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MP Cabinet: चितरंगी सिंचाई परियोजना के लिये 1320 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति, साइबर तहसील का होगा विस्तार

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MP Cabinet: Administrative approval of Rs 1320 crore for Chitrangi Irrigation Project, Cyber ​​Tehsil will be expanded

Bhopal: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा सिंगरौली जिले की चितरंगी दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिये 1320.14 करोड़ रुपए (सैंच्य क्षेत्र 32,125 हेक्टेयर) की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृत परियोजना से सिंगरौली जिले की चितरंगी तहसील के 132 ग्राम (सैंच्य क्षेत्र 28,192 हेक्टेयर) एवं देवसर तहसील के 10 ग्राम (सैंच्य क्षेत्र 3,933 हेक्टेयर) लाभान्वित होंगे।

साइबर तहसील का विस्तार करने 30 पदों की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा साइबर तहसील परियोजना के लिये पर्याप्त अमला उपलब्ध कराये जाने की स्वीकृति दी गई। पूरे प्रदेश में विस्तार किये जाने के लिए तहसीलदार संवर्ग के जिलों हेतु स्वीकृत 619 पदों में से तहसीलदार के 10 पद, प्रतिनियुक्ति हेतु रक्षित नायब तहसीलदारों के 55 पदों में से 15 पद और 03 सहायक वर्ग-3 श्रेणी के कर्मचारियों को पद सहित प्रमुख राजस्व आयुक्त कार्यालय में साइबर तहसील के लिए अंतरित करने की स्वीकृति दी गई। इसी प्रकार 02 भृत्य को आउटसोर्स से नियुक्त किये जाने की स्वीकृति दी गई।

मिशन शक्ति अंतर्गत 364 पदों की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा मिशन शक्ति अंतर्गत भारत सरकार द्वारा जारी संशोधित निर्देशों के अनुसार महिला सशक्तिकरण केंद्र की प्रदेश के समस्त जिलों में 15 वें वित्त आयोग की अवधि 2025-26 तक संचालित करने की स्वीकृति दी गयी। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए महिलाओं के लिए संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों को अंतर-क्षेत्रीय अभिसरण की सुविधा प्रदान करना एवं ऐसा वातावरण तैयार करना, जिसमे महिलाएं अपनी पूरी क्षमता को समझ कर उसका उपयोग कर सकें।

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प्रत्येक जिला हब में जिला मिशन समन्वयक-01, जेंडर स्पेशलिस्ट-02, वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ 01, एकाउंट असिस्टेंट-01, आईटी असिस्टेंट-01 तथा एम. टी.एस-01 के पदों की स्वीकृति दी गई। इस प्रकार प्रदेश के सभी जिला हब को मिलाकर कुल 364 पदों की स्वीकृति दी गयी। स्वीकृत पदों की पूर्ति निधारित प्रक्रिया अनुसार किये जाने हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग को अधिकृत किया गया है।

मध्यप्रदेश नगर पालिका (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश 2024 की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1961 की धारा 43-क में शब्द ” दो वर्ष” के स्थान पर “तीन वर्ष” स्थापित किये जाने हेतु संशोधन के संबंध में मध्यप्रदेश नगर पालिका (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश 2024 पर स्वीकृति दी गई।

87 लाख रूपये से अधिक मुआवजा राशि का अनुसमर्थन

रीवा हवाई पट्टी को हवाई अड्डे के रूप विकास एवं विस्तार देने के लिए मंत्रि-परिषद् की पूर्व बैठक 26.09.23 एवं 13.12.22 द्वारा भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा चाही गई आवश्यक भूमि का आवंटन और मुआवजा राशि का भुगतान करने का निर्णय लिया गया था। हवाई अड्डे के निर्माण हेतु अधिग्रहित की गई भूमि में सतना जिले की ग्राम केरार एवं पैपखरा, तहसील रामपुर बघेलान की भूमि भी आई थी। आपसी सहमति से भूमि क्रय हेतु 1% सर्विस टैक्स सहित कलेक्टर सतना द्वारा 87 लाख 50 हजार रूपये की मुआवजा राशि का आवंटन चाहा गया था, जो उन्हें आवंटित किया जा चुका है। इसका आज मंत्रि-परिषद की बैठक में अनुसमर्थन किया गया।

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उच्च न्यायिक सेवा नियम 2017 के नियमों में संशोधन का अनुसमर्थन

मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश उच्च न्यायिक सेवा (भर्ती तथा सेवा की शर्ते) नियम, 2017 के क्रमशः नियम-2, नियम-3, नियम-4, नियम-9 एवं नियम-11 तथा अनुसूची-एक को प्रतिस्थापित किए जाने के संबंध में मुख्यमंत्री के आदेश दिनांक 13 अगस्त, 2024 एवं इसके परिपालन में विभाग द्वारा जारी अधिसूचना का अनुसमर्थ किया गया।

अन्य निर्णय

मंत्रि-परिषद् ने वित्त विभाग द्वारा पूंजीगत कार्यों के वित्तीय प्रबंधन हेतु “मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं अवसरंचना (योजना क्र. 6084)” अंतर्गत प्रशासकीय/कार्यादेश स्वीकृति के लिये सूचकांक-1 की अधिकतम सीमा शिथिल करते हुए 3 से 4.30 किये जाने की स्वीकृति दी। इस निर्णय से ग्रामीण क्षेत्रों में 2135 करोड़ रूपये से अधिक के अधोसंरचना एवं निर्माण कार्य हो सकेंगे।

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Bhopal: एमपी बोर्ड रिजल्ट का इंतजार खत्म, 10वीं-12वीं के नतीजे 7 से 12 अप्रैल के बीच संभव

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Bhopal: मध्यप्रदेश में एमपी बोर्ड के 10वीं और 12वीं के लाखों छात्रों का इंतजार अब जल्द खत्म होने वाला है। माध्यमिक शिक्षा मंडल इस साल 15 अप्रैल से पहले रिजल्ट जारी करने की तैयारी में है। संभावित तौर पर परिणाम 7 से 12 अप्रैल के बीच घोषित किए जा सकते हैं।

स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार, रिजल्ट से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं अंतिम चरण में हैं और इसे पूरी तरह त्रुटिरहित बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभाग की प्राथमिकता है कि समय पर परिणाम जारी कर छात्रों की आगे की पढ़ाई में कोई बाधा न आए।

इस वर्ष बोर्ड परीक्षाओं में करीब 16 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए हैं। इनमें लगभग 9 लाख 7 हजार विद्यार्थी 10वीं और करीब 7 लाख छात्र 12वीं की परीक्षा में बैठे। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए पूरे प्रदेश में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।

स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि रिजल्ट जारी करने से पहले कॉपी जांच, क्रॉस चेकिंग और वैरिफिकेशन की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है। हर स्तर पर सावधानी बरती जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि न रह जाए।

उन्होंने कहा कि रिजल्ट पूरी तरह “फुलप्रूफ” होना चाहिए, जिससे छात्रों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। संभावना है कि अप्रैल के पहले पखवाड़े में ही परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।

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MP News: एमपी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दूसरे राज्य का OBC सर्टिफिकेट मान्य नहीं, शादी से नहीं मिलेगा आरक्षण

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Gwalior:मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में साफ किया है कि दूसरे राज्य से जारी OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) प्रमाण पत्र के आधार पर मध्य प्रदेश में आरक्षण का लाभ नहीं लिया जा सकता। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि विवाह के आधार पर किसी महिला को पति की जाति का आरक्षण लाभ नहीं मिलेगा। यह मामला अर्चना दांगी से जुड़ा है, जो मूल रूप से यूपी के जालौन की निवासी हैं। उन्होंने उच्च माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा-2018 पास की थी, लेकिन दस्तावेज सत्यापन के दौरान उनका चयन इस आधार पर निरस्त कर दिया गया कि उनका OBC प्रमाण पत्र उत्तर प्रदेश का था।

याचिकाकर्ता का तर्क खारिज

याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि दांगी जाति दोनों राज्यों में OBC सूची में शामिल है और विवाह के बाद वे मध्य प्रदेश की निवासी बन चुकी हैं, इसलिए उन्हें आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। हालांकि, कोर्ट ने इस तर्क को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि जाति का निर्धारण जन्म से होता है, न कि विवाह या निवास बदलने से। दूसरे राज्य का जाति प्रमाण पत्र मध्य प्रदेश में मान्य नहीं होगा।

सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला

कोर्ट ने Supreme Court of India के पूर्व फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति दूसरे राज्य में जाकर अपनी जाति का आरक्षण लाभ नहीं ले सकता, भले ही वह जाति दोनों राज्यों में सूचीबद्ध क्यों न हो।

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शादी से सामाजिक पहचान बदल सकती है, आरक्षण नहीं

न्यायालय ने स्पष्ट किया कि विवाह के बाद महिला सामाजिक रूप से पति की जाति का हिस्सा बन सकती है, लेकिन आरक्षण का लाभ नहीं ले सकती, क्योंकि यह सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन पर आधारित होता है। इन्हीं आधारों पर हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए संबंधित अधिकारियों के निर्णय को सही और विधिसम्मत बताया।

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MP News: एमपी में TET अनिवार्यता पर संग्राम, 12 संगठनों का संयुक्त मोर्चा, 8 से 18 अप्रैल तक आंदोलन

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MP TET Controversy: मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) अनिवार्यता को लेकर विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। प्रदेश के 12 प्रमुख शिक्षक संगठनों ने एकजुट होकर “अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा” का गठन किया है और सरकार के खिलाफ सड़क से लेकर न्यायालय तक संघर्ष का ऐलान किया है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि यह सिर्फ एक परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि सेवा सुरक्षा, अधिकार और भविष्य से जुड़ा मामला है। मोर्चा के अनुसार, सरकार द्वारा जारी आदेश ने करीब 1.5 लाख शिक्षकों को असमंजस की स्थिति में डाल दिया है।

8 से 18 अप्रैल तक आंदोलन का ऐलान

संयुक्त मोर्चा ने चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति तैयार की है-

  • 8 अप्रैल: जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन
  • 11 अप्रैल: ब्लॉक स्तर पर धरना और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन
  • 18 अप्रैल: Bhopal में “मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा”

रिव्यू पिटीशन और आदेश निरस्त करने की मांग

शिक्षक संगठनों की प्रमुख मांग है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ रिव्यू पिटीशन दायर करे। साथ ही लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) द्वारा जारी आदेश को तुरंत निरस्त किया जाए।

आदेश में अस्पष्टता से बढ़ी चिंता

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शिक्षकों का आरोप है कि DPI के आदेश में यह स्पष्ट नहीं है कि किन शिक्षकों को TET देना अनिवार्य होगा और किन्हें छूट मिलेगी। इसी कारण शिक्षकों में असुरक्षा और भ्रम की स्थिति बनी हुई है। संयुक्त मोर्चा ने TET के अलावा सेवा अवधि की गणना और वरिष्ठता को लेकर भी स्पष्ट नीति बनाने की मांग की है।FEA

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MP News: मध्य प्रदेश में बिजली महंगी, 4.80% टैरिफ बढ़ा, अब 7.05 रु/यूनिट, दूसरे राज्यों को सस्ती सप्लाई पर विवाद

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Bhopal: मध्य प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को झटका लगा है। मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नया टैरिफ जारी करते हुए औसतन 4.80% की बढ़ोतरी कर दी है। इससे राज्य के करीब 1.90 करोड़ उपभोक्ताओं के बिजली बिल बढ़ेंगे।नए टैरिफ के मुताबिक, आम उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दर लगभग 7.05 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है। वहीं, राज्य से बाहर सप्लाई की जाने वाली बिजली की दर 3.81 रुपये प्रति यूनिट रखी गई है। यानी प्रदेश के उपभोक्ताओं को करीब 3 रुपये प्रति यूनिट ज्यादा कीमत चुकानी होगी।

सरप्लस बिजली सस्ते में बाहर सप्लाई

टैरिफ आदेश के अनुसार राज्य में करीब 10,198 मिलियन यूनिट बिजली सरप्लस है। इस अतिरिक्त बिजली को दूसरे राज्यों को कम दर पर भेजा जा रहा है। 255 पेज के आदेश में यह अंतर स्पष्ट तौर पर दिखाया गया है।

निजी कंपनियों से समझौते बने वजह

मध्यप्रदेश नागरिक उपभोक्ता मंच के सदस्य मनीष शर्मा का कहना है कि सरकार निजी कंपनियों और अन्य राज्यों से बिजली खरीदने के लिए दीर्घकालिक समझौते (MoU) करती है। गर्मी में जब मांग बढ़ती है, तब इनका उपयोग होता है। लेकिन यदि खरीदी गई पूरी बिजली खपत नहीं होती, तब भी उसका भुगतान करना पड़ता है। ऐसे में अतिरिक्त बिजली को कम दर पर बाहर बेचना पड़ता है, जबकि राज्य के भीतर दरें बढ़ाकर लागत की भरपाई की जाती है।

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कुछ श्रेणियों को मिली राहत

नए टैरिफ में मेट्रो और उच्च दाब (HT) वाले कुछ उपभोक्ताओं को राहत दी गई है। इन श्रेणियों में दरों में बढ़ोतरी नहीं की गई। गुड़ और शक्कर उद्योग से जुड़े उपभोक्ताओं को भी फायदा मिला है।

सरकार के पास बदलाव का अधिकार

Electricity Act 2003 की धारा 108 के तहत राज्य सरकार नियामक आयोग को निर्देश देकर इन दरों की दोबारा समीक्षा करवा सकती है। ऐसे में आने वाले समय में टैरिफ में बदलाव की संभावना भी बनी हुई है।

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MP News: इंदौर में दिल दहला देने वाली वारदात, पेंटहाउस विवाद में महिला इंजीनियर की कार से कुचलकर हत्या

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Indore: मध्य प्रदेश के इंदौर में पेंटहाउस को किराए पर देने के विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। लसूड़िया थाना क्षेत्र के शिव वाटिका टाउनशिप में एक युवक ने कार से कुचलकर महिला की हत्या कर दी। मृतका की पहचान शंपा पाठक पांडे के रूप में हुई है, जो Infosys में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थीं। घटना बुधवार रात करीब 10:30 बजे एमआर-11 स्थित सागरश्री एन्क्लेव बिल्डिंग में हुई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी मोहित चौधरी और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया है।

पेंटहाउस बना विवाद की वजह

पुलिस के मुताबिक, बिल्डिंग में रहने वाले कुलदीप चौधरी ने अपना पेंटहाउस Airbnb के जरिए किराए पर दे रखा था। यहां रोज नए लोगों के आने से रहवासी नाराज थे और इसे लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। बुधवार रात इसी बात को लेकर कहासुनी बढ़ गई। रहवासियों ने पहले पेंटहाउस की बिजली बंद की, जिसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई।

कार से कुचलने की पूरी वारदात

विवाद के दौरान आरोपी मोहित चौधरी कार लेकर मौके पर पहुंचा और तेज रफ्तार (60-70 किमी/घंटा) में पहले एक महिला कर्मचारी को टक्कर मारी। इसके बाद उसने शंपा पांडे को निशाना बनाया। घायल शंपा को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पूरी घटना बिल्डिंग के CCTV कैमरों में कैद हो गई है। पुलिस ने DVR जब्त कर जांच शुरू कर दी है।

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पति का आरोप- जानबूझकर नहीं रोकी कार

मृतका के पति सौरभ पांडे ने बताया कि शोर सुनकर वे नीचे आए थे। इसी दौरान आरोपी ने तेज रफ्तार में कार चलाई। उनका कहना है कि आरोपी चाहता तो कार रोक सकता था, लेकिन उसने पहले टक्कर मारी और फिर कार नहीं रोकी, जिससे गंभीर चोट लगने से उनकी पत्नी की मौत हो गई।

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