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UP News: यूपी में शिक्षकों के 2 लाख पदों पर भर्ती की तैयारी, तीन चरणों में होगी भर्ती

UP Teachers Recruitment: उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यार्थियों के लिए अच्छी खबर हैं। योगी आदित्यनाथ सरकार जल्द ही प्रदेश में शिक्षकों की बंपर भर्ती शुरू करने जा रही है। जिसके तहत तीन चरणों में मार्च 2026 तक प्रदेश में दो लाख शिक्षकों के पदों भर्ती होगी। हर चरण में 65 हजार से ज्यादा शिक्षकों की नियुक्ति होगी। राज्य सरकार ने गुरुवार को दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अप्रूवर बोर्ड की बैठक में बताया कि सत्र 2025-56 में शिक्षकों की बड़ी संख्या में रिक्तियां हैं। जिनमें कक्षा 1-5 तक के 181276 पद, कक्षा 6-8 तक के 3872 और कक्षा 9-10 तक के 8714 पद खाली है।
मिली जानकारी के मुताबिक यूपी में मार्च 2026 तक प्राइमरी शिक्षक के एक लाख 81 हजार 276 पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके अलावा 12586 पदों पर माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों की भर्ती होगी। इनमें प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग और माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों की भर्ती यूपी लोक सेवा चयन आयोग से कराने की तैयारी की गई है।
उत्तरप्रदेश में इस समय बड़ी संख्या में शिक्षकों की जगह खाली हैं। प्रदेश में साल 2018 के बाद बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से कोई भर्ती नहीं की गई है। ऐसे में योगी सरकार अब इन सभी रिक्तियों को भरने की तैयारी कर रही है। जिसे लेकर संबंधित विभागों को भी निर्देश दिए गए हैं।
बता दें कि साल 2018 में बड़े स्तर पर शिक्षा मित्रों को हटाया गया था, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने खाली हुए पदों को भरने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद प्रदेश में दो चरणों में 137500 शिक्षकों की भर्तियां की गईं थीं। इस आदेश के तहत पहली बार में 68500 शिक्षकों की नियुक्ति की गई और दूसरे चरण में 69000 शिक्षकों की भर्ती हुई थी।
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UP News: यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 18 घंटे में 64 IAS ट्रांसफर, 25 जिलों के DM बदले

Lucknow: योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 18 घंटे के भीतर 64 IAS अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस दौरान 25 जिलों के जिलाधिकारी (DM) बदल दिए गए हैं, जिससे पूरे प्रशासनिक ढांचे में हलचल मच गई है। सरकार ने 13 युवा IAS अधिकारियों को पहली बार जिले की कमान सौंपी है। इसे प्रशासन में नई ऊर्जा और तेज निर्णय क्षमता लाने की कोशिश माना जा रहा है।
दो चरणों में जारी हुई ट्रांसफर लिस्ट
पहली सूची रविवार रात 1 बजे जारी हुई, जिसमें 40 IAS अधिकारियों के ट्रांसफर किए गए और 15 जिलों के DM बदले गए। दूसरी सूची सोमवार शाम 7 बजे जारी हुई, जिसमें 24 IAS अधिकारियों का तबादला कर 10 जिलों के DM बदले गए।
अयोध्या-बाराबंकी में बड़ा बदलाव
शशांक त्रिपाठी को अयोध्या का नया DM बनाया गया। वहीं ईशान प्रताप सिंह बाराबंकी के DM पदस्थ किए गए हैं। निखिल टीकाराम फुंडे को CM का विशेष सचिव बनाया गया।
महिला अफसरों को भी अहम जिम्मेदारी
इस फेरबदल में 20 से ज्यादा महिला अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गईं। दुर्गाशक्ति नागपाल को प्रमोशन देकर मंडलायुक्त बनाया गया है। बुलंदशहर की डीएम श्रुति को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम का MD बनाया गया है।वहीं किंजल सिंह को परिवहन आयुक्त पद से हटाकर माध्यमिक शिक्षा विभाग में सचिव पदस्थ किया गया है। उनकी जगह आशुतोष निरंजन को नया परिवहन आयुक्त बनाया गया है।
इन DM को दूसरी जिलों की जिम्मेदारी
- सहारनपुर के डीएम मनीष बंसल बने आगरा के DM
- अमरोहा की डीएम निधि गुप्ता वत्स को फतेहपुर का डीएम बनाया गया।
- मैनपुरी के जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह बने लखीमपुर खीरी के DM
- औरेया के डीएम इंद्रमणि त्रिपाठी को मैनपुरी का डीएम बनाया गया
- उन्नाव के जिलाधिकारी गौरांग राठी को झांसी का डीएम बनाया है।
- सुल्तानपुर के डीएम कुमार हर्ष को बुलंदशहर का डीएम बनाया
- शामली के डीएम अरविंद कुमार चौहान को सहारनपुर का डीएम बनाया
- हमीरपुर के जिलाधिकारी घनश्याम मीना बने उन्नाव के डीएम
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UP News: संभल में मस्जिद की 35 फीट मीनार ढहाई, सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माण पर प्रशासन की कार्रवाई

Sambhal: संभल में अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। मुबारकपुर बंद गांव में शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे मस्जिद की 35 फीट ऊंची मीनार गिरा दी गई। इसके बाद बुलडोजर से मस्जिद के बाकी हिस्सों को भी तोड़ने का काम जारी है। इससे पहले सुबह साढ़े 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक मस्जिद के बाहर बनी पांच दुकानों को भी ध्वस्त किया गया। मीनार गिराने के लिए प्रशासन ने दो हाइड्रा मशीनों का इस्तेमाल किया। एक मजदूर ने मीनार पर चढ़कर रस्सी बांधी, जिसे मशीनों से खींचकर पूरी संरचना को गिरा दिया गया।
प्रशासन के अनुसार, करीब 15 साल पहले सरकारी जमीन पर मस्जिद का निर्माण किया गया था। मौके पर डीएम राजेंद्र पेंसिया और एसपी केके बिश्नोई सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा। गांव में भीड़ जुटने की आशंका के चलते पुलिस ने लोगों को मौके से दूर रखा।
पहले टली थी कार्रवाई
बताया जा रहा है कि 5 अप्रैल को भी कार्रवाई की कोशिश हुई थी, लेकिन बुलडोजर चालक ने मीनार गिराने से इनकार कर दिया था। उसका कहना था कि मीनार गिरने से मशीन को नुकसान हो सकता है। उस दिन मदरसा, मस्जिद का गेट और कुछ दुकानें आंशिक रूप से तोड़ी गई थीं।
क्या है पूरा मामला?
गांव में करीब 30 साल पहले सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया था। बाद में यहां 150 वर्गमीटर क्षेत्र में मस्जिद के साथ पांच दुकानें और आठ मकान बना लिए गए। खास बात यह है कि इसी जमीन पर दो सरकारी प्राइमरी स्कूल भी मौजूद हैं। शिकायत मिलने के बाद तहसीलदार कोर्ट ने 28 मार्च को नोटिस जारी किया था। 30 मार्च से अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई। कुछ हिस्सों को स्थानीय लोगों ने खुद हटाया, लेकिन मस्जिद को हटाने की जिम्मेदारी प्रशासन को दी गई। प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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Patna: सम्राट चौधरी बनेंगे बिहार के नए मुख्यमंत्री, 15 अप्रैल को शपथ; नीतीश कुमार ने दिया इस्तीफा

Patna: सम्राट चौधरी बिहार के नए मुख्यमंत्री होंगे। उन्हें पहले बीजेपी और फिर NDA विधायक दल का नेता चुना गया। इसके बाद वे राजभवन पहुंचे और राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया। शपथग्रहण समारोह 15 अप्रैल को लोकभवन में आयोजित होगा। इसके साथ ही बिहार में पहली बार बीजेपी का मुख्यमंत्री बनने जा रहा है।
विधानसभा के सेंट्रल हॉल में हुई NDA बैठक में नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखा। उन्होंने सम्राट को माला पहनाई और विधायकों से समर्थन में ताली बजवाई। सम्राट चौधरी ने भी उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने कहा, “मैंने नीतीश जी से राजनीति सीखी है। उनके साथ काम किया है और अब समृद्ध बिहार को आगे ले जाना है।”
इससे पहले नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। वे सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा के साथ एक ही गाड़ी में राजभवन पहुंचे और राज्यपाल को इस्तीफा सौंपा। इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि अब नई सरकार काम संभालेगी और उन्हें उनका पूरा सहयोग रहेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि बिहार आगे और प्रगति करेगा।
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UP News: नोएडा में सैलरी को लेकर बवाल, पथराव के बाद सख्ती; सरकार ने बढ़ाई मजदूरी, 300 से ज्यादा गिरफ्तार

Noida Protest: नोएडा (गौतमबुद्ध नगर) में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर फैक्ट्री कर्मचारियों का प्रदर्शन मंगलवार को हिंसक हो गया। पुलिस के रोकने पर प्रदर्शनकारियों की झड़प हो गई और भीड़ ने 2–3 जगहों पर पुलिस की गाड़ियों पर पथराव किया। हालांकि पुलिस ने जल्द ही हालात पर काबू पा लिया और प्रदर्शनकारियों को मौके से खदेड़ दिया।
इधर, प्रदर्शन के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार देर रात बड़ा फैसला लेते हुए फैक्ट्री कर्मचारियों की सैलरी बढ़ा दी। न्यूनतम मजदूरी दरों में 3000 रुपए तक की बढ़ोतरी की गई है। यह फैसला हाईलेवल कमेटी और कर्मचारियों के बीच हुई बैठक के बाद लिया गया। रात करीब डेढ़ बजे आदेश जारी किया गया, जिसमें कमेटी की सिफारिशों को मंजूरी दी गई। बढ़ी हुई सैलरी 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी।
हालांकि, मजदूरी बढ़ाने के फैसले के बावजूद कर्मचारियों का गुस्सा तुरंत शांत नहीं हुआ, जिसके चलते मंगलवार को भी प्रदर्शन जारी रहा। प्रशासन अब स्थिति को पूरी तरह सामान्य करने में जुटा है।
भारी सुरक्षा, ड्रोन से निगरानी
स्थिति को देखते हुए इंडस्ट्रियल इलाकों में सुबह 5 बजे से पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों का फ्लैग मार्च जारी है। CCTV और ड्रोन के जरिए निगरानी की जा रही है। सुरक्षा के लिए पीएसी और RAF की 15 कंपनियां तैनात की गई हैं। साथ ही 26 अधिकारी (8 एडिशनल एसपी और 18 डीएसपी) भी मौके पर तैनात किए गए हैं। हालात को देखते हुए कई कंपनियां बंद रखी गई हैं।
300 से ज्यादा गिरफ्तार, सोशल मीडिया पर भी एक्शन
राजीव कृष्ण लखनऊ के कंट्रोल रूम से हालात की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उपद्रव में हुए नुकसान की भरपाई आरोपियों से कराई जाएगी। वहीं पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि अब तक 300 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि हिंसा भड़काने वाले 50 सोशल मीडिया (X) अकाउंट्स की पहचान की गई है और कुछ लोग अलग-अलग जगहों पर सक्रिय पाए गए हैं।
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Vrindavan boat accident: वृंदावन नाव हादसे में 11 श्रद्धालुओं की मौत, 22 रेस्क्यू; 4 लापता, यमुना में जारी सर्च ऑपरेशन

Vrindavan boat accident: उत्तर प्रदेश के मथुरा के वृंदावन में शुक्रवार दोपहर 3 बजे केसी घाट पर हुए नाव हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। हादसे में अब तक 11 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जबकि 22 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। अभी 4 लोग लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है। शनिवार को दूसरे दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। आर्मी समेत करीब 250 जवान 14 किलोमीटर के दायरे में यमुना नदी में सर्च अभियान चला रहे हैं।
कैसे हुआ हादसा
यह हादसा शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे केसी घाट पर हुआ, जहां 37 श्रद्धालुओं से भरी नाव अचानक पलट गई। घाट बांके बिहारी मंदिर से करीब 2 किमी दूर है। यहां पानी की गहराई लगभग 25 फीट बताई गई है। हादसे में एक ही परिवार के 7 लोगों की जान चली गई, जिनमें मां-बेटे, चाचा-चाची और बुआ-फूफा शामिल हैं।
क्यों नहीं मिल पा रहे लापता?
रेस्क्यू टीम के मुताबिक यमुना का बहाव तेज है। जिससे शव बहकर दूर जा सकते हैं। साथ ही उनके गाद और रेत में दबने की आशंका भी है। हालांकि 24 घंटे बाद शव ऊपर आ सकते हैं। देवरहा बाबा घाट के पास एक शव बरामद किया गया, जिसे देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।




















