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बिलासपुर को मुख्यमंत्री बघेल ने दी करोड़ों के विकास कार्यों की सौगात, तिफरा फ्लाईओवर सहित व्यापार विहार स्मार्ट रोड और प्लेनेटोरियम का लोकार्पण

बिलासपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज प्रदेश की न्यायधानी बिलासपुर को 107.49 करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्मित तिफरा फ्लाई ओवर सहित व्यापार विहार स्मार्ट रोड और प्लेनेटोरियम की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने लाल बहादुर शास्त्री मैदान में आयोजित कार्यक्रम में बिलासपुर शहर और बिलासपुर जिले के लिए लगभग 353 करोड़ 56 लाख रुपए की लागत के 97 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने इन कार्यों में से 277 करोड़ 31 लाख रुपए की लागत के 62 कार्यों का लोकार्पण और 76 करोड़ 25 लाख रुपए की लागत के 35 कार्यों का भूमिपूजन किया।
मुख्यमंत्री बघेल ने बिलासपुर में जिन प्रमुख कार्यों का लोकार्पण किया, उनमें 107 करोड़ 49 लाख रुपए की लागत से बिलासपुर-रायपुर रोड स्थित महाराणा प्रताप चौक पर नवनिर्मित तिफरा फ्लाईओव्हर, 36 करोड़ 56 लाख रुपए की लागत से बिलासपुर विश्वविद्यालय में निर्मित अकादमी भवन, पहुंच मार्ग तथा बाउंड्रीवॉल, 28 करोड़ 48 लाख रुपए की लागत से तिफरा में पुलिस कर्मचारियों के लिए निर्मित 264 आवास, 26 करोड़ 83 लाख रुपए की लागत से बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा व्यापार विहार स्मार्ट रोड महाराणा प्रताप चौक से तारबहार चौक तक निर्मित स्मार्ट रोड और 6 करोड़ 77 लाख रुपए की लागत से व्यापार विहार में निर्मित प्लेनेटोरियम शामिल हैं।
इसी प्रकार मुख्यमंत्री बघेल ने बिलासपुर में जिन प्रमुख कार्यों का भूमिपूजन किया, उनमें 10 करोड़ 89 लाख रुपए की लागत से पुराना बस स्टैंड, बिलासपुर में बनने वाली स्वचालित मल्टी लेबल कार पार्किंग, 9 करोड़ 99 लाख रुपए की लागत से बिलासपुर स्मार्ट सिटी में स्थापित की जाने वाली जीआईएस समाधान प्रणाली के क्रियान्वयन से संबंधित कार्य, 5 करोड़ 61 लाख रुपए की लागत से मंगला भैंसाझार से दीनदयाल कॉलोनी, लोखण्डी रेलवे गेट तक बनने वाली 3.5 किलोमीटर लंबी 2 लेन सड़क शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने 4 करोड़ 85 लाख रुपए की लागत से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत कोटा विकासखण्ड में 31.45 किलोमीटर लंबाई की 9 सड़कों के नवीनीकरण कार्य तथा 3 करोड़ 77 लाख रुपए की लागत से बिलासपुर में विभिन्न सड़कों के लिए सौर प्रावधान के साथ मौजूदा स्ट्रीट और सहायक रोशनी की दोहरी फीड में परिवर्तित करने के लिए हाइब्रिड सौर ऊर्जा प्रणाली का निर्माण कार्य शामिल हैं।
तिफरा फ्लाई ओवर ब्रिज बन जाने से शहर को मिलेगी जाम से मुक्ति
तिफरा का नया फ्लाई ओवर ब्रिज बन जाने से महाराणा प्रताप चौक और तिफरा छोर में जाम से मुक्ति मिल जाएगी। साथ ही रायपुर मार्ग को बिलासपुर शहर से जोड़ने वाले इस ब्रिज से शहरवासियों के साथ ही साथ उन तमाम राहगीरों को भी राहत मिलेगी, जो एनएच -130 का उपयोग आवागमन के लिए करते हैं। बिलासपुर-रायपुर मार्ग में काफी लंबे समय से तिफरा रेलवे क्रासिंग में व्यवस्थित और चौड़े फ्लाईओवर ब्रिज की ज़रूरत महसूस की जा रही थी। तिफरा छोर से स्वर्गीय जमुना प्रसाद वर्मा कॉलेज तक 1620 मीटर की लंबाई में तिफरा फ्लाई ओवर ब्रिज का निर्माण 107 करोड़ 49 लाख रुपए की लागत से नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा किया गया है।
स्मार्ट रोड के बनने से व्यापार विहार में सुगम होगा यातायात
बिलासापुर शहर में महाराणा प्रताप चौक से तारबाहर चौक तक बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा लगभग 26 करोड़ 83 लाख रूपये की लागत से व्यवस्थित और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित स्मार्ट रोड का निर्माण किया गया है। संभाग के सबसे बड़े व्यापारिक केंद्र होने की वजह से इस मार्ग में भारी वाहनों का आवागमन हमेशा लगे रहता है लेकिन पूर्व में इस मार्ग के अव्यवस्थित होने की वजह से हमेशा ट्रैफिक और जाम की समस्या बनी रहती थी। फोरलेन स्मार्ट रोड के बन जाने से व्यापार विहार में व्यापारिक परिवहन सहज और सुगम होगा।
मनोरंजन और ज्ञान के केंद्र प्लेनेटोरियम की मिली सौगात
बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा साढ़े तीन एकड़ में 6 करोड़ 77 लाख रुपए की लागत से डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम प्लेनेटोरियम का निर्माण किया गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसका लोकार्पण किया। इस प्लेनेटोरियम में शहरवासियों को दिन में ही आकाशीय नज़ारे के अवलोकन के साथ ही साथ विज्ञान तथा खगोलशास्त्र के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी। दो सौ लोगों की बैठक क्षमता वाले इस प्लेनेटोरियम में आगंतुकों के लिए फोर के सिंगल टेक्नोलॉजी का प्रोजेक्टर लगाया गया है, इसके अलावा प्लेनेटोरियम परिसर में ऑक्सीजोन का भी निर्माण किया गया है। प्लेनेटोरियम पहुंचने वाले आगंतुकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा पहुंच मार्ग का भी निर्माण किया गया है।
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Bilaspur: सीएंम साय ने बिलासपुर को दी 134 करोड़ की सौगात, महतारी वंदन की 28वीं किस्त जारी, वृद्धाश्रम और दिव्यांग केंद्र का किया शिलान्यास

Bilaspur: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार के तहत बिलासपुर के हेमूनगर में आयोजित जिला स्तरीय समाधान शिविर में 134 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त जारी की और कई महत्वपूर्ण विकास घोषणाएं भी कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन, विकास और जनकल्याण राज्य सरकार की पहचान है। सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
80 दिव्यांगों को मिली मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 80 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल वितरित की। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से आवास की चाबियां सौंपीं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य लोगों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है।
22.65 करोड़ से बनेगा 200 सीटर वृद्धाश्रम
मुख्यमंत्री ने एसईसीएल के CSR फंड से 22 करोड़ 65 लाख रुपये की लागत से बनने वाले 200 सीटर बहुउद्देशीय वृद्धाश्रम भवन का शिलान्यास किया। यहां वरिष्ठ नागरिकों को प्राकृतिक चिकित्सा, योग, फिजियोथेरेपी और पुनर्वास जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।
दिव्यांगों के लिए बनेगा 500 सीटर पुनर्वास केंद्र
सीएम साय ने 18 करोड़ 76 लाख रुपये की लागत से बनने वाले 500 सीटर दिव्यांगजन शिक्षण-प्रशिक्षण एवं बहुउद्देशीय पुनर्वास केंद्र की आधारशिला भी रखी। इस केंद्र में शिक्षा, कौशल विकास, स्पीच थेरेपी, ऑडिटरी ट्रेनिंग और फिजियोथेरेपी जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
जिला अस्पताल को मिली अत्याधुनिक CT स्कैन मशीन
मुख्यमंत्री ने जिला अस्पताल में 4 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक CT स्कैन मशीन का लोकार्पण किया। इससे गंभीर बीमारियों की जांच स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सकेगी।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन जल्द होगी शुरू
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ई-डिस्ट्रिक्ट के तहत 400 से अधिक सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध करा चुकी है। वहीं आम लोगों की शिकायतों के समयबद्ध निराकरण के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सेवा भी जल्द शुरू की जाएगी।
बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, सुरक्षा बलों की कार्रवाई और बस्तर की जनता के सहयोग से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिल रही है। बस्तर में सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल जैसी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है।
बेलतरा कॉलेज का नाम होगा सखाराम सूर्यवंशी के नाम पर
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बेलतरा महाविद्यालय का नामकरण स्वर्गीय सखाराम सूर्यवंशी के नाम पर करने की घोषणा की। इसके अलावा बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में पांच मंगल भवनों के निर्माण की भी घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिलासपुर के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार विशेष कार्ययोजना पर काम कर रही है और जिले की सभी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाएगा।
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NHAI Green Highway: फ्लाई-ऐश से बन रहीं ग्रीन हाईवे, छत्तीसगढ़ में 3 साल में सड़क निर्माण में खपी 3 करोड़ टन से ज्यादा राख

Raipur: राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में अब केवल कंक्रीट और डामर ही नहीं, बल्कि औद्योगिक कचरा भी उपयोगी साबित हो रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए फ्लाई-ऐश, स्टील स्लैग, पुराने टायरों के रबर और बायो-बिटुमेन जैसी पुनर्चक्रित सामग्रियों का उपयोग कर ग्रीन हाईवे विकसित कर रहा है।
छत्तीसगढ़ में इस दिशा में उल्लेखनीय काम हुआ है। एनएचएआई के मुताबिक वर्ष 2024-25 में 2.17 करोड़ मीट्रिक टन और वर्ष 2025-26 में 62 लाख मीट्रिक टन से अधिक फ्लाई-ऐश सड़क निर्माण में उपयोग की गई। वहीं चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक करीब 20 लाख मीट्रिक टन फ्लाई-ऐश का उपयोग किया जा चुका है।
स्टील स्लैग और पुराने टायर भी बन रहे सड़क का हिस्सा
सड़क निर्माण में औद्योगिक कचरे की रिसाइक्लिंग को बढ़ावा देते हुए स्टील उद्योग के अपशिष्ट (स्लैग), अनुपयोगी टायरों के रबर और बायो-बिटुमेन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। वर्ष 2024-25 में 30,477 मीट्रिक टन और वर्ष 2025-26 में 2,691 मीट्रिक टन वैकल्पिक सामग्रियों का उपयोग कर पर्यावरण-अनुकूल राजमार्ग तैयार किए गए।
जल संरक्षण पर भी विशेष फोकस
एनएचएआई सड़क निर्माण के साथ जल संरक्षण को भी प्राथमिकता दे रहा है। राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे देशभर में 13 अमृत सरोवरों का निर्माण और जीर्णोद्धार किया गया है। वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए वाटर हार्वेस्टिंग पिट्स की संख्या एक वर्ष में 14 से बढ़ाकर 105 कर दी गई।
निर्माण कार्यों और पौधों की सिंचाई में पीने योग्य पानी की जगह सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से प्राप्त 323 किलोलीटर शोधित जल का उपयोग किया गया है।
सीतानदी-उदंती में बन रही 3 किमी लंबी सुरंग
वन्यजीवों और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ के सीतानदी-उदंती अभयारण्य क्षेत्र में लगभग 3 किलोमीटर लंबी आधुनिक सुरंग विकसित की जा रही है। इससे वाहनों का आवागमन भूमिगत होगा और जंगल के प्राकृतिक वातावरण पर कम प्रभाव पड़ेगा।
परियोजना में साउंड बैरियर्स, मंकी कैनोपी, एलिफेंट पास और एनिमल अंडरपास जैसी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं, ताकि वन्यजीवों की आवाजाही प्रभावित न हो।
हाईवे किनारे बनेंगे बी-कॉरिडोर और मेडिसीन पार्क
एनएचएआई अब हाईवे को केवल परिवहन मार्ग नहीं, बल्कि एक जीवंत पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। इसके तहत सड़क किनारे बी-कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जिससे प्राकृतिक परागण बढ़ेगा और किसानों को फायदा मिलेगा।
इसके अलावा खाली जमीनों पर मेडिसीन पार्क विकसित कर नीम, तुलसी, एलोवेरा और आंवला जैसे औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। “एक पेड़ मां के नाम 2.0” अभियान के तहत पिछले वर्ष छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे ढाई लाख से अधिक पौधे लगाए गए।
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Chhattisgarh: प्रदेश में में खाद की कमी नहीं, खरीफ सीजन से पहले 9.29 लाख मीट्रिक टन उर्वरक स्टॉक, सरकार अलर्ट मोड पर

Raipur: खरीफ सीजन 2026 से पहले छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए व्यापक तैयारी की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, मार्कफेड और जिला प्रशासन प्रदेशभर में उर्वरकों के भंडारण और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखे हुए हैं।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में फिलहाल खाद की कोई कमी नहीं है। वर्तमान में गोदामों और सहकारी समितियों में 9.29 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का स्टॉक उपलब्ध है। वहीं केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को खरीफ सीजन 2026 के लिए 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक आवंटित किया है।
केंद्र से मिला 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य
राज्य को आवंटित उर्वरकों में शामिल हैं:
- यूरिया : 7.25 लाख मीट्रिक टन
- डीएपी : 3 लाख मीट्रिक टन
- एनपीके : 2.50 लाख मीट्रिक टन
- एसएसपी : 2 लाख मीट्रिक टन
- एमओपी : 80 हजार मीट्रिक टन
कृषि विभाग के अनुसार 1 जून की स्थिति में रायपुर, महासमुंद, रायगढ़ और बालोद के रेक पॉइंट्स पर 6600 मीट्रिक टन अतिरिक्त यूरिया की खेप पहुंच रही है।
जिलों में पर्याप्त खाद उपलब्ध
कृषि विभाग के मुताबिक गरियाबंद में 17,818 मीट्रिक टन, बस्तर में 29,719 मीट्रिक टन, रायपुर में 9,102 मीट्रिक टन यूरिया, राजनांदगांव में 42,997 मीट्रिक टन तथा बिलासपुर में 41,560 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है। धमतरी जिले में 15,040 मीट्रिक टन और कोरिया जिले में भी पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया गया है। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को लगातार खाद वितरण किया जा रहा है।
जमीन के रकबे के अनुसार मिलेगा यूरिया
किसानों को सुगम वितरण सुनिश्चित करने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। 2.5 एकड़ तक भूमि वाले किसानों को एकमुश्त यूरिया, 2.5 से 5 एकड़ तक वाले किसानों को दो किश्तों में और 5 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को तीन किश्तों में खाद उपलब्ध कराया जाएगा।
नैनो डीएपी और नैनो यूरिया पर जोर
राज्य सरकार किसानों को संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन के लिए नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के उपयोग के प्रति भी जागरूक कर रही है। कृषि वैज्ञानिक और विभागीय अधिकारी किसानों को इनके लाभों की जानकारी दे रहे हैं। हालांकि कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि नैनो उर्वरकों का उपयोग पूरी तरह स्वैच्छिक है और किसानों की सहमति के आधार पर ही उपलब्ध कराया जा रहा है।
कालाबाजारी और गड़बड़ी पर सख्ती
कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोरिया जिले की जिल्दा सहकारी समिति में उर्वरक वितरण में अनियमितता मिलने पर संबंधित समिति प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को खाद, बीज और अन्य कृषि आदानों की उपलब्धता में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए उर्वरकों के भंडारण, परिवहन और वितरण की नियमित समीक्षा की जा रही है।
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Sushasan Tihar 2026: अबूझमाड़ के गारपा पहुंचे CM विष्णुदेव साय, जन चौपाल में ग्रामीणों से सीधा संवाद, PHC-सड़क और थाना समेत कई बड़ी सौगातें

Narayanpur: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को सुशासन तिहार के तहत नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखंड स्थित अबूझमाड़ अंचल के ग्राम गारपा पहुंचकर जन चौपाल में ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। लंबे समय तक नक्सल हिंसा और विकास की कमी से जूझते रहे इस इलाके में मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा और सुरक्षा से जुड़े कई बड़े विकास कार्यों की घोषणा की।
मुख्यमंत्री के गारपा पहुंचने पर ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ स्वागत किया। जन चौपाल में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, योजनाओं की जमीनी स्थिति जानी और कहा कि राज्य सरकार अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
‘अबूझमाड़ में विकास की नई गाथा लिखी जा रही’
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अबूझमाड़ और बस्तर क्षेत्र लंबे समय तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे, जिससे विकास कार्य बाधित हुए। लेकिन अब हालात बदल रहे हैं और क्षेत्र में सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और संचार सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।
महिलाओं ने बताई महतारी वंदन योजना की कहानी
मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं से भी बातचीत की। महिलाओं ने बताया कि योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग घरेलू जरूरतों के साथ बेटियों के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि खाते में जमा करने में किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इसे महिला सशक्तिकरण की सकारात्मक पहल बताया।
ग्रामीणों को मिलीं कई बड़ी सौगातें
जन चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने गारपा और आसपास के क्षेत्रों के लिए कई विकास कार्यों की घोषणा की। इनमें-
- गारपा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) की स्थापना
- गारपा में पुलिस थाना खोलने की घोषणा
- तुमेराड़ी में दो पुलियों का निर्माण
- गारपा में 1 किलोमीटर आंतरिक सीसी सड़क
- आंगनबाड़ी केंद्र गारपा में बाउंड्रीवाल निर्माण
- उप स्वास्थ्य केंद्र से राजकुमार के खेत तक 1 किमी सड़क
- मसपुर में मुख्य मार्ग से गुडरापारा तक 1 किमी सड़क
- आश्रम शाला गारपा में बाउंड्रीवाल निर्माण
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि क्षेत्र के विकास के लिए धन और संसाधनों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
राशन के लिए 40 किमी जाना पड़ता था
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को बताया कि पहले राशन लेने के लिए करीब 40 किलोमीटर दूर जाना पड़ता था, जिसमें कई दिन लग जाते थे। अब गांवों के आसपास सुविधाएं पहुंचने से लोगों को राहत मिल रही है। मुख्यमंत्री ने मनरेगा, राशन कार्ड और अन्य योजनाओं की स्थिति की भी जानकारी ली। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास पहुंचाने का ऐतिहासिक काम किया जा रहा है।
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Raipur: जनता से अशिष्ट व्यवहार पर CM साय का एक्शन, दुर्ग जनपद CEO सस्पेंड, बोले-सुशासन में जवाबदेही सर्वोपरि

Durg: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जनता से अशिष्ट व्यवहार और कर्तव्य में लापरवाही के मामले में जीरो टॉलरेंस का संदेश देते हुए दुर्ग जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) रूपेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित करा दिया। सुशासन तिहार के दौरान जनसमस्या निवारण शिविर में आम लोगों से कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए दुर्ग संभागायुक्त को कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद दुर्ग संभागायुक्त ने रूपेश कुमार पाण्डेय के निलंबन का आदेश जारी कर दिया। आदेश में कहा गया है कि ग्राम थनौद में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान सामने आए वीडियो क्लिप और कलेक्टर दुर्ग से प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि अधिकारी ने कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही और आम नागरिकों से अशिष्ट व्यवहार किया।
आयुक्त द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, यह आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के विपरीत माना गया है। इस मामले में पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन अधिकारी का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। निलंबन अवधि के दौरान रूपेश कुमार पाण्डेय को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री साय ने साफ संदेश दिया कि सुशासन में जवाबदेही सर्वोपरि है और जनता से अशिष्ट व्यवहार किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोकसेवकों का व्यवहार शिष्ट, संवेदनशील और जवाबदेह होना चाहिए।

















