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MP News: संविदा कर्मचारी-अधिकारियों की सेवा शर्तें जारी, जानें अनुकंपा नियुक्ति, वेतन, अवकाश आदि पर क्या हैं दिशानिर्देश

MP News: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा के अनुरूप सामान्य प्रशासन विभाग (General Administration Department) ने शनिवार को 32 विभागों में कार्यरत 2.50 संविदा कर्मचारियों के लिए सेवा शर्तें जारी कर दी हैं। इसके मुताबिक संविदा कर्मचारिेयों के सालाना मूल्यांकन और कार्य संतोषजनक न पाए जाने पर सेवा समाप्ति का अधिकार अभी भी अफसरों के पास ही रहेगा। संविदा कर्मचारियों को नौकरी पर रखने वाले अधिकारी ही वार्षिक मूल्यांकन के आधार पर कर्मचारियों का कार्य संतोषजनक न पाए जाने पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई कर सकेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों से जारी दिशा निर्देशों के अनुरूप अपने विभागीय सेटअप के मुताबिक भर्ती नियमों में आवश्यक परिवर्तन के लिए कहा है।
जीएडी द्वारा जारी दिशानिर्देशों में कहा गया है कि राज्य शासन के विभिन्न विभागों के अंतर्गत आने वाले निगम, मंडल, आयोग, सार्वजनिक उपक्रम, स्थानीय निकाय, विश्वविद्यालय, विकास प्राधिकरण, बोर्ड, परिषद एवं अन्य संस्थाएं अपने संविदा कर्मचारियों पर जारी सेवा शर्तों को लागू करने के लिए निर्णय लेने में अपने स्तर पर सक्षम होंगे।
दिशा निर्देश में संविदा अधिकारियों कर्मचारियों को नियमित पदों पर नियुक्ति के अवसर, उनकी सेवा काल में मृत्यु होने पर अनुकंपा नियुक्ति, संविदा पदों की नियमित पदों से समकक्षता का निर्धारण, उनके पारिश्रमिक का पुनरनिर्धारण एवं वार्षिक वृद्धि, अवकाश स्वीकृति, उनके साथ अनुबंध निष्पादन, उनके आश्रितों को उपादान भुगतान, उन्हें राष्ट्रीय पेंशन योजना का लाभ, उनका सेवा मूल्यांकन एवं उनके विरुद्ध कार्यवाहियों से संबंधित प्रावधान, उन्हें स्वास्थ्य बीमा लाभ तथा अन्य महत्वपूर्ण निर्देशों को सम्मिलित किया गया है।
मुख्यमंत्री शिवराज की घोषणा के अनुरूप शासन के सभी विभागों में सीधी भर्ती के नियमित पद के बराबर संविदा पदों पर पांच साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों के लिए कुल संख्या के 50 प्रतिशत पद आरक्षित रखे जाएंगे। संविदा कर्मचारी जिस नियमित समकक्ष पद के लिए आवेदन करेगा, उसके बराबर या उच्चतर संविदा पद पर वह जितने वर्ष कार्यरत रहा, उतने वर्ष की छूट उसे निर्धारित अधिकतम आयु में मिलेगी। आयु संबंधी समस्त छूट 55 साल से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
विस्तृत सेवा शर्तों के लिए नीचे लिंक पर क्लिक करें
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80th Independence Day: CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान, 2027 होगा ‘युवा वर्ष’; हर साल 1 लाख नौकरियां, हर जिले में बनेगा Incubation Center

भोपाल: मध्य प्रदेश के 80वें स्वतंत्रता दिवस का राज्य स्तरीय मुख्य समारोह भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सुबह 9 बजे राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास का रोडमैप पेश करते हुए युवाओं, रोजगार, स्टार्टअप, निवेश, किसानों और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने ऐलान किया कि वर्ष 2027 को मध्य प्रदेश में ‘युवा वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा।
सीएम ने कहा कि अगले ढाई साल सरकार का मुख्य फोकस युवाओं को रोजगार और कौशल से जोड़ने, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और बड़े निवेश को जमीन पर उतारने पर रहेगा।
हर साल 1 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र में हर वर्ष 1 लाख से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। युवाओं की स्किलिंग के लिए अगले एक साल में 1 लाख युवाओं को ITI में ट्रेनिंग, 10 हजार युवाओं को Global Skill Park में प्रशिक्षण, उद्योग और सरकार के बीच बेहतर तालमेल के लिए अलग Placement Cell, शिक्षा, कौशल, स्वरोजगार, स्टार्टअप, खेल-संस्कृति, शोध और नेतृत्व क्षमता विकास के 7 पिलर्स पर काम होगा।
2027 होगा ‘युवा वर्ष’
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वर्ष 2027 को मध्य प्रदेश में युवा वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। सरकार युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास, स्वरोजगार और स्टार्टअप के नए अवसर तैयार करने पर विशेष फोकस करेगी।
हर जिले में बनेगा Incubation Center
प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए 100 नए Incubation Centers स्थापित किए जाएंगे। इसका लक्ष्य हर जिले में कम से कम एक Incubation Center उपलब्ध कराना है। मध्य प्रदेश में वर्तमान में करीब 8 हजार स्टार्टअप्स हैं, जिनमें लगभग 50% महिला नेतृत्व वाले बताए गए हैं। सरकार ने इनकी संख्या बढ़ाकर 12 हजार से अधिक करने का लक्ष्य रखा है।
34 लाख करोड़ के प्रस्ताव, 10 लाख करोड़ से ज्यादा निवेश जमीन पर
मुख्यमंत्री ने निवेश को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश को मिले 34 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों में से 10 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश जमीन पर उतर चुका है। धार में ₹21,500 करोड़ का PM MITRA Park वस्त्र उद्योग को नई दिशा देगा। साथ ही, अगली Global Investors Summit 2027 में भोपाल में आयोजित की जाएगी।
2026 रहेगा ‘किसान कल्याण वर्ष’
सीएम मोहन यादव ने कहा कि वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। पिछले ढाई वर्षों में किसानों के खातों में 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई है। सरकार ने भूमि अधिग्रहण के मामलों में 4 गुना मुआवजा देने का फैसला भी किया है।
100 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का लक्ष्य
₹44,600 करोड़ की केन-बेतवा लिंक परियोजना के जरिए वर्ष 2028-29 तक प्रदेश की सिंचाई क्षमता को 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, सड़क और ऊर्जा क्षेत्र में भी बड़े लक्ष्य तय किए गए हैं। प्रदेश में ₹23 हजार करोड़ की लागत से 15 हजार किलोमीटर सड़कें बनाई गई हैं। बिजली उत्पादन में ग्रीन एनर्जी की हिस्सेदारी को 30% से बढ़ाकर 50% करने का लक्ष्य है।
CM मोहन यादव के भाषण की 7 बड़ी बातें
1. 2027 होगा युवा वर्ष
युवाओं, रोजगार, स्टार्टअप और कौशल विकास पर रहेगा विशेष फोकस।
2. हर साल 1 लाख नौकरियां
सार्वजनिक क्षेत्र में प्रतिवर्ष 1 लाख से अधिक रोजगार के अवसर देने का लक्ष्य।
3. 1 लाख युवाओं को ITI Training
अगले एक साल में बड़े स्तर पर Skill Development Program चलाया जाएगा।
4. हर जिले में Incubation Center
प्रदेश में 100 नए सेंटर स्थापित करने की तैयारी।
5. 12 हजार से ज्यादा Startups का लक्ष्य
वर्तमान स्टार्टअप इकोसिस्टम को तेजी से विस्तार देने की योजना।
6. GIS 2027 भोपाल में
अगली Global Investors Summit राजधानी भोपाल में आयोजित होगी।
7. 2026 किसान कल्याण वर्ष
सिंचाई, भूमि अधिग्रहण और किसान हितों पर सरकार का विशेष फोकस।
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MP Weather Alert: मध्य प्रदेश में बारिश का नया दौर, 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; 24 घंटे में 4 इंच तक पानी गिरने की संभावना

भोपाल: मध्य प्रदेश में बारिश का एक और दौर शुरू हो गया है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच या उससे अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है।
इन 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार सागर, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, कटनी, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश हो सकती है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा और सतना समेत प्रदेश के कई अन्य जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है।
खरगोन में साटक जलाशय ओवरफ्लो
लगातार बारिश के कारण खरगोन जिले के गोगांवा क्षेत्र में साटक जलाशय ओवरफ्लो हो गया है। करीब 18.38 मिलियन क्यूबिक मीटर क्षमता वाला यह जलाशय स्पिल-वे के ऊपर से बह रहा है। दो साल बाद जलाशय के ओवरफ्लो होने की स्थिति बनी है। इससे पहले यह 2023 में 16 सितंबर और 2024 में 2 सितंबर को ओवरफ्लो हुआ था।
सतना में झरना उफान पर, अस्पताल तक पहुंचा पानी
सतना जिले के ग्रामीण इलाकों में रुक-रुककर तेज बारिश हो रही है। तराई क्षेत्र में इसका ज्यादा असर दिखाई दे रहा है। पहाड़ी इलाकों से तेजी से पानी उतरने के कारण धारकुंडी आश्रम का झरना पूरी रफ्तार से बह रहा है और आश्रम परिसर के अंदर तक पानी पहुंच गया है। कोटर नगर परिषद कार्यालय परिसर और आसपास की दुकानों में भी पानी भर गया। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के वार्ड में पानी घुसने के कारण प्रसूताओं को जिला अस्पताल रेफर करना पड़ा।
पुल के ऊपर से बह रही मऊ नदी
लगातार बारिश के चलते बिरसिंहपुर-सेमरिया रोड पर मऊ नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है। ऐसे में आसपास के इलाकों में आवागमन प्रभावित होने की स्थिति बन गई है। प्रशासन और स्थानीय लोगों को नदी-नालों तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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MP Board Date Sheet 2027: 10वीं-12वीं का टाइम टेबल जारी, 12वीं की मुख्य परीक्षा 17 फरवरी से, 10वीं की परीक्षा 24 फरवरी से शुरू होगी

भोपाल: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने वर्ष 2027 की हाईस्कूल यानी कक्षा 10वीं और हायर सेकेंडरी यानी कक्षा 12वीं की मुख्य परीक्षाओं का विस्तृत टाइम टेबल जारी कर दिया है। बोर्ड ने इसके साथ ही जून 2027 में होने वाली दूसरी यानी सप्लीमेंट्री परीक्षा का कार्यक्रम भी घोषित किया है।
एमपी बोर्ड की 12वीं की मुख्य परीक्षा 17 फरवरी से 19 मार्च 2027 तक होगी। वहीं, 10वीं की मुख्य परीक्षा 24 फरवरी से 18 मार्च 2027 तक आयोजित की जाएगी। दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होंगी।
परीक्षा केंद्र पर कितने बजे पहुंचना होगा?
बोर्ड ने छात्रों के लिए परीक्षा केंद्र पहुंचने और प्रवेश से संबंधित समय भी तय किया है। छात्रों को सुबह 8 बजे तक परीक्षा केंद्र पहुंचना होगा। 8:30 बजे तक परीक्षा कक्ष में अपनी सीट पर बैठना जरूरी होगा। सुबह 8:45 बजे के बाद प्रवेश नहीं मिलेगा। प्रश्न पत्र 8:45 बजे दिया जाएगा। उत्तर पुस्तिका 8:55 बजे मिलेगी। परीक्षा सुबह 9 बजे शुरू होगी।
MP Board 12th Date Sheet 2027: 12वीं का टाइम टेबल
| तारीख | प्रमुख विषय |
| 17 फरवरी | जैव प्रौद्योगिकी, गायन-वादन, तबला-पखावज |
| 18 फरवरी | उर्दू, मराठी |
| 20 फरवरी | संस्कृत |
| 22 फरवरी | एनएसक्यूएफ विषय, शारीरिक शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस |
| 23 फरवरी | हिंदी |
| 24 फरवरी | ड्राइंग एंड डिजाइनिंग |
| 25 फरवरी | मनोविज्ञान |
| 26 फरवरी | अंग्रेजी |
| 1 मार्च | इंफॉर्मेटिक प्रैक्टिस |
| 3 मार्च | समाजशास्त्र |
| 4 मार्च | भौतिकी, अर्थशास्त्र सहित अन्य विषय |
| 8 मार्च | जीव विज्ञान |
| 11 मार्च | राजनीति विज्ञान |
| 13 मार्च | रसायन विज्ञान, इतिहास, बिजनेस स्टडीज सहित अन्य विषय |
| 16 मार्च | गणित |
| 17 मार्च | कृषि, गृह विज्ञान, अकाउंटेंसी |
| 19 मार्च | भूगोल सहित अन्य विषय |
MP Board 10th Date Sheet 2027: 10वीं का टाइम टेबल
कक्षा 10वीं की मुख्य परीक्षा 24 फरवरी से 18 मार्च 2027 तक चलेगी।
| तारीख | विषय |
| 24 फरवरी | मराठी, गुजराती, पंजाबी, सिंधी, पेंटिंग, गायन-वादन, तबला-पखावज, कंप्यूटर |
| 25 फरवरी | एनएसक्यूएफ विषय, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस |
| 27 फरवरी | उर्दू |
| 2 मार्च | हिंदी |
| 5 मार्च | गणित स्टैंडर्ड और बेसिक |
| 9 मार्च | अंग्रेजी |
| 12 मार्च | संस्कृत |
| 15 मार्च | विज्ञान |
| 18 मार्च | सामाजिक विज्ञान |
जून में होगी दूसरी यानी सप्लीमेंट्री परीक्षा
MP बोर्ड ने जून 2027 में होने वाली दूसरी परीक्षा का शेड्यूल भी तय कर दिया है।
- कक्षा 12वीं: 11 जून से 30 जून 2027
- कक्षा 10वीं: 15 जून से 30 जून 2027
प्रैक्टिकल परीक्षा कब होगी?
नियमित छात्रों की प्रैक्टिकल परीक्षा उनके स्कूलों में होगी, जबकि निजी छात्रों की परीक्षा निर्धारित केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।
मुख्य परीक्षा के लिए प्रैक्टिकल 1 फरवरी से 19 मार्च 2027 के बीच होंगे। जून में होने वाली दूसरी परीक्षा के प्रैक्टिकल 11 जून से 30 जून 2027 के बीच आयोजित किए जाएंगे।
प्रैक्टिकल की सटीक तारीख और समय के लिए छात्रों को स्कूल प्राचार्य या संबंधित केंद्र अधीक्षक से संपर्क करना होगा।
छुट्टी के दिन भी नहीं बदलेगी परीक्षा
बोर्ड के अनुसार, परीक्षा अवधि के दौरान किसी दिन स्थानीय या सार्वजनिक अवकाश घोषित होने पर भी परीक्षा की तारीख में बदलाव नहीं किया जाएगा। परीक्षा पहले से जारी टाइम टेबल के अनुसार ही होगी।
हालांकि, जरूरत पड़ने पर बोर्ड परीक्षा की तारीख या समय में बदलाव कर सकता है। इसकी सूचना संबंधित माध्यमों से दी जाएगी। दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए नियमानुसार विशेष सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
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MP News: प्रदेश में 24 घंटे खुल सकेंगे दुकान-मॉल और होटल, राज्यपाल ने नई श्रम संहिता को मंजूरी दी

भोपाल: मध्य प्रदेश में अब दुकानें, होटल, रेस्टोरेंट, मॉल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन खुले रखे जा सकेंगे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने ‘मध्य प्रदेश कार्यस्थल सशक्तिकरण संहिता (श्रम शक्ति संहिता), 2026’ को मंजूरी दे दी है। हालांकि, प्रतिष्ठान 24 घंटे खुले रहने का मतलब कर्मचारियों से लगातार काम कराना नहीं होगा। कर्मचारियों की ड्यूटी शिफ्ट में लगानी होगी और निर्धारित समय के बाद शिफ्ट बदलनी होगी।
हफ्ते में 48 घंटे से ज्यादा काम नहीं
नई व्यवस्था में कर्मचारियों के काम के घंटे तय रहेंगे। किसी कर्मचारी से एक सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे काम कराया जा सकेगा। अगर अतिरिक्त काम कराया जाता है तो इसके लिए कर्मचारी की सहमति जरूरी होगी। साथ ही ओवरटाइम का भुगतान भी तय नियमों के अनुसार करना होगा। इस व्यवस्था से लोगों को देर रात भी खरीदारी, होटल और रेस्टोरेंट जैसी सेवाएं मिल सकेंगी। खासकर बड़े मॉल, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 24 घंटे कारोबार करने का अवसर मिलेगा।
एक बार ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, बार-बार रिन्यूअल नहीं
नई संहिता में दुकानों और प्रतिष्ठानों के पंजीयन की प्रक्रिया को भी आसान बनाया गया है। अब बार-बार रजिस्ट्रेशन और रिन्यूअल कराने की जरूरत नहीं होगी। प्रतिष्ठान को एक बार ऑनलाइन पंजीयन कराना होगा। इसके बाद प्रमाण-पत्र और एक यूनिक पहचान नंबर जारी किया जाएगा। भविष्य में प्रतिष्ठान की जानकारी में बदलाव होने पर उसे ऑनलाइन अपडेट करना होगा।
कर्मचारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी मालिक की
नई व्यवस्था में कार्यस्थल की सुरक्षा को लेकर भी प्रावधान किए गए हैं। प्रतिष्ठान संचालकों को साफ-सफाई, सुरक्षा उपकरण, आग से बचाव और आपात स्थिति से निपटने की व्यवस्था करनी होगी। किसी हादसे या संभावित खतरे की स्थिति में संबंधित अधिकारी जांच कर कार्रवाई कर सकेंगे। महिला कर्मचारियों के लिए भी सुरक्षित कार्यस्थल और जरूरी सुरक्षा प्रावधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
असंगठित कामगारों को भी मिलेगा योजनाओं का लाभ
नई संहिता में रिक्शा चालक, घरेलू कामगार, निर्माण श्रमिक और अन्य असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है। इन कामगारों तक स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, परिवहन और अन्य सामाजिक सुरक्षा व कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।
शिकायत और जांच की प्रक्रिया भी होगी आसान
श्रमिकों की शिकायतों के निपटारे के लिए प्रशासनिक व्यवस्था और समितियां बनाई जाएंगी। श्रम विभाग के अधिकारी जरूरत पड़ने पर प्रतिष्ठानों की जांच कर सकेंगे और जरूरी दस्तावेज मांग सकेंगे। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकेगी।
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MP News: मध्यप्रदेश में एनालॉग पनीर पर बैन, CM मोहन यादव ने उत्पादन, बिक्री और इस्तेमाल रोकने के दिए आदेश

भोपाल: महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ के बाद अब मध्य प्रदेश में भी एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की बैठक में इसके उत्पादन, बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाने के निर्देश दिए। गुजरात रवाना होने से पहले हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में अब प्राकृतिक रूप से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और असली दूध से बने पनीर को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा।
CM बोले- प्राकृतिक दूध से बनेगा पनीर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, “मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर पर हम प्रतिबंध लगा रहे हैं। जैसा अन्य राज्यों ने लगाया है। हम प्राकृतिक रूप से दुग्ध उत्पादन को बढ़ाएंगे और प्राकृतिक रूप से ही पनीर बनाएंगे।” सरकार के इस फैसले के बाद एनालॉग पनीर के उत्पादन, बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाने की तैयारी शुरू हो गई है।
क्या होता है एनालॉग पनीर?
एनालॉग पनीर को असली दूध से बने पनीर के विकल्प के रूप में तैयार किया जाता है। इसमें दूध की जगह या दूध के साथ वनस्पति वसा, स्टार्च और अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। कम कीमत होने के कारण इसकी बाजार में खपत तेजी से बढ़ी है। अब सरकार ने इसकी बड़ी खपत को देखते हुए सख्त कदम उठाने का फैसला किया है।
रोज 300 से 400 क्विंटल खपत का अनुमान
मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर की रोजाना आवक और बिक्री करीब 300 से 400 क्विंटल होने का अनुमान है। इस हिसाब से प्रदेश में हर महीने करीब 9 हजार से 12 हजार क्विंटल, यानी 900 से 1200 टन एनालॉग पनीर की खपत हो रही है।बड़ी मात्रा में बिक्री और खपत को देखते हुए राज्य सरकार ने अब इस पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है।
महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ के बाद MP का फैसला
मध्य प्रदेश से पहले महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ में भी एनालॉग पनीर को लेकर कार्रवाई और प्रतिबंध के फैसले किए जा चुके हैं। अब मध्य प्रदेश सरकार ने भी इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए एनालॉग पनीर के उत्पादन से लेकर बिक्री और इस्तेमाल तक रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
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