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MP Cabinet: प्रदेश में सड़क, फ्लाई ओवर का बिछेगा जाल, कैबिनेट ने दी 1881 करोड़ की स्वीकृति

MP Cabinet: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में फोरलेन मार्ग और फ्लाई-ओवर निर्माण के क्षेत्रों में मंजूरी दी। केंद्रीय सड़क अधो-संरचना निधि अंतर्गत सीहोर जिले में मालीवाया से सलकनपुर-नीलकछार तक फोरलेन मार्ग का निर्माण 147 करोड़ 92 लाख रुपए तथा राज्य योजना मद आयोजन अंतर्गत खण्डवा जिले में इंदौर इच्छापुर मार्ग से ओंकारेश्वर नए बस स्टेण्ड तक 4 लेन सड़क निर्माण कार्य के लिए लागत 193 करोड़ 22 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी किए जाने का अनुमोदन किया गया।
केन्द्रीय सड़क अधो-सरंचना निधि आयोजन अंतर्गत सतना जिले में नागोद से मैहर व्हाया सुरदहा परसमनिया-रामपुर-मैहर मार्ग का निर्माण लागत राशि 178 करोड़ 22 लाख, सागर जिले में शाहपुर-रंगोली-गिरवर-भैंसवाही-हिनगन-ढाना-भोकलपुर चौराहा (एन.एच.-44) तक मार्ग का निर्माण लागत राशि 129 करोड़ 81 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी किए जाने का अनुमोदन किया गया।
केन्द्रीय सड़क अधो-सरंचना निधि अंतर्गत भोपाल शहर में भोपाल- इंदौर मार्ग पर संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) में सीवेज पंप हाउस लाऊखेड़ी से नगर निगम विसर्जन घाट तक फ्लाई-ओव्हर के निर्माण की लागत राशि रुपए 306 करोड़ 40 लाख एवं ग्वालियर शहर के अंतर्गत महारानी लक्ष्मीबाई प्रतिमा से गिरवाई पुलिस चौकी ए.बी. रोड (एन. एच. 46) तक स्वर्णरेखा नदी पर फोरलेन ऐलीवेटेड कॉरीडोर/फ्लाय-ओव्हर के निर्माण की लागत राशि 926 करोड़ 21 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी किए जाने का अनुमोदन किया गया।
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना- 2023 में महत्वपूर्ण संशोधन
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में संशोधित प्रावधानों को प्रतिस्थापित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई। योजना अंतर्गत पात्रता की कण्डिका 3.3 को संशोधित कर प्रतिस्थापित किए जाने की स्वीकृति दी गयी, जो है- “आवेदन के कैलेण्डर वर्ष में, 01 जनवरी की स्थिति में 21 वर्ष पूर्ण कर चुकी हो तथा 60 वर्ष की आयु से कम हो।” योजना अंतर्गत अपात्रता की कण्डिका 4.9 को संशोधित कर प्रतिस्थापित किए जाने की स्वीकृति दी गयी, जो है- “जिनके परिवार के सदस्यों के नाम से पंजीकृत चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) हो, वे योजना के लिये अपात्र होंगे। यहाँ पर परिवार की परिभाषा कण्डिका 2.2 के अनुसार ही मान्य होगी।” दोनों संशोधनों के फलस्वरूप पात्र नवीन महिला हितग्राहियों की संभावित संख्या लगभग 18 लाख हो जाएगी। इससे इस वित्तीय वर्ष में 1260 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।
शासकीय सेवकों को देय महंगाई भत्ते की दर में वृद्धि की मंजूरी
मंत्रि-परिषद द्वारा शासकीय सेवकों को सातवें वेतनमान में देय मंहगाई भत्ता की दर में एक जनवरी, 2023 (भुगतान माह फरवरी, 2023) से 4% की वृद्धि की जाकर 42% करने एवं राज्य शासन के छठवें वेतनमान में कार्यरत शासकीय सेवकों तथा राज्य शासन के उपक्रमों / निगमों / मण्डलों तथा अनुदान प्राप्त संस्थाओं के राज्य शासन में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत शासकीय सेवकों के लिये चौथे एवं पांचवें वेतनमान में अनुपातिक आधार पर मंहगाई भत्ते में वृद्धि करने का निर्णय लिया गया।
राज्य शासन के सातवें वेतनमान अंतर्गत कर्मचारियों को मंहगाई भत्ते की कुल बढ़ी हुई दर 42% के आधार पर नगद भुगतान एक जुलाई, 2023 (भुगतान माह अगस्त, 2023) से किया जाएगा। एक जनवरी 2023 से 30 जून 2023 तक की एरियर राशि का भुगतान 3 समान किश्तों में माह अक्टूबर, नवंबर एवं दिसंबर, 2023 में करने के लिए निर्णय लिया गया। कर्मचारियों को देय मंहगाई भत्ता में एक जनवरी 2023 से 4% की वृद्धि किए जाने तथा एरियर का भुगतान करने के फलस्वरूप इस वित्तीय वर्ष में 1520 करोड़ रुपए का अतिरिक्त अनुमानित व्यय भार संभावित है।
जिला निवाड़ी के लिए दो विभागों के जिला कार्यालय की स्वीकृति
नवगठित जिला निवाड़ी के लिए किसान-कल्याण तथा कृषि विकास विभाग अंतर्गत दो जिला कार्यालय उप संचालक, किसान-कल्याण एवं कृषि विकास और परियोजना संचालक आत्मा की स्थापना को स्वीकृति दी गई। दोनों कार्यालयों में कुल मिला कर 19 पद की स्वीकृति दी गई। इस स्वीकृति से वर्तमान में किसान-कल्याण तथा कृषि विकास विभाग का, जो जिला स्तरीय कार्यालय टीकमगढ़ से संचालित होता था, वह अब नवीन जिला मुख्यालय निवाड़ी से संचालित होगा, इससे निवाड़ी जिले के किसानों को लाभ मिलेगा।
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MP News: एमपी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दूसरे राज्य का OBC सर्टिफिकेट मान्य नहीं, शादी से नहीं मिलेगा आरक्षण

Gwalior:मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में साफ किया है कि दूसरे राज्य से जारी OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) प्रमाण पत्र के आधार पर मध्य प्रदेश में आरक्षण का लाभ नहीं लिया जा सकता। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि विवाह के आधार पर किसी महिला को पति की जाति का आरक्षण लाभ नहीं मिलेगा। यह मामला अर्चना दांगी से जुड़ा है, जो मूल रूप से यूपी के जालौन की निवासी हैं। उन्होंने उच्च माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा-2018 पास की थी, लेकिन दस्तावेज सत्यापन के दौरान उनका चयन इस आधार पर निरस्त कर दिया गया कि उनका OBC प्रमाण पत्र उत्तर प्रदेश का था।
याचिकाकर्ता का तर्क खारिज
याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि दांगी जाति दोनों राज्यों में OBC सूची में शामिल है और विवाह के बाद वे मध्य प्रदेश की निवासी बन चुकी हैं, इसलिए उन्हें आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। हालांकि, कोर्ट ने इस तर्क को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि जाति का निर्धारण जन्म से होता है, न कि विवाह या निवास बदलने से। दूसरे राज्य का जाति प्रमाण पत्र मध्य प्रदेश में मान्य नहीं होगा।
सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला
कोर्ट ने Supreme Court of India के पूर्व फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति दूसरे राज्य में जाकर अपनी जाति का आरक्षण लाभ नहीं ले सकता, भले ही वह जाति दोनों राज्यों में सूचीबद्ध क्यों न हो।
शादी से सामाजिक पहचान बदल सकती है, आरक्षण नहीं
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि विवाह के बाद महिला सामाजिक रूप से पति की जाति का हिस्सा बन सकती है, लेकिन आरक्षण का लाभ नहीं ले सकती, क्योंकि यह सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन पर आधारित होता है। इन्हीं आधारों पर हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए संबंधित अधिकारियों के निर्णय को सही और विधिसम्मत बताया।
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MP News: एमपी में TET अनिवार्यता पर संग्राम, 12 संगठनों का संयुक्त मोर्चा, 8 से 18 अप्रैल तक आंदोलन

MP TET Controversy: मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) अनिवार्यता को लेकर विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। प्रदेश के 12 प्रमुख शिक्षक संगठनों ने एकजुट होकर “अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा” का गठन किया है और सरकार के खिलाफ सड़क से लेकर न्यायालय तक संघर्ष का ऐलान किया है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि यह सिर्फ एक परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि सेवा सुरक्षा, अधिकार और भविष्य से जुड़ा मामला है। मोर्चा के अनुसार, सरकार द्वारा जारी आदेश ने करीब 1.5 लाख शिक्षकों को असमंजस की स्थिति में डाल दिया है।
8 से 18 अप्रैल तक आंदोलन का ऐलान
संयुक्त मोर्चा ने चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति तैयार की है-
- 8 अप्रैल: जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन
- 11 अप्रैल: ब्लॉक स्तर पर धरना और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन
- 18 अप्रैल: Bhopal में “मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा”
रिव्यू पिटीशन और आदेश निरस्त करने की मांग
शिक्षक संगठनों की प्रमुख मांग है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ रिव्यू पिटीशन दायर करे। साथ ही लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) द्वारा जारी आदेश को तुरंत निरस्त किया जाए।
आदेश में अस्पष्टता से बढ़ी चिंता
शिक्षकों का आरोप है कि DPI के आदेश में यह स्पष्ट नहीं है कि किन शिक्षकों को TET देना अनिवार्य होगा और किन्हें छूट मिलेगी। इसी कारण शिक्षकों में असुरक्षा और भ्रम की स्थिति बनी हुई है। संयुक्त मोर्चा ने TET के अलावा सेवा अवधि की गणना और वरिष्ठता को लेकर भी स्पष्ट नीति बनाने की मांग की है।FEA
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MP News: मध्य प्रदेश में बिजली महंगी, 4.80% टैरिफ बढ़ा, अब 7.05 रु/यूनिट, दूसरे राज्यों को सस्ती सप्लाई पर विवाद

Bhopal: मध्य प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को झटका लगा है। मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नया टैरिफ जारी करते हुए औसतन 4.80% की बढ़ोतरी कर दी है। इससे राज्य के करीब 1.90 करोड़ उपभोक्ताओं के बिजली बिल बढ़ेंगे।नए टैरिफ के मुताबिक, आम उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दर लगभग 7.05 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है। वहीं, राज्य से बाहर सप्लाई की जाने वाली बिजली की दर 3.81 रुपये प्रति यूनिट रखी गई है। यानी प्रदेश के उपभोक्ताओं को करीब 3 रुपये प्रति यूनिट ज्यादा कीमत चुकानी होगी।
सरप्लस बिजली सस्ते में बाहर सप्लाई
टैरिफ आदेश के अनुसार राज्य में करीब 10,198 मिलियन यूनिट बिजली सरप्लस है। इस अतिरिक्त बिजली को दूसरे राज्यों को कम दर पर भेजा जा रहा है। 255 पेज के आदेश में यह अंतर स्पष्ट तौर पर दिखाया गया है।
निजी कंपनियों से समझौते बने वजह
मध्यप्रदेश नागरिक उपभोक्ता मंच के सदस्य मनीष शर्मा का कहना है कि सरकार निजी कंपनियों और अन्य राज्यों से बिजली खरीदने के लिए दीर्घकालिक समझौते (MoU) करती है। गर्मी में जब मांग बढ़ती है, तब इनका उपयोग होता है। लेकिन यदि खरीदी गई पूरी बिजली खपत नहीं होती, तब भी उसका भुगतान करना पड़ता है। ऐसे में अतिरिक्त बिजली को कम दर पर बाहर बेचना पड़ता है, जबकि राज्य के भीतर दरें बढ़ाकर लागत की भरपाई की जाती है।
कुछ श्रेणियों को मिली राहत
नए टैरिफ में मेट्रो और उच्च दाब (HT) वाले कुछ उपभोक्ताओं को राहत दी गई है। इन श्रेणियों में दरों में बढ़ोतरी नहीं की गई। गुड़ और शक्कर उद्योग से जुड़े उपभोक्ताओं को भी फायदा मिला है।
सरकार के पास बदलाव का अधिकार
Electricity Act 2003 की धारा 108 के तहत राज्य सरकार नियामक आयोग को निर्देश देकर इन दरों की दोबारा समीक्षा करवा सकती है। ऐसे में आने वाले समय में टैरिफ में बदलाव की संभावना भी बनी हुई है।
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MP News: इंदौर में दिल दहला देने वाली वारदात, पेंटहाउस विवाद में महिला इंजीनियर की कार से कुचलकर हत्या

Indore: मध्य प्रदेश के इंदौर में पेंटहाउस को किराए पर देने के विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। लसूड़िया थाना क्षेत्र के शिव वाटिका टाउनशिप में एक युवक ने कार से कुचलकर महिला की हत्या कर दी। मृतका की पहचान शंपा पाठक पांडे के रूप में हुई है, जो Infosys में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थीं। घटना बुधवार रात करीब 10:30 बजे एमआर-11 स्थित सागरश्री एन्क्लेव बिल्डिंग में हुई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी मोहित चौधरी और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया है।
पेंटहाउस बना विवाद की वजह
पुलिस के मुताबिक, बिल्डिंग में रहने वाले कुलदीप चौधरी ने अपना पेंटहाउस Airbnb के जरिए किराए पर दे रखा था। यहां रोज नए लोगों के आने से रहवासी नाराज थे और इसे लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। बुधवार रात इसी बात को लेकर कहासुनी बढ़ गई। रहवासियों ने पहले पेंटहाउस की बिजली बंद की, जिसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई।
कार से कुचलने की पूरी वारदात
विवाद के दौरान आरोपी मोहित चौधरी कार लेकर मौके पर पहुंचा और तेज रफ्तार (60-70 किमी/घंटा) में पहले एक महिला कर्मचारी को टक्कर मारी। इसके बाद उसने शंपा पांडे को निशाना बनाया। घायल शंपा को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पूरी घटना बिल्डिंग के CCTV कैमरों में कैद हो गई है। पुलिस ने DVR जब्त कर जांच शुरू कर दी है।
पति का आरोप- जानबूझकर नहीं रोकी कार
मृतका के पति सौरभ पांडे ने बताया कि शोर सुनकर वे नीचे आए थे। इसी दौरान आरोपी ने तेज रफ्तार में कार चलाई। उनका कहना है कि आरोपी चाहता तो कार रोक सकता था, लेकिन उसने पहले टक्कर मारी और फिर कार नहीं रोकी, जिससे गंभीर चोट लगने से उनकी पत्नी की मौत हो गई।
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MP News: चार्जिंग के दौरान कार में लगी आग से 8 की मौत, शॉर्ट सर्किट से 3 मंजिला मकान में फैली आग

Indore: इंदौर में एक दर्दनाक हादसे में इलेक्ट्रिक कार में चार्जिंग के दौरान लगी आग ने 8 लोगों की जान ले ली, जबकि 4 लोग घायल हो गए। घटना बुधवार तड़के 3:30 से 4 बजे के बीच बंगाली चौराहे के पास ग्रेटर बृजेश्वरी कॉलोनी में हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार एक नामी कंपनी की EV में शॉर्ट सर्किट से आग लगी, जिसने देखते ही देखते पूरे 3 मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया। घर में लगे डिजिटल लॉक समय पर नहीं खुल पाए, जिससे अंदर सो रहे लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।
परिवार के 8 लोगों की मौत, मेहमान भी शामिल
हादसे में रबर कारोबारी मनोज पुगलिया, उनकी गर्भवती बहू सिमरन सहित कुल 8 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में से 6 लोग रिश्तेदार थे, जो किशनगंज से मंगलवार को ही इंदौर आए थे। पुलिस के अनुसार आग ने घर में रखे गैस सिलेंडरों को भी चपेट में ले लिया, जिससे एक के बाद एक धमाके हुए और मकान का हिस्सा ढह गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि सूचना देने के करीब एक घंटे बाद फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची, तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी।
एक साथ 7 चिताएं जलीं
मृतकों का अंतिम संस्कार तिलकनगर मुक्तिधाम में किया गया, जहां एक साथ 7 चिताएं जलीं। एक बच्चे के शव को दफनाया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने हादसे पर शोक जताते हुए मृतकों के परिजनों को ₹2-2 लाख और घायलों को ₹50 हजार की सहायता राशि देने की घोषणा की। वहीं मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि दी।














