Connect with us

ख़बर मध्यप्रदेश

MP News: मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहनों को ट्रांसफर किए 1574 करोड़ रुपए, बोले- सरकार का प्रयास, बहनें दो से पांच हजार रुपए तक की आय अर्जित करें

Published

on

MP News: Chief Minister transferred Rs 1574 crore to the beloved sisters, said - it is the government's effort that the sisters should earn an income of two to five thousand rupees

Bina: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज सागर जिले के बीना में लाड़ली बहना योजना की हितग्राही बहनों के खाते में 1574 करोड़ रुपए की राशि ट्रांसफर की। इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि लाड़ली बहना योजना कभी बंद नहीं होगी। सरकार का यह प्रयास है कि आने वाले समय में बहनें प्रतिमाह दो हजार रुपए से लेकर पांच हजार रुपए तक की आय अर्जित करें। बहनों को स्व-रोजगार और लघु व्यवसाय के लिए आवश्यक सहयोग दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के हितग्राहियों को 332. 43 करोड़ रुपए की राशि के अंतरण एवं 215 करोड़ रुपए से अधिक की राशि के 22 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया। कार्यक्रम में मंत्रीगण, सांसद, विधायक और जन-प्रतिनिधियों के साथ आम नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

परिसीमन आयोग की अनुशंसा पर होगा बीना जिले का फैसला- मुख्यमंत्री 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बुंदेलखण्ड, पंजाब और हरियाणा को विकास में पीछे छोड़ेगा। बुंदेलखण्ड में आईटी पार्क बनाया जाएगा। विकास का कारवां अब बुंदेलखण्ड और मध्यप्रदेश की धरती से होकर गुजरेगा। मध्यप्रदेश में नए जिलों और संभागों के गठन के लिए म.प्र. प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग सुझाव प्राप्त कर प्रतिवेदन देगा। आमजन की सुविधा के लिए बीना सहित अन्य नए जिले और संभाग बनाने की दिशा में कार्यवाही परिसीमन आयोग की अनुशंसा अनुसार की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीना में आम जनता की सुविधा के लिए एडीएम और एडीशनल एसपी अपने कार्यालयों में रहेंगे।

‘इस क्षेत्र के नागरिक जमीन न बेचें, यहां नक्शा बदल जाएगा’

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन-बेतवा परियोजना के साथ ही बीना परियोजना इस क्षेत्र का नक्शा बदल देगी। समृद्धि का लाभ नागरिकों को मिलेगा। बीना सिंचाई परियोजना से वंचित शेष गांव को जोड़ा जायेगा। क्षेत्र में अनेक नई सड़कें भी बनाई जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में समय बदला है। हमारा मध्यप्रदेश पीछे नहीं रहेगा। हमारा प्रदेश देश का नम्बर वन राज्य बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक संभाग में उद्योगों का विकास किया जा रहा है। युवाओं की क्षमता का उपयोग प्रदेश के हित में होगा। सागर में भी इसी माह रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव हो रही है। सागर, इंदौर और भोपाल से विकास में पीछे नहीं रहेगा।

Advertisement

नए रेलवे नेटवर्क और नए उद्योगों से विकास दरवाजे खुलेंगे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाल ही में इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन मंजूर की गई है, इससे मध्यप्रदेश के निमाड़ और मालवा अंचल ही नहीं बल्कि चंबल क्षेत्र और अन्य इलाकों से बंदरगाहों तक सीधे माल पहुंचाने का नेटवर्क बनेगा। नई रेल लाइन और औद्योगिक विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों से मध्यप्रदेश में विकास के नए दरवाजे खुलेंगे। प्रत्येक संभाग में उद्योगों का विकास किया जा रहा है। युवाओं की क्षमता का उपयोग प्रदेश के हित में होगा। सागर में भी इसी माह रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव हो रही है। सागर, इंदौर और भोपाल से विकास में पीछे नहीं रहेगा।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा की गई महत्वपूर्ण घोषणाएं

1.बुंदेलखंड क्षेत्र में आईटी पार्क बनाने की घोषणा।

2.बीना में 30 करोड़ की लागत से 100 बिस्तरीय अस्पताल का निर्माण।

Advertisement

3. बीना नदी परियोजना अंतर्गत शेष वंचित गाँव को जोड़ा जाएगा

4.बीना में गौशाला निर्माण, पॉलीटेक्निक कॉलेज एवं आईटीआई खोलेंगे।

5.नगरपालिका क्षेत्र बीना का विस्तार, बीना नगरपालिका भवन निर्माण के लिये 5 करोड़ रूपये।

6.खिमलासा को पूर्ण तहसील बनाने, मंडी बामौरा और भानगढ़ में उप तहसील एवं आवासीय भवन निर्माण।

7.बीना जनपद पंचायत और आवासीय भवन निर्माण की स्वीकृति, बीना नगरपालिका के विकास कार्य के लिये 5 करोड़ रूपये।

Advertisement

8.बीना में 3 करोड़ रूपये की लागत से इंडोर-आउटडोर स्टेडियम बनाने की घोषणा।

9. नौ समूह नलजल योजनाओं के लिये 2200 करोड़ राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। इन नलजल परियोजनाओं से 1728 गांव के 2 लाख 76 हजार परिवारों को शुद्ध पेयजल प्राप्त होगा।

10. मंडी बामौरा-विदिशा मार्ग पर आरओबी का निर्माण।

11.ग्राम पंचायत मंडी बामौरा को नगर पंचायत बनाने।

12.गढ़ा-पड़रिया से बीना-कुरवाई पहुंच मार्ग पर रपटे के स्थान पर नया पुल बनाने की घोषणा।

Advertisement

13. मंडी बामौरा में नई कृषि उपज मंडी भवन एवं आवासीय भवन के लिये 50 लाख रूपये।

14. बीना से बमौरी सड़क मार्ग निर्माण, भानगढ़ से गिरोल सड़क निर्माण।

ख़बर मध्यप्रदेश

MP News: भोजशाला पर हाईकोर्ट के फैसले के बाद पहली पूजा, श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, हनुमान चालीसा का पाठ

Published

on

Bhojshala News, Dhar Bhojshala, Vagdevi Temple, MP High Court, Vishnu Shankar Jain, ASI Order, Bhojshala Puja, Kamal Maula Complex, Madhya Pradesh News, Bhojshala Verdict

Indore/Dhar: भोजशाला को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच के फैसले के बाद शनिवार सुबह श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्ण माहौल में पूजा-अर्चना की। हाईकोर्ट ने धार स्थित विवादित भोजशाला-कमाल मौला परिसर को राजा भोज कालीन वाग्देवी यानी देवी सरस्वती का मंदिर माना है और हिंदू पक्ष को पूजा का अधिकार दिया है। आज शनिवार को श्रद्धालु और विभिन्न समितियों के पदाधिकारी भोजशाला पहुंचे, जहां उन्होंने मां वाग्देवी के स्थान पर पूजा की और हनुमान चालीसा का पाठ किया। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे परिसर और शहर में पुलिस बल तैनात रहा।

हाईकोर्ट ने ASI का 2003 आदेश आंशिक रूप से रद्द किया

हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने बताया कि हाईकोर्ट ने 7 अप्रैल 2003 के ASI के उस आदेश को आंशिक रूप से निरस्त कर दिया है, जिसमें मुस्लिम समुदाय को शुक्रवार को निर्धारित समय के लिए नमाज की अनुमति दी गई थी।ASI के वकील ने बताया कि भोजशाला को 1904 से संरक्षित स्मारक का दर्जा प्राप्त है और इसका प्रशासन, निगरानी तथा नियमन पूरी तरह ASI के पास ही रहेगा। कोर्ट ने ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर माना कि इसका निर्माण भोज-परमार वंश के समय हुआ था।

श्रद्धालुओं ने कहा- मंदिर था, है और रहेगा

शनिवार सुबह भोज उत्सव समिति और भोजशाला मुक्ति यज्ञ से जुड़े पदाधिकारी भी परिसर पहुंचे। इनमें विश्वास पांडे, गोपाल शर्मा, श्रीश दुबे, केशव शर्मा और अशोक जैन शामिल रहे। सभी ने यज्ञ कुंड और वाग्देवी स्थल पर पुष्प अर्पित कर पूजा की। भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक Gopal Sharma ने कहा कि भोजशाला का “कण-कण” यह दर्शाता है कि यह मंदिर है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम पक्ष को सुप्रीम कोर्ट जाने की स्वतंत्रता है, लेकिन भोजशाला मंदिर था, है और रहेगा।

Advertisement

सुप्रीम कोर्ट में दायर हुईं कैविएट याचिकाएं

मुस्लिम पक्ष द्वारा सुप्रीम कोर्ट जाने की संभावना के बीच हिंदू पक्ष ने सर्वोच्च न्यायालय में दो कैविएट याचिकाएं दायर की हैं। वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि हाईकोर्ट ने लंदन के संग्रहालय में रखी वाग्देवी की मूल प्रतिमा को वापस लाने की मांग पर भी विचार किया है।

Continue Reading

ख़बर मध्यप्रदेश

MP News: भोजशाला पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, धार की भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना, ASI को सौंपा प्रबंधन

Published

on

Bhojshala Verdict, MP High Court, Dhar Bhojshala, Vagdevi Temple, ASI Survey, Kamal Maula Masjid, Bhojshala News, Salman Khurshid, Madhya Pradesh News, High Court Decision

इंदौर/धार: भोजशाला को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। शुक्रवार को दिए गए निर्णय में हाईकोर्ट ने भोजशाला को वाग्देवी यानी देवी सरस्वती का मंदिर माना है। कोर्ट ने कहा कि उसने पुरातात्विक और ऐतिहासिक तथ्यों, ASI की सर्वे रिपोर्ट और अयोध्या मामले के फैसले को आधार बनाकर यह निर्णय दिया है।

न्यूज वेबसाइट Bar and Bench के मुताबिक अदालत ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक और संरक्षित स्थल है, जिसे देवी सरस्वती का मंदिर माना जाएगा। कोर्ट ने केंद्र सरकार और एएसआई को निर्देश दिए कि वे मंदिर के प्रबंधन को लेकर निर्णय लें। साथ ही कहा कि 1958 के ASI एक्ट के तहत इस संपत्ति का प्रबंधन एएसआई के पास ही रहेगा।

हिंदुओं की पूजा और मुस्लिमों की नमाज से जुड़े आदेश रद्द

हाईकोर्ट ने ASI के 2003 के उस आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसमें हिंदुओं को पूजा का अधिकार नहीं दिया गया था। साथ ही उस आदेश को भी निरस्त कर दिया, जिसमें मुस्लिम पक्ष को नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई थी।

कोर्ट ने कहा कि भोजशाला में सरस्वती मंदिर और संस्कृत शिक्षा केंद्र होने के साक्ष्य मिले हैं। अदालत ने यह भी कहा कि ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व वाले स्मारकों, मंदिरों और गर्भगृह से जुड़ी धार्मिक आस्था का संरक्षण करना सरकार की जिम्मेदारी है।

Advertisement

मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट जाएगा

भोजशाला को कमाल मौला मस्जिद बताने वाले मुस्लिम पक्ष ने हाईकोर्ट के फैसले पर असहमति जताई है। धार शहर काजी वकार सादिक ने कहा कि वे फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन इसकी समीक्षा के बाद सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद और शोभा मेनन ने अदालत में मुस्लिम पक्ष की ओर से तथ्य रखे थे।फिलहाल भोजशाला के मुख्य द्वार पर बैरिकेडिंग कर दी गई है और सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

Continue Reading

ख़बर मध्यप्रदेश

MP News: TET पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, बोला- पास करना ही होगा, जो छूट मिलनी थी, मिल चुकी

Published

on

MP TET, सुप्रीम कोर्ट TET फैसला, मध्य प्रदेश शिक्षक भर्ती, TET परीक्षा, NCTE नियम, शिक्षक पात्रता परीक्षा, MP Teachers News, Supreme Court Teachers Case, School Education MP, TET Mandatory

MP TET:सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर अहम टिप्पणी करते हुए साफ कहा है कि अब किसी भी शिक्षक की नियुक्ति बिना TET पास किए नहीं की जा सकती। बुधवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने कहा कि पात्रता परीक्षा में जो छूट दी जानी थी, वह पहले ही दी जा चुकी है। यह मामला वर्ष 1998 से 2009 के बीच नियुक्त उन शिक्षकों से जुड़ा है, जिन्हें बिना TET परीक्षा के नौकरी मिली थी। राज्य सरकार और शिक्षक संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर कर ऐसे शिक्षकों को परीक्षा से छूट देने की मांग की थी।

सुप्रीम कोर्ट बोला- 5 साल की राहत पहले ही मिल चुकी

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि वर्ष 2017 में नियम लागू होने के बाद शिक्षकों को पहले ही 5 साल की छूट दी जा चुकी है। अब National Council for Teacher Education यानी NCTE द्वारा तय नियमों का पालन सभी राज्यों और शिक्षकों को करना होगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भविष्य में होने वाली किसी भी शिक्षक भर्ती में TET पास करना अनिवार्य रहेगा।

डेढ़ लाख शिक्षकों पर असर संभव

मध्य प्रदेश में ऐसे शिक्षकों की संख्या करीब 1.5 लाख बताई जा रही है, जिनकी नियुक्ति 1998 से 2009 के बीच बिना TET के हुई थी। ये नियुक्तियां राज्य सरकार की मेरिट प्रक्रिया के तहत की गई थीं। सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 के आदेश के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने इन शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य करने के निर्देश जारी किए थे।

Advertisement

फेल हुए तो नौकरी जा सकती है

सुप्रीम कोर्ट ने अपने पुराने आदेश में कहा था कि यदि कोई शिक्षक पात्रता परीक्षा पास नहीं करता है तो उसकी सेवा समाप्त की जा सकती है। इसके बाद प्रदेशभर में शिक्षक संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए थे। शिक्षकों ने मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट से फैसले पर पुनर्विचार की मांग की थी। इसी के बाद मध्य प्रदेश सरकार समेत कई शिक्षक संगठनों ने पुनर्विचार याचिका दायर की।

अभी अंतिम फैसला बाकी

बुधवार को 70 से अधिक याचिकाओं पर सुनवाई हुई। कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं और रिटायर्ड जजों की ओर से दलीलें पेश की गईं, लेकिन फिलहाल शिक्षकों को राहत मिलने की संभावना कम दिखाई दे रही है। मामले में अंतिम फैसला अभी आना बाकी है।

Advertisement
Continue Reading

ख़बर मध्यप्रदेश

MP Cabinet: प्रदेश में तबादलों पर बैन हटाने का फैसला अगले सोमवार, कैबिनेट में आएगी नई ट्रांसफर पॉलिसी

Published

on

MP transfer policy, Mohan Yadav cabinet, Madhya Pradesh transfers, Vijay Shah, MP cabinet decisions, Chaitanya Kashyap, MP government news, transfer ban MP, MP cabinet meeting, khabritaau.com

Bhopal: मध्यप्रदेश में कर्मचारियों के तबादलों पर लगे बैन को हटाने को लेकर बड़ा फैसला अगले सोमवार को हो सकता है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सामान्य प्रशासन विभाग को अगली कैबिनेट बैठक में तबादला नीति का प्रस्ताव लाने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को हुई मोहन कैबिनेट की बैठक में अनौपचारिक चर्चा के दौरान ट्रांसफर पॉलिसी को लेकर मंत्रियों ने कई सुझाव दिए।

जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने कहा कि नई तबादला नीति में स्वैच्छिक आधार पर होने वाले तबादलों की कोई सीमा तय नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी या अधिकारी स्वयं तबादला चाहते हैं, उन्हें आसानी से अनुमति मिलनी चाहिए। कई मंत्रियों ने इस सुझाव का समर्थन भी किया। इस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इस विषय पर विचार किया जाएगा।

मंत्रियों ने पहले भी जताई थी नाराजगी

पिछली कैबिनेट बैठक में भी ट्रांसफर पॉलिसी को लेकर चर्चा हुई थी। मंत्रियों का कहना था कि प्रशासनिक और स्वैच्छिक तबादलों को एक साथ जोड़ने से कोटा तय हो जाता है, जिससे विधायकों और जनप्रतिनिधियों की नाराजगी बढ़ती है।

PM मोदी की अपील पर अमल करने की सलाह

Advertisement

कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान मंत्री चैतन्य कश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का पालन करने को कहा है। उन्होंने कहा कि लोग एक साल तक सोने की खरीद टालें, पेट्रोल-डीजल की खपत कम करें और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का अधिक उपयोग करें। विदेश यात्राओं से बचने की भी सलाह दी गई है।

राज्यमंत्रियों के स्वेच्छानुदान की राशि बढ़ी

कैबिनेट ने राज्य मंत्रियों के स्वेच्छानुदान की सीमा भी बढ़ा दी है। अब राज्यमंत्री एक व्यक्ति को साल में एक बार 25 हजार रुपए तक की सहायता दे सकेंगे। पहले यह सीमा 16 हजार रुपए थी।

डामर की बढ़ी कीमतों पर सरकार का फैसला

वैश्विक संकट के चलते बिटुमिन (डामर) की कीमतें बढ़ने के बाद सरकार ने सड़क परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त लागत मंजूर करने का फैसला किया है। 10 करोड़ रुपए तक की सड़क परियोजनाओं में बढ़ी हुई लागत का अंतर सरकार वहन करेगी। इससे प्रदेश में बारिश से पहले सड़क मरम्मत और निर्माण कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।

Advertisement

29,540 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी

कैबिनेट बैठक में विभिन्न विभागों की कुल 29,540 करोड़ रुपए की योजनाओं को 16वें वित्त आयोग की अवधि तक जारी रखने का फैसला लिया गया। इनमें लोक निर्माण, जल संसाधन, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय और विधि विभाग की कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।

बुधनी मेडिकल कॉलेज की लागत बढ़ी

कैबिनेट ने बुधनी में बनने वाले मेडिकल कॉलेज, अस्पताल, नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेज की संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति को भी मंजूरी दी। इस परियोजना की लागत 714 करोड़ रुपए से बढ़कर अब 763 करोड़ रुपए हो गई है।

Advertisement
Continue Reading

ख़बर मध्यप्रदेश

MP Weather: एमपी में आंधी-बारिश का दौर जारी, 13 जिलों में तेज हवा और बारिश का अलर्ट, रविवार से बढ़ेगी गर्मी

Published

on

MP weather update, Madhya Pradesh rain alert, MP storm alert, IMD Bhopal, Madhya Pradesh heatwave, Ratlam temperature, MP cyclone circulation, MP weather news, rain forecast MP, khabritaau.com

Bhopal: मध्यप्रदेश में मौसम लगातार करवट बदल रहा है। प्रदेश के बीचों बीच दो ट्रफ गुजर रही हैं, जबकि ऊपरी हिस्से में साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है। इसी वजह से कई जिलों में आंधी और बारिश का दौर बना हुआ है। मौसम विभाग ने शनिवार को 13 जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रभावित जिलों में नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, सीधी और सिंगरौली शामिल हैं।

शुक्रवार को 20 से ज्यादा जिलों में बदला मौसम

शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी और हल्की बारिश दर्ज की गई। सिवनी, छिंदवाड़ा, रायसेन, सागर, दमोह, बालाघाट, भोपाल, देवास, खरगोन, राजगढ़, विदिशा, टीकमगढ़, अशोकनगर, शिवपुरी, बैतूल, नरसिंहपुर, मंडला, पांढुर्णा, डिंडौरी और अनूपपुर में मौसम बदला रहा। कहीं तेज हवाएं चलीं तो कहीं बूंदाबांदी और हल्की बारिश देखने को मिली।

रतलाम सबसे गर्म, कई शहरों में 40 पार तापमान

बारिश और आंधी के बीच कई जिलों में गर्मी का असर भी बना रहा। रतलाम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा शाजापुर में 42.6 डिग्री, उज्जैन में 42.4 डिग्री, भोपाल और इंदौर में 41.2 डिग्री, जबलपुर में 38.8 डिग्री और ग्वालियर में 37.5 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

Advertisement

मई में लगातार एक्टिव है मौसम

IMD भोपाल के मुताबिक, इस बार मई की शुरुआत से ही मौसम बदला हुआ है। आमतौर पर मई के पहले सप्ताह में तेज गर्मी रहती है, लेकिन इस बार कई जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिली। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रफ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टरबेंस की एक्टिविटी के कारण ऐसा मौसम बना हुआ है।

रविवार से बढ़ेगा तापमान

मौसम विभाग के अनुसार शनिवार तक आंधी-बारिश का असर बना रहेगा, लेकिन इसके बाद तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। रविवार से ज्यादातर शहरों में पारा 3 से 4 डिग्री तक बढ़ने के आसार हैं।

Advertisement
Continue Reading

Advertisment

ख़बर उत्तर प्रदेश

अभी तक की बड़ी खबरें

WEBSITE PROPRIETOR & EDITOR DETAILS

Editor/ Director :- Somesh Singh Senger
Web News Portal: Khabritaau.com
Website : www.khabritaau.com
Company : Khabritaau News
Publication Place: Raipur (CG), Bhopal (MP) & Lucknow (UP)
Email:- khabritaau@gmail.com
Mob: +91 6264 084 601

DPR Links

Trending