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खरगोन: कर्फ्यू में दी गई 2 घंटे की छूट, बिना वाहन निकल सकेंगे महिला-पुरुष

खरगोन: जिला प्रशासन ने शुक्रवार को भी सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक 2 घंटे के लिए महिलाओं-पुरुषों को कर्फ्यू में छूट दी। गुरुवार की तरह दुकानदार सब्जी, फल, दूध, किराना, मेडिकल, इलेक्ट्रिक रिपेयरिंग, मिठाई और नमकीन की दुकाने खोल सकेंगे। जिला प्रशासन ने दुकानों को छोड़कर दूसरे स्थानों पर 5 या इससे ज्यादा लोगों को इक्ट्ठा होने की परमिशन नहीं दी है। वहीं आज भी वाहन ले जाने की परमिशन नहीं दी गई है। बता दें खरगोन में रविवार से कर्फ्यू लगा है।
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राज्यसभा चुनाव 2026: BJP ने तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल को बनाया उम्मीदवार, कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन पर लगाया दांव

Bhopal: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने 11 प्रत्याशियों के नामों को मंजूरी दी है। मध्य प्रदेश की दो राज्यसभा सीटों के लिए भाजपा ने राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग और प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया है। देश के 12 राज्यों की 26 राज्यसभा सीटों पर 18 जून को मतदान होना है। मतदान के बाद उसी दिन परिणाम भी घोषित किए जाने की संभावना है।
BJP ने 11 उम्मीदवारों का किया ऐलान
भाजपा की सूची में गुजरात से 4, मध्य प्रदेश और राजस्थान से 2-2, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर से 1-1 तथा ओडिशा राज्यसभा उपचुनाव के लिए 1 उम्मीदवार को टिकट दिया गया है। मध्य प्रदेश में भाजपा ने संगठन के वरिष्ठ नेता तरुण चुग और प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल पर भरोसा जताया है।
कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को दिया टिकट
वहीं कांग्रेस ने भी 5 राज्यों की 7 राज्यसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। मध्य प्रदेश से पार्टी ने पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया है। मीनाक्षी नटराजन मंदसौर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और उन्हें कांग्रेस नेता राहुल गांधी का करीबी माना जाता है।
दिग्विजय सिंह की सीट हो रही खाली
राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है। उन्होंने तीसरी बार राज्यसभा जाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद कांग्रेस में राज्यसभा टिकट को लेकर कई नेताओं की सक्रियता बढ़ गई थी। हालांकि पार्टी नेतृत्व की सहमति के बाद मीनाक्षी नटराजन के नाम पर अंतिम मुहर लगी।
कब होगा नामांकन?
- भाजपा प्रत्याशी रजनीश अग्रवाल 6 जून को नामांकन दाखिल करेंगे।
- भाजपा प्रत्याशी तरुण चुग भी 6 जून को नामांकन भरेंगे।
- कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन 8 जून को नामांकन दाखिल करेंगी।
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MP Weather: MP में मानसून से पहले मौसम बदला, 29 जिलों में आंधी-बारिश

Bhopal: मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की आधिकारिक एंट्री भले ही 20 जून के बाद होने की संभावना है, लेकिन उससे पहले प्री-मानसून गतिविधियां पूरे प्रदेश में जोर पकड़ चुकी हैं। पिछले 24 घंटे के दौरान 29 जिलों में आंधी, बारिश और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि दर्ज की गई।
सबसे ज्यादा बारिश श्योपुर में हुई, जहां करीब पौने 2 इंच पानी गिरा। तेज बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। राजधानी भोपाल में भी रातभर बारिश का दौर जारी रहा। गुरुवार सुबह तक कई क्षेत्रों में बूंदाबांदी होती रही।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार मंडला में पौन इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि भोपाल, नर्मदापुरम और राजगढ़ में करीब आधा इंच पानी बरसा। कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी।
इन जिलों में तेज आंधी-बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक गुना, दमोह, सागर, उमरिया, मलाजखंड, रायसेन, सीहोर, शाजापुर, विदिशा और मैहर में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। इसके अलावा बैतूल, हरदा, पन्ना, छतरपुर, निवाड़ी, रीवा, धार, बड़वानी, बुरहानपुर, मुरैना, अशोकनगर, जबलपुर, नरसिंहपुर और शहडोल समेत कई जिलों में भी वर्षा दर्ज की गई।
भोपाल में ओले भी गिरे
राजधानी भोपाल के कुछ इलाकों में बारिश के साथ ओलावृष्टि की भी सूचना मिली है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां जारी रह सकती हैं और कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार लगातार सक्रिय हो रही प्री-मानसून गतिविधियां मानसून की प्रगति के लिए अनुकूल संकेत मानी जा रही हैं।
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MP News: रक्षाबंधन से पहले शुरू हो सकती है ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’, बहनों को बस यात्रा की सुविधा देने की तैयारी

Bhopal: मध्य प्रदेश में रक्षाबंधन से पहले राज्य परिवहन व्यवस्था को नई शुरुआत मिल सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के तहत बस संचालन शुरू करने की तैयारी की जा रही है। सरकार की कोशिश है कि रक्षाबंधन तक बहनों को राज्य परिवहन की बसों में सफर की सुविधा मिल सके।
मंगलवार को विधानसभा में मीडिया से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चरणबद्ध तरीके से इस योजना को लागू करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस साल रक्षाबंधन पर बहनें अपने भाइयों के घर राज्य परिवहन की बसों से यात्रा कर सकेंगी।
आदिवासी और दूरस्थ इलाकों को मिलेगी राहत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के कई आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में आज भी लोगों को आवागमन के लिए लोडिंग वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। सुगम परिवहन सेवा शुरू होने के बाद इन इलाकों में लोगों को सुरक्षित, सुलभ और बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल शहरों तक परिवहन सीमित रखना नहीं, बल्कि गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों को भी मजबूत सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ना है।
राज्य परिवहन की भूमिका होगी अहम
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य परिवहन आम नागरिकों के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सरकार जहां एक ओर बेहतर और आधुनिक सड़कों का निर्माण कर रही है, वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं को भी मजबूत करने पर फोकस किया जा रहा है।
दूसरे राज्यों से भी जोड़ा जाएगा नेटवर्क
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार की योजना प्रदेश के भीतर मजबूत बस नेटवर्क तैयार करने के साथ अन्य राज्यों से बेहतर संपर्क स्थापित करने की भी है। इससे लोगों को लंबी दूरी की यात्रा में भी अधिक सुविधा मिलेगी।
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MP Cabinet Decisions: 48 लाख परिवारों को मिलेगा रजिस्ट्री दस्तावेज, 92 लाख छात्रों को सिली-सिलाई यूनिफॉर्म

Bhopal: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में जनकल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी विकास से जुड़े कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक में करीब 21,485 करोड़ रुपए के प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। इनमें स्वामित्व योजना के तहत लाखों परिवारों को रजिस्ट्रीकृत संपत्ति दस्तावेज उपलब्ध कराने, सरकारी स्कूलों के छात्रों को तैयार यूनिफॉर्म देने और मेडिकल शिक्षा के विस्तार जैसे महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं।
48 लाख परिवारों को मिलेगा रजिस्ट्रीकृत स्वामित्व दस्तावेज
कैबिनेट ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026 को मंजूरी दी है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रोन और सैटेलाइट सर्वे से चिन्हित निजी संपत्तियों के मालिकों को रजिस्ट्रीकृत दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रदेश के 55 जिलों में लगभग 48.80 लाख निजी और 19 लाख सरकारी संपत्तियों का चिन्हांकन किया गया है। इन दस्तावेजों की रजिस्ट्री में लगने वाला स्टाम्प शुल्क और पंजीयन शुल्क सरकार स्वयं वहन करेगी। इस पर करीब 3800 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
सरकार का दावा है कि इससे लोगों को बैंक ऋण और अन्य वित्तीय सुविधाएं प्राप्त करने में आसानी होगी। मध्यप्रदेश ऐसा कदम उठाने वाला देश का पहला राज्य बनेगा।
अब छात्रों को सीधे नहीं मिलेंगे यूनिफॉर्म के पैसे
कैबिनेट ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा पहली से आठवीं तक के करीब 92 लाख विद्यार्थियों को सिली-सिलाई यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने का फैसला किया है। अभी तक विद्यार्थियों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 600 रुपए भेजे जाते थे, लेकिन अब सरकार टेंडर प्रक्रिया के जरिए गणवेश तैयार कराकर छात्रों को दो जोड़ी यूनिफॉर्म देगी। इसके लिए मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार इस मद में हर साल करीब 300 से 400 करोड़ रुपए खर्च करती है।
भोजशाला में बनेगा सरस्वती लोक
कैबिनेट ने धार स्थित भोजशाला परिसर में प्रस्तावित सरस्वती लोक निर्माण को भी मंजूरी दे दी। यहां भारतीय ज्ञान परंपरा, शिक्षा, संस्कृति और इतिहास से जुड़े विषयों को प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही राजा भोज शोध संस्थान की स्थापना भी होगी। सरकार की योजना इसे उज्जैन के महाकाल लोक और अयोध्या के श्रीराम मंदिर परिसर की तर्ज पर विकसित करने की है।
स्वास्थ्य क्षेत्र को मिली 17 हजार करोड़ से ज्यादा की सौगात
कैबिनेट ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के लिए 17,059 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं।
- 12 मेडिकल कॉलेजों और संबद्ध अस्पतालों के संचालन के लिए: 14,363.95 करोड़ रुपए
- पीजी सीटों और संसाधनों के विस्तार के लिए: 657 करोड़ रुपए
- एमबीबीएस सीटों में वृद्धि के लिए: 838 करोड़ रुपए
- उज्जैन, सिवनी, छतरपुर, दमोह और बुदनी में नए मेडिकल कॉलेजों के लिए: 1200 करोड़ रुपए
विधायकों को मिलेगा किराया भत्ता
भोपाल में विधायक विश्राम गृह के पुनर्निर्माण के दौरान प्रभावित 27 विधायकों को निजी आवास किराए पर लेने के लिए 40 हजार रुपए प्रतिमाह दिए जाएंगे। इससे सरकार पर सालाना करीब 1.29 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार आएगा।
गेहूं खरीदी और UCC पर भी चर्चा
बैठक में जानकारी दी गई कि इस वर्ष देश में सबसे अधिक गेहूं खरीदी मध्यप्रदेश में हुई है। वहीं समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर सुझाव लेने की प्रक्रिया 30 जुलाई तक पूरी करने की बात कही गई।
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ट्विशा शर्मा डेथ केस: समर्थ और पूर्व जज गिरिबाला सिंह 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, 16 जून तक जेल भेजे गए

Bhopal: भोपाल की एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा डेथ केस में सीबीआई की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी पति समर्थ और सास, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। कोर्ट ने दोनों को 16 जून तक भोपाल सेंट्रल जेल भेजने के आदेश दिए हैं। दोनों आरोपियों को जेल में अन्य कैदियों से अलग रखा जाएगा।
मंगलवार (2 जून) को रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद सीबीआई ने दोनों आरोपियों को सीजेएम कोर्ट में पेश किया। इस दौरान सीबीआई ने पुलिस रिमांड की मांग नहीं की, जिसके बाद अदालत ने न्यायिक हिरासत का आदेश जारी कर दिया।
कोर्ट में दोनों पक्षों के वकीलों के बीच बहस
सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में दोनों पक्षों के वकीलों के बीच तीखी बहस हुई। गिरिबाला सिंह ने आरोप लगाया कि ट्विशा पक्ष के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने जबलपुर कोर्ट में उनके बेटे समर्थ के साथ मारपीट की थी। इस पर अनुराग श्रीवास्तव ने जवाब देते हुए कहा कि जबलपुर कोर्ट परिसर में CCTV कैमरे लगे हैं और यदि ऐसा हुआ है तो फुटेज निकलवाकर जांच करा ली जाए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि समर्थ को यह बताना चाहिए कि वह कोर्ट परिसर में कहां छिपे हुए थे।
CBI कर रही बयानों और सबूतों का मिलान
जांच के दौरान समर्थ और गिरिबाला सिंह ने अपने ऊपर लगे मारपीट और सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपों से इनकार किया है। दोनों का कहना है कि ट्विशा के साथ उनके संबंध सामान्य थे। सीबीआई दोनों के बयानों का उपलब्ध साक्ष्यों से मिलान कर रही है। सोमवार को पूरे घटनाक्रम का रीक्रिएशन भी कराया गया, जबकि जब्त किए गए सबूतों की जांच जारी है।
लिगेचर बेल्ट को लेकर जांच में बड़ा सवाल
जांच में एक गंभीर लापरवाही भी सामने आई है। जिस लिगेचर बेल्ट के सहारे ट्विशा कथित तौर पर फंदे पर लटकी मिली थीं, उसे नियमानुसार तुरंत सुरक्षित नहीं किया गया। जांच में सामने आया कि घटनास्थल से बरामद बेल्ट को फोरेंसिक प्रक्रिया के तहत तत्काल जमा कराने के बजाय जांच अधिकारी सब-इंस्पेक्टर दिनेश शर्मा कथित तौर पर करीब दो दिन तक अपनी कार में रखे रहे। बाद में इसे फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजा गया।
सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई अब इस मामले में सब-इंस्पेक्टर दिनेश शर्मा को पूछताछ के लिए नोटिस जारी कर सकती है। मामले से जुड़े अन्य लोगों को भी तलब किए जाने की संभावना है।
नौकरी और आर्थिक तनाव के एंगल की भी जांच
जांच एजेंसियां ट्विशा शर्मा की आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों की भी जांच कर रही हैं। शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि जिस कंपनी में ट्विशा काम कर रही थीं, वहां से उन्हें पिछले छह-सात महीनों से नियमित वेतन नहीं मिला था। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि क्या आर्थिक तनाव या निजी परिस्थितियों का उनकी मानसिक स्थिति पर कोई असर पड़ा था।






















