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बिलासपुर को मुख्यमंत्री बघेल ने दी करोड़ों के विकास कार्यों की सौगात, तिफरा फ्लाईओवर सहित व्यापार विहार स्मार्ट रोड और प्लेनेटोरियम का लोकार्पण

बिलासपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज प्रदेश की न्यायधानी बिलासपुर को 107.49 करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्मित तिफरा फ्लाई ओवर सहित व्यापार विहार स्मार्ट रोड और प्लेनेटोरियम की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने लाल बहादुर शास्त्री मैदान में आयोजित कार्यक्रम में बिलासपुर शहर और बिलासपुर जिले के लिए लगभग 353 करोड़ 56 लाख रुपए की लागत के 97 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने इन कार्यों में से 277 करोड़ 31 लाख रुपए की लागत के 62 कार्यों का लोकार्पण और 76 करोड़ 25 लाख रुपए की लागत के 35 कार्यों का भूमिपूजन किया।
मुख्यमंत्री बघेल ने बिलासपुर में जिन प्रमुख कार्यों का लोकार्पण किया, उनमें 107 करोड़ 49 लाख रुपए की लागत से बिलासपुर-रायपुर रोड स्थित महाराणा प्रताप चौक पर नवनिर्मित तिफरा फ्लाईओव्हर, 36 करोड़ 56 लाख रुपए की लागत से बिलासपुर विश्वविद्यालय में निर्मित अकादमी भवन, पहुंच मार्ग तथा बाउंड्रीवॉल, 28 करोड़ 48 लाख रुपए की लागत से तिफरा में पुलिस कर्मचारियों के लिए निर्मित 264 आवास, 26 करोड़ 83 लाख रुपए की लागत से बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा व्यापार विहार स्मार्ट रोड महाराणा प्रताप चौक से तारबहार चौक तक निर्मित स्मार्ट रोड और 6 करोड़ 77 लाख रुपए की लागत से व्यापार विहार में निर्मित प्लेनेटोरियम शामिल हैं।
इसी प्रकार मुख्यमंत्री बघेल ने बिलासपुर में जिन प्रमुख कार्यों का भूमिपूजन किया, उनमें 10 करोड़ 89 लाख रुपए की लागत से पुराना बस स्टैंड, बिलासपुर में बनने वाली स्वचालित मल्टी लेबल कार पार्किंग, 9 करोड़ 99 लाख रुपए की लागत से बिलासपुर स्मार्ट सिटी में स्थापित की जाने वाली जीआईएस समाधान प्रणाली के क्रियान्वयन से संबंधित कार्य, 5 करोड़ 61 लाख रुपए की लागत से मंगला भैंसाझार से दीनदयाल कॉलोनी, लोखण्डी रेलवे गेट तक बनने वाली 3.5 किलोमीटर लंबी 2 लेन सड़क शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने 4 करोड़ 85 लाख रुपए की लागत से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत कोटा विकासखण्ड में 31.45 किलोमीटर लंबाई की 9 सड़कों के नवीनीकरण कार्य तथा 3 करोड़ 77 लाख रुपए की लागत से बिलासपुर में विभिन्न सड़कों के लिए सौर प्रावधान के साथ मौजूदा स्ट्रीट और सहायक रोशनी की दोहरी फीड में परिवर्तित करने के लिए हाइब्रिड सौर ऊर्जा प्रणाली का निर्माण कार्य शामिल हैं।
तिफरा फ्लाई ओवर ब्रिज बन जाने से शहर को मिलेगी जाम से मुक्ति
तिफरा का नया फ्लाई ओवर ब्रिज बन जाने से महाराणा प्रताप चौक और तिफरा छोर में जाम से मुक्ति मिल जाएगी। साथ ही रायपुर मार्ग को बिलासपुर शहर से जोड़ने वाले इस ब्रिज से शहरवासियों के साथ ही साथ उन तमाम राहगीरों को भी राहत मिलेगी, जो एनएच -130 का उपयोग आवागमन के लिए करते हैं। बिलासपुर-रायपुर मार्ग में काफी लंबे समय से तिफरा रेलवे क्रासिंग में व्यवस्थित और चौड़े फ्लाईओवर ब्रिज की ज़रूरत महसूस की जा रही थी। तिफरा छोर से स्वर्गीय जमुना प्रसाद वर्मा कॉलेज तक 1620 मीटर की लंबाई में तिफरा फ्लाई ओवर ब्रिज का निर्माण 107 करोड़ 49 लाख रुपए की लागत से नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा किया गया है।
स्मार्ट रोड के बनने से व्यापार विहार में सुगम होगा यातायात
बिलासापुर शहर में महाराणा प्रताप चौक से तारबाहर चौक तक बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा लगभग 26 करोड़ 83 लाख रूपये की लागत से व्यवस्थित और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित स्मार्ट रोड का निर्माण किया गया है। संभाग के सबसे बड़े व्यापारिक केंद्र होने की वजह से इस मार्ग में भारी वाहनों का आवागमन हमेशा लगे रहता है लेकिन पूर्व में इस मार्ग के अव्यवस्थित होने की वजह से हमेशा ट्रैफिक और जाम की समस्या बनी रहती थी। फोरलेन स्मार्ट रोड के बन जाने से व्यापार विहार में व्यापारिक परिवहन सहज और सुगम होगा।
मनोरंजन और ज्ञान के केंद्र प्लेनेटोरियम की मिली सौगात
बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा साढ़े तीन एकड़ में 6 करोड़ 77 लाख रुपए की लागत से डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम प्लेनेटोरियम का निर्माण किया गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसका लोकार्पण किया। इस प्लेनेटोरियम में शहरवासियों को दिन में ही आकाशीय नज़ारे के अवलोकन के साथ ही साथ विज्ञान तथा खगोलशास्त्र के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी। दो सौ लोगों की बैठक क्षमता वाले इस प्लेनेटोरियम में आगंतुकों के लिए फोर के सिंगल टेक्नोलॉजी का प्रोजेक्टर लगाया गया है, इसके अलावा प्लेनेटोरियम परिसर में ऑक्सीजोन का भी निर्माण किया गया है। प्लेनेटोरियम पहुंचने वाले आगंतुकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा पहुंच मार्ग का भी निर्माण किया गया है।
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Diwali 2026: CM विष्णु देव साय ने दी दीपावली की शुभकामनाएं, बोले- हर घर में आए सुख-समृद्धि और खुशहाली का प्रकाश

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दीपावली के अवसर पर छत्तीसगढ़ के सभी नागरिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कामना की कि रोशनी का यह पर्व प्रदेश के हर घर में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए। मुख्यमंत्री साय ने मां लक्ष्मी और भगवान श्रीगणेश से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और मंगलमय जीवन की प्रार्थना की।
दीपावली आशा और सद्भाव का उत्सव : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि दीपावली केवल दीपों का पर्व नहीं है, बल्कि यह आशा, विश्वास, प्रेम और सद्भाव का उत्सव भी है। यह पर्व हमें अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि दीपावली आपसी भाईचारे और एकता को मजबूत करने के साथ जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करती है।
छत्तीसगढ़ की उन्नति और खुशहाली की कामना
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कामना की कि दीपावली का पावन अवसर प्रदेश के प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख-शांति और समृद्धि लेकर आए। उन्होंने उम्मीद जताई कि छत्तीसगढ़ विकास, खुशहाली और उन्नति के नए कीर्तिमान स्थापित करता रहेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से इस पर्व को प्रेम, सद्भाव और आपसी सहयोग की भावना के साथ मनाने का संदेश दिया।
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छत्तीसगढ़ में 1,703 पदों पर सरकारी भर्ती, 5 नवंबर से आवेदन शुरू; 10 जनवरी को परीक्षा

रायपुर: छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल ने समूह-2, तृतीय श्रेणी (स्नातकोत्तर एवं स्नातक स्तर) उपसमूह-02 के अंतर्गत विभिन्न विभागों में भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। जारी जानकारी के अनुसार 1,703 पदों पर भर्ती की जाएगी। इनमें सबसे ज्यादा 1,206 पद सहायक ग्रेड-3 के हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने युवाओं को रोजगार का अवसर देने की दिशा में यह भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। मंडल पहली बार इन पदों के लिए लिखित भर्ती परीक्षा आयोजित करेगा।
सहायक ग्रेड-3 के 1,206 पद
भर्ती में अलग-अलग विभागों के लिए कई पद शामिल किए गए हैं। पदवार रिक्तियों का विवरण इस प्रकार है:
| पद का नाम | पदों की संख्या |
|---|---|
| सहायक ग्रेड-3 | 1,206 |
| सहायक उप निरीक्षक (जिला इकाई संवर्ग) | 279 |
| शीघ्रलेखक (हिंदी) | 30 |
| उप निरीक्षक-अ (शीघ्रलेखक, सामान्य शाखा) | 34 |
| स्टेनो टाइपिस्ट | 23 |
| डाटा एंट्री ऑपरेटर | 25 |
| शीघ्रलेखक (द्विभाषी) | 13 |
| पंजीयक लिपिक | 50 |
| सहायक उप निरीक्षक-अ (सामान्य शाखा) | 40 |
| शीघ्रलेखक (अंग्रेजी) | 3 |
| कुल | 1,703 |
5 नवंबर से आवेदन, 27 नवंबर अंतिम तारीख
भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 5 नवंबर 2026 से शुरू हो गई है। इच्छुक अभ्यर्थी 27 नवंबर 2026 शाम 5 बजे तक आवेदन कर सकेंगे।
आवेदन फॉर्म में त्रुटि सुधार के लिए 28 से 30 नवंबर तक का समय दिया गया है। अभ्यर्थी इस अवधि में शाम 5 बजे तक अपने आवेदन में आवश्यक संशोधन कर सकेंगे।
10 जनवरी 2027 को होगी लिखित परीक्षा
छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल की ओर से लिखित परीक्षा 10 जनवरी 2027 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक निर्धारित किया गया है।
अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र 4 जनवरी 2027 से मंडल की वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे। परीक्षा प्रदेश के पांच संभागीय मुख्यालयों में आयोजित की जाएगी।
स्थानीय अभ्यर्थियों को वापस मिलेगा परीक्षा शुल्क
भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासी अभ्यर्थियों को नियमानुसार परीक्षा शुल्क वापस किया जाएगा। शुल्क की वापसी उसी बैंक खाते में की जाएगी, जिससे आवेदन के दौरान भुगतान किया गया होगा।
भर्ती से संबंधित विस्तृत जानकारी, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और अन्य दिशा-निर्देशों के लिए अभ्यर्थी छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल की आधिकारिक वेबसाइट https://cgssb.cgstate.gov.in पर जा सकते हैं।
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छत्तीसगढ़: PWD में नई दैनिक वेतनभोगी नियुक्तियों पर रोक, अधिकारियों से होगी नुकसान की वसूली

रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन के लोक निर्माण विभाग (PWD) ने स्वीकृत पदों और बजट आवंटन के बिना मस्टर रोल, दैनिक वेतनभोगी तथा कलेक्टर दर पर नई नियुक्तियों पर रोक लगा दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन कर ऐसी नियुक्तियां करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, अनियमित नियुक्तियों से शासन को होने वाली वित्तीय क्षति की वसूली संबंधित जिम्मेदार अधिकारी से की जाएगी।
इस संबंध में लोक निर्माण विभाग ने अपने मुख्यालय और अधीनस्थ कार्यालयों को निर्देश जारी किए हैं। विभागाध्यक्षों और क्षेत्रीय अधिकारियों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है।
स्वीकृत पद और वित्तीय मंजूरी जरूरी
विभागीय निर्देश के अनुसार, सक्षम प्राधिकारी की पूर्व प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति के बिना किसी व्यक्ति को दैनिक वेतनभोगी या मस्टर रोल पर रखना नियम विरुद्ध होगा। इसके लिए स्वीकृत पद और आवश्यक बजट प्रावधान होना भी जरूरी है।
आदेश में छत्तीसगढ़ वित्तीय संहिता के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा गया है कि बिना सक्षम मंजूरी के श्रमिकों को काम पर रखना शासन पर अनधिकृत वित्तीय भार डालने जैसा है। ऐसी नियुक्तियों से सरकारी खजाने पर पड़ने वाले अतिरिक्त बोझ को गंभीर वित्तीय अनियमितता माना जाएगा।
1 अप्रैल 2026 के बाद नियुक्तियों पर कार्रवाई
विभाग ने चेतावनी दी है कि 1 अप्रैल 2026 के बाद नियमों के विरुद्ध किसी कर्मचारी या श्रमिक को नियोजित करने पर जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी। ऐसे कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम 3 का उल्लंघन माना जाएगा। विभाग ने इसे गंभीर वित्तीय कदाचार की श्रेणी में रखते हुए संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
2008 के परिपत्र का भी दिया हवाला
लोक निर्माण विभाग ने सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से 5 मार्च 2008 को जारी परिपत्र का भी उल्लेख किया है। इस परिपत्र में दैनिक वेतनभोगी, तदर्थ और कलेक्टर दर पर अनियमित नियुक्तियां नहीं करने के निर्देश दिए गए थे। विभाग ने सभी कार्यालय प्रमुखों को अपने अधीनस्थ कार्यालयों में इन निर्देशों का पालन कराने और बिना स्वीकृति किसी भी तरह की नई नियुक्ति नहीं करने को कहा है।
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जशपुर में ₹1.35 करोड़ से बने सामुदायिक भवन का CM साय ने किया लोकार्पण, 30 लाख और देने की घोषणा

जशपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को जशपुर शहर में 1 करोड़ 35 लाख 85 हजार रुपये की लागत से नवनिर्मित पंडित रामचंद्र पौराणिक सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया। शहर के मध्य स्थित इस भवन में अब सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तर जशपुर क्षेत्र में एक नए सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए 30 लाख रुपये देने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सामुदायिक भवन बनने से मध्यमवर्गीय और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को विशेष राहत मिलेगी। अब उन्हें विवाह, जन्मदिन, वर्षगांठ और अन्य पारिवारिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए महंगे निजी भवनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
निजी आयोजन स्थलों पर खर्च का बोझ होगा कम
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शहर के बीचों-बीच सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन बनने से आम नागरिकों को सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा। इससे परिवारों को निजी आयोजन स्थलों और टेंट आदि पर होने वाले अतिरिक्त खर्च से राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सामुदायिक भवन केवल कार्यक्रम आयोजित करने का स्थान नहीं होते, बल्कि सामाजिक समरसता, आपसी सद्भाव और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करने का माध्यम भी हैं।
उत्तर जशपुर में भी बनेगा नया सामुदायिक भवन
लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तर जशपुर क्षेत्र में नए सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए 30 लाख रुपये देने की घोषणा की। इससे क्षेत्र के लोगों को भी सामाजिक और पारिवारिक आयोजनों के लिए स्थानीय स्तर पर सुविधा मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नगरीय क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं का विस्तार करने के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए बेहतर अधोसंरचना विकसित करने को प्राथमिकता दे रही है। सरकार का प्रयास है कि विकास की सुविधाएं समाज के हर वर्ग तक पहुंचें।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
लोकार्पण कार्यक्रम में रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठिया, जशपुर विधायक रायमुनि भगत, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, कृष्णा राय, अमर सुल्तानिया, जिला पंचायत सदस्य गेंद बिहारी, सुनील गुप्ता और भरत सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
इसके अलावा सरगुजा संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह और नगर पालिका अधिकारी योगेश्वर उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में अधिकारी और नागरिक कार्यक्रम में शामिल हुए।
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छत्तीसगढ़ राज्योत्सव: अमित शाह ने 36 विभूतियों और संस्थाओं को राज्य अलंकरण से किया सम्मानित

छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण 2026: नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 के समापन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदेश की 36 विभूतियों और संस्थाओं को राज्य अलंकरण पुरस्कारों से सम्मानित किया। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित समारोह में साहित्य, कला, संस्कृति, पत्रकारिता, खेल, कृषि, समाजसेवा, शिक्षा, जनजातीय उत्थान, महिला सशक्तिकरण और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वालों को सम्मान प्रदान किया गया।
राज्य अलंकरण समारोह में छत्तीसगढ़ की लोककला, साहित्य, संस्कृति और सामाजिक विकास में योगदान देने वाली प्रतिभाओं को पहचान मिली। सम्मानित होने वालों में कलाकार, लेखक, पत्रकार, खिलाड़ी, सामाजिक कार्यकर्ता, संस्थाएं और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशिष्ट व्यक्ति शामिल हैं।
जानिए, किसे कौन-सा राज्य अलंकरण मिला
राज्य सरकार की ओर से जारी सूची के अनुसार, 36 राज्य अलंकरणों के सम्मानित व्यक्तियों और संस्थाओं का विवरण इस प्रकार है:
सामाजिक सेवा, जनजातीय उत्थान और महिला सशक्तिकरण
1. शहीद वीरनारायण सिंह स्मृति सम्मान: आदिवासी सामाजिक चेतना और उत्थान के लिए धमतरी के डुमन लाल ध्रुव।
2. यति यतनलाल सम्मान: अहिंसा और गोरक्षा के क्षेत्र में कार्य के लिए दुर्ग की विश्व गीता धेनू गोविन्द पक्षी सेवा धाम, कुम्हारी।
3. मिनीमाता सम्मान: महिला उत्थान और जनजागृति के लिए गरियाबंद की लोक आस्था सेवा संस्थान (सुश्री लता नेताम)।
4. गुरु घासीदास सामाजिक चेतना एवं अनुसूचित जाति उत्थान सम्मान: कबीरधाम के सुखचंद भास्कर।
5. पंडित रविशंकर शुक्ल सम्मान: सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक क्षेत्र में योगदान के लिए बिलासपुर की तेजस्विनी सेवा प्रतिष्ठान।
6. महाराजा अग्रसेन सम्मान: सामाजिक समरसता के लिए रायगढ़ के बाबूलाल अग्रवाल।
7. डॉ. भंवरसिंह पोर्ते आदिवासी सेवा पुरस्कार: आदिवासी सेवा और आर्थिक उत्थान के लिए श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल, नवा रायपुर (श्री सी. श्रीनिवास यंगम)।
8. छत्तीसगढ़ अप्रवासी भारतीय सम्मान: सामाजिक कल्याण, साहित्य, मानव संसाधन और आर्थिक क्षेत्र में योगदान के लिए दंतेवाड़ा की दीपाली सरावगी।
9. माता बहादुर कलारिन सम्मान: महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष और नारी उत्थान के लिए कांकेर की बुलबुल बैदया।
10. संत रविदास सम्मान: सामाजिक समरसता, साहित्य और काव्य के लिए बालोद के जगदीश प्रसाद देशमुख।
साहित्य, पत्रकारिता और भाषा
11. पं. सुन्दरलाल शर्मा सम्मान: हिंदी साहित्य के लिए रायगढ़ के डॉ. बिहारीलाल साहू।
12. चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार (हिंदी प्रिंट मीडिया): रायपुर के प्रमोद कुमार साहू।
13. चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार (हिंदी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया): रायपुर के बरुण सखाजी और रसिका पांडेय को संयुक्त रूप से।
14. मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार: अंग्रेजी प्रिंट मीडिया के लिए रायपुर के शिशिर रॉय चौधरी।
15. राजेश्री महंत वैष्णवदास जी महाराज संस्कृत भाषा पुरस्कार: रायपुर के डॉ. बहुरन सिंह पटेल।
16. लाला जगदलपुरी साहित्य पुरस्कार: आंचलिक साहित्य और लोक कविता के लिए दुर्ग के दुर्गा प्रसाद पारकार।
17. पंडित माधव राव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान: रचनात्मक लेखन और हिंदी भाषा के लिए गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक अनंत विजय।
18. बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल सम्मान: विधि के क्षेत्र में योगदान के लिए दिल्ली के कौस्तुभ शुक्ला और रायपुर के हेमन्त कुमार मिश्र को संयुक्त रूप से।
कला, संस्कृति, संगीत और सिनेमा
19. हबीब तनवीर सम्मान: समकालीन रंगकर्म और हिंदी, छत्तीसगढ़ी सहित अन्य भाषा के नाटकों के लिए रायपुर के डॉ. पुरुषोत्तम चन्द्राकर।
20. चक्रधर सम्मान: शास्त्रीय संगीत और नृत्य के लिए रायपुर के डॉ. एम. श्रीराम मूर्ति।
21. दाऊ मंदराजी सम्मान: लोक नाट्य और लोक शिल्प के लिए रायपुर की रेखा जलक्षत्री।
22. किशोर साहू सम्मान: हिंदी और छत्तीसगढ़ी सिनेमा में रचनात्मक लेखन, निर्देशन, अभिनय और निर्माण के लिए रायपुर के सैयद ताहिर अली (करन खान)।
23. लक्ष्मण मस्तुरिया सम्मान: छत्तीसगढ़ी लोकगीत के लिए दुर्ग की साधना यादव।
24. देवदास बंजारे स्मृति पंथी नृत्य पुरस्कार: पंथी नृत्य के लिए रायपुर जिले के आरंग के सी.एल. रात्रे।
25. खुमान साव सम्मान: छत्तीसगढ़ी लोक संगीत के लिए रायपुर के चंद्रभूषण वर्मा।
26. किशोर साहू राष्ट्रीय अलंकरण: हिंदी और छत्तीसगढ़ी सिनेमा में निर्देशन के लिए रायपुर के मोहन सुंदरानी।
27. डॉ. तीज़न बाई सम्मान: पंडवानी कला के लिए दुर्ग जिले के पाहंदा के चेतन लाल देवांगन।
खेल, कृषि, सहकारिता और अन्य क्षेत्र
28. गुण्डाधूर सम्मान: खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कोरबा की संजू देवी।
29. महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव सम्मान: खेल, विशेषकर तीरंदाजी के लिए बालोद के टोमन कुमार।
30. ठाकुर प्यारेलाल सिंह पुरस्कार: सहकारिता के क्षेत्र में योगदान के लिए बस्तर की प्राथमिक कुडुक मछुवा सहकारी समिति मर्यादित, चित्रकोट (श्री धनसिंह बघेल)।
31. डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार: कृषि के लिए कबीरधाम के पुन्नीदास भट्ट।
32. धन्वन्तरि सम्मान: आयुर्वेद चिकित्सा शिक्षा, शोध और अनुसंधान के लिए धमतरी के डॉ. दिनेश कुमार नाग।
33. श्रीमती बिलासादेवी केंवट मत्स्य विकास पुरस्कार: मछली पालन के लिए बालोद के प्रदीप कुमार सोनी।
34. स्व. रामानुज प्रताप सिंहदेव स्मृति श्रम यशस्वी पुरस्कार: श्रम क्षेत्र में योगदान के लिए अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड, यूनिट कुकुरडीह, सीमेंट वर्क्स, सरकीपार।
35. पंडित लखनलाल मिश्र सम्मान: अपराध अनुसंधान के लिए रायपुर के उप पुलिस अधीक्षक सुरेश कुमार ध्रुव।
36. चेंदरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार: ग्रामीण पर्यटन के लिए कबीरधाम के सत्येन्द्र कुमार उपाध्याय ‘सन्नी’।
राज्य की प्रतिभाओं और संस्थाओं को मिला सम्मान
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