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Chhattisgarh: बुजुर्गों के दुख-दर्द को समझें और उन्हें उनकी सेवा का भरोसा दिलाएं: मुख्यमंत्री साय

Surajpur: अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर आज सूरजपुर जिला मुख्यालय में सियान सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जिले के वृद्धजनों का शॉल, श्रीफ़ल से अभिनंदन कर शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज वृद्धजनों के सम्मान का दिन है। उन्होंने कहा कि मैं सभी वृद्धजनों को प्रणाम करता हूं और आप सभी से आग्रह करता हूं कि आप वृद्धजनों की सेवा और सम्मान करें,उनके दुःख दर्द को समझें और उन्हें अपने सेवाभाव से भरोसा दिलाएं कि आप उनके साथ हैं। माता-पिता और वृद्धजनों की सेवा से आपको पुण्य और आशीर्वाद मिलेगा, खुशी मिलेगी और उनके आशीर्वाद से आप अपने मुकाम तक पहुंच पाएंगे।
मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार सभी वर्ग के लिए योजनाएं संचालित कर रही है और योजनाओं का लाभ गरीब, मजदूरों, किसानों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 14 लाख से अधिक सियानो को छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने के लिए उनके खाते में पेंशन की राशि दी जा रही है। वृद्धजनों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के साथ ही उनके उपचार के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने बजट में 70 वर्ष से अधिक उम्र के वृद्धजनों के लिए आयुष्मान कार्ड के माध्यम से निःशुल्क उपचार की सुविधा प्रदान की है। इसी कड़ी में हमने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया है कि सभी वृद्धजनों का आयुष्मान कार्ड बनाकर उन्हें निःशुल्क उपचार की सुविधा प्रदान की जाए।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हर बुजुर्गों की इच्छा होती है कि वह अपने जीवनकाल में एक बार तीर्थ यात्रा जाएं, उनकी भावनाओं और आस्था को ध्यान रखकर हमारी सरकार ने अयोध्या में रामलला के दर्शन की व्यवस्था की है। रेल, बस के माध्यम से अयोध्या जाने और आने के अलावा भोजन, ठहरने की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही है। इस योजना से माता कौशल्या की धरती छत्तीसगढ़ के लोग अपने भांचा राम का दर्शन करने जा पा रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि हमारी सरकार ने मोदी की गारंटी के तहत किसानों का भरपूर ख्याल रखा है। उनसे 3100 रुपए में 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी और दो साल का बकाया बोनस की राशि भी प्रदान की है। हमारी सरकार द्वारा सरगुजा से लेकर बस्तर तक के तेंदूपत्ता श्रमिकों को लाभान्वित करने के लिए तेंदूपत्ता के प्रति मानक बोरा दर में वृद्धि कर 4000 से 5500 रुपए किया गया और 70 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक लाभ पहुँचाने महतारी वंदन योजना लागू कर महीने में एक हजार की राशि महिलाओं के खाते भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा अभी हमारी सरकार को महज नौ माह ही हुए हैं और प्रदेश के सभी वर्ग के लिए योजना बनाकर राज्य के विकास की दिशा में कार्य करते हुए हम आगे बढ़ रहे हैं, आने वाले समय में यहां विकास की गति और बढ़ेगी।
कार्यक्रम में सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज, प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी, प्रतापपुर विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते, बैकुंठपुर विधायक भैयालाल राजवाड़े, अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल, सामरी विधायक उद्धेश्वरी पैकरा, लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो, पूर्व गृहमंत्री राम सेवक पैकरा,भीम सिंह अग्रवाल, बाबूलाल अग्रवाल, राजेश महलवाला एवं बड़ी जनसंख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं आमजन उपस्थित थे।
सूरजपुर जिले के विकास की कई घोषणाएं
मुख्यमंत्री साय ने समारोह में ग्राम बिहारपुर में सहकारी बैंक खोलने, पिलखा पहाड़ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने, गोपालपुर में नवीन प्राथमिक शाला भवन का निर्माण कराये जाने के साथ ही भटगांव विधानसभा क्षेत्र के 103 एकल शिक्षकीय विद्यालयों में शिक्षकों की व्यवस्था किए जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने सूरजपुर के जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा, सूरजपुर महाविद्यालय के स्टेडियम ग्राउंड में सिंथेटिक रनिंग ट्रैक का निर्माण, भैयाथान-सूरजपुर मार्ग में ऊंचडीह, नेवरा राष्ट्रीय राजमार्ग तक 09 किलोमीटर तक सड़क मरम्मत की घोषणा के साथ ही ग्राम पंचायत शिवनंदनपुर को नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने की स्वीकृति दी। उन्होंने सूरजपुर ऑडिटोरियम का नाम डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के नाम पर करने की घोषणा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिलेवासियों को विकास कार्यों की सौगात के लिए शुभकामनाएं दीं।
187 करोड़ के कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण
मुख्यमंत्री साय ने सूरजपुर जिले के दौरे के दौरान जिले में करोड़ों के विकास कार्यों का भूमिपूजन शिलान्यास एवं लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री साय द्वारा लोक निर्माण, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, हाउसिंग बोर्ड, आदिम जाति कल्याण, ग्रामीण विकास, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्वास्थ्य, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं नगरपालिका सूरजपुर के अंतर्गत 187 करोड़ 51 लाख की लागत वाले 159 कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया।
पीएम आवास के हितग्राहियों को बांटी खुशियों की चाबी
सूरजपुर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने जिले के सभी जनपदों केे एक-एक हितग्राही को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत् आवास पूर्ण होने पर आवास की चाबी सौपी। जिले के भैयाथान, ओडगी, प्रतापपुर, प्रेमनगर, रामानुजनगर और सूरजपुर जनपद के पात्र हिताग्राहियो को आवास की चाबी सौंपी गई।
डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन वैन का मुख्यमंत्री साय ने किया अवलोकन
मुख्यमंत्री साय ने आज सूरजपुर अग्रसेन स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में सक्षम सूरजपुर अतंर्गत डिजिटल साक्षरता अभियान के तहत् संचालित डिजिटल बस का अवलोकन किया। सक्षम सूरजपुर अंतर्गत जिले में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन वेन (डिजिटल बस) संचालन किया जा रहा है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 12 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के विद्यार्थियों को निःशुल्क डिजिटल शिक्षा देने और बच्चों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके द्वारा जिले के बड़ी ग्रामीण जनसंख्या को डिजिटल तकनीकों के संबंध में जागरूक करने के साथ डिजिटल उपकरणों के संबंध में जानकारी प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन वेन छत्तीसगढ़ राज्य अंतर्गत जिला सूरजपुर प्रथम जिला है, जहां डिजिटल बस ने जिले के 06 विकासखण्डों में भ्रमण कर डिजिटल साक्षरता से लोगों को अवगत कराया और जागरूक किया जा रहा है। इस बस के द्वारा डिजिटल बैंकिंग से लेकर साईबर सिक्योरिटी पर शिक्षा दी जा रही है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत बेसिक आईटी शिक्षा और साइबर सिक्योरिटी में सर्टिफिकेट कोर्स कराकर प्रमाण पत्र भी दिया जा रहा है।
विशेष स्वास्थ्य शिविर का अवलोकन
अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में वृद्धजन एवं दिव्यांगजनों को स्वास्थ्य लाभ पहुचाने विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा मरीजों का खून, बीपी, शुगर, गठिया, हृदय, श्वास संबंधी, दंत एवं नेत्र, नाक, कान, गला सहित अनेक बीमारियों का जांच कर उन्हें स्वास्थ्य लाभ प्रदान किया गया। साथ ही उन्हें आवश्यक परामर्श एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने हेतु प्रोत्साहित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय द्वारा वृद्धजनों को स्वास्थ्य कार्ड एवं सिकलसेल मरीजों को सिकलसेल पहचान कार्ड का वितरण भी किया गया।
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Chhattisgarh: नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण को मिलेगी रफ्तार, RCPLWEA और PMGSY योजना 2027 तक बढ़ी

Raipur: नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क संपर्क को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने रोड कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट फॉर लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म अफेक्टेड एरियाज (RCPLWEA) और Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana (PMGSY-I) की अवधि को 31 मार्च 2027 तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले से छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग सहित नक्सल प्रभावित दूरस्थ इलाकों में सड़क निर्माण कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है। साथ ही पहले से स्वीकृत परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
दूरस्थ गांवों तक पहुंचेगी बेहतर सड़क सुविधा
केंद्र सरकार के इस निर्णय से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में सड़क संपर्क मजबूत होगा, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और रोजगार के अवसरों तक पहुंच आसान होगी। बेहतर सड़क नेटवर्क से इन इलाकों में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार का जताया आभार
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास और वहां रहने वाले लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क किसी भी क्षेत्र के विकास की आधारशिला होती है। सड़क बनने से प्रशासनिक पहुंच मजबूत होती है और शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार जैसी सुविधाओं तक लोगों की पहुंच आसान हो जाती है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन योजनाओं की अवधि बढ़ने से बस्तर सहित छत्तीसगढ़ के दूरस्थ इलाकों में सड़क निर्माण कार्यों में तेजी आएगी और विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी।
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Chhattisgarh: महतारी वंदन योजना की 25वीं किश्त जारी, 69.48 लाख महिलाओं के खातों में ₹641.58 करोड़ ट्रांसफर

Mahtari Vandan Yojana: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महतारी वंदन योजना की 25वीं किश्त जारी की। इसके तहत राज्य की 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 641 करोड़ 58 लाख रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए। बस्तर के लाल बहादुर शास्त्री मिनी स्टेडियम में आयोजित महतारी वंदन सम्मेलन-2026 में मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति समाज की सबसे बड़ी ताकत है और महिलाओं का आर्थिक व सामाजिक सशक्तिकरण ही विकसित राज्य की मजबूत नींव है।उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत अब तक महिलाओं को कुल 16 हजार 237 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है।
हर महीने मिल रहे 1000 रुपये
मुख्यमंत्री ने कहा कि Narendra Modi द्वारा 10 मार्च 2024 को इस योजना की शुरुआत की गई थी। इसके तहत प्रदेश की पात्र महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। पिछले 25 महीनों से लगातार यह राशि महिलाओं के खातों में पहुंच रही है। इस तरह हर हितग्राही महिला को अब तक कुल 25 हजार रुपये मिल चुके हैं।
बजट में 8200 करोड़ का प्रावधान
मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए राज्य सरकार ने इस वर्ष के बजट में 8 हजार 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि इस राशि का उपयोग महिलाएं बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, घरेलू जरूरतों, बचत और स्वरोजगार जैसे कार्यों में कर रही हैं, जिससे परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
स्व-सहायता समूहों से बढ़ रही महिलाओं की आय
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। प्रदेश में अब तक करीब 8 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाया जा चुका है और लक्ष्य इसे बढ़ाकर 10 लाख तक पहुंचाने का है। साथ ही महिला समूहों के माध्यम से रेडी-टू-ईट फूड निर्माण और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
बस्तर में विकास और शांति का नया माहौल
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार और सुरक्षा बलों के प्रयासों से नक्सलवाद अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। नक्सल प्रभावित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए 15 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क, बिजली, मोबाइल टावर, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
महिलाओं की सफलता की कहानियां भी साझा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न जिलों की महिलाओं से बातचीत भी की। कई महिलाओं ने बताया कि योजना से मिली राशि से उन्होंने स्वरोजगार शुरू किया, बच्चों की पढ़ाई में निवेश किया और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत की। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से ‘लक्ष्मी सखी मिलेट कार्ट’ पहल की भी शुरुआत की गई, जिससे महिलाओं को मिलेट आधारित उत्पाद तैयार कर आजीविका के नए अवसर मिलेंगे।
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Chhattisgarh: रायपुर में ‘लखपति दीदी संवाद’ कार्यक्रम 7 मार्च को, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे महिलाओं से संवाद

Raipur: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ में महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए 7 मार्च 2026 को रायपुर में ‘लखपति दीदी संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ द्वारा रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और प्रदेश भर से आई लखपति दीदियों से संवाद करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा करेंगे। इसके अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।
इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं कार्यक्रम में भाग लेंगी। मुख्यमंत्री महिलाओं से बातचीत करते हुए उनकी सफलता की कहानियां सुनेंगे और सरकारी योजनाओं के जरिए उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी लेंगे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के हाथों ‘लखपति दीदी’ पर आधारित कॉफी टेबल बुक और ‘छत्तीसकला’ आधारित ब्रांड बुक का विमोचन किया जाएगा। साथ ही ‘लखपति दीदी ग्राम पोर्टल’ की भी शुरुआत की जाएगी। इन प्रकाशनों के जरिए स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की उपलब्धियों और उनकी आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानियों को सामने लाया जाएगा।
इसके अलावा कार्यक्रम में प्रदेशभर से उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्व-सहायता समूह की महिलाओं, कैडर्स और लखपति दीदियों को सम्मानित भी किया जाएगा। यह आयोजन महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों को भी रेखांकित करेगा।
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Chhattisgarh: जशपुर में बस दुर्घटना पर मुख्यमंत्री साय ने जताया दुख, घायलों के बेहतर इलाज के दिए निर्देश

Raipur/Jashpur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर जिले में हुई बस दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। यह हादसा दुलदुला विकासखंड के Goda Amba गांव के पास हुआ, जिसमें कुछ लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। मुख्यमंत्री ने इस दुर्घटना को बेहद दुखद और हृदय विदारक बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।
दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना
मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्माओं को शांति मिले और शोक संतप्त परिवारों को इस कठिन समय में संबल प्राप्त हो। उन्होंने दुर्घटना में घायल सभी लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की।
घायलों के समुचित उपचार के निर्देश
मुख्यमंत्री साय ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि दुर्घटना में घायल लोगों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न रहे। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि घायलों को हर संभव चिकित्सा सुविधा और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
राहत और बचाव कार्यों की निगरानी
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी कहा है।
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Chhattisgarh: भारतनेट के तहत छत्तीसगढ़ को ₹3,942 करोड़ की मंजूरी, 11,682 ग्राम पंचायतें होंगी कनेक्ट

Raipur: छत्तीसगढ़ को डिजिटल आधारभूत संरचना के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि मिली है। भारत सरकार के संचार मंत्रालय ने संशोधित भारतनेट प्रोग्राम (Amended BharatNet Program – ABP) के तहत राज्य के लिए ₹3,942 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है। इस महत्वाकांक्षी योजना के जरिए प्रदेश की 11,682 ग्राम पंचायतों को रिंग टोपोलॉजी आधारित नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिससे ग्रामीण इलाकों में तेज, सुरक्षित और निर्बाध डिजिटल कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सकेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे ग्रामीण डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी केवल इंटरनेट सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विकसित छत्तीसगढ़ की नई जीवनरेखा बनेगी। रिंग टोपोलॉजी आधारित नेटवर्क संरचना से सेवाओं की विश्वसनीयता बढ़ेगी और नेटवर्क फेल होने की स्थिति में भी वैकल्पिक मार्ग से कनेक्टिविटी जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के माध्यम से ई-गवर्नेंस सेवाओं का दायरा बढ़ेगा, ऑनलाइन शिक्षा को मजबूती मिलेगी और टेलीमेडिसिन के जरिए दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच सकेंगी। साथ ही, ग्रामीण युवाओं, स्टार्टअप्स और उद्यमियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इससे गांवों को डिजिटल अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने इस स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ डिजिटल रूप से सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर राज्य के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
राज्य सरकार का मानना है कि इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद प्रशासनिक पारदर्शिता, सेवा वितरण की गति और ग्रामीण विकास के मानकों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा। डिजिटल नेटवर्क को मजबूत कर छत्तीसगढ़ ‘विकसित भारत’ की अवधारणा में महत्वपूर्ण योगदान देने की दिशा में अग्रसर है।















