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MP News: प्रधानमंत्री ने एमपी को दी हजारों करोड़ के विकास कार्यों की सौगात, बोले-गरीब को मुसीबत से बचाना ही मोदी की गारंटी

PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वर्चुअली 17,500 करोड़ रुपए की लागत वाली परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इसमें दो हजार करोड़ रुपए की रेल परियोजनाएं शामिल हैं। इसके साथ ही उज्जैन में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का लोकार्पण भी किया। इस वैदिक घड़ी के जरिए मुहूर्त भी देखे जा सकेंगे।
सभी जिलों में लागू हुई साइबर तहसील व्यवस्था
विकसित भारत, विकसित मध्यप्रदेश कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश के सभी 55 जिलों में साइबर तहसील व्यवस्था की शुरुआत की। साइबर तहसील परियोजना अभी 12 जिलों सीहोर, दतिया, इंदौर, सागर, डिंडौरी, हरदा, ग्वालियर, आगर-मालवा, श्योपुर, बैतूल, विदिशा एवं उमरिया में चल रही है। 4 साफ्टवेयर इंटीग्रेड कर साइबर तहसील व्यवस्था बनाई गई है।
15 दिन में होगा एग्रीकल्चर लैंड का नामांतरण
साइबर तहसील में पंजीयन से नामांतरण तक की प्रकिया लागू है। साइबर तहसील को 4 अलग-अलग प्लेटफार्म जैसे संपदा पोर्टल, भूलेख पोर्टल, स्मार्ट एप्लीकेशन फार रेवेन्यू एप्लीकेशन (SARA) पोर्टल और रेवेन्यू केस मैनेजमेंट सिस्टम (RCMS) पोर्टल से जोड़ दिया गया है। साइबर तहसील की शुरुआत से एग्रीकल्चर लैंड की रजिस्ट्री के 15 दिन में नामांतरण होगा।
‘भंडारण से जुड़ी दुनिया की सबसे बड़ी योजना लाएंगे’
पीएम मोदी ने कहा कि छोटे किसानों को गोदाम की कमी से औने-पौने दाम पर अपनी उपज मजबूरी में बेचनी पड़ती थी। हम भंडारण से जुड़ी दुनिया की सबसे बड़ी योजना पर काम कर रहे हैं। आने वाले वर्षों में देश में हजारों की संख्या में बड़े गोदाम बनाए जाएंगे। 700 लाख मीट्रिक टन अनाज के भंडारण की व्यवस्था देश में बनेगी। इस पर सरकार सवा लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च करने जा रही है। हमारी सरकार गांव को आत्मनिर्भर बनाने पर बल दे रही है। इसके लिए सहकारिता का विस्तार किया जा रहा है।
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दोगुना से अधिक हुआ सूक्ष्म सिंचाई का रकबा
पीएम मोदी ने कहा कि मां नर्मदा पर बन रही तीन जल परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ है। इनसे सिंचाई और पेयजल की समस्याओ का निराकरण होगा। मध्य प्रदेश में केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखंड के लाखों परिवारों का जीवन बदलने वाला है। किसानों के खेत तक पानी पहुंचता है तो इससे बड़ी सेवा क्या हो सकती है? प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले के दस वर्षों में देश में लगभग 40 लाख हैक्टेयर भूमि को सूक्ष्म सिंचाई के दायरे में लाया गया था। बीते दस वर्ष के हमारे सेवाकाल में हमने दोगुना लगभग 90 लाख हैक्टेयर खेती को सूक्ष्म सिंचाई से जोड़ा गया है।
‘जिन्हें कोई नहीं पूछता है, उन्हें मोदी पूछता है’
प्रधानमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया का मजबूत स्तंभ बनेगा। मुरैना के सीतापुर में मेगा लेजर एंड फुटवेयर क्लस्टर, इंदौर में रेडीमेड गारमेंट इंडस्ट्री के लिए पार्क, मंदसौर में इंडस्ट्रियल पार्क का विस्तार, धार में इंडस्ट्रियल पार्क का निर्माण इसी दिशा में उठाए जा रहे कदम है। पीएम मोदी ने कहा कि खिलौना बनाने की हमारी बड़ी परंपरा रही है। स्थिति यह थी कि कुछ साल पहले तक हमारे बाजार और घर विदेशी खिलौनों से भरे पड़े थे। हमने देश के खिलौने बनाने वाले पारंपरिक परिवारों को विश्वकर्मा परिवार के तौर पर मान्यता दी। विदेशों से खिलौनों का आयात कम हो गया है। जितने खिलौने हम आयात कर रहे थे, उससे दोगुना हम निर्यात कर रहे हैं। बुधनी के खिलौना बनाने वालों के लिए अनेक अवसर मिलने वाले हैं। इससे खिलौना निर्माण को बल मिलेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि, जिन्हें कोई नहीं पूछता है, उन्हें मोदी पूछता है।
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मध्यप्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 11 जिलों के कलेक्टर बदले; सुखवीर सिंह CM के प्रमुख सचिव बने

भोपाल: मध्यप्रदेश में मंगलवार रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया। राज्य सरकार ने आईएएस अधिकारियों की तबादला सूची जारी कर कई जिलों के कलेक्टरों सहित मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। सुखवीर सिंह को मुख्यमंत्री का प्रमुख सचिव बनाया गया है। वे लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे। भरत यादव को जनसंपर्क विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
तबादलों में हरदा और नर्मदापुरम के कलेक्टरों को भी बदला गया है। पन्ना कलेक्टर ऊषा परमार को हटाकर उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग में अपर सचिव बनाया गया है। वहीं, बालाघाट, सिंगरौली, जबलपुर, रायसेन, शाजापुर, भिंड, बुरहानपुर और मऊगंज में भी प्रशासनिक बदलाव किए गए हैं।
2017 बैच के अधिकारियों को मिली कलेक्टरी
तबादला सूची में 2017 बैच के आईएएस अधिकारियों को कलेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है। कुमार सत्यम को बालाघाट से हरदा का कलेक्टर बनाया गया है। आदित्य सिंह को बालाघाट का नया कलेक्टर बनाया गया है। वे पहले हरदा और अशोकनगर के कलेक्टर रह चुके हैं।
नर्मदापुरम और सिंगरौली में नई पदस्थापना
नर्मदापुरम कलेक्टर सोमेश मिश्रा को संचालक, एड्स नियंत्रण सोसाइटी और संचालक, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास बनाया गया है। उनकी जगह आशीष वशिष्ठ को नर्मदापुरम का कलेक्टर नियुक्त किया गया है। सिंगरौली कलेक्टर गौरव बैनल को सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव और कर्मचारी चयन मंडल का संचालक बनाया गया है। उनकी जगह मंत्रालय में उप सचिव रहे अंकित अस्थाना को सिंगरौली का कलेक्टर बनाया गया है।
जबलपुर, रायसेन और शाजापुर के कलेक्टर बदले
जबलपुर कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह को कृषि विपणन बोर्ड का प्रबंध संचालक-सह-आयुक्त मंडी बनाया गया है। रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा को जबलपुर भेजा गया है। रायसेन में रोहित सिसोनिया नए कलेक्टर होंगे। शाजापुर कलेक्टर ऋजु बाफना को उज्जैन संभाग में अपर आयुक्त राजस्व बनाया गया है। उनकी जगह इंदौर विकास प्राधिकरण के सीईओ परीक्षित संजयराव झाड़े को शाजापुर का कलेक्टर बनाया गया है।
भिंड, पन्ना, बुरहानपुर और मऊगंज में भी बदलाव
भिंड कलेक्टर किरोड़ी लाल मीना को वित्त विभाग में उप सचिव बनाया गया है। उनकी जगह पवन कुमार जैन को भिंड का कलेक्टर नियुक्त किया गया है। पन्ना कलेक्टर ऊषा परमार को उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग में अपर सचिव बनाया गया है। उनकी जगह बुरहानपुर कलेक्टर हर्ष सिंह को पन्ना भेजा गया है। बुरहानपुर में विवेक कुमार नए कलेक्टर होंगे।
मऊगंज कलेक्टर संजय कुमार जैन को किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग में उप सचिव बनाया गया है। उनकी जगह राजेश कुमार ओगरे को मऊगंज का कलेक्टर नियुक्त किया गया है।
हरदा कलेक्टर सिद्धार्थ जैन को वाणिज्यिक कर विभाग में उप सचिव बनाया गया है। उनकी जगह कुमार सत्यम को हरदा की जिम्मेदारी दी गई है।
रश्मि अरुण शमी को चिकित्सा शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रश्मि अरुण शमी को लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया है। उन्हें भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग की जिम्मेदारी भी दी गई है।
केसी गुप्ता को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। जॉन किंग्सली ए.आर. को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग का सचिव बनाया गया है। शोभित जैन को कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
संकेत एस. भोंडवे को आवासीय आयुक्त, मध्यप्रदेश भवन, नई दिल्ली का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। स्वतंत्र कुमार सिंह को औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग का सचिव बनाया गया है। कुमार पुरुषोत्तम को उद्योग विभाग का सचिव और एमएसएमई विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
संदीप केरकेट्टा बने इंदौर विकास प्राधिकरण के सीईओ
संदीप केरकेट्टा को इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) का सीईओ बनाया गया है। अंशुमन राज को मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम का प्रबंध संचालक और समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन का मिशन संचालक नियुक्त किया गया है।
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MP News: लाड़ली बहनों को 14 अक्टूबर को मिलेगी 41वीं किस्त, खाते में आएंगे ₹1,500

भोपाल: मध्यप्रदेश की लाड़ली बहना योजना की हितग्राही महिलाओं के लिए 14 अक्टूबर का दिन अहम होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नवरात्रि के दौरान उमरिया जिले के गुरुवाही गांव में आयोजित कार्यक्रम से योजना की 41वीं किस्त जारी करेंगे। सिंगल क्लिक के जरिए करीब 1.25 करोड़ पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 1,500-1,500 रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री क्षेत्र के विकास कार्यों की भी सौगात देंगे। वे करीब 144.16 करोड़ रुपये की लागत वाले 136 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन करेंगे।
जून 2023 में शुरू हुई थी योजना
लाड़ली बहना योजना की शुरुआत जून 2023 में हुई थी। इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उनकी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता देना है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये दिए जा रहे हैं।
वहीं, सामाजिक सुरक्षा पेंशन पाने वाली पात्र महिलाओं को योजना के नियमों के अनुसार हर महीने 900 रुपये की सहायता मिलती है। राशि सीधे आधार से जुड़े और डीबीटी सक्रिय बैंक खातों में भेजी जाती है।
सितंबर 2026 तक योजना की 40 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। अब 14 अक्टूबर को 41वीं किस्त जारी की जाएगी। इसके अलावा अगस्त 2023, 2024, 2025 और 2026 में महिलाओं को चार बार 250-250 रुपये की अतिरिक्त सहायता भी दी गई थी।
योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट
वित्तीय वर्ष 2026-27 में लाड़ली बहना योजना के लिए 23,882.81 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता दी जाती है।
144.16 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन
उमरिया जिले के गुरुवाही गांव में होने वाले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री 136 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन करेंगे। इनकी कुल लागत करीब 144.16 करोड़ रुपये है। इनमें 68 कार्यों का लोकार्पण और 68 कार्यों का भूमि-पूजन शामिल है। बांधवगढ़ और मानपुर विधानसभा क्षेत्रों के विकास कार्य भी इस सूची में शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान पूरे हो चुके कार्यों का लोकार्पण और नए निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन किया जाएगा।
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MP News: प्रदेश के पूर्व मंत्री डॉ. ढाल सिंह बिसेन बने उत्तराखंड के राज्यपाल, 4 बार विधायक और बालाघाट से सांसद रह चुके

भोपाल: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किया। सिवनी जिले के पिपरिया गांव में जन्मे बिसेन चार बार विधायक रह चुके हैं। वे मध्यप्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
2019 में बालाघाट से बने थे सांसद
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 2019 के लोकसभा चुनाव में डॉ. बिसेन को बालाघाट सीट से उम्मीदवार बनाया था। चुनाव जीतने के बाद वे 17वीं लोकसभा के सदस्य बने और 2024 तक सांसद रहे।
विधायक से राज्यपाल तक का सफर
डॉ. बिसेन का राजनीतिक सफर मध्यप्रदेश की राजनीति से शुरू हुआ। विधायक और मंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभाने के बाद उन्होंने लोकसभा में बालाघाट सीट से प्रतिनिधित्व किया। अब उन्हें उत्तराखंड के राज्यपाल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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MP में हेलीकॉप्टर से पकड़े 97 कृष्णमृग, शुजालपुर में बोमा तकनीक से रेस्क्यू अभियान

शुजालपुर: मध्यप्रदेश के शुजालपुर में फसलों को नुकसान पहुंचा रहे कृष्णमृगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए विशेष रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया है। शनिवार को हेलीकॉप्टर की मदद से हांका लगाकर बोमा तकनीक के जरिए 97 कृष्णमृगों को पकड़ा गया। 9 से 31 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान में दक्षिण अफ्रीका के 14 विशेषज्ञों समेत करीब 200 कर्मचारी जुटे हैं।
हेलीकॉप्टर से हांका लगाकर पकड़े 97 कृष्णमृग
शुजालपुर के ग्राम हन्नूखेड़ी में वन विभाग ने शनिवार को अभियान शुरू किया। हेलीकॉप्टर की मदद से कृष्णमृगों को निर्धारित दिशा में ले जाकर बोमा पद्धति से तैयार सुरक्षित घेरे में पहुंचाया गया। पहले चरण में 97 कृष्णमृग पकड़े गए।
दोपहर में तापमान 29 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचने के बाद विशेषज्ञों की सलाह पर अभियान रोक दिया गया। रेस्क्यू का अगला चरण रविवार सुबह शुरू करने की योजना बनाई गई।
दक्षिण अफ्रीका के 14 विशेषज्ञ संभाल रहे जिम्मेदारी
अभियान में दक्षिण अफ्रीका की ‘कंजर्वेशन सॉल्यूशन’ टीम के 14 विशेषज्ञ शामिल हैं। इनके साथ वन विभाग, राजस्व और पुलिस प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी भी तैनात हैं। भोपाल और अन्य जिलों से पहुंचे करीब 200 कर्मचारी अभियान में सहयोग कर रहे हैं। हेलीकॉप्टर से हांका लगाकर बोमा तकनीक के जरिए कृष्णमृगों को पकड़ने की यह पहल लगातार दूसरे साल शुजालपुर से शुरू हुई है। पिछले साल भी इसी इलाके में इस पद्धति का इस्तेमाल किया गया था।
क्या है बोमा तकनीक?
बोमा तकनीक में वन्यजीवों को धीरे-धीरे एक खास तरीके से बनाए गए सुरक्षित घेरे की ओर ले जाया जाता है। घेरे की बनावट ऐसी होती है कि जानवरों को नियंत्रित तरीके से भीतर लाकर सुरक्षित पकड़ा जा सके। इस अभियान में हेलीकॉप्टर की मदद से कृष्णमृगों को निर्धारित दिशा में बढ़ाया जाता है। पूरी प्रक्रिया विशेषज्ञों की निगरानी में होती है, ताकि वन्यजीवों को चोट और अनावश्यक तनाव से बचाया जा सके।
प्रमुख सचिव समेत अधिकारियों ने परखी तैयारियां
अभियान शुरू होने से एक दिन पहले, 9 अक्टूबर को प्रमुख सचिव वन राघवेंद्र कुमार सिंह, वन बल प्रमुख शुभांजन सेन, मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक डॉ. समिता राजौरा, कलेक्टर ऋजु बाफना और नोडल अधिकारी डॉ. किरण बिसेन ने हन्नूखेड़ी पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण किया। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि अभियान के दौरान संबंधित खेतों में सिंचाई और कृषि कार्य रोककर रखें। बच्चों को बोमा स्थल से दूर रखें और पालतू मवेशियों को बाड़े में बांधकर रखें। हेलीकॉप्टर की आवाज सुनकर मौके पर भीड़ नहीं लगाने की भी हिदायत दी गई है।
फसलों को नुकसान से राहत दिलाने की कोशिश
कृष्णमृग और नीलगाय खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसी समस्या से राहत दिलाने के लिए वन विभाग पहले भी जिले में अभियान चलाकर कृष्णमृगों और नीलगायों को दूसरे स्थानों पर पहुंचा चुका है। इस बार भी अभियान में स्थानीय ग्रामीणों की मदद ली जाएगी। क्षेत्र में वन्यजीवों की मौजूदगी की जानकारी होने के कारण ग्रामीण रेस्क्यू टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। उनके सहयोग से अभियान स्थल पर अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी।
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मध्यप्रदेश में पटवारियों की हड़ताल खत्म, 12 अक्टूबर से स्वामित्व योजना का काम शुरू

भोपाल: मध्यप्रदेश में स्वामित्व योजना को लेकर सरकार और पटवारियों के बीच चल रहा गतिरोध खत्म हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शुक्रवार शाम मुलाकात के बाद पटवारी संघ ने 12 अक्टूबर से योजना का काम दोबारा शुरू करने का ऐलान किया है। बैठक में पटवारियों को कानूनी संरक्षण देने और 17 सितंबर के बाद की गई कार्रवाइयों को शून्य करने पर सहमति बनने की बात कही गई।
कानूनी संरक्षण के मुद्दे पर बनी सहमति
पटवारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष उपेंद्र सिंह बघेल के मुताबिक, स्वामित्व योजना के तहत होने वाली रजिस्ट्रियों से जुड़े मामलों में पटवारियों को न्यायिक संरक्षण देने के आदेश जारी किए जाएंगे। पटवारी संघ लंबे समय से इस योजना के तहत रजिस्ट्री से जुड़े विवादों में संभावित कानूनी कार्रवाई से सुरक्षा की मांग कर रहा था। भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर ने बताया कि बैठक में इस संबंध में आ रही अड़चनों का समाधान कर दिया गया है। साथ ही, 17 सितंबर के बाद की गई कार्रवाइयों को शून्य करने पर भी सहमति बनी है।
वेतन विसंगति पर आयोग के गठन के बाद विचार
बैठक में पटवारियों की आर्थिक मांगों पर भी चर्चा हुई। सरकार ने वेतन विसंगति सहित अन्य मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया है। गुर्जर के मुताबिक, वेतन विसंगति के मामले में आयोग के गठन के बाद विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने 27 अक्टूबर को होने वाले पटवारी महासम्मेलन में आर्थिक मांगों को लेकर घोषणा करने का आश्वासन दिया है।
50 लाख भूमि पंजीयन का लक्ष्य
मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बैठक की जानकारी साझा की। इसके मुताबिक, पटवारी संघ के पदाधिकारियों ने स्वामित्व योजना का काम पूरी निष्ठा से करने की बात कही है। सरकार इस योजना को प्राथमिकता दे रही है। इसके तहत करीब 50 लाख भूमि पंजीयन का लक्ष्य बताया गया है। बैठक में राज्य कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र शर्मा, भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर, पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र सिंह बघेल और प्रांतीय पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अश्विन सैनी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
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