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Gwalior: IIITM के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं राष्ट्रपति, 7 विद्यार्थियों को दिए गोल्ड मेडल

Gwalior(IIITM): राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गुरुवार को अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान ग्वालियर (ABV-IIITM) के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में शिरकत की। समारोह में प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय नागरिक उड्डयन एवं इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भारत सिंह कुशवाह भी मौजूद रहे।
अपने को बेहतर बनाने के प्रयास निरंतर जारी रहे-राष्ट्रपति
दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि विद्यार्थी आत्म-विश्वास के साथ दुनिया में कदम रखें और आगे बढ़ते जाएं। लक्ष्य से निगाह न हटने दें, कोई भी बाधा और चुनौती आपको अपना लक्ष्य हासिल करने से नहीं रोक पाएगी। सफल होकर आप सब दूसरों को भी आगे बढ़ने में मदद करें। साथ ही शिक्षा का उपयोग कर देश को आगे ले जाएं और अपनी सोच व कार्यों से देश व दुनिया की समस्याओं का समाधान ढूंढने में योगदान दें। जीवन में स्वयं से सवाल कर अपने को बेहतर बनाने का प्रयास निरंतर जारी रहे।
7 विद्यार्थियों को मिले गोल्ड मेडल
समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने 7 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल प्रदान किए। इसमें पीयूष चेटवानी एमबीए, रितिका तोमर एमटेक, सौम्या पाठक एमबीए, यश अग्रवाल एमटेक (सीएन), अश्विनी कुमार पादी एमटेक (आईएस), मुशीर उल हक एमटेक (वीएलएसआई) और देबादित्य पाल बीटेक शामिल हैं। पीयूष चेटवानी और रितिका तोमर को डबल गोल्ड मेडल प्रदान किए गए। वर्ष 2023 में पास आउट 283 विद्यार्थियों को बीटेक, एमटेक एवं मेनेजमेंट की उपाधियां प्रदान की गईं। समारोह में परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व चेयरमेन पद्मविभूषण डॉ. अनिल काकोड़कर को डॉक्टर ऑफ साइंस की मानद उपाधि से सम्मानित किया। राष्ट्रपति मुर्मु ने ट्रिपल आईटीएम में 500 बेड के छात्रावास की आधारशिला भी रखी। साथ ही मलिन बस्तियों के बच्चों से मुलाकात कर उन्हें पुस्तकें भेंट की।
सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग सामाजिक न्याय के साधन के रूप में हो – राज्यपाल पटेल
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि कल्याणकारी राज्य में वही प्रौद्योगिकी सफल है, जिसका उपयोग सामाजिक न्याय के एक साधन के रूप में हो सके। राज्यपाल ने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि नवाचारों के माध्यम से नागरिकों के कल्याण और विकास के नए समाधान प्रस्तुत करने के लिये तत्परता से कार्य करें। राष्ट्र का कल्याण युवाओं का लक्ष्य होना चाहिए।
टेलेंट, टेक्नालॉजी, प्रबंधन और नेतृत्व का संगम भारत को बनायेगा विश्व गुरू – मुख्यमंत्री चौहान
समारोह में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज भारत के पास टेलेंट, टेक्नालॉजी, प्रबंधन और नेतृत्व का संगम है, जो भारत को आने वाले समय में विश्व गुरू बनायेगा। जिस प्रकार 18वीं सदी में औद्योगिक क्रांति के दौरान वैश्विक अर्थ-व्यवस्था को गतिमान रखने के लिये डीजल और पेट्रोल की आवश्यकता थी, उसी प्रकार 21वीं सदी में गति के लिये डाटा ईंधन का काम कर रहा है। एनालेटिक्स, मशीन लर्निंग, बिग डाटा और क्वांटम कम्प्यूटिंग सभी आज के युग की बड़ी आवश्यकता हैं। विद्यार्थी स्वयं इन सभी में महारत हासिल कर, समाज और देश को आगे बढ़ायें।
विद्यार्थी छोटे लक्ष्य से संतुष्ट न होकर सदैव आगे बढ़ने का भाव रखें : केन्द्रीय मंत्री सिंधिया
केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने विद्यार्थियों का आहृवान किया कि अपने मन में सदैव यह भाव रखें कि हम केवल लक्ष्य की पूर्ति से संतुष्ट न होकर सदैव आगे बढ़ने का प्रयास करते रहेंगे। साथ ही जिस संस्थान से शिक्षा ग्रहण की है उस संस्थान का मान-सम्मान रखकर देश का गौरव बढ़ाने में योगदान देते रहें। भारत तेजी से आर्थिक तरक्की कर रहा है। कुछ साल पहले तक भारत 11वीं आर्थिक शक्ति हुआ करता था जो अब पांचवीं आर्थिक शक्ति बन गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2030 तक भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थ-व्यवस्था वाला देश बन जायेगा। देश का भविष्य निर्माण में आप सबके सहयोग से ही होगा।
जीवाजीराव सिंधिया म्यूजियम देखने पहुंची राष्ट्रपति
राष्ट्रपति मुर्मु ने आज अपने ग्वालियर प्रवास के दौरान जीवाजीराव सिंधिया म्यूजियम का अवलोकन किया। इस दौरान राष्ट्रपति के साथ राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय नागरिक उड्डयन एवं इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया थे। जल संसाधन मंत्री एवं मिनिस्टर इन वेटिंग तुलसी सिलावट, गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, मंत्रि-परिषद के अन्य सदस्यों एवं सांसद विवेक नारायण शेजवलकर आदि ने राष्ट्रपति मुर्मु का स्वागत किया। म्यूजियम आगमन पर राष्ट्रपति का लोक एवं शास्त्रीय नर्तकों ने परंपरागत तरीके से स्वागत किया। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी धर्मपत्नी प्रियदर्शिनी राजे सिंधिया ने राष्ट्रपति मुर्मु को समृद्धशाली और गौरवशाली मराठा इतिहास के बारे में उन्हें बताया।

जीवाजीराव सिंधिया म्यूजियम पहुंची राष्ट्रपति
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MP News: विजय शाह मामले में SIT जांच पूरी,सुप्रीम कोर्ट में सीलबंद रिपोर्ट पेश, अब राज्यपाल के फैसले का इंतजार

नई दिल्ली/ भोपाल: मध्य प्रदेश के मंत्री कुंवर विजय शाह की कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई विवादित टिप्पणी के मामले में जांच पूरी हो गई है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में अदालत के सामने पेश की। अब मामले में अगला अहम कदम अभियोजन की मंजूरी है। यह प्रस्ताव राज्यपाल के स्तर पर लंबित है। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इस मामले में हस्तक्षेप करने के बजाय सक्षम प्राधिकारी को निर्णय लेने देने का रुख अपनाया है।
मंजूरी मिली तो चार्जशीट दाखिल होगी
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के सामने सुनवाई हुई। मध्य प्रदेश सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज ने बताया कि SIT अपनी जांच पूरी कर चुकी है और रिपोर्ट अदालत में पेश कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि अभियोजन की मंजूरी के लिए प्रस्ताव सक्षम प्राधिकारी के पास भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद जांच एजेंसी चार्जशीट दाखिल करेगी। अगर मंजूरी नहीं मिलती है तो क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने की स्थिति बन सकती है।
सुप्रीम कोर्ट: पहले राज्यपाल को फैसला लेने दें
सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कहा कि राज्यपाल को इस मामले पर फैसला लेने दिया जाना चाहिए। CJI सूर्यकांत ने भी कहा कि जांच रिपोर्ट सक्षम प्राधिकारी के सामने जानी है। इस तरह सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल अभियोजन की मंजूरी के मुद्दे पर कोई निर्देश देने से परहेज किया और संबंधित प्राधिकारी के फैसले का इंतजार किया।
विजय शाह ने FIR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था
कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी के बाद विजय शाह के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। शाह ने इस FIR और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसके बाद मामले में आपराधिक कार्रवाई शुरू हुई।
शाह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने सुनवाई के दौरान कहा कि मंत्री ने विवादित बयान के अगले ही दिन सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली थी। उन्होंने आग्रह किया कि उनकी माफी को अभियोजन की मंजूरी पर निर्णय लेते समय ध्यान में रखा जाए।
मामला अब किस स्थिति में है?
मंत्री विजय शाह के विवादित बयान मामले में SIT की जांच पूरी हो चुकी है। जांच रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में सीलबंद लिफाफे में पेश की गई है। अभियोजन की मंजूरी का प्रस्ताव राज्यपाल के स्तर पर लंबित है। मंजूरी मिलने पर चार्जशीट दाखिल की जाएगी। मंजूरी नहीं मिलने पर जांच एजेंसी के सामने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने का विकल्प होगा। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल सक्षम प्राधिकारी के फैसले का इंतजार किया है। इसलिए अब इस मामले में अगला बड़ा घटनाक्रम राज्यपाल के फैसले के बाद ही सामने आएगा।
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MP News: चित्रकूट में मंदाकिनी का जलस्तर खतरनाक स्तर पर, बाढ़ में रामघाट का पुल बहा, बांध टूटने से कई इलाके जलमग्न; सतना में ट्रेनों पर असर

सतना/चित्रकूट: मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की सीमा से लगे इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। चित्रकूट में गोरगी बांध टूटने की सूचना के बाद मंदाकिनी नदी उफान पर आ गई। नदी का जलस्तर करीब 30 फीट तक बढ़ने से रामघाट समेत आसपास के निचले इलाकों में पानी भर गया। रामघाट का करीब 300 मीटर लंबा पुल तेज बहाव की चपेट में आकर बहने की सूचना है।
सतना में भी बारिश और जलभराव से जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई जगह रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से रेल यातायात बाधित हुआ है। प्रशासन और राहत-बचाव दल प्रभावित इलाकों में सक्रिय हैं।
मंदाकिनी का रौद्र रूप, रामघाट में घुसा पानी
गोरगी बांध टूटने और लगातार बारिश के बाद मंदाकिनी का जलस्तर तेजी से बढ़ा। रामघाट और आसपास के इलाके पानी में डूब गए। कई जगह सड़क पर भी पानी भर गया, जिसके कारण आवाजाही मुश्किल हो गई। कुछ इलाकों में लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ा। रामघाट का करीब 300 मीटर लंबा पुल तेज बहाव में बहने की सूचना है। इससे दोनों ओर आवागमन प्रभावित हुआ है।
भरत घाट में दो मंजिला मकान डूबा
बाढ़ का पानी भरत घाट क्षेत्र तक पहुंच गया। यहां एक दो मंजिला मकान पानी में डूबने की स्थिति में पहुंच गया। घर में फंसे परिवार को नाव की मदद से सुरक्षित निकालने की कोशिश की गई। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।
सतना में रेलवे ट्रैक पर पानी
चित्रकूट के साथ सतना जिले में भी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। कुछ स्थानों पर रेलवे ट्रैक पर भी पानी आने से रेल परिचालन प्रभावित हुआ। शरभंग नदी के उफान के कारण मुंबई-हावड़ा रेल मार्ग पर भी असर पड़ा और कई ट्रेनों के संचालन में बदलाव/रोक की स्थिति बनी।
थानों और सरकारी परिसरों में भी जलभराव
सतना के कई इलाकों में पानी पुलिस थानों और सरकारी परिसरों तक पहुंच गया है। लगातार बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ रहा है। प्रशासन ने लोगों को उफनते नदी-नालों और पुल-पुलियों को पार नहीं करने की सलाह दी है।
चारों तरफ पानी, प्रशासन अलर्ट
चित्रकूट और सतना के प्रभावित इलाकों में प्रशासन की टीमें लगातार हालात पर नजर रख रही हैं। नदी किनारे और निचले क्षेत्रों के लोगों को सावधानी बरतने को कहा गया है। राहत और बचाव दलों को भी अलर्ट रखा गया है।
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MP News: उज्जैन में हॉर्न बजाने पर ट्रैक्टर एजेंसी मालिक की हत्या, 8-9 बदमाशों ने घेरकर चाकू से किए कई वार, 2 दोस्त भी घायल

उज्जैन: मध्यप्रदेश के उज्जैन के दमदमा में गुरुवार रात मामूली विवाद खूनी वारदात में बदल गया। रास्ते में वाहन खड़ा होने पर हॉर्न बजाने से नाराज 8-9 युवकों ने ट्रैक्टर एजेंसी संचालक यश मित्तल (27) और उसके दो दोस्तों पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में यश की मौत हो गई, जबकि उसके दोस्त अभय व्यास और मंगल घायल हैं। पुलिस ने चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
दमदमा मोड़ पर रास्ता नहीं मिला तो बजाया हॉर्न
मृतक यश मित्तल ऋषि नगर एक्सटेंशन का रहने वाला था। वह मूल रूप से तराना का निवासी था और माता-पिता के साथ उज्जैन में रहता था। यश चिमनगंज मंडी में ट्रैक्टर का शोरूम संचालित करता था। परिजन के मुताबिक, गुरुवार रात यश अपने दोस्तों अभय व्यास और मंगल के साथ कार से जा रहा था। दमदमा मोड़ के पास कुछ युवक अपने वाहन सड़क पर खड़े करके बैठे थे। रास्ता नहीं मिलने पर यश और उसके दोस्तों ने हॉर्न बजाया। इसी बात को लेकर युवकों से कहासुनी हो गई।
कार से उतारकर तीनों पर चाकू से हमला
कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया। आरोप है कि युवकों ने यश और उसके दोनों दोस्तों पर चाकुओं से हमला कर दिया। हमलावरों ने यश को घेर लिया और उसके पेट, पैर व सीने समेत शरीर के अन्य हिस्सों पर चाकू से कई वार किए। अभय और मंगल भी हमले में घायल हुए। दोनों किसी तरह वहां से निकलकर पुलिस के पास पहुंचे और घटना की जानकारी दी।
पुलिस पहुंची तो आरोपी फरार, 3 घंटे बाद मिली लाश
दोनों घायल दोस्तों की सूचना पर पुलिस दमदमा पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी मौके से भाग चुके थे। पुलिस ने यश की तलाश शुरू की। करीब तीन घंटे बाद सुबह 5 बजे उसका शव घटनास्थल से करीब 50 मीटर दूर जिला पंचायत कार्यालय के सामने मिला।
टीआई गजेंद्र पचौरिया के मुताबिक, हमलावर यश को घटनास्थल से कुछ दूरी तक ले गए थे। वहीं उसका शव मिला। यश के पैर और सीने में चाकू के वार के निशान मिले हैं। उसके दोनों दोस्तों की पीठ पर भी चाकू से हमला किया गया था। दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई गई है।
4 संदिग्ध हिरासत में, कई नाम सामने आए
घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में आयुष शर्मा, विजय सिंह ठाकुर, विशाल ठाकुर, आकाश, करण, सागर और शेंटू समेत अन्य युवकों के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगा रही है कि वारदात में कौन-कौन शामिल था और हत्या के पीछे विवाद के अलावा कोई अन्य वजह तो नहीं थी।
पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन को सौंपा शव
यश के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया, जिसके बाद शव परिजन को सौंप दिया गया। पुलिस घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
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MP News: मध्यप्रदेश में UCC लागू होने की प्रक्रिया आगे बढ़ी, राज्यपाल ने दी मंजूरी, अब राष्ट्रपति की स्वीकृति का इंतजार

भोपाल: मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता यानी UCC लागू करने की प्रक्रिया एक कदम और आगे बढ़ गई है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने विधानसभा से पारित मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता विधेयक-2026 को मंजूरी दे दी है। अब विधि एवं विधायी विभाग इसे राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार के माध्यम से भेजेगा।
विधानसभा ने यह विधेयक 21 जुलाई 2026 को पारित किया था। राज्यपाल की मंजूरी के बाद अब इसकी अगली संवैधानिक प्रक्रिया शुरू होगी। विधेयक के कई प्रावधान केंद्रीय कानूनों से जुड़े होने के कारण राष्ट्रपति की मंजूरी जरूरी है।
राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद लागू होगा कानून
राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद विधेयक को राष्ट्रपति के विचार के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद ही इसे राज्य में कानून के रूप में लागू किया जा सकेगा। इसके बाद विधि एवं विधायी विभाग राजपत्र में अधिसूचना जारी करेगा। इसलिए फिलहाल मध्य प्रदेश में UCC लागू नहीं हुआ है, बल्कि इसे लागू करने की संवैधानिक प्रक्रिया आगे बढ़ी है।
बहुविवाह और निकाह हलाला पर रोक का प्रावधान
प्रस्तावित UCC में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन संबंधों को लेकर समान कानूनी व्यवस्था का प्रावधान है।विधेयक के मुताबिक प्रदेश में एक से अधिक विवाह की अनुमति नहीं होगी। निकाह हलाला पर भी रोक का प्रावधान है। तलाक के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा।
लिव-इन रिलेशनशिप का कराना होगा पंजीयन
UCC में लिव-इन संबंधों को भी कानूनी व्यवस्था के दायरे में लाने का प्रावधान है। ऐसे संबंधों का पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। विधेयक में लिव-इन संबंध से जन्म लेने वाली संतान के अधिकारों का भी प्रावधान किया गया है। उत्तराधिकार और संपत्ति से जुड़े अधिकारों को लेकर भी व्यवस्था प्रस्तावित है।
आदिवासी समुदाय को रखा गया है दायरे से बाहर
विधेयक की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि अनुसूचित जनजाति समुदाय को इसके दायरे से बाहर रखा गया है, ताकि उनकी परंपराओं और प्रथाओं की सुरक्षा बनी रहे।
9.5 लाख लोगों के सुझावों का रिकॉर्ड सुरक्षित
राज्य सरकार ने UCC तैयार करने की प्रक्रिया में मिले सुझावों से जुड़े करीब 9.5 लाख लोगों के रिकॉर्ड सुरक्षित रखे हैं। सरकार ने इसे विधेयक तैयार करने की प्रक्रिया में मिले व्यापक जन सुझावों का हिस्सा बताया है।
उत्तराखंड के बाद MP की ओर बढ़ा कदम
उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहां UCC लागू हो चुका है। गुजरात ने भी UCC विधेयक पारित कर केंद्र की मंजूरी के लिए भेजा है। मध्य प्रदेश अब राज्यपाल की मंजूरी के बाद राष्ट्रपति की स्वीकृति की प्रक्रिया में पहुंच गया है।
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MP Cabinet: सिवनी-बालाघाट फोरलेन को हरी झंडी; युवाओं के रोजगार पर भी फोकस

भोपाल: मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मध्यप्रदेश कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। सरकार ने अलग-अलग विकास कार्यों और योजनाओं के लिए कुल 10,620 करोड़ रुपए की स्वीकृतियां दी हैं। बैठक में बारिश से बने हालात, किसानों को राहत और खाद की उपलब्धता को लेकर भी चर्चा हुई।
कैबिनेट ने सिवनी-बालाघाट के 91.64 किलोमीटर लंबे मार्ग को फोरलेन करने की मंजूरी दी है। इस परियोजना पर करीब 3,458 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके अलावा युवाओं को शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए भी नई कार्ययोजना तैयार करने का फैसला लिया गया है।
जन्माष्टमी और रक्षाबंधन के चलते जन विश्वास अभियान के कार्यक्रमों की तारीखों में भी बदलाव किया गया है। अब 28 अगस्त का कार्यक्रम 29 अगस्त और 4 सितंबर का कार्यक्रम 5 सितंबर को होगा।
10,620 करोड़ की स्वीकृतियां, पशुपालन और दिव्यांग कल्याण पर भी जोर
कैबिनेट ने विभिन्न विभागों और योजनाओं के लिए कुल 10,620 करोड़ रुपए की स्वीकृतियां दी हैं। इसमें पशुपालन और डेयरी विभाग की योजनाओं के लिए 2,073 करोड़ रुपए, दिव्यांग कल्याण की 19 योजनाओं को जारी रखने के लिए 1,740 करोड़ रुपए, सिक्योरिटी एंड स्टेट रेस्पॉन्स ऑपरेशन्स सेंटर के लिए 80 करोड़ रुपए, सेंटर के लिए 25 नए पदों को मंजूरी, धन्वंतरि विश्वविद्यालय में आवश्यक पदों के सृजन की मंजूरी शामिल है।
सिवनी-बालाघाट फोरलेन को मंजूरी
कैबिनेट ने सिवनी-बालाघाट के बीच 91.64 किमी सड़क को फोरलेन करने की मंजूरी दी है। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 3,458 करोड़ रुपए है। यह सड़क हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल पर बनाई जाएगी। इसके बनने के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय करीब दो घंटे से घटकर लगभग एक घंटे होने की उम्मीद है। इसके अलावा हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल पर 12 नई सड़कों के निर्माण की भी योजना है। इनके लिए नाबार्ड से करीब 4,600 करोड़ रुपए का ऋण लेने का प्रस्ताव है।
पढ़ाई और नौकरी से दूर युवाओं की होगी पहचान
कैबिनेट बैठक में ऐसे युवाओं पर विशेष ध्यान देने का फैसला लिया गया, जो न तो पढ़ाई कर रहे हैं, न रोजगार में हैं और न ही किसी प्रशिक्षण से जुड़े हैं। सरकार ऐसे युवाओं की पहचान कर उन्हें शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण, रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ने की योजना बनाएगी। इसके लिए उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और युवा कल्याण विभागों का एक वर्किंग ग्रुप बनाया जाएगा। नीति आयोग की रिपोर्ट के आधार पर युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास की रणनीति तैयार की जाएगी।
बारिश और खाद की उपलब्धता की भी समीक्षा
कैबिनेट बैठक में प्रदेश में बारिश की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की गई। किसानों को राहत देने और खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
विजय शाह के बयान से जुड़ा प्रस्ताव नहीं हो सका पेश
जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह के कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए विवादित बयान के मामले में मंत्री के खिलाफ अभियोजन की अनुमति से संबंधित प्रस्ताव कैबिनेट में पेश नहीं हो सका।
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