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प्रधानमंत्री मोदी का राष्ट्र के नाम संदेश, बोले- आर्टिकल 370 ने राज्य के लोगों को अनेक अधिकारों से वंचित रखा
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी ने गुरुवार रात 8 बजे राष्ट्र को संबोधित किया। इससे पहले इस संबोधन का समय 4 बजे निश्चित किया गया था, जो रेडियो के जरिए होना था। बाद में समय को बदलकर रात 8 बजे किया गया और रेडियो के बजाए प्रसारण टेलीविजन पर करने का निर्णय लिया गया।
प्रधानमंत्री के संबोधन की प्रमुख बातें
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- ‘एक ऐसी व्यवस्था जिसकी वजह से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के भाई-बहन अनेक अधिकारों से वंचित थे। जो उनके विकास में बड़ी बाधा थी, वो हम सबके प्रयासों से अब दूर हो गई है। उन्होंने कहा- 370 और 35ए ने जम्मू-कश्मीर को अलगाववाद, आतंकवाद, परिवार, भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं दिया। इन दोनों अनुच्छेद का देश के खिलाफ कुछ लोगों की भावनाएं भड़काने के लिए पाकिस्तान द्वारा एक शस्त्र के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था। इसकी वजह से पिछले तीन दशक में लगभग 42 हजार निर्दोष लोग मारे गए। ये आंकड़ा किसी की भी आंख में आंसू ला देता है।’
पीएम ने कहा- कुछ बातें समय के साथ इतनी घुल-मिल जाती हैं कि कई बार उन चीजों का मन में स्थायी भाव बन जाता है। भाव आ जाता है कि कुछ बचेगा ही नहीं। अनुच्छेद 370 के साथ भी ऐसा ही हुआ। उसमें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की जो हानि हो रही थी, उसकी चर्चा ही नहीं होती थी। हैरानी की बात ये है कि आप किसी से भी बात करें तो कोई ये भी नहीं बता पाता था कि 370 से जम्मू-कश्मीर के लोगों के जीवन में क्या लाभ हुआ।
प्रधानमंत्री ने कहा- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का विकास उस गति से नहीं हो पाया जिसका वह हकदार था। व्यवस्था की यह कमी दूर होने से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों का वर्तमान तो सुधरेगा ही, उनका भविष्य भी सुधरेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा- इस प्रक्रिया से गुजरकर जो कानून बनता है, वो पूरे देश के लोगों का भला करता है। लेकिन, कोई कल्पना नहीं कर सकता कि संसद इतनी बड़ी संख्या में कानून बनाए और वो कानून देश के हिस्से में लागू ही ना हो।
प्रधानमंत्री ने कहा- आर्टिकल 370 खत्म होने के बाद उसके नकारात्मक परिणामों से भी जम्मू-कश्मीर जल्द बाहर निकलेगा। नई सरकार में यह प्राथमिकता रहेगी, कि कर्मचारियों को सभी सुविधाएं मिलें, जो केंद्र शासित प्रदेशों में मिलती हैं। हेल्थ स्कीम, रेंट अलाउंस, बच्चों की शिक्षा के लिए अलाउंस यह सब मिले। यह अभी तक कश्मीर के कर्मचारियों को नहीं मिलती हैं। ऐसी सुविधाओं का तत्काल रिव्यू कराकर पुलिस और कर्मचारियों और उनके परिजनों को ये सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
प्रधानमंत्री ने कहा-जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में सभी केंद्रीय और राज्य के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। स्थानीय नौजवानों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों को भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा- सेना और अर्ध सैनिक बलों द्वारा स्थानीय युवकों की भर्ती के लिए रैलियों का आयोजन किया जाएगा। प्रधानमंत्री स्कॉलरशिप योजना का भी विस्तार किया जाएगा, ताकि ज्यादातर युवकों को इसका लाभ मिल सके। राजस्व घाटा भी बहुत ज्यादा है। केंद्र निश्चित करेगा कि इसके प्रभाव को कम किया जाए।
प्रधानमंत्री ने कहा- केंद्र ने अनुच्छेद 370 हटाने के साथ ही कुछ कालखंड के लिए जम्मू-कश्मीर को सीधे केंद्र सरकार के शासन में रखने का फैसला बहुत सोच-समझकर लिया है। इसके पीछे की वजह समझना जरूरी है। गवर्नर रूल लगने के साथ ही वहां का प्रशासन केंद्र सरकार के संपर्क में है। इसी वजह से वहां गुड गवर्नेंस और डेवलपमेंट का बेहतर प्रभाव जमीन पर दिखाई देने लगा है। जो योजनाएं पहले सिर्फ कागजों में रह गई थीं, उन्हें अब जमीन पर उतारा जा रहा है। जब ऐसा वक्त आएगा, कि हालात सामान्य हो जाएंगे, तो मैं नहीं मानता कि केंद्र शासित व्यवस्था जम्मू-कश्मीर के अंदर चलाए रखने की जरूरत पड़ेगी। हां, लद्दाख में वह बनी रहेगी।
प्रधानमंत्री ने कहा- 370 से मुक्ति एक सच्चाई है। लेकिन, सच्चाई ये भी है कि इस समय ऐहतियात के तौर पर कुछ कदम उठाने की जरूरत थी। उनके कारण जो भी परेशानी हो रही है, उसका मुकाबला भी वहीं के लोग कर रहे हैं, वे भी सहयोग दे रहे हैं। कुछ मुट्ठीभर लोग जो हालात बिगाड़ना चाहते हैं, उन्हें धैर्यपूर्वक जवाब भी वहीं के भाई-बहन दे रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा- आतंकवाद और अलगाववाद को बढ़ावा देने की पाकिस्तानी साजिश के विरोध में जम्मू-कश्मीर के ही देशभक्त लोग डटकर खड़े हैं। ये सभी भाई-बहन अच्छा जीवन जीने के अधिकारी हैं, सपने साकार करने का उन्हें मौका मिले ये उनका हक है। मैं इन साथियों को भरोसा देता हूं कि धीरे-धीरे हालात सामान्य हो जाएंगे और उनकी परेशानी भी कम होती चली जाएगी।
प्रधानमंत्री ने कहा- ईद का मुबारक त्योहार भी नजदीक ही है। ईद के लिए मेरी ओर से आप सभी को बहुत शुभकामनाएं। सरकार इस बात का ध्यान रख रही है कि वहां ईद मनाने में कोई परेशानी ना हो। जो साथी कश्मीर से बाहर रहते हैं और ईद पर वापस जाना चाहते हैं, उन्हें भी सरकार मदद कर रही है। इस अवसर पर मैं कश्मीर की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाबलों, प्रशासन, कर्मचारियों, पुलिस का धन्यवाद करता हूं।
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Asha Bhosle death: संगीत जगत को बड़ा झटका, आशा भोसले का 92 साल की उम्र में निधन

Asha Bhosle death: भारतीय संगीत जगत की दिग्गज गायिका आशा भोसले का रविवार दोपहर 92 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने ब्रीच कैंडी अस्पताल, मुंबई में अंतिम सांस ली। उन्हें शनिवार शाम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के डॉक्टर प्रतीत समदानी ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया कि आशा भोसले कई मेडिकल समस्याओं से जूझ रही थीं और मल्टी-ऑर्गन फेल्योर के कारण उनका निधन हुआ।
परिवार की ओर से उनके बेटे आनंद भोसले ने जानकारी दी कि अंतिम दर्शन के लिए लोग सोमवार सुबह 11 बजे उनके घर पहुंच सकते हैं। उनका अंतिम संस्कार सोमवार शाम 4 बजे मुंबई के शिवाजी पार्क में किया जाएगा।
12 हजार से ज्यादा गानों की आवाज
आशा भोसले ने अपने करियर में 12,000 से ज्यादा गाने गाए और भारतीय सिनेमा के संगीत को नई पहचान दी। वे मशहूर थिएटर आर्टिस्ट और क्लासिकल सिंगर दीनानाथ मंगेशकर की बेटी और दिग्गज गायिका लता मंगेशकर की छोटी बहन थीं। महज 9 साल की उम्र में पिता के निधन के बाद उन्होंने अपनी बहन लता मंगेशकर के साथ मिलकर परिवार की जिम्मेदारी संभाली और सिंगिंग को अपना करियर बनाया। उनकी आवाज, बहुमुखी प्रतिभा और लंबे करियर ने उन्हें भारतीय संगीत इतिहास की सबसे महान गायिकाओं में शामिल कर दिया।
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Delhi: दिल्ली EV पॉलिसी 2026 का ड्राफ्ट जारी, पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग पर इंसेंटिव; 2028 से सिर्फ इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर रजिस्ट्रेशन

Delhi:दिल्ली सरकार ने बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए EV पॉलिसी 2026 का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। परिवहन विभाग ने इस मसौदे को सार्वजनिक करते हुए आम लोगों, विशेषज्ञों और ऑटो सेक्टर से जुड़े हितधारकों से सुझाव मांगे हैं। 10 मई 2026 तक ईमेल या डाक के जरिए सुझाव भेजे जा सकते हैं, जिसके बाद अंतिम नीति तैयार होगी।
सरकार का लक्ष्य इस नीति को ज्यादा प्रभावी और व्यावहारिक बनाना है। पॉलिसी का आधार स्वच्छ हवा और प्रदूषण मुक्त वातावरण को बढ़ावा देना है, जिसे जीवन के अधिकार से जोड़ा गया है। इसके तहत EV अपनाने को तेज करना, चार्जिंग नेटवर्क बढ़ाना और बैटरी रीसाइक्लिंग सिस्टम विकसित करना प्रमुख लक्ष्य हैं।
स्क्रैपिंग पर मिलेगा बड़ा फायदा
नई नीति में पुराने वाहनों को हटाने के लिए स्क्रैपिंग इंसेंटिव का बड़ा प्रावधान रखा गया है। अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर पर वाहन जमा करने पर नई इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने पर आर्थिक सहायता मिलेगी।
- इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर: ₹10,000
- तीन पहिया: ₹25,000
- इलेक्ट्रिक कार: ₹1 लाख तक
- मालवाहक चार पहिया EV: ₹50,000
इस लाभ के लिए स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट जरूरी होगा और 6 महीने के भीतर नया EV खरीदना अनिवार्य होगा।
कड़े नियम भी लागू होंगे
- 1 अप्रैल 2028 के बाद सिर्फ इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर का नया रजिस्ट्रेशन
- 1 जनवरी 2027 से नए ऑटो-रिक्शा केवल इलेक्ट्रिक
- 2030 तक 30% स्कूल बसें इलेक्ट्रिक करना अनिवार्य
- 2026 से डिलीवरी और फ्लीट कंपनियों में नए पेट्रोल-डीजल वाहन शामिल करने पर रोक
- सरकारी वाहनों की नई खरीद/लीज केवल EV में
टैक्स और सब्सिडी में राहत
इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस पूरी तरह माफ होगी। 30 लाख रुपए तक की इलेक्ट्रिक कारों पर 100% छूट का प्रस्ताव है। हालांकि सब्सिडी को धीरे-धीरे कम किया जाएगा, ताकि EV बाजार खुद मजबूत हो सके।विशेषज्ञों का मानना है कि इस नीति से दिल्ली में प्रदूषण कम करने के साथ-साथ इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बड़ी गति मिलेगी।
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Allahabad High Court: जस्टिस यशवंत वर्मा का इस्तीफा, दिल्ली में घर में आग लगने के दौरान ₹500 के नोटों के मिले थे जले हुए बंडल

Allahabad High Court: यशवंत वर्मा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने 9 अप्रैल को राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा भेजा, जिसकी जानकारी 10 अप्रैल को सामने आई। यह मामला उस वक्त सुर्खियों में आया था, जब 14 मार्च 2025 को उनके दिल्ली स्थित सरकारी आवास में आग लगने के दौरान ₹500 के नोटों के जले हुए बंडल मिले थे। इसके बाद उनका ट्रांसफर दिल्ली हाईकोर्ट से इलाहाबाद हाईकोर्ट कर दिया गया था।
बिना जिम्मेदारी के रहे जज
जस्टिस वर्मा ने 5 अप्रैल 2025 को इलाहाबाद हाईकोर्ट में शपथ ली थी, लेकिन जांच पूरी होने तक उन्हें कोई न्यायिक जिम्मेदारी नहीं दी गई थी।
SC कमेटी ने माना दोषी
सुप्रीम कोर्ट के चीफ संजीव खन्ना ने 22 मार्च को जस्टिस वर्मा पर लगे आरोपों की इंटरनल जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई थी। इस कमेटी ने 4 मई को CJI को अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें जस्टिस वर्मा को दोषी ठहराया गया।
महाभियोग पर भी विवाद
जस्टिस वर्मा के खिलाफ लोकसभा में महाभियोग प्रस्ताव लाया गया था, जिसे उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट ने कहा कि लोकसभा स्पीकर के पास जांच समिति बनाने का अधिकार है। भले ही राज्यसभा में प्रस्ताव खारिज हो चुका हो।
इस्तीफे में क्या लिखा
जस्टिस वर्मा ने अपने इस्तीफे में लिखा, “गहरे दुख के साथ मैं न्यायाधीश पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे रहा हूं। इस पद पर सेवा करना मेरे लिए सम्मान की बात रही है।”
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Assam-Kerala-Puducherry Election: असम में 85% से ज्यादा मतदान; केरलम-पुडुचेरी में भी भारी मतदान

Assam-Kerala-Puducherry Election: देश के तीन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेश में गुरुवार (9 अप्रैल) को विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग संपन्न हो गई। भारत निर्वाचन आयोग के मुताबिक, रात 8 बजे तक रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया। असम में रिकॉर्ड 85.38% मतदान हुआ। जो असम के इतिहास में सबसे ज्यादा वोटिंग का आंकड़ा है। केरलम में 78.01% वोटिंग हुई। यह पिछले 49 साल में दूसरा सबसे ज्यादा मतदान है। वहीं पुडुचेरी में 89.81% मतदान हुआ।
इस चुनाव में रिकॉर्ड वोटिंग ने साफ संकेत दिया है कि मतदाताओं में उत्साह और भागीदारी पहले से ज्यादा बढ़ी है। हालांकि, कुछ जगहों पर हिंसा और झड़पों ने चिंता भी बढ़ाई है। सभी EVM मशीनें सील कर दी गई हैं और 4 मई को नतीजों का इंतजार है।
सीट और उम्मीदवार
- असम: 126 सीटें, 41 पार्टियां, 722 उम्मीदवार
- केरल: 140 सीटें, 2.71 करोड़ वोटर, 890 उम्मीदवार
- पुडुचेरी: 30 सीटों पर मतदान
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LPG Rules Changed: अब बिना एड्रेस प्रूफ भी मिलेगा 5Kg गैस सिलेंडर, सरकार ने आसान किए नियम

LPG Rules Changed: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और सप्लाई चेन पर असर के बीच केंद्र सरकार ने आम लोगों को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब 5 किलो वाले LPG सिलेंडर को खरीदना पहले से आसान हो गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, अब कोई भी व्यक्ति बिना एड्रेस प्रूफ के 5Kg का छोटा गैस सिलेंडर खरीद सकता है। ग्राहक को सिर्फ किसी भी वैध फोटो आईडी जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी दिखानी होगी और वह तुरंत सिलेंडर ले सकेगा।
सरकार का कहना है कि यह फैसला खास तौर पर प्रवासी मजदूरों और ऐसे लोगों के लिए लिया गया है, जिनके पास शहर में स्थायी पता नहीं होता। अब उन्हें गैस कनेक्शन लेने के लिए लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा।
FTL सिलेंडर के नियम हुए आसान
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि 5 किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर के लिए अब ज्यादा दस्तावेजों की जरूरत नहीं होगी। ग्राहक साल में कितनी भी बार इस सिलेंडर को रिफिल करवा सकते हैं।
सप्लाई संकट के बीच बढ़ाई उपलब्धता
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण एनर्जी सप्लाई और लॉजिस्टिक्स प्रभावित हुए हैं। इसे देखते हुए सरकार ने छोटे सिलेंडरों की उपलब्धता बढ़ाने का फैसला किया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 23 मार्च से अब तक करीब 6.6 लाख छोटे सिलेंडर बेचे जा चुके हैं। वहीं 4 अप्रैल को एक ही दिन में लगभग 90,000 यूनिट्स की बिक्री हुई। अधिकारियों ने बताया कि डिस्ट्रीब्यूशन पॉइंट्स पर फिलहाल स्टॉक की कोई कमी नहीं है।
HPCL आउटलेट्स पर हेल्प डेस्क
प्रवासी मजदूरों की सुविधा के लिए HPCL (हिंदुस्तान पेट्रोलियम) के चुनिंदा आउटलेट्स पर 11 हेल्प डेस्क भी बनाए गए हैं। यहां उपभोक्ताओं को नजदीकी डिस्ट्रीब्यूटर की जानकारी और तुरंत सिलेंडर लेने में मदद मिलेगी।
गैस की मांग रिकॉर्ड स्तर पर
देश में घरेलू गैस की मांग भी तेजी से बढ़ी है। एक ही दिन में 51 लाख से ज्यादा घरेलू सिलेंडरों की डिलीवरी की गई। खास बात यह है कि कुल मांग का लगभग 95% हिस्सा अब ऑनलाइन बुकिंग के जरिए आ रहा है।


















