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Vande Bharat Sleeper: रेल मंत्री ने दिखाई स्लीपर वंदे भारत की पहली झलक, दिसंबर तक एमपी को मिलेंगी दो ट्रेन

Vande Bharat Sleeper: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को स्लीपर वंदे भारत ट्रेन का फर्स्ट लुक जारी किया। वे बेंगलुरु स्थित भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) की फैक्ट्री में ट्रेन का निरीक्षण करने पहुंचे थे। रेल मंत्री ने कहा कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को 800 से 1200 किलोमीटर की दूरी की यात्रा के लिए तैयार किया गया है। इस ट्रेन में यात्री रात 10 बजे सवार होंगे और सुबह अपनी मंजिल पर पहुंच जाएंगे। यह ट्रेनें खासतौर पर मिडिल क्लास यात्रियों के लिए डिजाइन की गई हैं।


वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल दो महीने तक चलेगा और दिसंबर 2024 से इसे यात्रियों के लिए लॉन्च कर दिया जाएगा। यह ट्रेन लंबे दूरी की यात्रा को अधिक सुविधाजनक, आरामदायक और सुरक्षित बनाएगी। यह ट्रेन टक्कर रोधी कवच प्रणाली से लैस है। स्लीपर वंदे भारत शुरू होने से यात्री एक नई यात्रा अनुभव का आनंद ले सकेंगे। स्लीपर वंदे भारत का किराया राजधानी ट्रेन जितना ही होगा।
रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, दिसंबर 2024 तक भोपाल से पटना और उत्तर रेलवे से मुंबई के लिए दो स्लीपर वंदे भारत ट्रेनें भी शुरू की जाएंगी। इन दोनों ट्रेनों में 16-16 कोच होंगे, जिनमें एसी 3 टियर के 11 कोच, एसी 2 टियर के 4 कोच और एसी फर्स्ट के एक कोच शामिल होंगे।
भोपाल से लखनऊ जाने वाले रेल यात्रियों के लिए भी अक्टूबर के शुरुआती सप्ताह से एक और वंदे भारत शुरू हो जाएगी। यह ट्रेन चेयर कार सिटिंग के साथ आठ कोचों में चलाई जाएगी। हालांकि, ट्रेन का आधिकारिक शेड्यूल अभी जारी नहीं किया गया है, लेकिन इसमें कुल 564 सीटें होंगी। यह भोपाल रेल मंडल से चलने गुजरने वाली चौथी वंदे भारत होगी।
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Karnataka CM: कर्नाटक में बड़ा सियासी फेरबदल, सिद्धारमैया ने दिया इस्तीफा, डीके शिवकुमार बन सकते हैं नए CM

Karnataka CM: सिद्धारमैया ने गुरुवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि पार्टी हाईकमान के कहने पर वे पद छोड़ देंगे। सिद्धारमैया ने कहा, “कल हाईकमान ने कहा और आज मैंने इस्तीफा दे दिया।” उन्होंने बताया कि राज्यपाल थावरचंद गहलोत के सचिव को इस्तीफा सौंप दिया गया है। राज्यपाल फिलहाल पारिवारिक कारणों से बेंगलुरु से बाहर हैं। इसके बाद उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। शुक्रवार को विधायक दल की बैठक में औपचारिक घोषणा हो सकती है।
रोटेशनल CM फॉर्मूला के तहत बदलाव?
राजनीतिक हलकों में इसे कथित ‘ढाई-ढाई साल’ वाले रोटेशनल सीएम फॉर्मूले से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि कांग्रेस ने इस व्यवस्था की कभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की थी। इस्तीफे से पहले सिद्धारमैया ने अपने आवास पर मंत्रियों के साथ बैठक की और फैसले की जानकारी दी। इस दौरान डीके शिवकुमार ने सिद्धारमैया के पैर छुए, जिसके बाद दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गले लगाया।
राज्यसभा जाने से किया इनकार
सिद्धारमैया ने कहा कि पार्टी हाईकमान ने उन्हें राज्यसभा जाने का सुझाव दिया था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी राष्ट्रीय राजनीति में कोई रुचि नहीं है और वे सक्रिय राजनीति में बने रहेंगे। इस्तीफा देने के बाद वे दिल्ली रवाना हो गए, जहां कांग्रेस नेतृत्व से मुलाकात करेंगे।
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SC SIR verdict: सुप्रीम कोर्ट ने वोटर लिस्ट SIR को ठहराया वैध, कहा- नागरिकता जांच सकता है चुनाव आयोग

SC SIR verdict: सुप्रीम कोर्ट ने वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को वैध और संवैधानिक करार दिया है। चीफ जस्टिस Surya Kant की बेंच ने बुधवार को कहा कि SIR प्रक्रिया मनमानी नहीं है और चुनाव आयोग को इसे लागू करने का अधिकार है।
कोर्ट ने साफ किया कि चुनाव आयोग वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने या हटाने के लिए नागरिकता की जांच कर सकता है, लेकिन यह फैसला केवल चुनावी उद्देश्यों तक सीमित रहेगा। किसी व्यक्ति को अंतिम रूप से गैर-नागरिक घोषित करने का अधिकार आयोग के पास नहीं होगा।
हटाए गए नामों की जानकारी केंद्र को भेजने के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि संदिग्ध नागरिकता के आधार पर जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं, उनकी सूची 4 हफ्ते के भीतर केंद्र सरकार को भेजी जाए। यह मामला सबसे पहले बिहार में शुरू हुई SIR प्रक्रिया के खिलाफ दायर याचिकाओं के जरिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। हालांकि कुल याचिकाओं की संख्या सामने नहीं आई है।
10 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में पूरी हुई प्रक्रिया
जून 2025 में बिहार से शुरू हुई SIR प्रक्रिया अब तक 10 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में पूरी हो चुकी है। इस दौरान 7.41 करोड़ वोटर्स के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए। सबसे ज्यादा 2.89 करोड़ नाम उत्तरप्रदेश से हटाए गए हैं। बिहार के बाद पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी SIR कराया गया, जबकि असम में स्पेशल रिवीजन (SR) हुआ।
कोर्ट की टिप्पणी अहम
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब देशभर में वोटर लिस्ट की पारदर्शिता और नागरिकता सत्यापन को लेकर बहस चल रही है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग की भूमिका चुनावी रिकॉर्ड तक सीमित रहेगी और नागरिकता पर अंतिम फैसला संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत ही होगा।
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Weather: देश में भीषण गर्मी का कहर, 47°C के पार पहुंचा पारा, कई राज्यों में बदले स्कूल-दफ्तरों के समय

Weather Update: भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक सोमवार को यूपी का बांदा और विदर्भ का ब्रह्मपुरी देश के सबसे गर्म इलाकों में शामिल रहे। यहां लगातार आठवें दिन तापमान 47 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। मध्य प्रदेश के खजुराहो में 47.2°C तापमान रिकॉर्ड किया गया, जबकि नौगांव 46.8°C के साथ देश के सबसे गर्म शहरों में शामिल रहा।
भीषण गर्मी को देखते हुए पंजाब सरकार ने सरकारी स्कूलों और दफ्तरों के समय में बदलाव किया है। अब स्कूल और सरकारी कार्यालय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक संचालित होंगे। वहीं चंडीगढ़ के स्कूलों में समर कैंप के दौरान आउटडोर एक्टिविटी पर रोक लगा दी गई है।
मानसून अभी भी केरल तट से दूर
मानसून की बात करें तो दक्षिण-पश्चिम मानसून पिछले तीन दिनों से केरलम के तट से 30-35 किलोमीटर दूर अटका हुआ है। हालांकि केरलम के तटीय इलाकों, तमिलनाडु और कर्नाटक में बारिश हो रही है, लेकिन मानसून के औपचारिक प्रवेश के लिए जरूरी सभी परिस्थितियां अभी पूरी नहीं हो सकी हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक उत्तर और मध्य भारत में भीषण गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है।
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NEET Paper Leak: NEET पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, NTA को लगाई फटकार, कहा- 2024 से कोई सबक नहीं लिया

NEET Paper Leak: सुप्रीम कोर्ट ने NEET पेपर लीक मामले में सोमवार को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को कड़ी फटकार लसगाई। कोर्ट ने कहा कि यह बेहद दुखद है कि एजेंसी ने 2024 में सामने आए पेपर लीक मामले से कोई सबक नहीं लिया। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA), यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) और अन्य याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि 2024 में भी यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। तब एक मॉनिटरिंग कमेटी बनाई गई थी, जिसने कई महत्वपूर्ण सिफारिशें दी थीं और उन्हें स्वीकार भी किया गया था। इसके बावजूद अब फिर से पेपर लीक जैसे गंभीर मामले सामने आ रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने NTA को निर्देश दिया है कि वह गुरुवार तक हलफनामा दाखिल कर बताए कि 2024 में कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों और मॉनिटरिंग कमेटी की सिफारिशों पर क्या कार्रवाई की गई। कोर्ट ने केंद्र सरकार और सीबीआई (CBI) से भी इस मामले में जवाब मांगा है। NEET परीक्षा में पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी अहम मानी जा रही है।
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Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल-डीजल फिर महंगे, आज से पेट्रोल ₹2.61 और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर बढ़ा, महंगाई की नई मार

Petrol Diesel Price Hike: देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आज यानी 25 मई से बढ़ोतरी कर दी गई है। तेल कंपनियों ने पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा कर दिया। इसके बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹102.12 और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर पहुंच गई है। करीब डेढ़ साल बाद हुई इस बढ़ोतरी का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रोजमर्रा की कई चीजें भी महंगी हो सकती हैं।
आम लोगों पर कैसे पड़ेगा असर, मालभाड़ा बढ़ेगा
डीजल महंगा होने से ट्रक, टेम्पो और मालवाहक वाहनों का खर्च बढ़ जाएगा। इसका सीधा असर दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियों, फलों, राशन और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों पर पड़ सकता है।
खेती की लागत बढ़ेगी
किसानों को ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और पंपिंग सेट चलाने में ज्यादा खर्च करना होगा। इससे खेती की लागत बढ़ेगी और आने वाले समय में अनाज व कृषि उत्पाद महंगे हो सकते हैं।
बस-ऑटो का किराया बढ़ सकता है
सार्वजनिक परिवहन, स्कूल बस और ऑटो-रिक्शा संचालक भी किराया बढ़ा सकते हैं। इससे रोज सफर करने वालों का मासिक बजट प्रभावित होगा।
मार्च 2024 से स्थिर थे दाम
देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मार्च 2024 से स्थिर बनी हुई थीं। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले केंद्र सरकार ने जनता को राहत देते हुए दोनों ईंधनों पर ₹2 प्रति लीटर की कटौती की थी। हालांकि भारत में ईंधन कीमतें तकनीकी रूप से बाजार आधारित हैं और तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की औसत कीमत के आधार पर रोजाना रेट तय कर सकती हैं, लेकिन राजनीतिक और आर्थिक कारणों से लंबे समय तक कीमतों में बदलाव नहीं किया गया।
तेल कंपनियों को भारी नुकसान का दावा
सरकार के अनुसार, Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum जैसी सरकारी तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों की वजह से नुकसान झेल रही थीं। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के मुताबिक, कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी बिक्री पर हर महीने करीब ₹30 हजार करोड़ का घाटा हो रहा था।
पहले एक्साइज ड्यूटी में दी गई थी राहत
सरकार ने मार्च 2024 में पेट्रोल और डीजल के दाम नियंत्रित रखने के लिए स्पेशल एक्साइज ड्यूटी में ₹10-10 प्रति लीटर की कटौती की थी। इसके बाद पेट्रोल पर स्पेशल एक्साइज ड्यूटी ₹13 से घटकर ₹3 प्रति लीटर रह गई थी, जबकि डीजल पर यह ₹10 से घटाकर शून्य कर दी गई थी। कटौती के बाद पेट्रोल पर कुल केंद्रीय एक्साइज ड्यूटी ₹21.90 से घटकर ₹11.90 और डीजल पर ₹17.80 से घटकर ₹7.80 प्रति लीटर रह गई थी।FEA
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