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MP News: प्रधानमंत्री मोदी ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का किया शुभारंभ, बोले- एमपी गजब है, अजब है और सजग भी है

Indore News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंदौर में दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शुभारंभ किया। इंदौर के ब्रिलियंट क्नेंशन सेंटर में हो रही समिट में देश-विदेश के निवेशक शामिल हो रहे हैं। समिट को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लिए मध्यप्रदेश काफी अहम है। वहीं, विकसित भारत का अर्थ समझाते हुए पीएम बोले, जब हम इसका जिक्र करते हैं तो ये केवल देशवासियों की ‘आकांक्षा’ की ही नहीं उनके ‘संकल्प’ का भी जिक्र करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आस्था, पर्यटन से लेकर एग्रीकल्चर और स्किल डेवलपमेंट तक एमपी अजब भी है और गजब भी है और सजग भी है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में यह समिट ऐसे समय हो रही है, जब भारत की आजादी का अमृत काल शुरू हो चुका है।
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दुनिया कर रही भारत का गुणगान
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि संस्थाओं और विश्वसनीय आवाजों का भारत पर भरोसा है। ग्लोबल इन्वेस्टर भी इसी तरह की बातें कर रहे हैं। आईएमएफ भारत को दुनियाभर की अर्थव्यवस्था में ब्राइट स्पॉट देख रहा है। वर्ल्ड बैंक का मानना है कि भारत के पास अन्य देशों के मुकाबले आर्थिक चुनौतियों से निपटने की क्षमता बहुत अधिक है। ओईसीडी ने कहा है कि जी20- ग्रुप में इस साल भारत सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था होगी। मैकेंजी के सीईओ ने कहा है कि यह न केवल भारत का दशक है, बल्कि शताब्दी है। इंटरनेशनल बैंक ने सर्वे कराया कि ज्यादातर इन्वेस्टर्स भारत को प्राथमिकता दे रहे हैं। भारत रिकॉर्ड ब्रेकिंग एफडीआई आ रही है। भारत के प्रति यह आशावाद मजबूत लोकतंत्र, युवा डेमोग्राफी और राजनीतिक स्थिरता की वजह से है।
इकोनॉमिक टाइगर की तरह आगे बढ़ रहा मध्यप्रदेश- केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का इकलौता डायमंड प्रोड्यूसिंग स्टेट है। मध्यप्रदेश भी हमारा एक हीरा है। मुझे पूरा भरोसा है कि मध्यप्रदेश नए-नए अवसरों को उद्योग जगत को आमंत्रण करेगा। पीयूष गोयल ने कहा कि मध्यप्रदेश इकोनॉमिक टाइगर की तरह आगे बढ़ रहा है। पिछले साल मध्यप्रदेश में जीडीपी 20% से बढ़ा। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस असाधारण है। मध्यप्रदेश फ्यूचर रेडी है। 20% से अधिक रिन्यूएबल एनर्जी बना रहा है। ग्रीन हाइड्रोजन मिशन लॉन्च किया है।
आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का रोडमैप तैयार
ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में देश-विदेश के निवेशकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इंदौर और मध्यप्रदेश ने बाहें फैलाकर आपका स्वागत किया है। अतुल्य भारत के अद्भुत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वैभवशाली, संपन्न, समृद्ध, शक्तिशाली भारत का उदय हो रहा है। आत्मनिर्भर भारत बन रहा है। मैं आपके साथ मिलकर आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाना चाहता हूं। इसका रोडमैप तैयार है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैं प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता की तरफ से आपका अभिनंदन करता हूं।
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MP News: अनूपपुर में तीन मंजिला इमारत ढही, 3 की मौत; 24 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

Anuppur Building Collapse: अनूपपुर जिले के कोतमा बस स्टैंड के पास शनिवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया, जहां अग्रवाल लॉज की तीन मंजिला इमारत अचानक ढह गई। इस हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि तीन अन्य घायल हैं। मृतकों में हनुमान दीन यादव (55), राम कृपाल यादव (40) और राधा कोल शामिल हैं। राधा कोल का शव रविवार सुबह करीब 11 बजे मलबे से निकाला गया, जिसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई।
हादसे के बाद मौके पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया, जो करीब 24 घंटे तक चला। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमों सहित 100 से अधिक लोग मलबा हटाने में जुटे रहे। सर्च ऑपरेशन के लिए भिलाई और बनारस से भी विशेष टीमें बुलाई गई थीं। रविवार शाम 5 बजे के बाद जाकर मलबा पूरी तरह साफ किया जा सका।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इमारत पास में खोदे गए गहरे गड्ढे की ओर झुककर गिरी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि निर्माण कार्य के लिए करीब 12 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था, जिसमें पानी भरने से इमारत की नींव कमजोर हो गई थी। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भूमि स्वामी राजीव गर्ग और लॉज मालिक लल्लू लाल अग्रवाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 290 और 106 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस अधीक्षक मोतिउर रहमान ने इसकी पुष्टि की है।
इमारत निर्माण की अनुमति को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। नगर पालिका ने कहा है कि दस्तावेजों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।इस बीच कलेक्टर हर्षल पंचोली ने मृतकों के परिजनों को 9-9 लाख रुपये और घायलों को 2.5-2.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
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Bhopal: एमपी बोर्ड रिजल्ट का इंतजार खत्म, 10वीं-12वीं के नतीजे 7 से 12 अप्रैल के बीच संभव

Bhopal: मध्यप्रदेश में एमपी बोर्ड के 10वीं और 12वीं के लाखों छात्रों का इंतजार अब जल्द खत्म होने वाला है। माध्यमिक शिक्षा मंडल इस साल 15 अप्रैल से पहले रिजल्ट जारी करने की तैयारी में है। संभावित तौर पर परिणाम 7 से 12 अप्रैल के बीच घोषित किए जा सकते हैं।
स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार, रिजल्ट से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं अंतिम चरण में हैं और इसे पूरी तरह त्रुटिरहित बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभाग की प्राथमिकता है कि समय पर परिणाम जारी कर छात्रों की आगे की पढ़ाई में कोई बाधा न आए।
इस वर्ष बोर्ड परीक्षाओं में करीब 16 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए हैं। इनमें लगभग 9 लाख 7 हजार विद्यार्थी 10वीं और करीब 7 लाख छात्र 12वीं की परीक्षा में बैठे। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए पूरे प्रदेश में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि रिजल्ट जारी करने से पहले कॉपी जांच, क्रॉस चेकिंग और वैरिफिकेशन की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है। हर स्तर पर सावधानी बरती जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि न रह जाए।
उन्होंने कहा कि रिजल्ट पूरी तरह “फुलप्रूफ” होना चाहिए, जिससे छात्रों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। संभावना है कि अप्रैल के पहले पखवाड़े में ही परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।
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MP News: एमपी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दूसरे राज्य का OBC सर्टिफिकेट मान्य नहीं, शादी से नहीं मिलेगा आरक्षण

Gwalior:मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में साफ किया है कि दूसरे राज्य से जारी OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) प्रमाण पत्र के आधार पर मध्य प्रदेश में आरक्षण का लाभ नहीं लिया जा सकता। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि विवाह के आधार पर किसी महिला को पति की जाति का आरक्षण लाभ नहीं मिलेगा। यह मामला अर्चना दांगी से जुड़ा है, जो मूल रूप से यूपी के जालौन की निवासी हैं। उन्होंने उच्च माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा-2018 पास की थी, लेकिन दस्तावेज सत्यापन के दौरान उनका चयन इस आधार पर निरस्त कर दिया गया कि उनका OBC प्रमाण पत्र उत्तर प्रदेश का था।
याचिकाकर्ता का तर्क खारिज
याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि दांगी जाति दोनों राज्यों में OBC सूची में शामिल है और विवाह के बाद वे मध्य प्रदेश की निवासी बन चुकी हैं, इसलिए उन्हें आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। हालांकि, कोर्ट ने इस तर्क को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि जाति का निर्धारण जन्म से होता है, न कि विवाह या निवास बदलने से। दूसरे राज्य का जाति प्रमाण पत्र मध्य प्रदेश में मान्य नहीं होगा।
सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला
कोर्ट ने Supreme Court of India के पूर्व फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति दूसरे राज्य में जाकर अपनी जाति का आरक्षण लाभ नहीं ले सकता, भले ही वह जाति दोनों राज्यों में सूचीबद्ध क्यों न हो।
शादी से सामाजिक पहचान बदल सकती है, आरक्षण नहीं
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि विवाह के बाद महिला सामाजिक रूप से पति की जाति का हिस्सा बन सकती है, लेकिन आरक्षण का लाभ नहीं ले सकती, क्योंकि यह सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन पर आधारित होता है। इन्हीं आधारों पर हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए संबंधित अधिकारियों के निर्णय को सही और विधिसम्मत बताया।
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MP News: एमपी में TET अनिवार्यता पर संग्राम, 12 संगठनों का संयुक्त मोर्चा, 8 से 18 अप्रैल तक आंदोलन

MP TET Controversy: मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) अनिवार्यता को लेकर विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। प्रदेश के 12 प्रमुख शिक्षक संगठनों ने एकजुट होकर “अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा” का गठन किया है और सरकार के खिलाफ सड़क से लेकर न्यायालय तक संघर्ष का ऐलान किया है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि यह सिर्फ एक परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि सेवा सुरक्षा, अधिकार और भविष्य से जुड़ा मामला है। मोर्चा के अनुसार, सरकार द्वारा जारी आदेश ने करीब 1.5 लाख शिक्षकों को असमंजस की स्थिति में डाल दिया है।
8 से 18 अप्रैल तक आंदोलन का ऐलान
संयुक्त मोर्चा ने चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति तैयार की है-
- 8 अप्रैल: जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन
- 11 अप्रैल: ब्लॉक स्तर पर धरना और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन
- 18 अप्रैल: Bhopal में “मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा”
रिव्यू पिटीशन और आदेश निरस्त करने की मांग
शिक्षक संगठनों की प्रमुख मांग है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ रिव्यू पिटीशन दायर करे। साथ ही लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) द्वारा जारी आदेश को तुरंत निरस्त किया जाए।
आदेश में अस्पष्टता से बढ़ी चिंता
शिक्षकों का आरोप है कि DPI के आदेश में यह स्पष्ट नहीं है कि किन शिक्षकों को TET देना अनिवार्य होगा और किन्हें छूट मिलेगी। इसी कारण शिक्षकों में असुरक्षा और भ्रम की स्थिति बनी हुई है। संयुक्त मोर्चा ने TET के अलावा सेवा अवधि की गणना और वरिष्ठता को लेकर भी स्पष्ट नीति बनाने की मांग की है।FEA
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MP News: मध्य प्रदेश में बिजली महंगी, 4.80% टैरिफ बढ़ा, अब 7.05 रु/यूनिट, दूसरे राज्यों को सस्ती सप्लाई पर विवाद

Bhopal: मध्य प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को झटका लगा है। मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नया टैरिफ जारी करते हुए औसतन 4.80% की बढ़ोतरी कर दी है। इससे राज्य के करीब 1.90 करोड़ उपभोक्ताओं के बिजली बिल बढ़ेंगे।नए टैरिफ के मुताबिक, आम उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दर लगभग 7.05 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है। वहीं, राज्य से बाहर सप्लाई की जाने वाली बिजली की दर 3.81 रुपये प्रति यूनिट रखी गई है। यानी प्रदेश के उपभोक्ताओं को करीब 3 रुपये प्रति यूनिट ज्यादा कीमत चुकानी होगी।
सरप्लस बिजली सस्ते में बाहर सप्लाई
टैरिफ आदेश के अनुसार राज्य में करीब 10,198 मिलियन यूनिट बिजली सरप्लस है। इस अतिरिक्त बिजली को दूसरे राज्यों को कम दर पर भेजा जा रहा है। 255 पेज के आदेश में यह अंतर स्पष्ट तौर पर दिखाया गया है।
निजी कंपनियों से समझौते बने वजह
मध्यप्रदेश नागरिक उपभोक्ता मंच के सदस्य मनीष शर्मा का कहना है कि सरकार निजी कंपनियों और अन्य राज्यों से बिजली खरीदने के लिए दीर्घकालिक समझौते (MoU) करती है। गर्मी में जब मांग बढ़ती है, तब इनका उपयोग होता है। लेकिन यदि खरीदी गई पूरी बिजली खपत नहीं होती, तब भी उसका भुगतान करना पड़ता है। ऐसे में अतिरिक्त बिजली को कम दर पर बाहर बेचना पड़ता है, जबकि राज्य के भीतर दरें बढ़ाकर लागत की भरपाई की जाती है।
कुछ श्रेणियों को मिली राहत
नए टैरिफ में मेट्रो और उच्च दाब (HT) वाले कुछ उपभोक्ताओं को राहत दी गई है। इन श्रेणियों में दरों में बढ़ोतरी नहीं की गई। गुड़ और शक्कर उद्योग से जुड़े उपभोक्ताओं को भी फायदा मिला है।
सरकार के पास बदलाव का अधिकार
Electricity Act 2003 की धारा 108 के तहत राज्य सरकार नियामक आयोग को निर्देश देकर इन दरों की दोबारा समीक्षा करवा सकती है। ऐसे में आने वाले समय में टैरिफ में बदलाव की संभावना भी बनी हुई है।
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