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Chhattisgarh: जनता को दीपावली के पहले शासन द्वारा दिया गया उपहार, पीएम उज्जवला योजनांतर्गत दिए जाएंगे 2.23 लाख से अधिक नए घरेलू LPG कनेक्शन

Raipur: भारत सरकार, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री उज्जवला योजना अंतर्गत 10.33 करोड़ से अधिक आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं घरेलू एलपीजी कनेक्शन देने के उपरांत एक बार फिर दीपावली के पूर्व लोगों को उपहार देते हुए पीएमयूवाय (PMUY) अंतर्गत 25 लाख नवीन उज्जवला गैस कनेक्शन प्रदान करने हेतु प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। छत्तीसगढ़ में 2 लाख 23 हजार नवीन घरेलू एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने हेतु लक्ष्य प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री साय ने इस योजना के तहत् नवीन कनेक्शन दिए जाने पर प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री साय के निर्देशानुसार नवीन उज्जवला गैस कनेक्शन के लिए छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
हितग्राहियों को 15 दिनों में दिए जाएंगे नवीन कनेक्शन
विभाग द्वारा जारी विस्तृत दिशा-निर्देश अनुसार सभी जिलो में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला उज्जवला समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति द्वारा जिले में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के क्रियान्वयन एवं प्राप्त आवेदनों की समय-सीमा में निराकरण हेतु नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। योजनांतर्गत पात्र परिवारों से नवीन गैस कनेक्शन हेतु आगामी 07 दिनों में आवेदन पत्र प्राप्त किए जाएंगे। जिले की गैस एजेंसियों द्वारा प्राप्त आवेदन पत्रों का परीक्षण एवं सत्यापन कराकर 15 दिनों में नवीन गैस कनेक्शन जारी करने की कार्यवाही की जाएगी।
नियद नेल्ला नार योजना अंतर्गत हितग्राहियों को दी जाएगी प्राथमिकता
नियद नेल्ला नार योजना अंतर्गत आने वाले बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर, कांकेर, दंतेवाड़ा जिलों में सर्वप्रथम हितग्राहियों को चिन्हांकित कर इन ग्रामांे को विशेष प्राथमिकता देते हुए शत-प्रतिशत चिन्हांकित हितग्राहियों को उज्जवला गैस योजना के कनेक्शन दिए जाएंगे। पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाये जाने हेतु ऑयल कंपनियों के साथ समन्वय करते हुए सुगम नेटवर्क कनेक्टीविटी वाले क्षेत्रों का चयन कर विशेष शिविर आयोजित किये जाएंगे। योजनांतर्गत गैस कनेक्शन प्राप्ति हेतु शेष सभी 34 हजार 425 परिवारों के आवेदन चिन्हांकित ग्रामों में विशेष शिविर आयोजित कर लिए जाएंगे। दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों से प्राप्त आवेदनों के ई-केवाईसी के लिये कनेक्टीविटी वाले क्षेत्रों का चयन कर विशेष शिविर द्वारा उन्हें लाभांवित किया जायेगा।
जिला स्तरीय उज्जवला समिति के कलेक्टर होंगे अध्यक्ष
प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों में से कम से कम 05 प्रतिशत आवेदनों का सत्यापन एवं परीक्षण जिला उज्जवला समिति द्वारा किया जाएगा। इस हेतु जिले के सभी गैस एजेंसियों की बैठक कर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के नवीन गैस कनेक्शन जारी करने हेतु जानकारी प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तरीय उज्जवला समिति में अध्यक्ष, जिला कलेक्टर या उनके द्वारा अधिकृत कोई वरिष्ठ अधिकारी होंगे तथा समन्वयक सदस्य के रूप में जिला नोडल अधिकारी होंगे जो तेल विपणन कंपनी से होंगे। दो सदस्य अन्य दो तेल विपणन कंपनियों के अधिकारी होंगे। जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति अधिकारी एवं दो गैर-आधिकारिक सदस्य भी समिति में सदस्य होंगे।
योजनांतर्गत नवीन कनेक्शन हेतु जारी किए गए मापदंड निर्धारित
पीएमयूवाय के अंतर्गत नवीन गैस कनेक्शन हेतु पात्रता के लिए मापदंड निर्धारित किए गए हैं। जिसके अनुसार यदि परिवार का कोई भी सदस्य 10 हजार रूपए प्रति माह से अधिक कमाता हो, घर का कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी हो, सरकार के पास पंजीकृत गैर-कृषि उद्यम वाले परिवारों को शामिल नहीं किया गया है। इसी प्रकार किसान क्रेडिट कार्ड की 50 हजार रुपए से अधिक की क्रेडिट सीमा वाले किसान, सिंचाई उपकरण के साथ 2.5 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि के स्वामी, दो या अधिक फसल मौसमों के लिए 5 एकड़ या अधिक सिंचित भूमि के स्वामी, कम से कम 7.5 एकड़ या इससे अधिक भूमि का स्वामी जिनके पास कम से कम एक सिंचाई उपकरण हो, 30 वर्ग मीटर से अधिक कार्पेट क्षेत्र वाले मकान के स्वामी, स्वयं की मोटर चालित तीन या चार पहिया वाहन अथवा मछली पकड़ने वाली नाव अथवा यंत्रीकृत तीन या चार पहिया कृषि उपकरण के मालिक एवं ऐसे परिवार जिनके पास पूर्व से ही एलपीजी कनेक्शन हों योजनांतर्गत लाभ पाने हेतु अपात्र होंगे।
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Raipur: छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक, 3 महीने बिना अनुमति अवकाश नहीं, उल्लंघन पर कार्रवाई

Raipur: छत्तीसगढ़ में सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियों पर अगले तीन महीनों के लिए रोक लगा दी गई है। यह फैसला जनगणना और आगामी सुशासन तिहार को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश में साफ कहा गया है कि अब कोई भी कर्मचारी बिना पूर्व अनुमति के छुट्टी पर नहीं जा सकेगा।
बिना अनुमति छुट्टी को अनुशासनहीनता माना जाएगा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि बिना स्वीकृति अवकाश पर जाना गंभीर अनुशासनहीनता माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
इमरजेंसी में भी पहले सूचना जरूरी
आकस्मिक अवकाश (Emergency Leave) की स्थिति में भी पहले सूचना देना अनिवार्य होगा। फोन या डिजिटल माध्यम से सूचना देनी होगी। बाद में कार्यालय पहुंचकर लिखित पुष्टि करनी होगी।
लंबी छुट्टी से पहले देना होगा प्रभार
यदि कोई कर्मचारी अर्जित अवकाश या लंबी छुट्टी पर जाता है, तो उसे पहले अपना कार्यभार किसी अन्य अधिकारी/कर्मचारी को सौंपना होगा। कार्यों की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से हस्तांतरित करनी होगी।
सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश
सरकार ने सभी विभागों, संभागायुक्तों और कलेक्टरों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।यह कदम प्रशासनिक कामकाज को सुचारू बनाए रखने और बड़े सरकारी कार्यक्रमों को समय पर पूरा करने के लिए अहम माना जा रहा है।
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Raipur: नगरीय निकायों पर सख्ती, डिप्टी CM अरुण साव ने CMO को दी चेतावनी, अवैध प्लाटिंग-अतिक्रमण पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश

Raipur: उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने नगरीय निकायों की समीक्षा बैठक के दूसरे दिन साफ कर दिया कि अब शहरों में अव्यवस्था और लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। रायपुर के सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस में हुई इस मैराथन बैठक में उन्होंने नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (CMO) को कड़े निर्देश दिए।
डिप्टी CM ने शहरों में बेतरतीब निर्माण, अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण पर तुरंत रोक लगाने को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि काम में कोताही बरतने वालों के खिलाफ जवाबदेही तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को नई सोच और नई कार्य पद्धति के साथ शहरों के विकास पर काम करने को कहा। साथ ही निर्देश दिया कि हर तिमाही में नगर निकायों का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
31 मई तक पूरे करने होंगे ये काम
- नई संपत्तियों पर करारोपण पूरा करें
- संपत्ति कर, जल कर और यूजर चार्ज की वसूली तेज करें
- नाला-नालियों और ड्रेनेज की सफाई पूरी करें
- जलभराव रोकने के इंतजाम करें
जल और बिजली व्यवस्था पर फोकस
डिप्टी CM ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग को 100% लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही बिजली के अनावश्यक कनेक्शन हटाने, समय पर वेतन और बिजली बिल भुगतान के साथ हर घर तक साफ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा।
शहरों को मिलेगा नया स्वरूप
उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि सरकार का फोकस अब शहरों को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाने पर है। बच्चों के लिए खेल मैदान और उद्यान विकसित करने, साथ ही पीएम आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत स्वीकृत मकानों को एक साल में पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।
सुशासन तिहार की तैयारी
1 मई से शुरू होने वाले सुशासन तिहार को लेकर भी तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
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Chhattisgarh: वेदांता प्लांट हादसा, मौत का आंकड़ा 24 पहुंचा, चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत 10 पर FIR

Raipur: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है। रविवार सुबह एक और घायल मजदूर ने रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे में कुल 36 मजदूर झुलसे थे, जिनमें से 12 का इलाज अभी जारी है।
24 घंटे में 3 मजदूरों की मौत
शनिवार को रायपुर के कालड़ा अस्पताल में 2 मजदूरों की इलाज के दौरान मौत हो गई। इनमें उमेंद्र शाह और मध्यप्रदेश निवासी किस्मत अली शामिल हैं। वहीं शुक्रवार को गंभीर रूप से झुलसे बंगाल के मजदूर सुब्रोतो जेना की भी मौत हो चुकी है।
मेंटेनेंस में लापरवाही, FIR दर्ज
हादसे के बाद हुई शुरुआती जांच में प्लांट प्रबंधन की गंभीर लापरवाही सामने आई है। इसके बाद Vedanta Limited के चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत 10 लोगों के खिलाफ डभरा थाने में FIR दर्ज की गई है।
NGSL की भूमिका जांच के दायरे में
प्लांट के ऑपरेशन और मेंटेनेंस की जिम्मेदारी संभाल रही NGSL अब जांच के केंद्र में है। यह NTPC Limited और GE Power India Limited का संयुक्त उपक्रम है, जिसमें दोनों की 50-50% हिस्सेदारी है।
जांच में क्या सामने आया?
14 अप्रैल को हुए हादसे के बाद 15 अप्रैल को औद्योगिक सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। बॉयलर इंस्पेक्टर उज्जवल गुप्ता की रिपोर्ट में सुरक्षा और मेंटेनेंस में गंभीर चूक सामने आई। रिपोर्ट एसपी प्रफुल्ल ठाकुर को सौंपी गई, जिसके बाद FIR दर्ज की गई।
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Heatwave: छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी, राजनांदगांव 45°C पार, रायपुर में सामान्य से 5 डिग्री ज्यादा; 2 दिन हीट वेव अलर्ट

Raipur: छत्तीसगढ़ में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार को राजनांदगांव जिले में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटे में तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है और प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है।
2 दिन हीट वेव का अलर्ट
मौसम विभाग ने बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग संभाग के जिलों में अगले 2 दिनों तक हीट वेव की स्थिति बने रहने की चेतावनी दी है। लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर में घर से बाहर निकलने से बचें और जरूरी होने पर सिर और चेहरे को ढककर ही निकलें।
रायपुर में सामान्य से ज्यादा गर्मी
राजधानी रायपुर में तापमान औसत से काफी ऊपर चल रहा है। अप्रैल में जहां सामान्य अधिकतम तापमान करीब 39.5°C होता है, वहीं अभी पारा 44°C के आसपास दर्ज किया जा रहा है।
यानी शहर में 4 से 5 डिग्री ज्यादा गर्मी पड़ रही है, जिससे दिन के साथ रातें भी गर्म बनी हुई हैं।
रिकॉर्ड के करीब पहुंच रहा पारा
रायपुर के पुराने रिकॉर्ड बताते हैं कि अप्रैल में तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है।
- 30 अप्रैल 1942: 46.1°C (अब तक का सबसे ज्यादा)
- 28 अप्रैल 1999: 45.4°C
हाल के वर्षों में भी तापमान बार-बार 44°C पार कर रहा है, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि इस बार भी पारा 45°C के करीब जा सकता है।
क्यों खतरनाक होता है अप्रैल का आखिरी हफ्ता?
मौसम के आंकड़ों के अनुसार 25 से 30 अप्रैल के बीच गर्मी अपने चरम पर होती है। फिलहाल प्रदेश उसी दौर में प्रवेश कर रहा है, इसलिए आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना है।
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Bilaspur: वेदांता पावर प्लांट हादसे की जांच बिलासपुर आयुक्त करेंगे, जारी हुआ आदेश

Bilaspur: छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सक्ती जिले के डभरा तहसील अंतर्गत सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर लिमिटेड में हुए हादसे की जांच के आदेश जारी किए गए हैं। बता दें कि 14 अप्रैल 2026 को प्लांट की बॉयलर यूनिट-1 में स्टीम पाइप से जुड़े वाटर सप्लाई पाइप के ज्वाइंट में तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटना घटित हुई। इस दुर्घटना में कई श्रमिकों की मृत्यु एवं बहुत से श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा आयुक्त, बिलासपुर संभाग को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच के लिए निर्धारित बिंदुओं में घटना कब और कैसे घटित हुई, घटना के कारण एवं परिस्थितियां तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपाय शामिल हैं। जारी आदेश के अनुसार जांच अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे 30 दिवस के भीतर जांच पूर्ण कर अपना प्रतिवेदन राज्य शासन को प्रस्तुत करें।
इस संबंध में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुखद और पीड़ादायक घटना है। उन्होंने दिवंगत श्रमिकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घटना की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच सुनिश्चित करने तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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