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MP Cabinet: महिला स्वसहायता समूह करेंगे टोल टैक्स बैरियर का संचालन, 8 नए कॉलेज खुलेंगे

MP Cabinet: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में विधानसभा में मंत्रि-परिषद ने महिला स्व-सहायता समूह द्वारा उपभोक्ता शुल्क संग्रहण के लिये नीति का अनुमोदन किया। मंत्रि-परिषद ने महिला स्व-सहायता समूह को अधिक सक्षम एवं उपभोक्ता शुल्क (टोल) संग्रहण में सहभागिता सुनिश्चित करने के लिये यह निर्णय लिया। निर्णय अनुसार पूर्व में उपभोक्ता शुल्क संग्रहण की स्वीकृति प्राप्त मार्गों में से दो करोड़ से कम वार्षिक संग्रहण आय वाले मार्गों पर उपभोक्ता शुल्क संग्रहण महिला स्व-सहायता समूह द्वारा किया जायेगा। ऐसे मार्ग का चयन के लिये मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम को अधिकृत किया गया है।
“मध्यप्रदेश क्षमता निर्माण नीति-2023” का अनुमोदन
शिवराज कैबिनेट ने प्रदेश के शासकीय सेवकों की क्षमता निर्माण के लिये “मध्यप्रदेश क्षमता निर्माण नीति-2023” का अनुमोदन किया। राज्य की नवीन क्षमता निर्माण नीति 2023 भारत सरकार द्वारा लागू मिशन कर्मयोगी की अवधारणा एवं विशेषताओं को सम्मिलित करते हुए और क्षमता विकास आयोग के सदस्य से परामर्श प्राप्त करते हुए तैयार की गई है। इसमें प्रत्येक विभाग के बजट में, वेतन मद में उपलब्ध बजट की एक प्रतिशत राशि से नया बजट शीर्ष “मिशन कर्मयोगी” बनाया जायेगा। साथ ही प्रशासन अकादमी के बजट में राशि 10 करोड़ रुपए से “मिशन कर्मयोगी” के नाम से नया बजट शीर्ष भी बनाया जायेगा।
22 साल पुरानी हो चुकी है प्रशिक्षण नीति
भारत सरकार की राष्ट्रीय प्रशिक्षण नीति वर्ष 1996 के संदर्भ में राज्य की वर्तमान प्रशिक्षण नीति को 11 जुलाई 2001 को लागू किया गया था। भारत सरकार की वर्तमान राष्ट्रीय प्रशिक्षण नीति 19 जनवरी 2012 को लागू की गई, लेकिन राज्य की प्रशिक्षण नीति में अभी तक कोई परिवर्तन नहीं किया गया था। प्रदेश की वर्तमान प्रशिक्षण नीति लगभग 22 वर्ष पुरानी हो चुकी है, जबकि शासकीय सेवकों के भर्ती के तरीके, सूचना प्रौद्योगिकी का शासकीय कार्यों में उपयोग, विभिन्न कानूनों में परिवर्तन इत्यादि कारणों से नवीन प्रशिक्षण नीति की आवश्यकता महसूस की गई। राज्य की नयी प्रशिक्षण नीति तैयार करने के लिये महानिदेशक, प्रशासन अकादमी द्वारा सेवानिवृत्त एवं अनुभवी प्रशासनिक एवं तकनीकी परामर्शी विशेषज्ञों से परामर्श लिया गया।
जिला और जनपद पंचायत के अध्यक्ष के मानदेय में वृद्धि
मंत्रि-परिषद ने जिला और जनपद पंचायत के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के मानदेय में वृद्धि करने का निर्णय लिया। जिला पंचायत अध्यक्ष के मानदेय एवं वाहन भत्ता को बढ़ाकर 1 लाख रुपए मासिक (मानदेय 35 हजार रुपए एवं वाहन भत्ता 65 हजार रुपए) और जिला पंचायत के उपाध्यक्ष के मानदेय एवं वाहन भत्ता को बढ़ाकर 42 हजार रुपए मासिक (मानदेय 28 हजार 500 रुपए एवं वाहन भत्ता 13 हजार 500 रुपए) किया जायेगा। साथ ही जनपद पंचायत अध्यक्ष के मानदेय को बढ़ाकर 19 हजार 500 रुपए मासिक एवं जनपद पंचायत उपाध्यक्ष के मानदेय को बढ़ाकर 13 हजार 500 रुपए मासिक करने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त पंच/उप सरपंच का अधिकतम वार्षिक मानदेय 1800 रुपए किया जायेगा। अतिरिक्त वित्तीय भार की व्यवस्था “स्टाम्प शुल्क वसूली के अनुदान” मद में वार्षिक अतिरिक्त वित्तीय भार लगभग 56 करोड़ 38 लाख 24 हजार 800 रुपए को अतिरिक्त रूप से उपलब्ध कराये जाने का निर्णय भी लिया गया।
ग्राम रोजगार सहायक के बढ़े हुए मानदेय अनुसार व्यय करने की अनुमति
मंत्रि-परिषद ने ग्राम रोजगार सहायक के भरे पद एवं रिक्त पदों की पूर्ति किये जाने पर 18 हजार रुपए प्रतिमाह की दर से मानदेय के लिये आवश्यक अतिरिक्त वार्षिक राशि 274 करोड़ 95 लाख रुपए व्यय करने की अनुमति दी। यह राशि योजना क्रमांक 4610 स्टाम्प शुल्क वसूली या योजना क्रमांक 6299 गौण खनिज मद से व्यय की जायेगी।
8 नए कॉलजों की स्थापना को मंजूरी
मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में 8 नवीन महाविद्यालयों की स्थापना, 2 महाविद्यालयों में नवीन संकाय और 3 महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर/स्नातक विषय प्रारंभ करने की मंजूरी दी है। इसके लिये कुल 489 नवीन पद सृजन, आवर्ती व्यय भार 26 करोड़ 97 लाख रुपए प्रतिवर्ष और अन्य अनावर्ती व्यय 95 करोड़ 68 लाख 92 हजार रुपए, इस प्रकार कुल 122 करोड़ 65 लाख 92 हजार रुपए के व्यय की स्वीकृति दी गई। खंडवा जिले के खालवा, भोपाल के फंदा, शहडोल के बाणसागर, श्योपुरकलां के बड़ौदा, सीधी के मण्डवास, इंदौर के बेटमा, रीवा के हनुमना और बालाघाट के हट्टा में नवीन शासकीय महाविद्यालय स्थापित किये जायेंगे। साथ ही छतरपुर के बिजावर और सीधी के चुरहट में पूर्व से संचालित शासकीय महाविद्यालयों में नवीन संकाय प्रारंभ किये जायेंगे। इसके अलावा शासकीय महाविद्यालय रामपुर नैकिन, जिला सीधी में आर्ट एण्ड साइंस, शासकीय महाविद्यालय लामता, जिला बालाघाट में आर्ट्स एवं बॉयोलॉजी और शासकीय कन्या महाविद्यालय, नीमच में संगीत एवं फाइन आर्ट विषय प्रारंभ किए जायेंगे।
कैबिनेट के अन्य निर्णय
मंत्रि-परिषद ने नवीन समरसता छात्रावास योजना में स्कूल शिक्षा विभाग के छात्रावासों के संचालन, मरम्मत आदि कार्य किए जाने की स्वीकृति दी। योजना में विभाग द्वारा संचालित सभी छात्रावास सभी वर्गों के लिए उपलब्ध हैं।
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MP Cabinet: मकर संक्रांति से पहले शिक्षकों को तोहफा, एमपी कैबिनेट में बड़ा फैसला

Bhopal: मध्यप्रदेश सरकार ने मकर संक्रांति से ठीक एक दिन पहले प्रदेश के शिक्षकों को बड़ी सौगात दी है। मंगलवार को हुई मोहन सरकार की कैबिनेट बैठक में प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में कार्यरत सहायक शिक्षक (LDT) और उच्च श्रेणी शिक्षक (UDT) को चौथा क्रमोन्नति वेतनमान देने का निर्णय लिया गया। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 1.22 लाख शिक्षक लाभान्वित होंगे, जिन्होंने 35 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है। लंबे समय से लंबित चौथे क्रमोन्नति वेतनमान की मांग को इस निर्णय के साथ पूरा कर दिया गया है।
सरकार के अनुसार, चौथा क्रमोन्नति वेतनमान लागू होने के बाद LDT शिक्षकों का औसत वेतन लगभग 1.15 लाख रुपये और UDT शिक्षकों का औसत वेतन 1.25 लाख रुपये से अधिक हो जाएगा।
1 जुलाई 2023 से लागू होगा नया वेतनमान
यह नया वेतनमान 1 जुलाई 2023 से प्रभावी माना जाएगा। जिन शिक्षकों की 35 साल की सेवा जुलाई 2023 से पहले पूरी हो चुकी है, उन्हें उसी तारीख से अब तक का पूरा एरियर मिलेगा। अनुमान है कि यह एरियर राशि 1.20 लाख से 1.80 लाख रुपये तक हो सकती है।
वहीं, जिन शिक्षकों की सेवा अवधि 2023 से 2026 के बीच 35 वर्ष पूरी करेगी, उन्हें सेवा पूर्ण होने की तिथि से एरियर का भुगतान किया जाएगा।
MP में लागू हुई स्पेस टेक नीति–2026
कैबिनेट बैठक में स्पेस टेक नीति–2026 को भी मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही मध्यप्रदेश, केरल और ओडिशा के बाद देश का तीसरा राज्य बन गया है जहां यह नीति लागू हुई है। इस नीति के जरिए उपग्रह निर्माण को बढ़ावा मिलेगा और कृषि, आपदा प्रबंधन व शहरी नियोजन में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ाया जाएगा। सरकार का अनुमान है कि अगले पांच वर्षों में इससे ₹1000 करोड़ का निवेश और करीब 8 हजार रोजगार सृजित होंगे।
800 मेगावाट सोलर-स्टोरेज परियोजनाओं को मंजूरी
कैबिनेट ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 800 मेगावाट क्षमता की तीन सोलर-सह-स्टोरेज परियोजनाओं को हरी झंडी दी। इनमें—
300 मेगावाट (4 घंटे स्टोरेज)
300 मेगावाट (6 घंटे स्टोरेज)
200 मेगावाट (24 घंटे सोलर-सह-स्टोरेज)
शामिल हैं।
ई-कैबिनेट की शुरुआत, टैबलेट लेकर पहुंचे मंत्री
यह बैठक मोहन सरकार की पहली ई-कैबिनेट रही। मुख्यमंत्री सहित सभी मंत्री फाइलों की जगह टैबलेट लेकर बैठक में शामिल हुए। सरकार का उद्देश्य पेपरलेस सिस्टम को बढ़ावा देना, पारदर्शिता लाना और समय की बचत करना है।
‘संकल्प से समाधान’ अभियान 31 मार्च तक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि ‘संकल्प से समाधान’ अभियान के तहत 16 विभागों की 91 योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को घर-घर जाकर जोड़ा जाएगा। यह अभियान चार चरणों में संचालित होगा और 31 मार्च तक चलेगा।
अन्य अहम निर्णय
1.200 नए सांदीपनि विद्यालयों को मंजूरी, कुल लागत ₹2660 करोड़
2. वर्ष 2026 में आयोजित व्यापार मेलों के दौरान ऑटोमोबाइल पर 50% परिवहन टैक्स में छूट
3. SAF जवान के परिजनों को ₹90 लाख की अनुग्रह राशि देने का फैसला
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MP News: छतरपुर के नौगांव में मंदिर का निर्माणाधीन गेट गिरा, 1 की मौत, 3 मजदूर घायल

Chhatarpur: मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के नौगांव में धौर्रा मंदिर का निर्माणाधीन गेट गिर गया। जिसके मलबे में दबकर एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि तीन घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसा शुक्रवार शाम निर्माण कार्य के दौरान हुआ। मृतक मजदूर छतरपुर के गंज के करारा गांव का रहने वाला है। बता दें कि धौर्रा हनुमान मंदिर मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश केबॉर्डर पर स्थिति है। आसपास के इलाके के लोग दर्शन करने आते हैं।
घटना की जानकारी लगते ही छतरपुर सीएमएचओ आरके गुप्ता और सिविल सर्जन शरद चौरसिया जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों के इलाज की जानकारी ली और उनके इलाज के निर्देश दिए। कलेक्टर के आदेश पर मृतक के परिजन को तत्काल 20 हजार रुपए और घायलों के परिवार को 5000 रुपए की सहायता दी गई है।
निर्माण कार्य की जांच करेगी तकनीकी टीम
धौर्रा मंदिर के निर्माणाधीन गेट की निर्माण सामग्री की जांच के लिए एक तकनीकी टीम गठित जा रही है। नौगांव एसडीएम जीएस पटेल ने कहा- हादसा लेंटर की कमी या निर्माण सामग्री की खराब क्वालिटी के कारण हुआ, यह तकनीकी टीम की जांच के बाद स्पष्ट होगा। टीआई बाल्मिक चौबे ने बताया कि मंदिर के गेट का निर्माण चल रहा था। इसी दौरान हादसा हो गया। एक मजदूर की मौत हो गई है। 3 अस्पताल में भर्ती हैं। वहीं, नगर पालिका अध्यक्ष अनूप तिवारी बोले- नगर पालिका द्वारा कराए जा रहे कामों की समय-समय पर जांच की जाती है। हादसे की जांच के निर्देश दिए हैं। जो भी अधिकारी-कर्मचारी या ठेकेदार लापरवाही के लिए जिम्मेदार पाया जाएगा, उस पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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MP Weather: मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड, शीतलहर ने बढ़ाई गलन, कई जिलों में स्कूलों के टाइम बदले

Bhopal: मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड, घने कोहरे और शीत लहर का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। कई जिलों में शीतलहर के चलते जनजीवन प्रभावित हो रहा है। वहीं बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को देखते हुए राज्य के विभिन्न जिलों में स्कूलों की समय-सारिणी में बदलाव किया गया है। वहीं कुछ जगह अवकाश की घोषणा भी की गई है। राजधानी भोपाल में बढ़ती ठंड और कोहरे को देखते हुए नर्सरी से कक्षा आठवीं तक के सभी स्कूल अब सुबह 9:30 बजे के बाद ही संचालित होंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में भी पड़ रही कड़ाके की ठंड
शीतलहर के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए ग्वालियर जिले में कक्षा 1 से 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 5 और 6 जनवरी को अवकाश घोषित किया गया है। कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर डीईओ ने यह आदेश जारी किया है। यह आदेश एमपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई से संबद्ध सभी शासकीय एवं अशासकीय, मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा। श्योपुर जिले में भी स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। जिले में नर्सरी से कक्षा आठवीं तक की कक्षाएं सुबह 9:30 बजे से पहले नहीं लगेंगी।
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MP News: विदिशा में छेड़छाड़ का विरोध करने पर युवक की हत्या, चाकुओं से गोदकर ली जान

Vidisha: मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। इंद्रप्रस्थ कॉलोनी में शनिवार, 3 जनवरी रात एक युवती के साथ छेड़छाड़ का विरोध करने पर 22 साल के शुभम चौबे की चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। पूरी घटना CCTV में कैद हो गई, जिसमें कुछ लोग युवक के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। वारदात के बाद इलाके में दहशत है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र की इंद्रप्रस्थ कॉलोनी का है।
पुलिस ने जानकारी दी है कि शुभम चौबे करैया खेड़ा रोड का रहने वाला था। उसने आरोपी चुन्नी और उसके साथियों को युवती से छेड़छाड़ करने से रोका था। शनिवार रात चुन्नी अपने साथियों संग बाइक से इंद्रप्रस्थ कॉलोनी पहुंचा। उसने शुभम को बाहर बुलाया और फिर इस घटना को अंजाम दिया। पहले बहस, फिर मारपीट और उसके बाद उन लोगों ने शुभम पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए।
आरोपियों के हमले में युवक शुभम लहूलुहान हो गया और सड़क पर तड़पता रहा। वारदात के बाद आरोपी उसे इसी हालत में छोड़ मौके से फरार हो गए। इसके बाद स्थानीय लोग उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने शुभम को मृत घोषित कर दिया। घटना के सामने आए CCTV फुटेज में देखने मिल रहा है कि किस तरह बाइक पर सवार होकर कई लोग आए और उन्होंने शुभम संग मारपीट शुरू कर दी।
पुलिस फिलहाल घटना की जांच में जुटी है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। विदिशा के ASP डॉ. प्रशांत ने कहा है कि हत्या चाकू से की गई है। सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। घटनास्थल की बारीकी से जांच की जा रही है। सीसीटीवी के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है।
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MP News: पाइपलाइन में लीकेज से दूषित हुआ पानी बना 14 मौतों की वजह, रिपोर्ट में हुई पुष्टि

Indore: इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से होने वाली मौतों का सिलसिला नहीं रुक रहा है। गुरुवार को बस्ती के दो परिवारों ने दावा किया कि उनके परिजनों की मौत भी उल्टी-दस्त के कारण हुई। लैब से आई सरकारी जांच रिपोर्ट में भी दूषित पानी से मौतों और बीमारियों पर सरकारी रिपोर्ट की मुहर भी लग गई है। हालांकि प्रशासन डायरिया से चार मौतें ही मान रहा है। जबकि 25 दिसंबर से 31 दिसंबर तक 12 मौतें हो चुकी हैं।
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने दूषित पानी से मौतों की मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग के अनुसार, अगर मीडिया रिपोर्ट में कही गई बातें सही हैं तो इससे यह पीड़ितों के मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मुद्दा उठता है। शिकायतों के बावजूद कथित रूप से अधिकारियों ने दूषित पानी की आपूर्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। बता दें कि देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से अब तक 14 लोगों की मौत की जानकारी मिली है। वहीं, करीब 1400 लोग इन्फेक्शन के शिकार हुए हैं।
CMHO डॉ. माधव हसानी ने कहा- महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज की लैब में जांचे गए पानी के नमूनों की रिपोर्ट आज स्वास्थ्य विभाग को मिल गई है। इसमें साफ तौर पर पुष्टि हुई है कि दूषित पानी पीने से ही लोग बीमार पड़े और उनकी जान गई। हसानी ने कहा- पाइपलाइन में लीकेज के कारण पानी दूषित हुआ है। यह किस जगह और किस लेवल का है, इसके बारे में संबंधित अधिकारी ही बता पाएंगे।


















