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Rajyotsava 2024: एमपी के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ राज्योत्सव का किया शुभारंभ, सीएम साय बोले- छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश का प्रेम सगे भाईयों की तरह

Raipur: राज्य स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि डबल इंजन की सरकारें छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश को तीव्र गति से विकास की राह पर लेकर जा रही है। डॉ. यादव ने छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित जनहितैषी योजनाओं और माओवादी आतंक के विरूद्ध संचालित अभियान की सफलता की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ से माओवाद समाप्ति की ओर है।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की साझा संस्कृति है साझा विचार है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया, यह सम्मान ऐसे ही हासिल नहीं हुआ। छत्तीसगढ़ के लोग अपनी सहजता-सरलता के लिए, अपने धान के कटोरे के लिए और अपने प्राकृतिक संसाधनों के लिए जाना जाता है। रायपुर से बस्तर तक विकास का नया आयाम स्थापित हुआ है। यहां डबल इंजन की सरकार बहुत तेजी से विकास की राह पर बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान राम और भगवान कृष्ण के कारण से हमारा गौरवशाली अतीत बना है, उसे सहेजने के लिए हमारी सरकार काम करेगी। भगवान श्री कृष्ण की भी जिन जगहों पर लीलाएं हुई हैं वहां धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने का काम हम कर रहे हैं। राज्योत्सव का दीपोत्सव के साथ आयोजन हुआ। इससे इस आयोजन की कीर्ति बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि हमारे यहां लाडली बहन योजना है, आपके यहां महतारी वंदन योजना है। हम सब तेजी से विकास के पथ पर बढ़ते रहेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्योत्सव के शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज हमारा सौभाग्य है कि राज्योत्सव के शुभारंभ के लिए मध्यप्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आये हैं। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरूआत छत्तीसगढ़ के शहीद वीरनारायण सिंह, वीर गुंडाधुर सहित अन्य शहीदों के नमन से की। देश भर में जनजातीय समुदाय के शौर्य के प्रतीक बिरसा मुंडा का भी उन्होंने स्मरण किया। उन्होंने गुरु बाबा घासीदास, मिनी माता और महाराजा चक्रधर सिंह जैसी विभूतियों को भी नमन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश का प्रेम सगे भाईयों की तरह है। दोनों राज्यों का स्थापना दिवस एक ही दिन है। मैं डॉ. मोहन यादव जी को भी स्थापना दिवस की बधाई देता हूं और मध्यप्रदेश के भी तीव्र विकास की कामना करता हूं। छत्तीसगढ़ आज 25 वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। इन 24 सालों की विकास यात्रा आपने देखी है। डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्रित्व का काल में छत्तीसगढ़ में हर क्षेत्र में विकास हुआ। यहां आईआईटी, आईआईएम, एम्स और लॉ यूनिवर्सिटी जैसे संस्थान स्थापित हुए। धान खरीदी और पीडीएस की मजबूत व्यवस्था स्थापित हुई।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार को दस महीने हुए हैं। इतने कम समय में ही हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी जी की अधिकांश गारंटी को पूरा कर दिया है। चाहे 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी का वायदा हो या माताओं-बहनों को एक हजार रुपए देने की बात हो, रामलला दर्शन योजना की बात हो, पीएससी परीक्षा की जांच हो। सभी काम दस महीनों में पूरे किये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को पूरा करना है। हमने विजन डाक्यूमेंट तैयार किया है और इसके अनुरूप काम करेंगे।
इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया। आज राज्य में जो विकास हुआ, वह अटल जी की वजह से हो पाया है। हमारा प्रदेश श्रीराम का ननिहाल है। यह भूमि का टुकड़ा नहीं, इसमें अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अद्भुत काम किया है।
इस मौके पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि जैसे दीपावली त्यौहार में परिवार के सभी सदस्य एकत्रित होते हैं वैसे ही परिवार के सदस्य और बड़े भाई मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी हमारे साथ खुशियां साझा करने आये हैं। छत्तीसगढ़ का निर्माण लोकतंत्र का सबसे अनूठा, सबसे अनुपम उदाहरण है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश के विकास की रफ्तार को तेज गति से बढ़ा रहे हैं। गौ संरक्षण के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। हमारे प्रदेश छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक साथ कई बड़ी योजनाओं को अमलीजामा पहनाया, जिससे प्रदेश में तेजी से विकास हो रहा है।
कार्यक्रम में मंत्री दयालदास बघेल, श्याम बिहारी जायसवाल, टंकराम वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राजेश मूणत, पुरंदर मिश्रा, गुरू खुशवंत साहेब, रोहित साहू, अनुज शर्मा, इन्द्रकुमार साहू, संपत अग्रवाल, अन्य जनप्रतिनिधि, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा सहित सभी विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे। इस अवसर पर माननीय अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया।
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Chhattisgarh: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में कर्नाटक बना ओवरऑल चैंपियन, मेजबान छत्तीसगढ़ नौवें स्थान पर

Khelo India Tribal Games 2026: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का समापन हो गया है, जिसमें कर्नाटक ने 23 स्वर्ण पदकों के साथ ओवरऑल चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। वहीं मेजबान छत्तीसगढ़ ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 3 स्वर्ण, 10 रजत और 6 कांस्य पदक जीतकर पदक तालिका में नौवां स्थान हासिल किया।
छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने इस पूरे आयोजन में बेहतरीन प्रदर्शन कर राज्य का मान बढ़ाया। महिला फुटबॉल में छत्तीसगढ़ की टीम ने झारखंड को 1-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। टीम की कप्तान किरण पिस्दा ने 61वें मिनट में निर्णायक गोल दागकर जीत दिलाई। घरेलू दर्शकों के सामने यह जीत राज्य के लिए ऐतिहासिक पल बन गई।
इसके अलावा एथलेटिक्स में भी छत्तीसगढ़ ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। पुरुषों की 4×400 मीटर रिले में टीम ने रजत पदक जीता, जबकि मनीष कुमार ने 1500 मीटर दौड़ में कांस्य पदक अपने नाम किया।
हालांकि पुरुष फुटबॉल में छत्तीसगढ़ को फाइनल में पश्चिम बंगाल के खिलाफ 0-1 से हार का सामना करना पड़ा और टीम को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
पूरे टूर्नामेंट में देशभर के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के करीब 3800 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, भारोत्तोलन और कुश्ती जैसी स्पर्धाओं में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 ने एक बार फिर साबित किया कि जनजातीय अंचलों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। खासकर छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने अपने दमदार प्रदर्शन से यह दिखा दिया कि सही मंच मिलने पर वे राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
कुल 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने पदक तालिका में जगह बनाई, जिनमें से 20 ने कम से कम एक स्वर्ण पदक जीता, जो देशभर में प्रतिभा के व्यापक प्रसार को दर्शाता है। महाराष्ट्र 6 स्वर्ण, 10 रजत और 4 कांस्य पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा, जबकि अरुणाचल प्रदेश 6 स्वर्ण, 1 रजत और 4 कांस्य पदकों के साथ शीर्ष पांच में शामिल रहा।
परिणाम
तीरंदाजी
महिला
रिकर्व व्यक्तिगत: स्वर्ण – कोमालिका बारी (झारखंड); रजत – भार्गवी भगोरा (गुजरात); कांस्य – रुओविनुओ थेउनुओ (नागालैंड)
रिकर्व टीम: स्वर्ण – नागालैंड; रजत – झारखंड; कांस्य- मध्य प्रदेश
पुरुष
रिकर्व व्यक्तिगत: स्वर्ण – अर्जुन खारा (ओडिशा); रजत – सोमनाथ हेम्ब्रम (ओडिशा); कांस्य – पवन परमार (मध्य प्रदेश)
रिकर्व टीम: स्वर्ण – झारखंड; रजत – ओडिशा; कांस्य – मेघालय
फुटबॉल
पुरुष: स्वर्ण- पश्चिम बंगाल; रजत- छत्तीसगढ़; कांस्य – अरुणाचल प्रदेश, गोवा
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Raipur: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का भव्य समापन आज, CM साय मुख्य अतिथि, मेरीकॉम और बाइचुंग भूटिया रहेंगे शामिल

Raipur: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 का भव्य समापन आज रायपुर में आयोजित होगा। समापन समारोह में विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में शाम 5 बजे आयोजित किया जाएगा। समापन समारोह में अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग स्टार मैरीकॉम और भारतीय फुटबॉल के दिग्गज बाइचुंग भूटिया भी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।
समारोह की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव करेंगे। इसके अलावा केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। गौरतलब है कि 25 मार्च से शुरू हुए इस राष्ट्रीय खेल आयोजन में राज्य के तीन प्रमुख शहरों- रायपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर में विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
खेलों के इस महाकुंभ में देशभर के 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लगभग 2000 जनजातीय खिलाड़ी और अधिकारी शामिल हुए।खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 ने न केवल खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच दिया, बल्कि छत्तीसगढ़ की मेजबानी, संस्कृति और खेल अधोसंरचना को भी नई पहचान दिलाई है।
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khelo india tribal games 2026: छत्तीसगढ़ की बेटियों का जलवा, झारखंड को हराकर महिला फुटबॉल में जीता स्वर्ण

Raipur: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 में छत्तीसगढ़ की महिला फुटबॉल टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। फाइनल मुकाबले में टीम ने झारखंड को 1-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। रायपुर के स्वामी विवेकानंद एथलेटिक स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में दोनों टीमों के बीच शुरुआत से ही कड़ी टक्कर देखने को मिली। पहले हाफ तक मुकाबला 0-0 की बराबरी पर रहा, जहां दोनों टीमों ने मजबूत डिफेंस और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया।
दूसरे हाफ में छत्तीसगढ़ की टीम ने आक्रामक रणनीति अपनाई और मैच के 61वें मिनट में कप्तान किरण पिस्दा ने शानदार गोल दागकर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। यह गोल ही मैच का निर्णायक क्षण साबित हुआ। इसके बाद टीम ने बेहतरीन डिफेंस करते हुए अंत तक बढ़त बनाए रखी और खिताब अपने नाम कर लिया।
इस जीत के साथ छत्तीसगढ़ की टीम ने न केवल स्वर्ण पदक जीता, बल्कि घरेलू दर्शकों के सामने अपनी श्रेष्ठता भी साबित की। कप्तान किरण पिस्दा ने जीत के बाद कहा कि यह उनके लिए बेहद खास पल है और दर्शकों का समर्थन टीम के लिए बड़ी ताकत बना।
खेलों के अन्य मुकाबलों में भी छत्तीसगढ़ ने दमदार प्रदर्शन किया। पुरुषों की 4×400 मीटर रिले में टीम ने रजत पदक जीता, जबकि 1500 मीटर दौड़ में मनीष कुमार ने कांस्य पदक हासिल किया।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 में देशभर के 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के हजारों खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इस आयोजन ने जनजातीय क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने का काम किया है।
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Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में LPG बुकिंग संख्या में आई कमी, 1.30 लाख से घटकर फिर पुराने स्तर पर पहुंची मांग

Raipur: पश्चिम एशिया संकट के प्रभाव के चलते प्रदेश में 6 मार्च से 16 मार्च के दौरान दैनिक एलपीजी बुकिंग में आई असामान्य वृद्धि अब धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। सामान्यतः प्रदेश में एक दिन में औसत 74 हजार एलपीजी की बुकिंग दर्ज होती थी, जो कि 6 मार्च के बाद अचानक बढ़कर 1.30 लाख तक पहुंच गई थी। किन्तु राज्य शासन तथा ऑयल कंपनियों की सतत् मॉनिटरिंग और एलपीजी आपूर्ति में वृद्धि के कारण दैनिक एलपीजी बुकिंग में पिछले दो सप्ताह में लगातार कमी देखी गई है।
खाद्य सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले ने जानकारी दी कि राज्य शासन द्वारा खाद्य विभाग एवं ऑयल कंपनियों के अधिकारियों की राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसके द्वारा दैनिक बुकिंग, जिलों को प्रदाय एलपीजी रिफिल सिलेंडर, वितरित सिलेंडर, पेंडिंग बुकिंग संख्या और जिलों में उपलब्ध एलपीजी रिफिल सिलेंडर के स्टॉक की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है।
खाद्य सचिव ने कहा कि पेंडिंग बुकिंग को क्लीयर करने हेतु जिलों को मांग के अनुरूप एलपीजी सिलेंडर प्रदाय किया जा रहा है। साथ ही घरेलू एलपीजी के दुरुपयोग को रोकने हेतु संदिग्ध स्थानों की जांच कर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। अब तक कुल 97 छापों में 3,847 सिलेंडर जप्त किए गए हैं तथा 9 व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है।
राज्य शासन के इन प्रयासों के परिणामस्वरूप 16 मार्च की लंबित बुकिंग संख्या की तुलना में 31 मार्च तक लंबित बुकिंग संख्या में 1.08 लाख की कमी आई है, जिससे घरेलू एलपीजी आपूर्ति की व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। राज्य में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा आम उपभोक्ताओं को एलपीजी प्राप्ति में कोई समस्या न हो, इसके लिए सभी आवश्यक प्रबंध राज्य शासन द्वारा किए गए हैं।
राज्य शासन द्वारा कमर्शियल गैस की आपूर्ति भी 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दी गई है, ताकि सभी आवश्यक सेवाओं के साथ-साथ होटल, रेस्टोरेंट, सामुदायिक कैंटीन और कमर्शियल गैस उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। साथ ही आवश्यक एवं महत्वपूर्ण उद्योगों को भी 20 प्रतिशत कमर्शियल गैस प्रदाय किया जा रहा है।
प्रदेश में पेट्रोल एवं डीजल का भी पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा सभी जिलों के कुल 2465 पेट्रोल/डीजल पंपों में समुचित स्टॉक उपलब्ध है। ऑयल डिपो से नियमित रूप से पेट्रोल एवं डीजल का प्रदाय किया जा रहा है।
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Raipur: छत्तीसगढ़ में 370 नई एम्बुलेंस की शुरुआत, 15 मिनट में शहर, 30 मिनट में गांव पहुंचेगी 108 सेवा

Raipur: छत्तीसगढ़ में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री साय ने मंगलवार को 370 नई एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर प्रदेश के सभी जिलों के लिए रवाना किया। इनमें 300 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) और 70 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंस शामिल हैं।
15 मिनट शहर, 30 मिनट गांव में पहुंचेगी सेवा
सरकार ने लक्ष्य तय किया है कि 108 एंबुलेंस सर्विस के जरिए शहरी क्षेत्रों में 15 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट के भीतर एम्बुलेंस उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे मरीजों को समय पर इलाज मिल सके।
नवजातों के लिए ‘चलते-फिरते ICU’ की शुरुआत
इस पहल के तहत पहली बार प्रदेश में 5 नियोनेटल ALS एम्बुलेंस शुरू की गई हैं। ये एम्बुलेंस नवजात शिशुओं के लिए ICU जैसी सुविधाओं से लैस हैं, जिनमें इन्क्यूबेटर, वेंटिलेटर, डिफिब्रिलेटर, ऑक्सीजन सपोर्ट और 41 तरह की आपातकालीन दवाएं उपलब्ध हैं।
स्वास्थ्य मंत्री बोले- ऐतिहासिक दिन
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इसे राज्य के लिए ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इससे लाखों लोगों को त्वरित चिकित्सा सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य बन गया है, जहां नियोनेटल एम्बुलेंस सेवा शुरू हुई है।
ग्राउंड पर ही मिलेगा प्राथमिक और उन्नत इलाज
नई BLS और ALS एम्बुलेंस में बीपी मॉनिटर, पल्स ऑक्सीमीटर, ईसीजी, ग्लूकोमीटर जैसी जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं। गंभीर मरीजों के लिए पोर्टेबल वेंटिलेटर, सिरिंज पंप और अन्य आधुनिक उपकरण भी लगाए गए हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधार हुए हैं। उप-स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के उन्नयन से अब लोगों को छोटे इलाज के लिए दूर शहर नहीं जाना पड़ रहा।















