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Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिकी नीति 2024-30 लांच, रोजगार प्रशिक्षण के लिए हर माह प्रति व्यक्ति के हिसाब से मिलेगा 15 हजार रुपए का अनुदान
Raipur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज शाम नवा रायपुर के मेफेयर रिसार्ट में छत्तीसगढ़ राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 को लांच किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने इस नई नीति को रोजगार परक और विजन-2047 के अनुरूप विकसित भारत के निर्माण की परिकल्पना को ध्यान में रखते हुए विकसित छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण का लक्ष्य तय किया है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यदि कोई उद्योग एक हजार से अधिक युवाओं को रोजगार देता है तो हम उसे बी-स्पोक पॉलिसी के तहत और अधिक रियायतें देंगे। युवाओं को रोजगार मूलक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर हमने इस नीति में प्रति व्यक्ति 15 हजार रूपये प्रतिमाह तक का अनुदान देने का प्रावधान भी किया है।
हमने पहली बार इस नीति के माध्यम से राज्य में पर्यटन एवं स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं में निवेश को भी प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है। हमारा राज्य देश के मध्य में स्थित है, आने वाले वर्षों में हम अपनी भौगोलिक स्थिति, आवागमन के आधुनिक साधनों और आप सबकी भागीदारी से प्रदेश को देश का ‘‘हेल्थ हब’’ बनाने में सफल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जगदलपुर के नजदीक हम लगभग 118 एकड़ भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र का निर्माण प्रारंभ करने जा रहे हैं। पूर्व के ‘‘न्यूनतम 20 एकड़ भूमि’’ के स्थान पर अब हमने ‘‘15 एकड़ भूमि’’ पर निजी क्षेत्र में औद्योगिक पार्क की स्थापना की अनुमति देने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ संभवतः देश में पहला राज्य है, जिसने युवा अग्निवीरों एवं नक्सल पीड़ित परिवारों को स्वयं के रोजगार धन्धे स्थापित करने पर विशेष अनुदान एवं छूट का प्रावधान किया है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को स्वयं का रोजगार उपलब्ध कराने हेतु भी कटिबद्ध हैं। इसके लिए हम इन वर्गों के उद्यमियों को मात्र 1 रूपये प्रति एकड़ की दर पर औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि दे रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी कोशिश होगी कि उद्योग स्थापना एवं संचालन में सरकारी हस्तक्षेप न्यूनतम हो एवं यथासंभव सेल्फ सर्टिफिकेशन अथवा ऑनलाइन माध्यम से हो ताकि आपके उद्योग हेतु आपको सरकार के पास आने की आवश्यकता ना हो।
इस मौके पर उपमुख्यमंत्री अरूण साव, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा और मुख्य सचिव अमिताभ जैन, छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन अमर परवानी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और उद्योगपति मौजूद रहे। नई औद्योगिक नीति के लांचिंग अवसर पर वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार ने नवीन औद्योगिक विकास नीति का विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया।
औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के विशेष प्रावधान
छत्तीसगढ़ की औद्यौगिक विकास नीति 2024-30 को राज्य में 01 नवबंर 2024 से लागू किया गया है। यह नीति उद्योगों को निवेश करने, नये रोजगार सृजन करने और आर्थिक विकास को गति देने के लिये एक मजबूत आधार प्रदान करेगी।
इस नीति के माध्यम से राज्य के युवाओं के लिए कौशलयुक्त रोजगारों का सूजन करते हुये अगले 5 वर्षों में 5 लाख नए औपचारिक क्षेत्र के रोजगार का लक्ष्य रखा गया है। इस नीति मैं स्थानीय श्रमिकों को औपचारिक रोजगार में परिवर्तित करने के लिए प्रशिक्षण कर प्रोत्साहन का प्रावधान करते हुये 1000 से अधिक रोजगार प्रदाय करने वाली इकाईयों को प्रोत्साहन के अतिरिक्त विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।
नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान में सहभागिता के लिए अनुसूचित जाति/जनजाति, महिला उद्यमियों, सेवानिवृत्त अग्निवीर, भूतपूर्व सैनिकों (जिनमें पैरा मिलेट्री फोर्स भी सम्मिलित है), नक्सल प्रभावित, आत्म-समर्पित नक्सलियों एवं तृतीय लिंग के उद्यमों का अतिरिक्त प्रोत्साहन दिये जाने का प्रावधान किया गया है।
औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की परिभाषा को भारत सरकार द्वारा परिभाषित एम.एस.एम.ई. के अनुरुप किया गया है। इसी के अनुसार ही इन उद्यमों को प्राप्त होने वाले प्रोत्साहनों को अन्य राज्यों की तुलना में प्रतिस्पर्धी बनाया गया है।
राज्य सरकार द्वारा देश में सेवा गतिविधियों के बढ़ते हुये। रुझान को दृष्टिगत रखते हुये इस नीति में पहली बार सेवा क्षेत्र अंतर्गत एमएसएमई सेवा उद्यम एवं वृहद सेवा उद्यमों के लिये पृथक-पृथक प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। सेवा क्षेत्र अंतर्गत इंजीनियरिंग सर्विसेस, रिसर्च एंड डेव्हलपमेंट, स्वास्थ्य सेक्टर, पर्यटन एवं मनोरंजन सेक्टर आदि से संबंधित गतिविधियों को सम्मिलित किया गया है।
औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में विशिष्ट श्रेणी के उद्योगों जैसे फार्मास्यूटिकल, टेक्सटाईल, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण तथा गैर काष्ठ वनोंपज प्रसंस्करण, कम्प्रेस्ड बॉयो गैस, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्टिफिशियल इंटीलिजेंस (ए.आई), रोबोटिक्स एण्ड कम्प्यूटिंग (जी.पी.यू), आई.टी., आई.टी.ई.एस./डेटा सेंटर जैसे नवीन सेक्टरों के लिए विशेष पैकेज का प्रावधान है।
इसके साथ ही थ्रस्ट सेक्टर के ऐसे उद्योग जहां राज्य का प्रतिस्पर्धात्मक लाभ है और जहां भविष्य के रोजगार आ रहे हैं, उन क्षेत्रों के लिये अतिरिक्त प्रोत्साहन का प्रावधान है।
नीति में प्रोत्साहनों की दृष्टि से राज्य के विकासखण्डों को 03 समूहों में रखा गया है। समूह-1 में 10. समूह 2 में 61 एवं समूह 3 में 75 विकासखण्डों को वर्गीकृत किया गया है।
औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में विनिर्माण के लिए स्थाई पूंजी निवेश का 100 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र के लिए स्थाई पूंजी निवेश का 150 प्रतिशत तक का समग्र प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। नीति के माध्यम से एक ओर जहां राज्य के युवाओं को अपना स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ कर आत्मनिर्भर बनाने के लिये उद्यम कांति योजना का प्रावधान किया गया है, वहीं दूसरी ओर देश में बन रहे बड़े इण्डस्ट्रीयल कॉरीडोर के अनुरुप ही राज्य में भी NICDC के माध्यम से इण्डस्ट्रीयल कॉरीडोर औद्योगिक नगरी कोरबा-बिलासपुर-रायपुर की परिकल्पना की गई है। जो कि राज्य के औद्योगिक विकास में एक महत्तवपूर्ण कदम है।
इस नीति में प्रथम बार उद्यमों में राज्य के निवासियों को रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिये स्थानीय रोजगार सृजन को लक्ष्य में रखकर 1000 अथवा इससे अधिक रोजगार सृजन के आधार पर विशेष औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन का प्रावधान साथ ही उद्योगों में नियोजित राज्य के निवासी के प्रशिक्षण पर प्रति व्यक्ति रूपये 15,000 रूपए की प्रशिक्षण वृत्ति प्रतिपूर्ति एवं कर्मचारियों पर होने वाले ई.पी.एफ. व्यय की प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है।
पहली बार ग्रीन उद्यम की परिकल्पना को साकार करने के लिये पर्यावरण संरक्षण उपायों को अपनाने के लिये औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन इनवायरमेंट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट अनुदान (पर्यावरणीय प्रोजेक्ट अनुदान), जल एवं उर्जा दक्षता (एनर्जी ऑडिट) व्यय प्रतिपूर्ति, गैर काष्ठ वनोपज प्रसंस्करण एवं ग्रीन हाइड्रोजन/कम्प्रेस्ड बॉयोगैस सेक्टर के वृहद उद्यम हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।
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Chhattisgarh: मुख्यमंत्री साय सरगुजा जिला मुख्यालय में करेंगे ध्वजारोहण, जाने कौन मंत्री कहां फहराएगा झंडा
76th Republic Day: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इस वर्ष 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर सरगुजा जिला मुख्यालय में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे। इस अवसर पर राज्य के अन्य जिला मुख्यालयों में मंत्रीगण, सांसदगण और विधायकगण मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के संदेश का वाचन करेंगे। उपमुख्यमंत्री अरुण साव रायगढ़, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा बस्तर, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह दुर्ग में ध्वजारोहण करेंगे।
केन्दीय राज्य मंत्री तोखन साहू कोरबा, मंत्री रामविचार नेताम सूरजपुर, मंत्री दयालदास बघेल महासमुंद, मंत्री केदार कश्यप दंतेवाड़ा, मंत्री लखन लाल देवांगन जशपुर, मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, मंत्री ओ.पी. चौधरी बिलासपुर, मंत्री टंक राम वर्मा राजनांदगांव एवं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े बलरामपुर जिला मुख्यालय में आयोजित गणतंत्र दिवस मुख्य समारोह में ध्वजारोहण करेंगी।
इसी तरह सांसद बृजमोहन अग्रवाल धमतरी, सांसद विजय बघेल कबीरधाम, सांसद संतोष पांडेय गरियाबंद, सांसद चिंतामणि महाराज कोरिया, सांसद रूपकुमारी चौधरी बलौदाबाजार, सांसद राधेश्याम राठिया जांजगीर-चांपा, सांसद कमलेश जांगड़े खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, सांसद महेश कश्यप कांकेर, सांसद भोजराज नाग सुकमा, सांसद देवेद्र प्रताप सिंह कोंडागांव, विधायक लता उसेंडी नारायणपुर, विधायक महंत गुरू खुशवंत साहेब बेमेतरा, विधायक गोमती साय मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची सारंगढ़-बिलाईगढ़, विधायक ललित चंद्राकर बालोद, विधायक पुन्नूलाल मोहले सक्ती, विधायक अमर अग्रवाल मुंगेली, विधायक अजय चंद्राकर मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और विधायक किरण देव बीजापुर जिला मुख्यालय में ध्वजारोहण करेंगे।
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Naxal Encounter: सुरक्षाबलों ने मार गिराए 16 नक्सली, एके-47, SLR, इंसास समेत कई ऑटोमेटिक हथियार बरामद
Naxal Encounter: छत्तीसगढ़-ओडिशा बॉर्डर पर गरियाबंद जिले के कुल्हाड़ी घाट स्थित भालू डिग्गी के जंगल में सुरक्षाबलों ने 16 नक्सलियों को मार गिराया है। आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि हो गई है। मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़ सकती है। रविवार सुबह से सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच शुरू हुई मुठभेड़ में अभी भी रुक-रुक कर फायरिंग हो रही है। सभी मारे गए नक्सलियों के शव और एके-47, SLR, इंसास समेत कई ऑटोमेटिक हथियार बरामद हुए हैं। मुठभेड़ में सीआरपीएफ की कोबरा यूनिट का एक जवान भी घायल हुआ है, जिसे एयर लिफ्ट करके रायपुर लाया जा रहा है।
ओडिशा-छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर संयुक्त ऑपरेशन
सुरक्षाबलों का दावा है कि इस मुठभेड़ में नक्सलियों के कई इनामी लीडर्स मारे गए हैं। छत्तीसगढ़ और ओडिशा फोर्स की ओर से जॉइंट ऑपरेशन चलाया गया था, इसमें कुल 10 टीम में शामिल थीं। तीन टीम ओडिशा से दो छत्तीसगढ़ पुलिस से और सीआरपीएफ की पांच टीम इस मुठभेड़ में शामिल रहीं। मुठभेड़ की सूचना पर फोर्स के वरिष्ठ अधिकारी मैनपुर पहुंच गए हैं। पूरे एरिया में फोर्स की तैनाती की गई है। इसके अलावा तीन आईडी भी बरामद की गई है।
जवानों को मिली कामयाबी सराहनीय- मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक्स पर पोस्ट साझा कर लिखा कि गरियाबंद जिले के मैनपुर थाना अंतर्गत कुल्हाड़ीघाट क्षेत्र में सुरक्षाबलों की नक्सलियों के साथ रविवार रात से अब तक जारी मुठभेड़ में 10 से अधिक नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। मार्च 2026 तक देश-प्रदेश में नक्सलवाद के खात्मे के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और माननीय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प को मजबूती प्रदान करते हुए सुरक्षाबल के जवान निरंतर सफलता हासिल कर लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। जवानों को मिली यह कामयाबी सराहनीय है। उनकी बहादुरी को सलाम करता हूं। हमारी डबल इंजन की सरकार में निश्चित ही हमारा छत्तीसगढ़ मार्च 2026 तक नक्सलवाद से मुक्त होकर रहेगा।
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Chhattisgarh: प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव की तारीखों की घोषणा, जानें कब डाले जाएंगे वोट
CG Nagariya Nikay Chunav 2025: छत्तीसगढ़ में राज्य निर्वाचन आयोग ने निकाय चुनाव और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। इसी के साथ आज से आचार संहिता भी लागू हो गई है। प्रदेश में निकाय चुनाव 11 फरवरी को होंगे। वहीं 15 फरवरी को शहरी क्षेत्रों में नगरीय निकाय चुनाव के लिये मतगणना होगी। इस बार नगरीय निकाय चुनाव ईवीएम के जरिए होंगे। वहीं पंचायत चुनाव के लिए 3 चरण में 17, 20 और 23 फरवरी को मतदान होगा। पंचायत चुनावों के नतीजे 18, 21 और 24 फरवरी को आएंगे। पंचायत चुनाव बैलेट पेपर से होंगे। छत्तीसगढ़ में आज 20 जनवरी को चुनाव घोषणा के बाद से 24 फरवरी तक आचार संहिता लागू रहेगी।
राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त अजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आज से दो दिन बाद यानी 22 से 28 जनवरी तक नामांकन शुरू हो जायेगा। 24 फरवरी तक निकाय चुनाव संपन्न हो जायेंगे। इसी के साथ ङी छत्तीसगढ़ में आचार संहिता लागू हो चुकी है।
छत्तीसगढ़ में 21 साल में 17 लाख शहरी वोटर्स बढ़ गए हैं। 2004 में हुए पहले नगरीय निकाय चुनाव के दौरान मतदाताओं की कुल संख्या 28 लाख 34 हजार 547 थी। जो बढ़कर 44 लाख 87 हजार 668 हो गई है। त्रिस्तरीय पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव के लिए मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में आंकड़े सामने आए हैं।
छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय चुनाव 2025 कार्यक्रम
- 11 फरवरी को शहरी क्षेत्रों में होंगे मतदान
- 15 फरवरी को शहरी क्षेत्रों में होगी मतगणना
- 15 फरवरी को ही जारी होंगे नतीजे
- 22 से 28 जनवरी तक नगरीय निकाय चुनाव के होंगे नामांकन
- नामांकन की जांच- 29 फरवरी 2025
- नाम वापसी अंतिम तिथि – 31 जनवरी 2025
- चुनाव चिन्ह का आवंटन- 31 जवनरी
- एक ही चरण में होंगे नगरीय निकाय चुनाव
- 24 फरवरी तक नगरीय निकाय चुनाव संपन्न हो जायेंगे।
- जिला पंचायत सदस्यों के 433 पदों के लिये होंगे चुनाव
- 10 नगर निगम, 49 नगर पालिका और 114 नगर पंचायत में होंगे चुनाव
- 18 तरह के पहचान पत्र मान्य किये गये हैं।
- ईवीएम से होंगे चुनाव
छत्तीसगढ़ पंचायत चुनाव 2025 कार्यक्रम
- निर्वाचन सूचना का प्रकाशन- 27 जनवरी 2025
- 17, 20, 23 फरवरी को होंगे पंचायत चुनाव के लिये वोटिंग
- 18, 21 और 24 फरवरी को पंचायत चुनाव की मतगणना
- 27 जनवरी से 3 फरवरी तक पंचायत चुनाव के लिये होंगे नामांकन
- नाम वापसी की अंतिम तिथि -6 फरवरी 2025
- चुनाव चिन्ह का आवंटन- 6 फरवरी 2025
- कुल तीन चरणों में होंगे पंचायत चुनाव
- जिला पंचायत सदस्यों के 433 पदों के लिये होंगे चुनाव
- बैलेट पेपर सें होंगे चुनाव
14 नगर निगमों की स्थिति
- नगर निगम रायपुर – सामान्य (महिला)
- नगर निगम बिरगांव- सामान्य (महिला)
- नगर निगम दुर्ग – ओबीसी (महिला)
- नगर निगम भिलाई – ओबीसी
- नगर निगम रिसाली- एससी (महिला)
- नगर निगम चरोदा – ओबीसी
- नगर निगम राजनांदगांव – सामान्य
- नगर निगम धमतरी – सामान्य
- नगर निगम जगदलपुर – सामान्य
- नगर निगम रायगढ़ – एससी (महिला)
- नगर निगम कोरबा – सामान्य (महिला)
- नगर निगम बिलासपुर – ओबीसी
- नगर निगम अंबिकापुर – एसटी
- नगर निगम चिरमिरी – सामान्य
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CG Cabinet: मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक, लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
Raipur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट की बैठक में किसानों के हित में आज एक बड़ा निर्णय लिया गया। इस निर्णय के तहत प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी के अनुरूप इस साल भी समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले राज्य के लगभग 27 लाख किसानों को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा घोषित दर के अनुसार 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा। इस साल किसानों से केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य 2300 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की जा रही है, जिसका भुगतान किसानों को किया जा रहा है तथा प्रति क्विंटल अंतर की राशि 800 रूपए छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को आदान सहायता के रूप में एकमुश्त फरवरी 2025 में प्रदान करेगी।
कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
1.कैबिनेट ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में उपार्जित धान में से अतिशेष धान की नीलामी को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से निराकरण करने का निर्णय लिया है।
2.छत्तीसगढ़ राज्य में एचव्ही-4 श्रेणी के विद्युत उपभोक्ता-मिनी स्टील प्लांट, स्टील उद्योग को जिनके कैप्टिव पावर प्लांट नहीं है या एक मेगा वॉट से कम है तथा उनका लोड 2.5 एमव्हीए से अधिक है को औद्योगिक एवं आर्थिक मंदी के कारण उन्हें प्रतिस्पर्धा में बनाए रखने तथा राहत देने के उद्देश्य से कैबिनेट द्वारा एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए विशेष राहत पैकेज अंतर्गत ऊर्जा प्रभार में 1 अक्टूबर 2024 से 31 मार्च 2025 तक अधिकतम एक रुपए प्रति यूनिट छूट देने का निर्णय लिया गया।
3.कैबिनेट ने विधानसभा सत्र में किए गए घोषणा के अनुपालन में राज्य के कलाकारों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता राशि में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। अर्थाभावग्रस्त लेखकों और कलाकारों एवं उनके आश्रितों को वित्तीय सहायता देने के लिए संस्कृति विभाग द्वारा संचालित छत्तीसगढ़ कलाकार कोष नियम 1982 में संशोधन कर राज्य के कलाकारों को 25 हजार रूपए के स्थान पर अब अधिकतम 50 हजार रूपए की सहायता एवं मृत्यु होने पर 01 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान किए जाने का निर्णय लिया है।
4.छत्तीसगढ़ राज्य के युवाओं को वित्तीय बाजारों, निवेश के साधनों एवं वित्तीय नियोजन के क्षेत्र में उपयुक्त कौशल तथा आवश्यक ज्ञान उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा छात्र स्किलिंग प्रोग्राम (एसएसपी) के तहत नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के साथ एमओयू करने का निर्णय लिया गया है। यह प्रशिक्षण हाई स्कूल, हायर सेकेण्डरी स्कूल तथा कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए संचालित किया जाएगा।
5.वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग में अपर आयुक्त आबकारी का एक नवीन पद (वेतन मेट्रिक्स लेवल-15) का सृजन करने का निर्णय लिया गया।
6.नवा रायपुर अटल नगर में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रयोजन हेतु श्री सत्य सांई हेल्थ एवं एजुकेशन ट्रस्ट को अतिरिक्त 05 एकड़ भूमि निःशुल्क आबंटित करने का निर्णय लिया गया।
7.छत्तीसगढ़ विशेष क्षेत्र (अचल संपत्ति का व्ययन) नियम, 2008 के तहत् नवा रायपुर अटल नगर में The Art of Living Centre की स्थापना हेतु 40 एकड़ भूमि रियायती दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया गया।
8.नया रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण की नया रायपुर आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति, 2017 में संशोधन करने का निर्णय लिया गया।
9.छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल के द्वारा निर्मित 5 वर्ष से अधिक समय से नहीं बिके हुए आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों को (One time settlement) एकमुश्त निपटान हेतु लागत मूल्य (बेस रेट) से 10 प्रतिशत, 20 प्रतिशत तथा 30 प्रतिशत छूट देकर विक्रय करने का निर्णय लिया गया।
10.प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 अंतर्गत एक लाख 32 हजार हितग्राहियों को लाभान्वित करने के लिए कुल अनुदान राशि 3938.80 करोड़ है, जिसमें अनिवार्य राज्यांश 1450 करोड़ रूपए एवं अतिरिक्त राज्यांश 538 करोड़, जो कि मकान पूर्ण करने अथवा गृह प्रवेश पर दिया जाएगा, का अनुमोदन किया गया।
12.कैबिनेट ने महिला स्व-सहायता समूह के हित को ध्यान में रखते हुए रेडी टू ईट निर्माण का काम महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपने का निर्णय लिया है। पहले चरण में रेडी टू ईट निर्माण का कार्य 5 जिलों में महिला स्व-सहायता समूहों को दिया जाएगा।
13.छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 के अंतर्गत त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं में अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व एवं आरक्षण संबंधी प्रावधानों में संशोधन किए जाने हेतु विभिन्न धाराओं में संशोधन संबंधी जारी अध्यादेश की समयावधि को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
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Chhattisgarh: मुख्यमंत्री साय ने स्वामित्व कार्ड वितरण योजना का किया शुभारंभ, सीएम बोले- योजना से भू-संबंधी विवादों में कमी आएगी
Raipur/Mahasamund: प्रधानमंत्री मोदी की मंशा और दूरदर्शी सोच के अनुरूप राज्य सरकार द्वारा स्वामित्व योजना को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए मजबूती से कदम उठाया गया है। स्वामित्व योजना ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने की प्रभावी पहल है। संपत्ति का अधिकार केवल भूमि और अन्य संसाधनों के कानूनी स्वामित्व तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि यह व्यक्तियों और समुदायों को आत्मनिर्भरता, स्थिरता और सम्मानित जीवन जीने का आधार प्रदान करता है। यह अधिकार विशेष रूप से हमारे समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के लिए आर्थिक, सामाजिक और व्यक्तिगत स्वतंत्रता सुनिश्चित करता है, इसलिए भू-अभिलेखों को पारदर्शी और प्रभावी बनाना हमारी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज महासमुंद में आयोजित स्वामित्व कार्ड वितरण सामरोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री साय ने सभी स्वामित्व कार्ड के लाभार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि आज महासमुंद जिले के 128 गांवों के 10 हजार 850 लाभार्थियों को स्वामित्व कार्ड वितरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना से भूमि का मालिकाना हक सीमाओं का न सिर्फ स्पष्ट निर्धारण होगा, इससे भू-संबंधी विवादों में कमी भी आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम भूमि संबंधित मामलों में अत्याधुनिक डिजिटल तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं, जिससे ग्राम पंचायतों को उच्च-रिज़ॉल्यूशन डिजिटल मानचित्र उपलब्ध कराए जा सकें। यह बेहतर सड़कें, स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल और अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण में मदद करेगा, जिससे विकास की गति तेज होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने रजिस्ट्री प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने के लिए “सुगम एप“ विकसित किया है और दस्तावेजों के डिजिटलीकरण पर कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को अभी 3 लाख 88 हजार नवीन प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति और मिली है। साथ ही भविष्य में भी 4 लाख नये आवासों की स्वीकृति भी मिलेगी। हमारी सरकार बनते ही 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी गई थी। राज्य में अभी आवास प्लस 2024 में सर्वे का कार्य प्रारम्भ हो गया है। उन्होंने कहा कि मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि अब ढाई एकड़ सिंचित या 5 एकड़ असिंचित जमीन तथा जिनके पास टू व्हीलर होगा, उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी आज देशव्यापी स्वामित्व कार्ड वितरण कार्यक्रम में दिल्ली से वर्चुअल रूप से जुड़े और 50 हजार गांवों में 65 लाख ग्रामीणों को उनकी काबिज भूमि का स्वामित्व कार्ड प्रदान किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने योजना के लाभार्थियों को संबोधित किया और उनसे संवाद भी किया।
मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में प्रदेशवासियों को प्रयागराज महाकुंभ का सहभागी बनने के लिए निमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रयागराज सेक्टर 6 अंतर्गत साढ़े 4 एकड़ क्षेत्र में भव्य पंडाल छत्तीसगढ़ वासियों के लिए निर्मित किया गया है। यहां उनके ठहरने और भोजन की निःशुल्क व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस वर्ष 31 जनवरी तक धान खरीदी होगी। अभी तक 132 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदी हो चुकी है तथा 23 लाख से अधिक किसान धान बेच चुके है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी के पश्चात शीघ्र ही अंतर की राशि प्रदान की जाएगी।