ख़बर मध्यप्रदेश
MP News: राष्ट्रपति मुर्मु ने प्रदेश के सात शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से किया सम्मानित, विज्ञान भवन में आयोजित हुआ समारोह

Delhi: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गुरुवार को शिक्षक दिवस पर विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में प्रदेश के सात शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2024 प्रदान किया। शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा सुनीता गोधा, माधव प्रसाद पटेल और सुनीता गुप्ता और उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रो. नीलाभ तिवारी और प्रो. कपिल आहूजा को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय द्वारा प्रेमलता राहंगडाले और प्रशांत दीक्षित को पुरस्कृत किया गया।
प्रत्येक विजेता को प्रशस्ति पत्र, 50,000 रुपये का नकद पुरस्कार और एक रजत पदक प्रदान किया गया है। कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता तथा शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी, और शिक्षा राज्यमंत्री सुकांता मजूमदार भी उपस्थित थे।
1.सुनीता गोधा- असाइनमेंट और एक्टिविटीज के माध्यम से बच्चों में जगाई रुचि
सुनीता गोधा को जिला मंदसौर के शासकीय हाई स्कूल, खजूरिया सारंग में सकारात्मक वातावरण तैयार करने के लिए सम्मानित किया गया। इन्होंने उपस्थिति में नियमितता लाने के लिए असाइनमेंट और एक्टिविटीज के माध्यम से कक्षा का वातावरण मनोहर बनाया, नियमित रूप से पैरंट टीचर मीटिंग (PTM) आयोजित की, शिष्यों पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान दिया और विशेष आवश्यकता वाले व आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों का नामांकन बढ़ाने का अथक प्रयास किया है।
2.माधव प्रसाद पटेल, दमोह- ग्रामीण बच्चों में पढ़ने की आदत डालने किए कई प्रयोग
माधव प्रसाद पटेल जिला दमोह के शासकीय नवीन माध्यमिक शाला, लिधौरा में विज्ञान के शिक्षक हैं। इन्होंने अपने विद्यालय में साइंस वॉल बनाई है जहां छात्र अपनी जिज्ञासाएं प्रदर्शित कर सकते हैं। ग्रामीण समुदायों में पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए इन्होंने मोटरसाइकिल पर किताबें रखकर एक मोबाइल लाइब्रेरी शुरू की है। लर्निंग बोर्ड और खेत पाठशाला के माध्यम से इन्होंने शिक्षा को कक्षा से बाहर तक पहुंचाया है।
3.सुनीता गुप्ता – तकनीक की मदद से बच्चों के लिए गणित को सरल बना दिया
सुनीता गुप्ता जवाहर नवोदय विद्यालय, जिला डिंडोरी में गणित की शिक्षिका है। इन्होंने एनीमेटेड वीडियो और तकनीक की मदद से कम लागत वाली शिक्षण सामग्रियां तैयार कर गणित को सरल बनाया है। दीक्षा (DIKSHA) और स्वयं (SWAYAM) जैसे पोर्टल्स के लिए इन्होंने ई-कंटेंट और सॉलि़ड शेप्स को बेहतर रूप से समझने के लिए वीडियो स्क्रिप्ट्स विकसित किये है।
4.प्रो. नीलाभ तिवारी- राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में रहा विशेष योगदान
राष्ट्रीय संस्कृत संस्था, भोपाल में शिक्षा विभाग के अध्यक्ष प्रो. नीलाभ तिवारी पिछले 18 वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे है और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में उनका विशेष योगदान रहा है। उन्होंने 34 पुस्तकों का सम्पादन और 37 शोध पत्रों का लेखन किया है। इन्होंने संस्कृत अध्ययन और शिक्षा में भारतीय ज्ञान परंपरा की मनोवैज्ञानिकता और पाठ्यक्रम विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
5.प्रो. कपिल आहूजा- कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग क्षेत्र में शोध, अनुसंधान और लंबा शैक्षणिक कार्यों का अनुभव
आईआईटी इंदौर के प्रो. कपिल आहूजा के पास अमेरिका में 14 वर्षों से शैक्षणिक कार्यों का अनुभव है। कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग में शोध और अनुसंधान के साथ-साथ उन्होंने आईआईटी में पहला एमएस MS पाठ्यक्रम शुरू कर शिक्षा को नए आयाम दिये है। इन्हें आईआईटी इंदौर द्वारा 4 बार सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार भी दिया जा चुका है।
6.प्रेमलता रहंगडाले- दृष्टिबाधित छात्रों को प्रभावी मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण
भोपाल के संभागीय आईटीआई की प्रशिक्षण अधिकारी श्रीमती प्रेमलता रहंगडाले को दृष्टिबाधित छात्रों को कम्प्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिसटेन्ट ट्रेड में कौशल प्रशिक्षण दिया है। इनके प्रभावी मार्गदर्शन से कई आईटीआई छात्रों ने रेलवे, बैंक जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपना केरियर बनाया है।
7.प्रशांत दीक्षित- दृष्टिबाधित छात्रों के लिए ई-कन्टेंट विकसित किया
भोपाल के संभागीय आईटीआई के ही मैकेनिक डीजल ट्रेड के प्रशिक्षण अधिकारी प्रशांत दीक्षित ने मैकेनिक डीजल ट्रेड के लिए ई-कन्टेंट विकसित कर छात्रों की राह को सुगम बनाया है। संस्था में ऑटोमोटिव लैब विकसित करने में इन्होंने अपना अमूल्य योगदान दिया है।
ख़बर मध्यप्रदेश
MP Cabinet: मकर संक्रांति से पहले शिक्षकों को तोहफा, एमपी कैबिनेट में बड़ा फैसला

Bhopal: मध्यप्रदेश सरकार ने मकर संक्रांति से ठीक एक दिन पहले प्रदेश के शिक्षकों को बड़ी सौगात दी है। मंगलवार को हुई मोहन सरकार की कैबिनेट बैठक में प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में कार्यरत सहायक शिक्षक (LDT) और उच्च श्रेणी शिक्षक (UDT) को चौथा क्रमोन्नति वेतनमान देने का निर्णय लिया गया। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 1.22 लाख शिक्षक लाभान्वित होंगे, जिन्होंने 35 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है। लंबे समय से लंबित चौथे क्रमोन्नति वेतनमान की मांग को इस निर्णय के साथ पूरा कर दिया गया है।
सरकार के अनुसार, चौथा क्रमोन्नति वेतनमान लागू होने के बाद LDT शिक्षकों का औसत वेतन लगभग 1.15 लाख रुपये और UDT शिक्षकों का औसत वेतन 1.25 लाख रुपये से अधिक हो जाएगा।
1 जुलाई 2023 से लागू होगा नया वेतनमान
यह नया वेतनमान 1 जुलाई 2023 से प्रभावी माना जाएगा। जिन शिक्षकों की 35 साल की सेवा जुलाई 2023 से पहले पूरी हो चुकी है, उन्हें उसी तारीख से अब तक का पूरा एरियर मिलेगा। अनुमान है कि यह एरियर राशि 1.20 लाख से 1.80 लाख रुपये तक हो सकती है।
वहीं, जिन शिक्षकों की सेवा अवधि 2023 से 2026 के बीच 35 वर्ष पूरी करेगी, उन्हें सेवा पूर्ण होने की तिथि से एरियर का भुगतान किया जाएगा।
MP में लागू हुई स्पेस टेक नीति–2026
कैबिनेट बैठक में स्पेस टेक नीति–2026 को भी मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही मध्यप्रदेश, केरल और ओडिशा के बाद देश का तीसरा राज्य बन गया है जहां यह नीति लागू हुई है। इस नीति के जरिए उपग्रह निर्माण को बढ़ावा मिलेगा और कृषि, आपदा प्रबंधन व शहरी नियोजन में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ाया जाएगा। सरकार का अनुमान है कि अगले पांच वर्षों में इससे ₹1000 करोड़ का निवेश और करीब 8 हजार रोजगार सृजित होंगे।
800 मेगावाट सोलर-स्टोरेज परियोजनाओं को मंजूरी
कैबिनेट ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 800 मेगावाट क्षमता की तीन सोलर-सह-स्टोरेज परियोजनाओं को हरी झंडी दी। इनमें—
300 मेगावाट (4 घंटे स्टोरेज)
300 मेगावाट (6 घंटे स्टोरेज)
200 मेगावाट (24 घंटे सोलर-सह-स्टोरेज)
शामिल हैं।
ई-कैबिनेट की शुरुआत, टैबलेट लेकर पहुंचे मंत्री
यह बैठक मोहन सरकार की पहली ई-कैबिनेट रही। मुख्यमंत्री सहित सभी मंत्री फाइलों की जगह टैबलेट लेकर बैठक में शामिल हुए। सरकार का उद्देश्य पेपरलेस सिस्टम को बढ़ावा देना, पारदर्शिता लाना और समय की बचत करना है।
‘संकल्प से समाधान’ अभियान 31 मार्च तक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि ‘संकल्प से समाधान’ अभियान के तहत 16 विभागों की 91 योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को घर-घर जाकर जोड़ा जाएगा। यह अभियान चार चरणों में संचालित होगा और 31 मार्च तक चलेगा।
अन्य अहम निर्णय
1.200 नए सांदीपनि विद्यालयों को मंजूरी, कुल लागत ₹2660 करोड़
2. वर्ष 2026 में आयोजित व्यापार मेलों के दौरान ऑटोमोबाइल पर 50% परिवहन टैक्स में छूट
3. SAF जवान के परिजनों को ₹90 लाख की अनुग्रह राशि देने का फैसला
ख़बर मध्यप्रदेश
MP News: छतरपुर के नौगांव में मंदिर का निर्माणाधीन गेट गिरा, 1 की मौत, 3 मजदूर घायल

Chhatarpur: मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के नौगांव में धौर्रा मंदिर का निर्माणाधीन गेट गिर गया। जिसके मलबे में दबकर एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि तीन घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसा शुक्रवार शाम निर्माण कार्य के दौरान हुआ। मृतक मजदूर छतरपुर के गंज के करारा गांव का रहने वाला है। बता दें कि धौर्रा हनुमान मंदिर मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश केबॉर्डर पर स्थिति है। आसपास के इलाके के लोग दर्शन करने आते हैं।
घटना की जानकारी लगते ही छतरपुर सीएमएचओ आरके गुप्ता और सिविल सर्जन शरद चौरसिया जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों के इलाज की जानकारी ली और उनके इलाज के निर्देश दिए। कलेक्टर के आदेश पर मृतक के परिजन को तत्काल 20 हजार रुपए और घायलों के परिवार को 5000 रुपए की सहायता दी गई है।
निर्माण कार्य की जांच करेगी तकनीकी टीम
धौर्रा मंदिर के निर्माणाधीन गेट की निर्माण सामग्री की जांच के लिए एक तकनीकी टीम गठित जा रही है। नौगांव एसडीएम जीएस पटेल ने कहा- हादसा लेंटर की कमी या निर्माण सामग्री की खराब क्वालिटी के कारण हुआ, यह तकनीकी टीम की जांच के बाद स्पष्ट होगा। टीआई बाल्मिक चौबे ने बताया कि मंदिर के गेट का निर्माण चल रहा था। इसी दौरान हादसा हो गया। एक मजदूर की मौत हो गई है। 3 अस्पताल में भर्ती हैं। वहीं, नगर पालिका अध्यक्ष अनूप तिवारी बोले- नगर पालिका द्वारा कराए जा रहे कामों की समय-समय पर जांच की जाती है। हादसे की जांच के निर्देश दिए हैं। जो भी अधिकारी-कर्मचारी या ठेकेदार लापरवाही के लिए जिम्मेदार पाया जाएगा, उस पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
ख़बर मध्यप्रदेश
MP Weather: मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड, शीतलहर ने बढ़ाई गलन, कई जिलों में स्कूलों के टाइम बदले

Bhopal: मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड, घने कोहरे और शीत लहर का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। कई जिलों में शीतलहर के चलते जनजीवन प्रभावित हो रहा है। वहीं बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को देखते हुए राज्य के विभिन्न जिलों में स्कूलों की समय-सारिणी में बदलाव किया गया है। वहीं कुछ जगह अवकाश की घोषणा भी की गई है। राजधानी भोपाल में बढ़ती ठंड और कोहरे को देखते हुए नर्सरी से कक्षा आठवीं तक के सभी स्कूल अब सुबह 9:30 बजे के बाद ही संचालित होंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में भी पड़ रही कड़ाके की ठंड
शीतलहर के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए ग्वालियर जिले में कक्षा 1 से 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 5 और 6 जनवरी को अवकाश घोषित किया गया है। कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर डीईओ ने यह आदेश जारी किया है। यह आदेश एमपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई से संबद्ध सभी शासकीय एवं अशासकीय, मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा। श्योपुर जिले में भी स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। जिले में नर्सरी से कक्षा आठवीं तक की कक्षाएं सुबह 9:30 बजे से पहले नहीं लगेंगी।
ख़बर मध्यप्रदेश
MP News: विदिशा में छेड़छाड़ का विरोध करने पर युवक की हत्या, चाकुओं से गोदकर ली जान

Vidisha: मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। इंद्रप्रस्थ कॉलोनी में शनिवार, 3 जनवरी रात एक युवती के साथ छेड़छाड़ का विरोध करने पर 22 साल के शुभम चौबे की चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। पूरी घटना CCTV में कैद हो गई, जिसमें कुछ लोग युवक के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। वारदात के बाद इलाके में दहशत है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र की इंद्रप्रस्थ कॉलोनी का है।
पुलिस ने जानकारी दी है कि शुभम चौबे करैया खेड़ा रोड का रहने वाला था। उसने आरोपी चुन्नी और उसके साथियों को युवती से छेड़छाड़ करने से रोका था। शनिवार रात चुन्नी अपने साथियों संग बाइक से इंद्रप्रस्थ कॉलोनी पहुंचा। उसने शुभम को बाहर बुलाया और फिर इस घटना को अंजाम दिया। पहले बहस, फिर मारपीट और उसके बाद उन लोगों ने शुभम पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए।
आरोपियों के हमले में युवक शुभम लहूलुहान हो गया और सड़क पर तड़पता रहा। वारदात के बाद आरोपी उसे इसी हालत में छोड़ मौके से फरार हो गए। इसके बाद स्थानीय लोग उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने शुभम को मृत घोषित कर दिया। घटना के सामने आए CCTV फुटेज में देखने मिल रहा है कि किस तरह बाइक पर सवार होकर कई लोग आए और उन्होंने शुभम संग मारपीट शुरू कर दी।
पुलिस फिलहाल घटना की जांच में जुटी है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। विदिशा के ASP डॉ. प्रशांत ने कहा है कि हत्या चाकू से की गई है। सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। घटनास्थल की बारीकी से जांच की जा रही है। सीसीटीवी के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है।
ख़बर मध्यप्रदेश
MP News: पाइपलाइन में लीकेज से दूषित हुआ पानी बना 14 मौतों की वजह, रिपोर्ट में हुई पुष्टि

Indore: इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से होने वाली मौतों का सिलसिला नहीं रुक रहा है। गुरुवार को बस्ती के दो परिवारों ने दावा किया कि उनके परिजनों की मौत भी उल्टी-दस्त के कारण हुई। लैब से आई सरकारी जांच रिपोर्ट में भी दूषित पानी से मौतों और बीमारियों पर सरकारी रिपोर्ट की मुहर भी लग गई है। हालांकि प्रशासन डायरिया से चार मौतें ही मान रहा है। जबकि 25 दिसंबर से 31 दिसंबर तक 12 मौतें हो चुकी हैं।
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने दूषित पानी से मौतों की मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग के अनुसार, अगर मीडिया रिपोर्ट में कही गई बातें सही हैं तो इससे यह पीड़ितों के मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मुद्दा उठता है। शिकायतों के बावजूद कथित रूप से अधिकारियों ने दूषित पानी की आपूर्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। बता दें कि देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से अब तक 14 लोगों की मौत की जानकारी मिली है। वहीं, करीब 1400 लोग इन्फेक्शन के शिकार हुए हैं।
CMHO डॉ. माधव हसानी ने कहा- महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज की लैब में जांचे गए पानी के नमूनों की रिपोर्ट आज स्वास्थ्य विभाग को मिल गई है। इसमें साफ तौर पर पुष्टि हुई है कि दूषित पानी पीने से ही लोग बीमार पड़े और उनकी जान गई। हसानी ने कहा- पाइपलाइन में लीकेज के कारण पानी दूषित हुआ है। यह किस जगह और किस लेवल का है, इसके बारे में संबंधित अधिकारी ही बता पाएंगे।














