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MP News: सतना एयरपोर्ट बनकर तैयार, जल्द पर्यटकों को मिलेगा हवाई यात्रा का लुत्फ

Satna: मध्यप्रदेश में अब सतना भी एयर कनेक्टिविटी से सीधे जुड़ जाएगा। सतना एयरपोर्ट अब पूरी तरह से बनकर तैयार हो गया है। यह एयरपोर्ट क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। इस नई पहल से पर्यटकों को सतना और इसके आसपास के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों तक पहुंचने में आसानी होगी, यहां से जल्द ही पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा के तहत उड़ानों का भी संचालन शुरू किया जाएगा। यहां से सप्ताह में दो दिन के लिए वायु सेवा का शेडूअल भी जारी कर दिया गया था, परन्तु सतना एयरपोर्ट के निकट भविष्य में उद्घाटन की वजह से वायु सेवा बुधवार एवं रविवार को सतना की जगह रीवा सिंगरौली से संचालित की जा रही है।
पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा राज्य सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य देश के पर्यटन स्थलों को बेहतर हवाई कनेक्टिविटी प्रदान करना है। सतना एयरपोर्ट से जुड़ने वाले रूट्स को विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। जिससे घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों को अधिक सुविधाएं मिल सकेगी। सतना एयरपोर्ट के चालू होने से आसपास के पर्यटन स्थलों, जैसे खजुराहो, चित्रकूट, और मैहर मंदिर तक पहुंचना सुगम होगा। यह क्षेत्र धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन के लिए प्रसिद्ध है, और अब देश-विदेश के पर्यटक आसानी से इन स्थलों की यात्रा कर सकेंगे।
सतना एयरपोर्ट के शुरू होने से न केवल पर्यटन क्षेत्र में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय व्यापार और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। होटल, गाइड सेवा, ट्रांसपोर्ट और अन्य सहायक सेवाओं को इससे लाभ मिलेगा। सतना एयरपोर्ट का संचालन क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन और व्यापार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अब जल्द ही पर्यटक हवाई यात्रा का लुत्फ उठाकर इस क्षेत्र की सुंदरता और ऐतिहासिक धरोहरों का आनंद ले सकेंगे। पर्यटक वायु सेवा में बुकिंग के लिए www.flyola.in वेबसाइट पर जाकर बुक कर सकते हैं, एवं 18004199006 पर कॉल करके भी बुक कर सकते है ।
विस्तृत साप्ताहिक शैड्यूल निम्नुसार रहेगा –
सोमवार-भोपाल- जबलपुर – रीवा – सिंगरोली – रीवा- जबलपुर – भोपाल
मंगलवार– भोपाल – खजुराहों – रीवा – सिंगरोली – रीवा – खजुराहों – भोपाल
बुधवार-भोपाल- जबलपुर – रीवा – सिंगरोली –रीवा – जबलपुर – भोपाल
शुक्रवार-भोपाल- जबलपुर – रीवा – सिंगरोली – रीवा – जबलपुर – भोपाल
शनिवार-भोपाल – खजुराहों – रीवा – सिंगरोली – रीवा – खजुराहों – भोपाल
रविवार– भोपाल – खजुराहों – रीवा – सिंगरोली – रीवा – खजुराहों – भोपाल
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MP News: चार्जिंग के दौरान कार में लगी आग से 8 की मौत, शॉर्ट सर्किट से 3 मंजिला मकान में फैली आग

Indore: इंदौर में एक दर्दनाक हादसे में इलेक्ट्रिक कार में चार्जिंग के दौरान लगी आग ने 8 लोगों की जान ले ली, जबकि 4 लोग घायल हो गए। घटना बुधवार तड़के 3:30 से 4 बजे के बीच बंगाली चौराहे के पास ग्रेटर बृजेश्वरी कॉलोनी में हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार एक नामी कंपनी की EV में शॉर्ट सर्किट से आग लगी, जिसने देखते ही देखते पूरे 3 मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया। घर में लगे डिजिटल लॉक समय पर नहीं खुल पाए, जिससे अंदर सो रहे लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।
परिवार के 8 लोगों की मौत, मेहमान भी शामिल
हादसे में रबर कारोबारी मनोज पुगलिया, उनकी गर्भवती बहू सिमरन सहित कुल 8 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में से 6 लोग रिश्तेदार थे, जो किशनगंज से मंगलवार को ही इंदौर आए थे। पुलिस के अनुसार आग ने घर में रखे गैस सिलेंडरों को भी चपेट में ले लिया, जिससे एक के बाद एक धमाके हुए और मकान का हिस्सा ढह गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि सूचना देने के करीब एक घंटे बाद फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची, तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी।
एक साथ 7 चिताएं जलीं
मृतकों का अंतिम संस्कार तिलकनगर मुक्तिधाम में किया गया, जहां एक साथ 7 चिताएं जलीं। एक बच्चे के शव को दफनाया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने हादसे पर शोक जताते हुए मृतकों के परिजनों को ₹2-2 लाख और घायलों को ₹50 हजार की सहायता राशि देने की घोषणा की। वहीं मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि दी।
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MP Cabinet: मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले, गेहूं पर ₹40 प्रति क्विंटल बोनस, PWD के लिए ₹4525 करोड़ मंजूर

Bhopal: मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मंगलवार को किसानों और विकास कार्यों से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्री चैतन्य कश्यप ने बताया कि रबी सीजन 2026-27 में किसानों को समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद पर ₹40 प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा।
PWD के लिए ₹4525 करोड़ की मंजूरी
लोक निर्माण विभाग के तहत प्रदेश में विकास और अनुरक्षण कार्यों के लिए ₹4525 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। उज्जैन में 5.32 किमी लंबा 4-लेन और 2-लेन ऐलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा। इस प्रोजेक्ट के लिए ₹945.20 करोड़ की मंजूरी दी गई।
रोड डेवलपमेंट और योजनाओं को बढ़ावा
- मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम-6: ₹1543 करोड़
- रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम-7: ₹1476 करोड़
- एनडीबी फंडेड सड़क-पुल योजना: ₹50.10 करोड़
- जनभागीदारी योजना: ₹7.38 करोड़ (2031 तक जारी)
भवनों के रखरखाव पर भी बड़ा खर्च
- शासकीय आवास और विश्राम गृह: ₹200.35 करोड़
- कार्यालय भवन, सतपुड़ा-विंध्याचल भवन और शौर्य स्मारक: ₹300.70 करोड़ (2031 तक)
रीवा में सिंचाई परियोजना को मंजूरी
- कैबिनेट ने रीवा की पनवार माइक्रो सिंचाई परियोजना के लिए ₹228.42 करोड़ मंजूर
- 7350 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा
- जवा और त्योंथर तहसील के 37 गांवों को फायदा
नियमों में बदलाव भी मंजूर
कैबिनेट ने मध्यप्रदेश भंडार क्रय और सेवा उपार्जन नियम को MSME विभाग से वित्त विभाग के अंतर्गत करने का फैसला भी लिया। सरकार ने स्पष्ट किया कि इससे राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।
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MP News: LPG कालाबाजारी पर कार्रवाई, 1025 जगह जांच, 1357 सिलेंडर जब्त, गैस आपूर्ति की निगरानी के लिए समिति गठित

Bhopal: मध्यप्रदेश में में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने बड़ा अभियान चलाया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निर्देश पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में 1025 स्थानों पर जांच की गई। इस कार्रवाई के दौरान 1357 गैस सिलेंडर जब्त किए गए और 8 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है।
गैस आपूर्ति पर नजर रखने के लिए समिति
सरकार ने गैस आपूर्ति की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के लिए राज्य स्तर पर 6 सदस्यीय समिति का गठन किया है। यह समिति पेट्रोल, डीजल, सीएनजी, पीएनजी और घरेलू एलपीजी गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तेल कंपनियों के साथ समन्वय करेगी।
रोजाना होगी गैस आपूर्ति की समीक्षा
मुख्यमंत्री मोहन यादव और खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने अधिकारियों को गैस आपूर्ति की रोजाना समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। वहीं अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घरेलू उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए और एजेंसियों के माध्यम से वितरण व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
पैनिक बुकिंग से बचने की अपील
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारत सरकार ने नागरिकों से पैनिक बुकिंग न करने की अपील की है। मंत्रालय ने सलाह दी है कि उपभोक्ता गैस एजेंसी पर जाने के बजाय मोबाइल ऐप, एसएमएस, व्हाट्सएप या IVRS कॉल जैसे डिजिटल माध्यमों से बुकिंग करें।
हॉर्मुज से भारत आ रहे LPG टैंकर
सरकार के अनुसार देश में घरेलू गैस उत्पादन में करीब 31 प्रतिशत वृद्धि हुई है। इसके अलावा से एलपीजी के दो जहाज भारत के लिए रवाना हो चुके हैं, जो 16-17 मार्च तक Kandla Port और Mundra Port पहुंच जाएंगे।
गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक
ऑयल कंपनी के स्टेट नोडल अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। राज्य में 11 बॉटलिंग प्लांट और वितरकों के गोदामों में पर्याप्त संख्या में सिलेंडर मौजूद हैं। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे पिछली रिफिल के 25 दिन बाद ही नई बुकिंग करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर
- भारत गैस – 1800-22-4344
- इंडेन गैस – 1800-2333-555
- एचपी गैस – 1800-2333-555
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MP Weather: मार्च में ही झुलसा मध्य प्रदेश, नर्मदापुरम में 40.4°C, कई जिलों में लू का कहर

MP Weather News: मध्यप्रदेश में मार्च के दूसरे हफ्ते में ही भीषण गर्मी का असर दिखाई देने लगा है। नर्मदापुरम में लगातार तीसरे दिन लू चली और शनिवार को यहां अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 6.9 डिग्री ज्यादा है। पिछले दो दिनों से नर्मदापुरम में हीट वेव का असर बना हुआ था और तीसरे दिन भी गर्म हवाओं का दौर जारी रहा। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार रविवार से लू से कुछ राहत मिलने की संभावना है।
खरगोन दूसरा सबसे गर्म शहर
नर्मदापुरम के बाद खरगोन प्रदेश का दूसरा सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा मंडला, रतलाम, दमोह, खंडवा, खजुराहो, रायसेन, शाजापुर, गुना, नरसिंहपुर, सतना, सिवनी, बैतूल, छिंदवाड़ा, टीकमगढ़, उमरिया, सागर और धार में तापमान 37 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया।
हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ा
तेज गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने एडवायजरी जारी कर लोगों को दोपहर के समय जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। लोगों को ठंडा पानी पीने, शरीर को हाइड्रेट रखने और घर के अंदर तापमान कम रखने के लिए ओवन या गर्म उपकरणों का कम इस्तेमाल करने की भी सलाह दी गई है।
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MP LPG Rule: मध्य प्रदेश में LPG पर नए निर्देश: होटल-मॉल और उद्योगों को फिलहाल नहीं मिलेंगे कमर्शियल सिलेंडर

Bhopal: मध्य प्रदेश सरकार ने एलपीजी की कालाबाजारी रोकने और घरेलू उपभोक्ताओं को नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत फिलहाल होटल, मॉल, औद्योगिक क्षेत्रों और बल्क एलपीजी उपयोग करने वाली फैक्ट्रियों को कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति नहीं की जाएगी। राज्य सरकार ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे गैस एजेंसियों के स्टॉक और वितरण व्यवस्था की नियमित समीक्षा करें और किसी भी तरह की जमाखोरी या अनियमितता पर सख्त कार्रवाई करें।
पेट्रोलियम उत्पादों की निगरानी के लिए समिति
राज्य सरकार ने पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता और निगरानी के लिए उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय मंत्रिमंडलीय समिति का गठन किया है। इस समिति में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्यप भी शामिल हैं। समिति समय-समय पर बैठक कर केंद्र सरकार के निर्देशों के आधार पर नागरिकों के हित में उठाए जाने वाले कदमों की समीक्षा करेगी।
कलेक्टरों को खाद्य विभाग का पत्र
राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के कमिश्नर कर्मवीर शर्मा ने कलेक्टरों को पत्र लिखकर वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए एलपीजी आपूर्ति को प्राथमिकता के आधार पर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और तेल विपणन कंपनियों ने जानकारी दी है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण एलपीजी आयात प्रभावित हो सकता है।
25 दिन बाद ही होगी नई बुकिंग
सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि अब एलपीजी सिलेंडर की रिफिल बुकिंग पिछली डिलीवरी के 25 दिन बाद ही स्वीकार की जाएगी।इसका उद्देश्य कालाबाजारी और अनियमित वितरण को रोकना तथा सभी उपभोक्ताओं को समान रूप से गैस उपलब्ध कराना है।
कमर्शियल उपयोग पर अस्थायी रोक
सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल चिकित्सालयों और शैक्षणिक संस्थानों को छोड़कर अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं जैसे होटल, मॉल, औद्योगिक इकाइयों और फैक्ट्रियों को कमर्शियल एलपीजी (Bulk और Packed) की आपूर्ति नहीं की जाएगी।
जिला स्तर पर होगी नियमित समीक्षा
सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे खाद्य विभाग और ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ नियमित बैठक कर एलपीजी स्टॉक और वितरण व्यवस्था की समीक्षा करें। साथ ही बड़े व्यावसायिक उपभोक्ताओं को उपलब्ध स्टॉक का विवेकपूर्ण उपयोग करने और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक ईंधन स्रोत अपनाने की सलाह देने को भी कहा गया है।















