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MP News: प्रदेश में 16 दिसंबर को उज्जैन से शुरू होगी ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’, 26 जनवरी 2024 को होगा यात्रा का समापन

MP News(Bhopal): मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में 16 दिसंबर से शुरू हो रही “विकसित भारत संकल्प यात्रा”(Viksit bharat sankalp yatra) के संबंध में कमिश्नर-कलेक्टर्स को मंत्रालय में हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की मंशा के अनुरूप जनहित और जनकल्याण के लिए आरंभ की गई यात्रा का क्रियान्वयन मोदी की गारंटी की साख और गरिमा के अनुरूप हो।
बता दें कि केन्द्र सरकार की जनहितैषी योजनाओं, लाभों और सुविधाओं के बारे में जागरूकता सुनिश्चित करने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजना की पहुंच को सुगम बनाने के उद्देश्य से “विकसित भारत संकल्प यात्रा” आरंभ की जा रही है। प्रमुख योजनाओं का लाभ लक्षित लाभार्थियों, विशेष तौर से वंचित व आकांक्षी लोगों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाना, योजनाओं का प्रचार-प्रसार और जागरूकता, लाभार्थियों के अनुभव साझा करना और संभावित लाभार्थियों का चयन तथा नामांकन सुनिश्चित करना यात्रा का उद्देश्य है।
बैठक में मुख्य सचिव वीरा राणा, अपर मुख्य सचिव विनोद कुमार, डॉ. राजेश राजौरा, मोहम्मद सुलेमान, मलय श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई, दीपाली रस्तोगी, आयुक्त जनसंपर्क मनीष सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
सभी जिलों में यात्रा का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “विकसित भारत संकल्प यात्रा” का सभी जिलों में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता तैयारी की जाएं, कहीं पर भी यात्रा की औपचारिकता न पूरी करें। यात्रा के सभी रूटों पर जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री स्वयं भी दिनांक 15 दिसंबर को सभी जिलों के जनप्रतिनिधियों से यात्रा के सफल आयोजन के संबंध में वर्चुअल संवाद करेंगे। अधिकारी-कर्मचारी व्यक्तिगत रूचि लेकर यात्रा में शामिल हों और यात्रा के उद्देश्य के अनुरूप सभी वंचित और पात्र व्यक्तियों तक यात्रा के लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें।
उज्जैन से शुरू होगी ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’
मुख्यमंत्री डॉ. यादव 16 दिसंबर को उज्जैन से आरंभ हो रही “विकसित भारत संकल्प यात्रा” में भाग लेंगे। डॉ. यादव ने कहा कि यात्रा में स्कूली बच्चों, महिलाओं, स्व-सहायता समूहों, वरिष्ठ नागरिकों, युवाशक्ति और किसानों को अधिक से अधिक संख्या में जोड़ा जाएं। “विकसित भारत संकल्प यात्रा” से फिट इंडिया के संदेश का भी प्रचार-प्रसार सुनिश्चित हों और जनसामान्य को पर्याप्त पोषण तथा एक्सरसाइज की आवश्यकता की जानकारी देते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मोबाइल वैन के जिलों में भ्रमण के लिए रूट चार्ट तैयार करें और जनप्रतिनिधियों, क्षेत्रीय सांसद, स्थानीय विधायक सहित अधिक से अधिक नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यात्रा की तैयारियों के संबंध में डिण्डौरी, जबलपुर और उज्जैन के जिला कलेक्टरों से चर्चा की। 26 जनवरी 2024 को यात्रा का समापन गणतंत्र दिवस पर होगा।
यात्रा में सांस्कृतिक कार्यक्रम और कृषि कार्यों के लिये ड्रोन प्रदर्शन भी होगा
“विकसित भारत संकल्प यात्रा” जनहितैषी योजनाओं पर केन्द्रित है। यात्रा के लिए ग्रामीण क्षेत्र की 19 तथा शहरी क्षेत्र की 15 योजनाएं चिन्हित हैं, इनमें स्वस्थ भारत मिशन, खाद्य सुरक्षा, गुणवत्ता शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, उचित पोषण, गरीबों के लिए आवास, वित्त पोषण सेवाओं और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित योजनाएं शामिल हैं। योजनाओं की जानकारी और प्रचार-प्रसार के लिए प्रत्येक जिले में ग्राम पंचायत तक मोबाइल वैन पहुँचेगी, जिसमें प्रधानमंत्री श्री मोदी का उद्बोधन, योजनाओं की जानकारी और योजनाओं से संबंधित चलचित्र प्रदर्शित होंगे। यह वैन सभी नगरीय निकायों में भी जाएगी तथा पम्पलेट, बुकलेट आदि वितरित करने के साथ-साथ योजनाओं के लाभ लेने के लिए आवेदन, लाभ वितरण भी सुनिश्चित किया जाएगा। योजनाओं के संबंध में जागरूकता के लिए क्विज, सांस्कृतिक कार्यक्रम और ड्रोन प्रदर्शन भी होगा। लाभार्थियों की व्यक्तिगत सफलता की कहानियों और उपलब्धियों को साझा करने के लिए “मेरी कहानी-मेरी जुबानी” जैसे कार्यक्रम होंगे तथा धरती कहे पुकार के, स्वच्छता गीत आदि जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। ड्रोन प्रदर्शन द्वारा प्राकृतिक खेती, स्वाईल हेल्थ कार्ड के संबंध में जानकारी दी जाएगी।
स्वास्थ्य मेला सहित विभिन्न स्टॉल लगाए जाएंगे
“विकसित भारत संकल्प यात्रा” के अंतर्गत स्वास्थ्य मेला, उज्जवला योजना, किसान/पशुपालक मछुआरों के लिए क्रेडिट कार्ड के आवेदन लेने और बैंकों से समन्वय के स्टॉल होंगे। इसके साथ ही आधार कार्ड में जानकारी अपडेशन, राजस्व विभाग के अंतर्गत नामांतरण और बंटवारा, कृषि, स्व-सहायता समूहों, पेंशन योजनाओं, आदिवासी विकास से संबंधित योजनाओं के स्टॉल भी लगाए जाएंगे।
यात्रा में शामिल जनहितैषी योजनाएं
“विकसित भारत संकल्प यात्रा” के अंतर्गत ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में संचालित योजनाएं सम्मिलित होंगी। ग्रामीण क्षेत्र में क्रियान्वित आयुष्मान भारत, पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना, दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, पीएम आवास योजना, पीएम उज्जवला योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना, पीएम किसान सम्मान योजना, क्रिसान क्रेडिट कार्ड, पीएम पोषण अभियान, हर घर जल- जल जीवन मिशन, स्वामित्व योजना, जन-धन योजना, जीवन ज्योति बीमा योजना, सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, पीएम प्रणाम योजना, नैनो उर्वरक का उपयोग, स्वाइल हैल्थ कार्ड, उन्नत कृषि यंत्र से संबंधित गतिविधियां शामिल होंगी।
शहरी क्षेत्रों में पीएम स्वनिधि योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना, पीएम उज्जवल योजना, पीएम मुद्रा लोन योजना, स्टार्ट-अप इंडिया, स्टेंड-अप इंडिया, आयुष्मान भारत, पीएम आवास योजना शहरी, वंदे भारत ट्रेनें और अमृत भारत स्टेशन योजना, स्वच्छ भारत अभियान, उजाला योजना, अमृत योजना, पीएम जन औषधि परियोजना, सौभाग्य योजना, डिजिटल भुगतान अधोसंरचना, आरसीएस योजना और खेलो इंडिया से संबंधित योजनाएं व गतिविधियाँ शामिल होंगी।
यात्रा की मॉनीटरिंग वेब आधारित पोर्टल से की जाएगी
यात्रा के लिए जिला, जनपद और पंचायत स्तर पर नोडल अधिकारी तथा वाहन प्रभारी की नियुक्ति की जाएगी। इसके साथ की पंचायत स्तर पर स्वागत समिति और उत्सव समिति का गठन भी होगा। जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में क्रियान्वयन समिति गठित होगी। राज्य स्तर पर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा राजस्व विभाग और नगरीय क्षेत्रों के लिए नगरीय प्रशासन विभाग समन्वय, मॉनीटरिंग आदि के लिए नोडल विभाग होंगे। भारत सरकार और पीएमओ द्वारा इस यात्रा की मॉनीटरिंग वेब आधारित पोर्टल से की जाएगी।
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MP News: अनूपपुर में तीन मंजिला इमारत ढही, 3 की मौत; 24 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

Anuppur Building Collapse: अनूपपुर जिले के कोतमा बस स्टैंड के पास शनिवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया, जहां अग्रवाल लॉज की तीन मंजिला इमारत अचानक ढह गई। इस हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि तीन अन्य घायल हैं। मृतकों में हनुमान दीन यादव (55), राम कृपाल यादव (40) और राधा कोल शामिल हैं। राधा कोल का शव रविवार सुबह करीब 11 बजे मलबे से निकाला गया, जिसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई।
हादसे के बाद मौके पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया, जो करीब 24 घंटे तक चला। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमों सहित 100 से अधिक लोग मलबा हटाने में जुटे रहे। सर्च ऑपरेशन के लिए भिलाई और बनारस से भी विशेष टीमें बुलाई गई थीं। रविवार शाम 5 बजे के बाद जाकर मलबा पूरी तरह साफ किया जा सका।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इमारत पास में खोदे गए गहरे गड्ढे की ओर झुककर गिरी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि निर्माण कार्य के लिए करीब 12 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था, जिसमें पानी भरने से इमारत की नींव कमजोर हो गई थी। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भूमि स्वामी राजीव गर्ग और लॉज मालिक लल्लू लाल अग्रवाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 290 और 106 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस अधीक्षक मोतिउर रहमान ने इसकी पुष्टि की है।
इमारत निर्माण की अनुमति को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। नगर पालिका ने कहा है कि दस्तावेजों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।इस बीच कलेक्टर हर्षल पंचोली ने मृतकों के परिजनों को 9-9 लाख रुपये और घायलों को 2.5-2.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
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Bhopal: एमपी बोर्ड रिजल्ट का इंतजार खत्म, 10वीं-12वीं के नतीजे 7 से 12 अप्रैल के बीच संभव

Bhopal: मध्यप्रदेश में एमपी बोर्ड के 10वीं और 12वीं के लाखों छात्रों का इंतजार अब जल्द खत्म होने वाला है। माध्यमिक शिक्षा मंडल इस साल 15 अप्रैल से पहले रिजल्ट जारी करने की तैयारी में है। संभावित तौर पर परिणाम 7 से 12 अप्रैल के बीच घोषित किए जा सकते हैं।
स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार, रिजल्ट से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं अंतिम चरण में हैं और इसे पूरी तरह त्रुटिरहित बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभाग की प्राथमिकता है कि समय पर परिणाम जारी कर छात्रों की आगे की पढ़ाई में कोई बाधा न आए।
इस वर्ष बोर्ड परीक्षाओं में करीब 16 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए हैं। इनमें लगभग 9 लाख 7 हजार विद्यार्थी 10वीं और करीब 7 लाख छात्र 12वीं की परीक्षा में बैठे। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए पूरे प्रदेश में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि रिजल्ट जारी करने से पहले कॉपी जांच, क्रॉस चेकिंग और वैरिफिकेशन की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है। हर स्तर पर सावधानी बरती जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि न रह जाए।
उन्होंने कहा कि रिजल्ट पूरी तरह “फुलप्रूफ” होना चाहिए, जिससे छात्रों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। संभावना है कि अप्रैल के पहले पखवाड़े में ही परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।
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MP News: एमपी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दूसरे राज्य का OBC सर्टिफिकेट मान्य नहीं, शादी से नहीं मिलेगा आरक्षण

Gwalior:मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में साफ किया है कि दूसरे राज्य से जारी OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) प्रमाण पत्र के आधार पर मध्य प्रदेश में आरक्षण का लाभ नहीं लिया जा सकता। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि विवाह के आधार पर किसी महिला को पति की जाति का आरक्षण लाभ नहीं मिलेगा। यह मामला अर्चना दांगी से जुड़ा है, जो मूल रूप से यूपी के जालौन की निवासी हैं। उन्होंने उच्च माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा-2018 पास की थी, लेकिन दस्तावेज सत्यापन के दौरान उनका चयन इस आधार पर निरस्त कर दिया गया कि उनका OBC प्रमाण पत्र उत्तर प्रदेश का था।
याचिकाकर्ता का तर्क खारिज
याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि दांगी जाति दोनों राज्यों में OBC सूची में शामिल है और विवाह के बाद वे मध्य प्रदेश की निवासी बन चुकी हैं, इसलिए उन्हें आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। हालांकि, कोर्ट ने इस तर्क को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि जाति का निर्धारण जन्म से होता है, न कि विवाह या निवास बदलने से। दूसरे राज्य का जाति प्रमाण पत्र मध्य प्रदेश में मान्य नहीं होगा।
सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला
कोर्ट ने Supreme Court of India के पूर्व फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति दूसरे राज्य में जाकर अपनी जाति का आरक्षण लाभ नहीं ले सकता, भले ही वह जाति दोनों राज्यों में सूचीबद्ध क्यों न हो।
शादी से सामाजिक पहचान बदल सकती है, आरक्षण नहीं
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि विवाह के बाद महिला सामाजिक रूप से पति की जाति का हिस्सा बन सकती है, लेकिन आरक्षण का लाभ नहीं ले सकती, क्योंकि यह सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन पर आधारित होता है। इन्हीं आधारों पर हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए संबंधित अधिकारियों के निर्णय को सही और विधिसम्मत बताया।
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MP News: एमपी में TET अनिवार्यता पर संग्राम, 12 संगठनों का संयुक्त मोर्चा, 8 से 18 अप्रैल तक आंदोलन

MP TET Controversy: मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) अनिवार्यता को लेकर विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। प्रदेश के 12 प्रमुख शिक्षक संगठनों ने एकजुट होकर “अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा” का गठन किया है और सरकार के खिलाफ सड़क से लेकर न्यायालय तक संघर्ष का ऐलान किया है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि यह सिर्फ एक परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि सेवा सुरक्षा, अधिकार और भविष्य से जुड़ा मामला है। मोर्चा के अनुसार, सरकार द्वारा जारी आदेश ने करीब 1.5 लाख शिक्षकों को असमंजस की स्थिति में डाल दिया है।
8 से 18 अप्रैल तक आंदोलन का ऐलान
संयुक्त मोर्चा ने चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति तैयार की है-
- 8 अप्रैल: जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन
- 11 अप्रैल: ब्लॉक स्तर पर धरना और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन
- 18 अप्रैल: Bhopal में “मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा”
रिव्यू पिटीशन और आदेश निरस्त करने की मांग
शिक्षक संगठनों की प्रमुख मांग है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ रिव्यू पिटीशन दायर करे। साथ ही लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) द्वारा जारी आदेश को तुरंत निरस्त किया जाए।
आदेश में अस्पष्टता से बढ़ी चिंता
शिक्षकों का आरोप है कि DPI के आदेश में यह स्पष्ट नहीं है कि किन शिक्षकों को TET देना अनिवार्य होगा और किन्हें छूट मिलेगी। इसी कारण शिक्षकों में असुरक्षा और भ्रम की स्थिति बनी हुई है। संयुक्त मोर्चा ने TET के अलावा सेवा अवधि की गणना और वरिष्ठता को लेकर भी स्पष्ट नीति बनाने की मांग की है।FEA
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MP News: मध्य प्रदेश में बिजली महंगी, 4.80% टैरिफ बढ़ा, अब 7.05 रु/यूनिट, दूसरे राज्यों को सस्ती सप्लाई पर विवाद

Bhopal: मध्य प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को झटका लगा है। मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नया टैरिफ जारी करते हुए औसतन 4.80% की बढ़ोतरी कर दी है। इससे राज्य के करीब 1.90 करोड़ उपभोक्ताओं के बिजली बिल बढ़ेंगे।नए टैरिफ के मुताबिक, आम उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दर लगभग 7.05 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है। वहीं, राज्य से बाहर सप्लाई की जाने वाली बिजली की दर 3.81 रुपये प्रति यूनिट रखी गई है। यानी प्रदेश के उपभोक्ताओं को करीब 3 रुपये प्रति यूनिट ज्यादा कीमत चुकानी होगी।
सरप्लस बिजली सस्ते में बाहर सप्लाई
टैरिफ आदेश के अनुसार राज्य में करीब 10,198 मिलियन यूनिट बिजली सरप्लस है। इस अतिरिक्त बिजली को दूसरे राज्यों को कम दर पर भेजा जा रहा है। 255 पेज के आदेश में यह अंतर स्पष्ट तौर पर दिखाया गया है।
निजी कंपनियों से समझौते बने वजह
मध्यप्रदेश नागरिक उपभोक्ता मंच के सदस्य मनीष शर्मा का कहना है कि सरकार निजी कंपनियों और अन्य राज्यों से बिजली खरीदने के लिए दीर्घकालिक समझौते (MoU) करती है। गर्मी में जब मांग बढ़ती है, तब इनका उपयोग होता है। लेकिन यदि खरीदी गई पूरी बिजली खपत नहीं होती, तब भी उसका भुगतान करना पड़ता है। ऐसे में अतिरिक्त बिजली को कम दर पर बाहर बेचना पड़ता है, जबकि राज्य के भीतर दरें बढ़ाकर लागत की भरपाई की जाती है।
कुछ श्रेणियों को मिली राहत
नए टैरिफ में मेट्रो और उच्च दाब (HT) वाले कुछ उपभोक्ताओं को राहत दी गई है। इन श्रेणियों में दरों में बढ़ोतरी नहीं की गई। गुड़ और शक्कर उद्योग से जुड़े उपभोक्ताओं को भी फायदा मिला है।
सरकार के पास बदलाव का अधिकार
Electricity Act 2003 की धारा 108 के तहत राज्य सरकार नियामक आयोग को निर्देश देकर इन दरों की दोबारा समीक्षा करवा सकती है। ऐसे में आने वाले समय में टैरिफ में बदलाव की संभावना भी बनी हुई है।
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