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Chhattisgarh: लोकतांत्रिक परंपराओं की मिसाल है विधानसभा: मुख्यमंत्री साय, विधानसभा ने संसदीय परंपराओं में रचा अनुशासन और आदर्श का इतिहास : स्पीकर डॉ. रमन सिंह

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह के अवसर पर प्रदेशवासियों की ओर से भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि यह हम सभी का सौभाग्य है कि जब छत्तीसगढ़ विधानसभा अपने गौरवशाली 25 वर्षों का उत्सव मना रही है, तब देश की प्रथम नागरिक हमारे बीच उपस्थित हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2000 में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में बने छत्तीसगढ़ का रजत वर्ष संयोग से उनके जन्मशताब्दी वर्ष में पड़ रहा है, जिसे हम अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी विधानसभा की 25 वर्षों की यात्रा लोकतंत्र की सुदृढ़ परंपराओं की प्रतीक है। वैदिक काल से चले आ रहे भारतीय लोकतंत्र को छत्तीसगढ़ ने अपने कार्यों से मजबूत किया है। सदन में जनहितकारी विषयों पर गंभीर चर्चाएं, सशक्त विमर्श और स्वस्थ वातावरण में लिए गए निर्णय, हमारी संसदीय संस्कृति को समृद्ध करते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने केवल विधायी कार्य ही नहीं, बल्कि प्रतिनिधियों के नेतृत्व विकास को भी प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि सीखने की प्रक्रिया निरंतर चलनी चाहिए। हाल ही में विधानसभा सदस्यों के लिए आईआईएम रायपुर में आयोजित पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम इसका उदाहरण है, जहां नेतृत्व और प्रशासन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए संकल्पबद्ध हैं।
विधान सभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा को यह गौरव प्राप्त है कि तीसरी बार भारत के राष्ट्रपति ने सदन को संबोधित किया है। इससे पहले डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा देवी सिंह पाटिल विधानसभा को संबोधित कर चुके हैं। उन्होंने राष्ट्रपति मुर्मू जी के सरल, संघर्षशील और प्रेरणादायक जीवन को देश की महिलाओं, जनप्रतिनिधियों और युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बताया। उन्होंने छत्तीसगढ़ विधान सभा की 25 वर्ष की यात्रा को लोकतांत्रिक मूल्यों की सुदृढ़ता की यात्रा बताया। उन्होंने कहा कि सदन में ‘स्वअनुशासन’ की परंपरा स्थापित की गई, जहां सदस्यों ने स्वयं बनाए नियमों का पालन कर पूरे देश के लिए उदाहरण प्रस्तुत किया।
डॉ. सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने संसदीय गतिविधियों के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है। उन्होंने उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने 2011 में लोक सेवा गारंटी अधिनियम, और 2012 में खाद्य सुरक्षा अधिनियम पारित किए, जो अंत्योदय और समावेशी विकास के प्रतीक हैं। डॉ. रमन सिंह ने बताया कि शीघ्र ही विधानसभा नया रायपुर स्थित नवीन भवन में स्थानांतरित होगी। उन्होंने राष्ट्रपति की उपस्थिति को सदन की स्मृतियों में एक अमिट अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में सदन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों को नियमित रूप से पुरस्कार व सम्मान दिया जाता है, जो लोकतांत्रिक चेतना को सुदृढ़ करते हैं।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का हृदय से स्वागत करते हुए उन्हें संघर्ष, सादगी और सेवा की प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति जी का जीवन पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने राष्ट्रपति मुर्मु की उपस्थिति को ऐतिहासिक बताते हुए आभार व्यक्त किया और कहा कि हम सब उनके वचनों से प्रेरणा लेकर छत्तीसगढ़ के विकास में एकजुटता से कार्य करेंगे। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका ने विधानसभा सदस्य संदर्भ पुस्तिका का विमोचन किया और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्म को पुस्तिका की प्रथम प्रति भेंट की।रजत जयंती समारोह के अवसर पर मंत्रीमंडल के सभी मंत्रीगण एवं विधानसभा के सभी सदस्यगण उपस्थित थे।
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CG Cabinet: 10 जिलों में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स, पायलट ट्रेनिंग संस्थान, स्टार्टअप नीति और क्लाउड फर्स्ट पॉलिसी को मंजूरी

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के विकास, सुरक्षा और डिजिटल सशक्तिकरण से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने प्रदेश में मादक पदार्थों की रोकथाम को सशक्त बनाने के लिए 10 जिलों में जिला स्तरीय एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के गठन को मंजूरी दी गई है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में 100 नए पद स्वीकृत किए गए हैं। यह व्यवस्था रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम, जशपुर, राजनांदगांव और कोरबा जिलों में लागू होगी।
एसओजी के गठन को हरी झंडी
कैबिनेट ने पुलिस मुख्यालय की विशेष शाखा के अंतर्गत स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के गठन के लिए 44 नए पदों को स्वीकृति दी है। एसओजी किसी भी आतंकी हमले, बड़ी घटना या गंभीर खतरे की स्थिति में त्वरित कार्रवाई कर हालात को नियंत्रित करने का कार्य करेगी।
छत्तीसगढ़ में पायलट प्रशिक्षण की सुविधा
राज्य के विभिन्न एयरपोर्ट और हवाई पट्टियों पर फ्लाइट ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (FTO) की स्थापना के निर्णय को मंजूरी दी गई है। निजी सहभागिता से शुरू होने वाले इस संस्थान से युवाओं को पायलट प्रशिक्षण के साथ-साथ विमानन क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। इससे एयरक्राफ्ट रिसाइकिलिंग, हेलीकॉप्टर बंकिंग और एयरो स्पोर्ट्स जैसी सुविधाओं का भी विकास होगा।
स्टार्टअप नीति 2025-26 को मंजूरी
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 को मंजूरी दी है। इस नीति से राज्य में स्टार्टअप इकोसिस्टम, इनक्यूबेटर्स और निवेशकों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्टेट्स स्टार्टअप रैंकिंग में सुधार से छत्तीसगढ़ निवेश के लिए आकर्षक केंद्र बनेगा।
35 आवासीय कॉलोनियां नगरीय निकायों को सौंपने का निर्णय
गृह निर्माण मंडल और रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित और पूर्ण हो चुकी 35 आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम और नगर पालिकाओं को सौंपने का फैसला लिया गया है। इससे कॉलोनीवासियों को पानी, बिजली, सड़क, सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी और दोहरे रखरखाव शुल्क से राहत मिलेगी।
नवा रायपुर में बहुमंजिला शासकीय भवन बनेगा
नवा रायपुर अटल नगर में शासकीय विभागों और निगम-मंडलों के लिए एक वृहद बहुमंजिला भवन के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इससे भूमि का बेहतर उपयोग होगा और विभिन्न विभाग एक ही परिसर में संचालित हो सकेंगे।
सिरपुर और अरपा क्षेत्र के विकास को गति
सिरपुर और अरपा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के तहत शासकीय भूमि के आबंटन का अधिकार संबंधित जिलों के कलेक्टरों को दिया गया है। विकास कार्यों को तेज करने के लिए भूमि आबंटन ₹1 प्रीमियम और भू-भाटक पर किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति लागू
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति को लागू करने की मंजूरी दी है। इसके तहत सभी शासकीय विभाग केवल भारत सरकार द्वारा अनुमोदित क्लाउड सेवा प्रदाताओं से ही सेवाएं लेंगे। इस नीति से आईटी लागत में कमी, बेहतर साइबर सुरक्षा और नागरिक सेवाओं की 24×7 उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
मोबाइल टावर योजना को मंजूरी
डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मोबाइल टावर योजना को स्वीकृति दी गई है। इसके तहत नेटवर्क विहीन और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल टावर स्थापित किए जाएंगे। इससे ई-गवर्नेंस, स्वास्थ्य, शिक्षा, डीबीटी और डायल-112 जैसी सेवाओं की पहुंच दूरस्थ इलाकों तक आसान होगी।
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Raipur: धान खरीदी को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, CM साय के निर्देश पर किसानों को 2 दिन की अतिरिक्त राहत

Raipur: छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश में धान खरीदी की प्रक्रिया को दो दिन के लिए बढ़ा दिया गया है। अब पात्र किसान 5 और 6 फरवरी 2026 को भी अपना धान बेच सकेंगे। सरकार ने यह राहत उन किसानों को दी है, जो किसी कारणवश तय समय में धान विक्रय नहीं कर पाए थे। इस अतिरिक्त अवधि में तीन श्रेणियों के किसान धान विक्रय के लिए पात्र होंगे-
1.वे किसान, जिन्होंने 10 जनवरी 2026 के बाद टोकन के लिए आवेदन किया, लेकिन सत्यापन नहीं हो पाया।
2.वे किसान, जिन्होंने 10 जनवरी के बाद आवेदन किया और सत्यापन के बाद उनके पास धान पाया गया।
3.वे किसान, जिन्हें 28, 29 और 30 जनवरी 2026 को टोकन मिला था, लेकिन तय तारीख पर धान नहीं बेच सके।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए बारदाना और हमालों की समुचित व्यवस्था करने के भी आदेश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं। राज्य सरकार का यह निर्णय किसानों के प्रति संवेदनशीलता और उनकी उपज के सुरक्षित व सुचारु विक्रय के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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Chhattisgarh: CM साय ने छत्तीसगढ़ के पहले स्पेस सेंटर का किया उद्घाटन, कैप्टन शुभांशु शुक्ला बोले- यह मेरी नहीं, पूरे भारत की अंतरिक्ष यात्रा

Raipur: छत्तीसगढ़ में अब बच्चों के अंतरिक्ष सपनों को नई उड़ान मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवा रायपुर के राखी में प्रदेश के पहले अंतरिक्ष केंद्र का शुभारंभ किया। यह केंद्र जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट अंतरिक्ष के तहत शुरू किया गया है। इस अवसर पर भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री डॉ. शुभांशु शुक्ला भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अंतरिक्ष संगवारी पहल का विस्तार पूरे प्रदेश में किया जाएगा और सभी जिलों में अंतरिक्ष केंद्र खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह केंद्र सिर्फ एक भवन नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों की प्रयोगशाला है, जहां विज्ञान को किताबों से बाहर निकालकर प्रयोग और अनुसंधान के जरिए समझा जाएगा।
“आज से बच्चों के सपनों को पंख मिल रहे हैं”- CM साय
मुख्यमंत्री ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जशपुर जिले के बच्चों द्वारा रॉकेट निर्माण का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि सही अवसर मिलने पर यहां के बच्चे देश-दुनिया में नाम रोशन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में यह अंतरिक्ष केंद्र बच्चों को सैटेलाइट निर्माण, ट्रैकिंग, मौसम पूर्वानुमान, क्लाउड मैपिंग जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देगा। इससे न सिर्फ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि किसानों को भी सटीक मौसम और फसल संबंधी जानकारी मिलेगी। तकनीक आधारित रोजगार से युवाओं का महानगरों की ओर पलायन भी रुकेगा।
अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला बोले- यह सिर्फ मेरी नहीं, पूरे भारत की यात्रा है
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अपने अंतरिक्ष मिशन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि रॉकेट लॉन्च के समय कुछ ही मिनटों में गति शून्य से 30 हजार किमी प्रति घंटा तक पहुंच जाती है। उन्होंने छत्तीसगढ़ को ऊर्जावान प्रदेश बताते हुए कहा कि यहां के बच्चों में गजब की जिज्ञासा और क्षमता है। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष में 20 दिनों के प्रवास के दौरान उन्होंने पृथ्वी की 320 बार परिक्रमा की और लगभग 1.4 करोड़ किलोमीटर की दूरी तय की। शुक्ला ने कहा, “41 साल बाद भारत ने दोबारा अंतरिक्ष में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। यह यात्रा मेरी नहीं, पूरे भारतवासियों की यात्रा थी।”
परीक्षा और रॉकेट लॉन्च का दिया उदाहरण
शुभांशु शुक्ला ने कहा कि जैसे परीक्षा में प्रश्नपत्र सामने आते ही कुछ पल के लिए सब कुछ भूल सा जाता है, ठीक वैसा ही अहसास रॉकेट लॉन्च के समय होता है। ऐसे समय में संयम और अपनी मेहनत पर भरोसा ही सबसे बड़ी ताकत होती है।
मंत्रियों ने भी सराहा प्रयास
कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि शुभांशु शुक्ला युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। वन मंत्री और प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि यह पहल सरकार की दूरदर्शी सोच को दर्शाती है और आने वाली पीढ़ी को भविष्य के लिए तैयार करेगी। कार्यक्रम में डीपीएस और सैनिक स्कूल राजनांदगांव के छात्रों ने अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को पोर्ट्रेट भेंट किया। बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, जनप्रतिनिधि और अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
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छत्तीसगढ़ को रेलवे का मेगा बजट: 2026-27 में ₹7,470 करोड़, 24 गुना बढ़ा आवंटन; CM साय ने PM मोदी का जताया आभार

Raipur: छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा दांव खेला है। वित्त वर्ष 2026-27 में ₹7,470 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है, जो साल 2009-14 की तुलना में करीब 24 गुना ज्यादा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस ऐतिहासिक फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार के लगातार प्रयासों से छत्तीसगढ़ रेलवे विकास के मामले में तेजी से आगे बढ़ रहा है। फिलहाल राज्य में ₹51,080 करोड़ की रेल परियोजनाएं अलग-अलग चरणों में चल रही हैं। इनमें नए रेल ट्रैक, स्टेशनों का पुनर्विकास और सुरक्षा से जुड़े अहम काम शामिल हैं।
बस्तर को बड़ी सौगात
मुख्यमंत्री ने बताया कि रावघाट–जगदलपुर रेल प्रोजेक्ट की शुरुआत बस्तर के जनजातीय क्षेत्रों के लिए गेमचेंजर साबित होगी। इससे न सिर्फ कनेक्टिविटी बढ़ेगी, बल्कि व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच भी आसान होगी।
फ्रेट कॉरिडोर और ज्यादा ट्रेनें
परमलकसा–खरसिया कॉरिडोर के साथ नए फ्रेट कॉरिडोर को भी मंजूरी मिल चुकी है। इन प्रोजेक्ट्स के पूरे होने के बाद छत्तीसगढ़ में यात्री ट्रेनों की संख्या लगभग दोगुनी होने की उम्मीद है।
32 स्टेशनों का हो रहा कायाकल्प
अमृत स्टेशन योजना के तहत राज्य के 32 रेलवे स्टेशनों को आधुनिक बनाया जा रहा है। डोंगरगढ़ (फेज-I), अंबिकापुर, भानुप्रतापपुर, भिलाई और उरकुरा जैसे स्टेशन पहले ही नए रूप में तैयार हो चुके हैं।
वंदे भारत और अमृत भारत एक्सप्रेस
फिलहाल छत्तीसगढ़ में वंदे भारत एक्सप्रेस की 2 जोड़ी, अमृत भारत एक्सप्रेस की 1 जोड़ी चल रही हैं, जो यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक रेल सुविधा दे रही हैं।
100% विद्युतीकरण, कवच सुरक्षा
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि 2014 के बाद से अब तक करीब 1,200 किमी नए रेल ट्रैक, 100% रेल विद्युतीकरण, 170 फ्लाईओवर और अंडरपास और ‘कवच’ जैसी अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली लागू की जा चुकी है। इससे छत्तीसगढ़ रेलवे के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की सूची में शामिल हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विकास सिर्फ पटरियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे व्यापार, पर्यटन, उद्योग, रोजगार और आम लोगों की जिंदगी को नई रफ्तार मिल रही है।
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छत्तीसगढ़: गरियाबंद में दो समुदायों में हिंसक झड़प, घरों और गाड़ियों में आग; पुलिस पर पथराव, जवान घायल

Gariaband:छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में रविवार को पुराने विवाद को लेकर दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हो गई। मामला फिंगेश्वर थाना क्षेत्र के बकली गांव का है। विवाद इतना बढ़ गया कि एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के घरों पर हमला कर आग लगा दी, वहीं 3 से 4 वाहनों को भी जला दिया गया। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन गुस्साए लोगों ने पुलिस पर भी पथराव कर दिया। इस दौरान एक जवान घायल हो गया, जिसे बेहोशी की हालत में अस्पताल ले जाया गया।
गांव छावनी में तब्दील, IG पहुंचे मौके पर
हिंसा की सूचना मिलते ही गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस को भी मौके पर बुलाया गया। देर रात IG खुद गांव पहुंचे, जिसके बाद हालात पर काबू पाया गया। फिलहाल माहौल शांत है, लेकिन गांव में कर्फ्यू जैसे हालात बने हुए हैं।पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
लूटपाट और मारपीट से जुड़ा है विवाद
पुलिस के अनुसार, इस घटना की जड़ चार महीने पुराना मामला है। हथखोज गांव में कुछ युवकों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वे राहगीरों से लूटपाट और मारपीट करते नजर आए थे। इस मामले में फिंगेश्वर पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
जेल से छूटने के बाद फिर भड़की हिंसा
रविवार (1 फरवरी) सुबह करीब 11 बजे, जेल से छूटे आरोपियों ने बकली गांव में शिकायतकर्ता को देखते ही मारपीट शुरू कर दी। देखते ही देखते यह विवाद दो समुदायों के बीच खुले संघर्ष में बदल गया। एक समुदाय के लोगों पर हथियारों से हमला किया गया, जिसके बाद दूसरे समुदाय का गुस्सा भड़क उठा।
आरोपियों के घरों में लगाई आग
हमले के बाद आक्रोशित लोगों ने आरोपियों के घरों में आग लगा दी। आगजनी में कई मकान क्षतिग्रस्त हुए और 3 से 4 वाहन पूरी तरह जल गए।
ग्रामीणों का दावा: मंदिर तोड़ने का पुराना विवाद
घटना को लेकर गांव के लोगों ने बताया कि यह विवाद डेढ़ साल पुराने शिव मंदिर तोड़ने के मामले से जुड़ा है। उनका कहना है कि जिन लोगों पर हमला करने का आरोप है, वही लोग पहले भी गांव का मंदिर तोड़ चुके हैं। यह मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है और आरोपी फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इसी विवाद को लेकर गांव में तनाव बना हुआ है।
पुलिस कर रही जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। गांव में अतिरिक्त बल तैनात है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। किसी भी अफवाह से बचने की अपील की गई है।
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