
ख़बर छत्तीसगढ़
Heatwave: छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी, राजनांदगांव 45°C पार, रायपुर में सामान्य से 5 डिग्री ज्यादा; 2 दिन हीट वेव अलर्ट

Raipur: छत्तीसगढ़ में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार को राजनांदगांव जिले में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटे में तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है और प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है।
2 दिन हीट वेव का अलर्ट
मौसम विभाग ने बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग संभाग के जिलों में अगले 2 दिनों तक हीट वेव की स्थिति बने रहने की चेतावनी दी है। लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर में घर से बाहर निकलने से बचें और जरूरी होने पर सिर और चेहरे को ढककर ही निकलें।
रायपुर में सामान्य से ज्यादा गर्मी
राजधानी रायपुर में तापमान औसत से काफी ऊपर चल रहा है। अप्रैल में जहां सामान्य अधिकतम तापमान करीब 39.5°C होता है, वहीं अभी पारा 44°C के आसपास दर्ज किया जा रहा है।
यानी शहर में 4 से 5 डिग्री ज्यादा गर्मी पड़ रही है, जिससे दिन के साथ रातें भी गर्म बनी हुई हैं।
रिकॉर्ड के करीब पहुंच रहा पारा
रायपुर के पुराने रिकॉर्ड बताते हैं कि अप्रैल में तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है।
- 30 अप्रैल 1942: 46.1°C (अब तक का सबसे ज्यादा)
- 28 अप्रैल 1999: 45.4°C
हाल के वर्षों में भी तापमान बार-बार 44°C पार कर रहा है, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि इस बार भी पारा 45°C के करीब जा सकता है।
क्यों खतरनाक होता है अप्रैल का आखिरी हफ्ता?
मौसम के आंकड़ों के अनुसार 25 से 30 अप्रैल के बीच गर्मी अपने चरम पर होती है। फिलहाल प्रदेश उसी दौर में प्रवेश कर रहा है, इसलिए आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना है।
ख़बर छत्तीसगढ़
Bilaspur: वेदांता पावर प्लांट हादसे की जांच बिलासपुर आयुक्त करेंगे, जारी हुआ आदेश

Bilaspur: छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सक्ती जिले के डभरा तहसील अंतर्गत सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर लिमिटेड में हुए हादसे की जांच के आदेश जारी किए गए हैं। बता दें कि 14 अप्रैल 2026 को प्लांट की बॉयलर यूनिट-1 में स्टीम पाइप से जुड़े वाटर सप्लाई पाइप के ज्वाइंट में तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटना घटित हुई। इस दुर्घटना में कई श्रमिकों की मृत्यु एवं बहुत से श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा आयुक्त, बिलासपुर संभाग को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच के लिए निर्धारित बिंदुओं में घटना कब और कैसे घटित हुई, घटना के कारण एवं परिस्थितियां तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपाय शामिल हैं। जारी आदेश के अनुसार जांच अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे 30 दिवस के भीतर जांच पूर्ण कर अपना प्रतिवेदन राज्य शासन को प्रस्तुत करें।
इस संबंध में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुखद और पीड़ादायक घटना है। उन्होंने दिवंगत श्रमिकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घटना की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच सुनिश्चित करने तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
ख़बर छत्तीसगढ़
Chhattisgarh: भीषण गर्मी के चलते स्कूलों के ग्रीष्मकालीन अवकाश समय से पहले घोषित, अब 20 अप्रैल से 15 जून तक रहेगी छुट्टी

Raipur:विष्णु देव साय ने प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू को देखते हुए स्कूलों की ग्रीष्मकालीन छुट्टियों को पहले लागू करने का निर्णय लिया है। अब राज्य में सभी स्कूलों में 20 अप्रैल से 15 जून 2026 तक अवकाश रहेगा। पहले यह अवकाश 1 मई से 15 जून तक तय किया गया था, लेकिन बढ़ते तापमान और बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इसमें संशोधन किया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “बढ़ती गर्मी में बच्चों की सेहत की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है।”
स्कूल शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह फैसला प्रदेश के सभी शासकीय, अनुदान प्राप्त, गैर-अनुदान प्राप्त और निजी स्कूलों पर लागू होगा। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से बच्चों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम कम होंगे।
ख़बर छत्तीसगढ़
Chhattisgarh: जनगणना 2027 का शुभारंभ, CM साय ने ऑनलाइन स्व-गणना कर अभियान की शुरुआत की

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को राजधानी रायपुर स्थित सीएम निवास से जनगणना 2027 के तहत ऑनलाइन स्व-गणना कर राज्य स्तरीय अभियान की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने स्वयं पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर नागरिकों को इस राष्ट्रीय अभियान में भाग लेने का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि देश और राज्य के भविष्य की दिशा तय करने का आधार है। इन आंकड़ों के आधार पर ही सरकार आगामी वर्षों की योजनाएं तैयार करती है, जिससे विकास का लाभ हर वर्ग तक पहुंच सके।
उन्होंने बताया कि 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक नागरिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार की जानकारी खुद दर्ज कर सकते हैं। इस बार जनगणना प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है, जिससे लोगों को सुविधा होगी।
1 मई से शुरू होगा पहला चरण
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि 1 मई 2026 से जनगणना का पहला चरण शुरू होगा, जिसमें मकान सूचीकरण और हाउसिंग सेंसस किया जाएगा। 30 मई तक प्रगणक घर-घर जाकर मकानों की स्थिति, उपयोग और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी एकत्र करेंगे। इसमें पेयजल, शौचालय, बिजली, रसोई गैस, इंटरनेट और संचार जैसी सुविधाओं से जुड़े सवाल शामिल होंगे। साथ ही परिवार के सदस्यों और अन्य जरूरी विवरण भी दर्ज किए जाएंगे।
गोपनीय रहेगी जानकारी
मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग केवल नीतिगत और सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस महाअभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और प्रगणकों को सही व पूरी जानकारी दें, ताकि “विकसित छत्तीसगढ़ 2047” के लक्ष्य को साकार किया जा सके।
















