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US Presidential Poll: अमेरिका में नए राष्ट्रपति के लिए वोटिंग शुरू, ट्रंप और कमला हैरिस में कांटे की टक्कर

US Presidential Election: अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए मंगलवार 5 नवंबर से मतदान शुरू हो गया है। राष्ट्रपति पद के लिए मुख्य मुकाबला रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रत्याशी और उप राष्ट्रपति कमला हैरिस (60) के बीच है। अमेरिका के 50 राज्यों के 16 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर नए राष्ट्रपति का चुनाव करेंगे। कहा जा रहा है कि इस बार नतीजे जल्दी आएंगे लेकिन फिर भी एक बात निश्चित है कि चुनाव की रात परिणाम का ऐलान नहीं होगा। कल नतीजे आने की भी उम्मीद है। अमेरिकी चुनाव में जीत के लिए 270 इलेक्टोरल कॉलेज वोट की जरूरत होती है। जबकि कुल 538 इलेक्टोरल वोट हैं।
कमला हैरिस के गांव के मंदिर में पूजा
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में भारतीय मूल की कमला हैरिस की जीत के लिए तमिलनाडु में उनके पैतृक गांव में प्रार्थना शुरू हो गई है। तमिलनाडू के थुलसेनद्रपुरम में मंत्र पढ़े जा रहे हैं और जीत के लिए भगवान से प्रार्थना की जा रही है। यह प्रर्थना कमला हैरिस के चुनाव प्रचार समाप्त करने के बाद शुरू हुई है। थुलसेनद्रपुरम के मंदिर में पूजा का दौर चल रहा है। इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हैं।
नए राष्ट्रपति के लिए कितना पड़ेगा इंतजार
अमेरिका में नए राष्ट्रपति का फैसला कब होगा यह इस बात पर निर्भर करेगा कि चुनाव परिणाम कब आते हैं। इसमें थोड़ा समय लग सकता है। साल 2020 में यह शनिवार यानि लगभग चार दिन बाद हो पाया था। इस बीच अमेरिका में पहले चुनावी नतीजे आ चुके हैं। न्यू हैंपशर स्थित छोटे शहर डिक्सविल नॉच में सबसे पहले वोटिंग शुरू हुई थी। 12 बजे शुरू हुई वोटिंग 12.15 पर खत्म भी हो गई। वजह थी यहां रहने वाले महज छह लोग। इनमें से तीन वोट कमला हैरिस को और तीन ही वोट डोनाल्ड ट्रंप को मिले हैं।
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Bangladesh Election 2026: बांग्लादेश में BNP की ऐतिहासिक जीत, 209 सीटों के साथ बहुमत, तारिक रहमान के PM बनने का रास्ता साफ; हसीना ने चुनाव को बताया फर्जी

Bangladesh Election 2026: बांग्लादेश में गुरुवार को हुए आम चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने प्रचंड जीत दर्ज करते हुए स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। 299 सीटों में से पार्टी ने 209 सीटों पर जीत दर्ज की, जो बहुमत के लिए आवश्यक 150 सीटों से 59 अधिक है। अब तक 286 सीटों के नतीजे घोषित हो चुके हैं। जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन को अब तक 70 सीटों पर जीत मिली है। जमात प्रमुख शफीकुर रहमान ने ढाका-15 सीट से जीत हासिल की है। इस जीत के बाद पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे और BNP अध्यक्ष तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने की संभावना लगभग तय मानी जा रही है। उन्होंने दो सीटों से चुनाव लड़ा था और दोनों पर जीत दर्ज की। उल्लेखनीय है कि वे पिछले वर्ष दिसंबर में 17 साल बाद देश लौटे थे।
दूसरी ओर, भारत में रह रहीं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग पर इस चुनाव में प्रतिबंध लगा दिया गया था। हसीना ने चुनाव को पूरी तरह फर्जी और असंवैधानिक करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मोहम्मद यूनुस ने गैरकानूनी तरीके से सत्ता पर कब्जा कर चुनाव करवाया।
मतदान के दौरान हिंसा
वोटिंग के दौरान कई स्थानों पर झड़पें और हिंसक घटनाएं सामने आईं। खुलना में एक मतदान केंद्र के बाहर जमात समर्थकों और BNP कार्यकर्ताओं के बीच टकराव में BNP नेता मोहिबुज्जमान कोच्चि की मौत हो गई। मुंशीगंज-3 और गोपालगंज सदर क्षेत्रों में मतदान केंद्रों के बाहर देसी बम फेंके गए। गोपालगंज सदर में हुए विस्फोट में तीन लोग घायल हो गए।
भारत की प्रतिक्रिया
चुनाव परिणामों पर भारत ने संयमित प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि अंतिम नतीजों के बाद ही जनादेश की प्रकृति पर टिप्पणी की जाएगी।
हसीना के गंभीर आरोप
शेख हसीना ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों और मताधिकार का सम्मान नहीं किया गया। उनके अनुसार 11 फरवरी की शाम से ही कई मतदान केंद्रों पर कब्जा, फायरिंग, पैसे बांटना और बैलेट पेपर पर जबरन मुहर लगाने जैसी घटनाएं हुईं। उनका दावा है कि 12 फरवरी की सुबह तक अधिकांश केंद्रों पर मतदाता संख्या बेहद कम रही।
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Pakistan Masjid Blast: इस्लामाबाद में शिया इमामबाड़े पर जुमे की नमाज के दौरान आत्मघाती हमला, 31 की मौत; 169 घायल

Pakistan Masjid Blast: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान शिया मस्जिद (इमामबाड़ा) में आत्मघाती हमला हुआ। पाकिस्तानी अखबार द डॉन के मुताबिक, हमले में 31 लोगों की मौत हो गई, जबकि 169 लोग घायल हैं। इससे पहले पाकिस्तानी मीडिया में 69 मौतों की खबरें सामने आई थीं, लेकिन बाद में आधिकारिक आंकड़ों में संशोधन किया गया। धमाके के बाद पुलिस और रेस्क्यू टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया।
घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है। प्रशासन ने सभी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है। इस्लामाबाद के पुलिस चीफ ने पूरे शहर में इमरजेंसी घोषित कर दी है। अधिकारियों को आशंका है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। फिलहाल किसी भी आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
राष्ट्रपति जरदारी बोले- बेगुनाहों को निशाना बनाना इंसानियत के खिलाफ
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने इस आतंकी हमले में मारे गए लोगों के प्रति शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना इंसानियत के खिलाफ है। जरदारी ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज मुहैया कराया जाए।
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Bangladesh: हिंदू युवक की जिंदा जलाकर हत्या, गैराज में पेट्रोल छिड़कर लगाई आग

Bangladesh minority attack: बांग्लादेश के नरसिंदी जिले में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा का एक और दर्दनाक मामला सामने आया है। 23 वर्षीय हिंदू युवक चंचल चंद्र भौमिक की जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई। शुक्रवार रात उसका जला हुआ शव उसी गैराज के अंदर मिला, जहां वह काम करता था। परिवार और स्थानीय लोगों ने इसे सोची-समझी हत्या करार दिया है।
गैराज के शटर पर पेट्रोल डालकर लगाई आग
यह घटना नरसिंदी शहर के पुलिस लाइंस से सटे मस्जिद मार्केट इलाके की है। स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के वक्त चंचल गैराज के अंदर सो रहा था। आरोप है कि देर रात कुछ लोगों ने बाहर से शटर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। आग तेजी से फैल गई और अंदर फंसे चंचल को बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिला।
प्रत्यक्षदर्शी बोले- मदद के लिए चिल्लाता रहा
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि चंचल काफी देर तक आग में फंसा रहा और मदद के लिए चीखता रहा, लेकिन शटर बाहर से लॉक था। सूचना मिलने पर फायर सर्विस मौके पर पहुंची और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक चंचल की मौत हो चुकी थी। स्थानीय दुकानदार राजीब सरकार ने बताया कि आसपास लगे CCTV कैमरों में यह हादसा नहीं, बल्कि साजिश नजर आती है। फुटेज में कुछ लोगों को जानबूझकर शटर में आग लगाते हुए देखा गया है।
40 दिन में 10 हिंदुओं की हत्या
बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 18 दिसंबर 2025 को मैमनसिंह जिले में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। उसका शव पेड़ से लटकाकर जला दिया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीते 40 दिनों में 10 हिंदुओं की हत्या हो चुकी है, जिससे अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
हिंदू नेताओं और मानवाधिकार संगठनों का विरोध
स्थानीय हिंदू नेताओं ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे बर्बर और अमानवीय करार दिया। उन्होंने प्रशासन से दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही अल्पसंख्यकों और कमजोर मजदूर वर्ग की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की।मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने भी निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।
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ग्रीनलैंड पर ट्रम्प का दावा: WEF में बोले- इसकी सुरक्षा सिर्फ अमेरिका कर सकता है

Donald Trump WEF 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ग्रीनलैंड को लेकर अपने विवादित रुख को एक बार फिर दुनिया के सामने सही ठहराया है। बुधवार को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में दिए भाषण में ट्रम्प ने कहा कि ग्रीनलैंड की सुरक्षा अमेरिका के अलावा कोई और देश नहीं कर सकता।
हालांकि, पहली बार ट्रम्प ने यह भी स्पष्ट किया कि ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए अमेरिका ताकत का इस्तेमाल नहीं करेगा। इसके बावजूद उन्होंने डेनमार्क पर तीखा हमला बोलते हुए उसे “अहसान फरामोश” बताया।
ट्रम्प ने शिकायती लहजे में कहा कि वे “सिर्फ एक बर्फ का टुकड़ा” चाहते हैं, लेकिन यूरोप उसे देने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस बात को हमेशा याद रखेगा और यूरोप गलत दिशा में जा रहा है।
अपने भाषण के दौरान ट्रम्प ने फ्रांस, कनाडा और अन्य देशों की भी आलोचना की। साथ ही उन्होंने सोमालिया के लोगों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, जिस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाराजगी देखी जा रही है।
WEF भाषण के बाद ट्रम्प ने भारतीय मीडिया से बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की और उन्हें अपना दोस्त बताया। उन्होंने संकेत दिया कि भारत और अमेरिका के बीच जल्द ही एक अच्छा व्यापार समझौता हो सकता है।
ट्रम्प के भाषण की 7 अहम बातें
1.ग्रीनलैंड पर
ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका के अलावा कोई भी देश ग्रीनलैंड की रक्षा नहीं कर सकता। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका ने ही इसकी सुरक्षा की थी और बाद में इसे डेनमार्क को लौटाना अमेरिका की “बड़ी गलती” थी।
2.डेनमार्क पर
उन्होंने कहा कि दूसरे विश्व युद्ध में डेनमार्क जर्मनी से जल्दी हार गया था और अमेरिका ने उसकी मदद की। इसके बावजूद डेनमार्क आज ग्रीनलैंड का कंट्रोल छोड़ने को तैयार नहीं है।
3.कनाडा पर
ट्रम्प ने कहा कि कनाडा को अमेरिका से बहुत कुछ मुफ्त में मिलता है और वह अमेरिका की वजह से ही टिका हुआ है।
4.वेनेजुएला पर
उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी कदमों के बाद वेनेजुएला जल्द ही बड़ा आर्थिक लाभ कमाएगा। दोनों देशों के बीच 5 करोड़ बैरल तेल को लेकर समझौते की बात भी कही गई।
5.यूरोप पर
ट्रम्प ने कहा कि यूरोप की इमिग्रेशन और आर्थिक नीतियां नाकाम हो चुकी हैं और उसे अमेरिका जैसा मॉडल अपनाना चाहिए।
6.NATO पर
उन्होंने संदेह जताया कि जरूरत पड़ने पर NATO अमेरिका की मदद करेगा या नहीं, जबकि अमेरिका हमेशा अपने सहयोगियों के साथ खड़ा रहता है।
7.यूक्रेन युद्ध पर
ट्रम्प ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध की जिम्मेदारी यूरोप को लेनी चाहिए। अमेरिका यूक्रेन से दूर है और पहले ही अरबों डॉलर की मदद कर चुका है।
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Iran Protest: महंगाई और गिरती करेंसी को लेकर सड़कों पर उतरे लोग, प्रदर्शनों में 39 की मौत

Iran Protest: ईरान में महंगाई और गिरती करेंसी को लेकर दो हफ्ते से विरोध प्रदर्शन जारी हैं। गुरुवार 8 जनवरी की रात प्रदर्शन और उग्र हो गए, जब ईरान से निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने लोगों से घरों से बाहर निकलकर इस्लामिक शासन के खिलाफ प्रदर्शन की अपील की। पहलवी की अपील के बाद बड़ी तादाद में लोग सड़कों पर उतरे। इसी बीच ईरानी सरकार ने सड़कें खाली कराने के लिए सुरक्षाबलों को उतार दिया है। बताया जा रहा है कि ईरान के 50 से अधिक शहरों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं। लोग सड़कों पर निकलकर ईरानी शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं।
रेजा पहलवी के समर्थन में प्रदर्शनकारी
सबसे खास बात ये है कि प्रदर्शनों के दौरान रेजा पहलवी के समर्थन में नारे लगाए जा रहे हैं, जबकि अब तक यहां शाह के समर्थन में नारेबाजी करने पर मौत की सजा मिलती रही है। अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के अनुसार अब तक प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में 39 लोगों की जानें गई हैं, जबकि 2,260 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है।
रेजा पहलवी ने क्या कहा
निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने लोगों से सड़कों पर उतरकर इस्लामिक रिपब्लिक का विरोध करने की अपील की। पहलवी ने एक बयान में कहा कि ईरान पर दुनिया की नजरें हैं। सड़कों पर उतरें और एक होकर अपनी मांगों को जोर से उठाएं। मैं इस्लामिक रिपब्लिक, उसके नेता और रिवॉल्यूशनरी गार्ड को चेतावनी देता हूं कि दुनिया और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आप पर करीब से नजर रख रहे हैं। लोगों पर जुल्म का जवाब जरूर दिया जाएगा।
इंटरनेट सेवा बंद
ईरानी शासन ने हालात बेकाबू होते देख इंटरनेट सेवा बंद कर दी है और टेलीफोन लाइनें भी काट दी हैं। इंटरनेट मॉनिटरिंग ग्रुप नेट ब्लॉक्स ने कहा कि लाइव डेटा से पता चला है कि कई सर्विस प्रोवाइडर्स में कनेक्टिविटी ठप हो गई है, जिससे देश में कई इलाके ऑफलाइन हो गए हैं।
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