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UCC: यूसीसी को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना उत्तराखंड, हलाला, बहु विवाह, तीन तलाक पर पूरी तरह रोक रहेगी

Uniform Civil Code: उत्तराखंड में आज से समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यूसीसी के पोर्टल https://ucc.uk.gov.in और नियमावली का लोकार्पण किया। वहीं, इसकी अधिसूचना भी जारी हो गई है। इसी के साथ समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन उत्तराखंड ने इतिहास रच दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह हमारे प्रदेश ही नहीं देश के लिए भी ऐतिहासिक दिन है। धामी ने कहा कि यूसीसी किसी धर्म विशेष या वर्ग के खिलाफ नहीं है। इसका उद्देश्य किसी को टारगेट करना भी नहीं है। इस उद्देश्य सभी को समान अधिकार देना है।
यूसीसी लागू होने के बाद उत्तराखंड में क्या बदलेगा?
शादी और तलाक को लेकर बदलाव
1.सभी धर्म-समुदायों में विवाह, तलाक, गुजारा भत्ता और विरासत के लिए अब एक ही कानून।
2. 26 मार्च 2010 के बाद से हर दंपती के लिए तलाक व शादी का पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
3.ग्राम पंचायत, नगर पंचायत, नगर पालिका, नगर निगम, महानगर पालिका स्तर पर पंजीकरण की सुविधा।
4.पंजीकरण न कराने पर अधिकतम 25,000 रुपये का जुर्माना लगेगा।
5.पंजीकरण नहीं कराने वाले सरकारी सुविधाओं के लाभ से भी वंचित रहेंगे।
6.विवाह के लिए लड़के की न्यूनतम आयु 21 और लड़की की 18 वर्ष होगी।
7.महिलाएं भी पुरुषों के समान कारणों और अधिकारों को तलाक का आधार बना सकती हैं।
8.हलाला और इद्दत जैसी प्रथा खत्म होगी। महिला का दोबारा विवाह करने की किसी भी तरह की शर्तों पर रोक होगी।
9.एक पति और पत्नी के जीवित होने पर दूसरा विवाह करना पूरी तरह से प्रतिबंधित होगा।
10.पति-पत्नी के तलाक या घरेलू झगड़े के समय पांच वर्ष तक के बच्चे की कस्टडी उसकी माता के पास रहेगी।
11.कोई बिना सहमति के धर्म परिवर्तन करता है तो दूसरे व्यक्ति को उस व्यक्ति से तलाक लेने व गुजारा भत्ता लेने का अधिकार होगा।
संतान और संपत्ति को लेकर बदलाव
1.संपत्ति में बेटा और बेटी को बराबर अधिकार होंगे।
2.जायज और नाजायज बच्चों में कोई भेद नहीं होगा।
3.नाजायज बच्चों को भी उस दंपती की जैविक संतान माना जाएगा।
4.गोद लिए, सरगोसी से असिस्टेड री प्रोडेक्टिव टेक्नोलॉजी से जन्मे बच्चे जैविक संतान होंगे।
5.किसी महिला के गर्भ में पल रहे बच्चे के संपत्ति में अधिकार संरक्षित रहेंगे।
6.कोई व्यक्ति किसी भी व्यक्ति को वसीयत से अपनी संपत्ति दे सकता है।
लिव इन को लेकर यूसीसी में क्या?
1.लिव इन में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए वेब पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होगा।
2.युगल पंजीकरण रसीद से ही किराया पर घर, हॉस्टल या पीजी ले सकेंगे।
3.लिव इन में पैदा होने वाले बच्चों को जायज संतान माना जाएगा और जैविक संतान के सभी अधिकार मिलेंगे।
4.लिव इन में रहने वालों के लिए संबंध विच्छेद का भी पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
5.अनिवार्य पंजीकरण न कराने पर छह माह के कारावास या 25 हजार जुर्माना या दोनों का प्रावधान होंगे।
यूसीसी की घोषणा से कानून बनने तक का सफर
1.मुख्यमंत्री धामी ने 12 फरवरी 2022 को विस चुनाव के दौरान यूसीसी की घोषणा की।
2.मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में यूसीसी लाए जाने पर फैसला।
3.मई 2022 में सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समिति बनी।
4.समिति ने 20 लाख सुझाव ऑफलाइन और ऑनलाइन प्राप्त किए।
5.समिति ने 2.50 लाख लोगों से सीधा संवाद किया।
6.विशेषज्ञ समिति ने 2 फरवरी 2024 को ड्राफ्ट रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी।
7. विधानसभा में 6 फरवरी को यूसीसी विधेयक पेश हुआ।
8. विधेयक 7 फरवरी को विधानसभा से पारित हुआ।
9.राजभवन ने विधेयक को मंजूरी के लिए राष्ट्रपति को भेजा।
10.राष्ट्रपति ने 11 मार्च को यूसीसी विधेयक को अपनी मंजूरी दी।
11.यूसीसी कानून के नियम बनाने के लिए एक समिति का गठन।
12.नियमावली एवं क्रियान्वयन समिति ने हिंदी और अंग्रेजी दोनों संस्करणों में 18 अक्तूबर 2024 को राज्य सरकार को नियमावली साैंपी।
13.यूसीसी नियमावली को जनवरी 2025 को धामी कैबिनेट की मंजूरी मिली।
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TMC Crisis: 4 दिन में तीसरे राज्यसभा सांसद का इस्तीफा, प्रकाश चिक बड़ाईक ने भी छोड़ी पार्टी

New Delhi: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) में टूट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को पार्टी को एक और बड़ा झटका लगा, जब राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक ने अपनी सदस्यता और पार्टी से इस्तीफा दे दिया। पिछले चार दिनों में टीएमसी के तीन राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़ चुके हैं। इससे पहले 10 जून को सुष्मिता देव ने इस्तीफा दिया था, जबकि 8 जून को सुखेंदु शेखर रे ने राज्यसभा सदस्यता और पार्टी दोनों छोड़ दी थी।
प्रकाश चिक बड़ाईक ने अपना इस्तीफा राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन को सौंपा। इस्तीफे के बाद उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में जनता का जनादेश भाजपा के पक्ष में था और ऐसे में उनके लिए पद पर बने रहना उचित नहीं था।
‘मैं अभी बूढ़ा नहीं हुआ, आगे समय बताएगा’
मीडिया से बातचीत में प्रकाश चिक बड़ाईक ने कहा कि उनके चुनाव क्षेत्र समेत उत्तर बंगाल में पार्टी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। उन्होंने कहा कि जनता के फैसले का सम्मान करते हुए उन्होंने अपने पद और पार्टी दोनों से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है। उन्होंने अपने भविष्य की राजनीतिक संभावनाओं को लेकर संकेत देते हुए कहा, “मैं अभी बूढ़ा नहीं हुआ हूं। आगे क्या करूंगा, यह समय के साथ सामने आएगा।”
राहुल गांधी और सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद बढ़ी चर्चा
टीएमसी में जारी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच 10 जून को ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की थी। इससे एक दिन पहले ममता बनर्जी ने सोनिया गांधी से भेंट की थी। इन मुलाकातों के बाद पार्टी के भीतर चल रही उथल-पुथल को लेकर राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
20 लोकसभा सांसदों ने एनडीए को समर्थन दिया
8 जून को टीएमसी के 28 लोकसभा सांसदों में से 20 सांसदों ने एनडीए सरकार को समर्थन देने का फैसला किया था। सांसद और टीएमसी की पूर्व नेता काकोली घोष दस्तीदार ने बताया था कि सांसदों के हस्ताक्षर वाला पत्र लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भेजा गया है। इसमें अलग संसदीय ब्लॉक के रूप में बैठने की व्यवस्था की मांग भी की गई है।
58 विधायक भी बना चुके हैं अलग गुट
टीएमसी में बगावत की शुरुआत 3 जून को सामने आई थी, जब 58 विधायकों ने पार्टी से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुना। बागी विधायकों ने विधानसभा स्पीकर को समर्थन पत्र सौंपकर ऋतब्रत को नेता विपक्ष घोषित करने की मांग की थी, जिसे मंजूरी मिल गई।
ममता के पास बचे सिर्फ 22 विधायक और 27 सांसद
राजनीतिक संकट के बीच टीएमसी की संख्या बल में बड़ी गिरावट आई है। पार्टी के 28 लोकसभा सांसदों में से 20 अलग हो चुके हैं, जबकि राज्यसभा के 13 सांसदों में से 3 इस्तीफा दे चुके हैं। विधानसभा में भी पार्टी को झटका लगा है। 80 विधायकों में से 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं। ऐसे में अब ममता बनर्जी के पास केवल 22 विधायक और संसद के दोनों सदनों को मिलाकर 27 सांसद ही बचे हैं।
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मोदी ने बनाया नया रिकॉर्ड: देश के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बने, नेहरू को पीछे छोड़ा

Narendra Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 जून को देश के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के 4399 दिन पूरे हो गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु के 4398 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद वे 2019 और 2024 में लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बने। यह उनका लगातार तीसरा कार्यकाल है। इस उपलब्धि के अवसर पर मंगलवार दोपहर केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में मंत्रियों ने प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत में खड़े होकर तालियां बजाईं। बैठक में उनकी उपलब्धि को लेकर एक विशेष प्रस्ताव भी पारित किया गया।
प्रधानमंत्री के रिकॉर्ड पर देशभर में भाजपा और एनडीए कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला। कई स्थानों पर नेताओं, सांसदों और कार्यकर्ताओं ने मंदिरों में पूजा-अर्चना की तथा हवन-पूजन कर खुशी जताई। हालांकि, कांग्रेस ने इस रिकॉर्ड को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेताओं ने इसे स्वयं घोषित और संदिग्ध तरीके से गढ़ी गई उपलब्धि बताया। पार्टी का कहना है कि मोदी सरकार के कार्यकाल में लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर हुई हैं और लोकतंत्र पर खतरा बढ़ा है।
कैसे नरेंद्र मोदी बने सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री
देश की आजादी के बाद 15 अगस्त 1947 को जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री नियुक्त किए गए थे। नियुक्त प्रधानमंत्री के रूप में वे 15 अगस्त 1947 से 13 मई 1952 तक कुल 1732 दिन इस पद पर रहे। इसके बाद 1952 में देश का पहला आम चुनाव हुआ, जिसमें कांग्रेस को बहुमत मिला।
संसदीय दल ने नेहरू को अपना नेता चुना और वे 13 मई 1952 से 27 मई 1964 तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री रहे। निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल 4398 दिनों का रहा। अब नरेंद्र मोदी ने 4399 दिन पूरे कर यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है और वे देश के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं।
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Monsoon ने पकड़ी रफ्तार: 5 दिन में 13 राज्यों तक पहुंचा, अगले हफ्ते MP-छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में दस्तक की संभावना

Monsoon 2026: दक्षिण-पश्चिम मानसून ने इस बार शुरुआती देरी के बाद रफ्तार पकड़ ली है। महज पांच दिनों में मानसून देश के 13 राज्यों तक पहुंच चुका है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार सोमवार को मानसून ने तेलंगाना में भी प्रवेश कर लिया। फिलहाल मानसून मुंबई से करीब 150 किलोमीटर दूर है और अगले 48 घंटे में शहर में दस्तक दे सकता है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले सप्ताह तक मानसून गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के बड़े हिस्सों तक पहुंच जाएगा।
कई राज्यों में गर्मी से राहत
मानसूनी हवाओं और प्री-मानसून गतिविधियों के कारण देश के कई मैदानी इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। कई राज्यों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में मंगलवार को आई तेज आंधी के कारण कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए। वहीं मध्य भारत के कई हिस्सों में मौसम सुहावना बना हुआ है।
केरल और कर्नाटक में लगातार बारिश
केरल और कर्नाटक में पिछले चार दिनों से लगातार भारी बारिश का दौर जारी है। मंगलवार को बेंगलुरु और बेलगावी में हुई तेज बारिश के कारण कई सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। कुछ स्थानों पर वाहन पानी में बहते हुए भी दिखाई दिए। दक्षिण भारत के कई जिलों में प्रशासन ने सतर्कता बरतने की अपील की है।
उत्तर-पश्चिम भारत में हीटवेव
मानसून की प्रगति के बावजूद राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में गर्मी का असर बना हुआ है। कई जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है। सोमवार को राजस्थान के श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 45.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा।
10 जून का मौसम पूर्वानुमान
- बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में आंधी-तूफान के साथ बारिश की संभावना।
- पूर्वोत्तर राज्यों में कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान।
- केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में बारिश जारी रहने की संभावना।
- मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
11 जून का मौसम पूर्वानुमान
- दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान के साथ बारिश हो सकती है।
- इन क्षेत्रों में 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान।
- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना।
- बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।
- केरल, कर्नाटक और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना।
अगले सप्ताह MP-छत्तीसगढ़ पर नजर
मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अगले सप्ताह मानसून की औपचारिक एंट्री हो सकती है। हालांकि मानसून की आगे की गति बंगाल की खाड़ी में बनने वाले मौसम सिस्टम पर निर्भर करेगी।
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Monsoon Update: मानसून ने पकड़ी रफ्तार, 12 राज्यों तक पहुंचा, MP-राजस्थान में प्री-मानसून बारिश

New Delhi: दक्षिण-पश्चिम मानसून देश में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार रविवार तक मानसून 12 राज्यों में पहुंच चुका है। इसने केरल, कर्नाटक, मणिपुर, नगालैंड और मिजोरम को पूरी तरह कवर कर लिया है। वहीं कई अन्य राज्यों में भी मानसून की सक्रियता बढ़ने लगी है।
इधर मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में प्री-मानसून गतिविधियां जारी हैं। राजस्थान के श्रीगंगानगर में रविवार को बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। मध्य प्रदेश के इंदौर-खंडवा हाईवे पर तेज आंधी के चलते एक ऑटो पलट गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।
दिल्ली में रविवार को हुई आंधी और बारिश का असर एयर ट्रैफिक पर भी पड़ा। दिल्ली एयरपोर्ट पर ग्राउंड सपोर्ट उपकरणों की टक्कर से एअर इंडिया के तीन नैरो बॉडी विमान क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के बाद तीनों विमानों को परिचालन से बाहर कर दिया गया है।
दिल्ली-NCR में फिर बढ़ेगी गर्मी
दिल्ली-एनसीआर में सोमवार से मौसम का मिजाज बदलने लगा है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में तापमान बढ़ने की संभावना जताई है। राजधानी में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। अगले सप्ताह हीटवेव जैसी परिस्थितियां बनने की भी आशंका है।
9 जून का मौसम पूर्वानुमान
- केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में तेज बारिश की संभावना।
- ओडिशा, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में आंधी-तूफान के साथ बारिश का अनुमान।
- पूर्वी राजस्थान में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
10 जून का मौसम पूर्वानुमान
- केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में बारिश जारी रह सकती है।
- बिहार, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और अंडमान-निकोबार में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना।
- मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ आंधी-बारिश हो सकती है।
- पूर्वोत्तर राज्यों असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में मानसून और आगे बढ़ेगा तथा देश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में इसकी सक्रियता बढ़ने की संभावना है।
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ओडिशा में इंजीनियर के घर छापा, बैंक लॉकर से ₹2 करोड़ कैश मिला, 5 इमारतें और 14 प्लॉट भी मिले

Odisha Vigilance Raid: ओडिशा में आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस विभाग ने एक सरकारी इंजीनियर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कंधमाल जिले के बालीगुडा में पदस्थ असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (AEE) बैकुंठ नाथ बेहेरा के कई ठिकानों पर शनिवार को एक साथ छापेमारी की गई। जांच में करोड़ों रुपये की संपत्ति और भारी मात्रा में नकदी का खुलासा हुआ है।
बैंक लॉकर से मिला ₹2 करोड़ से ज्यादा कैश
विजिलेंस अधिकारियों के मुताबिक, बैकुंठ नाथ बेहेरा और उनकी पत्नी के नाम पर चार बैंक लॉकर मिले हैं। इनमें से दो लॉकरों से ही ₹2 करोड़ से अधिक नकदी बरामद की गई है। नोटों की गिनती अभी भी जारी है। इसके अलावा जांच में 341 ग्राम सोने के आभूषण, 45 लाख रुपये से अधिक की बैंक जमा राशि, पांच बहुमंजिला आलीशान इमारतें और 14 कीमती जमीन के प्लॉट भी सामने आए हैं।
कई शहरों में एक साथ छापेमारी
विजिलेंस विभाग ने भुवनेश्वर, बारीपदा, जाजपुर के धर्मशाला और कंधमाल जिले के बालीगुडा स्थित ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की। इस अभियान में दो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP), पांच डीएसपी, छह इंस्पेक्टर और अन्य अधिकारियों की टीम शामिल रही। भुवनेश्वर स्थित विशेष विजिलेंस अदालत से सर्च वारंट मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई।
6 हजार रुपये वेतन से शुरू की थी नौकरी
विजिलेंस रिकॉर्ड के अनुसार बैकुंठ नाथ बेहेरा ने वर्ष 1999 में जूनियर इंजीनियर के रूप में सरकारी सेवा शुरू की थी। उस समय उनका मासिक वेतन मात्र ₹6,000 था। बाद में उन्होंने नबरंगपुर और उडाला में विभिन्न पदों पर सेवाएं दीं। वर्ष 2016 में उन्हें असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर पदोन्नति मिली। इसके बाद 2026 में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बनाकर बालीगुडा में पदस्थ किया गया।
संपत्तियों का मूल्यांकन जारी
विजिलेंस विभाग की तकनीकी टीम इमारतों, जमीनों और अन्य संपत्तियों का मूल्यांकन कर रही है। साथ ही निवेश, बैंक खातों और आय के स्रोतों की भी विस्तृत जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद बेहेरा के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


















