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MP News: वीरांगना दुर्गावती गौरव यात्रा का आज गृहमंत्री शाह करेंगे शुभारंभ, 5 स्थान से आरंभ होंगी यात्राएं

MP News (Rani Durgavati Gaurav Yatra): मध्यप्रदेश में राज्य शासन ने रानी दुर्गावती गौरव यात्रा निकालने का निर्णय किया है। ये यात्राएं 22 जून से 27 जून के बीच 5 अलग-अलग स्थानों से निकाली जाएंगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती का बलिदान दिवस 24 जून को है, उनके बलिदान का स्मरण करने एवं उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए ये यात्राएं निकाली जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बालाघाट से वीरांगना दुर्गावती गौरव यात्रा का शुभारंभ करेंगे। वहीं 27 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों शहडोल में होगा।
5 स्थानों से प्रारंभ होंगी यात्राएं
रानी दुर्गावती गौरव यात्राएं बालाघाट, छिंदवाड़ा, सिंगरामपुर (जबेरा-दमोह), रानी दुर्गावती के जन्म स्थान कालिंजर फोर्ट और धोहनी सीधी से आरंभ होंगी। सभी 5 यात्राओं का समापन 27 जून को शहडोल में होगा। पांचों यात्राओं के मार्गों में पड़ने वाले स्थानों पर सभाएं होंगी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा नगरीय निकाय, जन-जन को जोड़ने तथा कार्यक्रमों की व्यवस्था करेंगे। सभी यात्राएं रथ के साथ आरंभ होंगी। यात्रा मार्ग में होने वाली सभाओं में रानी दुर्गावती के चित्र पर माल्यार्पण तथा पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी। रानी दुर्गावती के संघर्ष और शौर्य की जानकारी जन-जन को देना इन यात्राओं का उद्देश्य है। कार्यक्रम में स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियाँ देंगे। गौरव यात्राओं की राज्य स्तर से भी मॉनीटरिंग की जाएगी।
गौरव यात्राओं का कार्यक्रम बालाघाट से शहडोल
मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह 22 जून को बालाघाट से आरंभ होने वाली यात्रा का शुभारंभ करेंगे। इस यात्रा के प्रभारी केन्द्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते होंगे। यात्रा 22 जून को बैहर में रात्रि विश्राम करेगी, 23 जून को बिछिया होते हुए डिंडोरी में रात्रि विश्राम करेगी, अगला रात्रि विश्राम 24 जून को पुष्पराजगढ़ में होगा, 25 जून को यात्रा अनूपपुर होते हुए जैतपुर पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा। यात्रा का अंतिम पड़ाव 26 जून को शहडोल में होगा।
छिंदवाड़ा से शहडोल
दूसरे मार्ग पर छिंदवाड़ा से यात्रा आरंभ होगी। इसके प्रभारी सांसद दुर्गादास उइके होंगे। छिंदवाड़ा से 22 जून को आरंभ होने वाली यात्रा चौरई पहुंचेगी। सिवनी में रात्रि विश्राम कर 23 जून को केवलारी लखनादौन होते हुए यात्रा मंडला में रात्रि विश्राम करेगी। यात्रा 24 जून को निवास के लिए रवाना होगी तथा शहपुरा में रात्रि विश्राम होगा। यात्रा 25 जून को उमरिया पहुंचेगी और पाली-मानपुर में रात्रि विश्राम करेगी। यात्रा का अंतिम पड़ाव 26 जून को शहडोल में होगा।
सिंगरामपुर (जबेरा/दमोह) से शहडोल
तीसरी यात्रा सिंगरामपुर (जबेरा/दमोह) से आरंभ होगी। जिसके प्रभारी वन मंत्री विजय शाह होंगे। जबेरा से 22 जून को आरंभ होने वाली यात्रा रात्रि विश्राम मझौली पाटन में करेगी। यात्रा 23 जून को सिहोरा शहर, जबलपुर शहर होते हुए बरगी समाधि स्थल पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा। यात्रा 24 जून को कुंडम होते हुए शहपुरा पहुंचेगी, वहाँ रात्रि विश्राम होगा। यहां से यात्रा बिरसिंगपुर पाली के लिए रवाना होगी और 25 जून को वहां रात्रि विश्राम होगा। यात्रा का अंतिम पड़ाव 26 जून को शहडोल में होगा।
रानी दुर्गावती के जन्म स्थान कलिंजर से शहडोल
रानी दुर्गावती के जन्म स्थान उत्तरप्रदेश के कलिंजर फोर्ट से शहडोल के लिए आरंभ होने वाली यात्रा की प्रभारी पूर्व सांसद सम्पतिया उइके और यात्रा उप प्रभारी राज्य सभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी होंगे। यह यात्रा कलिंजर से 23 जून को दोपहर 12 बजे आरंभ होगी, अजयगढ़ में 23 जून के रात्रि विश्राम के बाद 24 जून को पवई पहुंचेगी तथा 24 जून का रात्रि विश्राम बड़वारा में होगा। यात्रा 25 जून को विजयराघवगढ़ पहुँचेगी और अमरपुर में रात्रि विश्राम करेगी। यात्रा 26 जून को मानपुर पहुंचेगी तथा रात्रि विश्राम शहडोल में होगा।
धौहनी सीधी से शहडोल
पांचवीं यात्रा धौहनी सीधी से शहडोल के लिए रवाना होगी। यात्रा प्रभारी हिमाद्री सिंह होंगी। यह यात्रा 23 जून को कुसमी, 24 जून को ब्योहारी, 25 जून को जयसिंह नगर और 26 जून को शहडोल में रात्रि विश्राम करेगी।
कार्यक्रम का लाइव प्रसारण सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर दोपहर 4 बजे से:
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MP News: सूबेदार और SI भर्ती परीक्षा का रिजल्ट जारी, 1639 अभ्यर्थी अगले चरण के लिए चयनित

MPESB: मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) ने सूबेदार और उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा-2025 की मुख्य परीक्षा के दूसरे चरण का रिजल्ट जारी कर दिया है। भर्ती प्रक्रिया के तहत सीधी भर्ती के 500 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। रिजल्ट के आधार पर कुल 1639 उम्मीदवारों को अगले चरण के लिए चयनित किया गया है। इनमें 1166 पुरुष और 473 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं। मुख्य परीक्षा भोपाल, जबलपुर, सागर और सीधी समेत भोपाल, जबलपुर, सागर और सीधी समेत प्रदेश के चार शहरों में आयोजित की गई थी।
अब होंगे PET, PMT और इंटरव्यू
ESB के मुताबिक मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को अब भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण से गुजरना होगा। इसमें फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET), फिजिकल मेजरमेंट टेस्ट (PMT), इंटरव्यू, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल टेस्ट शामिल हैं। इन सभी चरणों के बाद फाइनल मेरिट के आधार पर चयन किया जाएगा।
एडमिट कार्ड और शेड्यूल अलग से होगा जारी
मंडल ने बताया कि अगले चरण की तारीख, परीक्षा केंद्र, एडमिट कार्ड और अन्य जरूरी जानकारी अलग से जारी की जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से ESB की आधिकारिक वेबसाइट चेक करते रहें ताकि किसी महत्वपूर्ण अपडेट से चूक न हो।
फर्जी जानकारी से सावधान रहने की सलाह
ESB ने उम्मीदवारों से कहा है कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी केवल ऑफिशियल वेबसाइट से ही प्राप्त करें। सोशल मीडिया या अन्य प्लेटफॉर्म पर वायरल होने वाली भ्रामक सूचनाओं से बचने की भी सलाह दी गई है।
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MP News: भोजशाला पर हाईकोर्ट के फैसले के बाद पहली पूजा, श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, हनुमान चालीसा का पाठ

Indore/Dhar: भोजशाला को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच के फैसले के बाद शनिवार सुबह श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्ण माहौल में पूजा-अर्चना की। हाईकोर्ट ने धार स्थित विवादित भोजशाला-कमाल मौला परिसर को राजा भोज कालीन वाग्देवी यानी देवी सरस्वती का मंदिर माना है और हिंदू पक्ष को पूजा का अधिकार दिया है। आज शनिवार को श्रद्धालु और विभिन्न समितियों के पदाधिकारी भोजशाला पहुंचे, जहां उन्होंने मां वाग्देवी के स्थान पर पूजा की और हनुमान चालीसा का पाठ किया। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे परिसर और शहर में पुलिस बल तैनात रहा।
हाईकोर्ट ने ASI का 2003 आदेश आंशिक रूप से रद्द किया
हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने बताया कि हाईकोर्ट ने 7 अप्रैल 2003 के ASI के उस आदेश को आंशिक रूप से निरस्त कर दिया है, जिसमें मुस्लिम समुदाय को शुक्रवार को निर्धारित समय के लिए नमाज की अनुमति दी गई थी।ASI के वकील ने बताया कि भोजशाला को 1904 से संरक्षित स्मारक का दर्जा प्राप्त है और इसका प्रशासन, निगरानी तथा नियमन पूरी तरह ASI के पास ही रहेगा। कोर्ट ने ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर माना कि इसका निर्माण भोज-परमार वंश के समय हुआ था।
श्रद्धालुओं ने कहा- मंदिर था, है और रहेगा
शनिवार सुबह भोज उत्सव समिति और भोजशाला मुक्ति यज्ञ से जुड़े पदाधिकारी भी परिसर पहुंचे। इनमें विश्वास पांडे, गोपाल शर्मा, श्रीश दुबे, केशव शर्मा और अशोक जैन शामिल रहे। सभी ने यज्ञ कुंड और वाग्देवी स्थल पर पुष्प अर्पित कर पूजा की। भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक Gopal Sharma ने कहा कि भोजशाला का “कण-कण” यह दर्शाता है कि यह मंदिर है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम पक्ष को सुप्रीम कोर्ट जाने की स्वतंत्रता है, लेकिन भोजशाला मंदिर था, है और रहेगा।
सुप्रीम कोर्ट में दायर हुईं कैविएट याचिकाएं
मुस्लिम पक्ष द्वारा सुप्रीम कोर्ट जाने की संभावना के बीच हिंदू पक्ष ने सर्वोच्च न्यायालय में दो कैविएट याचिकाएं दायर की हैं। वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि हाईकोर्ट ने लंदन के संग्रहालय में रखी वाग्देवी की मूल प्रतिमा को वापस लाने की मांग पर भी विचार किया है।
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MP News: भोजशाला पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, धार की भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना, ASI को सौंपा प्रबंधन

इंदौर/धार: भोजशाला को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। शुक्रवार को दिए गए निर्णय में हाईकोर्ट ने भोजशाला को वाग्देवी यानी देवी सरस्वती का मंदिर माना है। कोर्ट ने कहा कि उसने पुरातात्विक और ऐतिहासिक तथ्यों, ASI की सर्वे रिपोर्ट और अयोध्या मामले के फैसले को आधार बनाकर यह निर्णय दिया है।
न्यूज वेबसाइट Bar and Bench के मुताबिक अदालत ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक और संरक्षित स्थल है, जिसे देवी सरस्वती का मंदिर माना जाएगा। कोर्ट ने केंद्र सरकार और एएसआई को निर्देश दिए कि वे मंदिर के प्रबंधन को लेकर निर्णय लें। साथ ही कहा कि 1958 के ASI एक्ट के तहत इस संपत्ति का प्रबंधन एएसआई के पास ही रहेगा।
हिंदुओं की पूजा और मुस्लिमों की नमाज से जुड़े आदेश रद्द
हाईकोर्ट ने ASI के 2003 के उस आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसमें हिंदुओं को पूजा का अधिकार नहीं दिया गया था। साथ ही उस आदेश को भी निरस्त कर दिया, जिसमें मुस्लिम पक्ष को नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई थी।
कोर्ट ने कहा कि भोजशाला में सरस्वती मंदिर और संस्कृत शिक्षा केंद्र होने के साक्ष्य मिले हैं। अदालत ने यह भी कहा कि ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व वाले स्मारकों, मंदिरों और गर्भगृह से जुड़ी धार्मिक आस्था का संरक्षण करना सरकार की जिम्मेदारी है।
मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट जाएगा
भोजशाला को कमाल मौला मस्जिद बताने वाले मुस्लिम पक्ष ने हाईकोर्ट के फैसले पर असहमति जताई है। धार शहर काजी वकार सादिक ने कहा कि वे फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन इसकी समीक्षा के बाद सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद और शोभा मेनन ने अदालत में मुस्लिम पक्ष की ओर से तथ्य रखे थे।फिलहाल भोजशाला के मुख्य द्वार पर बैरिकेडिंग कर दी गई है और सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
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MP News: TET पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, बोला- पास करना ही होगा, जो छूट मिलनी थी, मिल चुकी

MP TET:सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर अहम टिप्पणी करते हुए साफ कहा है कि अब किसी भी शिक्षक की नियुक्ति बिना TET पास किए नहीं की जा सकती। बुधवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने कहा कि पात्रता परीक्षा में जो छूट दी जानी थी, वह पहले ही दी जा चुकी है। यह मामला वर्ष 1998 से 2009 के बीच नियुक्त उन शिक्षकों से जुड़ा है, जिन्हें बिना TET परीक्षा के नौकरी मिली थी। राज्य सरकार और शिक्षक संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर कर ऐसे शिक्षकों को परीक्षा से छूट देने की मांग की थी।
सुप्रीम कोर्ट बोला- 5 साल की राहत पहले ही मिल चुकी
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि वर्ष 2017 में नियम लागू होने के बाद शिक्षकों को पहले ही 5 साल की छूट दी जा चुकी है। अब National Council for Teacher Education यानी NCTE द्वारा तय नियमों का पालन सभी राज्यों और शिक्षकों को करना होगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भविष्य में होने वाली किसी भी शिक्षक भर्ती में TET पास करना अनिवार्य रहेगा।
डेढ़ लाख शिक्षकों पर असर संभव
मध्य प्रदेश में ऐसे शिक्षकों की संख्या करीब 1.5 लाख बताई जा रही है, जिनकी नियुक्ति 1998 से 2009 के बीच बिना TET के हुई थी। ये नियुक्तियां राज्य सरकार की मेरिट प्रक्रिया के तहत की गई थीं। सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 के आदेश के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने इन शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य करने के निर्देश जारी किए थे।
फेल हुए तो नौकरी जा सकती है
सुप्रीम कोर्ट ने अपने पुराने आदेश में कहा था कि यदि कोई शिक्षक पात्रता परीक्षा पास नहीं करता है तो उसकी सेवा समाप्त की जा सकती है। इसके बाद प्रदेशभर में शिक्षक संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए थे। शिक्षकों ने मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट से फैसले पर पुनर्विचार की मांग की थी। इसी के बाद मध्य प्रदेश सरकार समेत कई शिक्षक संगठनों ने पुनर्विचार याचिका दायर की।
अभी अंतिम फैसला बाकी
बुधवार को 70 से अधिक याचिकाओं पर सुनवाई हुई। कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं और रिटायर्ड जजों की ओर से दलीलें पेश की गईं, लेकिन फिलहाल शिक्षकों को राहत मिलने की संभावना कम दिखाई दे रही है। मामले में अंतिम फैसला अभी आना बाकी है।
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MP Cabinet: प्रदेश में तबादलों पर बैन हटाने का फैसला अगले सोमवार, कैबिनेट में आएगी नई ट्रांसफर पॉलिसी

Bhopal: मध्यप्रदेश में कर्मचारियों के तबादलों पर लगे बैन को हटाने को लेकर बड़ा फैसला अगले सोमवार को हो सकता है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सामान्य प्रशासन विभाग को अगली कैबिनेट बैठक में तबादला नीति का प्रस्ताव लाने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को हुई मोहन कैबिनेट की बैठक में अनौपचारिक चर्चा के दौरान ट्रांसफर पॉलिसी को लेकर मंत्रियों ने कई सुझाव दिए।
जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने कहा कि नई तबादला नीति में स्वैच्छिक आधार पर होने वाले तबादलों की कोई सीमा तय नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी या अधिकारी स्वयं तबादला चाहते हैं, उन्हें आसानी से अनुमति मिलनी चाहिए। कई मंत्रियों ने इस सुझाव का समर्थन भी किया। इस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इस विषय पर विचार किया जाएगा।
मंत्रियों ने पहले भी जताई थी नाराजगी
पिछली कैबिनेट बैठक में भी ट्रांसफर पॉलिसी को लेकर चर्चा हुई थी। मंत्रियों का कहना था कि प्रशासनिक और स्वैच्छिक तबादलों को एक साथ जोड़ने से कोटा तय हो जाता है, जिससे विधायकों और जनप्रतिनिधियों की नाराजगी बढ़ती है।
PM मोदी की अपील पर अमल करने की सलाह
कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान मंत्री चैतन्य कश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का पालन करने को कहा है। उन्होंने कहा कि लोग एक साल तक सोने की खरीद टालें, पेट्रोल-डीजल की खपत कम करें और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का अधिक उपयोग करें। विदेश यात्राओं से बचने की भी सलाह दी गई है।
राज्यमंत्रियों के स्वेच्छानुदान की राशि बढ़ी
कैबिनेट ने राज्य मंत्रियों के स्वेच्छानुदान की सीमा भी बढ़ा दी है। अब राज्यमंत्री एक व्यक्ति को साल में एक बार 25 हजार रुपए तक की सहायता दे सकेंगे। पहले यह सीमा 16 हजार रुपए थी।
डामर की बढ़ी कीमतों पर सरकार का फैसला
वैश्विक संकट के चलते बिटुमिन (डामर) की कीमतें बढ़ने के बाद सरकार ने सड़क परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त लागत मंजूर करने का फैसला किया है। 10 करोड़ रुपए तक की सड़क परियोजनाओं में बढ़ी हुई लागत का अंतर सरकार वहन करेगी। इससे प्रदेश में बारिश से पहले सड़क मरम्मत और निर्माण कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
29,540 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में विभिन्न विभागों की कुल 29,540 करोड़ रुपए की योजनाओं को 16वें वित्त आयोग की अवधि तक जारी रखने का फैसला लिया गया। इनमें लोक निर्माण, जल संसाधन, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय और विधि विभाग की कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।
बुधनी मेडिकल कॉलेज की लागत बढ़ी
कैबिनेट ने बुधनी में बनने वाले मेडिकल कॉलेज, अस्पताल, नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेज की संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति को भी मंजूरी दी। इस परियोजना की लागत 714 करोड़ रुपए से बढ़कर अब 763 करोड़ रुपए हो गई है।
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